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                <title>Corruption Allegations - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Corruption Allegations RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भदपुरा क्षेत्र पंचायत की अंतिम बैठक में कई करोड़ के प्रस्ताव आये जिन्हें सम्मिलित किया गया </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/</strong> विकासखंड भदपुरा क्षेत्र पंचायत की अंतिम बैठक आज ब्लॉक सभागार में आयोजित की गई बैठक की अध्यक्षता यहां की ब्लॉक प्रमुख रश्मि गंगवार ने की बैठक में पहुंचे विधायक का जोरदार स्वागत किया गया 12:00 बजे बैठक की कार्यवाही ब्लॉक प्रमुख रश्मि गंगवार की अध्यक्षता में प्रारंभ की गई बैठक के प्रारंभ में पूर्व बैठक में स्वीकृत किए गए प्रस्तावों को पढ़कर सुनाया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिसको सदन द्वारा धुनी मत से पारित कर अनुमोदन किया गया बैठक के प्रारंभ में पशुपालन विभाग से पशु चिकित्सा अधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने जब योजनाओं पर चर्चा प्रारंभ की तो ग्राम प्रधानों ने भ्रष्टाचार</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183440/in-the-last-meeting-of-bhadpura-area-panchayat-proposals-worth"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1.----------------अ-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/</strong> विकासखंड भदपुरा क्षेत्र पंचायत की अंतिम बैठक आज ब्लॉक सभागार में आयोजित की गई बैठक की अध्यक्षता यहां की ब्लॉक प्रमुख रश्मि गंगवार ने की बैठक में पहुंचे विधायक का जोरदार स्वागत किया गया 12:00 बजे बैठक की कार्यवाही ब्लॉक प्रमुख रश्मि गंगवार की अध्यक्षता में प्रारंभ की गई बैठक के प्रारंभ में पूर्व बैठक में स्वीकृत किए गए प्रस्तावों को पढ़कर सुनाया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिसको सदन द्वारा धुनी मत से पारित कर अनुमोदन किया गया बैठक के प्रारंभ में पशुपालन विभाग से पशु चिकित्सा अधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने जब योजनाओं पर चर्चा प्रारंभ की तो ग्राम प्रधानों ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए बताया गया अस्पताल में₹20 लेकर दबा दी जाती है जिसको लेकर डॉक्टर के पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं था सभी ने इस कार्य की निंदा की बाल विकास परियोजना अधिकारी विष्णु पांडे ने जब योजनाओं जानकारी देना ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रारंभ किया को प्रधान संघ अध्यक्ष राम प्रताप गंगवार ने स्वयं सहायता समूह द्वारा परियोजना से सामान उठाकर केंद्रो पर ले जाने का किराया न दिए जाने का मामला उठाया इसको लेकर बाल विकास परियोजना अधिकारी कोई जवाब नहीं दे सके इस को लेकर खंड विकास अधिकारी ईशा हर्षिता अग्निहोत्री ने इस मामले को संज्ञान में लेकर जांच कर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया सहकारिता विभाग से ए डी सी ओ उमेश कुमार ने जब खाद पर चर्चा करने का उल्लेख किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तो ग्राम प्रधानों एवं क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने समितियां पर हो रही गांधी की शिकायत  की इस पर उन्होंने सफाई देते हुए कहा कहा पूर्व की भांति इस बार ढाई गुना अधिक खाद वितरित की गई है इस पर विधायक डॉक्टर एमपी आर्य ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा जब किसानों को मानक के अनुरूप खाद नहीं मिल पा रही है उसको ढाई गुना खास कहां बेच दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इसी दौरान साधन सहकारी समिति क्यों लड़ियां एवं नकटी नारायनपुर के सचिवों द्वारा कथित धांधली किए जाने का मामला उठाया गया इस पर क्यों लड़ियां की के सचिव पर कथित घोटाले का मामला बैठक में छाया रहा इस पर ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि रवि शंकर गंगवार ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा सचिवों अपना व्यवहार नहीं बदला तो यह जनता उन्हें सरेआम जूते से पीटेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">किसके लिए विभाग स्वयं जिम्मेदार होगा यदि किसानों पर कार्यवाही होगी तो हम किसने की ताल ठोक कर मदद करेंगे क्षेत्र पंचायत की बैठक में कई करोड़ के प्रस्ताव प्राप्त हुए जिन्हें ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि रवि शंकर गंगवार के अनुसार शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई धनराशि के अनुसार विकास कार्य संपन्न कराए जाएंगे इस बैठक में गन्ना समिति सचिव मेधा चतुर्वेदी जस्ट गन्ना विकास निरीक्षक पटेल विधायक दो एमपी आर्य प्रभारी चिकित्सा अधिकारी क्यों लड़िया डॉक्टर मोहम्मद मुगीश ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">खंड विकास अधिकारी ईशा हर्षिता अगिनहोत्री जे ई अनिल कुमार सिंह शांति शुरू वीडियो पंचायत पूर्ति निरीक्षक नवाबगंज अरुण कुमार बाजपेई खंड शिक्षा अधिकारी विजय कुमार समेत अनेकों अधिकारी उपस्थित थे ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि रवि शंकर गंगवार ने बैठक को संबोधित करते हुए दाबा किया और कहा उन्होंने पूरे कार्यकाल में सरकार की मनसा के अनुरूप कार्य करके किसी के साथ भी भेदभाव नहीं किया 79 ग्राम पंचायत का हवाला देते हुए कहा प्रत्येक गांव में क्षेत्र पंचायत के द्वारा विकास कार्य कराए गए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> जैसा कि सरकार द्वारा सबका साथ सबका विकास का नारा दिया गया उसे हमने धरातल पर उतरने का काम किया है क्षेत्र पंचायत के कार्यकाल की अंतिम बैठक में उन्होंने जोर देते हुए कहा शान द्वारा जो भी धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी उसका भी विकास कार्य जनता को समर्पित किया जाएगा इस बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक प्रमुख रश्मि गंगवार ने की और संचालन ए डी ओ पंचायत यहां पर उपस्थित ग्राम प्रधान भूपेंद्र कुमार रफीक अहमद आबिद अली।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> भाजपा मंडल अध्यक्ष ठाकुर जयदीप सिंह खेमकरण लाल गगवार बलराम सिंह अर्जुन सिंह सनी कुमार सतपाल कश्यप हरिनंदन गंगवार सत्येंद्र मोहन रामचंद्र बलराम सिंह योगेंद्र कुमार अनीश अहमद लालाराम नरेश कुमार मुकेश कुमार त्रिवेंद्र कुमार यज्ञ देव गंगवार समेत भारी संख्या में ग्राम प्रधान एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य गण उपस्थित थे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 22:06:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेवा के अंतिम दौर में बीडीओ ने 22 जून को तालाब व खेल मैदान पर लगवाया फर्जी हाज़िरी*</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>कप्तानगंज बीडीओ चन्द्रभान उपाध्याय रिटायर्ड की रेखा पर खड़े हुए हैं ।और उनके द्वारा किए/कराए गए भ्रष्टाचार की चर्चा जोरों पर बनी हुई है ।पिछले दिनों ग्राम पंचायत नरहरपुर में ललहवा पर तालाब खुदाई कार्य में हुए भ्रष्टाचार को लेकर डीसी मनरेगा बस्ती द्वारा नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया था ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">साहब के आदेशों को पैर की जुती समझ कर 20 दिन बाद भी वीडीओ आख्या प्रेषित करना मुनासिब नहीं समझते। जिसका नतीजा यह है कि सचिव पंकज सिंह का भ्रष्ट्राचार रुक नहीं रहा है कार्यवाही न होने से पुनः एक बार फिर उसी साइड पर मस्टररोल जारी</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182458/in-the-last-round-of-service-bdo-imposed-fake-attendance"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260624-wa0090.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>कप्तानगंज बीडीओ चन्द्रभान उपाध्याय रिटायर्ड की रेखा पर खड़े हुए हैं ।और उनके द्वारा किए/कराए गए भ्रष्टाचार की चर्चा जोरों पर बनी हुई है ।पिछले दिनों ग्राम पंचायत नरहरपुर में ललहवा पर तालाब खुदाई कार्य में हुए भ्रष्टाचार को लेकर डीसी मनरेगा बस्ती द्वारा नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया था ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">साहब के आदेशों को पैर की जुती समझ कर 20 दिन बाद भी वीडीओ आख्या प्रेषित करना मुनासिब नहीं समझते। जिसका नतीजा यह है कि सचिव पंकज सिंह का भ्रष्ट्राचार रुक नहीं रहा है कार्यवाही न होने से पुनः एक बार फिर उसी साइड पर मस्टररोल जारी कर रोजगार सेवक सुनील राव ने फर्जी हाजिरी लगाना शुरू कर दिया ।रोजगार सेवक सुनील राव के हौसले इस कदर बुलंद है कि बिना काम फर्जी हाजिरी लगाई जा रही है यदि यही आलम चलता रहा तो अन्य ग्राम पंचायत के रोजगार सेवक भी सुनील राव की तरह माल समेटने में जुट जाएंगे ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सेवानिवृत होने वाले कप्तानगंज वीडीओ चंद्रभान उपाध्याय तो चले जाएंगे लेकिन आने वाले नवागत अधिकारी के ऊपर भ्रष्टाचार के कार्यवाहियों की तमाम चुनौतियां यादगार के लिए दे जा रहे है</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त समाचार के अनुसार -खंड विकास अधिकारी कप्तानगंज चंद्रभान उपाध्याय दिनांक 30 जून 2026 सायं 5 बजे कार्यकाल समाप्त हो रहा है ।विकास खंड कप्तानगंज में  जिस प्रकार से दर्जनों ग्राम पंचायतो में मनरेगा भ्रष्टाचार एवं शिकायत पर फर्जी रिपोर्ट लगना एव परिसर मयखाना में तब्बदील होने की लगातार खबरे प्रकाशित हो चुकी है तो वही स्थानीय मीडिया के साथ राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के जिला अध्यक्ष कृष्णा ननंद ने बीडीओ कार्यालय में व्याप्त भ्रष्ट्राचार को लेकर ऑन कैमरा बीडीओ की पोल खोली गयी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उससे हर कोई वाकिफ हैं। बीडीओ का गैर जिम्मेदाराना बयान मीडिया सहित आम जनता में चर्चा का माहौल दिनो दिन बढ़ता जा रहा है।जब मीडिया टिम ने फोन पर बीडीओ कप्तानगंज से ग्राम पंचायत नरहरपुर में ललहवा तालाब खुदाई के संबंधों में जानकारी लेनी चाहि तो माकूल जवाब नही मिला।22 जून को मनरेगा पटल पर 45 मजदूरों की फर्जी हाजिरी तो लगी है।बड़ा सवाल यह है कि बीडीओ की कार्यवाही एवं मीडिया के सवालो के जबाब जलेबी की तरह होती यदि कार्यवाही हुयी है तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जाता है ।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 19:50:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कप्तानगंज बीडीओ का भ्रष्टाचार उजागर होते ही बौखला गए बीडियो मीडिया कर्मी की बदसलूकी </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के भ्रष्ट खण्ड विकास अधिकारी कप्तानगंज के संरक्षण में मनरेगा में मचे भ्रष्टाचार व आनलाइन संदर्भों में चल रही कथित हेराफेरी को लेकर दिनाँक 25 जून 2026 को जब स्थानीय मीडिया कर्मियों ने बीडीओ का कच्छा खोलना शुरु किया तो फोन पर दहाड़ मारने वाले बीडीओ भीगी बिल्ली सा लाचार नजर आएं तो बीच बचाव पर उतरे प्रधान प्रतिनिधि को भी मीडिया कर्मियों ने उनकी हैसियत बताने में कोई कोताही नहीं बरती ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार खण्ड विकास अधिकारी कप्तानगंज का कार्यकाल सन्निकट है और इसी 30 जून को सेवा निवृत्त होने वाले हैं । विकास</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182395/as-soon-as-the-corruption-of-kaptanganj-bdo-was-exposed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260626-wa00561.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के भ्रष्ट खण्ड विकास अधिकारी कप्तानगंज के संरक्षण में मनरेगा में मचे भ्रष्टाचार व आनलाइन संदर्भों में चल रही कथित हेराफेरी को लेकर दिनाँक 25 जून 2026 को जब स्थानीय मीडिया कर्मियों ने बीडीओ का कच्छा खोलना शुरु किया तो फोन पर दहाड़ मारने वाले बीडीओ भीगी बिल्ली सा लाचार नजर आएं तो बीच बचाव पर उतरे प्रधान प्रतिनिधि को भी मीडिया कर्मियों ने उनकी हैसियत बताने में कोई कोताही नहीं बरती ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार खण्ड विकास अधिकारी कप्तानगंज का कार्यकाल सन्निकट है और इसी 30 जून को सेवा निवृत्त होने वाले हैं । विकास खण्ड की ग्राम पंचायतों में जिस द्रुतगामी तरीके से मनरेगा में भ्रष्टाचार व लूट मची हुई है उससे बीडीओ की भूमिका संदिग्ध बनी हुई है और उस पर बीडीओ के गैर जिम्मेदाराना बयान से स्थानीय मीडिया कर्मियों की आहत भावनाओ ने उन्हें मोर्चा खोलने पर विवश कर दिया । बीडीओ की कार्य प्रणाली से खफा मीडिया कर्मियों के प्रश्नों से निरुत्तर बीडीओ कार्यकाल की दुहाई देते नजर आए । वैसे भी पूरा ब्लाक परिसर दलालों से पटा पड़ा है और खण्ड विकास अधिकारी अपने हिस्से का माल समेटने में व्यस्त हैं और मनरेगा योजना अपने मूल उद्देश्यों से भटक गयी है और जिम्मेदार मूकदर्शक बने हुए हैं  उस पर बीडीओ व मीडियाकर्मियों के बीच हुए नोकझोंक को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है ।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 19:25:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भ्रष्टाचार की आग में जल रहा बस्ती इसे रोकने अधिकारी फेल नजर आ रहे कैसे होगा ग्राम पंचायत का विकास</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले बिना काम किए ग्राम पंचायतों में भुगतान हेतु मची होड़ ऊपर से खण्ड विकास अधिकारी की चुप्पी बिना कहे ही बहुत कुछ कह रही है । समझने वाले सब समझ रहे हैं परन्तु सेवा के अंतिम पड़ाव में पहुंच चुके बीडीओ  माल समेटने में मस्त हैं , समस्याओं के तरफ उनका ध्यान ही नहीं जा रहा है क्योंकि व्यवस्था प्रीपेड चल रही है सरकार भले ही भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन व जीरो टालरेंस का दावा करे पर सरकारी दावों की पोल खोलने में खण्ड विकास अधिकारी कप्तानगंज जरा सा भी गुरेज नहीं कर रहे हैं । सूत्रों की</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182059/the-township-is-burning-in-the-fire-of-corruption-officials"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260624-wa0090.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले बिना काम किए ग्राम पंचायतों में भुगतान हेतु मची होड़ ऊपर से खण्ड विकास अधिकारी की चुप्पी बिना कहे ही बहुत कुछ कह रही है । समझने वाले सब समझ रहे हैं परन्तु सेवा के अंतिम पड़ाव में पहुंच चुके बीडीओ  माल समेटने में मस्त हैं , समस्याओं के तरफ उनका ध्यान ही नहीं जा रहा है क्योंकि व्यवस्था प्रीपेड चल रही है सरकार भले ही भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन व जीरो टालरेंस का दावा करे पर सरकारी दावों की पोल खोलने में खण्ड विकास अधिकारी कप्तानगंज जरा सा भी गुरेज नहीं कर रहे हैं । सूत्रों की माने तो खण्ड विकास अधिकारी के सेवा का अंतिम वर्ष चल रहा है जिसके कारण व्यवस्थाएं प्रीपेड हो गयी है जिससे उन्हें समस्याएं दिख ही नहीं रही हैं l विकास खण्ड स्तर की बात करें तो दर्जनों ग्राम पंचायतों में बिना काम कराए भुगतान की प्रक्रिया अंतिम दौर में है मगर बीडीओ को ये समस्याएं दिख नहीं रही हैं । मीडिया के सवालों को अपने कुतर्कों से रौदने का बीडीओ द्वारा पूरा प्रयास किया जाता है अन्य जिम्मेदार भी मुँह खोलने से परहेज कर रहे हैं । सवालों का जवाब न देना पड़े इसलिए बीडीओ अक्सर छुट्टियों का बहाना बनाकर जिम्मेदारियों से मुँह मोड़ने में माहिर हैं । देखना यह है कि बीडीओ की नींद टूटेगी या यूँ ही प्रीपेड लूटपाट व्यवस्था जारी रहेगी ।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 17:00:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टूटती तृणमूल कांग्रेस और ममता: संगठनात्मक कमजोरी और जनविश्वास का संकट</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>राजीव शुक्ल-संपादक </strong></blockquote>
<p>पश्चिम बंगाल की राजनीति में तीन दशक से छाई तृणमूल कांग्रेस आज अंदरूनी दरारों और संगठनात्मक टूटन के दौर से गुजर रही है। 2011 में 34 साल पुराने वाम मोर्चे को उखाड़ फेंकने वाली पार्टी अब खुद अपने ही वजन तले डगमगा रही दिखती है। तृणमूल की सबसे बड़ी समस्या बन गई है नेताओं की लगातार नाराजगी और दल-बदल। 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद भी कई विधायक, सांसद और जिला स्तर के नेता पार्टी छोड़कर भाजपा, कांग्रेस और वाम दलों में चले गए। शुभेंदु अधिकारी, मुकुल रॉय, राजीव बनर्जी जैसे कद्दावर नेताओं का जाना संगठन में भरोसे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181935/disintegrating-trinamool-congress-and-mamta-organizational-weakness-and-crisis-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images-(4).jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>राजीव शुक्ल-संपादक </strong></blockquote>
<p>पश्चिम बंगाल की राजनीति में तीन दशक से छाई तृणमूल कांग्रेस आज अंदरूनी दरारों और संगठनात्मक टूटन के दौर से गुजर रही है। 2011 में 34 साल पुराने वाम मोर्चे को उखाड़ फेंकने वाली पार्टी अब खुद अपने ही वजन तले डगमगा रही दिखती है। तृणमूल की सबसे बड़ी समस्या बन गई है नेताओं की लगातार नाराजगी और दल-बदल। 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद भी कई विधायक, सांसद और जिला स्तर के नेता पार्टी छोड़कर भाजपा, कांग्रेस और वाम दलों में चले गए। शुभेंदु अधिकारी, मुकुल रॉय, राजीव बनर्जी जैसे कद्दावर नेताओं का जाना संगठन में भरोसे की कमी को दर्शाता है। नीचे के स्तर पर भी ब्लॉक और पंचायत स्तर पर गुटबाजी खुलकर सामने आ रही है।</p>
<p><br />नियोग, कोयला, गोरू तस्करी और राशन घोटाले जैसे मामलों में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के नाम सामने आए। ED और CBI की कार्रवाई ने संगठन की साख को नुकसान पहुंचाया। आम लोगों में यह धारणा मजबूत हुई है कि सत्ता के साथ भ्रष्टाचार भी जड़ें जमा चुका है। इससे जमीनी कार्यकर्ता हतोत्साहित हैं और मतदाता का एक हिस्सा विकल्प तलाश रहा है।<br />                  टीएमसी आज भी पूरी तरह ममता बनर्जी के व्यक्तित्व पर टिकी है। पार्टी का ढांचा संस्थागत कम, परिवार और करीबी नेताओं के इर्द-गिर्द ज्यादा केंद्रित है। अभिषेक बनर्जी के बढ़ते कद ने भी पुराने नेताओं में असहजता पैदा की है। जब कोई संगठन एक व्यक्ति पर निर्भर हो जाता है, तो उस व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और राजनीतिक रणनीति ही पार्टी का भविष्य तय करने लगती है। फिलहाल ताजा खबर यह है कि टीएमसी एक और बड़ी टूट की कगार पर खड़ी है और यह निश्चित हो गया है कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद अब टीएमसी को उभरने का मौका शायद ही मिल सके। कल सोमवार को नई दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक में ममता बनर्जी उपस्थित नज़र आईं तो वहीं दावा है कि उनकी पार्टी के 20 सांसदो ने बगावत कर दी है। सूचना है कि पार्टी के कई सांसद भाजपा नेताओं से मिलकर बगावत की रणनीति बना रहे थे।</p>
<p>केन्द्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर सोमवार को ही टीएमसी के कई सांसदों ने मुलाकात के बाद अलग गुट बनाने का दावा किया है। पता चला है कि इस बैठक में टीएमसी के पांच सांसद मौजूद रहे। इनमें शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी, जगदीश बसुनिया, कालिपद सोरेन व अनूप चक्रवर्ती शामिल हैं। टीएमसी के लोकसभा में 28 व राज्यसभा में 12 सांसद हैं। सूत्र बताते हैं कि बागी सांसदों ने रविवार को एक बैठक की थी, और उसी वक्त अलग गुट बनाने का ऐलान कर टीएमसी को झटका दिया जाने पर विचार हुआ है।</p>
<p>जब विधायक दल में टूट हुई थी तो सांसदों के बग़ावत की चर्चाओं ने तूल पकड़ लिया था। ऐसा बताया जा रहा है कि बाग़ी सांसद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के भी संपर्क में हैं और बहुत ही जल्द एक नये गुट का ऐलान हो सकता है। टीएमसी की सांसद काकोली घोष ने दावा किया है कि बागी सांसदों ने एनडीए का समर्थन करने का फैसला किया है और लोकसभा स्पीकर को अपने फैसले से अवगत करा दिया है। कोई भी पार्टी जब चुनाव हारती है तब उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती होती है</p>
<p>अपनी पार्टी को टूट से बचाने की क्यों कि हर कोई सत्ता के लड्डू खाना चाहता है, बेकार में विपक्ष में अब कोई बैठना नहीं चाहता है। इसके लिए केंद्र में कांग्रेस में टूट, दिल्ली में आप में टूट उत्तर प्रदेश में सपा में टूट और महाराष्ट्र का उदाहरण देखा जा सकता है। यही संकट अब इस समय टीएमसी के ऊपर मंडरा रहा है। अब देखना यह है कि ममता बनर्जी अपनी पार्टी को टूटने से कितना बचा पातीं हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 17:45:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिद्धार्थनगर : सिंचाई विभाग में AI  फोटो का इस्तेमाल कर 5 करोड़ का फर्जी भुगतान</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><blockquote class="format1"><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>हरीश कुमार चौधरी</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर ।</strong></div></blockquote></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिले में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में कथित तौर पर वित्तीय अनियमितता की खबरें सामने आईं हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बानगंगा बैराज की नहर प्रणाली और उससे निकलने वाली सभी नहरों में सिल्ट सफाई और ढलान घास कटाई का काम ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर को सौंपा गया था।</div><div style="text-align:justify;">  काम के नाम पर सिर्फ धोखा किया गया। जहां नहर सड़क को पार करती है, वहां मात्र 100 मीटर इधर-उधर ही सफाई कराई गई। बाकी लंबी-लंबी नहरें सिल्ट भरी हुई जैसी की तैसी छोड़ दी गईं। स्थानीय निवासी जयंत्री  पाण्डेय ने यह</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>कागजों</strong></h4>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181682/fake-payment-of-rs-5-crore-using-ai-photo-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781878450387.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><blockquote class="format1"><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>हरीश कुमार चौधरी</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर ।</strong></div></blockquote></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिले में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में कथित तौर पर वित्तीय अनियमितता की खबरें सामने आईं हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बानगंगा बैराज की नहर प्रणाली और उससे निकलने वाली सभी नहरों में सिल्ट सफाई और ढलान घास कटाई का काम ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर को सौंपा गया था।</div><div style="text-align:justify;"> काम के नाम पर सिर्फ धोखा किया गया। जहां नहर सड़क को पार करती है, वहां मात्र 100 मीटर इधर-उधर ही सफाई कराई गई। बाकी लंबी-लंबी नहरें सिल्ट भरी हुई जैसी की तैसी छोड़ दी गईं। स्थानीय निवासी जयंत्री  पाण्डेय ने यह आरोप लगाया है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर के अधिशासी अभियंता, सहायक अधिशासी अभियंता और जूनियर इंजीनियरों ने सिल्ट सफाई और अन्य कार्यों के नाम पर लगभग 5 करोड़ सरकारी धन का भारी भ्रष्टाचार और बंदरबांट किया गया है। सरकार की मंशा के उलट बड़े पैमाने पर पैसे का दुरुपयोग किया गया। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच हो और दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित विभागीय कार्रवाई की जाए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> जयंत्री पांडेय ने 12 अप्रैल 2026 को जनसुनवाई (IGRS) पर शिकायत दर्ज कराई, जिसमें सहायक अभियंता चतुर्थ मालविका जैसल और अधिशासी अभियंता पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।  आरोप है कि निविदा शर्तों का खुला उल्लंघन करते हुए बिना कोई वास्तविक काम किए सरकारी धन का गबन किया गया। ट्रेजरी से अवैध भुगतान, कार्यस्थल बदलना, हॉट मिक्स प्लांट और पेवर मशीन का इस्तेमाल न करना, और AI से फर्जी फोटो जेनरेट कर विभाग को गुमराह करना मुख्य आरोप हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>कागजों पर AI से काम दिखाया, जमीन पर बदहाल है हाल</strong></h4><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> जयंत्री पांडेय ने कई तकनीति बिंदुओं पर सिंचाई विभाग में धांधली के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि बाणगंगा नहर प्रणाली और जमींदारी नहर प्रणाली की पट्टियों पर सड़क की गड्ढामुक्ति और नवीनीकरण का काम कागजों पर दिखाया गया लेकिन जमीन पर कुछ नहीं हुआ। AI की मदद से बनाई गई तस्वीरों को असली कहकर पेश किया गया। बस्ती के अधीक्षण अभियंता, गंडक बाढ़ मंडल ने 11 सितंबर 2025 को जारी निविदा (नंबर-03/2025-26) जारी की। इसके तहत सिद्धार्थनगर जिले में नहरों और सड़कों की मरम्मत का काम 2.40 करोड़ रुपये की लागत से कराया जाना था। काम में अतरी माइनर, नौगढ़ माइनर, बानगंगा बैराज, अलीदापुर पश्चिमी नहर, बजहा सागर, बटुआ सागर समेत कई नहरों और नौगढ़ कालोनी के सर्विस रोड को गड्ढामुक्त करना था।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1781878450406.jpg" alt="सिद्धार्थनगर : सिंचाई विभाग में AI  फोटो का इस्तेमाल कर 5 करोड़ का फर्जी भुगतान" width="1080" height="556"></img></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> निर्माण स्थल की कुल लंबाई 13.9 किलोमीटर थी। काम पूरा करने की समयसीमा सिर्फ एक महीने की रखी गई थी। निविदा में साफ शर्त थी कि काम हॉट मिक्स प्लांट और पेवर मशीन से ही होना चाहिए। ठेकेदार को प्लांट अपनी या लीज पर होने का शपथ-पत्र भी देना था।सहायक अभियंता मालविका जैसल और अधिशासी अभियंता की मिलीभगत से बिना जमीन पर हुए किसी काम के ट्रेजरी से भुगतान पूरा कर लिया गया। वाउचर इसकी पुष्टि करते हैं कि धन उस काम के लिए निकाला गया जो जमीन पर हुआ ही नहीं। यह राजकीय धन का खुला गबन है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">  जयंत्री पांडेय ने इस पूरे मामले में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाया है।  सहायक अभियंता मालविका जैसल और अधिशासी अभियंता की मिलीभगत से बिना किसी ठोस काम के ट्रेजरी से पूरा पैसा निकाल लिया गया। वाउचर दिखाते हैं कि पैसे तो निकल गए, लेकिन जमीन पर काम हुआ ही नहीं। यह खुला गबन है। अधिशासी अभियंता के पत्रांक 1829 में निविदा में तय जगहों, अतरी माइनर, नौगढ़ माइनर, सिसवा नेउरा आदि पर काम नहीं कराया गया। अधिशासी अभियंता के एक पत्र में दूसरी जगहों का जिक्र किया गया, जिसका फायदा उठाकर असल काम स्थल पर कुछ नहीं किया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> फर्जी फोटो और AI का इस्तेमालः काम न होने के बावजूद मालविका जैसल पर आरोप है कि उन्होंने AI टूल और मोबाइल एडिटिंग से फर्जी तस्वीरें बनाईं और विभाग को गुमराह किया। इन फर्जी तस्वीरों के आधार पर भुगतान को वैध ठहराने की कोशिश की गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह अनिश्चित है कि काम कहीं हुआ भी या सिर्फ कागजों पर घर की खेती कर सरकारी पैसा बांट लिया गया।जयंत्री पांडेय ने कहा है कि तकनीकी शर्तों का उल्लंघन किया गया है। निविदा शर्त 31 का खुला उल्लंघन किया गया है। बिना हॉट मिक्स प्लांट और पेवर मशीन के काम दिखाया गया। शर्त साफ थी कि काम इन्हीं मशीनों से होना है। बिना प्लांट के सड़क निर्माण तकनीकी रूप से मानकहीन है।जयंत्री पांडेय ने आरोप लगाया, 'शर्त 28 के तहत अनुबंध निरस्त होना चाहिए था, लेकिन अधिकारियों ने एस्टीमेट और NIT बदलकर उच्च अधिकारियों को बिना बताए काम कराया। कार्यस्थल हटने को शर्त 28 के तहत अनुबंध निरस्तीकरण और विभागीय कार्रवाई का आधार बताया गया। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">नोटिफिकेशन में प्रस्तावित नहर पट्टियों के बजाय बजट अपनी मर्जी से कहीं और खर्च करना तकनीकी अपराध है। बिना भौतिक मापन के पैसा बांट लिया गया।निविदा में जिन जगहों का जिक्र है, उनमें बटुआ सागर, बसंतपुर नहर, नौगढ़ कालोनी की पटरी, अलीदापुर पश्चिमी नहर, सिरवत कोठी, सिसवा नेउरा नहर, अतरी माइनर पर कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ। जयंत्री पांडेय ने तस्वीरें भी साझा की हैं। बटुआ सागर में कच्चे रास्ते दिख रहे हैं, कोई मरम्मत नहीं दिख रहा है। बसंतपुर नहर पर पुरानी सड़क घास से भरी हुई है। अलीदापुर पश्चिमी नहर पर पुरानी टूटी सड़क दिख रही है। सिसवा नेउरा और अतरी माइनर पर भी कच्चे रास्ते या टूटी सड़कें हैं। फोटो में तारीखें अप्रैल 2026 की हैं, जो काम पूरा होने के बाद की स्थिति दर्शाती हैं। इन फोटो में GPS लोकेशन, एलिवेशन, समय आदि डिटेल्स मौजूद हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>जहां सफाई का दावा किया गया, वहां घास उगी है</strong></h4><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जयंत्री पांडेय ने केवल IGRS पर ही नहीं, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और अन्य अधिकारियों को पंजीकृत डाक से शिकायतें भेजी हैं।ट्रेजरी वाउचर की जांच कर अवैध भुगतान की रिकवरी मालविका जैसल द्वारा भेजी फोटो की फोरेंसिक जांच दोषी अधिकारियों पर तत्काल कठोर विभागीय और</div><div style="text-align:justify;">अनुशासनात्मक कार्रवाई विभागीय दस्तावेजों में क्या खामी गिनाई गई है?</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">ठेकेदार को कार्यस्थल की जानकारी पहले लेनी होती है। प्री-बिड मीटिंग 18 सितंबर 2025 को बस्ती में होनी थी। टेक्निकल बिड खुलने के 24 घंटे में आपत्ति ईमेल से दर्ज करानी होती है। बजट आवंटन पर ही फाइनेंशियल बिड खुलती है। यह सिर्फ एक सड़क निर्माण का मामला नहीं है। नहर पट्टियों पर बनी सड़कें सिंचाई क्षेत्र में किसानों, आम लोगों की सुविधा के लिए होती हैं। 13.9 किमी सड़क का 4.81 करोड़ का काम अगर कागजों पर रह गया तो विकास योजनाओं का पैसा बर्बाद हो रहा है। AI का इस्तेमाल फर्जी सबूत बनाने में सरकारी विभाग में नई समस्या पैदा कर रहा है। फोरेंसिक जांच जरूरी है ताकि असली और नकली फोटो में फर्क साबित हो। शिकायककर्ता का कहना है कि विभागीय मिलीभगत से ट्रेजरी भुगतान, कार्यस्थल बदले गए, शर्तों की अनदेखी की गई। ये सभी बिंदु ऐसे हैं, जिनकी विभागीय जांच होनी चाहिए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस मामले की शिकायत अधीक्षण अभियंता गंडक बाढ़ मंडल बस्ती, मुख्य अभियंता गोरखपुर, आयुक्त बस्ती, जिलाधिकारी, एसएसपी आदि को पत्र भेज कर की गई है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><blockquote class="format2">इस पूरे प्रकरण में जांच के लिए जो टीम गठित की गई थी ।इसी मंडल के ही अधिकारी शामिल थे । जबकि शासनादेश है कि जिस मंडल का मामला होता है उस मंडल के अधिकारियों को जांच नहीं सौंपी जानी चाहिए। जिसे शासन ने संज्ञान में लेते हुए जांच टीम निरस्त कर दी और दूसरी जांच टीम गठित कर दी है। यह जांच टीम सिद्धार्थनगर कभी धमक सकती है।</blockquote></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 22:58:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जन-आक्रोश मार्च को ऐतिहासिक बनाने में जुटी आजसू, देवघर से बड़ी भागीदारी का दावा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>देवघर, झारखंड:-   </strong>   आजसू पार्टी देवघर जिला कार्यसमिति की बैठक शुक्रवार को जिला अध्यक्ष आदर्श लक्ष्य के आवासीय कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में 22 जून को धनबाद में आयोजित होने वाले आजसू पार्टी के स्थापना दिवस सह जन-आक्रोश मार्च की तैयारियों की समीक्षा की गई तथा कार्यक्रम की सफलता को लेकर रणनीति तय की गई।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">      बैठक में निर्णय लिया गया कि देवघर जिला से लगभग 1000 कार्यकर्ता एवं समर्थक कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके लिए सभी प्रखंड एवं नगर इकाइयों को अधिक से अधिक संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">      बैठक को संबोधित</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">   </div><div style="text-align:justify;">बैठक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181611/ajsu-claims-bigger-participation-from-deoghar-in-making-public-protest"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/news-6-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>देवघर, झारखंड:-   </strong>  आजसू पार्टी देवघर जिला कार्यसमिति की बैठक शुक्रवार को जिला अध्यक्ष आदर्श लक्ष्य के आवासीय कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में 22 जून को धनबाद में आयोजित होने वाले आजसू पार्टी के स्थापना दिवस सह जन-आक्रोश मार्च की तैयारियों की समीक्षा की गई तथा कार्यक्रम की सफलता को लेकर रणनीति तय की गई।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">   बैठक में निर्णय लिया गया कि देवघर जिला से लगभग 1000 कार्यकर्ता एवं समर्थक कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके लिए सभी प्रखंड एवं नगर इकाइयों को अधिक से अधिक संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">   बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एवं प्रवेक्षक राजा साहनी ने कहा कि आजसू पार्टी का इतिहास संघर्ष, जनहित और झारखंडी अस्मिता की रक्षा से जुड़ा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान महागठबंधन सरकार के कार्यकाल में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं में वृद्धि हुई है, जिससे जनता में असंतोष बढ़ा है। उन्होंने कहा कि 22 जून का जन-आक्रोश मार्च जनता की आवाज को मजबूती से उठाने का मंच बनेगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">   जिला अध्यक्ष आदर्श लक्ष्य ने कहा कि देवघर जिला संगठन पूरी ताकत के साथ स्थापना दिवस सह जन-आक्रोश मार्च में भाग लेगा। उन्होंने बताया कि देवघर से 1000 कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम में शामिल कराने का लक्ष्य रखा गया है और इसके लिए व्यापक तैयारी चल रही है।</div><div style="text-align:justify;">बैठक में जानकारी दी गई कि 22 जून को सुबह 11 बजे धनबाद के गोल्फ मैदान में कार्यकर्ता एकत्रित होंगे। इसके बाद जन-आक्रोश मार्च गोल्फ मैदान से शुरू होकर कोयला नगर स्थित नेहरू कॉम्प्लेक्स ग्राउंड तक जाएगा, जहां स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया जाएगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">   बैठक में जिला एवं प्रखंड स्तर के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 18:14:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा जल जीवन मिशन योजना: पानी भरते ही ‘वॉटरफॉल’ बनी लाखों की टंकी, सवालों के घेरे में पूरी व्यवस्था</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में भ्रष्टाचार अंगदकी तरह पांव जमाए बैठे हैं जिसे रोक लगाने जिला प्रशासन फेल नजर आ रहा है बस्ती जिले में कोई ऐसा विभाग नहीं बचा है जहां पर भ्रष्टाचार ना हो रहा हो देखने में सबसे ज्यादा विकास विभाग राजस्व विभाग और पुलिस विभाग द्वारा मनमानी कर भ्रष्टाचार चरम पर है जिम्मेदार अधिकारी को सूचित किया जाता है जांच कर कार्रवाई करने की बात पर फर्जी रिपोर्ट लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है, लेकिन बस्ती जिले में</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181477/jal-jeevan-mission-scheme-becomes-victim-of-corruption-tank-worth"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260618-wa0107.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में भ्रष्टाचार अंगदकी तरह पांव जमाए बैठे हैं जिसे रोक लगाने जिला प्रशासन फेल नजर आ रहा है बस्ती जिले में कोई ऐसा विभाग नहीं बचा है जहां पर भ्रष्टाचार ना हो रहा हो देखने में सबसे ज्यादा विकास विभाग राजस्व विभाग और पुलिस विभाग द्वारा मनमानी कर भ्रष्टाचार चरम पर है जिम्मेदार अधिकारी को सूचित किया जाता है जांच कर कार्रवाई करने की बात पर फर्जी रिपोर्ट लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है, लेकिन बस्ती जिले में इस योजना के क्रियान्वयन की हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। जिले के राजपुर क्षेत्र में बनी एक पानी की टंकी में जैसे ही पानी भरा गया, टंकी की दीवारें जवाब दे गईं और देखते ही देखते पानी तेज धार के साथ बाहर निकलने लगा। कुछ ही मिनटों में पूरी टंकी किसी झरने या वॉटरफॉल का नजारा पेश करने लगी।</div>
<div style="text-align:justify;">इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि लाखों रुपये की लागत से बनी टंकी से पानी कई जगहों से रिसते हुए बाहर निकल रहा है। वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और लोग निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि जिले में जल जीवन मिशन के तहत कई गांवों में पाइप लाइनें बिछाने का काम वर्षों पहले पूरा दिखा दिया गया, लेकिन आज तक नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी। कहीं सड़कें खोदकर छोड़ दी गईं तो कहीं पाइप लाइनें डालने के बाद काम अधूरा पड़ा है। ऐसे में राजपुर की यह घटना पूरे जिले में चल रहे कार्यों की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि टंकी में तकनीकी खामी सामने आने के बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ऑपरेटर को जिम्मेदार ठहराने का प्रयास किया है। हालांकि संबंधित ऑपरेटर का दावा है कि उसने टंकी में मौजूद कमियों और निर्माण संबंधी खामियों की जानकारी पहले ही ग्राम प्रधान तथा विभागीय अधिकारियों को दी थी। उसके अनुसार कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद कमियों को दूर करने के बजाय मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">यह पहला मामला नहीं है जब जल जीवन मिशन की परियोजनाएं सवालों के घेरे में आई हों। इससे पहले पड़ोसी जनपद सिद्धार्थनगर में भी एक पानी की टंकी तेज हवा के दौरान धराशायी हो गई थी, जिसके बाद निर्माण गुणवत्ता को लेकर व्यापक चर्चा हुई थी। अब बस्ती की यह घटना भी यही संकेत दे रही है कि कहीं न कहीं निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी और जवाबदेही की कमी गंभीर समस्या बन चुकी है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाती और शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता, तो करोड़ों रुपये की सरकारी परियोजनाओं की ऐसी दुर्दशा सामने नहीं आती। ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों, ठेकेदारों और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;">राजपुर की फटी हुई पानी की टंकी केवल एक निर्माण की विफलता नहीं, बल्कि उन सवालों का प्रतीक बन गई है जो जल जीवन मिशन के तहत खर्च किए जा रहे करोड़ों रुपये की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर लगातार उठ रहे हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को महज एक तकनीकी खराबी मानता है या फिर इसकी तह तक जाकर जिम्मेदार लोगों को बेनकाब करता है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181477/jal-jeevan-mission-scheme-becomes-victim-of-corruption-tank-worth</link>
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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 19:52:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भ्रष्टाचार छिपाने हेतु जांच अधिकारी अरुण पटेल नही प्रेषित कर रहे जांच रिपोट</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्तीजिले के कप्तानगंज ब्लॉक के नरहरपुर गांव में तालाब खुदाई कार्य में मनरेगा के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आई थी। इस मामले को समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद,जिला ग्राम्य विकास अभिकरण बस्ती ने कड़ा रुख अपनाया था और खंड विकास अधिकारी कप्तानगंज से स्पष्टीकरण तलब किया था।बीडीओ कप्तानगंज ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच अधिकारी को मौके पर भेजकर जांच तो करवा ली, लेकिन एक सप्ताह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को नहीं सौंपी है।प्राप्त समाचार</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181475/to-hide-corruption-investigating-officer-arun-patel-is-not-sending"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260618-wa0108.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्तीजिले के कप्तानगंज ब्लॉक के नरहरपुर गांव में तालाब खुदाई कार्य में मनरेगा के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आई थी। इस मामले को समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद,जिला ग्राम्य विकास अभिकरण बस्ती ने कड़ा रुख अपनाया था और खंड विकास अधिकारी कप्तानगंज से स्पष्टीकरण तलब किया था।बीडीओ कप्तानगंज ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच अधिकारी को मौके पर भेजकर जांच तो करवा ली, लेकिन एक सप्ताह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को नहीं सौंपी है।प्राप्त समाचार के अनुसार बीडीओ कप्तानगंज के मातहत क्रमचारी ग्राम पंचायत नरहरपुर के पानी भरे तालाब में लगी फर्जी हाजिरी की जांच तो कर लिया है । किन्तु एक सप्ताह बाद भी आख्या प्रेषित नही किया गया है।उनका यह रवैया बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि जांच आख्या को दबाने और मामले को ठंडे बस्ते में डालने के लिए जानबूझकर हीला-हवाली की जा रही है वही जांच अधिकारी के बोल भी बदले-बदले नजर आ रहे हैं। मीडिया से बातचीत में जांच अधिकारी ने बताया कि "आख्या नहीं दी जाएगी और कार्य शून्य होगा", जिससे पूरी जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। चर्चाओं का बाजार गर्म है कि सुविधा शुल्क के भारी बोझ तले दबे होने के कारण जिम्मेदार अधिकारी सचिव और रोजगार सेवक पर कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं ।यह रिपोर्ट साफ तौर पर दर्शाती है कि कैसे धरातल पर भ्रष्टाचार की जांच को दबाने के लिए 'सुविधा शुल्क' और प्रशासनिक सांठगांठ का सहारा लिया जा रहा है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाले दोषियों को शह मिल रही है । वहीं बीडीओ का सचिव व रोजगार सेवक पर कानूनी कार्रवाई करने को हाथ कांप रहे हैं।</div></div><div class="yj6qo"><br /></div><div class="adL"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181475/to-hide-corruption-investigating-officer-arun-patel-is-not-sending</link>
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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 19:50:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तिन्ना से पटा तलाब में 194 की लग रही फर्जी हाजिरी धरातल की स्थित जस का तस</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के विकास खंड कप्तानगंज.सरकार भले भ्रष्टाचार मुक्ति का डिडोरा पीट रही है और बड़े-बड़े पोस्टरो पर वादे कर रही हैं । किन्तु प्रशासक बने प्रधान द्वारा मंसूबे पर पानी फेर रही है । जिससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है । जमीनी स्तर पर कप्तानगंज ब्लाक अंतर्गत नरहरपुर में तालाब खुदाई कार्य के नाम पर प्रधान अपनी पूरी ताकत लगाकर भ्रष्टाचार करने में लगे हुए है। या यू कहे भ्रष्टाचार करने के जुनून में सरकार की साख को दाव पर लगा कर सिस्टम को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं । </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">प्राप्त समाचार के अनुसार विकासखंड</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181131/fake-attendance-of-194-is-being-seen-in-patta-pond"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260613-wa0096.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के विकास खंड कप्तानगंज.सरकार भले भ्रष्टाचार मुक्ति का डिडोरा पीट रही है और बड़े-बड़े पोस्टरो पर वादे कर रही हैं । किन्तु प्रशासक बने प्रधान द्वारा मंसूबे पर पानी फेर रही है । जिससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है । जमीनी स्तर पर कप्तानगंज ब्लाक अंतर्गत नरहरपुर में तालाब खुदाई कार्य के नाम पर प्रधान अपनी पूरी ताकत लगाकर भ्रष्टाचार करने में लगे हुए है। या यू कहे भ्रष्टाचार करने के जुनून में सरकार की साख को दाव पर लगा कर सिस्टम को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं । </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">प्राप्त समाचार के अनुसार विकासखंड कप्तानगंज के ग्राम पंचायत नरहरपुर में तालाब खुदाई कार्य मनरेगा के कागज में चल रहा है । तालाब खुदाई में 194 मजदूरों की हाजिरी पटल पर लगाई जा रही है । प्रधान व सचिव कागजी कोरमपूरा कर फर्जी हाजिरी लगवाकर सरकारी धन को लूटने में कोई कोर कसर नही छोड़ रहे है। प्रधान एवं रोजगार सेवक द्वारा भटपुरवा ललहवा पर तिन्ना से पटा/पानी भरे तालाब व तैरती जलकुंभी में लगभग एक सप्ताह से फर्जी हाजिरी सरकारी रजिस्टर पर दर्ज की जा चुकी है । </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">अगर जमीनी हकीकत की बात करे तो मजदूर नही मिले कार्य शून्य है । ग्रामीणों से मालूम हुआ कि प्रधान रोजगार सेवक के सहारे भ्रष्टाचार की पटकथा लिखते हैं और विना कार्य कराए सरकारी धन को लूटने के प्रयास में लगे रहते हैं । ग्रामीणों की बातो पर गौर करे तो प्रधान प्रतिदिन लगभग पच्चास हजार रुपए सरकारी धन का बंदरबांट करने में लगे हुए हैं । ग्राम पंचायत नरहरपुर में नशे में चूर सचिव पंकज सिंह के दस्खत से दो साइडों पर 245 जॉब कार्ड धारकों का मस्टरोल जारी हुई थी । </div><div style="text-align:justify;">.</div><div style="text-align:justify;">जिसमें राम अभिलाख के खेत से अर्खापुर सरहद तक 51 मजदूरो का मस्टर रोल पूर्ण हो चुका है भटपुरवा में ललहवा पर तालाब जीर्णोधार कार्य पर अभी भी ऑनलाइन फर्जी हाजिरी भरे जा रहे हैं लेकिन धरातल की स्थिति जस का तस बनी हुई है ।यदि वास्तव में 194 मजदूरों को लगाकर कार्य कराया गया होता तो स्थल की वर्तमान स्थिति बदल चुकी होती। ग्रामीणो का सवाल है कि क्या जेब भरने के लिए मस्टररोल जारी किया जाता है या फिर वास्तव में गरीब मजदूरों की रोजी-रोटी चलाने के लिए मस्टर रोल जारी किया जाता है । खंड विकास अधिकारी कप्तानगंज यदिअपनी कुर्सी छोड़कर कार्य स्थल का निरीक्षण करते तो शायद इतने बड़े पैमाने पर फर्जी वाडा न होता कहीं ना कहीं वीडिओ साहब के भी हाथ चासनी से सने हुए प्रतीत होती हैं । यदि वीडिओ साहब भ्रष्टाचारियों पर उचित कार्रवाई करते हैं तो जनता की निगाह में सही बन सकते हैं । खबर की पुष्टि के लिए जब साहब से फोन पर पूछा गया तो बताया कि मेरी ड्य़ूटी पुलिस परीक्षा में लगी है आने पर देखवाता हूँ।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"><div class="hp" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="eqJbab cZD3Qb"><br /></div></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 19:02:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बस्ती PWD में 27 साल से जमे अधिकारी पर गंभीर आरोप, पत्नी की फर्म और 65 लाख के लेन-देन की जांच की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में भ्रष्टाचार का जिन्न 27साल बाद बाहर निकल कर आया अपना दल एस के प्रदेश सचिव मुख्य संगठन संजय सिंह पगार ने प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग और तत्कालीन प्रभारी मंत्री प्राविधिक शिक्षा एवं उपभोक्ता मामले को पत्र देकर  गृह जनपद बस्ती में विगत 26-27 वर्षों से तैनात  अधीक्षण अभियन्ता लोक निर्माण विभाग कार्यालय वृत्त बस्ती में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर तैनात  प्रेमचन्द्र पुत्र  राम सेवक पर अनियमितता के  अनेक गंभीर आरोप लगाते हुये उनके स्थानान्तरण और  सतर्कता विभाग से  उच्च स्तरीय जाँच कराये जाने की मांग किया है.भेजे पत्र में  अपना दल एस के प्रदेश</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181126/serious-allegations-against-officer-stuck-in-basti-pwd-for-27"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260613-wa0095.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में भ्रष्टाचार का जिन्न 27साल बाद बाहर निकल कर आया अपना दल एस के प्रदेश सचिव मुख्य संगठन संजय सिंह पगार ने प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग और तत्कालीन प्रभारी मंत्री प्राविधिक शिक्षा एवं उपभोक्ता मामले को पत्र देकर  गृह जनपद बस्ती में विगत 26-27 वर्षों से तैनात  अधीक्षण अभियन्ता लोक निर्माण विभाग कार्यालय वृत्त बस्ती में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर तैनात  प्रेमचन्द्र पुत्र  राम सेवक पर अनियमितता के  अनेक गंभीर आरोप लगाते हुये उनके स्थानान्तरण और  सतर्कता विभाग से  उच्च स्तरीय जाँच कराये जाने की मांग किया है.भेजे पत्र में  अपना दल एस के प्रदेश सचिव मुख्य संगठन संजय सिंह पगार ने कहा है कि  प्रशासनिक अधिकारी के पद पर तैनात  प्रेमचन्द्र  द्वारा ठेकेदारों व कर्मचारियों का लगातार दोहन किया जा रहा है तथा सरकारी अभिलेखों में भी फेरबदल किये जाने की शिकायत पूर्व में जन प्रतिनिधियों द्वारा की जाती रही है परन्तु  प्रेमचन्द्र की  ऊँची पहुँच के कारण मण्डलीय कार्यालय पर तैनाती लेते रहे हैं, जिससे इनके भ्रष्टाचार एवं कागजी हेरफेर के कारण सरकारी कार्यों में भी गोपनीयता भंग की जाती रही है.</div>
<div style="text-align:justify;">प्रेस को जारी विज्ञप्ति में संजय सिंह पगार ने कहा है कि  प्रेमचन्द्र ने अपनी सेवा अवधि का लगभग 90 प्रतिशत समय बस्ती वृत्त, बस्ती कार्यालय में ही व्यतीत किया है. बाबू पद से लेकर प्रशासनिक अधिकारी पद तक की उनकी अधिकांश सेवा बस्ती मण्डल में ही रही है. इतने लंबे समय तक एक ही मंडलीय कार्यालय में तैनाती से प्रशासनिक निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं विभागीय कार्यप्रणाली की गोपनीयता पर गंभीर प्रश्न उत्पन्न होते हैं.</div>
<div style="text-align:justify;">बिजली बिल में 10% बढ़ोतरी से नाराज व्यापारी, बस्ती में प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन यह भी पढ़ें: बिजली बिल में 10% बढ़ोतरी से नाराज व्यापारी, बस्ती में प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन</div>
<div style="text-align:justify;">पत्नी की फर्म के जरिए आर्थिक लाभ पहुंचाने का आरोप</div>
<div style="text-align:justify;">श्री पगार ने बताया कि  प्रेमचन्द्र द्वारा अपने पद एवं प्रभाव का कथित रूप से दुरुपयोग करते हुए ठेकेदारी व्यवस्था में हस्तक्षेप किया जाता रहा है. आरोप है कि उनके द्वारा कुछ चुनिंदा ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने, विभागीय गोपनीय सूचनाओं को प्रभावित करने तथा ई-टेण्डरिंग प्रक्रिया में अनुचित प्रभाव डालने जैसी गतिविधियों में भूमिका निभाई गई है. इसके अतिरिक्त यह भी गंभीर आरोप है कि  प्रेमचन्द्र द्वारा अपनी पत्नी श्रीमती सीमा के नाम से संचालित फर्म मेसर्स बुद्धा इंटरप्राइजेज का उपयोग स्वयं एवं अपने परिवार के सदस्यों को प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष आर्थिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है. उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार उक्त फर्म की प्रोपराइटर श्रीमती सीमा है, जिसका पता रौतापार, गांधी नगर, बस्ती दर्शाया गया है. उक्त फर्म का  यूनियन बैंक में है.तीन साल में खाते से 65 लाख का लेन-देन, जांच की उठी मांग</div>
<div style="text-align:justify;">उपलब्ध बैंक विवरण के अनुसार पिछले लगभग तीन वर्षों में उक्त फर्म के खाते में लगभग 65 लाख रुपये की क्रेडिट एवं डेबिट प्रविष्टियां पाई गई हैं, जिससे लेन-देन की प्रकृति, धन के स्रोत तथा संबंधित ठेकेदारों से संभावित संबंधों की निष्पक्ष जांच आवश्यक हो जाती है. आरोप है कि वे अपने पूर्व कार्यकाल से संबंधित अभिलेखों, कथित अनियमितताओं एवं आने वाली निविदा/ई-टेण्डरिंग प्रक्रियाओं हस्तक्षेप बनाए रखने के उद्देश्य से उसी कार्यालय में बने रहना चाहते हैं. प्रेमचन्द्र ने अपना आलीशान मकान लखनऊ में बनवा लिया है.</div>
<div style="text-align:justify;">इस प्रकार की शिकायतें पूर्व में भी जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय स्तर पर उठाई जाती रही हैं. हाल ही में भी कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा  प्रेमचन्द्र के विरुद्ध शासन स्तर पर लिखित शिकायतें प्रेषित की गई, जिसके क्रम में शासन द्वारा धारा 7 के अंतर्गत मुख्य अभियंता, बस्ती से रिपोर्ट मांगी गई. किंतु मुख्य अभियंता, बस्ती  आनन्द कुमार द्वारा एक माह से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बावजूद शासन को अपेक्षित रिपोर्ट प्रेषित नहीं की गई. जबकि शासन की प्रक्रिया के अनुसार, किसी भी गंभीर शिकायत के क्रम में संबंधित अधिकारी से रिपोर्ट प्राप्त कर स्थानांतरण अथवा अन्य विभागीय कार्रवाई की जाती है.</div>
<div style="text-align:justify;">स्थानांतरण प्रक्रिया की पूर्व निर्धारित समय-सीमा 31 मई तक थी, परंतु रिपोर्ट समय से न भेजे जाने के कारण आवश्यक कार्रवाई प्रभावित हुई. वर्तमान में शासन द्वारा स्थानांतरण प्रक्रिया की समय-सीमा 30 जून तक बढ़ा दी गई है, इसलिए जनहित एवं प्रशासनिक पारदर्शिता की दृष्टि से यह आवश्यक है कि मुख्य अभियंता स्तर से लंबित रिपोर्ट तत्काल शासन को भेजी जाए तथा प्रेमचन्द्र का स्थानांतरण करते हुए उनके विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए.</div>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 18:55:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोनहटी बुजुर्ग में पानी और जलकुंभी के बीच चल रहा मनरेगा कार्य प्रधान सचिन और वीडियो की मिले भगत से</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केखंड विकास अधिकारी साँऊघाट मनोज कुमार श्रीवास्तव की मिली भगत से ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग में धड़ल्ले से मनरेगा फर्जीवाड़ा जारी है । महिला मेट रामावती देवी मनरेगा मजदूरों की उलूल - जुलूल (फर्जी फोटो ) फोटो लगाकर फर्जी मस्टर रोल पूर्ण कर रही है ।</div>
<div>  </div>
<div>आपको बता दें कि ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग में तालाब खुदाई व सफाई के नाम पर दो आनलाइन मस्टर रोल जारी है जिसमें 127 मनरेगा मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाने का कार्य महिला मेट रामावती देवी लगा रही है और ग्राम पंचायत में मनरेगा फर्जीवाड़ा करके वाह - वाही लूट रही</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180883/mnrega-work-going-on-amidst-water-and-hyacinth-in-sonhati"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260608-wa0081.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केखंड विकास अधिकारी साँऊघाट मनोज कुमार श्रीवास्तव की मिली भगत से ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग में धड़ल्ले से मनरेगा फर्जीवाड़ा जारी है । महिला मेट रामावती देवी मनरेगा मजदूरों की उलूल - जुलूल (फर्जी फोटो ) फोटो लगाकर फर्जी मस्टर रोल पूर्ण कर रही है ।</div>
<div> </div>
<div>आपको बता दें कि ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग में तालाब खुदाई व सफाई के नाम पर दो आनलाइन मस्टर रोल जारी है जिसमें 127 मनरेगा मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाने का कार्य महिला मेट रामावती देवी लगा रही है और ग्राम पंचायत में मनरेगा फर्जीवाड़ा करके वाह - वाही लूट रही है । </div>
<div> </div>
<div>मीडिया पड़ताल में पता चला कि ग्राम प्रधान हसीना बानों के द्वारा जिस तालाब की खुदाई व सफाई के नाम पर आनलाइन मस्टर रोल जारी करवाया गया है उस तालाब में पूर्ण रूप से पानी भरा हुआ है और चारों तरफ से जलकुंभी जकड़ा हुआ है । ग्राम प्रधान हसीना बानों व महिला मेट रामावाती देवी उच्च अधिकारियों के आंख में धूल झोंककर मनरेगा फर्जीवाड़ा करने में पूरी मस्त हैं इन लोगों को ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग के विकास कार्यों से कोई मतलब नहीं है ।</div>
<div> </div>
<div>बड़ा सवाल यह है जब तालाब में पूर्ण रूप से पानी भरा हुआ है और चारों तरफ जलकुंभी जकड़ा हुआ है तो कैसे मनरेगा कार्य होता होगा ? आखिर मनरेगा साइड पर अपलोड फोटो की जांच क्यों नहीं हो रही है ? जो जांच का विषय बना हुआ है । सचिव, तकनीकी सहायक व मनरेगा एपीओ अपने-अपने कमीशन बाजी में मस्त हैं और मनरेगा फर्जीवाड़ा में जमकर सहयोग कर रहे हैं । अब देखना यह है कि ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग में पानी से भरे तालाब के नाम पर जारी आनलाइन मस्टर रोल जीरों हो पाता है या नहीं ? अर्थात् बीडीओ मनोज कुमार श्रीवास्तव के लिए ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग के मनरेगा भ्रष्टाचार को खत्म करना किसी चुनौती से कम नहीं है । उक्त प्रकरण में मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल ने जांच कर कार्यवाही करने का निर्देश दिया है ।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 20:56:09 +0530</pubDate>
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