<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/67652/leopard-in-the-village" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>गांव में तेंदुआ - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/67652/rss</link>
                <description>गांव में तेंदुआ RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>तेंदुए ने बछड़े को बनाया निवाला, दर्जन भर गांवों में दहशत </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर, संवाददाता। </strong>सुहेलदेव वन्यजीव अभयारण्य के बनकटवा रेंज अंतर्गत ग्राम पंचायत मोतीपुर के मजरे गौरीदासपुरवा गांव में शुक्रवार की भोर करीब तीन बजे एक तेंदुए ने राजेश्वर यादव की पशुशाला के बाहर बंधे बछड़े पर हमला कर उसका गला काटकर मार डाला। गाय के चिल्लाने की आवाज सुनकर राजेश्वर यादव ने टॉर्च जलाकर देखा तो सामने तेंदुआ खड़ा था। शोर मचाने पर तेंदुआ बछड़े को वहीं छोड़कर धीरे-धीरे पास की झाड़ी में घुस गया। सुबह होते ही राजेश्वर ने बनकटवा रेंजर को घटना की सूचना दी। मौके पर पहुंचे वन दरोगा जहीर खान ने घटनास्थल के आसपास कॉम्बिंग की और</div></div>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174995/69cfc3a893d17"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260403-wa0286.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर, संवाददाता। </strong>सुहेलदेव वन्यजीव अभयारण्य के बनकटवा रेंज अंतर्गत ग्राम पंचायत मोतीपुर के मजरे गौरीदासपुरवा गांव में शुक्रवार की भोर करीब तीन बजे एक तेंदुए ने राजेश्वर यादव की पशुशाला के बाहर बंधे बछड़े पर हमला कर उसका गला काटकर मार डाला। गाय के चिल्लाने की आवाज सुनकर राजेश्वर यादव ने टॉर्च जलाकर देखा तो सामने तेंदुआ खड़ा था। शोर मचाने पर तेंदुआ बछड़े को वहीं छोड़कर धीरे-धीरे पास की झाड़ी में घुस गया। सुबह होते ही राजेश्वर ने बनकटवा रेंजर को घटना की सूचना दी। मौके पर पहुंचे वन दरोगा जहीर खान ने घटनास्थल के आसपास कॉम्बिंग की और ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राजेश्वर यादव ने बताया कि 17 मार्च की रात भी उनके एक बछड़े को तेंदुआ निवाला बना चुका है, जिसके अवशेष कुछ दूर झाड़ी में मिले थे। ग्रामीण लालू और राजेश कुमार ने बताया कि गांव के पास पिछले दो दिनों से एक तेंदुआ देखा जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैली हुई है। ग्रामीणों के अनुसार तेंदुए ने कई छुट्टा मवेशियों पर हमला किया है, जिनके अवशेष पहाड़ी नाला धोबैनिया की झाड़ियों में पड़े हुए हैं। किसान अजय कुमार, बच्चू यादव, विजय कुमार, शिवम, रामनरेश, उमेश और प्रदीप ने बताया कि गांव के बाहर एक झाड़ी में तेंदुआ दिखाई दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एक माह से बना हुआ है आतंककरीब एक माह पहले तेंदुआ टेढ़ीप्रास गांव के बुंदीलाल का पालतू पिल्ला उठा ले गया था। गांव के पश्चिम में स्थित पहाड़ी नाला जमधरा, धोबैनिया और खरझार के किनारे एक छुट्टा मवेशी को भी निवाला बना लिया, जिसके अवशेष एक झाड़ी में देखे गए थे। पास के टेढ़ीप्रास गांव में रामचरन के पालतू कुत्ते को भी घर के पाससे उठा ले गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके अलावा तेंदुआ तिलकराम के घर के सामने बंधी बछिया और रामकुमार की बकरी को भी निवाला बना चुका है। सुरेश कुमार, विजय कुमार, विनय कुमार, रामू, पतिराम यादव, गोली, दिनेश कुमार, जगतराम, गुरु प्रसाद, अनिरुद्ध प्रसाद, सालिकराम, लवकुश, गुरु सहाय, बीपत, लखन और मन्नू आदि ग्रामीणों ने बताया कि इस समय गौरीदासपुरवा, टेढ़ीप्रास, छिटनडीह, बलदानडीह, रंगबंशपुरवा, करौंदापुरवा, लछुआपुर और खैरहनिया सहित दर्जन भर गांवों में तेंदुए का आतंक व्याप्त है।रामू ने बताया कि गांव के पश्चिम में कुछ दूरी पर धोबैनिया, जमधरा और पहाड़ी नाला खरझार के किनारे एक सैकड़ों वर्ष पुराना खंडहर मंदिर स्थित है और तेंदुआ उसी के आसपास रहता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि यह गांव जंगल से करीब दस किलोमीटर दूर स्थित है। सुरेश कुमार ने बताया कि एक माह से अधिक समय से आसपास के क्षेत्र में तेंदुए का आतंक बना हुआ है। अब तक तेंदुआ करीब आधा दर्जन बंदरों और कुत्तों को भी निवाला बना चुका है। इससे ग्रामीणों में भारी दहशत व्याप्त है और कई किसान खेतों की ओर जाने से भी कतरा रहे हैं, जिससे उनकी खेती-किसानी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इस संबंध में बनकटवा रेंजर शत्रुहन लाल ने बताया कि गांव में टीम भेजकर जांच कराई जा रही है।</div>
</div>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/174995/69cfc3a893d17</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/174995/69cfc3a893d17</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 19:57:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/img-20260403-wa0286.jpg"                         length="96476"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        