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                <title>Lord Krishna - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Lord Krishna RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>राजा परीक्षित जन्म कथा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्र के छमनीखेड़ा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन भक्ति और आस्था का अद्भुत माहौल देखने को मिला। नैमिषारण्य तीर्थ से पधारे कथा व्यास पंडित बृजनंदन शास्त्री ने राजा परीक्षित के जन्म की मार्मिक कथा सुनाई। उनके भावपूर्ण शब्दों ने श्रोताओं को गहराई तक छू लिया। कथा प्रसंग सुनकर कई श्रद्धालुओं की आंखें श्रद्धा से नम हो गईं। कथा व्यास ने महाभारत का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भीष्म पितामह बाणों की शैया पर लेटे थे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उनके शरीर से रक्त बह चुका था। युद्ध समाप्त होने के बाद पांडव उनसे मिलने पहुंचे। भगवान</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174864/devotees-became-emotional-after-hearing-the-birth-story-of-raja"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260331-wa0301.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्र के छमनीखेड़ा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन भक्ति और आस्था का अद्भुत माहौल देखने को मिला। नैमिषारण्य तीर्थ से पधारे कथा व्यास पंडित बृजनंदन शास्त्री ने राजा परीक्षित के जन्म की मार्मिक कथा सुनाई। उनके भावपूर्ण शब्दों ने श्रोताओं को गहराई तक छू लिया। कथा प्रसंग सुनकर कई श्रद्धालुओं की आंखें श्रद्धा से नम हो गईं। कथा व्यास ने महाभारत का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भीष्म पितामह बाणों की शैया पर लेटे थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उनके शरीर से रक्त बह चुका था। युद्ध समाप्त होने के बाद पांडव उनसे मिलने पहुंचे। भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन से संवाद के बाद भीष्म पितामह ने देह त्याग दी। उसी समय अर्जुन के धनुष से मां गंगा का प्रादुर्भाव हुआ। उन्होंने आगे कहा कि भीष्म पितामह के पंचतत्व में विलीन होने पर पांडव शोक में डूब गए। तब भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें उपदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसी प्राणी के जाने पर विलाप नहीं करना चाहिए। ऐसे समय में संकीर्तन और गरुड़ पुराण का श्रवण करना चाहिए। यही सच्चा मार्ग है। कथा के दौरान राजा परीक्षित के जन्म का प्रसंग भी सुनाया गया। महाभारत युद्ध के बाद भगवान श्रीकृष्ण द्वारका लौटे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी बीच अर्जुन के पुत्र अभिमन्यु की पत्नी ने एक बालक को जन्म दिया। पांडवों ने उसका नाम विष्णुरात रखा। बाद में वही बालक परीक्षित के नाम से प्रसिद्ध हुआ। कथा के इस प्रसंग ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान ऋतुराज सिंह, प्रोफेसर आरके सिंह, केशव प्रसाद तिवारी, संजय तिवारी, बच्चू दीक्षित, बेटऊनू भैया, आनंद तिवारी, सत्यम त्रिपाठी, झब्बू भैया, गोलू, शिवम, रज्जन तिवारी, संदीप तिवारी, धनंजय, शंकरजी, लल्लन, बच्चाबाबू, नयन, रतन तिवारी, मदन, रिंकू, राहुल, सूरज तिवारी, दुर्गाशंकर तिवारी, बसंत तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 19:53:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रज्ञा पुराण कथा सुनने से धन्य हो जाता है मानव जीवन : कैलाश नाथ तिवारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर,  </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">नगर पंचायत बिस्कोहर क्षेत्र के भरौली कैथोलिया में चल रहे गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा के पहले दिन वृहस्पतिवार रात श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए। कथा व्यास कैलाश नाथ तिवारी ने प्रज्ञा पुराण की रोचक कथा सुनाते हुए इसके आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला।कथा के दौरान उन्होंने कहा कि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित प्रज्ञा पुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ ही नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शक है। इसके अध्ययन से व्यक्ति के जीवन में आने वाले अनेक संकट दूर होते हैं और परिवार को उन्नति के मार्ग</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173023/human-life-becomes-blessed-by-listening-to-pragya-purana-katha"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1772803543856.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर,  </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">नगर पंचायत बिस्कोहर क्षेत्र के भरौली कैथोलिया में चल रहे गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा के पहले दिन वृहस्पतिवार रात श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए। कथा व्यास कैलाश नाथ तिवारी ने प्रज्ञा पुराण की रोचक कथा सुनाते हुए इसके आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला।कथा के दौरान उन्होंने कहा कि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित प्रज्ञा पुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ ही नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शक है। इसके अध्ययन से व्यक्ति के जीवन में आने वाले अनेक संकट दूर होते हैं और परिवार को उन्नति के मार्ग पर ले जाने की प्रेरणा मिलती है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कथा व्यास ने भगवान विष्णु और नारद के संवाद का भी भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि नारद जी ने भगवान विष्णु से प्रश्न किया कि त्रेता युग में श्रीराम और द्वापर युग में श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लेकर आपने पृथ्वी को पापों से मुक्त किया, लेकिन कलयुग में मनुष्य अनेक दुखों और परेशानियों से घिरा हुआ है। ऐसे में उसके दुखों का अंत कैसे होगा।</div><div style="text-align:justify;">इस पर भगवान विष्णु ने कहा कि कलयुग में मनुष्य के दुखों से मुक्ति पाने और सांसारिक भवसागर से पार होने का सरल उपाय प्रज्ञा पुराण का अध्ययन और उसके आदर्शों को जीवन में अपनाना है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कथा के समापन पर श्रद्धालुओं में प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर मिठाई लाल यादव, आदर्श राम मौर्य, जंगली यादव, लवकुश यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 21:14:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> भक्ति रस में डूबा अमेरिका </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>International news:</strong></p>
<p><strong>  गुरु पूर्णिमा </strong>के पावन अवसर पर अमेरिका के टेक्सास प्रांत में आयोजित एक कार्यक्रम में लगभग दस हजार भक्तों ने एक साथ श्रीमद्भागवत गीता का पाठ किया। खबरों के मुताबिक आधुनिकता के पूरोधा कहे जाने वाले पश्चिम के सबसे विकसित देश अमेरिका में इस तरह का यह पहला आयोजन है, जिसमें एक साथ 10 हजार लोग शामिल हुए और श्री कृष्ण के पावन कर्म उपदेश गीता का एक स्वर में पाठ किया।</p>
<p>जानकारी के अनुसार अमेरिका में इस भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन योग संगीता ट्रस्ट अमेरिका और एसजीएस गीता फाउंडेशन द्वारा किया गया था। जिसमें गीता पाठ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/131778/america-steeped-in-devotion"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-07/564856312.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>International news:</strong></p>
<p><strong> गुरु पूर्णिमा </strong>के पावन अवसर पर अमेरिका के टेक्सास प्रांत में आयोजित एक कार्यक्रम में लगभग दस हजार भक्तों ने एक साथ श्रीमद्भागवत गीता का पाठ किया। खबरों के मुताबिक आधुनिकता के पूरोधा कहे जाने वाले पश्चिम के सबसे विकसित देश अमेरिका में इस तरह का यह पहला आयोजन है, जिसमें एक साथ 10 हजार लोग शामिल हुए और श्री कृष्ण के पावन कर्म उपदेश गीता का एक स्वर में पाठ किया।</p>
<p>जानकारी के अनुसार अमेरिका में इस भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन योग संगीता ट्रस्ट अमेरिका और एसजीएस गीता फाउंडेशन द्वारा किया गया था। जिसमें गीता पाठ के लिए बड़ी संख्या में स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे अपने माता-पिता के साथ शामिल हुए। इसके साथ ही महिलाओं ने भी इस गीता पाठ में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम आयोजन के संबंध में एसजीएस गीता फाउंडेशन ने बताया कि अमेरिका में आयोजित हुआ गीता पारायण यज्ञ का पहला आयोजन था।</p>
<p><br />खबरों के अनुसार एलन ईस्ट सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में श्रीमद्भागवत पाठ के दौरान मंच पर एक बड़ी सी स्कीन भी लगाई गई जिसमें महाभारत का वह दृश्य दिखाया गया, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण कुरुक्षेत्र की युद्धभूमि में अर्जुन को अपने विराट स्वरूप का दर्शन देते हैं और कर्म सिद्धांत का ज्ञान देते हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Jul 2023 13:08:51 +0530</pubDate>
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