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                <title>Property Dispute - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Property Dispute RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जमीन विवाद में पुलिस पर मारपीट और अभद्रता का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के कलवारी थाना क्षेत्र के ग्राम कुसौरा में जमीन कब्जे के विवाद के बीच पुलिस पर मारपीट और अभद्रता का गंभीर आरोप लगाया गया है। पीड़िता सबा, पुत्री स्वर्गीय मोहम्मद कासिम, निवासी कुसौरा ने पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्रार्थना पत्र के अनुसार, 5 जुलाई को सुबह करीब 11 बजे गांव निवासी नागेंद्र पुत्र रामजतन कथित रूप से उस जमीन पर दीवार बनाकर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे, जहां पीड़िता के अनुसार उसके पूर्वजों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182881/police-accused-of-assault-and-indecency-in-land-dispute"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260707-wa0070.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के कलवारी थाना क्षेत्र के ग्राम कुसौरा में जमीन कब्जे के विवाद के बीच पुलिस पर मारपीट और अभद्रता का गंभीर आरोप लगाया गया है। पीड़िता सबा, पुत्री स्वर्गीय मोहम्मद कासिम, निवासी कुसौरा ने पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रार्थना पत्र के अनुसार, 5 जुलाई को सुबह करीब 11 बजे गांव निवासी नागेंद्र पुत्र रामजतन कथित रूप से उस जमीन पर दीवार बनाकर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे, जहां पीड़िता के अनुसार उसके पूर्वजों की आरा मशीन संचालित होती थी। सूचना मिलने पर सबा, उसकी मां कुलसुम बानो और भाई सुफियान मौके पर पहुंचे तथा निर्माण कार्य रोकने का अनुरोध किया। आरोप है कि इस दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बन गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पीड़िता का कहना है कि इसके बाद परिवार ने महिला हेल्पलाइन पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। आरोप है कि नागेंद्र के बुलाने पर पहुंचे दरोगा एस.एन. सिंह ने बिना मामले की जांच किए ही सबा और उसके परिवार के साथ अभद्र व्यवहार किया।सबा का आरोप है कि दरोगा ने उसका कॉलर और गला पकड़कर धक्का दिया तथा जबरन थाने ले गए। परिवार का कहना है कि उन्हें शाम तक हवालात में रखा गया और बाद में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की निवारक धाराओं 107/151 के तहत चालान कर एसडीएम न्यायालय भेज दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पीड़ित परिवार ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जमीन कब्जे के आरोपों की भी जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित दरोगा के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।हालांकि, इस मामले में पुलिस विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पक्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। अब जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 21:59:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जमीनी विवाद ने ली एक और जान, मेहनौना गांव खून से हुआ लाल</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के मेहनौना गांव में जमीनी विवाद ने एक बार फिर खूनी रूप ले लिया। गांव निवासी 50 वर्षीय लक्ष्मण निषाद की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।बताया जा रहा है कि लक्ष्मण निषाद का कुछ लोगों से जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि विवाद के दौरान उन पर जानलेवा हमला किया गया, जिसमें उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182005/land-dispute-took-another-life-mehnauna-village-turned-red-with"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260623-wa0071.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के मेहनौना गांव में जमीनी विवाद ने एक बार फिर खूनी रूप ले लिया। गांव निवासी 50 वर्षीय लक्ष्मण निषाद की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।बताया जा रहा है कि लक्ष्मण निषाद का कुछ लोगों से जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि विवाद के दौरान उन पर जानलेवा हमला किया गया, जिसमें उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और आरोपित पक्ष के घर पर तोड़फोड़ की घटना भी सामने आई।</div>
<div style="text-align:justify;">स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पीएसी तैनात कर दी गई है और पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। हर गतिविधि पर पुलिस की नजर बनी हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;">परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि जमीन विवाद की शिकायत कई बार पुलिस से की गई थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि यदि शिकायतों को गंभीरता से लिया गया होता तो आज एक व्यक्ति की जान नहीं जाती।</div>
<div style="text-align:justify;">घटना के बाद लालगंज पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्र में लोगों के बीच पुलिस की भूमिका को लेकर चर्चा और नाराजगी देखने को मिल रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपितों की तलाश की जा रही है। गांव में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या समय रहते कार्रवाई होती तो लक्ष्मण निषाद की जान बच सकती</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 19:39:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विद्यालय में घुसकर ताला तोड़ा, दस्तावेज व नकदी लेकर फरार; प्रबंधक ने एसपी से लगाई गुहार</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> शहर कोतवाली क्षेत्र के सियरापार (संभलपुर) स्थित किसान पूर्व माध्यमिक विद्यालय चमरौहा में घुसकर ताला तोड़ने, महत्वपूर्ण अभिलेख और नकदी चोरी करने का मामला सामने आया है। विद्यालय के प्रबंधक ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने, चोरी गए सामान की बरामदगी और विद्यालय की सुरक्षा की मांग की है।शिकायत कर्ता के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के उद्देश्य से वर्ष 1980-81 में स्थापित विद्यालय को अस्थायी मान्यता वर्ष 1983 तथा स्थायी मान्यता वर्ष 1988 में प्राप्त हुई थी। वर्तमान में ग्रीष्मकालीन अवकाश के चलते विद्यालय बंद है। इसी दौरान आरोप है कि</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181326/the-manager-entered-the-school-and-broke-the-lock-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260616-wa0020.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> शहर कोतवाली क्षेत्र के सियरापार (संभलपुर) स्थित किसान पूर्व माध्यमिक विद्यालय चमरौहा में घुसकर ताला तोड़ने, महत्वपूर्ण अभिलेख और नकदी चोरी करने का मामला सामने आया है। विद्यालय के प्रबंधक ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने, चोरी गए सामान की बरामदगी और विद्यालय की सुरक्षा की मांग की है।शिकायत कर्ता के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के उद्देश्य से वर्ष 1980-81 में स्थापित विद्यालय को अस्थायी मान्यता वर्ष 1983 तथा स्थायी मान्यता वर्ष 1988 में प्राप्त हुई थी। वर्तमान में ग्रीष्मकालीन अवकाश के चलते विद्यालय बंद है। इसी दौरान आरोप है कि सियरापार निवासी विकास चौधरी, चंद्र प्रकाश चौधरी और लक्ष्मी चौधरी सहित अन्य लोग विद्यालय परिसर में घुस गए। आरोपियों ने पहले विद्यालय के बाहर लगा वर्षों पुराना बोर्ड उखाड़ लिया और फिर कार्यालय का ताला तोड़कर अंदर रखी अलमारी उठा ले गए।प्रबंधक का आरोप है कि अलमारी में विद्यालय के महत्वपूर्ण अभिलेख, एसआर रजिस्टर, छात्र उपस्थिति पंजिका, टीसी, अंकपत्र, अन्य आवश्यक दस्तावेज तथा करीब 4,200 रुपये नकद रखे थे। इसके अलावा मेज पर रखे पानी और चाय के बर्तन भी उठा ले जाने का आरोप लगाया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;">शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी विद्यालय की जमीन पर कब्जा करने की नीयत से यह कार्रवाई कर रहे हैं तथा विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। प्रबंधक ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस से शिकायत के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक से हस्तक्षेप की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;">प्रबंधक ने एसपी से मांग की है कि प्रभारी निरीक्षक कोतवाली को तत्काल मुकदमा दर्ज करने, चोरी गए सामान की बरामदगी कराने और विद्यालय की सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए जाएं।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 18:49:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुरानी रंजिश में खूनी संघर्ष: लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी से हमला, चार घायल, दो की हालत गंभीर।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">गंगानगर क्षेत्र के मऊआइमा थाना अंतर्गत गोपालापुर गांव में पुरानी रंजिश ने सोमवार रात हिंसक रूप ले लिया। जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुई कहासुनी देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई। दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया, जिससे चार लोग घायल हो गए। इनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें उपचार के लिए स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल रेफर किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोपालापुर गांव निवासी वासिक अख्तर और उनकी पत्नी गुलफुल निशा का गांव के ही</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180897/bloody-conflict-due-to-old-rivalry-attack-with-sticks-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260609-wa0119.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गंगानगर क्षेत्र के मऊआइमा थाना अंतर्गत गोपालापुर गांव में पुरानी रंजिश ने सोमवार रात हिंसक रूप ले लिया। जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुई कहासुनी देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई। दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया, जिससे चार लोग घायल हो गए। इनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें उपचार के लिए स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल रेफर किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोपालापुर गांव निवासी वासिक अख्तर और उनकी पत्नी गुलफुल निशा का गांव के ही कुछ लोगों के साथ जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। बताया जा रहा है कि दो दिन पूर्व भी इसी विवाद को लेकर दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी, जिसके संबंध में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों के अनुसार, सोमवार रात एक बार फिर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। पहले दोनों ओर से कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला उग्र हो गया और दोनों पक्षों के लोग लाठी-डंडे लेकर भिड़ गए। आरोप है कि इस दौरान कुल्हाड़ी सहित अन्य धारदार हथियारों का भी इस्तेमाल किया गया। संघर्ष के दौरान गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों में दुबक गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मारपीट में एक पक्ष के तौफीक और इश्तियाक तथा दूसरे पक्ष के मोहम्मद रैसुल और मोहम्मद नदीम घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही मऊआइमा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मऊआइमा पहुंचाया, जहां प्राथमिबीबीक उपचार के बाद तौफीक और इश्तियाक की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें एसआरएन अस्पताल प्रयागराज रेफर कर दिया गया</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 21:18:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जमीन विवाद ने लिया हिंसक रूप : मारपीट के बाद मकान पर कब्जे का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिलेकेछावनी थाना क्षेत्र के अमोढ़ा बाजार में भूमि विवाद को लेकर गंभीर मारपीट और कब्जे का मामला सामने आया है। पीड़ित रणजीत गुप्ता ने आरोप लगाया है कि उन्होंने रंजीत गुप्ता ने अपनी पत्नी मंजू गुप्ता के नाम विधिवत बैनामा कराकर संबंधित भूमि का नामांतरण (खारिज-खतौनी) भी करा लिया था। पीड़ित पक्ष का कहना है कि बैनामे के आधार पर भूमि पर उनका कब्जा भी स्थापित हो गया था।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">लेकिन आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा, जिन्हें पीड़ित पक्ष “भू-माफिया” बता रहा है, इस भूमि को लेकर आपत्ति जताई गई और जबरन कब्जे की कोशिश शुरू कर दी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180762/land-dispute-turns-violent-allegation-of-possession-of-house-after"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260606-wa01051.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिलेकेछावनी थाना क्षेत्र के अमोढ़ा बाजार में भूमि विवाद को लेकर गंभीर मारपीट और कब्जे का मामला सामने आया है। पीड़ित रणजीत गुप्ता ने आरोप लगाया है कि उन्होंने रंजीत गुप्ता ने अपनी पत्नी मंजू गुप्ता के नाम विधिवत बैनामा कराकर संबंधित भूमि का नामांतरण (खारिज-खतौनी) भी करा लिया था। पीड़ित पक्ष का कहना है कि बैनामे के आधार पर भूमि पर उनका कब्जा भी स्थापित हो गया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लेकिन आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा, जिन्हें पीड़ित पक्ष “भू-माफिया” बता रहा है, इस भूमि को लेकर आपत्ति जताई गई और जबरन कब्जे की कोशिश शुरू कर दी गई। पीड़ित का कहना है कि दबंगई के बल पर आरोपियों ने पहले परिवार के साथ मारपीट की, जिससे कई लोग घायल हो गए और बाद में मकान पर जबरन कब्जा कर लिया गया।पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि हमले के दौरान घर का सामान बाहर फेंक दिया गया और पूरे परिवार को धमकियां दी गईं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घटना के बाद पीड़ित ने छावनी थाने में तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर घायलों का चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया। छावनी थाना पुलिस द्वारा मामले में कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि पीड़ित रणजीत गुप्ता का आरोप है कि अभी भी आरोपी खुलेआम धमकी दे रहे हैं और प्रशासन से उन्हें पूरी सुरक्षा नहीं मिल पा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि वे लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है, जिससे पूरा परिवार दहशत में है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर कब्जा हटवाने और सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।मामला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और पुलिस व राजस्व विभाग के जांच के परिणाम का इंतजार किया जा रहा है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 19:08:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>जमीन बंटवारे के विवाद में भाई ने भाई की कुल्हाड़ी से काटकर की हत्या, पत्नी घायल</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> मऊआइमा थाना क्षेत्र के कहली बादलपुर गांव में जमीन के बंटवारे को लेकर चल रहे पारिवारिक विवाद ने खूनी रूप ले लिया। लंबे समय से चल रही रंजिश के बीच एक भाई ने अपने ही सगे भाई, फर्नीचर कारोबारी संतोष विश्वकर्मा की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी। घटना में मृतक की पत्नी भी घायल हो गईं। वारदात के बाद गांव में सनसनी फैल गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार संतोष विश्वकर्मा मुंबई में रहकर फर्नीचर का कारोबार करते थे। कुछ दिन पहले ही वह गांव लौटे थे। परिवार में पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर दोनों भाइयों के बीच</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179996/in-a-dispute-over-land-distribution-brother-killed-his-brother"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260523-wa0103.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> मऊआइमा थाना क्षेत्र के कहली बादलपुर गांव में जमीन के बंटवारे को लेकर चल रहे पारिवारिक विवाद ने खूनी रूप ले लिया। लंबे समय से चल रही रंजिश के बीच एक भाई ने अपने ही सगे भाई, फर्नीचर कारोबारी संतोष विश्वकर्मा की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी। घटना में मृतक की पत्नी भी घायल हो गईं। वारदात के बाद गांव में सनसनी फैल गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार संतोष विश्वकर्मा मुंबई में रहकर फर्नीचर का कारोबार करते थे। कुछ दिन पहले ही वह गांव लौटे थे। परिवार में पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर दोनों भाइयों के बीच काफी समय से विवाद चला आ रहा था। बताया जा रहा है कि रविवार को इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आरोप है कि गुस्से में आए भाई ने घर में रखी कुल्हाड़ी उठाकर संतोष विश्वकर्मा पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंची संतोष की पत्नी पर भी हमला किया गया, जिससे वह घायल हो गईं। गंभीर रूप से घायल संतोष को परिजन तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घटना की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा घायल महिला को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला जमीन विवाद से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। आरोपी की तलाश की जा रही है और तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है, जिसके चलते एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 21:40:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>न्याय या साजिश ? एसडीएम हर्रैया का आदेश सवालों कघेरेमें - ऐसे आदेश ही बनते हैं खूनी संघर्ष का कारण।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के तहसील हर्रैया के एसडीएम (न्यायिक) शशिबिंदु कुमार द्विवेदी इन दिनों अपने एक ऐसे कारनामे को लेकर चर्चा में हैं, जिसने न्याय व्यवस्था पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला एक औद्योगिक भूमि का है, जिससे संबंधित भागीदार वर्ष 1992 में ही अपनी लायबिलिटी और एसेट से मुक्त हो चुके थे। लेकिन हैरानी की बात यह है कि 34 साल बाद, 2026 में, उन्हीं को दोबारा नाजायज कब्जा दिलाने की कवायद शुरू कर दी  कि इस कार्रवाई में दो जालसाजों को उक्त औद्योगिक भूमि पर कब्जा दिलाने की मंशा से पहले से लागू स्टे को खत्म</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174998/justice-or-conspiracy-sdm-harraiyas-order-is-in-question"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260403-wa0028.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के तहसील हर्रैया के एसडीएम (न्यायिक) शशिबिंदु कुमार द्विवेदी इन दिनों अपने एक ऐसे कारनामे को लेकर चर्चा में हैं, जिसने न्याय व्यवस्था पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला एक औद्योगिक भूमि का है, जिससे संबंधित भागीदार वर्ष 1992 में ही अपनी लायबिलिटी और एसेट से मुक्त हो चुके थे। लेकिन हैरानी की बात यह है कि 34 साल बाद, 2026 में, उन्हीं को दोबारा नाजायज कब्जा दिलाने की कवायद शुरू कर दी  कि इस कार्रवाई में दो जालसाजों को उक्त औद्योगिक भूमि पर कब्जा दिलाने की मंशा से पहले से लागू स्टे को खत्म करने की योजना बनाई गई। और इसके लिए 2016 के एक मुकदमे को ही खारिज करने का रास्ता चुना गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब जब नीयत पहले से तय हो, तो तर्क जुटाने में भला कितना समय लगता है! साहब ने एक नहीं, कई आधार गढ़े और आनन फानन में मुकदमा खारिज भी कमुकदमे की खारिजी के साथ ही स्टे भी समाप्त हो गया, जो इन कथित जालसाजों के लिए सबसे बड़ी बाधा था। अब आगे क्या होगा ? यह तो किसी घटना के घटित होने के बाद कानून-व्यवस्था ही तय करेगी !</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">और साहब भी इसके लिए याद जरूर किए जाएंगे। लेकिन मुंसिफ बस्ती के आदेश के आधार पर दाखिल इस मुकदमे को खारिज करने के जो आधार दिए गए, वे खुद अपने आप में गम्भीर सवाल खड़े करते हैंअपने आदेश में साहब लिखते हैं, "खतौनी में पक्षकारों में किसी भी पक्षकार का नाम फर्म के पार्टनर के रूप में अंकित नहीं है। इस प्रकार इस वाद बिन्दु का निस्तारण वादी के पक्ष में नकारात्मक रूप में किया जाता है।अब सवाल यह उठता है कि, क्या किसी भी खतौनी में भूमिधर के नाम के साथ “किसान” या “मकान मालिक” आदि लिखा रहता है? जमीन का स्वरूप और उपयोग तो स्वतः स्पष्ट होता है, यह एक सामान्य समझ की बात है। लेकिन जब नीयत ही कुछ और हो, तो सामान्य समझ भी बेअसर हो जाती आगे आदेश में उल्लेख है, "प्रतिवादी श्री प्रवीश चन्द्र धर द्विवेदी द्वारा शपथ पत्र के साथ अवगत कराया है कि, प्रकीर्ण वाद संख्या 76/11/2024 श्रीश चंद्र धर द्विवेदी बनाम प्रवीश चन्द्र धर द्विवेदी को निरस्त किया जा चुका है।"हकीकत यह है कि ऐसा कोई मुकदमा अस्तित्व में ही नहीं है। और न ही इस कथित मुकदमे का इस आदेश से कोई सीधा संबंध ही हो सकता है। लेकिन "निरस्त" शब्द का जादू ऐसा चला कि उसे भी आधार बना लिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">साहब आगे लिखते हैं, "वास्तव में एक ऐसे आदेश के आधार पर अनुतोष की मांग की गई है जो वर्तमान में माननीय न्यायालय में विचाराधीन है।" जबकि विधि का सामान्य सिद्धांत है कि किसी न्यायालय का आदेश तब तक प्रभावी रहता है, जब तक उस पर कोई नया आदेश पारित न हो जाए। केवल मुकदमे का विचाराधीन होना, आदेश को निष्प्रभावी नहीं करता। यहां जिस मुकदमे को आधार बताया गया, पात्रता के मुताबिक वह 2017 से अब तक केवल एडमिट अवस्था में ही पड़ा हुआ है। लेकिन आदेश लिखने के लिए आधार तो चाहिए थे, सो गढ़ लिएसाहब ने अपने आदेश में तर्क दिया कि, "वास्तव में प्रश्नगत वाद उभय पक्षों के मध्य भारतीय भागीदारी अधिनियम, 1932 के तहत साझेदारी विवाद से संबंधित है और वादी ने अभिलेखीय राजस्व दस्तावेजों से अपना कब्जा सिद्ध नहीं किया है।" साहब का यह तर्क स्पष्ट करता है कि, वे भी विपक्षियों की राह पर चलते हुए 'मुंसिफ बस्ती' के उस मूल आदेश को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं जो इस पूरे मुकदमे की बुनियाद है। ऐसे में साहब यह साबित करने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं कि, सच चाहे जो भी हो वे उसे हरगिज नहीं देखेंगे। और विपक्षियों के हित में इस मुकदमे का गला घोंटकर ही मानेंसाहब ने आधार गढ़ते समय प्रतिवादी का हवाला देते हुए राजस्व संहिता की सीमाओं से बाहर निकलकर इंडियन पार्टनरशिप एक्ट 1932 आदि पर भी लंबा व्याख्यान दे डाला।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एक्ट की धारा 63 का बाकायदा उल्लेख किया गया और प्रतिवादी की भाषा में यह स्थापित करने की कोशिश की गई कि रिटायरमेंट की सूचना सार्वजनिक नहीं की गई।  आदेश पढ़ते समय कई जगह ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रतिवादी बोल रहा हो और साहब केवल उसे लिख रहे हों। हैरत की बात यह है कि न तो यह जांचने की जरूरत समझी गई कि मूल मुकदमा क्या है? ना ही 27 अगस्त 2025 को फर्म आदि से संबंधित नामांतरण के लिए जारी "परिषदादेश" का अनुपालन करने की जरूरत समझी गई। और ना ही वाद के आधार, मुंसिफ के आदेश/ डिग्री को तरजीह दी गई। और न ही यह देखा गया कि, जिन आधारों पर साहब का आदेश टिका है, वे प्रासंगिक भी हैं या नहीं। सबसे अहम सवाल यह कि, प्रतिवादी सच बोल रहा है या झूठ ? इस पर तो मानो विचार करना भी जरूरी नहीं समझा गया। विडंबना यह भी है कि जिस प्रतिवादी के नाम के आगे साहब “श्री” लगाते नहीं थक रहे, उन्हीं पर आरोप है कि, उन्होंने मुकदमे के दौरान ही खतौनी में दर्ज अपने नामों का जमकर दुरुपयोग किया। फर्म की विवादित जमीन का नामांतरण कराया, खारिज-दाखिल कराया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">और यहां तक कि समानांतर न्यायालय में बंटवारे का मुकदमा दाखिल कर एकपक्षीय प्राइमरी डिग्री तक हासिल कर ली। लेकिन इन सब तथ्यों का जिक्र आदेश में कहीं नहीं मिलता। कार्रवाई तो दूर की बात है।स्पष्ट है कि, आदेश की शुरुआत ही मुकदमे को खारिज करने की मंशा से हुई थी। और अंत तक प्रतिवादी के पक्ष को साधते हुए वही परिणाम हासिल भी कर लिया गया। अदालत अपनी थी, अधिकार अपने थे, तो परिणाम भी मनमाफिक ही आया। कुल मिलाकर साहब ने वही कहा और किया, जिसकी उम्मीद जालसाज विपक्षी करते रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वादी के पक्ष में तो सिर्फ कृत्रिम कमियां ही गिनाई गईं। और उसके द्वारा प्रस्तुत तमाम साक्ष्यों को भी दबाकर साक्ष्यों का अभाव बता दिया जिला अदालत के कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने इस आदेश को देखकर मुंह बिचकाते हुए इसे “पूर्व नियोजित ऑर्डर” तक कह डाला।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">और अंत में वही पुरानी बात याद आती है, "जब पैसे से वास्ता हो जाए, तो फिर इज्जत आबरू, न्याय अन्याय की चिंता भला कौन करता खैर, जीवन और जीविका की लड़ाई हर व्यक्ति पूरी ताकत से लड़ता है, और वादी भी लड़ेगा ही। यह जरूरी नहीं कि हर जगह ऐसे ही चेहरे बैठे हों। लेकिन असली चिंता इस बात की है कि, आखिर ये साहब कब तक न्यायिक चोला ओढ़कर न्याय का यूँ ही चीरहरण करते रहेंगे, और व्यवस्था देखती रहेगी ?</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 19:53:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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