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                <title>up education department news - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>up education department news RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बेसिक शिक्षा अधिकारी का एक और भ्रष्टाचार हुआ उजागर , सुविधा शुल्क लेकर नियम विरुद्ध तरीके से ईसीसीई एजुकेटरों का किया ट्रान्सफर</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जनपद में बेसिक शिक्षा अधिकारी का एक नया भ्रष्टाचार प्रकाश में आया है जहाँ पर सुविधा शुल्क लेकर नियम विरुद्ध तरीके से दो ईसीसीई  एजुकेटरों का स्थानातरण कर दिया गया है जबकि शासन स्तर से ईसीसीई एजुकेटरों के स्थानान्तरण की कोई व्यवस्था नहीं है।  मिली जानकारी के अनुसार अभी जल्द ही शासन द्वारा प्री प्राइमरी बच्चों को पढ़ाने हेतु ईसीसीई एजुकेटरों की नियुक्ति की गयी है । शासन द्वारा उनके स्थानान्तरण की अभी कोई व्यवस्था नहीं है फिर भी बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा सुविधा शुल्क लेकर नियम विरुद्ध तरीके से अन्यत्र जगह पर स्थानान्तरण कर दिया गया जिसकी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177688/another-corruption-of-basic-education-officer-exposed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260430-wa0052.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जनपद में बेसिक शिक्षा अधिकारी का एक नया भ्रष्टाचार प्रकाश में आया है जहाँ पर सुविधा शुल्क लेकर नियम विरुद्ध तरीके से दो ईसीसीई  एजुकेटरों का स्थानातरण कर दिया गया है जबकि शासन स्तर से ईसीसीई एजुकेटरों के स्थानान्तरण की कोई व्यवस्था नहीं है।  मिली जानकारी के अनुसार अभी जल्द ही शासन द्वारा प्री प्राइमरी बच्चों को पढ़ाने हेतु ईसीसीई एजुकेटरों की नियुक्ति की गयी है । शासन द्वारा उनके स्थानान्तरण की अभी कोई व्यवस्था नहीं है फिर भी बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा सुविधा शुल्क लेकर नियम विरुद्ध तरीके से अन्यत्र जगह पर स्थानान्तरण कर दिया गया जिसकी जनपद में जोरों शोर से चर्चा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> स्थानान्तरण के क्रम में शिखा पान्डेय ईसीसीई एजुकेटर को प्राथमिक विद्यालय सहिजनपुर से उनके घर के समीप के विद्यालय प्राथमिक विद्यालय बढ़या व श्वेता शुक्ला को सं० वि० हसनी विकास क्षे० रुधौली से सं० वि० बनकटी विकास क्षेत्र बनकटी  में किया गया है । स्थानान्तरण का यह गोपनीय खेल सुविधा शुल्क लेकर सुविधा प्रदान किया गया है जबकि स्थानान्तरण की बाट जोह रहे अन्य ईसीसीई एजुकेटरों को निराशा हाथ लगी है । ईसीसीई एजुकेटरों का यह नियम विरुद्ध स्थानान्तरण का खेल बीएसए कार्यालय के भ्रष्टाचार का पोल खोलने के लिए काफी है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> यह बेसिक शिक्षा अधिकारी व उनके कार्यालय से जुड़े बाबुओं का कोई पहला व अंतिम भ्रष्टाचार नहीं है बल्कि बेसिक शिक्षा अधिकारी के भ्रष्टाचारों की लंबी चौड़ी सूची है जो इनके जनपद में लम्बे कार्यकाल का प्रतिफल है। अभी कुछ दिन पूर्व विकास खण्ड बहादुरपुर में इसी प्रकार शासनादेशों के विपरीत शिक्षा मित्र व अनुदेशकों का सम्बद्धीकरण किया गया था परन्तु जब प्रकरण महानिदेशक स्कूल शिक्षा के संज्ञान में आया तो जल्दबाजी में संबद्धीकरण समाप्त कर दिया गया । अब देखना यह है कि बेसिक शिक्षा अधिकारी  नियम विरुद्ध किया गया स्थानान्तरण आदेश निरस्त करते हैं या फिर नया स्थानान्तरण सुविधा शुल्क लेकर यूँ ही करते रहेंगे और विभाग के जिम्मेदार उच्चाधिकारी आँखे मूँद मूकदर्शक बने रहेंगे ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 18:29:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>PMO में शिकायत के बाद बड़ा एक्शन: शिक्षा मंत्रालय सख्त, यूपी में निजी स्कूलों की मनमानी पर जांच के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बलिया।</strong> निजी विद्यालयों द्वारा महंगी किताबें, यूनिफॉर्म और तय दुकानों से खरीद के दबाव के खिलाफ की गई शिकायत पर अब केंद्र सरकार ने संज्ञान ले लिया है। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल, उत्तर प्रदेश इकाई के प्रदेश संगठन महामंत्री जितेंद्र चतुर्वेदी द्वारा प्रधानमंत्री को भेजे गए शिकायत पत्र के आधार पर भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश के संबंधित अधिकारियों को जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि जितेंद्र चतुर्वेदी द्वारा दर्ज</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176260/big-action-after-complaint-in-pmo-education-ministry-orders-strict"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/414.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बलिया।</strong> निजी विद्यालयों द्वारा महंगी किताबें, यूनिफॉर्म और तय दुकानों से खरीद के दबाव के खिलाफ की गई शिकायत पर अब केंद्र सरकार ने संज्ञान ले लिया है। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल, उत्तर प्रदेश इकाई के प्रदेश संगठन महामंत्री जितेंद्र चतुर्वेदी द्वारा प्रधानमंत्री को भेजे गए शिकायत पत्र के आधार पर भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश के संबंधित अधिकारियों को जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि जितेंद्र चतुर्वेदी द्वारा दर्ज कराई गई जन शिकायत को उत्तर प्रदेश के स्कूल शिक्षा महानिदेशक एवं समग्र शिक्षा विभाग को प्रेषित किया गया है। मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">गौरतलब है कि जितेंद्र चतुर्वेदी ने अपने शिकायत पत्र में प्रदेश भर के निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों पर महंगी किताबें, कॉपियां और यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव बनाने, तथा एनसीईआरटी की पुस्तकों के स्थान पर निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें थोपने का मुद्दा उठाया था। साथ ही उन्होंने यह भी बताया था कि कई स्कूल स्वयं ही किताबों की बिक्री कर रहे हैं या कुछ निश्चित दुकानों से खरीदारी के लिए बाध्य करते हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जितेंद्र चतुर्वेदी ने कहा कि यह केवल उनकी नहीं बल्कि प्रदेश के लाखों अभिभावकों की आवाज है, जो लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि इस दिशा में सख्त कार्रवाई होती है, तो इससे अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी और शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो इस मुद्दे को और बड़े स्तर पर उठाया जाएगा, ताकि निजी विद्यालयों की मनमानी पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 19:50:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निजी स्कूलों की फीस वृद्धि के विरोध में अभिभावकों का प्रदर्शन, डीएम को सौंपा ज्ञापन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> निजी स्कूलों में लगातार बढ़ाई जा रही फीस के खिलाफ अभिभावकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में अभिभावक एकता समिति, उत्तर प्रदेश के बैनर तले प्रदेश अध्यक्ष विजय गुप्ता के नेतृत्व में अभिभावकों ने जिलाधिकारी प्रयागराज को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट विनोद कुमार सिंह को सौंपा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन के माध्यम से अभिभावकों ने निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी फीस वृद्धि पर रोक लगाने की मांग की। इस दौरान विजय गुप्ता ने कहा कि शिक्षा सभी के लिए समान अधिकार होनी चाहिए, चाहे व्यक्ति गरीब हो या अमीर। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राइवेट कॉन्वेंट</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176083/parents-protest-against-increase-in-fees-of-private-schools-memorandum"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260413-wa0266.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> निजी स्कूलों में लगातार बढ़ाई जा रही फीस के खिलाफ अभिभावकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में अभिभावक एकता समिति, उत्तर प्रदेश के बैनर तले प्रदेश अध्यक्ष विजय गुप्ता के नेतृत्व में अभिभावकों ने जिलाधिकारी प्रयागराज को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट विनोद कुमार सिंह को सौंपा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन के माध्यम से अभिभावकों ने निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी फीस वृद्धि पर रोक लगाने की मांग की। इस दौरान विजय गुप्ता ने कहा कि शिक्षा सभी के लिए समान अधिकार होनी चाहिए, चाहे व्यक्ति गरीब हो या अमीर। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राइवेट कॉन्वेंट स्कूलों में 15 से 25 प्रतिशत तक फीस बढ़ाई जा रही है, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल प्रबंधन द्वारा हर वर्ष पाठ्य पुस्तकों में बदलाव किया जाता है और अभिभावकों को एक निश्चित दुकान से ही किताबें, कॉपियां, जूते-मोजे आदि खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है। इन वस्तुओं की कीमतें बाजार से अधिक होती हैं, जिससे आम परिवारों के लिए बच्चों की पढ़ाई कराना मुश्किल हो रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रदेश महामंत्री प्रमिल केसरवानी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर रोक लगाई जाए, शिक्षा के व्यवसायीकरण को समाप्त किया जाए और अभिभावकों को अपनी सुविधा अनुसार कहीं से भी शैक्षणिक सामग्री खरीदने की स्वतंत्रता दी जाए। साथ ही पाठ्यक्रम में बदलाव के लिए कम से कम 10 वर्ष का अंतर निर्धारित करने की मांग भी उठाई गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदीप श्रीवास्तव, मनीष गुप्ता, अतुल खन्ना, बृजेश निषाद, विकास अग्रहरि, विपिन गुप्ता, राहुल अग्रवाल, इमरान अली, बबलू मोहम्मद साहिल, सचिन पटेल और प्रदीप यादव सहित बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 22:17:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोई भी विद्यालय किसी भी छात्र से किसी निर्धारित दुकान से ही किताब, जूता, ड्रेस आदि क्रय करने हेतु नहीं करेगा बाध्य- जिलाधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> जिलाधिकार मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को संगम सभागार में उ०प्र० स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2018 के प्राविधानों के अनुसार जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में समिति के सदस्य सचिव जिला विद्यालय निरीक्षक प्रयागराज पी०एन० सिंह ने बताया किया अधिनियम के प्राविधानों के अनुसार सभी वित्तविहीन विद्यालयों (यथा-सी०बी०एस०ई०, सी०आई०एस०सी०ई०, यू०पी० बोर्ड आदि) को अपनी शुल्क संरचना अपनी वेबसाइट तथा सूचना पट पर प्रदर्शित करना अनिवार्य है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कोई भी विद्यालय किसी भी अभिभावक से शुल्क के अतिरिक्त कोई भी धनराशि नहीं लेगा। विद्यालय द्वारा निर्धारित जो भी शुल्क लिया जायेगा उसकी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175763/no-school-will-force-any-student-to-purchase-books-shoes"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260410-wa01161.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> जिलाधिकार मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को संगम सभागार में उ०प्र० स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2018 के प्राविधानों के अनुसार जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में समिति के सदस्य सचिव जिला विद्यालय निरीक्षक प्रयागराज पी०एन० सिंह ने बताया किया अधिनियम के प्राविधानों के अनुसार सभी वित्तविहीन विद्यालयों (यथा-सी०बी०एस०ई०, सी०आई०एस०सी०ई०, यू०पी० बोर्ड आदि) को अपनी शुल्क संरचना अपनी वेबसाइट तथा सूचना पट पर प्रदर्शित करना अनिवार्य है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कोई भी विद्यालय किसी भी अभिभावक से शुल्क के अतिरिक्त कोई भी धनराशि नहीं लेगा। विद्यालय द्वारा निर्धारित जो भी शुल्क लिया जायेगा उसकी समुचित रसीद प्रदान की जायेगी। कोई भी विद्यालय किसी भी छात्र से किसी निर्धारित दुकान से किताब, जूता-मोजा, ड्रेस आदि कय करने हेतु बाध्य नहीं करेगा एवं कोई भी विद्यालय अनावश्यक शुल्क वृद्धि नहीं करेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विद्यालय शुल्क वृद्धि पूर्ववर्ती वर्ष के अध्यापकों के मासिक वेतन में प्रति व्यक्ति वृद्धि के औसत के बराबर कर सकता है, किन्तु शुल्क वृद्धि नवीनतम उपलब्ध उपभोक्ता मूल्य सूचकांक और छात्रों से वसूल किये गये 5 प्रतिशत शुल्क से अधिक नहीं होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> जिला विद्यालय निरीक्षक ने स्पष्ट किया कि इन प्राविधानों का उल्लंघन करने पर प्रथम बार एक लाख रूपये का अर्थ दण्ड, दूसरी बार उल्लंघन करने पर पाँच लाख का अर्थ दण्ड और तीसरी बार उल्लंघन करने पर विद्यालय की मान्यता वापस लिये जाने की संस्तुति का प्रावधान है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों द्वारा मनमानी शुल्क वृद्धि, पुस्तकों, यूनिफार्म आदि में मनमानी करने की लगातार शिकायतें आ रही है। इन शिकायतों के निस्तारण हेतु नगर मजिस्ट्रेट और जिला विद्यालय निरीक्षक, प्रयागराज को संयुक्त रूप से नोडल अधिकारी नामित किया गया है और अभिभावक इन दोनों कार्यालयों में से कहीं भी अपनी लिखित शिकायत दे सकते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया कि जनपद प्रयागराज में संचालित समस्त बोर्ड के सभी निजी विद्यालयों को पत्र जारी कर विगत 03 वर्षों की आडिट रिपोर्ट, 05 वर्षों के शुल्क का विवरण और शिक्षकों एवं कर्मचारियों के वेतन विवरण तथा वार्षिक वेतन वृद्धि की सूचना एक सप्ताह के अन्दर प्राप्त करें। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पन्द्रह दिनों बाद समिति की बैठक पुनः आयोजित होगी, जिसमें विद्यालयों से प्राप्त सूचनाओं की समीक्षा की जायेगी। समीक्षा में दोषी पाये जाने वाले विद्यालयों तथा सूचना न देने वाले विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसारी कार्यवाही करते हुए दण्ड अधिरोपित किया जायेगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 21:14:07 +0530</pubDate>
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