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                <title>forest department action - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>forest department action RSS Feed</description>
                
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                <title>प्रतिबंधित पेड़ो पर आरा चला रहे है लकड़कट्टे</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सकरन:</strong> थाना सकरन क्षेत्र के गांव में लकड़कट्टों ने प्रतिबंधित जामुन के पेड़ों की निर्भीक अवैध कटाई कर दी है। सरे आम हो रही इस कटाई से स्थानीय पर्यावरण को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।  बड़े जामुन के पेड़ को हाल ही में आरा चलाकर काट दिया गया है।  जामुन के पेड़ वन विभाग के नियमों के तहत संरक्षित श्रेणी में आते हैं। इनकी कटाई के लिए वन विभाग की लिखित अनुमति अनिवार्य है, लेकिन थाना सकरन क्षेत्र के गांव में लकड़कट्टे बिना किसी डर के खुले आम इन पेड़ों को काट रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय सूत्रों के अनुसार यह</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180344/woodcutters-are-running-saws-on-banned-trees"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/17209.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सकरन:</strong> थाना सकरन क्षेत्र के गांव में लकड़कट्टों ने प्रतिबंधित जामुन के पेड़ों की निर्भीक अवैध कटाई कर दी है। सरे आम हो रही इस कटाई से स्थानीय पर्यावरण को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।  बड़े जामुन के पेड़ को हाल ही में आरा चलाकर काट दिया गया है।  जामुन के पेड़ वन विभाग के नियमों के तहत संरक्षित श्रेणी में आते हैं। इनकी कटाई के लिए वन विभाग की लिखित अनुमति अनिवार्य है, लेकिन थाना सकरन क्षेत्र के गांव में लकड़कट्टे बिना किसी डर के खुले आम इन पेड़ों को काट रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय सूत्रों के अनुसार यह कोई पहली घटना नहीं है। क्षेत्र में पिछले कई दिनों से ऐसी अवैध कटाई लगातार जारी है।वन विभाग और पुलिस प्रशासन की उदासीनता से अवैध लकड़कट्टों का हौसला बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि समय रहते रोकथाम नहीं की गई तो पूरे क्षेत्र के जंगल साफ हो जाएंगे। जामुन के पेड़ केवल फल देने वाले ही नहीं, बल्कि मिट्टी के कटाव को रोकने, भूमिगत जल स्तर बनाए रखने और जैव विविधता को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बड़े पैमाने पर इनकी कटाई से क्षेत्र में पर्यावरणीय असंतुलन, जल संकट और जैव विविधता के नुकसान की आशंका बढ़ती है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तुरंत संज्ञान लेने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।अब देखना यह है कि वन विभाग और थाना सकरन पुलिस इस पर्यावरणीय अपराध पर कितनी तेजी से कार्रवाई करती है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 22:34:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मऊ गांव में हंसवा ड्रेन की पटरी पर खड़े बेशकीमती सरकारी पेड़ों पर वन माफियाओं ने चलाया आरा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज/रायबरेली:</strong> क्षेत्र के मोतीगंज मजरे मऊ गांव में हंसवा ड्रेन की पटरी पर खड़े बेशकीमती सरकारी पेड़ों की अवैध कटान का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ड्रेन खुदाई कार्य की आड़ में सक्रिय वन माफियाओं ने शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात दर्जनों हरे-भरे पेड़ों पर आरा चलाकर उन्हें ठिकाने लगा दिया। सूचना मिलते ही हरकत में आए वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर करीब 45 कुंतल लकड़ी (मोटा बोटा) बरामद कर कब्जे में ले लिया है, जबकि बड़ी मात्रा में लकड़ी पहले ही खपाई जा चुकी है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि, ग्रामीणों के अनुसार, हंसवा ड्रेन के किनारे वर्षों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175888/forest-mafias-used-saw-on-precious-government-trees-standing-on"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260412-wa0379.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज/रायबरेली:</strong> क्षेत्र के मोतीगंज मजरे मऊ गांव में हंसवा ड्रेन की पटरी पर खड़े बेशकीमती सरकारी पेड़ों की अवैध कटान का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ड्रेन खुदाई कार्य की आड़ में सक्रिय वन माफियाओं ने शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात दर्जनों हरे-भरे पेड़ों पर आरा चलाकर उन्हें ठिकाने लगा दिया। सूचना मिलते ही हरकत में आए वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर करीब 45 कुंतल लकड़ी (मोटा बोटा) बरामद कर कब्जे में ले लिया है, जबकि बड़ी मात्रा में लकड़ी पहले ही खपाई जा चुकी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि, ग्रामीणों के अनुसार, हंसवा ड्रेन के किनारे वर्षों से खड़े जामुन, नीम, सफेदा और गूलर जैसे कीमती पेड़ों को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाया गया। रात के अंधेरे में पेड़ों को काटकर तेजी से उनकी ढुलाई की गई, ताकि किसी को भनक न लगे। हालांकि सुबह जब पटरी खाली दिखी तो ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई और उन्होंने तुरंत वन विभाग को सूचित किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शनिवार को मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने जांच के दौरान 45 कुंतल लकड़ी बरामद की। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, करीब 54 कुंतल लकड़ी अमेठी जनपद के सेमरौता कस्बे में एक व्यापारी को बेचे जाने की बात भी सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस घटना ने वन विभाग की कार्यशैली और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि, इतने बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटान बिना मिलीभगत के संभव नहीं है। वहीं, पर्यावरण प्रेमियों ने इसे क्षेत्र के हरित संतुलन के लिए गंभीर खतरा बताया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वन रेंजर नावेद सिद्दीकी ने बताया कि, मामला गंभीर है और विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लकड़ी को कब्जे में ले लिया है। वन माफियाओं की पहचान के लिए जांच तेज कर दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि, जल्द ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया जाएगा। फिलहाल, इस घटना के बाद क्षेत्र में वन माफियाओं की सक्रियता को लेकर दहशत का माहौल है और लोग दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 20:40:55 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>भांभर रेंज में वन विभाग का सर्च ऑपरेशन तेज, ड्रोन से निगरानी; 24 घंटे गश्त जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर।</strong> जनपद के पचपेड़वा ब्लॉक अंतर्गत भांभर रेंज के रेहरा ग्राम में हाल ही में हुई मानव-वन्य जीव संघर्ष की दुखद घटना के बाद वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। विभाग द्वारा वन क्षेत्र से सटे गांवों में युद्ध स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाते हुए 24 घंटे गश्त और वन्य जीवों की लगातार ट्रैकिंग की जा रही है।वन विभाग की टीम ने 11 और 12 अप्रैल को सुबह 6 बजे से 9 बजे तक रेहरा, बेलभरिया, परसरामपुर और पिपरा सडवा गांवों के आसपास करीब 4 से 6 किलोमीटर तक पैदल ट्रैकिंग की, हालांकि इस दौरान किसी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175883/forest-departments-search-operation-in-bhambhar-range-intensified-24-hour-patrolling"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260412-wa0358.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर।</strong> जनपद के पचपेड़वा ब्लॉक अंतर्गत भांभर रेंज के रेहरा ग्राम में हाल ही में हुई मानव-वन्य जीव संघर्ष की दुखद घटना के बाद वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। विभाग द्वारा वन क्षेत्र से सटे गांवों में युद्ध स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाते हुए 24 घंटे गश्त और वन्य जीवों की लगातार ट्रैकिंग की जा रही है।वन विभाग की टीम ने 11 और 12 अप्रैल को सुबह 6 बजे से 9 बजे तक रेहरा, बेलभरिया, परसरामपुर और पिपरा सडवा गांवों के आसपास करीब 4 से 6 किलोमीटर तक पैदल ट्रैकिंग की, हालांकि इस दौरान किसी भी वन्य जीव के पगमार्ग की पुष्टि नहीं हो सकी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भांभर रेंज के वन दरोगा और वन रक्षकों की टीम लगातार क्षेत्र में सक्रिय है और आसपास के गांवों—रेहरा, छोटका-बड़का भुकुरवा, परसरामपुर और गिद्धहवा—में गश्त करते हुए लोगों से वन्य जीवों की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त स्टाफ भी तैनात किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वन विभाग द्वारा गांवों में बैनर, पोस्टर, ई-रिक्शा और लाउडस्पीकर के माध्यम से "क्या करें, क्या न करें" की एडवाइजरी जारी कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। संवेदनशील गांवों, विशेषकर रेहरा और परसरामपुर में ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा, शाम के समय वन क्षेत्र के पास पटाखे फोड़ने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि जंगली जानवर आबादी की ओर न बढ़ें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घटना स्थल और आसपास के क्षेत्रों में कैमरा ट्रैप भी लगाए गए हैं, जिससे वन्य जीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। साथ ही ग्राम प्रधानों के सहयोग से चौपाल और जागरूकता गोष्ठियों का आयोजन कर ग्रामीणों को महुआ बीनने, पशु चराने या लकड़ी लेने के लिए जंगल में न जाने की सख्त हिदायत दी जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डीएफओ ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में वन क्षेत्र में प्रवेश न करें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल वन विभाग या स्थानीय पुलिस को सूचना दें। वन विभाग ने विभिन्न रेंज अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी जारी किए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत संपर्क किया जा सके। वन विभाग की इस सतर्कता और सघन निगरानी अभियान से क्षेत्र में लोगों के बीच सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है, वहीं प्रशासन स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 20:33:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सात बच्चों के सिर से उठा पिता का साया, गांवों में दहशत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर।</strong> जनपद में तेंदुए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार सुबह थाना पचपेड़वा क्षेत्र के ग्राम सभा रेहरा चौकी में हुई एक हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। यहां 45 वर्षीय हरिकांत यादव (पुत्र बौद्धनरायन) की तेंदुए के हमले में दर्दनाक मौत हो गई, जबकि अलग-अलग क्षेत्रों में हुए हमलों में दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार, हरिकांत यादव शुक्रवार सुबह महुआ बीनने के लिए गांव से करीब एक किलोमीटर दूर जंगल में गए थे। इसी दौरान घात लगाए बैठे तेंदुए ने उन पर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175711/panic-in-the-villages-as-fathers-shadow-rises-from-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260410-wa0358.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर।</strong> जनपद में तेंदुए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार सुबह थाना पचपेड़वा क्षेत्र के ग्राम सभा रेहरा चौकी में हुई एक हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। यहां 45 वर्षीय हरिकांत यादव (पुत्र बौद्धनरायन) की तेंदुए के हमले में दर्दनाक मौत हो गई, जबकि अलग-अलग क्षेत्रों में हुए हमलों में दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार, हरिकांत यादव शुक्रवार सुबह महुआ बीनने के लिए गांव से करीब एक किलोमीटर दूर जंगल में गए थे। इसी दौरान घात लगाए बैठे तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें मौके पर ही मौत के घाट उतार दिया। काफी देर तक घर न लौटने पर परिजनों व ग्रामीणों ने खोजबीन शुरू की, जिसके बाद जंगल में उनका शव बरामद हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घटना की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल फैल गया। मौके पर पहुंची पुलिस व वन विभाग की टीम ने जांच शुरू कर दी है। क्षेत्रीय वनाधिकारी योगेश सिंह ने बताया कि मृतक जंगल में महुआ बीनने गए थे, तभी जंगली जानवर ने हमला किया।मृतक अपने पीछे सात बच्चों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं, जिले के अन्य हिस्सों में भी तेंदुए का आतंक जारी है। महाराजगंज तराई क्षेत्र में तेंदुए ने बलदेवनगर ललिया निवासी 30द वर्षीय अलीम और बनकटवा कनहरा निवासी 45 वर्षीय सहजराम पर हमला कर दिया। इस हमले में अलीम के हाथ में कई जगह चोटें आईं, जबकि सहजराम के सिर पर गंभीर घाव होने के कारण कई टांके लगाने पड़े। दोनों घायलों को जिला मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, पिंजरा लगाने और तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। फिलहाल, पूरे जनपद में दहशत का माहौल है और लोग शाम होते ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। वन विभाग की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 19:04:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>तेंदुए ने बछड़े को बनाया निवाला, दर्जन भर गांवों में दहशत </title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर, संवाददाता। </strong>सुहेलदेव वन्यजीव अभयारण्य के बनकटवा रेंज अंतर्गत ग्राम पंचायत मोतीपुर के मजरे गौरीदासपुरवा गांव में शुक्रवार की भोर करीब तीन बजे एक तेंदुए ने राजेश्वर यादव की पशुशाला के बाहर बंधे बछड़े पर हमला कर उसका गला काटकर मार डाला। गाय के चिल्लाने की आवाज सुनकर राजेश्वर यादव ने टॉर्च जलाकर देखा तो सामने तेंदुआ खड़ा था। शोर मचाने पर तेंदुआ बछड़े को वहीं छोड़कर धीरे-धीरे पास की झाड़ी में घुस गया। सुबह होते ही राजेश्वर ने बनकटवा रेंजर को घटना की सूचना दी। मौके पर पहुंचे वन दरोगा जहीर खान ने घटनास्थल के आसपास कॉम्बिंग की और</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174995/69cfc3a893d17"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260403-wa0286.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर, संवाददाता। </strong>सुहेलदेव वन्यजीव अभयारण्य के बनकटवा रेंज अंतर्गत ग्राम पंचायत मोतीपुर के मजरे गौरीदासपुरवा गांव में शुक्रवार की भोर करीब तीन बजे एक तेंदुए ने राजेश्वर यादव की पशुशाला के बाहर बंधे बछड़े पर हमला कर उसका गला काटकर मार डाला। गाय के चिल्लाने की आवाज सुनकर राजेश्वर यादव ने टॉर्च जलाकर देखा तो सामने तेंदुआ खड़ा था। शोर मचाने पर तेंदुआ बछड़े को वहीं छोड़कर धीरे-धीरे पास की झाड़ी में घुस गया। सुबह होते ही राजेश्वर ने बनकटवा रेंजर को घटना की सूचना दी। मौके पर पहुंचे वन दरोगा जहीर खान ने घटनास्थल के आसपास कॉम्बिंग की और ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राजेश्वर यादव ने बताया कि 17 मार्च की रात भी उनके एक बछड़े को तेंदुआ निवाला बना चुका है, जिसके अवशेष कुछ दूर झाड़ी में मिले थे। ग्रामीण लालू और राजेश कुमार ने बताया कि गांव के पास पिछले दो दिनों से एक तेंदुआ देखा जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैली हुई है। ग्रामीणों के अनुसार तेंदुए ने कई छुट्टा मवेशियों पर हमला किया है, जिनके अवशेष पहाड़ी नाला धोबैनिया की झाड़ियों में पड़े हुए हैं। किसान अजय कुमार, बच्चू यादव, विजय कुमार, शिवम, रामनरेश, उमेश और प्रदीप ने बताया कि गांव के बाहर एक झाड़ी में तेंदुआ दिखाई दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एक माह से बना हुआ है आतंककरीब एक माह पहले तेंदुआ टेढ़ीप्रास गांव के बुंदीलाल का पालतू पिल्ला उठा ले गया था। गांव के पश्चिम में स्थित पहाड़ी नाला जमधरा, धोबैनिया और खरझार के किनारे एक छुट्टा मवेशी को भी निवाला बना लिया, जिसके अवशेष एक झाड़ी में देखे गए थे। पास के टेढ़ीप्रास गांव में रामचरन के पालतू कुत्ते को भी घर के पाससे उठा ले गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके अलावा तेंदुआ तिलकराम के घर के सामने बंधी बछिया और रामकुमार की बकरी को भी निवाला बना चुका है। सुरेश कुमार, विजय कुमार, विनय कुमार, रामू, पतिराम यादव, गोली, दिनेश कुमार, जगतराम, गुरु प्रसाद, अनिरुद्ध प्रसाद, सालिकराम, लवकुश, गुरु सहाय, बीपत, लखन और मन्नू आदि ग्रामीणों ने बताया कि इस समय गौरीदासपुरवा, टेढ़ीप्रास, छिटनडीह, बलदानडीह, रंगबंशपुरवा, करौंदापुरवा, लछुआपुर और खैरहनिया सहित दर्जन भर गांवों में तेंदुए का आतंक व्याप्त है।रामू ने बताया कि गांव के पश्चिम में कुछ दूरी पर धोबैनिया, जमधरा और पहाड़ी नाला खरझार के किनारे एक सैकड़ों वर्ष पुराना खंडहर मंदिर स्थित है और तेंदुआ उसी के आसपास रहता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि यह गांव जंगल से करीब दस किलोमीटर दूर स्थित है। सुरेश कुमार ने बताया कि एक माह से अधिक समय से आसपास के क्षेत्र में तेंदुए का आतंक बना हुआ है। अब तक तेंदुआ करीब आधा दर्जन बंदरों और कुत्तों को भी निवाला बना चुका है। इससे ग्रामीणों में भारी दहशत व्याप्त है और कई किसान खेतों की ओर जाने से भी कतरा रहे हैं, जिससे उनकी खेती-किसानी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इस संबंध में बनकटवा रेंजर शत्रुहन लाल ने बताया कि गांव में टीम भेजकर जांच कराई जा रही है।</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 19:57:13 +0530</pubDate>
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