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                <title>congress bjp controversy - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>congress bjp controversy RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पवन खेड़ा जेल जाने से बचे, एक हफ्ते की अग्रिम जमानत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">असम के मुख्यमंत्री की पत्नी के ‘पासपोर्ट’ वाले विवाद में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को बड़ी राहत मिली है. तेलंगाना हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के मामले में एक हफ्ते की अग्रिम जमानत दी है. पवन खेड़ा की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी थी. आदेश सुनाते हुए जस्टिस के सुजना ने कहा, ‘याचिकाकर्ता को संबंधित अदालत में आवेदन दाखिल करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया जाता है, याचिकाकर्ता को एक हफ्ते के लिए शर्तों के साथ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175797/pawan-kheda-gets-one-week-anticipatory-bail-to-save-himself"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/images-(2)2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">असम के मुख्यमंत्री की पत्नी के ‘पासपोर्ट’ वाले विवाद में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को बड़ी राहत मिली है. तेलंगाना हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के मामले में एक हफ्ते की अग्रिम जमानत दी है. पवन खेड़ा की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी थी. आदेश सुनाते हुए जस्टिस के सुजना ने कहा, ‘याचिकाकर्ता को संबंधित अदालत में आवेदन दाखिल करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया जाता है, याचिकाकर्ता को एक हफ्ते के लिए शर्तों के साथ राहत दी जाती है.’</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, अग्रिम जमानत की याचिका तेलंगाना के हैदराबाद में दाखिल की गई थी, जहां पवन खेड़ा का निवास है. इससे पहले तेलंगाना हाई कोर्ट ने गुरुवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की उस याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था. इसमें उन्होंने असम पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दर्ज मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा की मांग की थी. यह मामला मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा के खिलाफ कथित तौर पर मानहानिकारक और दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाने के लिए दर्ज किया गया था.</p>
<p style="text-align:justify;">पवन खेड़ा ने असम की अदालतों में जाने के लिए ट्रांजिट अग्रिम जमानत मांगी थी. जस्टिस के सुजाना ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा था. आज इस पर फैसला सुनाया गया. पवन खेड़ा की ओर से पेश वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत में दलील दी कि असम पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में राजनीतिक बदले की बू आती है.</p>
<p style="text-align:justify;">असम पुलिस की ओर से पेश होते हुए असम के एडवोकेट जनरल देवजीत सैकिया ने हैदराबाद में अग्रिम जमानत याचिका की स्वीकार्यता को चुनौती दी थी. उन्होंने दलील दी कि दिल्ली के निवासी खेड़ा ने ऐसा कोई कारण नहीं बताया है कि वे असम में याचिका क्यों दायर नहीं कर सकते.</p>
<p style="text-align:justify;">असम पुलिस ने पवन खेड़ा के खिलाफ मानहानि, जालसाजी और आपराधिक साजिश के कथित मामले में केस दर्ज किया है. उनके खिलाफ यह केस तब दर्ज किया गया, जब उन्होंने दावा किया कि रिंकी भुइयां के पास कई विदेशी पासपोर्ट और विदेशों में अघोषित संपत्तियां हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">असम पुलिस की एक टीम ने मंगलवार को दिल्ली स्थित पवन खेड़ा के घर पहुंची थी.  हालांकि, उस वक्त खेड़ा वहां मौजूद नहीं थे. पुलिस ने पवन खेड़ा के घर के बाहर बैरिकेड लगाए और हैदराबाद में उनकी पत्नी नीलिमा के घर के बाहर भी सुरक्षा तैनात की.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 22:54:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मधु किश्वर का पीएम पर फिर हमला- उस फाइल में मोदी के खिलाफ क्या था, अफसर कौन था</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>बीजेपी और मोदी समर्थक मानुषी पत्रिका की संस्थापक संपादक प्रो. मधु किश्वर ने प्रधानमंत्री पर गुरुवार 2 अप्रैल को फिर हमला बोला है। इस बार उन्होंने मोदी से जुड़ी गोपनीय फाइल और एक आला अफसर का जिक्र किया है। पिछली बार महिलाओं को लेकर बोला था।</p>
<p style="text-align:justify;">मधु किश्वर ने गुरुवार को एक्स पर एक लंबे ट्वीट में लिखा है- यह चौंकाने वाली जानकारी मुझे एक ऐसे व्यक्ति से मिली है, जिसके पास प्रधानमंत्री के बारे में अंदरूनी सूचनाओं का अच्छा-खासा भंडार है। मूल तथ्यों की पुष्टि कोई भी व्यक्ति साधारण गूगल सर्च के जरिए कर सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175045/madhu-kishwar-attacks-pm-again-what-was-there-against"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/44.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>बीजेपी और मोदी समर्थक मानुषी पत्रिका की संस्थापक संपादक प्रो. मधु किश्वर ने प्रधानमंत्री पर गुरुवार 2 अप्रैल को फिर हमला बोला है। इस बार उन्होंने मोदी से जुड़ी गोपनीय फाइल और एक आला अफसर का जिक्र किया है। पिछली बार महिलाओं को लेकर बोला था।</p>
<p style="text-align:justify;">मधु किश्वर ने गुरुवार को एक्स पर एक लंबे ट्वीट में लिखा है- यह चौंकाने वाली जानकारी मुझे एक ऐसे व्यक्ति से मिली है, जिसके पास प्रधानमंत्री के बारे में अंदरूनी सूचनाओं का अच्छा-खासा भंडार है। मूल तथ्यों की पुष्टि कोई भी व्यक्ति साधारण गूगल सर्च के जरिए कर सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिस दिन नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली, उसी दिन मनमोहन सिंह के 2011 से कैबिनेट सचिव रहे अजीत कुमार सेठ उनसे मिलने पहुंचे। उनके पास एक मोटी फाइल थी और उन्होंने कहा, “डॉ. साहब (मनमोहन) ने सुझाव दिया है कि आप इस फाइल को ध्यान से देखें।”</p>
<p style="text-align:justify;">मधु किश्वर आगे लिखती हैं कि मोदी जी ने जैसे ही फाइल के पन्ने पलटने शुरू किए, उनका चेहरा फीका पड़ गया, क्योंकि उस फाइल में उनके खिलाफ कई आपत्तिजनक जानकारियां थीं। घबराए हुए मोदी ने सेठ से पूछा, “यह आपके पास कैसे पहुंची?” सेठ ने शांत स्वर में जवाब दिया, “कैबिनेट सचिव होने के नाते, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की सभी महत्वपूर्ण फाइलें मेरे पास आती हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">मोदी जी ने चुपचाप फाइल लौटा दी और संकेत समझ गए। इसके बाद अजीत कुमार सेठ को न सिर्फ कार्यकाल विस्तार दिया गया, बल्कि उन्हें मोदी जी का ही कैबिनेट सचिव नियुक्त कर दिया गया। मधु के मुताबिक इसका मतलब यह हुआ कि मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री कार्यालय की गतिविधियों और निर्णयों तक पहुंच बनी रही।</p>
<p style="text-align:justify;">मधु किश्वर का ट्वीट में कहना है कि अजीत कुमार सेठ को 2014 में विस्तार दिया गया और वे जून 2015 तक इस पद पर रहे। क्या आपने दुनिया में कहीं सुना है कि कोई प्रधानमंत्री अपने कट्टर विरोधी के सबसे भरोसेमंद वरिष्ठ अधिकारी को अपने ही पीएमओ का प्रमुख नियुक्त करे? रिटायरमेंट के बाद भी सेठ को एक और पुरस्कार के रूप में सार्वजनिक उपक्रम चयन बोर्ड (PESB) का अध्यक्ष बना दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">एक्टिविस्ट मधु किश्वर ने उसी ट्वीट में लिखा है कि यह संभवतः इस बात से समझा सकता है कि तमाम तीखी बयानबाजी के बावजूद, तथाकथित “56 इंच की छाती” वाले नेता ने सोनिया गांधी, रॉबर्ट वाड्रा, चिदंबरम और अन्य लोगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई करने की हिम्मत क्यों नहीं दिखाई। जबकि वे खुद उन पर विदेशी खातों और अन्य आरोप लगाते रहे हैं। यह सिर्फ सोनिया गांधी ही नहीं हैं, बल्कि भारत और विदेशों में कई अन्य लोग भी हैं जिनके पास “महामानव” के कथित काले कारनामों की जानकारी है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>मोदी के 56 इंच सीने का मज़ाक</strong></p>
<p style="text-align:justify;"> ट्वीट में मधु लिखती हैं- इसी वजह से मोदी जी को भारत के सबसे असुरक्षित राजनेताओं में से एक बताया जाता है, और यही कारण है कि वे बड़े-बड़े दावे और आक्रामक बयानबाजी करते नजर आते हैं। भारत और दुनिया में भ्रष्ट राजनेताओं की कमी नहीं है, लेकिन खुद को संत की छवि में पेश करने की इतनी कोशिश शायद ही किसी ने की हो, जितनी “56 इंच” वाले नेता करते हैं। जनता को संबोधित करते समय उनकी आवाज में लगातार उत्तेजना और खुद को निस्वार्थ महात्मा के रूप में प्रस्तुत करने का दिखावा इसी का हिस्सा बताया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी वजह से मोदी जी को भारत के सबसे असुरक्षित राजनेताओं में से एक बताया जाता है, और यही कारण है कि वे बड़े-बड़े दावे और आक्रामक बयानबाजी करते नजर आते हैं। भारत और दुनिया में भ्रष्ट राजनेताओं की कमी नहीं है, लेकिन खुद को संत की छवि में पेश करने की इतनी कोशिश शायद ही किसी ने की हो, जितनी “56 इंच” वाले नेता करते हैं। जनता को संबोधित करते समय उनकी आवाज में लगातार उत्तेजना और खुद को निस्वार्थ महात्मा के रूप में प्रस्तुत करने का दिखावा इसी का हिस्सा बताया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मधु किश्वर ने इसी बात का विस्तार करते हुए लिखा है- “रिकॉर्ड के लिए, 2014 के चुनाव अभियान के दौरान जब मोदी जी ने पहली बार “56 इंच की छाती” का जिक्र किया, तो मैंने व्यक्तिगत रूप से उनसे कहा था, “नरेंद्र भाई, ऐसा मत कहिए, यह अशोभनीय लगता है।”</p>
<p style="text-align:justify;">इस पर उनका जवाब था, “आम जनता को यह पसंद है, मधु जी। केवल आप जैसे बुद्धिजीवी ही परिष्कृत भाषण चाहते हैं।” अब, मोदी जी के समर्थकों से सवाल है कि वे अपने “हृदय सम्राट” से पूछें कि उन्होंने मनमोहन सिंह के कैबिनेट सचिव को अपने ही पीएमओ का शीर्ष अधिकारी क्यों नियुक्त किया? और जितना आप झूठे और अशोभनीय आरोपों से उकसाएंगे, उतनी ही और जानकारियां सामने आएंगी, जो आपके “हृदय सम्राट” को उजागर करेंगी। यानी मधु किश्वर ने भविष्य में और भी खुलासे की चेतावनी भी लगे हाथ दे दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 20:52:05 +0530</pubDate>
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