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                <title>Social Justice - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Social Justice RSS Feed</description>
                
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                <title>धमकी से नहीं चलेगा पानी का रिश्ता, पाकिस्तान को आतंकवाद का हिसाब देना होगा</title>
                                    <description><![CDATA[<div>पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर भारत को सिंधु जल समझौते के मुद्दे पर धमकी देने की कोशिश की है। उनका कहना है कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी में कोई कमी करने या उसे रोकने की कोशिश हुई तो पाकिस्तान इसका मुंहतोड़ जवाब देगा। साथ ही उन्होंने कश्मीर पर पाकिस्तान के पुराने रुख को दोहराते हुए कहा कि इस मुद्दे पर उनका देश कभी पीछे नहीं हटेगा। अपने भाषण में उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की प्रशंसा करते हुए यह दावा भी किया कि उनके नेतृत्व में पाकिस्तान ने भारत को पराजित</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185260/water-relations-will-not-work-through-threats-pakistan-will-have"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1002151168.jpg" alt=""></a><br /><div>पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर भारत को सिंधु जल समझौते के मुद्दे पर धमकी देने की कोशिश की है। उनका कहना है कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी में कोई कमी करने या उसे रोकने की कोशिश हुई तो पाकिस्तान इसका मुंहतोड़ जवाब देगा। साथ ही उन्होंने कश्मीर पर पाकिस्तान के पुराने रुख को दोहराते हुए कहा कि इस मुद्दे पर उनका देश कभी पीछे नहीं हटेगा। अपने भाषण में उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की प्रशंसा करते हुए यह दावा भी किया कि उनके नेतृत्व में पाकिस्तान ने भारत को पराजित किया। शहबाज शरीफ के इन बयानों से साफ है कि पाकिस्तान आज भी वास्तविकता को स्वीकार करने के बजाय धमकी, दुष्प्रचार और भावनात्मक नारों का सहारा लेकर अपनी जनता को भ्रमित करना चाहता है।</div><div><br /></div><div>सबसे बड़ा सवाल यह है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को आज अचानक सिंधु नदी का पानी इतना याद क्यों आ रहा है? क्या वे यह भूल गए हैं कि भारत ने दशकों तक एक अंतरराष्ट्रीय समझौते का सम्मान करते हुए पाकिस्तान को उसके हिस्से का पानी दिया? क्या वे यह भूल गए हैं कि भारत ने हमेशा यह माना कि पड़ोसी देशों के साथ संबंध केवल सीमा और सुरक्षा से नहीं, बल्कि मानवता, सहयोग और आपसी विश्वास से भी चलते हैं? लेकिन पाकिस्तान ने बार-बार उस विश्वास को चोट पहुंचाई है। जब पाकिस्तान की धरती से प्रशिक्षित आतंकवादी भारत में निर्दोष नागरिकों का खून बहाते हैं और उसके बाद पाकिस्तान पानी के सवाल पर भारत को धमकी देता है, तो यह उसकी दोहरी नीति का सबसे बड़ा उदाहरण बन जाता है।</div><div><br /></div><div>पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों को निशाना बनाकर की गई आतंकवादी घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। नाम पूछकर लोगों की हत्या करने जैसी अमानवीय घटना का दर्द केवल उन परिवारों का दर्द नहीं है, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया। यह पूरे भारत की पीड़ा है। किसी व्यक्ति की मौत गोली से हो, आतंकवादी हमले में हो या किसी अन्य कारण से, उसके परिवार के लिए उसका दुख समान होता है। ऐसे में पाकिस्तान यदि आतंकवादियों को संरक्षण देने के आरोपों से स्वयं को अलग नहीं करता और दूसरी तरफ भारत से पानी की मांग भी धमकी के स्वर में करता है, तो उसके रवैये पर सवाल उठना स्वाभाविक है।</div><div><br /></div><div>सिंधु जल समझौता भारत की उदारता और दूरदर्शिता का भी प्रतीक रहा है। वर्ष 1960 में हुए इस समझौते के तहत सिंधु नदी प्रणाली की छह प्रमुख नदियों के पानी का बंटवारा निर्धारित किया गया। पूर्वी नदियों रावी, ब्यास और सतलुज के पानी के उपयोग का अधिकार भारत को मिला, जबकि पश्चिमी नदियों सिंधु, झेलम और चिनाब के पानी का बड़ा हिस्सा पाकिस्तान के लिए निर्धारित किया गया। इतने वर्षों तक भारत ने इस समझौते का सम्मान किया। लेकिन परिस्थितियां हमेशा एक जैसी नहीं रहतीं। जब कोई देश लगातार सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप झेलता है और भारत की सुरक्षा तथा नागरिकों को निशाना बनाने वाली गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करता, तो भारत के सामने अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की समीक्षा करना स्वाभाविक है।</div><div><br /></div><div>पाकिस्तान को यह समझना होगा कि पानी कोई धमकी देकर हासिल करने वाली वस्तु नहीं है। अंतरराष्ट्रीय संबंधों में समझौते तभी मजबूत रहते हैं, जब उनके पीछे आपसी विश्वास और जिम्मेदारी की भावना हो। पाकिस्तान यदि भारत से अच्छे संबंध चाहता है तो उसे सबसे पहले आतंकवाद के मुद्दे पर गंभीरता दिखानी होगी। भारत के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देने वालों पर कार्रवाई करनी होगी और यह भरोसा पैदा करना होगा कि पाकिस्तान की जमीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों के लिए नहीं होने दिया जाएगा। केवल भाषण देने और भारत को धमकाने से दोनों देशों के बीच विश्वास पैदा नहीं हो सकता।</div><div><br /></div><div>कश्मीर को लेकर भी पाकिस्तान को वास्तविकता समझने की जरूरत है। कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और भारत अपनी संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जितनी बार चाहें कश्मीर पर पुराने बयान दोहरा सकते हैं, लेकिन इससे जमीन पर वास्तविकता नहीं बदलेगी। कश्मीर के नाम पर दशकों तक आतंकवाद को बढ़ावा देने की नीति ने पाकिस्तान को क्या दिया, यह पाकिस्तान की आर्थिक और सामाजिक स्थिति देखकर समझा जा सकता है। यदि कश्मीर वास्तव में पाकिस्तान की चिंता का विषय है तो उसे आतंकवाद और हिंसा का रास्ता छोड़कर शांतिपूर्ण संबंधों की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।</div><div><br /></div><div>शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में चीन-पाकिस्तान दोस्ती को हिमालय से भी ऊंचा बताया। पाकिस्तान को यह समझ लेना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति भावनाओं पर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हितों पर चलती है। चीन और पाकिस्तान के बीच भले ही रणनीतिक और आर्थिक संबंध हों, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि चीन भारत के साथ अपने व्यापक हितों को छोड़कर पाकिस्तान की हर नीति का समर्थन करेगा। चीन एक बड़ी आर्थिक शक्ति है और भारत भी विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में तेजी से आगे बढ़ रहा है। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक संबंधों का महत्व पाकिस्तान से कहीं अधिक व्यापक है। इसलिए केवल चीन का नाम लेकर भारत को धमकाने की कोशिश पाकिस्तान की कमजोर रणनीति को ही उजागर करती है।</div><div><br /></div><div>पाकिस्तान को यह भी समझना चाहिए कि किसी देश की शक्ति केवल हथियारों से तय नहीं होती। आर्थिक क्षमता, तकनीकी सामर्थ्य, राजनीतिक स्थिरता, कूटनीतिक प्रभाव, मजबूत संस्थाएं और जनता का विश्वास किसी राष्ट्र की वास्तविक ताकत बनते हैं। भारत इन सभी क्षेत्रों में लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। इसके विपरीत पाकिस्तान लंबे समय से आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता, आतंकवाद, महंगाई और जल संकट जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे समय में भारत को धमकी देने के बजाय पाकिस्तान को अपनी ऊर्जा अपने देश की समस्याओं के समाधान में लगानी चाहिए।</div><div><br /></div><div>पाकिस्तान में जल संकट गहराता जा रहा है तो उसका समाधान भारत को धमकी देना नहीं है। पाकिस्तान को अपनी सिंचाई व्यवस्था में सुधार करना होगा, पानी की बर्बादी रोकनी होगी, जल संरक्षण बढ़ाना होगा और अपने राज्यों के बीच पानी के बेहतर प्रबंधन की व्यवस्था करनी होगी। सिंध और बलूचिस्तान जैसे क्षेत्रों में पानी की कमी की शिकायतें केवल भारत के कारण नहीं समझी जा सकतीं। पाकिस्तान की आंतरिक जल प्रबंधन व्यवस्था, बढ़ती आबादी, कृषि पर दबाव और जलवायु परिवर्तन भी इसके महत्वपूर्ण कारण हैं। अपनी नाकामी का दोष भारत पर डाल देना आसान है, लेकिन इससे पाकिस्तान की समस्या हल नहीं होगी।</div><div><br /></div><div>भारत के लिए भी यह समय भावनाओं में बहने के बजाय दृढ़ और संतुलित नीति अपनाने का है। भारत को अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करनी चाहिए और आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति में किसी प्रकार की कमजोरी नहीं दिखानी चाहिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का पक्ष तथ्यों, कानून और जिम्मेदार राष्ट्र की छवि के साथ मजबूती से रखा जाए। भारत ने दुनिया को कई बार दिखाया है कि वह शांति चाहता है, लेकिन शांति को कमजोरी नहीं समझता।</div><div><br /></div><div>शहबाज शरीफ को यह याद रखना चाहिए कि धमकियों से रिश्ते नहीं सुधरते। यदि पाकिस्तान सचमुच भारत के साथ अच्छे संबंध चाहता है तो उसे पहले आतंकवाद की नीति छोड़नी होगी। भारत के नागरिकों के जीवन और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करके पाकिस्तान एक ओर आतंकवाद को बढ़ावा दे और दूसरी ओर पानी के अधिकार की दुहाई दे, यह दोहरा रवैया स्वीकार नहीं किया जा सकता।</div><div><br /></div><div>भारत ने वर्षों तक पड़ोसी होने के नाते उदारता दिखाई है। लेकिन उदारता का अर्थ कमजोरी नहीं होता। भारत शांति का पक्षधर है, पर अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से समझौता नहीं कर सकता। पाकिस्तान चाहे जितनी धमकियां दे, भारत अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार निर्णय लेने में सक्षम है। उसे यह समझना होगा कि पानी मांगने से पहले विश्वास अर्जित करना पड़ता है और विश्वास के लिए आतंकवाद का रास्ता छोड़ना पड़ता है। पाकिस्तान यदि सच में शांति चाहता है तो उसे बंदूक, आतंकवाद और धमकी की भाषा छोड़कर बातचीत, सहयोग और जिम्मेदारी की भाषा अपनानी होगी। यही उसके लिए भी बेहतर है और पूरे उपमहाद्वीप के भविष्य के लिए भी।</div><div>         *कांतिलाल मांडोत*</div><div><br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 17:19:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>संपादकीय पेज के लिए आलेख </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बेरोजगारी गरीबी असमानता भ्रष्टाचार से दबा लोकतंत्र ! </strong></div>
<div>  </div>
<div><strong>मनोज कुमार अग्रवाल </strong></div>
<div>  </div>
<div>  इन दिनों देश आजादी की 80वीं वर्षगांठ का जशन मना रहा है। हुक्मरानों के आह्वान पर देश में घर घर तिरंगा फहराया गया । राजपथ से लेकर जनपथ तक रोशनी की झालर जगमगा रही हैं लेकिन इस खुशहाल भारत के पीछे एक और हकीकत भी छिपी है यह है मुफलिसी, बेरोजगारी, गरीबी, भ्रष्टाचार, सामाजिक असमानता व सस्ते सुलभ न्याय से महरूम हिंदुस्तान, जिसमें आज भी  भूख है, बेगार करने और अन्याय सहने की मजबूरी है, पूंजीवाद के हाथों में जकड़ती लोकतांत्रिक व्यवस्था है इन सबसे इतर नारे हैं</div>
<div>बेरोजगारी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185256/article-for-editorial-page"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img_20260727_151239.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बेरोजगारी गरीबी असमानता भ्रष्टाचार से दबा लोकतंत्र ! </strong></div>
<div> </div>
<div><strong>मनोज कुमार अग्रवाल </strong></div>
<div> </div>
<div> इन दिनों देश आजादी की 80वीं वर्षगांठ का जशन मना रहा है। हुक्मरानों के आह्वान पर देश में घर घर तिरंगा फहराया गया । राजपथ से लेकर जनपथ तक रोशनी की झालर जगमगा रही हैं लेकिन इस खुशहाल भारत के पीछे एक और हकीकत भी छिपी है यह है मुफलिसी, बेरोजगारी, गरीबी, भ्रष्टाचार, सामाजिक असमानता व सस्ते सुलभ न्याय से महरूम हिंदुस्तान, जिसमें आज भी  भूख है, बेगार करने और अन्याय सहने की मजबूरी है, पूंजीवाद के हाथों में जकड़ती लोकतांत्रिक व्यवस्था है इन सबसे इतर नारे हैं उम्मीद हैं और इनके बीच बेरोजगारी महंगाई भ्रष्टाचार से कराहता आम आदमी है।</div>
<div>बेरोजगारी </div>
<div> </div>
<div>हालिया आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत में बेरोजगारी दर लगभग 5.5% है, जो वैश्विक औसत (4.9%) के आसपास और कई प्रमुख जी-20 अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में स्थिर स्थिति में है, हालांकि युवाओं के बीच यह दर तुलनात्मक रूप से अधिक बनी हुई है।आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण के अनुसार देश में कुल बेरोजगारी दर स्थिस्थिर है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्र की दर लगभग 5.1% और शहरी क्षेत्र की दर लगभग 6.4% से 6.6% के बीच दर्ज की गई है।युवा बेरोजगारी की समस्या चुनौती बनकठभारत में 15 से 29 आयु वर्ग के युवाओं में बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से अधिक (लगभग 15% से 16% के बीच) है, जो कौशल अंतराल और तकनीक-आधारित बदलावों को दर्शाती है। वैश्विक और भारतीय बाजारों में अनौपचारिक रोजगार और गुणवत्तापूर्ण पूर्णकालिक नौकरियों की उपलब्धता एक बड़ी चिंता बनी हुई है।</div>
<div> गरीबी की अंतहीन समस्या </div>
<div> </div>
<div>भारत में आज भी गरीबी की समस्या विकराल बनी हुई है। भारत में 20 करोड़ से भी ज्यादा लोग ऐसे हैं, जो गरीबी रेखा से नीचे हैं और काफी मुश्किल से अपना जीवन यापन कर रहे हैं। गरीबी से जुड़े कई ऐसे आंकड़े हैं, जो वाकई डराने वाले हैं। </div>
<div> </div>
<div>विभिन्न अंतरराष्ट्रीय और सरकारी रिपोर्टों के अनुसार, भारत में अभी भी लगभग 23.4 करोड़ लोग गरीबी के स्तर पर जीवन जीने को मजबूर हैं। यह संख्या इस बात पर निर्भर करती है कि गरीबी को मापने के लिए किस मानक या पैमाने का उपयोग किया जा रहा है। बहुआयामी गरीबी सूचकांक के संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर जैसे संकेतकों के आधार पर भारत में लगभग 23.4 करोड़ लोग घोर या बहुआयामी गरीबी में जी रहे हैं, जो दुनिया में सबसे अधिक है।विश्व बैंक के अत्यधिक गरीबी के आंकड़े बता रहे हैं कि विश्व बैंक के मानकों ($2.15 प्रतिदिन आय) के अनुसार, भारत में अत्यधिक गरीबी में जीने वाले लोगों की संख्या घटकर लगभग 7.5 करोड़ (75 मिलियन) रह गई है। पिछले एक दशक में लगभग 26.9 से 27 करोड़ लोग इस अत्यधिक गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। यदि उच्च स्तर यानी लगभग $4.20 प्रतिदिन के मानक को देखा जाए, तो भारत की लगभग 23.9% आबादी (करीब 34.2 करोड़ लोग) आर्थिक सुरक्षा के उस दायरे से नीचे आती है।</div>
<div> </div>
<div><strong>                                                                                   भुखमरी </strong></div>
<div> </div>
<div>नवीनतम ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2025 रिपोर्ट के अनुसार, कुल 123 देशों की सूची में भारत को 102वां स्थान मिला है। इस सूचकांक में भारत का कुल स्कोर 25.8 है, जो देश में भूख और कुपोषण की स्थिति को 'गंभीर' श्रेणी में रखता है। 123 देशों की पड़ताल में भारत का स्थान 102 वां है इस के अनुसार 25.8श्रेणी गंभीर प्रमुख स्वास्थ्य व पोषण 12.0%बाल बौनापन उम्र के हिसाब से कम लंबाई 32.9%बाल कमज़ोरी लंबाई के हिसाब से कम वजन 18.7% रिपोर्ट में दूसरी सबसे अधिक बाल मृत्यु दर 2.8% है। </div>
<div> भुखमरी सूचकांक वर्ष 2020 में भारत 94वें स्थान पर था।भूख और कुपोषण पर नजर रखने वाली वैश्विक भुखमरी सूचकांक की वेबसाइट के अनुसार चीन, ब्राजील और कुवैत सहित अठारह देशों ने पांच से कम के जीएचआई स्कोर के साथ अग्रिम पंक्ति में है। </div>
<div> </div>
<div><strong>                                                                     भ्रष्टाचार </strong></div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक 2025 में भारत 182 देशों में 91वें स्थान पर है। भारत का कुल स्कोर 39 (100 में से) है, जो पिछले वर्ष (2024 में 96वीं रैंक) की तुलना में पाँच स्थानों का सुधार दर्शाता है। यह रिपोर्ट ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल द्वारा जारी की जाती है।डेनमार्क, फिनलैंड और सिंगापुर सबसे कम भ्रष्ट देशों में शामिल हैं। भारत का प्रदर्शन (101रैंक)पाकिस्तान (136वीं रैंक), श्रीलंका (107वीं रैंक), और नेपाल (109वीं रैंक) से बेहतर है, लेकिन चीन (76वीं रैंक) और भूटान (18वीं रैंक) से पीछे है।</div>
<div> </div>
<div><strong>                                                                 गरीब अमीर के बीच खाई </strong></div>
<div> </div>
<div>विश्व असमानता रिपोर्ट 2026 (तीसरा संस्करण) पेरिस स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के द्वारा जारी की गई है। यह रिपोर्ट बताती है कि दुनिया के शीर्ष 10% सबसे अमीर लोगों के पास वैश्विक संपत्ति का तीन-चौथाई (लगभग 75%) हिस्सा है, जबकि सबसे निचले 50% हिस्से के पास केवल 2% संपत्ति है।भारत में शीर्ष 10% लोगों के पास राष्ट्रीय आय का 58% हिस्सा है, जबकि निचले 50% लोगों को केवल 15% ही मिलता है।देश के शीर्ष 1% अमीरों के पास कुल संपत्ति का लगभग 40% हिस्सा है, और शीर्ष 10% के पास करीब 65% संपत्ति है।भारत में केवल 15.7% महिलाएं नौकरी कर रही हैं, और कुल श्रम आय में उनका हिस्सा महज 20% के आसपास है।</div>
<div> </div>
<div>भारत में असमानता गहराई से जड़ें जमा चुकी है, जहाँ शीर्ष 10% राष्ट्रीय आय का 58% हिस्सा अर्जित करते हैं और शीर्ष 1% के पास देश की कुल संपत्ति का 40% हिस्सा है। इसे महिला श्रम शक्ति भागीदारी दर के 15.7% पर स्थिर बने रहने से और बढ़ावा मिलता है।</div>
<div>जलवायु असमानता के लिए सबसे धनी 10% लोग निजी पूंजी से होने वाले उत्सर्जन के 77% के लिये उत्तरदायी हैं; केवल शीर्ष 1% अकेले 41% योगदान करते हैं, जो असमान ज़िम्मेदारी और जोखिम को दर्शाता है।</div>
<div>                               न्याय बना अन्याय</div>
<div>देश में अदालतों में न्याय के लिए लम्बी लाइन लगीं है अगली पेशी अगले साल के चलते लाखों की संख्या में वादी व पीड़ित तारीख पर चक्कर काटते हुए दुनिया से चले जाते हैं पर न्याय नहीं मिलता। स्थिति यह है कि देशभर की अदालतों में निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कुल 5.64 करोड़ से अधिक मुकदमे लंबित (पेंडिंग) हैं।अदालत के स्तर पर लंबित मामलों का विवरणसुप्रीम कोर्ट (सर्वोच्च अदालत): लगभग 96,000 से अधिक केस पेंडिंग हैं।हाई कोर्ट (उच्च न्यायालय): देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों में लगभग 63.76 लाख मामले पेंडिंग हैं।जिला और अधीनस्थ अदालतें (निचली अदालतें): कुल पेंडिंग मामलों का सबसे बड़ा हिस्सा यानी करीब 4.98 करोड़ से अधिक मामले निचली अदालतों में अटके हैं, जो कुल लंबित मामलों का लगभग 85% से अधिक है।</div>
<div>साइबर अपराध </div>
<div>देश में अपराध की स्थिति भी बदतर है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के अंतिम उपलब्ध आंकड़े बताते हैं राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की नवीनतम "क्राइम इन इंडिया" रिपोर्ट के अनुसार, पारंपरिक शारीरिक और हिंसक अपराधों में मामूली कमी दर्ज की गई है, जबकि डिजिटल व वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। देश में समग्र अपराध दर घटकर लगभग 418.9 प्रति लाख जनसंख्या पर आ गई है। विभिन्न डिजिटल और ऑनलाइन धोखाधड़ी में लगभग 17% से 18% की वृद्धि दर्ज की गई है। कुल साइबर मामलों में से लगभग 72% से अधिक का उद्देश्य वित्तीय ठगी रहा है महिलाओं के विरुद्ध मामलों में आंशिक (लगभग 1.5%) कमी आई है, जबकि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में लगभग 7.8% की वृद्धि देखी गई है। हत्या के मामलों में लगभग 2.4% की गिरावट दर्ज की गई है, हालांकि अपहरण और अन्य विवादित मामलों की संख्या में क्षेत्रीय भिन्नता बनी हुई है। वित्तीय गबन और धोखाधड़ी से जुड़े आर्थिक अपराधों में करीब 4.6% की वृद्धि हुई है।</div>
<div>राष्ट्रीय चरित्र में गिरावट </div>
<div>भारतीयों के राष्ट्रीय चरित्र में गिरावट के प्रमुख लक्षणों में अनियंत्रित भ्रष्टाचार, सार्वजनिक संपत्ति के प्रति लापरवाही, नागरिक अनुशासन का अभाव और राष्ट्रहित की तुलना में व्यक्तिगत स्वार्थ को प्राथमिकता देना शामिल है। समाज में नैतिक मूल्यों और सहिष्णुता की कमी भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।</div>
<div>कभी भारतीय लोगों का राष्ट्रीय चरित्र विविधता में एकता, सहिष्णुता, आतिथ्य-सत्कार, परिवार के प्रति अटूट जुड़ाव और कठिन परिस्थितियों में भी उच्च सहनशक्ति (लचीलेपन) पर आधारित है। यहाँ के समाज में धर्म, आध्यात्मिकता और सामूहिक जीवन की भावना गहराई तक समाई हुई है।लेकिन अब स्थिति भिन्न हो चली है। समाज में नैतिक और सामाजिक पतन की शुरुआत हो गई है। भ्रष्टाचार अब अपवाद नहीं बल्कि एक सामान्य और स्वीकृत बात बन गई है। लोग अपने अधिकारों के प्रति अत्यधिक जागरूक हैं, लेकिन अपने मूल कर्तव्यों को भूल रहे हैं। विभिन्न समूहों के बीच सहनशीलता घट रही है और असहिष्णुता बढ़ रही है। 'मेरा क्या फायदा' की सोच ने सामूहिक कल्याण और देशभक्ति की भावना को पीछे छोड़ दिया है।सरकारी संपत्तियों, पार्कों और धरोहरों को गंदा करना या नुकसान पहुँचाना आम हो गया है। यातायात नियमों और सामान्य कानूनों का पालन न करने को शान की बात समझा जाता है। अपराध या दुर्घटना के समय मदद करने के बजाय लोग वीडियो बनाने में व्यस्त रहते हैं।</div>
<div>भारत में राजनीतिक दलों की आपसी प्रतिद्वंद्विता अब इतना बढ़ गया है कि पिछले एक दशक में देश की सबसे बड़ी पंचायत संसद में सबसे कम समय का उपयोग किया जाता है विपक्ष संसद को अखाड़ा बनाने पर तुला है और सत्ता धारी विपक्ष के साथ सूक्ष्मता आम सहमति बनाने में नाकाम रहे हैं। देश ने नीट पेपर लीक के मुद्दे पर हुए प्रदर्शन में जैनजी के भीतर आक्रोश को देखा वहीं जैनजी के कंधे का इस्तेमाल करने की राजनीति को भी देखा वहीं आंदोलन की आड़ में अराजकता अभद्रता असंयमित गालीबाजी को भी सहन किया। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 17:13:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सपा ने मनाई पूर्व सांसद फूलन देवी की जयंती</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर अन्याय अत्याचार एवं शोषण के विरुद्ध मुखर आवाज, सामाजिक न्याय की महान योद्धा, वीरांगना पूर्व सांसद अमर शहीद फूलन देवी की जयंती समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष  राम धीरज साहनी  की अध्यक्षता तथा डुमरियागंज की विधायक सैयद खातून  की उपस्थिति में मनाई गई तथा तथा उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया और विचार गोष्ठी कर विस्तृत रूप से चर्चा कर उनके संघर्षों को याद किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">विचार गोष्ठी में डुमरियागंज की विधायक सैयदा खातून  ने स्वर्गीय फूलन देवी  के जीवन पर विस्तृत रूप से चर्चा करते हुए कहा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185045/sp-celebrated-the-birth-anniversary-of-former-mp-phoolan-devi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1786374928775.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर अन्याय अत्याचार एवं शोषण के विरुद्ध मुखर आवाज, सामाजिक न्याय की महान योद्धा, वीरांगना पूर्व सांसद अमर शहीद फूलन देवी की जयंती समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष  राम धीरज साहनी  की अध्यक्षता तथा डुमरियागंज की विधायक सैयद खातून  की उपस्थिति में मनाई गई तथा तथा उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया और विचार गोष्ठी कर विस्तृत रूप से चर्चा कर उनके संघर्षों को याद किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विचार गोष्ठी में डुमरियागंज की विधायक सैयदा खातून  ने स्वर्गीय फूलन देवी  के जीवन पर विस्तृत रूप से चर्चा करते हुए कहा कि फूलन देवी का पूरा जीवन संघर्षों से भरा रहा और उन्होंने शोषण, अन्याय, अत्याचार के विरुद्ध आजीवन संघर्ष किया फूलन देवी का अपराध यही था कि उन्होंने एक गरीब दलित शोषित परिवार में जन्म लिया सामंतवादी लोगों ने अपने अन्याय एवं अत्याचार से फूलन देवी का जीवन नर्क बना दिया था फूलन देवी एक साहसी विद्रोही और क्रांतिकारी महिला थी समाज ने उनके साथ न्याय नहीं किया इसी अन्याय के विरुद्ध उन्होंने जंग का लड़ने का  निर्णय लिया और क्रांति की प्रतीक बन गई सामाजिक न्याय के प्रणेता स्व.मुलायम सिंह यादव ने एक शोषित और समाज के दबे-कुचले परिवार से निकली हुई अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करने वाली फूलन देवी को जेल से निकालकर अपनी समाजवादी पार्टी से सांसद बनाने का काम किया था और समाज में सम्मान से जीने का अधिकार दिलाया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में पूर्व विधायक विजय पासवान, बेचई यादव,  राममिलन भारती, मणिद्र मिश्रा मशाल,कमरूज्जमा खान, बहरइची प्रसाद प्रेमी, सोनू यादव ,पारसनाथ विश्वकर्मा, बृजभान यादव, जेपी यादव ,अखिलेश मौर्या, चंद्रभान पहलवान, शैलेंद्र शर्मा, मोहम्मद जफर, चंद्रजीत यादव, जोखन चौधरी, चंचल रावत, रामस्वरूप पांडेय ,एजाज अहमद आदि उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/185045/sp-celebrated-the-birth-anniversary-of-former-mp-phoolan-devi</link>
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                <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 21:12:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ सामाजिक न्याय और सशक्तीकरण की दिशा में लखनऊ में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की 09 वर्षों में हुई उल्लेखनीय प्रगति</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong><strong>लखनऊः   </strong></strong></blockquote>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ सामाजिक न्याय, शैक्षिक उन्नयन, आर्थिक सशक्तीकरण तथा समावेशी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। विगत 09 वर्षों में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। विभाग की योजनाओं ने पिछड़े वर्ग के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज की हैं। विभाग द्वारा संचालित पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184363/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-in-09-years"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas17.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong><strong>लखनऊः   </strong></strong></blockquote>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ सामाजिक न्याय, शैक्षिक उन्नयन, आर्थिक सशक्तीकरण तथा समावेशी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। विगत 09 वर्षों में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। विभाग की योजनाओं ने पिछड़े वर्ग के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज की हैं। विभाग द्वारा संचालित पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,01,414 छात्रों को रु0 421.20 लाख की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने में सहायता प्रदान की और विद्यालयी शिक्षा को प्रोत्साहन मिला।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इसी प्रकार दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,91,263 छात्रों को रु0 12,026.36 लाख की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इससे उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को आर्थिक संबल मिला तथा पिछड़े वर्ग के छात्रों की उच्च शिक्षा में भागीदारी बढी । दशमोत्तर शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,69,954 छात्रों को रु0 55,343.84 लाख की शुल्क प्रतिपूर्ति उपलब्ध कराई गई। इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए उच्च, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के द्वार खोले और प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया। यदि इन तीनों प्रमुख शैक्षिक योजनाओं को सम्मिलित रूप से देखा जाए तो कुल 7,62,631 छात्रों को लाभान्वित करते हुए लगभग रु0 67,791.40 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास के क्षेत्र में भी विभाग ने उल्लेखनीय कार्य किया है। O-Level एवं CCC लेवल प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 4,255 छात्रों को रु0 529.22 लाख की लागत से प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। डिजिटल युग में कंप्यूटर शिक्षा और तकनीकी दक्षता युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह योजना युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ने तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में शादी अनुदान योजना भी विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है। इस योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 4,964 जोड़ों को रु. 992.80 लाख का लाभ प्रदान किया गया है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर पिछड़े वर्ग परिवारोंकी बेटियों के विवाह में सहयोग देकर सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक सहायता प्रदान कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />यदि छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति, शादी अनुदान और कौशल विकास योजनाओं को एक साथ देखा जाए तो यह स्पष्ट होता है कि विभाग केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, सामाजिक संरक्षण और रोजगारपरक सशक्तीकरण का व्यापक मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति और अन्य योजनाओं की प्रक्रिया को ऑनलाइन एवं पारदर्शी बनाया गया है। आवेदन, सत्यापन और डीबीटी के माध्यम से लाभ सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />विभाग द्वारा स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में भी कार्य किया गया है। पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से विभिन्न ऋण योजनाओं, मार्जिन मनी सहायता और उद्यमिता प्रोत्साहन कार्यक्रमों से युवाओं और कारीगरों को जोड़ा गया है। इससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिला और आत्मनिर्भरता को बल मिला। पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े समुदायों के उत्थान हेतु भी विभाग ने प्रशिक्षण, उपकरण सहायता और वित्तीय सहयोग प्रदान किया है। इससे कारीगरों और लघु उद्यमियों की आजीविका सुदृढ़ हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में विभाग की योजनाओं का विशेष प्रभाव देखा गया है। महिला लाभार्थियों को प्रशिक्षण, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़कर उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाई गई है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भी योजनाओं का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचाया गया है। विभाग की उपलब्धियों में नियमित समीक्षा और प्रभावी मॉनिटरिंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। समय-समय पर योजनाओं की समीक्षा कर पात्र लाभार्थियों तक लाभ सुनिश्चित किया गया है। पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन की यह व्यवस्था विभागीय कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पिछले 09 वर्षों की प्रगति दर्शाती है कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ ने शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। लाखों विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, हजारों युवाओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण और हजारों जरूरतमंद परिवारों को शादी अनुदान प्रदान कर विभाग ने सामाजिक न्याय को मजबूत किया है। आज विभाग की योजनाएं केवल सहायता कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और अवसर की समानता का माध्यम बन चुकी हैं। शिक्षा से लेकर रोजगार और सामाजिक सुरक्षा तक विभाग की बहुआयामी पहलें पिछड़े वर्ग के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ ने विगत 09 वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। 2,01,414 छात्रों को पूर्वदशम छात्रवृत्ति, 2,91,263 छात्रों को दशमोत्तर छात्रवृत्ति, 2,69,954 छात्रों को शुल्क प्रतिपूर्ति, 4,964 जोड़ों को शादी अनुदान तथा 4,255 युवाओं को O-Leve एवं CCC प्रशिक्षण प्रदान कर विभाग ने सामाजिक और शैक्षिक सशक्तीकरण की दिशा में प्रभावशाली कार्य किया है। यह उपलब्धियां लखनऊ के समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और जनकल्याण की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184363/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-in-09-years</link>
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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 23:35:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फर्जी मुकदमों की बढ़ती चुनौती: एससी-एसटी और पॉक्सो कानूनों के कथित दुरुपयोग पर उठे गंभीर सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">भारतीय न्याय व्यवस्था में देरी तो है ही पर इसके साथ बहुत से मामले ऐसे हैं जिनका दुरुपयोग बड़ी तेजी से हो रहा है। हम बात कर रहे हैं एससी-एसटी एक्ट और पॉक्सो मामलों की जिनमें आदमी अगर सतर्क नहीं रहा तो बहुत बुरी तरह से घिर जाता है। एससी-एसटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट के बढ़ते मुकदमे इसकी गवाही दे रहे हैं। कुछ ऐसे संगठित गिरोह भी हैं जो महिलाओं के द्वारा आदमियों को फंसवाते देखे गए हैं। हालांकि उन गिरोहों का पर्दाफाश होता है लेकिन तब तक आरोपी को सज़ा काटनी ही पड़ती है। इसी तरह एससी-एसटी एक्ट के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184359/growing-challenge-of-fake-cases-serious-questions-raised-on-alleged"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/rajeev.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारतीय न्याय व्यवस्था में देरी तो है ही पर इसके साथ बहुत से मामले ऐसे हैं जिनका दुरुपयोग बड़ी तेजी से हो रहा है। हम बात कर रहे हैं एससी-एसटी एक्ट और पॉक्सो मामलों की जिनमें आदमी अगर सतर्क नहीं रहा तो बहुत बुरी तरह से घिर जाता है। एससी-एसटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट के बढ़ते मुकदमे इसकी गवाही दे रहे हैं। कुछ ऐसे संगठित गिरोह भी हैं जो महिलाओं के द्वारा आदमियों को फंसवाते देखे गए हैं। हालांकि उन गिरोहों का पर्दाफाश होता है लेकिन तब तक आरोपी को सज़ा काटनी ही पड़ती है। इसी तरह एससी-एसटी एक्ट के कानून का दुरुपयोग वर्षों से हो रहा है लेकिन आज तक कितनी ही सरकारें आईं हों इनमें संसोधन नहीं हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को समान न्याय का अधिकार देता है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर ऐसे विशेष कानून बनाए गए जो समाज के कमजोर और संवेदनशील वर्गों को सुरक्षा प्रदान कर सकें। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और पॉक्सो कानून भी इसी सोच का परिणाम हैं। इन कानूनों ने अनेक पीड़ितों को न्याय दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया है और समाज में अपराधियों के विरुद्ध कठोर संदेश दिया है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में एक दूसरा पक्ष भी लगातार चर्चा में रहा है। कई लोग आरोप लगाते हैं कि व्यक्तिगत दुश्मनी, संपत्ति विवाद, राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता या पारिवारिक संघर्ष में इन कानूनों का दुरुपयोग कर झूठे मुक़दमे दर्ज कराए जाते हैं। यह मुद्दा अदालतों, विधि विशेषज्ञों और समाज के बीच लगातार बहस का विषय बना हुआ है। क्या सचमुच फर्जी मुकदमों की बाढ़ है?</p>
<p style="text-align:justify;"><br />यह कहना कि अधिकांश एससी-एसटी या पॉक्सो के मामले फर्जी हैं, उपलब्ध आधिकारिक आँकड़ों के आधार पर उचित नहीं होगा। कई मामलों में जांच के बाद आरोप सिद्ध नहीं हो पाते, लेकिन इसका कारण हमेशा झूठा मुकदमा नहीं होता। कमजोर जांच, पर्याप्त साक्ष्यों का अभाव, गवाहों का मुकर जाना, समझौते का दबाव या लंबी न्यायिक प्रक्रिया भी इसके कारण हो सकते हैं। हालाँकि, विभिन्न उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय ने अलग-अलग मामलों में यह भी स्वीकार किया है कि कुछ मामलों में कानूनों का दुरुपयोग होने की शिकायतें सामने आई हैं। इसलिए यह विषय संतुलित दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता है। निर्दोष व्यक्ति पर मुकदमे का प्रभाव- यदि कोई व्यक्ति वास्तव में झूठे मुकदमे में फँस जाता है, तो उसका प्रभाव केवल अदालत तक सीमित नहीं रहता। उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित होती है, नौकरी पर संकट आ सकता है, आर्थिक बोझ बढ़ जाता है और पूरा परिवार मानसिक तनाव से गुजरता है। वर्षों तक मुकदमा चलने के बाद यदि वह निर्दोष साबित भी हो जाए, तब भी खोया हुआ समय और सम्मान आसानी से वापस नहीं आता। दूसरी ओर यह भी नहीं भूलना चाहिए कि एससी-एसटी कानून और पॉक्सो अधिनियम लाखों वास्तविक पीड़ितों की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। भारत में जातीय उत्पीड़न और बच्चों के साथ यौन अपराध आज भी गंभीर समस्या हैं। यदि इन कानूनों को कमजोर किया जाए या हर शिकायत को संदेह की दृष्टि से देखा जाए, तो वास्तविक पीड़ित न्याय पाने से वंचित हो सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इसलिए चुनौती यह नहीं है कि कानून समाप्त कर दिए जाएँ, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका सही और निष्पक्ष उपयोग हो। देश की अदालतों में करोड़ों मुकदमे लंबित हैं। विशेष कानूनों के अंतर्गत दर्ज मामलों की संख्या बढ़ने से न्यायिक व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। सुनवाई में देरी के कारण न तो पीड़ित को समय पर न्याय मिल पाता है और न ही निर्दोष व्यक्ति को शीघ्र राहत। तेज और वैज्ञानिक जांच, पर्याप्त न्यायाधीशों की नियुक्ति तथा समयबद्ध सुनवाई इस समस्या के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। सरकार की जिम्मेदारी केवल कठोर कानून बनाना नहीं है, बल्कि उनकी निष्पक्ष क्रियान्वयन व्यवस्था सुनिश्चित करना भी है। यदि कहीं झूठे मुकदमे दर्ज होते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं यदि वास्तविक पीड़ित न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं तो उन्हें भी समय पर न्याय मिलना चाहिए। इस विषय पर कई विधि विशेषज्ञ निम्न सुधारों की आवश्यकता बताते हैं— निष्पक्ष और वैज्ञानिक पुलिस जांच। फॉरेंसिक साक्ष्यों का अधिक उपयोग। विशेष अदालतों की संख्या बढ़ाना।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण। यदि अदालत यह पाए कि शिकायत जानबूझकर झूठी और दुर्भावनापूर्ण थी, तो कानून के अनुसार उचित कार्रवाई। पुलिस और अभियोजन अधिकारियों का नियमित प्रशिक्षण। "सरकार और अदालतें धृतराष्ट्र बनी हुई हैं" जैसी अभिव्यक्ति एक राजनीतिक और भावनात्मक टिप्पणी हो सकती है, लेकिन वास्तविक समाधान तथ्यों और संस्थागत सुधारों में निहित है। एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में दो सिद्धांत समान रूप से महत्वपूर्ण हैं—दोषी को दंड मिले और निर्दोष को अनावश्यक दंड या उत्पीड़न न झेलना पड़े। इसलिए आवश्यकता न तो कानूनों को कमजोर करने की है और न ही हर शिकायत को झूठा मानने की। आवश्यकता ऐसी न्याय व्यवस्था की है जो वास्तविक पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाए, निर्दोष लोगों के अधिकारों की रक्षा करे और न्याय प्रणाली पर जनता का विश्वास मजबूत बनाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 22:55:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बुद्ध, संत कबीर और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना ही फेडरेशन का उद्देश्य : प्रो. सुमन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/बहादुरगढ़ ।</strong> डॉ. भीमराव आंबेडकर फेडरेशन ऑफ सोशल जस्टिस पंजीकृत के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. हंसराज सुमन का हरियाणा के बहादुरगढ़ स्थित ओमैक्स सिटी में फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. फौजी इंडिया ने बहुजन समाज के महानायकों से संबंधित चार पुस्तकों का सेट भेंटकर स्वागत किया। इस अवसर पर कैप्टन अभिषेक, कर्नल ईशान, बलवान सिंह रेढ़ू, अनिल कुमार रेढ़ू, जय भगवान और राजू सहित अन्य लोग मौजूद रहे। डॉ. फौजी इंडिया ने कहा कि उनके कार्यालय में आने वाले प्रत्येक बुद्धिजीवी और आंबेडकरवादी का पुस्तकों का सेट भेंटकर स्वागत किया जाता है। उनका उद्देश्य केवल पुस्तकें उपहार देना नहीं, बल्कि</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183916/the-objective-of-the-federation-is-to-spread-the-ideas"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260721-wa0004-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/बहादुरगढ़ ।</strong> डॉ. भीमराव आंबेडकर फेडरेशन ऑफ सोशल जस्टिस पंजीकृत के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. हंसराज सुमन का हरियाणा के बहादुरगढ़ स्थित ओमैक्स सिटी में फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. फौजी इंडिया ने बहुजन समाज के महानायकों से संबंधित चार पुस्तकों का सेट भेंटकर स्वागत किया। इस अवसर पर कैप्टन अभिषेक, कर्नल ईशान, बलवान सिंह रेढ़ू, अनिल कुमार रेढ़ू, जय भगवान और राजू सहित अन्य लोग मौजूद रहे। डॉ. फौजी इंडिया ने कहा कि उनके कार्यालय में आने वाले प्रत्येक बुद्धिजीवी और आंबेडकरवादी का पुस्तकों का सेट भेंटकर स्वागत किया जाता है। उनका उद्देश्य केवल पुस्तकें उपहार देना नहीं, बल्कि पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देना है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इन पुस्तकों को शोकेस या पुस्तकालय की शोभा बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि स्वयं पढ़ने और दूसरों को पढ़ने के लिए देने की आवश्यकता है, ताकि युवा पीढ़ी बहुजन महापुरुषों के संघर्ष, विचारों और सिद्धांतों से प्रेरणा लेकर उन्हें अपने जीवन में उतार सके।उन्होंने बताया कि ओमैक्स सिटी में बहुजन समाज के बुद्धिजीवियों का एक ऐसा मंच तैयार किया गया है, जो जरूरतमंद और गरीब बच्चों की शिक्षा तथा आर्थिक सहायता के लिए निरंतर कार्य करता है।डॉ. फौजी इंडिया ने प्रो. सुमन को 'भारत का संविधान', 'बहुजनों के महानायक एवं समाज सुधारक', 'जाने इतिहास : बाबा साहेब का जीवन संघर्ष' तथा 'बुद्ध धम्म ज्ञान प्रश्नोत्तरी' पुस्तकें भेंट कीं। उन्होंने कहा कि उन्हें अच्छी पुस्तकें पढ़ने का विशेष शौक है और वे ऐसी पुस्तकें चुनकर लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं, जिनसे युवाओं में सकारात्मक सोच विकसित हो।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुस्तकों का अवलोकन करते हुए प्रो. हंसराज सुमन ने कहा कि 'बहुजनों के महानायक एवं समाज सुधारक' पुस्तक में सम्राट अशोक, संत कबीर, संत रविदास, गुरु घासीदास, महात्मा ज्योतिराव फुले, सावित्रीबाई फुले, झलकारी बाई, डॉ. भीमराव आंबेडकर, माता रमाबाई, शहीद भगत सिंह, शहीद ऊधम सिंह, बिरसा मुंडा, मान्यवर कांशीराम सहित अनेक महापुरुषों के जीवन, संघर्ष और समाजहित में किए गए कार्यों का उल्लेख किया गया है। उन्होंने 'भारत का संविधान' पुस्तक का उल्लेख करते हुए बताया कि संविधान सभा की पहली बैठक, प्रारूप समिति के गठन, संविधान निर्माण की प्रक्रिया तथा इसे तैयार करने में लगे दो वर्ष, 11 माह और 18 दिन की विस्तृत जानकारी पुस्तक में दी गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि 26 जनवरी 1950 से लागू हुआ भारतीय संविधान विश्व के सबसे महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक दस्तावेजों में से एक है।जाने इतिहास : बाबा साहेब का जीवन संघर्ष' पुस्तक के बारे में प्रो. सुमन ने कहा कि इसमें डॉ. भीमराव आंबेडकर के संघर्ष, विचारों और सामाजिक योगदान को सरल एवं संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत किया गया है। वहीं 'बुद्ध धम्म ज्ञान प्रश्नोत्तरी' पुस्तक में भगवान बुद्ध, भारतीय संविधान और बहुजन महापुरुषों से जुड़े प्रश्नोत्तर एवं सामान्य ज्ञान को रोचक शैली में प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक विशेष रूप से युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और अंधविश्वास से दूर रहने की प्रेरणा देती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रो. हंसराज सुमन ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर फेडरेशन ऑफ सोशल जस्टिस का मुख्य उद्देश्य भगवान बुद्ध, संत कबीर और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में बहुजन समाज के अनेक महापुरुषों के योगदान को पर्याप्त स्थान नहीं मिला। झलकारी बाई, मातादीन वाल्मीकि, संत गाडगे महाराज, अवंतीबाई लोधी, अहिल्याबाई होल्कर, बिरसा मुंडा और अन्य अनेक विभूतियों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज के इतिहासकारों और साहित्यकारों द्वारा लिखे गए साहित्य के माध्यम से समाज का वास्तविक इतिहास अब धीरे-धीरे लोगों तक पहुंच रहा है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 22:19:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भीम आर्मी के अतुल वाल्मीकि को पुलिस ने किया घर में नजर बंद </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली।</strong> मेरठ की पीड़िता ललिता गौतम के परिवार से मिलने जा रहे सांसद एवं आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रशेखर आज़ाद के कार्यक्रम से पूर्व बरेली में भीम आर्मी के नेता अतुल वाल्मीकि को बीती रात से उनके आवास पर पुलिस ने घर में ही नजर बंद कर उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अतुल वाल्मीकि ने बताया  किसी भी नागरिक या सामाजिक कार्यकर्ता को बिना किसी स्पष्ट कानूनी आदेश के उसके घर में रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। लोकतंत्र में अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाना और पीड़ित परिवार के साथ</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183117/bhim-armys-atul-valmiki-put-under-house-arrest-by-police"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260710-wa0003-(1).jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली।</strong> मेरठ की पीड़िता ललिता गौतम के परिवार से मिलने जा रहे सांसद एवं आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रशेखर आज़ाद के कार्यक्रम से पूर्व बरेली में भीम आर्मी के नेता अतुल वाल्मीकि को बीती रात से उनके आवास पर पुलिस ने घर में ही नजर बंद कर उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अतुल वाल्मीकि ने बताया  किसी भी नागरिक या सामाजिक कार्यकर्ता को बिना किसी स्पष्ट कानूनी आदेश के उसके घर में रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। लोकतंत्र में अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाना और पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना कोई अपराध नहीं है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन के पास कोई वैधानिक आदेश है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। बिना लिखित आदेश के किसी व्यक्ति की स्वतंत्र आवाजाही पर रोक लगाना उचित नहीं है ।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 21:40:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ में भीम आर्मी की प्रेस वार्ता: यूपी की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>राजधानी लखनऊ में भीम आर्मी भारत एकता मिशन द्वारा शनिवार को राजधानी लखनऊ में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन सिंह ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में अपराध और अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं तथा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम का सख्ती से पालन कराया</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182794/bhim-armys-press-conference-in-lucknow-raises-questions-on-law"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/583703.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>राजधानी लखनऊ में भीम आर्मी भारत एकता मिशन द्वारा शनिवार को राजधानी लखनऊ में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन सिंह ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में अपराध और अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं तथा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम का सख्ती से पालन कराया जाए और पीड़ितों को समय पर न्याय एवं सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। विनय रतन सिंह ने युवाओं के भविष्य को लेकर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में लंबित सरकारी भर्तियों को शीघ्र पूरा किया जाए तथा भर्ती परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, सरकारी विद्यालयों, महाविद्यालयों और छात्रावासों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा प्रतियोगी छात्रों के लिए सुरक्षित माहौल बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थानों और सार्वजनिक भवनों का नियमित सुरक्षा एवं फायर ऑडिट कराया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">साथ ही प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत कर प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। प्रेस वार्ता में बिजली, पानी, स्वास्थ्य, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार, युवाओं के लिए रोजगार एवं कौशल विकास के अवसर बढ़ाने तथा संविधान की मूल भावना—समानता, न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व—के अनुरूप शासन व्यवस्था लागू करने की भी मांग की गई। भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि उनकी मांगें किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं, बहुजन समाज और आम नागरिकों के हित में उठाई जा रही हैं। उन्होंने सरकार से जनहित के इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कदम उठाने की अपील की।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182794/bhim-armys-press-conference-in-lucknow-raises-questions-on-law</link>
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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 22:18:21 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बस्ती के हरैया में धूमधाम से मनाई गई डॉ. सोनेलाल पटेल की जयंती, जुटे समर्थक</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती के हरैया स्थित आर. जे. आर. एस. पटेल इंटर कॉलेज के प्रांगण** में आज अपना दल के संस्थापक, बौद्ध सत्त्व यशकाय डॉ. सोनेलाल पटेल जी का जन्मदिवस केक काटकर धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। दोपहर 12:00 बजे आयोजित हुए इस भव्य समारोह में भारी संख्या में कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों ने हिस्सा लिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अपना दल (कमेरावादी) पार्टी के जिलाध्यक्ष राम भवन पटेल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित सिद्धनाथ पटेल बंसीलाल पटेल राम जियावन पटेल भीम गौतम सभी लोग रहे मौजूद । डॉ. सोनेलाल पटेल के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182565/supporters-gathered-to-celebrate-the-birth-anniversary-of-dr-sonelal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260702-wa0057.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती के हरैया स्थित आर. जे. आर. एस. पटेल इंटर कॉलेज के प्रांगण** में आज अपना दल के संस्थापक, बौद्ध सत्त्व यशकाय डॉ. सोनेलाल पटेल जी का जन्मदिवस केक काटकर धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। दोपहर 12:00 बजे आयोजित हुए इस भव्य समारोह में भारी संख्या में कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों ने हिस्सा लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपना दल (कमेरावादी) पार्टी के जिलाध्यक्ष राम भवन पटेल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित सिद्धनाथ पटेल बंसीलाल पटेल राम जियावन पटेल भीम गौतम सभी लोग रहे मौजूद । डॉ. सोनेलाल पटेल के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर बोलते हुए जिलाध्यक्ष राम भवन पटेल ने कहा कि डॉ. सोनेलाल पटेल जी ने अपना पूरा जीवन शोषितों, वंचितों, किसानों और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित कर दिया था। आज के दिन हम सभी उनके बताए गए सामाजिक न्याय के मार्ग पर चलने और उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का दृढ़ संकल्प लेते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समारोह के दौरान वक्ताओं ने समाज में समानता और कमेरा (मजदूर-किसान) समाज के हक-अधिकारों की बात रखी। कार्यक्रम के अंत जिलाध्यक्ष राम भवन पटेल ने इंटर कॉलेज प्रांगण में आए सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय जनता का आभार व धन्यवाद व्यक्त किया।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 18:26:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज की 152वीं जयंती पर सामाजिक न्याय एवं पीडीए विषयक परिचर्चाf</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> समाजवादी पार्टी कानपुर महानगर द्वारा आज शुक्रवार को राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज की 152वीं जयंती के अवसर पर महानगर कार्यालय, कानपुर में "सामाजिक न्याय एवं पीडीए" विषय पर परिचर्चा सम्मेलन का आयोजन महानगर अध्यक्ष हाजी फ़ज़ल महमूद की अध्यक्षता में किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम का संचालन महानगर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेंद्र यादव मिन्टू ने किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सम्मेलन को संबोधित करते हुए हाजी फ़ज़ल महमूद ने कहा कि राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज का जन्म 26 जून 1874 को कोल्हापुर में हुआ था। उन्होंने सामाजिक न्याय, समानता तथा शोषित, वंचित, पिछड़े एवं दलित समाज के उत्थान के लिए ऐतिहासिक कार्य किए। उन्होंने तत्कालीन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182499/discussion-on-social-justice-and-pda-on-the-152nd-birth"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1002036885-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> समाजवादी पार्टी कानपुर महानगर द्वारा आज शुक्रवार को राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज की 152वीं जयंती के अवसर पर महानगर कार्यालय, कानपुर में "सामाजिक न्याय एवं पीडीए" विषय पर परिचर्चा सम्मेलन का आयोजन महानगर अध्यक्ष हाजी फ़ज़ल महमूद की अध्यक्षता में किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम का संचालन महानगर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेंद्र यादव मिन्टू ने किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सम्मेलन को संबोधित करते हुए हाजी फ़ज़ल महमूद ने कहा कि राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज का जन्म 26 जून 1874 को कोल्हापुर में हुआ था। उन्होंने सामाजिक न्याय, समानता तथा शोषित, वंचित, पिछड़े एवं दलित समाज के उत्थान के लिए ऐतिहासिक कार्य किए। उन्होंने तत्कालीन शासकों से आह्वान किया था कि समाज के पिछड़े एवं दलित वर्गों को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में उचित अवसर दिए जाएं, अन्यथा अन्याय के विरुद्ध जनआंदोलन परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि आज भी संविधान की मजबूती और सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए पीडीए की एकजुटता आवश्यक है। समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अधिकार एवं सम्मान दिलाकर ही सामाजिक समरसता और बराबरी का संदेश स्थापित किया जा सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हाजी फ़ज़ल महमूद ने कहा कि राजर्षि शाहूजी महाराज बाल विवाह के प्रबल विरोधी थे तथा उन्होंने निःशुल्क शिक्षा, निःशुल्क चिकित्सा और सामाजिक समानता को शासन की प्राथमिकता बनाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भारतीय जनता पार्टी महापुरुषों के आदर्शों से भटक गई है, जिसके कारण गरीब, पिछड़े, दलित एवं वंचित वर्ग के साथ अन्याय हो रहा है। समाजवादी पार्टी राजर्षि शाहूजी महाराज के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने और सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने भी राजर्षि शाहूजी महाराज के जीवन, संघर्ष एवं सामाजिक न्याय के प्रति उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प व्यक्त किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में प्रमुख रूप से महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद,प्रदेश सचिव के के शुक्ला,वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेंद्र यादव मिन्टू,महासचिव संजय सिंह बंटी सेंगर,नंदलाल जयसवाल,सत्यनारायण गहरवार,महेन्द्र सिह,समीर सोनकर,परमवीर गंभीर,रजत मिश्रा,पुष्पेंद्र कटियार,गुड्डू यादव,जस्वेंद्र निषाद प्रमुख रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 21:02:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अखिलेश यादव का 54वां जन्मदिवस धूमधाम से मनाया गया, 2027 में सपा सरकार बनाने का कार्यकर्ताओं ने लिया संकल्प</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में समाज वादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के 54वें जन्मदिवस के अवसर पर बुधवार को 309 रुधौली विधानसभा क्षेत्र के मानिकचंद चौराहा स्थित अपना मैरिज हॉल में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, समर्थक एवं क्षेत्रीय नागरिक शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने केक काटकर, मिष्ठान वितरित कर तथा एक-दूसरे को शुभकामनाएं देकर जन्मदिवस मनाया। पूरे कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के समर्थन में नारे गूंजते रहे और कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्य अतिथि रुधौली विधायक राजेंद्र प्रसाद</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182435/akhilesh-yadavs-54th-birthday-was-celebrated-with-pomp-workers-took"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/10020515241.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में समाज वादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के 54वें जन्मदिवस के अवसर पर बुधवार को 309 रुधौली विधानसभा क्षेत्र के मानिकचंद चौराहा स्थित अपना मैरिज हॉल में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, समर्थक एवं क्षेत्रीय नागरिक शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने केक काटकर, मिष्ठान वितरित कर तथा एक-दूसरे को शुभकामनाएं देकर जन्मदिवस मनाया। पूरे कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के समर्थन में नारे गूंजते रहे और कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्य अतिथि रुधौली विधायक राजेंद्र प्रसाद चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि समाजवादी पार्टी ही प्रदेश के सर्वांगीण विकास, सामाजिक न्याय और सभी वर्गों के सम्मान की राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाना प्रत्येक कार्यकर्ता का संकल्प होना चाहिए। इसके लिए अभी से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना होगा तथा गांव-गांव जाकर पार्टी की नीतियों और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा किए गए विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे व्यक्तिगत मतभेदों को भुलाकर संगठन की मजबूती के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करें। विधायक ने कहा कि मजबूत संगठन ही समाजवादी पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है और कार्यकर्ताओं की मेहनत से ही वर्ष 2027 में प्रदेश में समाजवादी सरकार का गठन संभव होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विधायक ने कहा कि रुधौली विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए वे लगातार प्रयासरत हैं और जनता की हर समस्या के समाधान के लिए सदैव उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं तथा जनता के विश्वास पर खरा उतरना उनकी प्राथमिकता है।कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने भी अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया तथा उनके स्वस्थ, दीर्घायु एवं सफल जीवन की कामना की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर मो. उमर खान, राम तीरथ यादव, जितेंद्र यादव, कुलदीप मौर्य, मो. नसीम, धर्मेंद्र चौधरी,राजा भैया, शिवमूरत एडवोकेट, अरविंद चौधरी, रतनसेन चौधरी, आशिक अली, राम किशोर यादव, मनोज यादव, पतिराम चौधरी, राधेश्याम यादव, शिवप्रसाद यादव, प्रदीप नारायण मिश्रा, जमुना प्रसाद यादव, आशीष उपाध्याय, घिरेन्द्र निषाद (चेयरमैन), राम कुमार यादव, रघुवीर यादव, विजयपाल चौधरी, फूलचंद्र चौधरी, सुभाष चंद्र यादव, प्रकाश यादव, महेश चौधरी, शिव सहाय चौधरी, रामयज्ञ चौधरी, प्रेमा भारती, मुडबरा प्रधान, सूर्या चौधरी, गुड्डू चौधरी, शनि पांडेय, राकेश चौधरी, राजेश चौधरी, दिनेश चौधरी, डी.के. चौधरी, धीरेन्द्र शुक्ला, हनुमान चौधरी, विकास वर्मा, सियाराम पाल, रामचंद्र यादव, राजेंद्र चौधरी (प्रधान), अनिल चौधरी (प्रधान) सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता, समर्थक एवं क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन मिष्ठान वितरण एवं सभी के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 19:29:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संपादकीय पेज के लिए समसामयिक आलेख </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">देश में इन दिनों मजहबी आतंकवाद ने लवजेहाद का मुखौटा पहन लिया है। लव जिहाद सिर्फ श्रद्धा वालकर, साक्षी, सीमा गौतम, अनामिता, यशोदा, रबिता पहाड़िन, तनिष्का शर्मा, निकिता तोमर, चयनिका और टिक-टॉक स्टार शिवानी जैसी सैकड़ों हिंदू लड़कियों की कहानियां नहीं हैं। वास्तविकता में लव जिहाद आतंकवाद का ही दूसरा चेहरा है। यह हिंदू बेटियों पर अंतहीन अत्याचार, उनके धर्मांतरण और जिहाद की जुगुत्सा का बेहद वीभत्स और जीवंत चित्रण है। लव जिहाद या रोमियो जिहाद एक षड्यंत्र है, जिसके तहत मुस्लिम लड़के, गैर-मुस्लिम लड़कियों के साथ प्यार का ढोंग करके उनका धर्म-परिवर्तन कराते हैं। ये सिर्फ उनकी अस्मत ही</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181582/current-articles-for-editorial-page"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas16.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">देश में इन दिनों मजहबी आतंकवाद ने लवजेहाद का मुखौटा पहन लिया है। लव जिहाद सिर्फ श्रद्धा वालकर, साक्षी, सीमा गौतम, अनामिता, यशोदा, रबिता पहाड़िन, तनिष्का शर्मा, निकिता तोमर, चयनिका और टिक-टॉक स्टार शिवानी जैसी सैकड़ों हिंदू लड़कियों की कहानियां नहीं हैं। वास्तविकता में लव जिहाद आतंकवाद का ही दूसरा चेहरा है। यह हिंदू बेटियों पर अंतहीन अत्याचार, उनके धर्मांतरण और जिहाद की जुगुत्सा का बेहद वीभत्स और जीवंत चित्रण है। लव जिहाद या रोमियो जिहाद एक षड्यंत्र है, जिसके तहत मुस्लिम लड़के, गैर-मुस्लिम लड़कियों के साथ प्यार का ढोंग करके उनका धर्म-परिवर्तन कराते हैं। ये सिर्फ उनकी अस्मत ही नही लूटते है वरन उनके अश्लील वीडियो एमएमएस बना कर ब्लेक मेल कर उनको दूसरी हिन्दू लड़कियों को चंगुल मे फंसाने के लिए मजबूर करते हैं इतना ही नहीं जाल में फंसी इन लड़कियों को अब सुनियोजित तरीके से नशे की डोज देकर नशे की आदत डालने का धंधा भी चल रहा है इसके साथ ही इनको फुसलाकर और की बार ब्लेक मेल कर और जबरन धर्म परिवर्तन करने के लिए मजबूर किया जाता है इसके साथ ही इनका आर्थिक शोषण भी किया जाता है यदि शिकार लड़की अच्छे सम्पन्न परिवार से सम्बद्ध है तो उसे परिवार की बदनामी का भय दिखा कर लाखों रुपए की रकम बार बार वसूली जाती है। </div>
<div style="text-align:justify;">हाल ही में महाराष्ट्र के नागपुर से एक ऐसा खौफनाक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे देश को सन्न कर दिया है। यहां भारतीय वायुसेना  के एक अधिकारी की 24 साल की पत्नी को न सिर्फ 'रेप' और ब्लैकमेल का शिकार बनाया गया, बल्कि 'काला जादू' (काला जादू) कर उसका निजी धर्म भी बदल दिया गया। इस खतरनाक वायरस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, आरोप है कि नागपुर में भारतीय वायु सेना के अधिकारी की पत्नी के साथ ये दरिंदगी की गई। पीड़िता का आरोप है कि उसे नशीली दवा देकर रेप किया गया, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया और उससे लाखों रुपये ऐंठे गए. इन सबके बाद धर्म बदलने के लिए दबाव डाला गया। 
<div style="text-align:justify;">पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मदारे और अमीन शेख को गिरफ़्तार कर लिया है, जबकि मध्य प्रदेश के तामिया निवासी तीसरे आरोपी हजरत मौलाना की तलाश जारी है.पुलिस के मुताबिक, पीड़ित महिला का पति एयरफोर्स अधिकारी और अन्य शहर में अधिकारी है। महिला नागपुर में नौकरानी डीलिंग का काम करती है। इसी बात की फ़ायदेमंदी उसके स्कूल के पुराने क्लासमेट अय्याज़ ताज मदारे (26) ने रची है। पुलिस के मुताबिक शिकायत करने वाली 24 साल की महिला के पति इंडियन एयर फ़ोर्स में हैं और अभी दूसरे शहर में तैनात हैं. पीड़िता प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करती है. फरवरी 2025 में अयाज़ ने कथित तौर पर एक प्लॉट खरीदने के बहाने उससे संपर्क किया और उसे वर्धा रोड पर एक होटल में बुलाया. महिला का आरोप है कि उसने उसे नशीला पदार्थ मिला हुआ जूस पिलाया और बेहोशी की हालत में उसके साथ रेप किया, साथ ही इस हरकत का वीडियो और फ़ोटो भी बनाए और कथित तौर पर उससे 3.09 लाख रुपये ऐंठे. पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि उस पर इस्लाम अपनाने का दबाव डाला गया और धार्मिक रीति-रिवाजों के नाम पर उससे कई तरह की चीजें कराई गईं.</div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस ने बलात्कार, बार-बार यौन उत्पीड़न, जबरन वसूली, ब्लैकमेल और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपों के साथ-साथ काला जादू विरोधी कानून की धाराओं को भी लागू किया है। नागपुर पुलिस की एक टीम उस मौलाना की तलाश कर रही है जिसने कथित तौर पर धर्म परिवर्तन कराया था।</div>
<div style="text-align:justify;">डीसीपी सुरेश रेड्डी ने कहा, "महिला ने अपनी शिकायत में बलात्कार, जबरन वसूली, धर्मांतरण और काला जादू का आरोप लगाया है। जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का फोरेंसिक विश्लेषण किया जा रहा है। यह सबूत बेहद अहम साबित होगा। धर्मांतरण कराने वाले मौलाना की तलाश में पुलिस की एक टीम दूसरे राज्य गई है। गहन जांच जारी है।"  नागपुर पुलिस ने अय्याज मदारे और अमीन शेख को गिरफ्तार कर लिया है।</div>
<div style="text-align:justify;">इससे पहले अभी अप्रैल माह में महाराष्ट्र के अमरावती जिले के अचलपुर-परतवाड़ा इलाके से एक बेहद गंभीर यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग मामले ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी . पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी मोहम्मद अयान ऊर्फ मोहम्मद तनवीर को गिरफ्तार किया गया . प्राथमिक जांच में पता चला  कि आरोपीएआइएमआइएम का कार्यकर्ता है और लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर उनका अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करता था.</div>
<div style="text-align:justify;">अमरावती में 180 युवतियों को प्रेमजाल में फंसाकर 350 अश्लील वीडियो बनाए गए. आरोपियों ने ब्लैकमेल कर कई बार शोषण किया. पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू की.स्थानीय सांसद डॉ. अनिल बोंडे के अनुसार, यह मामला किसी बड़े संगठित गिरोह से जुड़ा हो सकता है. उन्होंने बताया कि मोहम्मद अयान और मोहम्मद जोयान सहित अन्य आरोपियों ने 180 से अधिक लड़कियों के करीब 350 आपत्तिजनक वीडियो बनाए. इन वीडियो के जरिए उन्हें देह व्यापार में धकेलने के लिए ब्लैकमेल किया गया इससे पहले यूपी के मिर्जापुर में जिम की आड़ में चल रहे एक बड़े धर्मांतरण रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है. इस गिरोह का संचालन पुलिस का एक सिपाही और उसके साथी मिलकर कर रहे थे. इंस्टाग्राम से दोस्ती, ब्लैकमेलिंग और फिर धर्म परिवर्तन के इस काले खेल में अब तक 6 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई .मिर्जापुर पुलिस ने जिम के जरिए संचालित हो रहे एक सुनियोजित धर्मांतरण नेटवर्क का खुलासा किया है. जीआरपी में तैनात सिपाही इरशाद खां और उसके शागिर्द फरीद अहमद ने 'आयरन फायर' और 'KGN 2.0' जिम की आड़ में 50 से अधिक लड़कियों को जाल में फंसाया.</div>
<div style="text-align:justify;"> ये आरोपी इंस्टाग्राम के जरिए युवतियों से संपर्क बढ़ाते थे और बाद में प्रेम जाल या आपत्तिजनक वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाते थे. पुलिस ने मुख्य सरगना लकी अली के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया , जबकि सिपाही इरशाद और मुठभेड़ के बाद ट्रेनर फरीद को गिरफ्तार किया गया.</div>
<div style="text-align:justify;">इन सभी वारदातों के मद्देनज़र यह साफ  है हिन्दू लड़कियों को फुसलाकर लवजेहाद में फंसा कर अय्याशी नशाखोरी और ब्लैकमेलिंग कर उनके धर्मांतरण का सिलसिला चल रहा है इस के पीछे सुनियोजित साजिश है और मजहबी वित्त व लीगल मदद भी भूमिका निभा रही हैं इस सम्बंध में अधिकाधिक जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं पिछले 40 वर्ष से लेखन और पत्रकारिता से जुड़े हैं) सम्पर्क 9219179431 </div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 17:01:15 +0530</pubDate>
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