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                <title>election transparency india - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>election transparency india RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अखिलेश यादव का हमला, कहा- बीजेपी और निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव में किए गए ‘ट्रायल’ को पश्चिम बंगाल में लागू किया</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव कराने के लिए एक समानांतर व्यवस्था स्थापित करने का आरोप लगाते हुए रविवार को कहा कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और निर्वाचन आयोग ने मिलकर साढ़े तीन साल पहले उत्तर प्रदेश के रामपुर उपचुनाव में जो ‘ट्रायल’ किया था, उसे हू-ब-हू बंगाल में लागू कर दिया।अखिलेश यादव ने पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस वार्ता में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में केंद्रीय बलों के दखल के बारे में पूछे गए एक सवाल पर कहा कि उत्तर प्रदेश में जब 2022 में रामपुर लोकसभा और विधानसभा का उपचुनाव</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178174/akhilesh-yadavs-attack-said-bjp-and-election-commission-implemented-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/download.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव कराने के लिए एक समानांतर व्यवस्था स्थापित करने का आरोप लगाते हुए रविवार को कहा कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और निर्वाचन आयोग ने मिलकर साढ़े तीन साल पहले उत्तर प्रदेश के रामपुर उपचुनाव में जो ‘ट्रायल’ किया था, उसे हू-ब-हू बंगाल में लागू कर दिया।अखिलेश यादव ने पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस वार्ता में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में केंद्रीय बलों के दखल के बारे में पूछे गए एक सवाल पर कहा कि उत्तर प्रदेश में जब 2022 में रामपुर लोकसभा और विधानसभा का उपचुनाव हुआ था, तब सबने देखा कि किस तरीके से वहां चुनाव अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की नियुक्ति की गई थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, “शायद भारतीय जनता पार्टी ने आयोग के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश में एक ‘ट्रायल’ किया था और उसे हू-ब-हू बंगाल में उतार दिया। मुझे जानकारी मिली है कि उन्होंने केंद्रीय बलों और अर्धसैनिक बलों का एक समानांतर ढांचा बना दिया था। इसके अलावा पुलिस व्यवस्था के समानांतर भी एक व्यवस्था बना दी गई थी।”समाजवादी पार्टी प्रमुख ने हालांकि पश्चिम बंगाल में एक बार फिर ममता बनर्जी की अगुवाई में सरकार बनने का विश्वास जताते हुए कहा, “दीदी थी, दीदी रहेंगी। वह लड़ेंगी भी और जीतेंगी भी।”उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए एक बार फिर कहा कि अगर स्मार्ट मीटर में बेईमानी हो सकती है तो ईवीएम में क्यों नहीं हो सकती?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने समाजवादी विधायक प्रभु नारायण की आशंका का जिक्र करते हुए कहा कि वह प्रदेश की जनता को सावधान करना चाहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी के कुछ लोग कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर झगड़ा कराएंगे। उन्होंने कहा कि विधायक प्रभु नारायण का कहना है कि चुनाव के दौरान भाजपा के लोग गांव-गांव में खूब डीजे बजवाएंगे जिससे नफरत फैले और झगड़ा हो।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के प्रमुख ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी के लोग बड़े पैमाने पर जगह-जगह डीजे बजवाकर झगड़ा करवाने की तैयारी कर रहे हैं लेकिन सपा ने जनता को पहले ही सावधान कर दिया है। उन्होंने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि यह पार्टी ‘झूठ की सोन पापड़ी’ बनाती है और वह झूठ की एक परत के ऊपर असत्य की दूसरी परत चढ़ा देती है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 21:58:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल चुनाव: चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वोट काउंटिंग के दौरान राज्य का नॉमिनी मौजूद रहेगा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong> ब्यूरो प्रयागराज। </strong>भारत के इलेक्शन कमीशन (चुनाव आयोग) ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाया कि वह पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के लिए वोट काउंटिंग सुपरवाइज़र की नियुक्ति से जुड़े सर्कुलर का पालन करेगा।भारत के इलेक्शन कमीशन की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट दामा शेषाद्रि नायडू ने कहा कि 4 मई को वोट काउंटिंग राज्य सरकार के नॉमिनी की मौजूदगी में होगी। चुनाव आयोग के वकील नायडू ने कहा, "हम कह रहे हैं कि राज्य सरकार का नॉमिनी वहां होगा। इन सबसे पहले भी इसका पालन किया जाएगा।"</p>
<p style="text-align:justify;">बार एंड बेंच के अनुसार जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जॉयमाल्या</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177974/west-bengal-election-commission-told-supreme-court-that-the-states"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/ah2nk1so_supreme-court_625x300_26_january_25.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong> ब्यूरो प्रयागराज। </strong>भारत के इलेक्शन कमीशन (चुनाव आयोग) ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाया कि वह पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के लिए वोट काउंटिंग सुपरवाइज़र की नियुक्ति से जुड़े सर्कुलर का पालन करेगा।भारत के इलेक्शन कमीशन की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट दामा शेषाद्रि नायडू ने कहा कि 4 मई को वोट काउंटिंग राज्य सरकार के नॉमिनी की मौजूदगी में होगी। चुनाव आयोग के वकील नायडू ने कहा, "हम कह रहे हैं कि राज्य सरकार का नॉमिनी वहां होगा। इन सबसे पहले भी इसका पालन किया जाएगा।"</p>
<p style="text-align:justify;">बार एंड बेंच के अनुसार जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जॉयमाल्या बागची की बेंच पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के लिए वोट काउंटिंग सुपरवाइज़र के तौर पर सिर्फ़ केंद्र सरकार के कर्मचारियों को तैनात करने के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर के फैसले के खिलाफ ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने नायडू की यह बात रिकॉर्ड की। कि ECI उसके सर्कुलर का पूरी तरह पालन करेगा। इसलिए, उसने कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ TMC की अपील पर कोई भी आदेश देने से मना कर दिया।कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, "SLP में आगे किसी आदेश की ज़रूरत नहीं है। हम मिस्टर नायडू की बात रिकॉर्ड करते हैं कि ECI के सर्कुलर का पूरी तरह से पालन किया जाए।मामले की आज अर्जेंट सुनवाई हुई क्योंकि वोटों की गिनती 4 मई को होनी है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह याचिका कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर की गई थी, जिसने गुरुवार को याचिका खारिज कर दी थी।हाई कोर्ट ने कहा कि काउंटिंग सुपरवाइज़र और काउंटिंग असिस्टेंट को राज्य सरकार या केंद्र सरकार से नियुक्त करना इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया (ECI) का अधिकार है।</p>
<p style="text-align:justify;">हाई कोर्ट ने कहा, "इस कोर्ट को राज्य सरकार के कर्मचारी के बजाय केंद्र सरकार/केंद्रीय PSU कर्मचारी से काउंटिंग सुपरवाइज़र और काउंटिंग असिस्टेंट नियुक्त करने में कोई गैर-कानूनी बात नहीं लगती।"इसने आगे कहा कि अगर TMC को लगता है कि केंद्र सरकार के कर्मचारी BJP उम्मीदवारों का पक्ष ले रहे हैं, तो वह बाद में नतीजों को चुनौती देने के लिए चुनाव याचिका दायर कर सकती है।इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 22:41:35 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>भारत के चुनावी इतिहास में पहली बार होगी ईवीएम  की जांच, बॉम्बे हाई कोर्ट ने दी इजाजत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> भारत के चुनावी इतिहास में पहली बार बॉम्बे हाई कोर्ट ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की जांच और निरीक्षण की अनुमति दी है. यह आदेश जस्टिस सोमशेखर सुंदरेसन की ओर से दिया गया. इस मामले में याचिकाकर्ता कांग्रेस वर्किंग कमेटी के आमंत्रित सदस्य और पूर्व महाराष्ट्र मंत्री नसीम खान हैं, जबकि प्रतिवादी शिवसेना विधायक दिलीप लांडे हैं. 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में दिलीप लांडे (एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना) ने मुंबई उपनगर जिले की चांदीवली सीट से नसीम खान को हराया था.</p>
<p style="text-align:justify;">चुनाव के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ईवीएम में छेड़छाड़ और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175789/for-the-first-time-in-the-electoral-history-of-india"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/mumbai-4.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> भारत के चुनावी इतिहास में पहली बार बॉम्बे हाई कोर्ट ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की जांच और निरीक्षण की अनुमति दी है. यह आदेश जस्टिस सोमशेखर सुंदरेसन की ओर से दिया गया. इस मामले में याचिकाकर्ता कांग्रेस वर्किंग कमेटी के आमंत्रित सदस्य और पूर्व महाराष्ट्र मंत्री नसीम खान हैं, जबकि प्रतिवादी शिवसेना विधायक दिलीप लांडे हैं. 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में दिलीप लांडे (एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना) ने मुंबई उपनगर जिले की चांदीवली सीट से नसीम खान को हराया था.</p>
<p style="text-align:justify;">चुनाव के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ईवीएम में छेड़छाड़ और वोट चोरी के आरोप लगाए थे. अदालत के आदेश में कहा गया कि जैसे ही आवेदक की ओर से EVM जांच की अनुमति का आदेश जारी किया जाएगा, भारतीय चुनाव आयोग दो महीने के भीतर मशीनों का निरीक्षण पूरा करेगा. नसीम खान ने कहा कि भारत के इतिहास में अब तक चुनाव के बाद उम्मीदवारों और अधिकारियों की मौजूदगी में EVM की जांच नहीं हुई है. उन्होंने इसे “ऐतिहासिक आदेश और आवश्यक न्यायिक हस्तक्षेप” बताया.16 और 17 अप्रैल को मुंबई में 'डायग्नोस्टिक चेक' किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">मुंबई उपनगर जिले की डिप्टी रिटर्निंग ऑफिसर अर्चना कदम ने जानकारी दी कि 16 और 17 अप्रैल को मुंबई में ईवीएम निर्माता भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बेंगलुरु) द्वारा केवल 'डायग्नोस्टिक चेक' किया जाएगा. कांग्रेस पार्टी ने अपने उम्मीदवारों से अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में ईवीएम और VVPAT (वोटर वेरिफायबल पेपर ऑडिट ट्रेल) यूनिट्स की जांच की मांग करने को कहा था. दरअसल, कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया  गठबंधन के करीब दो दर्जन उम्मीदवारों ने ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर चिंता जताई थी.</p>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट के अप्रैल 2024 के फैसले का हवाला देते हुए नसीम खान ने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 5% ईवीएम (कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट और VVPAT) के “बर्न्ट मेमोरी/माइक्रोकंट्रोलर” की जांच चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद ईवीएम निर्माता कंपनियों के इंजीनियरों की टीम द्वारा की जानी चाहिए.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 22:42:11 +0530</pubDate>
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