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                <title>cbi investigation demand - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>cbi investigation demand RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>&quot;CCTV बंद करके खोले जाते हैं गुल्लक...&quot;; फलाहारी महाराज ने CM योगी को खून से लिखा खत, मंदिर प्रबंधन कमेटी पर लगाये गंभीर आरोप।</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</span></strong></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा प्रकरण में जांच के बाद मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर के चढ़ावे को लेकर सीबीआई जांच की मांग उठने लगी है. श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास समिति अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने बुधवार को खून से पत्र लिखकर मुख्यमंत्री से सीबीआई जांच की मांग की है. इस दौरान उन्होंने गंभीर आरोप लगाए हैं.</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास समिति अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने बुधवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खून से पत्र लिखा है. उन्होंने मंदिर प्रबंधन कमेटी पर गंभीर आरोप लगाये हैं.</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181542/gullaks-are-opened-after-closing-cctv-falahari-maharaj-wrote-a"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas9.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</span></strong></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा प्रकरण में जांच के बाद मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर के चढ़ावे को लेकर सीबीआई जांच की मांग उठने लगी है. श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास समिति अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने बुधवार को खून से पत्र लिखकर मुख्यमंत्री से सीबीआई जांच की मांग की है. इस दौरान उन्होंने गंभीर आरोप लगाए हैं.</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास समिति अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने बुधवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खून से पत्र लिखा है. उन्होंने मंदिर प्रबंधन कमेटी पर गंभीर आरोप लगाये हैं.</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दाने के रुपये</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चढ़ावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आभूषणों को सीसीटीवी कैमरे बंद करके प्रबंधन कमेटी वाले लोग बंदरबांट करके करोड़ों की गाड़ियों और कोठियों में प्रस्थान कर गये हैं.</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने आरोप लगाया कि जो प्रबंधन कमेटी वाले पहले स्कूटर पर आते थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आज करोड़ों की गाड़ियों में चलते हैं. करोड़ों के बंगला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोठी और फाॅर्म हाउस हैं. उनका आरोप है कि उत्तर प्रदेश ही नहीं उत्तराखंड में भी इन लोगों ने जमीनें खरीदी हैं.</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा कि श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे की जांच होनी चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अगर ऐसा नहीं किया गया तो वह प्रयागराज हाईकोर्ट में एक प्रार्थना पत्र देकर अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे.</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने आरोप लगाया कि जिस समय गुल्लक खुलता है वहां के सीसीटीवी कैमरे भी बंद कर दिए जाते हैं. उन्होंने कहा कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था से खिलवाड़ हो रहा है. यह बहुत ही दुखद है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इस प्रबंधन को अपने हाथ में ले लें.</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जन्मभूमि सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने इस प्रकरण में कुछ भी बोलने से मना कर दिया और कहा मंदिर में जो चढ़ावा आता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसका लिखित में लेखा-जोखा दर्ज किया जाता है. इन लोगों की बातें निराधार हैं.</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 14:02:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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                <title>दिल्ली हाई कोर्ट ने भारतीय सेना में भ्रष्टाचार के आरोपों पर याचिका</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>दिल्ली हाई कोर्ट ने हाल ही में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई), केंद्र सरकार और भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) को एक नोटिस जारी किया है। यह नोटिस एक सेना अधिकारी द्वारा दायर याचिका पर दिया गया है, जिसमें भारतीय सेना में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की मांग की गई है। जस्टिस प्रतीक जालान ने अधिकारियों को चार हफ़्तों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा और मामले की अगली सुनवाई 19 मई को तय की।</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट लेफ्टिनेंट कर्नल सुमित श्योराण की याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उन्होंने भारतीय सेना के अधिकारियों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175052/delhi-high-court-hears-petition-on-allegations-of-corruption-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/images-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>दिल्ली हाई कोर्ट ने हाल ही में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई), केंद्र सरकार और भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) को एक नोटिस जारी किया है। यह नोटिस एक सेना अधिकारी द्वारा दायर याचिका पर दिया गया है, जिसमें भारतीय सेना में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की मांग की गई है। जस्टिस प्रतीक जालान ने अधिकारियों को चार हफ़्तों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा और मामले की अगली सुनवाई 19 मई को तय की।</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट लेफ्टिनेंट कर्नल सुमित श्योराण की याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उन्होंने भारतीय सेना के अधिकारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की कोर्ट की निगरानी में CBI जांच की मांग की थी।उन्होंने दलील दी कि नई दिल्ली में तैनाती के दौरान, उन्होंने 'एनुअल कंटिंजेंट ग्रांट' (ACG) के तहत होने वाली खरीद में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का पर्दाफ़ाश किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">याचिका के अनुसार, खरीद प्रक्रियाओं में हेरफेर, झूठे रिकॉर्ड बनाने और सरकारी संपत्ति का गलत इस्तेमाल करके सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किया गया। सार्वजनिक पैसे से खरीदी गई वस्तुओं को कथित तौर पर अधिकारियों के 'मेस' (भोजनालय) की संपत्ति के रूप में दिखाया गया, जबकि जांच से बचने के लिए खरीद की सीमाओं को जानबूझकर कई हिस्सों में बांट दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">याचिका में कहा गया, "अपने कर्तव्य का पालन करते हुए, याचिकाकर्ता ने 06.09.2024 से शुरू होकर कई शिकायतें दर्ज कराईं। इन शिकायतों के साथ दस्तावेजी सबूत भी दिए गए थे और इनमें विशिष्ट अधिकारियों की भूमिका को स्पष्ट रूप से बताया गया था। आरोपों की गंभीरता के बावजूद, किसी भी अधिकारी द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे अपराध जारी रहे और सबूतों को नष्ट करने का मौका मिल गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा, उन्होंने दावा किया कि उनके कंप्यूटर सिस्टम को बिना किसी अनुमति के एक्सेस किया गया था, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह एक सुनियोजित साइबर घुसपैठ थी। श्योराण ने बताया कि उन्होंने जनवरी 2025 में सीबीआई  को एक विस्तृत शिकायत भेजी थी, लेकिन कोई FIR दर्ज नहीं की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायतें दर्ज कराने के बाद उन्हें बदले की भावना से की गई कार्रवाई का सामना करना पड़ा। इसमें उनकी 'परफॉर्मेंस रिपोर्ट' में नकारात्मक टिप्पणियां दर्ज करना और उनका नागपुर तबादला कर देना शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 21:01:13 +0530</pubDate>
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