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                <title>Police Corruption - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Police Corruption RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हुआ सोरांव थाने का उपनिरीक्षक।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात । </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) प्रयागराज इकाई ने  सोरांव में तैनात एक उपनिरीक्षक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर एक मुकदमे में धाराएं कम करने के नाम पर 75 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। एंटी करप्शन टीम ने उसे 25 हजार रुपये की पहली किश्त लेते समय दबोच लिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, उदयराज पटेल, निवासी गहपुर, थाना सोरांव ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन से शिकायत की थी कि थाना सोरांव में तैनात उपनिरीक्षक संजय जायसवाल एक मुकदमे में राहत दिलाने</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183665/sub-inspector-of-soraon-police-station-arrested-red-handed-while-taking-bribe"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260718-wa0086.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात । </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) प्रयागराज इकाई ने  सोरांव में तैनात एक उपनिरीक्षक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर एक मुकदमे में धाराएं कम करने के नाम पर 75 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। एंटी करप्शन टीम ने उसे 25 हजार रुपये की पहली किश्त लेते समय दबोच लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, उदयराज पटेल, निवासी गहपुर, थाना सोरांव ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन से शिकायत की थी कि थाना सोरांव में तैनात उपनिरीक्षक संजय जायसवाल एक मुकदमे में राहत दिलाने और गंभीर धाराएं कम करने के बदले 75 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने पूरे मामले का सत्यापन कराया, जिसमें शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाई गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से शनिवार, 18 जुलाई 2026 को दोपहर लगभग 1:50 बजे थाना सोरांव के बाहर स्थित "अमन गुप्ता चाय पान स्टाल" के पास ट्रैप बिछाया गया। जैसे ही आरोपी उपनिरीक्षक संजय जायसवाल, पुत्र महेंद्र प्रताप जायसवाल, निवासी नरहपुर, थाना लम्भुआ, जनपद सुल्तानपुर ने शिकायतकर्ता से 25 हजार रुपये की पहली किश्त ली, पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गिरफ्तारी के बाद टीम ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एंटी करप्शन अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई के तहत थाना शिवकुटी में मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। इसके बाद उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्यों के बदले रिश्वत मांगने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 21:08:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रिश्वतखोरी के आरोप में परसरामपुर थाने के तीन पुलिसकर्मी निलंबित</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती में पुलिस विभाग की छवि को प्रभावित करने वाले मामले में पुलिस अधीक्षक ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना परसरामपुर में तैनात तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए कर्मियों में मुख्य आरक्षी जगत नारायण यादव, आरक्षी आनंद यादव तथा आरक्षी बृजभूषण सिंह शामिल हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी प्रेस नोट के अनुसार इन पुलिसकर्मियों के कार्य एवं व्यवहार को लेकर क्षेत्र के लोगों द्वारा लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि संबंधित कर्मियों का आचरण आम जनता के प्रति संतोषजनक नहीं है, जिससे पुलिस विभाग की</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181473/three-policemen-of-parasrampur-police-station-suspended-on-bribery-charges"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260617-wa0104.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती में पुलिस विभाग की छवि को प्रभावित करने वाले मामले में पुलिस अधीक्षक ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना परसरामपुर में तैनात तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए कर्मियों में मुख्य आरक्षी जगत नारायण यादव, आरक्षी आनंद यादव तथा आरक्षी बृजभूषण सिंह शामिल हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी प्रेस नोट के अनुसार इन पुलिसकर्मियों के कार्य एवं व्यवहार को लेकर क्षेत्र के लोगों द्वारा लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि संबंधित कर्मियों का आचरण आम जनता के प्रति संतोषजनक नहीं है, जिससे पुलिस विभाग की साख और जनविश्वास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मामले ने उस समय गंभीर रूप ले लिया जब उक्त पुलिसकर्मियों का एक वीडियो पुलिस प्रशासन के संज्ञान में आया। वीडियो में उन्हें सार्वजनिक स्थान पर कथित रूप से उत्कोच (रिश्वत) लेते हुए देखा गया। वीडियो सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर मामले की जांच कराई गई, जिसके उपरांत प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक ने तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से कराई जाएगी तथा दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता तथा जनविश्वास को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी कृत्य के प्रति विभाग की नीति शून्य सहिष्णुता की है। ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या पक्षपात नहीं बरता जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह कार्रवाई जनपद में पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 19:47:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रहीमाबाद पुलिस पर ₹50 हजार रिश्वत मांगने का आरोप, पैसे न देने पर युवकों को उठाकर थाने में बंद करने व बदले की भावना का बेहद गंभीर आरोप </title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>राजधानी-लखनऊ</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">राजधानी लखनऊ के रहीमाबाद थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। एक पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि रहीमाबाद पुलिस के कुछ कर्मियों ने न केवल रिश्वत की मांग की, बल्कि पैसे न देने पर निर्दोष युवकों को उठाकर थाने में बंद कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रार्थना पत्र के अनुसार, ग्राम बांक मजरा खड़ौहा, थाना रहीमाबाद निवासी नरेश पुत्र रामचंदर ने बताया कि उन्होंने पहले एक मारपीट के मामले में थाने में शिकायत दी थी। उनका आरोप है कि विपक्षियों ने उनके साथ मारपीट कर गंभीर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175500/rahimabad-police-accused-of-demanding-bribe-of-%E2%82%B9-50-thousand"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/whatsapp-image-2026-04-07-at-06.49.35.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>राजधानी-लखनऊ</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">राजधानी लखनऊ के रहीमाबाद थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। एक पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि रहीमाबाद पुलिस के कुछ कर्मियों ने न केवल रिश्वत की मांग की, बल्कि पैसे न देने पर निर्दोष युवकों को उठाकर थाने में बंद कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रार्थना पत्र के अनुसार, ग्राम बांक मजरा खड़ौहा, थाना रहीमाबाद निवासी नरेश पुत्र रामचंदर ने बताया कि उन्होंने पहले एक मारपीट के मामले में थाने में शिकायत दी थी। उनका आरोप है कि विपक्षियों ने उनके साथ मारपीट कर गंभीर चोटें पहुंचाई थीं, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय इसे एनसीआर में दर्ज कर दिया। जबकि घटना में लाठी-डंडों से हमला कर गंभीर रूप से घायल किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पीड़ित ने बताया कि 4 मार्च 2026 को इस मामले को एनसीआर में दर्ज किया गया, जबकि यह संगीन अपराध की श्रेणी में आता था। इसके बाद उन्होंने 13 मार्च 2026 को सहायक पुलिस आयुक्त को भी प्रार्थना पत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की, लेकिन इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।<br />सबसे गंभीर आरोप 8 मार्च से जुड़ा है, जब पीड़ित के अनुसार रहीमाबाद थाने के दो पुलिसकर्मी—सुमित और शेषपाल—ने उनसे ₹50,000 की रिश्वत मांगी।</p>
<p style="text-align:justify;">आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने कहा कि यदि पैसा दिया जाता है तो मामले में मदद की जाएगी, अन्यथा उन्हें ही फंसाकर गंभीर धाराएं लगा दी जाएंगी। वहीं इससे पहले इन्हीं दोनों सिपाहियों की इसी पूर्व मामले में रिश्वत मांगने की रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी, व पूर्व में इसपर खबर भी प्रकाशित हो चुकी है परन्तु अभी तक एक महीना बीत गया किसी प्रकार की कोई कारवाही नहीं हुई है l</p>
<p style="text-align:justify;"><br />वहीं पीड़ित का कहना है कि उन्होंने रिश्वत देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद 6 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 8 बजे इन्हीं दोनों पुलिसकर्मी द्वारा सादी वर्दी में उनके पुत्र नीरज और हिमांशु को सड़क से उठाकर थाने ले जाकर बंद कर दिया। इस दौरान कुछ स्थानीय लोगों—जिनमें उमा शंकर, गोलू, अर्जुन, अनिल और रानी जैसे नाम शामिल हैं—की मौजूदगी का भी जिक्र किया गया है, जिन्होंने कथित रूप से पुलिस के साथ मिलकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि एक स्थानीय व्यक्ति, जो शराब का आदी बताया गया है, पुलिस और आम लोगों के बीच दलाली का काम करता है। आरोप है कि वही व्यक्ति पुलिसकर्मियों से मिलकर लोगों पर दबाव बनवाता है और रिश्वत की मांग करवाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि जिन असली आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए था, उन्हें छोड़ दिया गया, जबकि निर्दोष युवकों को फंसाकर थाने में बंद कर दिया गया। इससे साफ होता है कि पूरे मामले में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं पीड़ित को बार बार यह दोनों ही पुलिसकर्मियों द्वारा परेशान किया जा रहा, उसको झूठे केसों में इन दोनों पुलिसकर्मी द्वारा फंसाया जा रहा है, क्या अब पुलिस पीड़ितों से बदले की कार्यवाही करेगी, बड़ा सवाल है?? अंत में पीड़ित ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और जिन निर्दोष युवकों को बंद किया गया है, उन्हें तत्काल रिहा किया जाए। साथ ही, पूरे प्रकरण में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />यह मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है और लोगों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर असंतोष देखा जा रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 15:17:37 +0530</pubDate>
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