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                <title>child trafficking network india - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>बच्चों की तस्करी को हल्के में न लें, पूरे देश में गिरोह सक्रिय हैं: सुप्रीम कोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह किया कि वे बच्चों की तस्करी को हल्के में न लें। साथ ही इस बात पर ज़ोर दिया कि यह मुद्दा कानून-व्यवस्था से जुड़ी गंभीर चिंताओं वाला है और इस पर राज्य के अधिकारियों के स्तर पर तत्काल कार्रवाई की ज़रूरत है।</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस जेबी पारदीवाला ने कहा, "कृपया इस मुद्दे को बहुत-बहुत गंभीरता से लें। बच्चों की तस्करी बेकाबू हो चुकी है। पूरे देश में गिरोह सक्रिय हैं। अगर आप सभी इस पर ध्यान नहीं देंगे तो हालात काबू से बाहर हो जाएंगे। इस मामले में केवल राज्य सरकार और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175791/dont-take-child-trafficking-lightly-gangs-are-active-across-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/supream-court2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह किया कि वे बच्चों की तस्करी को हल्के में न लें। साथ ही इस बात पर ज़ोर दिया कि यह मुद्दा कानून-व्यवस्था से जुड़ी गंभीर चिंताओं वाला है और इस पर राज्य के अधिकारियों के स्तर पर तत्काल कार्रवाई की ज़रूरत है।</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस जेबी पारदीवाला ने कहा, "कृपया इस मुद्दे को बहुत-बहुत गंभीरता से लें। बच्चों की तस्करी बेकाबू हो चुकी है। पूरे देश में गिरोह सक्रिय हैं। अगर आप सभी इस पर ध्यान नहीं देंगे तो हालात काबू से बाहर हो जाएंगे। इस मामले में केवल राज्य सरकार और उसका गृह विभाग ही पूरी मुस्तैदी से कार्रवाई कर सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक अदालत के तौर पर हम निगरानी कर सकते हैं, लेकिन आखिरकार कार्रवाई तो राज्य सरकार, पुलिस और अन्य एजेंसियों को ही करनी होगी। इसलिए यह हमारा विनम्र अनुरोध है।"</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की खंडपीठ ने ऑनलाइन पेश हुए गृह सचिवों से बातचीत करते हुए कहा कि तस्करी के नेटवर्क पूरे देश में सक्रिय हैं। इस बात पर ज़ोर दिया कि राज्य की मशीनरी को ही प्रभावी कार्रवाई करनी होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस विश्वनाथन ने भी जस्टिस पारदीवाला की बात दोहराते हुए कहा, "यह बहुत ही गंभीर मामला है। हम रोज़ाना ऐसी रिपोर्टों में बढ़ोतरी देख रहे हैं। कभी-कभी हमें बच्चों को बचाए जाने की रिपोर्टें भी मिलती हैं। इसका मतलब है कि इस समस्या से निपटा जा सकता है। इसके लिए बस एक पक्के इरादे की ज़रूरत है। यह काम आप सभी को करना है, जो गृह विभाग के प्रमुख हैं। इसलिए कृपया इसे पूरी गंभीरता और लगन से करें। हम निगरानी करते रहेंगे और ज़रूरी निर्देश भी देंगे, लेकिन आखिरकार उन निर्देशों को लागू तो आपको ही अपने स्तर पर करना होगा।"</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को बच्चों की तस्करी से निपटने के लिए 15 अप्रैल, 2025 को दिए गए अपने फैसले में जारी निर्देशों का पालन करने का आखिरी मौका दिया। अदालत ने चेतावनी दी कि अगर उन्होंने निर्देशों के पालन की रिपोर्ट जमा नहीं की तो उन्हें "निर्देशों का पालन न करने वाले" (डिफॉल्टिंग) राज्यों की श्रेणी में रखा जाएगा। अदालत तस्करी के खिलाफ कानून को सख्ती से लागू करने के लिए कुछ खास संस्थागत उपाय करने के निर्देशों के पालन की निगरानी कर रही थी।</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने 15 अप्रैल, 2025 को बच्चों की तस्करी से जुड़े एक मामले में आरोपी व्यक्तियों की ज़मानत रद्द कर दी थी। ऐसे अपराधों की समय-सीमा के भीतर जांच और सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए पूरे देश पर लागू होने वाले निर्देश जारी किए। कोर्ट ने सभी हाई कोर्ट्स को निर्देश दिया कि वे लंबित ट्रायल्स का डेटा इकट्ठा करें और छह महीने के अंदर, हो सके तो रोज़ाना के आधार पर, उन्हें पूरा करने के लिए सर्कुलर जारी करें, और इसकी रिपोर्ट दें कि निर्देशों का पालन हुआ है या नहीं।</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने सभी राज्यों को यह भी निर्देश दिया कि वे भारतीय इंस्टीट्यूट ऑफ़ रिसर्च एंड डेवलपमेंट (BIRD) की 12 अप्रैल, 2023 की रिपोर्ट की सिफ़ारिशों को लागू करें। इन सिफ़ारिशों में लापता बच्चों के मामलों को तब तक मानव तस्करी का मामला मानना शामिल है, जब तक कि इसके विपरीत कुछ साबित न हो जाए। साथ ही मानव तस्करी विरोधी इकाइयों को मज़बूत करना, जांच के मानकों में सुधार करना और पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 22:46:07 +0530</pubDate>
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