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                <title>Kashmir Terror Module - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Kashmir Terror Module RSS Feed</description>
                
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                <title>देश को दहलाने की फिराक में आतंकी</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हाल ही में देश को दहलाने की एक बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए लश्कर-ए-तैयबा के पांच आतंकियों को भारी मात्रा में हथियारों और विस्फोटक सामग्री के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई न केवल सराहनीय है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और दक्षता का भी प्रमाण है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">धारा </span>370 <span lang="hi" xml:lang="hi">हटने के बाद कश्मीर में शांति का वातावरण अवश्य मजबूत हुआ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन यह मान लेना कि आतंकवाद पूरी तरह समाप्त हो गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वास्तविकता से दूर होगा। आज भी घाटी में कुछ ऐसे तत्व मौजूद हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो आतंकियों को पनाह देकर सीमा</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175607/terrorists-trying-to-terrorize-the-country"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/images-(1)4.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हाल ही में देश को दहलाने की एक बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए लश्कर-ए-तैयबा के पांच आतंकियों को भारी मात्रा में हथियारों और विस्फोटक सामग्री के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई न केवल सराहनीय है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और दक्षता का भी प्रमाण है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">धारा </span>370 <span lang="hi" xml:lang="hi">हटने के बाद कश्मीर में शांति का वातावरण अवश्य मजबूत हुआ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन यह मान लेना कि आतंकवाद पूरी तरह समाप्त हो गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वास्तविकता से दूर होगा। आज भी घाटी में कुछ ऐसे तत्व मौजूद हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो आतंकियों को पनाह देकर सीमा पार से होने वाली घुसपैठ को आसान बना रहे हैं। यह स्थिति राष्ट्र की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय सेना और कश्मीर पुलिस की मुस्तैदी के कारण घाटी में आतंकी अपने मंसूबों को पूरी तरह अंजाम नहीं दे पा रहे हैं। बावजूद इसके</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दस-दस और बारह-बारह लाख रुपये के इनामी आतंकियों का वर्षों तक देश के भीतर छिपकर रहना और अपना नेटवर्क खड़ा कर लेना इस बात की ओर भी संकेत करता है कि उन्हें कहीं न कहीं स्थानीय स्तर पर सहयोग मिल रहा है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कश्मीर पुलिस द्वारा बारह लाख के इनामी दुर्दांत आतंकी अबू हुरैरा की सोलह वर्षों बाद की गई गिरफ्तारी ने इस सच्चाई को उजागर कर दिया है कि देश के भीतर कुछ लोग आतंकियों को अपना बनाकर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनकी पहचान छिपाने में मदद कर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राष्ट्र की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं। यह केवल कानून-व्यवस्था का नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि सामाजिक और नैतिक पतन का भी संकेत है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज भारत को जितना खतरा बाहरी दुश्मनों से नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उससे कहीं अधिक खतरा देश के भीतर छिपे ऐसे गद्दारों से है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो स्वार्थवश दुश्मनों के हाथों बिक जाते हैं। यदि देश के भीतर ही लोग दुश्मनों को शरण देने लगें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो सेना और पुलिस कब तक अपनी जान जोखिम में डालकर हमारी सुरक्षा करती रहेंगी </span>?<span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">यह भी एक गंभीर प्रश्न है कि सीमा पर कड़ी निगरानी के बावजूद पाकिस्तानी आतंकी देश में प्रवेश कर भारतीय नागरिकों की तरह पहचान कैसे बना लेते हैं। इस संदर्भ में भारत सरकार को न केवल पाकिस्तान सीमा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि नेपाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बांग्लादेश और चीन से लगती सीमाओं पर भी और अधिक सतर्कता एवं तकनीकी निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और आर्थिक प्रगति को देखते हुए यह स्पष्ट है कि कुछ शक्तियाँ देश को अस्थिर करने के प्रयासों में लगी हुई हैं। आतंकवाद के माध्यम से भय और असुरक्षा का माहौल बनाकर भारत की प्रगति को रोकने की साजिश रची जा रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें दुर्भाग्यवश देश के भीतर के कुछ तत्व भी सहयोगी बन जाते हैं।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अब समय आ गया है कि देश का प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे और अपने आसपास हो रही संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखे। राष्ट्र की सुरक्षा केवल सेना और पुलिस की जिम्मेदारी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। जब तक हम भीतर के दुश्मनों को पहचानकर उनके खिलाफ खड़े नहीं होंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब तक बाहरी खतरे भी पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाएंगे।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"><strong>अरविंद रावल</strong></span></p>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 19:18:33 +0530</pubDate>
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