<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/69975/forest-department-negligence" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>Forest department negligence - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/69975/rss</link>
                <description>Forest department negligence RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मलिहाबाद में बेखौफ लकड़ी तस्कर: वन विभाग की नाक के नीचे उजड़ रही ग्रीन बेल्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div style="text-align:justify;">राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र में वन विभाग की कथित मिलीभगत से ग्रीन बेल्ट की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। क्षेत्र में प्रतिबंधित आम की लकड़ी का अवैध कटान धड़ल्ले से जारी है, जबकि प्रशासनिक सख्ती के दावे हवा साबित हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार मलिहाबाद वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की सांठगांठ से आम के बागों को अवैध तरीके से उजाड़ा जा रहा है। बीती रात पंचायत बिराहिमपुर में फलदार व छायादार हरे-भरे दूधाधारी पेड़ों पर मशीनें चला दी गईं और पूरी बाग को रातों-रात काटकर साफ कर दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260514-wa0016-(1).jpg" alt="मलिहाबाद में बेखौफ लकड़ी तस्कर: वन विभाग की नाक के नीचे उजड़ रही ग्रीन बेल्ट" width="1200" height="800" /></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">लकड़ियों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर ट्रैक्टर-ट्रॉली</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179277/fearless-wood-smugglers-in-malihabad-are-destroying-the-green-belt"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260514-wa0011-(1).jpg" alt=""></a><br /><div>
<div style="text-align:justify;">राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र में वन विभाग की कथित मिलीभगत से ग्रीन बेल्ट की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। क्षेत्र में प्रतिबंधित आम की लकड़ी का अवैध कटान धड़ल्ले से जारी है, जबकि प्रशासनिक सख्ती के दावे हवा साबित हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार मलिहाबाद वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की सांठगांठ से आम के बागों को अवैध तरीके से उजाड़ा जा रहा है। बीती रात पंचायत बिराहिमपुर में फलदार व छायादार हरे-भरे दूधाधारी पेड़ों पर मशीनें चला दी गईं और पूरी बाग को रातों-रात काटकर साफ कर दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260514-wa0016-(1).jpg" alt="मलिहाबाद में बेखौफ लकड़ी तस्कर: वन विभाग की नाक के नीचे उजड़ रही ग्रीन बेल्ट" width="1200" height="800"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लकड़ियों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर ट्रैक्टर-ट्रॉली से उठा ले जाया गया, वहीं पेड़ों के ठूंठों को जेसीबी से खोदकर खेत को जोत दिया गया ताकि अवैध कटान के निशान तक मिटाए जा सकें। गौरतलब है कि मलिहाबाद अपनी विश्व प्रसिद्ध आम की उपज के लिए देश-विदेश में पहचान रखता है, ऐसे में लगातार हो रहे बागों के विनाश से पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों में भारी रोष व्याप्त है।</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/179277/fearless-wood-smugglers-in-malihabad-are-destroying-the-green-belt</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/179277/fearless-wood-smugglers-in-malihabad-are-destroying-the-green-belt</guid>
                <pubDate>Thu, 14 May 2026 22:33:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260514-wa0011-%281%29.jpg"                         length="257164"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिले के चेरागी रेंज से खुलेआम बांस तस्करी, वन विभाग मौन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि :</strong> प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए वर्तमान सरकार ने वन विभाग के कर्मचारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में वन संरक्षण और सरकारी राजस्व संग्रह का कार्य किया जाना चाहिए, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। आरोप है कि संबंधित अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">विशेष रूप से सिंगला नदी मार्ग का उपयोग कर चेरागी रेंज क्षेत्र से खुलेआम बांस की तस्करी की जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, चेरागी, निविया और दुल्लभछड़ा के रास्ते यह बांस अन्य स्थानों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177080/forest-department-silent-on-bamboo-smuggling-openly-from-cheragi-range"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1001446409.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि :</strong> प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए वर्तमान सरकार ने वन विभाग के कर्मचारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में वन संरक्षण और सरकारी राजस्व संग्रह का कार्य किया जाना चाहिए, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। आरोप है कि संबंधित अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">विशेष रूप से सिंगला नदी मार्ग का उपयोग कर चेरागी रेंज क्षेत्र से खुलेआम बांस की तस्करी की जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, चेरागी, निविया और दुल्लभछड़ा के रास्ते यह बांस अन्य स्थानों पर भेजा जा रहा है। इसके बावजूद रेंजर सहित वन विभाग के अन्य अधिकारी इस मामले में मूक दर्शक बने हुए हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">चेरागी रेंज के अंतर्गत आने वाले संरक्षित वन क्षेत्रों से लगातार बांस काटकर नदी मार्ग से तस्करी की जा रही है। दिनदहाड़े इस तरह वन संपदा की लूट से यह अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं कि रात के अंधेरे में स्थिति और गंभीर हो सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वन माफियाओं के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण यह अवैध गतिविधि लगातार बढ़ रही है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">अधिकारियों की इस निष्क्रियता के चलते जहां एक ओर सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी ओर संरक्षित वन क्षेत्र की बहुमूल्य संपदा भी नष्ट हो रही है। यदि यही स्थिति जारी रही तो जल्द ही चेरागी क्षेत्र का बड़ा हिस्सा वनविहीन हो सकता है। इस संबंध में जागरूक नागरिकों ने श्रीभूमि जिले के प्रशासन और वन विभाग के उच्च अधिकारियों से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177080/forest-department-silent-on-bamboo-smuggling-openly-from-cheragi-range</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/177080/forest-department-silent-on-bamboo-smuggling-openly-from-cheragi-range</guid>
                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 19:18:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/1001446409.jpg"                         length="296997"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अवधी भाषा साहित्यिक संगोष्ठी व लोकार्पण समारोह आयोजित</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़। </strong>सृजना साहित्यिक संस्था उत्तर प्रदेश के तत्वावधान मे अवधी काव्य संग्रहों का लोकार्पण एवं अन्तर्राष्ट्रीय अवधी भाषा साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन न्यू एंजिल्स सीनियर सेकेन्डरी स्कूल के आडिटोरियम में हुआ।कार्यक्रम मे डॉ. दयाराम मौर्य रत्न द्वारा प्रणीत अवधी काव्य संग्रह आखर आखर सबद,वरिष्ठ कवि कुंजबिहारी काकाश्री विरचित अवधी काव्य संग्रह असल बाप तो हमही अही और श्रीनाथ सरस की पुस्तक शशि की कान्ति का लोकार्पण किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर अध्यक्षता करते हुए डॉ. एम गोविन्द राजन ने कहा कि आज अवधी वैश्विक स्तर अपना परचम लहरा रही है।मुख्य अतिथि डॉ. राम बहादुर मिश्र ने कहा कि अवधी आम</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176631/awadhi-language-literary-seminar-and-launch-ceremony-organized"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260419-wa0073.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़। </strong>सृजना साहित्यिक संस्था उत्तर प्रदेश के तत्वावधान मे अवधी काव्य संग्रहों का लोकार्पण एवं अन्तर्राष्ट्रीय अवधी भाषा साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन न्यू एंजिल्स सीनियर सेकेन्डरी स्कूल के आडिटोरियम में हुआ।कार्यक्रम मे डॉ. दयाराम मौर्य रत्न द्वारा प्रणीत अवधी काव्य संग्रह आखर आखर सबद,वरिष्ठ कवि कुंजबिहारी काकाश्री विरचित अवधी काव्य संग्रह असल बाप तो हमही अही और श्रीनाथ सरस की पुस्तक शशि की कान्ति का लोकार्पण किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर अध्यक्षता करते हुए डॉ. एम गोविन्द राजन ने कहा कि आज अवधी वैश्विक स्तर अपना परचम लहरा रही है।मुख्य अतिथि डॉ. राम बहादुर मिश्र ने कहा कि अवधी आम जनमानस की भाषा है।इसका साहित्य सर्वग्राह्य है।संपादक वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. दयाराम मौर्य 'रत्न' ने कहा कि अवधी लोकमानस और लोकचेतना की भाषा है।अति विशिष्ट अतिथि प्रदीप सारंग ने कहा कि अवधी मे अधिकाधिक लेखन आज समय की मांग है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अति विशिष्ट अतिथि डाॅ. नीरज शुक्ल ने कहा कि अवधी  साहित्य की पहुँच वर्तमान मे विश्व स्तर पर है।इस आयोजन मे शिक्षाविद् डॉ. शाहिदा,आचार्य अनीस देहाती,बेचन लाल विनोदी,लखन प्रतापगढ़ी,सुप्रिया पांडेय,राधेश्याम दीवाना, प्रेमकुमार त्रिपाठी प्रेम,कुंजबिहारी काकाश्री,श्रीनाथ सरस,अमरनाथ बेजोड़,यदुवंशी रसिकाचार्य आदि ने अवधी मे काव्यपाठ किया।कार्यक्रम का संचालन अनिल कुमार निलय ने किया।इस अवसर पर रोशन लाल ऊमरवैश्य,राजेश हर्षपुरी,राकेश कनौजिया,सुनील कुमार,विवेक कुमार आदि उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/176631/awadhi-language-literary-seminar-and-launch-ceremony-organized</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/176631/awadhi-language-literary-seminar-and-launch-ceremony-organized</guid>
                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 20:16:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/img-20260419-wa0073.jpg"                         length="145629"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरे भरे पेड़ों पर चला लकड़कट्टो का आरा </title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लखीमपुर खीरी-</strong> तहसील शारदा नगर वन रेंज उसिया वीट कलीकापुरवा में  सरकारी नाला के आध दर्जन जामुन व शीशम के हरे भरे पेड़  लकड़कट्टे द्वारा काटे जाने का मामला प्रकाश में आया है।पर्यावरण की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाले हरे भरे पेड़ पौधे तमाम कवायदों के बाद भी दिन प्रतिदिन कम होते जा रहे हैं।कारण लक़ड़कट्टा पुलिस व वन विभाग का गठजोड़ हावी है और विभागीय उदासीनता का परिणाम है कि हरे पेड़ों की बेखौफ कटाई की जा रही है। जितने पेड़ कट रहे उसकी तुलना में पौधारोपण व पेड़ों का संरक्षण नहीं हो रहा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश सरकार करोड़ों</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176625/wood-sawing-on-lush-green-trees"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/photo02........jpg" alt=""></a><br /><div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लखीमपुर खीरी-</strong> तहसील शारदा नगर वन रेंज उसिया वीट कलीकापुरवा में  सरकारी नाला के आध दर्जन जामुन व शीशम के हरे भरे पेड़  लकड़कट्टे द्वारा काटे जाने का मामला प्रकाश में आया है।पर्यावरण की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाले हरे भरे पेड़ पौधे तमाम कवायदों के बाद भी दिन प्रतिदिन कम होते जा रहे हैं।कारण लक़ड़कट्टा पुलिस व वन विभाग का गठजोड़ हावी है और विभागीय उदासीनता का परिणाम है कि हरे पेड़ों की बेखौफ कटाई की जा रही है। जितने पेड़ कट रहे उसकी तुलना में पौधारोपण व पेड़ों का संरक्षण नहीं हो रहा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश सरकार करोड़ों का बजट देकर हरे पेड़ों को लगाने और संरक्षित करने की पुरजोर कोशिश कर रही है।वहीं जनपद लखीमपुर खीरी  में शारदा नगर रेंज के वीट उसिया के गांव कलीकापुरवा में आधा दर्जन हरेभरे, पेड़ काट  डाले जा रहें हैं। हरे भरे जामुन व शीशम आदि प्रतिबंधित पेड़ों पर आरा चलाया जा रहा है इसके बावजूद  लकड़ी ठेकेदारों के खिलाफ   तहसील प्रशासन व वन विभाग शारदा नगर रेंज व पुलिस शारदा नगर  द्वारा कोई कार्रवाई नहीं होना चर्चा का विषय बना है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/176625/wood-sawing-on-lush-green-trees</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/176625/wood-sawing-on-lush-green-trees</guid>
                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 20:09:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo02........jpg"                         length="154941"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वन्य जीव संरक्षण की उड़ी धज्जियां 100 गिद्धों और 6 कुत्तों की संदिग्ध मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लखीमपुर खीरी-</strong> मामला बन रेंज  भीरा की वन बीट पड़रिया के अंतर्गत सिमरिया का प्रकाश में आया है जहां पर दिनांक 6/ 4/.2026 से दिनांक 7 4.2026 तक 6 कुत्तों और लगभग एक सैकड़ा विलुप्तप्राय प्रजाति के गिद्धों की मौत होने का मामला जन चर्चा का विषय बना है। एक तरफ जहां सरकार विलुप्त प्राय प्रजाति के पक्षियों गिद्धों को संरक्षण देने के लिए ठोस कदम उठा रही है और इनके संरक्षण के लिए अच्छा खासा बजट खर्च कर रही है ।लेकिन विभागीय जिम्मेदारों की लापरवाह रवैया के चलते सरकार की मनसा को ग्रहण लगता नजर आ रहा है। ताजा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175413/wildlife-conservation-flouted-suspicious-death-of-100-vultures-and-6"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/hindi-divas5.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लखीमपुर खीरी-</strong> मामला बन रेंज  भीरा की वन बीट पड़रिया के अंतर्गत सिमरिया का प्रकाश में आया है जहां पर दिनांक 6/ 4/.2026 से दिनांक 7 4.2026 तक 6 कुत्तों और लगभग एक सैकड़ा विलुप्तप्राय प्रजाति के गिद्धों की मौत होने का मामला जन चर्चा का विषय बना है। एक तरफ जहां सरकार विलुप्त प्राय प्रजाति के पक्षियों गिद्धों को संरक्षण देने के लिए ठोस कदम उठा रही है और इनके संरक्षण के लिए अच्छा खासा बजट खर्च कर रही है ।लेकिन विभागीय जिम्मेदारों की लापरवाह रवैया के चलते सरकार की मनसा को ग्रहण लगता नजर आ रहा है। ताजा मामला इस प्रकार बताया जाता है कि वन रेंज भीरा की वन बीट पड़रिया के गांव सिमरिया में एक बकरी को गत दिनों दिनांक 5 अप्रैल 2026 को कुत्तों ने  नोच डाला था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिससे उसकी मृत्यु हो गई थी। सूत्रों के बताएं अनुसार उसके बाद बकरी मालिक ने उक्त बकरी पर जहर डाल कर गांव के बाहर सुनसान जगह पर फेंक दिया, जिसको कुत्तों और गिद्धों ने खाना शुरू किया और जहर के चलते 6 कुत्तों की दिनांक 6/04/26 को ही मौत हो गई और दिनांक 0 7/4/26 से गिद्धों की भी मौत होने लगी लगभग एक सैकड़ा गिद्धों की मौत हो हो चुकी है। ऐसा लोगों का आरोप है मामले की सूचना ग्रामीणों ने वन रेंज भीरा और फॉरेस्ट गार्ड लतीफ खान को दी गई लेकिन काफी समय बाद यानी कि लगभग 2:00 बजे के कुछ  वाचर मौके पर गए और उसके बाद फॉरेस्ट गार्ड व अन्य जिम्मेदारों ने मौके पर जाकर गिद्धों को पिकअप में भरवा लिया और यह कहते हुए लेकर चले गए की रेंज ले जा रहे हैं ।और जैसा रेंजर साहब बताएंगे वैसा किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मजेदार बात तो यह है की लगभग 100 गिद्धों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद भी रेंजर साहब ने घटना स्थल पर जाना तक उचित नहीं समझा ।गिद्ध कैसे मरे और मत बकरी किसकी थी? कुत्तों और  मृत गिद्धों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा या नहीं ?ऐसे कई एक प्रश्न पैदा होते हैं जिनके उत्तर किसी भी विभागीय सक्षम अधिकारी के पास ढूंढे नहीं मिल पा रहे हैं ।देखना यह है क्या मृत सभी गिद्धों और कुत्तों का विभाग पोस्टमार्टम करवा कर मृत्यु का कारण जानने का प्रयास करेगा या फिर यूं ही किसी सुनसान जगह पर मृत कुत्तों और गिद्धों को दफन कर मामले को रफा दफा कर दिया जाएगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/175413/wildlife-conservation-flouted-suspicious-death-of-100-vultures-and-6</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/175413/wildlife-conservation-flouted-suspicious-death-of-100-vultures-and-6</guid>
                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 19:24:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/hindi-divas5.jpg"                         length="137237"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        