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                <title>clean energy initiative - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>clean energy initiative RSS Feed</description>
                
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                <title>जिलाधिकारी ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रगति की समीक्षा की</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी  मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में गुरूवार को संगम सभागार में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के सम्बंध में बैठक आयोजित की गयी तथा सभी सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में सौर ऊर्जा कनेक्शन के लिए प्राप्त आवेदन, स्वीकृत आवेदन एवं लम्बित आवेदन, डिस्कॉम, बैंक एवं वेण्डर्स द्वारा आवेदन निस्तारण एवं लम्बित आवेदनों की स्थिति, विद्युत विभाग के अन्तर्गत निरीक्षण हेतु लम्बित प्रकरण एवं पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजनान्तर्गत बैंक स्तर पर लोन निर्गत/पार्शियल पेमेण्ट सम्बंधित लम्बित प्रकरणों के बारे में विस्तार से समीक्षा की गयी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">          जिलाधिकारी ने पीओनेडा से पीएम</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उन्होंने</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181029/district-magistrate-reviewed-the-progress-of-pm-suryghar-free-electricity"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260611-wa0121.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी  मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में गुरूवार को संगम सभागार में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के सम्बंध में बैठक आयोजित की गयी तथा सभी सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में सौर ऊर्जा कनेक्शन के लिए प्राप्त आवेदन, स्वीकृत आवेदन एवं लम्बित आवेदन, डिस्कॉम, बैंक एवं वेण्डर्स द्वारा आवेदन निस्तारण एवं लम्बित आवेदनों की स्थिति, विद्युत विभाग के अन्तर्गत निरीक्षण हेतु लम्बित प्रकरण एवं पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजनान्तर्गत बैंक स्तर पर लोन निर्गत/पार्शियल पेमेण्ट सम्बंधित लम्बित प्रकरणों के बारे में विस्तार से समीक्षा की गयी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">     जिलाधिकारी ने पीओनेडा से पीएम सूर्यघर योजना के प्रगति के बारे में जानकारी लेते हुए निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित किये जाने के निर्देश सम्बंधित अधिकारियों को दिए है। उन्होंने पीओ नेडा से टॉप टेन पेण्डेंसी वाले वेण्डरों के विरूद्ध कार्रवाई हेतु शासन को पत्र प्रेषित करने के लिए कहा है। उन्होंने पीओ नेडा से सौर ऊर्जा कनेक्शन के लिए प्राप्त आवेदन, स्वीकृत आवेदन एवं लम्बित आवेदन की स्थिति की जानकारी ली, जिसपर बताया गया कि कुल 33995 आवेदन प्राप्त हुए है, जिनमें 33978 आवेदन स्वीकृत हुए है तथा 32823 आवेदन के लिए वेण्डर का सेलेक्शन हो चुका है, जिसमें से 19955 में इंस्टालेशन का कार्य पूर्ण हो चुका है। उन्होंने पीओ नेडा को विद्युत विभाग व बैंक के अधिकारियों एवं पीएम सूर्यघर योजना व क्लीन एनर्जी का वेण्डरों एवं लक्षित विभाग के साथ बैठक कर पेंडेसी को समाप्त करने और उपभोक्ताओं का चिन्हांकन करने के लिए कहा है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उन्होंने  कहा कि प्रत्येक वेण्डर को पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का जो लक्ष्य तय किया गया है, उस लक्ष्य के अनुसार हर घर में सोलर सिस्टम लगाने के लिए प्राथमिकता पर कार्यवाही करें।  विद्युत विभाग के सभी अधिकारियों को उनके स्तर पर पीएम सूर्यघर योजना से सम्बंधित लम्बित सभी पेण्डेंसी को अभियान चलाकर प्राथमिकता पर निस्तारित करते हुए ज्यादा से ज्यादा सोलर कनेक्शन कराये जाने के लिए कहा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> बैठक में उपस्थित एलडीएम से बैंक स्तर पर लम्बित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए जल्द से जल्द पेण्डेंसी को समाप्त कराने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्यघर योजना के वेण्डरों के द्वारा सोलर सिस्टम लगाये जाने में अच्छा काम करने वाले वेंडरों को प्रमोट करें।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित एडीओ पंचायतों से प्रत्येक विकास खण्ड में एक ग्राम का सोलर ग्राम के रूप में चयन करते हुए गांव के शत-प्रतिशत घरों में सोलर कनेक्शन कराये जाने के लिए कहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने सभी आवासों में पीएम सूर्यघर योजना के तहत सोलर सिस्टम लगाये जाने के लिए निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना फ्लैगशिप स्कीम है, जिसमें घरों में सोलर कनेक्शन लगाये जाने पर सरकार के द्वारा सब्सिडी प्रदान की जा रही है और सोलर कनेक्शन होने से विद्युत खपत में कमी आयेंगी तथा विद्युत बिल में बचत भी होगी, इसलिए सभी लोग इस योजना का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाये।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">     इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, जिला पंचायतराज अधिकारी रवि शंकर द्विवेदी, पीओ नेडा  कोमिल द्विवेदी, विद्युत विभाग के अधिकारी सहित अन्य सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 20:44:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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                <title>विश्व पर्यावरण दिवस पर बिहार का हरित संकल्प एक लाख पौधों से हरियाली की नई इबारत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बिहार ने पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राजधानी पटना के जेपी गंगा पथ पर एक लाख पौधारोपण अभियान की शुरुआत की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस अभियान का शुभारंभ करते हुए राज्य को हरित और पर्यावरण अनुकूल बनाने के संकल्प को दोहराया। यह पहल केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण सुरक्षित करने की व्यापक सोच का हिस्सा है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण औद्योगीकरण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच यह अभियान प्रकृति और विकास के बीच</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180752/bihars-green-resolution-on-world-environment-day-new-lesson-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बिहार ने पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राजधानी पटना के जेपी गंगा पथ पर एक लाख पौधारोपण अभियान की शुरुआत की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस अभियान का शुभारंभ करते हुए राज्य को हरित और पर्यावरण अनुकूल बनाने के संकल्प को दोहराया। यह पहल केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण सुरक्षित करने की व्यापक सोच का हिस्सा है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण औद्योगीकरण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच यह अभियान प्रकृति और विकास के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास भी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विश्व पर्यावरण दिवस का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाना और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रेरित करना है। बिहार सरकार ने इस अवसर को जनभागीदारी से जोड़ते हुए इसे एक जन आंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया है। जेपी गंगा पथ पर लगाए जा रहे पौधे भविष्य में न केवल हरियाली बढ़ाएंगे बल्कि वायु प्रदूषण को कम करने और ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी माता के सम्मान में अथवा उनकी स्मृति में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल भी करें। उनका यह संदेश पर्यावरण संरक्षण को भावनात्मक और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास था जिससे अधिक से अधिक लोग इस अभियान का हिस्सा बन सकें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण श्रम एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के जागरूकता वाहनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। ये वाहन राज्य के विभिन्न जिलों में जाकर लोगों को पौधारोपण जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक करेंगे। पर्यावरण संबंधी चुनौतियों का समाधान केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है बल्कि इसके लिए जनजागरूकता और सामूहिक भागीदारी आवश्यक है। ऐसे में जागरूकता अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बिहार में हरित विकास की दिशा में पिछले दो दशकों में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2005 से अब तक राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के कार्यकाल में 43 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। यह संख्या बिहार के पर्यावरणीय प्रयासों की गंभीरता और व्यापकता को दर्शाती है। इन पौधारोपण अभियानों का परिणाम यह हुआ है कि राज्य के वन क्षेत्र और हरित आवरण में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। हरित क्षेत्र बढ़ने से जैव विविधता को संरक्षण मिला है और पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने में सहायता मिली है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जलवायु परिवर्तन आज पूरी दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। तापमान में वृद्धि अनियमित वर्षा सूखा बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाएं इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। बिहार भी इन चुनौतियों से अछूता नहीं है। राज्य को हर वर्ष बाढ़ और कई क्षेत्रों में जल संकट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में बड़े पैमाने पर पौधारोपण पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने का प्रभावी उपाय माना जाता है। वृक्ष वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर ऑक्सीजन प्रदान करते हैं तथा तापमान नियंत्रण में भी सहायता करते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान कृषि और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पांच पर्यावरणविदों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन लोगों के प्रयासों की सराहना है जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण को अपना जीवन लक्ष्य बनाया है। ऐसे व्यक्तियों को सम्मानित करने से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और अन्य लोगों को भी प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरणा मिलती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पर्यावरण संरक्षण के साथ ही बिहार सरकार स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए दी जा रही अनुदान योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदने पर 12 हजार रुपए और चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर एक लाख रुपए तक की सहायता प्रदान की जा रही है। इससे न केवल लोगों को आर्थिक लाभ मिलेगा बल्कि पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता भी कम होगी। इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से वायु प्रदूषण में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को नई गति मिलेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में बिहार सरकार प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को भी तेजी से लागू कर रही है। पहले चरण में पांच लाख घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार प्रति संयंत्र 33 हजार रुपए की सहायता प्रदान करेगी जबकि शेष राशि राज्य सरकार वहन करेगी। आने वाले दो वर्षों में 50 लाख परिवारों तक सौर ऊर्जा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। यह पहल ऊर्जा आत्मनिर्भरता के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सौर ऊर्जा का विस्तार जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता को कम करेगा और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देगा। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी तथा जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने में मदद मिलेगी। सरकार की योजना के अनुसार जिन घरों में आवश्यकता से अधिक बिजली का उत्पादन होगा वहां से राज्य सरकार अतिरिक्त बिजली खरीदेगी और उसकी राशि सीधे उपभोक्ताओं के खाते में जमा करेगी। इससे लोगों को आर्थिक लाभ भी मिलेगा और स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहन भी मिलेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज पर्यावरण संरक्षण केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि मानव अस्तित्व से जुड़ा प्रश्न बन चुका है। बढ़ता प्रदूषण घटते वन क्षेत्र और प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन भविष्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर रहा है। ऐसे समय में बिहार का यह हरित संकल्प अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करता है। एक लाख पौधों का यह अभियान केवल संख्या का लक्ष्य नहीं बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का प्रतीक है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का संकल्प ले तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन संभव है। वृक्ष केवल हरियाली नहीं देते बल्कि जीवन देते हैं। वे वायु को शुद्ध करते हैं जल संरक्षण में मदद करते हैं और जैव विविधता को सुरक्षित रखते हैं। इसलिए पौधारोपण को केवल एक दिन का कार्यक्रम न मानकर जीवन का स्थायी हिस्सा बनाना होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विश्व पर्यावरण दिवस पर बिहार द्वारा लिया गया यह हरित संकल्प पर्यावरण संरक्षण के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पौधारोपण स्वच्छ ऊर्जा और जनजागरूकता को साथ लेकर चलने वाली यह पहल विकास और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त करती है। आने वाले वर्षों में यदि यह अभियान जन आंदोलन का रूप लेता है तो बिहार न केवल हरित राज्य के रूप में अपनी पहचान मजबूत करेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण के राष्ट्रीय प्रयासों में भी अग्रणी भूमिका निभाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 18:49:45 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>गेल के माध्यम से कई जिलों को पीएनजी से जोड़ा जाए</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत सरकार के सबसे बड़े उपक्रम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गेल इंडिया लिमिटेड द्वारा एक अनुमान के तहत देश में </span>16,000 <span lang="hi" xml:lang="hi">किलोमीटर से अधिक गैस पाइपलाइन नेटवर्क का संचालन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गेल द्वारा </span>2,000 <span lang="hi" xml:lang="hi">किलोमीटर से अधिक एलपीजी गैस पाइपलाइन का भी संचालन किया जाता है। गेल इंडिया लिमिटेड के माध्यम से देश के </span>22 <span lang="hi" xml:lang="hi">राज्यों के लगभग </span>90 <span lang="hi" xml:lang="hi">से अधिक जिलों में गैस पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके जरिए सीएनजी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एलपीजी तथा कुछ जिलों में पीएनजी गैस की आपूर्ति भी की जा रही है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यदि भारत सरकार अपने इस प्रमुख प्राकृतिक गैस उपक्रम के</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175389/many-districts-should-be-connected-to-png-through-gail"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/hindi-divas5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत सरकार के सबसे बड़े उपक्रम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गेल इंडिया लिमिटेड द्वारा एक अनुमान के तहत देश में </span>16,000 <span lang="hi" xml:lang="hi">किलोमीटर से अधिक गैस पाइपलाइन नेटवर्क का संचालन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गेल द्वारा </span>2,000 <span lang="hi" xml:lang="hi">किलोमीटर से अधिक एलपीजी गैस पाइपलाइन का भी संचालन किया जाता है। गेल इंडिया लिमिटेड के माध्यम से देश के </span>22 <span lang="hi" xml:lang="hi">राज्यों के लगभग </span>90 <span lang="hi" xml:lang="hi">से अधिक जिलों में गैस पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके जरिए सीएनजी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एलपीजी तथा कुछ जिलों में पीएनजी गैस की आपूर्ति भी की जा रही है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यदि भारत सरकार अपने इस प्रमुख प्राकृतिक गैस उपक्रम के सहयोग से उन राज्यों के जिलों में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां से गैस पाइपलाइन गुजरती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राज्य सरकारों के साथ समन्वय स्थापित कर जिला एवं तहसील मुख्यालयों को पाइपयुक्त प्राकृतिक गैस (पीएनजी) से जोड़ने की दिशा में ठोस पहल करे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो आमजन को गैस सिलेंडर के झंझट से काफी हद तक मुक्ति मिल सकती है। निस्संदेह</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पीएनजी गैस एलपीजी की तुलना में अधिक सुरक्षित है और इससे प्रत्येक घर की रसोई में चौबीसों घंटे गैस की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकती है। साथ ही उपभोक्ताओं को उनकी वास्तविक खपत के अनुसार ही भुगतान करना होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो इसे और अधिक सुविधाजनक बनाता है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">   वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में ऊर्जा संकट की स्थिति बनती दिखाई दे रही है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के चलते विश्व स्तर पर तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका असर भारत सहित अन्य देशों पर भी स्पष्ट रूप से महसूस किया जा रहा है। ऐसे समय में भारत सरकार यदि उन राज्यों और जिलों में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां से गैस पाइपलाइन गुजरती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पीएनजी कनेक्शन के विस्तार की योजना को प्राथमिकता देते हुए उसे क्रियान्वित करती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो इससे देश पर गैस आपूर्ति का दबाव कुछ हद तक कम किया जा सकता है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">राज्य सरकारों को भी चाहिए कि वे अपने-अपने राज्यों में गैस आपूर्ति को सुदृढ़ बनाने के लिए पीएनजी परियोजनाओं को प्राथमिकता दें और उन्हें शीघ्रता से लागू करें। यह न केवल नागरिकों के जीवन को सुगम बनाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि ऊर्जा के सुरक्षित</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुलभ और सतत उपयोग को भी सुनिश्चित करेगा।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"><strong>                                                                                                अरविंद रावल</strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 18:07:56 +0530</pubDate>
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