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                <title>Iran US Relations - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Iran US Relations RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान पीस डील पर हस्ताक्षर, यूएस झुका- पैसे भी देगा, होर्मुज़ खुलेगा</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs">
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<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पश्चिम एशिया में महीनों से जारी भीषण तनाव और सैन्य टकराव के बीच एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक कूटनीतिक सफलता हाथ लगी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने दोनों देशों के बीच जारी दुश्मनी को खत्म करने के लिए एक </span>14-<span lang="hi" xml:lang="hi">सूत्रीय समझौता ज्ञापन पर डिजिटल रूप से हस्ताक्षर कर इसे आधिकारिक रूप से अंतिम रूप दे दिया है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">होर्मुज समुद्री रास्ते का खुलना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है क्योंकि दुनिया के कुल तेल निर्यात का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी संकीर्ण जलमार्ग से होकर गुजरता है। इस समझौते</span></p></div></div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181546/america-iran-peace-deal-signed-us-bowed-%E2%80%93-will-also-give"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas12.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs">
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<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पश्चिम एशिया में महीनों से जारी भीषण तनाव और सैन्य टकराव के बीच एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक कूटनीतिक सफलता हाथ लगी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने दोनों देशों के बीच जारी दुश्मनी को खत्म करने के लिए एक </span>14-<span lang="hi" xml:lang="hi">सूत्रीय समझौता ज्ञापन पर डिजिटल रूप से हस्ताक्षर कर इसे आधिकारिक रूप से अंतिम रूप दे दिया है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">होर्मुज समुद्री रास्ते का खुलना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है क्योंकि दुनिया के कुल तेल निर्यात का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी संकीर्ण जलमार्ग से होकर गुजरता है। इस समझौते के सफल होने से न केवल तेल की वैश्विक कीमतें स्थिर होंगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि अमेरिका और ईरान के बीच दशकों पुराने तनाव को कूटनीतिक रास्ते से सुलझाने का एक नया रास्ता खुलेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस समझौते को </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">का नाम दिया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस की राजधानी पेरिस में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन से मुलाकात के दौरान इस समझौते की हार्ड कॉपी पर भी हस्ताक्षर किए। हस्ताक्षर करने के बाद ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">यह साइन हो चुका है। मैंने अभी-अभी इस पर हस्ताक्षर किए हैं।" दूसरी तरफ ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेशकियन और अन्य अधिकारियों ने भी इसे डिजिटल रूप से साइन किया है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने भी इस पर बयान जारी कर कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">यह समझौता तत्काल प्रभाव से लागू होगा। पहले कदम के रूप में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ईरान तुरंत हॉर्मुज जलडमरूमध्य </span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">को खोल देगा और अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटा लेगा।"</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">व्हाइट हाउस और ईरानी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी किए गए समझौते के मुख्य प्वाइंट इस प्रकार हैं:</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">तत्काल युद्धविराम: अमेरिका</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ईरान और उनके सहयोगी सभी मोर्चों (लेबनान सहित) पर तत्काल और स्थायी रूप से सैन्य अभियानों को समाप्त करने की घोषणा करते हैं। दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ बल प्रयोग की धमकी या हमला नहीं करेंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">संप्रभुता का सम्मान: दोनों देश एक-दूसरे की क्षेत्रीय अखंडता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संप्रभुता और आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने का वादा करते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">60<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिनों की समयसीमा: दोनों पक्ष अधिकतम </span>60<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिनों के भीतर एक अंतिम समझौते (</span>Final Deal) <span lang="hi" xml:lang="hi">पर बातचीत पूरी करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी का अंत: समझौते पर हस्ताक्षर होते ही अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने की प्रक्रिया शुरू करेगा और </span>30<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिनों के भीतर इसे पूरी तरह खत्म कर देगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सेना की वापसी: अंतिम समझौते के </span>30<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिनों के भीतर अमेरिका ईरान के नजदीकी इलाकों से अपनी सेनाएं हटा लेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हॉर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना: ईरान शुरुआती </span>60<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिनों के लिए फारस की खाड़ी से ओमान के समुद्र तक वाणिज्यिक जहाजों (</span>Commercial Vessels) <span lang="hi" xml:lang="hi">के सुरक्षित और मुफ्त आवागमन की व्यवस्था करेगा। </span>30<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिनों के भीतर नौसैनिक और तकनीकी बाधाओं (जैसे बारूदी सुरंगें हटाना) को दूर किया जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भविष्य का प्रशासन: ईरान इस रणनीतिक जलमार्ग के भविष्य के प्रशासन और समुद्री सेवाओं को परिभाषित करने के लिए ओमान और अन्य तटीय देशों के साथ बातचीत करेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">300<span lang="hi" xml:lang="hi"> अरब डॉलर का पुनर्निर्माण पैकेज: अमेरिका अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए कम से कम </span>300<span lang="hi" xml:lang="hi"> अरब डॉलर (</span>USD $300 Billion) <span lang="hi" xml:lang="hi">की योजना विकसित करेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतिबंधों की समाप्ति: एक तय समय सारणी के तहत अमेरिका</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ईरान के खिलाफ सभी एकतरफा (प्राइमरी और सेकेंडरी) प्रतिबंधों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (</span>UNSC) <span lang="hi" xml:lang="hi">के प्रस्तावों के तहत लगाए गए प्रतिबंधों को समाप्त करने का वचन देता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">परमाणु हथियारों पर रोक: ईरान ने दोहराया है कि वह परमाणु हथियार विकसित या हासिल नहीं करेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यूरेनियम संवर्धन का निपटारा: ईरान के समृद्ध यूरेनियम के भंडार का निपटारा अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (</span>IAEA) <span lang="hi" xml:lang="hi">की देखरेख में </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">ऑन-साइट डाउन-ब्लेंडिंग</span>' (<span lang="hi" xml:lang="hi">यूरेनियम की क्षमता कम करना) के जरिए किया जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यथास्थिति (</span>Status Quo) <span lang="hi" xml:lang="hi">बनाए रखना: अंतिम समझौता होने तक ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को मौजूदा स्तर पर ही रोके रखेगा और अमेरिका कोई नया प्रतिबंध नहीं लगाएगा और न ही क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिक तैनात करेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">तेल निर्यात को छूट और फंड की बहाली: अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ईरानी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात के लिए तत्काल छूट (</span>Waivers) <span lang="hi" xml:lang="hi">जारी करेगा। साथ ही विदेशों में फ्रीज (जब्त) की गई ईरान की संपत्तियों को वापस इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">निगरानी तंत्र की स्थापना: समझौते के सफल कार्यान्वयन और भविष्य के अनुपालन की निगरानी के लिए एक कार्यकारी तंत्र स्थापित किया जाएगा। इस अंतिम समझौते को </span>UNSC <span lang="hi" xml:lang="hi">के एक बाध्यकारी प्रस्ताव द्वारा अनुमोदित किया जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने पुष्टि की कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस समझौते पर अंग्रेजी और फारसी (</span>Farsi) <span lang="hi" xml:lang="hi">दोनों भाषाओं में हस्ताक्षर किए गए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि अनुवाद को लेकर भविष्य में कोई मतभेद या कोई और व्याख्या न हो। ईरान ने अपनी केंद्रीय बैंक के साथ मिलकर जब्त संपत्तियों को वापस पाने के तकनीकी तौर-तरीकों को भी अंतिम रूप दे दिया है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 14:07:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पहले सभ्यता मिटाने की धमकी और फिर ईरान को रिकंस्ट्रक्शन में मदद का वादा, 24 घंटे में ट्रंप के पलटने की पूरी कहानी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप महज 24 घंटे पहले ईरान को नेस्तनाबूद करने की धमकी दे रहे थे। उन्होंने कहा था कि अगर ईरान उनकी बात नहीं मानता, तो “मंगलवार रात पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है।“ उनके इस बयान से पूरी दुनिया में दहशत का माहौल बन गया था। लेकिन ट्रंप अब ईरान के पुनर्निर्माण में मदद की बात कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में युद्धविराम समझौते को ‘‘विश्व शांति के लिए एक बड़ा दिन’’ घोषित किया और कहा कि अमेरिका ‘‘होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के यातायात की भीड़ को कम करने में मदद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175576/first-the-threat-of-destroying-civilization-and-then-the-promise"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/top_news_today_1775567346779_1775567356175.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप महज 24 घंटे पहले ईरान को नेस्तनाबूद करने की धमकी दे रहे थे। उन्होंने कहा था कि अगर ईरान उनकी बात नहीं मानता, तो “मंगलवार रात पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है।“ उनके इस बयान से पूरी दुनिया में दहशत का माहौल बन गया था। लेकिन ट्रंप अब ईरान के पुनर्निर्माण में मदद की बात कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में युद्धविराम समझौते को ‘‘विश्व शांति के लिए एक बड़ा दिन’’ घोषित किया और कहा कि अमेरिका ‘‘होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के यातायात की भीड़ को कम करने में मदद करेगा।’’ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘बहुत सारे सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे!’’</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ‘‘इससे खूब आय होगी। ईरान पुनर्निर्माण प्रक्रिया शुरू कर सकता है। हम हर तरह की आपूर्ति लेकर जाएंगे और यह सुनिश्चित करने के लिए वहीं मौजूद रहेंगे कि सब कुछ ठीक से चले। मुझे पूरा भरोसा है कि ऐसा ही होगा।’’</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप की ‘ट्रुथ सोशल’ वेबसाइट पर दिए गए संदेश से वाशिंगटन की इस चिंता का संकेत मिलता है कि ईरान फारस की खाड़ी के संकरे मुहाने पर अपना नियंत्रण बनाए हुए है, जिससे शांति काल में कुल तेल और प्राकृतिक गैस का 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का मानना है कि यह यू-टर्न सिर्फ रणनीतिक नहीं, बल्कि  राजनीतिक भी हो सकता है। अमेरिका में चुनावी माहौल गर्म है और इस जंग के कारण ट्रंप की लोकप्रियता पर असर पड़ा है। ऐसे में शांति का संदेश देना उनके लिए फायदेमंद हो सकता है। दूसरी तरफ, ईरान भी लगातार दबाव में था। आर्थिक संकट, सैन्य नुकसान और अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण उसे भी बातचीत का रास्ता अपनाना पड़ा।राजनीतिक विश्लेषण सेवा</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले मंगलवार को उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से दावा किया कि आज (मंगलवार) रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी। ट्रंप ने ट्रुथ पोस्ट में लिखा कि "आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी, जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा।"</p>
<p style="text-align:justify;">इसके साथ ही ट्रंप ने विश्वास दिलाने की कोशिश की कि वो इसकी ख्वाहिश नहीं रखते। उन्होंने कहा, "मैं नहीं चाहता कि ऐसा हो, लेकिन शायद हो जाए।" फिर दावा किया कि अब ईरान में पूर्ण सत्ता परिवर्तन की गुंजाइश है। उनके मुताबिक, इस बदलाव के साथ ही सत्ता पर ज्यादा होशियार और कम रेडिकल सोच वाले लोग काबिज होंगे। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि अगर ऐसा हुआ तो "शायद कुछ बहुत ही शानदार हो जाए।" ट्रंप ने अपनी बातों को विराम देते हुए कहा- आज की रात दुनिया के इतिहास की एक बहुत बड़ी और खास पल साबित हो सकती है। पिछले 47 साल से चल रहे दमन, भ्रष्टाचार और हिंसा का अंत हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>WORLD NEWS</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 22:04:56 +0530</pubDate>
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