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                <title>mulayam singh yadav - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>mulayam singh yadav RSS Feed</description>
                
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                <title>सपा ने मनाई पूर्व सांसद फूलन देवी की जयंती</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर अन्याय अत्याचार एवं शोषण के विरुद्ध मुखर आवाज, सामाजिक न्याय की महान योद्धा, वीरांगना पूर्व सांसद अमर शहीद फूलन देवी की जयंती समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष  राम धीरज साहनी  की अध्यक्षता तथा डुमरियागंज की विधायक सैयद खातून  की उपस्थिति में मनाई गई तथा तथा उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया और विचार गोष्ठी कर विस्तृत रूप से चर्चा कर उनके संघर्षों को याद किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">विचार गोष्ठी में डुमरियागंज की विधायक सैयदा खातून  ने स्वर्गीय फूलन देवी  के जीवन पर विस्तृत रूप से चर्चा करते हुए कहा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185045/sp-celebrated-the-birth-anniversary-of-former-mp-phoolan-devi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1786374928775.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर अन्याय अत्याचार एवं शोषण के विरुद्ध मुखर आवाज, सामाजिक न्याय की महान योद्धा, वीरांगना पूर्व सांसद अमर शहीद फूलन देवी की जयंती समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष  राम धीरज साहनी  की अध्यक्षता तथा डुमरियागंज की विधायक सैयद खातून  की उपस्थिति में मनाई गई तथा तथा उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया और विचार गोष्ठी कर विस्तृत रूप से चर्चा कर उनके संघर्षों को याद किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विचार गोष्ठी में डुमरियागंज की विधायक सैयदा खातून  ने स्वर्गीय फूलन देवी  के जीवन पर विस्तृत रूप से चर्चा करते हुए कहा कि फूलन देवी का पूरा जीवन संघर्षों से भरा रहा और उन्होंने शोषण, अन्याय, अत्याचार के विरुद्ध आजीवन संघर्ष किया फूलन देवी का अपराध यही था कि उन्होंने एक गरीब दलित शोषित परिवार में जन्म लिया सामंतवादी लोगों ने अपने अन्याय एवं अत्याचार से फूलन देवी का जीवन नर्क बना दिया था फूलन देवी एक साहसी विद्रोही और क्रांतिकारी महिला थी समाज ने उनके साथ न्याय नहीं किया इसी अन्याय के विरुद्ध उन्होंने जंग का लड़ने का  निर्णय लिया और क्रांति की प्रतीक बन गई सामाजिक न्याय के प्रणेता स्व.मुलायम सिंह यादव ने एक शोषित और समाज के दबे-कुचले परिवार से निकली हुई अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करने वाली फूलन देवी को जेल से निकालकर अपनी समाजवादी पार्टी से सांसद बनाने का काम किया था और समाज में सम्मान से जीने का अधिकार दिलाया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में पूर्व विधायक विजय पासवान, बेचई यादव,  राममिलन भारती, मणिद्र मिश्रा मशाल,कमरूज्जमा खान, बहरइची प्रसाद प्रेमी, सोनू यादव ,पारसनाथ विश्वकर्मा, बृजभान यादव, जेपी यादव ,अखिलेश मौर्या, चंद्रभान पहलवान, शैलेंद्र शर्मा, मोहम्मद जफर, चंद्रजीत यादव, जोखन चौधरी, चंचल रावत, रामस्वरूप पांडेय ,एजाज अहमद आदि उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 21:12:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>समाजवादियों ने कानपुर में मुलायम सिंह यादव की 85वी जयंती मनाई </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>समाजवादी पार्टी के संस्थापक पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव की 85वीं जयंती के अवसर पर आज सपा महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद की अध्यक्षता में सपा कार्यालय साथ नवीन मार्केट में विचार गोष्ठी एवं श्रद्धांजलि सभा आरंभ हुई। विचार गोष्ठी और श्रद्धांजलि सभा का संचालन महानगर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेंद्र यादव मिन्टू ने किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">विचार गोष्ठी एवं श्रद्धांजलि सभा में महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद ने अपने संगठन के पदाधिकारियों के साथ मिलकर सर्वप्रथम  मुलायम सिंह यादव के चित्र पर  माल्यार्पण कर उनको अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए महानगर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/161293/socialists-celebrated-mulayam-singh-yadavs-85th-birth-anniversary-in-kanpur"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/1001387930.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>समाजवादी पार्टी के संस्थापक पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव की 85वीं जयंती के अवसर पर आज सपा महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद की अध्यक्षता में सपा कार्यालय साथ नवीन मार्केट में विचार गोष्ठी एवं श्रद्धांजलि सभा आरंभ हुई। विचार गोष्ठी और श्रद्धांजलि सभा का संचालन महानगर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेंद्र यादव मिन्टू ने किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विचार गोष्ठी एवं श्रद्धांजलि सभा में महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद ने अपने संगठन के पदाधिकारियों के साथ मिलकर सर्वप्रथम  मुलायम सिंह यादव के चित्र पर  माल्यार्पण कर उनको अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद ने कहा कि संघर्ष का दूसरा नाम मुलायम सिंह यादव था इटावा जिले के एक छोटे गांव सैफई में गरीब किसान परिवार में जन्म लिया था जीवन की शुरुआत में शिक्षक की भूमिका निभाई इसके बाद संघर्ष करते हुए पहली बार जसवंत नगर विधानसभा से विधायक बने लगातार संघर्ष जारी रहने के उपरांत तीन बार उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री का पद संभाला इसके बाद संघर्ष करते हुए केंद्र सरकार में देश के रक्षा मंत्री भी बने मुलायम सिंह यादव कहते थे मैं समाजवादी पार्टी को कभी बूढा नहीं होने दूंगा छात्रों नौजवानों की तरफ ध्यान आकर्षित करते हुए अपने मुख्यमंत्री काल में मुक्त शिक्षा बेरोजगारी भत्ता जैसी कल्याणकारी योजनाएं लागू कर उत्तर प्रदेश में छात्रों नौजवानों को फायदा पहुंचा है और उनके मसीहा बने।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद ने अपने संबोधन में आगे कहा कि मुलायम सिंह यादव जी एक प्रखर वक्ता थे उनकी रग रग में समाजवाद रचा बसा था मुलायम सिंह यादव जी चाहते थे कि समाज में सबसे नीचे पायदान पर खडे व्यक्ति को समाज में बराबर का स्थान मिले शोषित पीड़ितों छात्रों नौजवानों और अल्पसंख्यकों किसानों मजदूरों के मसीहा थे गरीबों मजदूरों के दर्द को वह बखूबी समझते थे और एहसास भी करते थे। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विचार गोष्ठी एवं श्रद्धांजलि सभा में महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद,वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेंद्र यादव मिन्टू,महासचिव संजय सिंह,विधायक अमिताभ बाजपेई,विधायक हाजी मोहम्मद हसन रूमी,विधायक नसीम सोलंकी,पूर्व विधायक हाजी इरफान सोलंकी,प्रदेश सचिव के के शुक्ल,पूर्व अध्यक्ष ओम प्रकाश मिश्रा,राष्ट्रीय प्रवक्ता नीतेंद्र सिंह,समाजसेवी सचिन तांगडी, नीलम रोमिला सिंह आदि मौजूद थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Nov 2025 19:06:27 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ जिला कार्यालय में हुआ श्रद्धांजलि आयोजन, बड़ी संख्या में समाजवादी नेता और पदाधिकारी रहे मौजूद</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>संवाददाता सुभाष चंद्र</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के संस्थापक एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर आज पार्टी के जिला कार्यालय, लखनऊ में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भारी संख्या में समाजवादी नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सभी ने नेताजी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प दोहराया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि “मुलायम सिंह यादव के अधूरे सपनों को पूरा करना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।” सभी ने 2027 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प भी लिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">श्रद्धांजलि सभा में महासचिव</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/157064/tribute-event-held-in-lucknow-district-office-a-large-number"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/img-20251010-wa0004.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>संवाददाता सुभाष चंद्र</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के संस्थापक एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर आज पार्टी के जिला कार्यालय, लखनऊ में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भारी संख्या में समाजवादी नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सभी ने नेताजी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प दोहराया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि “मुलायम सिंह यादव के अधूरे सपनों को पूरा करना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।” सभी ने 2027 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प भी लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">श्रद्धांजलि सभा में महासचिव शब्बीर खान, अधिवक्ता अजीत कुमार, रंजीत यादव, विधायक रविदास मल्होत्रा, पूर्व विधायक राजेंद्र यादव (बक्शी तालाब) समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने नेताजी के योगदान को याद करते हुए कहा कि समाजवादी विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाना ही उनके प्रति सच्ची निष्ठा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस मौके पर कार्यकर्ताओं ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) वर्ग को साथ लेकर आगामी चुनाव की तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। सभा के अंत में दो मिनट का मौन रखकर नेताजी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Oct 2025 22:22:53 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मुलायम सिंह यादव ! राजनीति की एक सम्पूर्ण किताब</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>मुलायम सिंह यादव एक ऐसा नाम है जिनको यदि राजनीति की पूरी किताब कहा जाए तो गलत नहीं होगा यहां तक कि उनके पुत्र अखिलेश यादव को भी अभी बहुत कुछ सीखना है। छोटी कद काठी के मुलायम सिंह यादव मैनपुरी जनपद की करहल तहसील में जैन इंटर कालेज में अध्यापक थे।‌ वहीं उनके साथ राम सिंह शाक्य भी अध्यापक थे जो कि उस समय हैंवरा जनपद इटावा में रहते थे। बाद में जब राजनीति में मुलायम सिंह यादव का कद बढ़ा तो राम सिंह शाक्य कई बार इटावा लोकसभा सीट से सांसद बने। राम सिंह शाक्य बताते थे कि</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/144868/a-complete-book-on-mulayam-singh-yadav-politics"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-09/navbharat-times-94759873.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>मुलायम सिंह यादव एक ऐसा नाम है जिनको यदि राजनीति की पूरी किताब कहा जाए तो गलत नहीं होगा यहां तक कि उनके पुत्र अखिलेश यादव को भी अभी बहुत कुछ सीखना है। छोटी कद काठी के मुलायम सिंह यादव मैनपुरी जनपद की करहल तहसील में जैन इंटर कालेज में अध्यापक थे।‌ वहीं उनके साथ राम सिंह शाक्य भी अध्यापक थे जो कि उस समय हैंवरा जनपद इटावा में रहते थे। बाद में जब राजनीति में मुलायम सिंह यादव का कद बढ़ा तो राम सिंह शाक्य कई बार इटावा लोकसभा सीट से सांसद बने। राम सिंह शाक्य बताते थे कि वह हैंवरा से सैफई साइकिल से जाते थे और अपनी साइकिल पर मुलायम सिंह यादव को बैठाकर जैन इंटर कालेज तक पहुंचते थे। करहल से सैफई की दूरी 4 किलोमीटर और सैफई से हैंवरा की दूरी तीन किलोमीटर थी। इस तरह से मुलायम सिंह यादव ने अपने जीवन की शुरुआत एक शिक्षक के रुप में की थी।</div>
<div> </div>
<div>मुलायम सिंह यादव अपने शिक्षण कार्य से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे उनके कदम राजनीति की तरफ बढ़ रहे थे। डॉ राममनोहर लोहिया और उनके समाजवादी विचारों ने मुलायम सिंह यादव को काफी प्रभावित किया था। और धीरे-धीरे उनके कदम राजनीति की तरफ बढ़ रहे थे। धीरे धीरे वो इटावा के समाजवादी नेता रामसेवक यादव के संपर्क में आए। रामसेवक यादव सोशलिस्ट पार्टी के अच्छे नेताओं में से एक थे। जिनकी बदौलत मुलायम सिंह यादव को 1967 में इटावा की जसवन्तनगर विधानसभा सीट से सोशलिस्ट पार्टी की तरफ से टिकट मिल गया और उनका मुकाबला एक दिग्गज नेता लाखन सिंह से था। लोगों को विश्वास नहीं था कि मुलायम सिंह यह चुनाव जीत जाएंगे। लेकिन जब परिणाम आया तो मुलायम सिंह यादव पहली बार विधायक बन चुके थे। इसके बाद मुलायम सिंह यादव ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और वह लगातार राजनीति में सक्रिय रहे और जसवंतनगर विधानसभा सीट उनका पक्का गढ़ बन गया और वह वहां से लगातार चुनाव जीतते रहे।</div>
<div> </div>
<div>सन् 1979 में लोकदल की स्थापना हुई और चौधरी चरण सिंह इसके अध्यक्ष बने। मुलायम सिंह यादव ने चौधरी चरण सिंह का दामन थामा हो वह उनके शिष्य बन गये। अब तक मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश में अपनी पहचान बना चुके थे। मुलायम सिंह 10 वार विधानसभा और विधानसभा परिषद ने पहुंचे। और 1989 में जब देश में जनता दल बना उसकी कामयाबी के साथ ही मुलायम सिंह यादव को मुख्यमंत्री के रुप में उत्तर प्रदेश की कमान सौंपी गई। और उनका ध्यान समाज के वंचित, दबे और पिछड़े तबके की तरफ जाने लगा। हालांकि 1989 में वह केवल तीन साल के लिए ही मुख्यमंत्री बने इसके बाद जनता दल टूट गया और मुलायम सिंह यादव को अपनी एक अलग पार्टी बनानी पड़ी और वह थी समाजवादी पार्टी। 1992 में समाजवादी पार्टी की स्थापना हुई और मुलायम सिंह यादव उसके अध्यक्ष बने। उस समय मुलायम सिंह यादव की छवि उत्तर प्रदेश के एक मजबूत नेता के रुप में होने लगी थी और वह पिछड़ों के नेता के रूप में पहचान पा चुके थे। मुलायम सिंह यादव की याददाश्त इतनी तेज थी कि वह किसी से यदि एक बार मिल लें तो वह किसी को भूलते नहीं थे। मुलायम सिंह तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे।</div>
<div> </div>
<div>मुलायम सिंह यादव केवल अपनी ही नहीं बल्कि अपने विरोधियों की भी बहुत चिंता रखते थे। इटावा के कांग्रेसी नेता बलराम सिंह यादव जो जसवंतनगर विधानसभा सीट से लगातार मुलायम प्रतिद्वंद्वी थे। और राजीव गांधी सरकार में केन्द्रीय मंत्री भी थे जब उनका कांग्रेस से मनमुटाव हुआ तो मुलायम सिंह यादव ने उन्हें अपनी समाजवादी पार्टी में शामिल कर मैनपुरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़वाया और वह सांसद बने। वहीं जब कल्याण सिंह की भी भारतीय जनता पार्टी से अनबन हो गई थी तो कल्याण सिंह ने अपना अलग दल बना लिया था बाद में मुलायम सिंह यादव ने कल्याण सिंह को भी अपनी पार्टी में शामिल किया और उनके बेटे राजवीर सिंह को अपनी पार्टी से विधायक बनाया। मुलायम सिंह यादव ने अपनी राजनीति में उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को बिल्कुल समाप्त कर दिया था। इसके बाद आज जो बहुजन समाज पार्टी की उत्तर प्रदेश में जो पहचान है उसमें मुलायम सिंह यादव का बहुत बड़ा योगदान है।</div>
<div> </div>
<div>बात उन दिनों की है जब बहुजन समाज पार्टी और उसके मुखिया कांशीराम जो कि मूलतः पंजाब के रहने वाले थे दलित राजनीति को आगे बढ़ा रहे थे। लेकिन सफलता नहीं मिल रही थी। तब मुलायम सिंह यादव ने कांशीराम को इटावा से लोकसभा चुनाव लड़वाया और अपने प्रत्याशी राम सिंह शाक्य की जगह कांशीराम को वोट देने की अपील की थी। कांशीराम पहली बार इटावा से सांसद चुने गए और लोकसभा पहुंचे। लेकिन इसका नुकसान समाजवादी पार्टी को अब तक उठाना पड़ा। लोगों का मोह कांग्रेस से भंग हो चुका था और कई दशक तक उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की ही सरकार बनती रही। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी, आरएसएस और बजरंग दल ने अयोध्या राम मंदिर का मुद्दा तेज कर दिया था। अचानक ही यह आंदोलन उग्र हुआ अयोध्या में बाबरी ढांचा गिराए जाने के लिए जब भीड़ नहीं सध रही थी तब मुलायम सिंह यादव को गोली चलवाने का आदेश देना पड़ा था। और उस दिन से मुलायम सिंह यादव पर हिंदुत्व भारी पड़ने लगा। लेकिन मुलायम सिंह यादव अपनी बात पर हमेशा कायम रहे। </div>
<div> </div>
<div>इटावा और मैनपुरी मुलायम सिंह यादव की कर्म स्थली रही है। उन्होंने जो भी संघर्ष किया वह इटावा और मैनपुरी से ही शुरू किया था। और इटावा मैनपुरी के एक एक लोगों को वह नाम से पहचानते थे। जब मुलायम सिंह यादव को पहली बार सोशलिस्ट पार्टी से जसवन्तनगर से विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए टिकट मिला तब उनके पास चुनाव लड़ने तक के पैसे नहीं थे तब सैफई और आसपास के लोगों ने किसी तरह पैसा इकट्ठा करके मुलायम सिंह यादव को चुनाव लड़ाया था। मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी को अपने हाथों से सींचा है। और जब उन्हीं के सामने उनके पुत्र अखिलेश यादव और भाई शिवपाल सिंह यादव के बी अनबन हुई तो मुलायम सिंह यादव ने यही कहा था कि हमने इस पार्टी को अपने हाथों से सींचा है, और हम इसे टूटता हुआ नहीं देख सकते। मुलायम सिंह यादव उर्फ नेता जी उर्फ धरतीपुत्र आज हमारे बीच में नहीं हैं लेकिन वह एक ऐसे नेता थे जो राजनीति की पूरी किताब थे। हम कुछ शब्दों या लाइनों में उनके जीवन को वंया नही कर सकते। </div>
<div> </div>
<div><strong>जितेन्द्र सिंह पत्रकार</strong></div>
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<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
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<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Sep 2024 16:41:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अखिलेश यादव जैसा कोई दूसरा  नेता नही - मुलायम सिंह यादव </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>कानपुर देहात ।</strong> समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष  अखिलेश यादव  से आल इंडिया यादव महासभा के पदाधिकारियों ने भेंट कर  पार्टी की शानदार जीत के लिए उन्हें बधाई  देकर 27 में प्रदेश में सपा सरकार बनाने के लिए हर तरह  से सहयोग करने का भरोसा भी दिया जिसपर  राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आभार व्यक्त किया   </div>
<div>  </div>
<div>शुक्रवार सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2024 के चुनाव में प्रदेश के अधिवक्ताओं द्वारा दिये गए सहयोग की भूरि भूरि प्रशंसा की  । उन्होंने मुलायम सिंह यादव एडवोकेट प्रदेश अध्यक्ष ऑल इंडिया यादव महासभा अधिवक्ता प्रकोष्ठ उत्तर प्रदेश , प्रदेश सचिव समाजवादी अधिवक्ता सभा और</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/142300/there-is-no-other-leader-like-akhilesh-yadav-mulayam"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-06/img-20240614-wa0062.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>कानपुर देहात ।</strong> समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष  अखिलेश यादव  से आल इंडिया यादव महासभा के पदाधिकारियों ने भेंट कर  पार्टी की शानदार जीत के लिए उन्हें बधाई  देकर 27 में प्रदेश में सपा सरकार बनाने के लिए हर तरह  से सहयोग करने का भरोसा भी दिया जिसपर  राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आभार व्यक्त किया   </div>
<div> </div>
<div>शुक्रवार सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2024 के चुनाव में प्रदेश के अधिवक्ताओं द्वारा दिये गए सहयोग की भूरि भूरि प्रशंसा की  । उन्होंने मुलायम सिंह यादव एडवोकेट प्रदेश अध्यक्ष ऑल इंडिया यादव महासभा अधिवक्ता प्रकोष्ठ उत्तर प्रदेश , प्रदेश सचिव समाजवादी अधिवक्ता सभा और उनके टीम के सदस्यों की हौसला अफजाई कर मुलायम सिंह यादव की पीठ थपथपाते हुए कहा कि  सभी लोग 2027 के चुनाव में पूरी शिद्दत के साथ लगे  और सरकार बनने पर अधिवक्ताओं की   सभी मांगे पूरी की जाएगी ।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने  प्रदेश के भिन्न-भिन्न कोने से आए यादव महासभा के पदाधिकारियों से कहा कि उत्तर प्रदेश के साथ-साथ  यादव समाज को उड़ीसा छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश को भी विशेष तौर पर समाज को जागने का काम करें। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आल इंडिया यादव महा सभा के प्रदेश अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव एडवोकेट के रसूलाबाद क्षेत्र का निवासी होने की जानकारी पर उन्हें  बधाई देकर कहा कि रसूलाबाद के लोग बहुत बहादुर  और बधाई के पात्र है ।</div>
<div> </div>
<div>आल इंडिया यादव महासभा अधिवक्ता प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने कहा कि देश और प्रदेश की राजनीति में गरीबों मजलुमो असहायों की मदद करने वाला अखिलेश यादव जैसा कोई नेता नही है और आज इसी का परिणाम है समाजवादी पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं की ताकत पर प्रदेश में 37 सीटें जीतकर देश मे इतिहास रच दिया ।</div>
<div> </div>
<div>सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष  अखिलेश यादव से मुलाकात करने वालो में ऑल इंडिया यादव महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कप्तान सिंह यादव, महिला सभा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ प्रभा यादव ,प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ आनंद सिंह यादव , प्रवक्ता रणवीर सिंह यादव ,प्रदेश महासचिव अधिवक्ता सभा  अरविंद सिंह यादव  ,सचिव अधिवक्ता सभा राजेश सिंह यादव ,जिला अध्यक्ष अजीत सिंह यादव, शिवांश यादव ,जिलाध्यक्ष फतेहपुर राजेश यादव , जिलाध्यक्ष  सम्भल संगीता यादव , जिलाध्यक्ष अमरोहा विमल यादव , प्रमोद चौधरी  सचिन यादव  ,सुनील यादव सहित अन्य सदस्य रहे जहां राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सभी लोगो को पार्टी की जीत पर बधाई दी ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Jun 2024 16:55:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पिछड़ों के नेता बन शुरू हुआ था मुलायम का सफर </title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुलायम सिंह यादव या उनकी पार्टी समाजवादी पार्टी को मुस्लिम और यादव हितैषी बताया जाता है। लेकिन मुलायम सिंह यादव का राजनैतिक सफर पिछड़ी जातियों के नेता बनकर शुरू हुआ था। यह महज एक राजनैतिक प्रतिद्वंदिता है कि उन पर मुस्लिम हितैषी का टैग लगा दिया गया था। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वीपी सिंह के समय में जब जनता दल ने मंडल कमीशन को लागू करने की बात को लेकर देश में बहुमत पाया था। तब ही पहली बार मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। उनका लक्ष्य मुस्लिम हितैषी नहीं था। वह हमेशा पिछड़ों को एकजुट होने की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/140348/mulayams-journey-started-by-becoming-the-leader-of-backward-people"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-04/asfsa.jpg" alt=""></a><br /><p>मुलायम सिंह यादव या उनकी पार्टी समाजवादी पार्टी को मुस्लिम और यादव हितैषी बताया जाता है। लेकिन मुलायम सिंह यादव का राजनैतिक सफर पिछड़ी जातियों के नेता बनकर शुरू हुआ था। यह महज एक राजनैतिक प्रतिद्वंदिता है कि उन पर मुस्लिम हितैषी का टैग लगा दिया गया था। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वीपी सिंह के समय में जब जनता दल ने मंडल कमीशन को लागू करने की बात को लेकर देश में बहुमत पाया था। तब ही पहली बार मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। उनका लक्ष्य मुस्लिम हितैषी नहीं था। वह हमेशा पिछड़ों को एकजुट होने की कवायद करते रहे। मुस्लिम समाज अपने आप मुलायम सिंह यादव से प्रभावित होता चला गया। </p>
<p>देश और प्रदेश में उस समय कांग्रेस का राज था। विपक्ष केवल मूकदर्शक बना रहता था। अधिकांश वर्गों का समर्थन कांग्रेस को मिलता था। और विश्वनाथ प्रताप सिंह भी कांग्रेस के ही नेता थे। सवर्ण, मुस्लिम, और दलित वर्ग सहित कई पिछड़ी जातियां कांग्रेस के ही साथ थीं। लेकिन वीपी सिंह ने जब कांग्रेस से बगावत कर जनता दल का गठन किया तब किसी को उम्मीद नहीं थी कि मुस्लिम समाज का मत जनता दल अथवा अन्य पार्टियों से इतना प्रभावित हो जाएगा। वीपी सिंह ने एक गणित लगाया कि देश में सर्वाधिक संख्या पिछड़ी जातियों की ही है और यदि यह जातियां एक हो जाती हैं तो कांग्रेस को हराना बहुत ही आसान हो सकता है। भारतीय जनता पार्टी उस समय हांसिए पर ही थी। वह जनता दल ही था जिसने कांग्रेस को कमजोर किया था।</p>
<p>विश्वनाथ प्रताप सिंह जब कांग्रेस से अलग हुए तो उन्होंने विपक्ष के सारे दलों को एकजुट करने का फैसला लिया। विपक्ष ऐसे नेतृत्व के लिए पहले से ही तैयार था। क्यों कि विपक्षी नेताओं के पास वोट बैंक तो था लेकिन बिखरा हुआ था और कोई ऐसा नेतृत्व नहीं था जो बिखरे विपक्ष को एक कर सके और कांग्रेस से मुकाबला कर सके। विश्वनाथ प्रताप सिंह ने यह कमान सम्हाली और देश के तमाम प्रदेशों में क्षेत्रीय दलों व नेताओं को एक किया जो कांग्रेस के खिलाफ राजनीति करते थे। और तब उन्होंने मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू करने को लेकर देश भर में कांग्रेस को घेरना शुरू किया।</p>
<p>विश्वनाथ प्रताप सिंह जानते थे कि यदि पिछड़ा वर्ग एकजुट हो गया तो हम बहुत ही आसानी से कांग्रेस का मुकाबला कर सकते हैं। और हुआ भी यही देश में आम चुनाव हुए। कांग्रेस को बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा। और जनता दल ने देश में बहुमत हासिल किया। कई प्रदेशों में भी जनता दल को बहुमत मिला। जिसमें एक प्रदेश था उत्तर प्रदेश, उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव काफी समय से संघर्षरत थे लेकिन सफलता नहीं मिल रही थी। क्यों कि लोगों के मन में कांग्रेस पार्टी इस तरह से घर कर गई थी कि उसको निकालना बहुत ही मुश्किल था।<br />   </p>
<p>जब जनता दल को बहुमत मिला तो उत्तर प्रदेश की कमान मुलायम सिंह यादव को सौंपी गई और मुलायम सिंह यादव भी ऐसे कुशल राजनीतिज्ञ थे कि उन्होंने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा, पिछड़े वर्ग के साथ साथ उन्होंने मुस्लिम समुदाय को भी अपने साथ जोड़ने की कवायद शुरू कर दी। और मुस्लिम समाज मुलायम सिंह यादव से इतना प्रभावित हुआ कि वह आज तक मुलायम सिंह यादव की मृत्यु के बाद भी उनकी समाजवादी पार्टी से जुड़ा हुआ है। जब वीपी सिंह की मृत्यु के बाद विपक्ष फिर से छिन्न-भिन्न होने लगा। हालांकि उस समय कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश में अपना जनाधार खो चुकी थी।</p>
<p>और यही समय था कि भारतीय जनता पार्टी ने अपने आप को देश और प्रदेश में स्थापित करने के लिए अयोध्या के राम मंदिर का मुद्दा छेड़ दिया। इस मुद्दे ने स्वर्ण जातियों सहित तमाम पिछड़ी जातियों को भी भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में कर दिया। राम मंदिर मुद्दे ने हिंदू मुस्लिम को राजनीति में बांट दिया। मुस्लिम समाज ने मुलायम सिंह यादव पर विश्वास रखा जब कि भारतीय जनता पार्टी ने सभी सवर्ण वोट कांग्रेस से काटकर अपने पाले में कर लिया।</p>
<p>आज मुलायम सिंह यादव और उनकी समाजवादी पार्टी पर हिंदू विरोधी दल होने का टैग लगा दिया गया है। क्यों कि अयोध्या आंदोलन के दौरान जब कोई रास्ता नहीं दिखाई दे रहा था तब कानून व्यवस्था को सही करने के लिए मुलायम सिंह यादव ने कारसेवकों पर गोली चलाने का आदेश दिया था। और तभी से उत्तर प्रदेश का मुसलमान मुलायम सिंह यादव को अपना रहनुमा समझने लगा। और इसका फायदा भारतीय जनता पार्टी को यह मिला कि हिंदू वोट एक होने लगा। और धीरे धीरे पिछड़े और अगड़ों के बीच की राजनीति समाप्त होकर हिंदू और मुस्लिम के बीच में बंट गई।</p>
<p>कई पिछड़ी जातियों ने भी समाजवादी पार्टी का साथ छोड़ दिया। लेकिन यादव वर्ग मुलायम सिंह यादव के ही साथ रहा और मुलायम सिंह यादव मुस्लिम और यादवों की राजनीति करने लगे। इस बीच बहुजन समाज पार्टी जो अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्षरत थी उसने दलित और मुस्लिम कार्ड खेल दिया। इसका सीधा फायदा भारतीय जनता पार्टी को मिला क्यों कि मुस्लिम वोट बंटने लगा। मायावती दलित और मुस्लिम समाज का समीकरण बनाने लगीं और समाजवादी पार्टी ने यादवों और मुस्लिम का समीकरण बनाना शुरू कर दिया। इससे मुस्लिम मत बंट गया और भारतीय जनता पार्टी को बहुत ही अच्छी स्थिति में पहुंचा दिया।</p>
<p><strong>जितेन्द्र सिंह पत्रकार </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Apr 2024 17:55:00 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>यदुवंशी कल्याण ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने नेता जी को दिया श्रद्धांजलि  </title>
                                    <description><![CDATA[श्रद्धांजलि अर्पित करते पदाधिकारी ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/125165/the-office-bearers-of-yaduvanshi-welfare-trust-took-an-oath"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2022-10/img-20221017-wa0020.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><span style="vertical-align:inherit;"><span style="vertical-align:inherit;">प्रमोद रौनियार </span></span></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong><span style="vertical-align:inherit;"><span style="vertical-align:inherit;">कुशीनगर, उत्तर प्रदेश।</span></span></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="vertical-align:inherit;"><span style="vertical-align:inherit;">यदुवंशी कल्याण ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा अरूणेश यादव के निर्देश पर </span></span>समाज हित के लिए सदैव तत्पर रहने व सामाजिक संगठन के रूप मे कार्य करने वाले यदुवंशी कल्याण ट्रस्ट के संगठन पदाधिकारियों ने नोयडा सहित अलग-अलग जगह शोक श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर नेता जी को याद किया और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2022-10/img-20221017-wa00191.jpg" alt="IMG-20221017-WA0019"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="vertical-align:inherit;"><span style="vertical-align:inherit;">इसके साथ ही सभी पदाधिकारियों ने यह प्रण लिया कि समाज हित और उत्थान में सदैव तत्पर रहेंगे और समाज को शैक्षिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से सुदृढ़ करने का हर संभव प्रयास करेंगे इस अवसर पर यदुवंशी कल्याण ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा अरूणेश यादव ने नेता जी के जीवन संघर्ष पर प्रकाश डालते हुये कहा कि नेता जी समाज के गरीबो दलितों पिछड़ो अल्पसंख्यको के हक अधिकार दिलाने के लिये जीवन भर लड़ते रहे उनके जीवन का शिक्षक की भूमिका के साथ ही सड़क से सदन तक का लम्बा सफर हमें मार्गदर्शक बनेगा समाज के लिये लम्बे समय तक जेल में रहे डा लोहिया व महान समाजवादी जय प्रकाशनारायण डा अम्बेडकर के कांरवा को आगे बढ़ाते रहे।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="vertical-align:inherit;"><span style="vertical-align:inherit;"> इस अवसर पर डा सुबाष यादव डा हेमेन्द्र यादव सुरेश यादव राजकुमार यादव मधुर यादव अमित यादव सुशील यादव उत्तम चंद यादव गिरीश यादव राजेश यादव संजीव यादव अजय यादव उत्तम सिंह अशोक यादव सतेंन्द्र यादव प्रांशु यादव लालमणि यादव संदीप कुमार यादव सौरभ यादव सुरेन्द्रयादव आदि उपस्थित होकर श्रद्धांजलि अर्पित किया इस क्रम मे उत्तर प्रदेश बिहार दिल्ली महाराष्ट्र और देश के अन्य प्रदेशो मे श्रद्धांजलि सभा कर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया यह जानकारी यदुवंशी कल्याण ट्रस्ट के मिडिया प्रभारी भगवन्त यादव ने दी है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/125165/the-office-bearers-of-yaduvanshi-welfare-trust-took-an-oath</link>
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                <pubDate>Mon, 17 Oct 2022 13:10:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>मुलायम के आखिरी दर्शन को मोदी सैफई आएंगे, श्रद्धांजलि के बाद कल मेला ग्राउंड में अंतिम संस्कार</title>
                                    <description><![CDATA[सपा संस्थापक और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सैफई पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। पीएम मोदी मंगलवार की सुबह मुलायम का अंतिम दर्शन करने पहुंचेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/124994/modi-will-come-to-saifai-for-mulayams-last-darshan-after"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2022-10/सपा-संस्थापक-और-यूपी-के-पूर्व-मुख्यमंत्री-मुलायम-सिंह-यादव-को-प्रधानमंत्री-नरेंद्र.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p><br /><br /></p>
<p>सपा संस्थापक और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सैफई पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। पीएम मोदी मंगलवार की सुबह मुलायम का अंतिम दर्शन करने पहुंचेंगे। इसके बाद दोपहर तीन बजे मेला ग्राउंड में मुलायम का अंतिम संस्कार होगा। यह मैदान मुलायम सिंह की कोठी से लगभग 500 मीटर की दूरी पर है।</p>
<p>गुरुग्राम के मेंदाता अस्पताल में निधन के बाद सोमवार की शाम मुलायम का पार्थिव शरीर सैफई लाया गया। देर रात तक अपने नेता के अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा रहा। सीएम योगी भी सैफई कोठी पर पहुंचे और मुलायम सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। </p>
<p>गुजरात में भी अपने संबोधन से पहले याद किया</p>
<p>इससे पहले भरूच में भी पीएम मोदी ने मुलायम सिंह यादव को याद किया। कुछ परियोजनाओं के उद्घाटन और लोकार्पण के बाद जब संबोधन शुरू किया तो सबसे पहले मुलायम सिंह को याद किया। पीएम ने कहा, ''आज सुबह जब यहां आ रहा था तो एक दुखद खबर भी मिली। मुलायम सिंह यादव जी का निधन हो गया है। उनका जाना देश के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है। मुलायम सिंह जी के साथ मेरा नाता बड़ा विशेष प्रकार का रहा है। हम दोनों जब मुख्यमंत्री के तौर पर मिला करता था तो हमारे बीच एक अपनत्व का भाव था।''</p>
<p>पीएम मोदी ने उनसे मिले आशीर्वाद को याद करते हुए कहा, ''2014 में भाजपा ने जब मुझे प्रधानमंत्री पद के लिए आशीर्वाद दिया तो मैंने विपक्ष में भी जो लोग थे, उनसे कुछ महानुभावों से बात की थी। मुझे याद है कि उस दिन मुलायम सिंह जी का वह आशीर्वाद मुझे मिला था। सलाह के कुछ शब्द, वह मेरी आज भी अमानत हैं। मुलायम सिंह जी की विशेषता रही कि 2013 में उन्होंने मुझे जो आशीर्वाद दिया था, उसमें कभी भी उतार-चढ़ाव नहीं आने दिया था।''</p>
<p>पीएम ने कहा, ''घोर राजनीतिक विरोधी बातों के बीच भी 2019 के लोकसभा के आखिरी सत्र था, संसद के अंदर मुलायम सिंह जैसे वरिष्ठ नेता ने खड़े होकर जो बात बताई थी वह देश के किसी राजनीतिक कार्यकर्ता के जीवन में बहुत बड़ा आशीर्वाद होता है। उन्होंने बिना लाग लपेट के कहा था- मोदी जी सबको साथ लेकर चलते हैं, इसलिए मुझे पक्का विश्वास है कि 2019 में फिर से चुनकर देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। कितना बड़ा दिल होगा जो... मुझे जब तक जीवित रहे और जब भी मौका मिला उनका आशीर्वाद मिलता रहा। मैं गुजरात की इस धरती से मां नर्मदा के तट से उनको आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उनके परिवार, उनके समर्थकों को दुख सहने की शक्ति दे।''</p>
<p><br />मुलायम के पार्थिव शरीर को कोठी के बाहरी कक्ष में लोगों के दर्शनार्थ रखा गया है। मंगलवार सुबह 10 बजे पार्थिव शरीर को नुमाइश पंडाल में दर्शनार्थ रखा जाएगा। वहां दूर-दूर से आए लोग उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे। सैफई में भीड़ को देखते हुए भारी पुलिस फोर्स लगा दी गई है। </p>
<p>एडीजी, आईजी प्रशांत कुमार, कमिश्नर राजशेखर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। सैफई हवाई पट्टी से लेकर सैफई महोत्सव पंडाल तक को व्यवस्थाओं के लिए तैयार किया गया है। पैतृक आवास पर भी उनके पार्थिव शरीर को रखने व वीवीआईपी के दर्शन के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं। पीएम मोदी के आगमन को देखते हुए व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त की जा रही हैं। माना जा रहा है कि देर रात या अलसुबह एसपीजी की टीम भी पहुंच जाएगी और सुरक्षा व्यवस्था की कमान अपने हाथों में ले लेगी।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Oct 2022 23:30:28 +0530</pubDate>
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                <title>अमरोहा से भी रहा नेताजी मुलायम सिंह यादव का खास जुड़ाव</title>
                                    <description><![CDATA[मुलायम सिंह यादव जिला अमरोहा के गांव पपसरा निवासी स्वर्गीय चंद्रपाल सिंह के बेहद करीबी माने जाते हैं। सन् 1989 में मुलायम सिंह यादव पहली बार मुख्यमंत्री बने थे ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/124963/netaji-mulayam-singh-yadav-had-a-special-connection-with-amroha"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2022-10/अमरोहा-से-भी-रहा-नेताजी-मुलायम-सिंह-यादव-का-खास-जुड़ाव.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p>बीते सोमवार सुबह नेताजी और धरती पुत्र के नाम से जाने जाने वाले जननेता समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव का गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। इस गमगीन माहौल में हर कोई नेताजी से जुड़ी याद साझा कर रहा है। इसी कड़ी में अमरोहा से भी उनकी कई यादें जुड़ी हैं। </p>
<p>अमरोहा के गजरौला को एक गांव से नगरपालिका बनाने और औद्योगिक नगरी में तब्दील करने का श्रेय मुलायम सिंह यादव को ही जाता है। रमाशंकर कौशिक के निवेदन पर ही सन् 1980 के दशक में गजरौला को औद्योगिक नगरी घोषित किया गया था। सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के घनिष्ठ सहयोगी रहे स्वर्गीय रमाशंकर कौशिक प्रदेश स्तर की राजनीति में काफी समय तक एक प्रभावशाली भूमिका में रहे। इनके प्रयासों से यहां औद्योगिक इकाइयां लगती गईं। </p>
<p>मुलायम सिंह यादव जिला अमरोहा के गांव पपसरा निवासी स्वर्गीय चंद्रपाल सिंह के बेहद करीबी माने जाते हैं। सन् 1989 में मुलायम सिंह यादव पहली बार मुख्यमंत्री बने थे तो वह पूर्व कैबिनेट मंत्री चंद्रपाल सिंह से मिलने उनके गांव पपसरा पहुंचे थे। एक और किस्सा जब 2015 में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव की कुर्सी पर काबिज होने के लिए  कैबिनेट मंत्री महबूब अली और पूर्व कैबिनेट मंत्री चौधरी चंद्रपाल सिंह के बीच खींचतान चल रही थी </p>
<p>तब भी नेताजी ने महबूब अली की पत्नी सकीना बेगम का टिकट काटते हुए चंद्रपाल सिंह की पुत्रवधू रेनू चौधरी को सपा प्रत्याशी घोषित किया था। उस समय चंद्रपाल सिंह के साथ कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर, विधायक अशफाक अली और पूर्व सांसद देवेंद्र नागपाल समर्थन में थे। नेताजी के साथ उनके रिश्ते तबसे खास हुए जबसे 1989 में लोकदल से उन्हें अमरोहा लोकसभा सीट से टिकट नसीब नहीं हुआ, तब मुलायम सिंह यादव ने कांठ विधानसभा सीट से उन्हें टिकट दिलवाया जिसमें चंद्रपाल सिंह के जीते और नेताजी के पसंदीदा बन गए थे।</p>
<p>वहीं कई सरकारों के मंत्रालयों में अहम स्थान रखने वाला जनपद अमरोहा इस बार योगी सरकार 2.0 में अपना स्थान नहीं बना पाया लेकिन समाजवादी सरकार में अमरोहा का दबदबा सर्वाधिक कायम रहा। रमाशंकर कौशिक, चौधरी चंद्रपाल सिंह, महबूब अली के अलावा कमाल अख्तर आदि ने कई मंत्री पदों को सुशोभित किया। कमाल अख्तर की राजनीति में एंट्री खुद समाजवादी पार्टी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने ही कराई थी। मुलायम सिंह ने कमाल अख्तर को समाजवादी युवजन सभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर साल 2004 में सीधे राज्यसभा भेजा था। कमाल अख्तर के लिए यह उनकी कम उम्र में बड़ी उपलब्धि थी।</p>
<p><strong> (प्रत्यक्ष मिश्रा अमरोहा स्थित स्वतंत्र पत्रकार हैं। लेखक राजनीतिक मुद्दों पर लिखते हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Oct 2022 18:50:38 +0530</pubDate>
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