<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/67418/india-economic-growth" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>india economic growth - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/67418/rss</link>
                <description>india economic growth RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>राष्ट्रहित और जनहित के कार्य करने वालों को ही जनादेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">देश में हाल ही में पाँच राज्यों में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों की यदि ईमानदारी से व्याख्या की जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह स्पष्ट दिखाई देता है कि जनता ने उन्हीं दलों और नेताओं को जनादेश दिया है जिनकी छवि साफ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वच्छ और ईमानदार रही है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय जनता पार्टी को बिहार के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जो व्यापक जनसमर्थन मिला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसके पीछे केंद्र की</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा  की नरेंद्र मोदी  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार की राष्ट्रहित और जनहित में कार्य करने वाली नीतियों की बड़ी भूमिका रही है। इन नीतियों के कारण देश न केवल आंतरिक रूप से</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178740/mandate-only-for-those-working-in-national-interest-and-public"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/hindi-divas2.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">देश में हाल ही में पाँच राज्यों में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों की यदि ईमानदारी से व्याख्या की जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह स्पष्ट दिखाई देता है कि जनता ने उन्हीं दलों और नेताओं को जनादेश दिया है जिनकी छवि साफ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वच्छ और ईमानदार रही है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय जनता पार्टी को बिहार के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जो व्यापक जनसमर्थन मिला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसके पीछे केंद्र की</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा  की नरेंद्र मोदी  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार की राष्ट्रहित और जनहित में कार्य करने वाली नीतियों की बड़ी भूमिका रही है। इन नीतियों के कारण देश न केवल आंतरिक रूप से</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अधिक मजबूत और सशक्त हुआ है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">विधानसभा चुनावों के परिणाम देश के राजनीतिक दलों और नेताओं के लिए यह स्पष्ट संदेश है कि इक्कीसवीं सदी के आधुनिक और जागरूक भारत में जात-पात और धर्म के नाम पर राजनीति कर सत्ता प्राप्त करना अब आसान नहीं रहा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज का मतदाता पंच से लेकर प्रधानमंत्री तक के चुनाव में विकास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा और सुशासन की गारंटी चाहता है। वह उसी व्यक्ति और दल को अपना समर्थन देता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो उसकी अपेक्षाओं पर खरा उतरता है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत में डेढ़-दो दशक पहले तक कई राज्यों में जातिवाद और धर्म आधारित राजनीति के सहारे सरकारें बनती रही हैं। इसका परिणाम यह हुआ कि प्राकृतिक संसाधनों और व्यापारिक संभावनाओं से सम्पन्न कई राज्य भी भय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भूख और भ्रष्टाचार के प्रतीक बनकर रह गए।</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्र में प्रधानमंत्री</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">नरेंद्र मोदी </span><span lang="hi" xml:lang="hi">के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद देश की राजनीति में बड़ा परिवर्तन देखने को मिला है। जाति और धर्म की राजनीति करने वाले दलों का जनाधार लगातार कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों और उनकी व्यक्तिगत ईमानदार छवि के कारण भारत आज विश्व की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश आंतरिक और बाहरी दोनों स्तरों पर अधिक सुरक्षित</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सक्षम और आत्मनिर्भर बनता जा रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज यदि देश के दो दर्जन के आसपास राज्यों में</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अथवा उसके सहयोगी दलों की सरकारें है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो इसके पीछे केंद्र सरकार की विश्वसनीय और जनहितकारी छवि का महत्वपूर्ण योगदान है। इस नेतृत्व ने देशवासियों के मन में व्याप्त भय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भूख और भ्रष्टाचार के वातावरण को कम करने का प्रयास किया है तथा विकसित और सुरक्षित भारत का विश्वास जगाया है। लगातार आ रहे विधानसभा चुनावों के परिणाम विपक्षी दलों के लिए भी एक स्पष्ट संदेश हैं। यदि उन्हें राजनीति में प्रासंगिक बने रहना है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो जात-पात और धर्म की संकीर्ण राजनीति से ऊपर उठकर विकास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रोजगार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा और जनकल्याण जैसे मुद्दों पर जनता का विश्वास जीतना होगा।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">दरअसल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आज देश का मतदाता स्वार्थ और तुष्टिकरण की राजनीति से अधिक राष्ट्रहित</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विकास और सुशासन को महत्व देने लगा है। यही कारण है कि केवल सत्ता प्राप्ति के उद्देश्य से की जाने वाली राजनीति को जनता लगातार नकारती जा रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"><strong>अरविंद रावल</strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178740/mandate-only-for-those-working-in-national-interest-and-public</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/178740/mandate-only-for-those-working-in-national-interest-and-public</guid>
                <pubDate>Sat, 09 May 2026 17:58:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/hindi-divas2.jpg"                         length="137237"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत के पुनर्जागरण की तथा-कथा,देश की सर्वांगीण प्रगति का मूल राष्ट्रीय जागरण</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">1947 में भारत एवं पाकिस्तान ने एक साथ स्वतंत्रता की प्राप्ति की थी किंतु पाकिस्तान एक मुस्लिम राष्ट्र की अवधारणा धारण कर अलग दिशा में आगे बढ़ता गया जिसके फलस्वरुप आज पाकिस्तान विपन्न और गरीब देश बन गया है।  दूसरी तरफ भारत एक लोकतांत्रिक, जनतांत्रिक अवधारणा की दिशा में  नई-नई विकास के सोपनो को प्रतिपादित कर आगे बढ़ता गया। भारत वैश्विक स्तर पर सामरिक आर्थिक एवं अन्य विषयों पर काफी हद तक प्रगति प्राप्त कर चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत ने आश्चर्यजनक रूप से देश को विकसित मजबूत एवं सशक्त बना दिया है ।भारतीय परिदृश्य और संदर्भ में भारत में  विगत एक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174985/the-story-of-indias-renaissance-and-national-awakening-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/hindi-divas2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">1947 में भारत एवं पाकिस्तान ने एक साथ स्वतंत्रता की प्राप्ति की थी किंतु पाकिस्तान एक मुस्लिम राष्ट्र की अवधारणा धारण कर अलग दिशा में आगे बढ़ता गया जिसके फलस्वरुप आज पाकिस्तान विपन्न और गरीब देश बन गया है।  दूसरी तरफ भारत एक लोकतांत्रिक, जनतांत्रिक अवधारणा की दिशा में  नई-नई विकास के सोपनो को प्रतिपादित कर आगे बढ़ता गया। भारत वैश्विक स्तर पर सामरिक आर्थिक एवं अन्य विषयों पर काफी हद तक प्रगति प्राप्त कर चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत ने आश्चर्यजनक रूप से देश को विकसित मजबूत एवं सशक्त बना दिया है ।भारतीय परिदृश्य और संदर्भ में भारत में  विगत एक दशक में व्यापक तथा आमूल चूल परिवर्तन देखे गये हैं। राजनीतिक परिदृश्य में उत्तरदायित्व आधारित शासन प्रशासन-प्रणाली, सांस्कृतिक विमर्श में सनातनी सांस्कृतिक सभ्यता-गौरव की पुनर्प्राप्ति और आर्थिक नीतियों के संरचनात्मक  सुधारों ने देश की दिशा और दशा तय की है। इन नई विचारधारा एवं रणनीति ने भारत को न केवल आंतरिक रूप से सशक्त किया बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी एक निर्णायक शक्ति के रूप में स्थापित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय राजनीति में पिछले दो दशकों का सबसे बड़ा परिवर्तन रिपोर्ट कार्ड राजनीति का उदय रहा, जिसमें आम जनता और राजनीतिक नेताओं और दलों का मूल्यांकन उनके किए गए कार्यों और परिणामों के आधार पर कसौटी पर कसा जाने लगा है ।संवैधानिक और नीतिगत स्तर पर कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए। 2019 में <strong>अनुच्छेद 370</strong> का निरसन और जम्मू-कश्मीर का पुनर्गठन केंद्र की सख्त और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति तथा विचारधारा का प्रतीक बना।</p>
<p style="text-align:justify;"> <strong>तीन तलाक कानून</strong> ने मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रखा। वहीं <strong>नागरिकता संशोधन अधिनियम</strong> ने राष्ट्रीयता और शरणार्थी नीति पर नई विचारों की श्रृंखला को जन्म दिया। भारत की परंपरागत लोकतांत्रिक विरासत को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए नया संसद भवन, ई-संसद और डिजिटलीकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य को शामिल किया गया है। दूसरी तरफ विपक्ष की भूमिका, मीडिया की स्वतंत्रता और चुनावी राजनीति में सोशल मीडिया तथा धनबल के प्रभाव ने लोकतांत्रिक विमर्श को चुनौतीपूर्ण और प्रभावशाली भी  बनाया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">नये भारत की संकल्पना और अवधारणा को केवल राजनीति या अर्थव्यवस्था तक सीमित परिसीमित नहीं रखा गया है बल्कि सांस्कृतिक क्षेत्र के व्यापक फलक पर भी इसका गहरा असर और परिणाम परिलक्षित हुए हैं । भारत की महान अर्वाचीन योग और आयुर्वेद जैसी परंपरा को वैश्विक स्तर प्रचारित प्रसारित कर नई अवधारणा तथा पहचान प्रदान की गई है। अयोध्या में राममंदिर निर्माण ने भारतीय परंपरा और धार्मिक-सांस्कृतिक आकांक्षाओं की विशाल अवधारणा को मूर्त रूप दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">शिक्षा और पाठ्यपुस्तकों में भारतीय आख्यानों और इतिहास को नवीन स्वरूप देने के प्रयास किए गए हैं। हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं को पुष्पित पल्लवित करने के प्रयासों  को संपूर्ण प्रोत्साहन दिया गया। साथ ही, सांस्कृतिक कूटनीति नवीन अवधारणा के माध्यम से भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान और अधिक सुदृढ़ रूप से विस्तारित की है। हालाँकि, इस सांस्कृतिक पुनर्जागरण के साथ अनेक कठिन एवं दुष्कर चुनौतियाँ भी रहीं हैं। बहुलतावाद और अल्पसंख्यक अधिकारों पर उठते सवाल तथा परंपरा बनाम आधुनिकता की खींचतान समाज में गूढ विचार विमर्श का विषय बनी रही।</p>
<p style="text-align:justify;">आर्थिक पुनर्जागरण के संदर्भ में यही कहा जा सकता है कि भारत की अर्थव्यवस्था ने इस दशक में उल्लेखनीय और अभूतपूर्व प्रगति प्राप्त की है । <strong>मेक इन इंडिया</strong> ने विनिर्माण और रक्षा उत्पादन को बढ़ावा दिया। <strong>जीएसटी (2017)</strong> ने कर संरचना को एकीकृत और पारदर्शी बनाया। जीएसटी को 2025 में 22 सितंबर से नवीन संशोधन कर एकदम सरल एवं स्पष्ट कर काफी हद तक सस्ता करके आम जन को बड़ी राहत पहुंचाई है। <strong>डिजिटल इंडिया, जनधन योजना और UPI</strong> ने वित्तीय समावेशन और नकदी रहित लेन-देन की दिशा में क्रांतिकारी बदलाव लाए।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>स्टार्टअप इंडिया</strong> ने उद्यमिता और नवाचार को प्रोत्साहित किया। इसके परिणामस्वरूप भारत आज विश्व की पाँचवीं सबसे बड़ी सशक्त अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। विदेशी निवेश वृद्धि, रेलवे और सड़क निर्माण में गति तथा बिजली और डिजिटल नेटवर्क का विस्तार इस आर्थिक पुनर्जागरण के प्रमुख संकेतक रहे।इसके बावजूद बेरोजगारी की समस्या, ग्रामीण–शहरी असमानता और आय-विभाजन जैसी बड़ी और गंभीर चुनौतियाँ भारत देश के आर्थिक परिदृश्य को संतुलित होने से रोकती रही हैं। कृषि सुधार अभी तक आधे अधूरे रह गए और हरियाणा पंजाब तथा अन्य प्रदेशों में किसान आंदोलनों ने यह यह साफ तथा स्पष्ट संकेत दिया कि विकास की अवधारणा सबके लिए समान रूप से सुलभ नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत ने पिछले दशक में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नई पहचान बनाई ग्लोबल साउथ के नेता के रूप में भारत की भूमिका स्पष्ट हुई। 2023 में आयोजित <strong>g20 सम्मेलनों </strong>में भारत ने वैश्विक मुद्दों पर संतुलित और निर्णायक नेतृत्व प्रस्तुत किया। चीन में हुए शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में 10 महत्वपूर्ण देशों के साथ 27 देशों ने भारत चीन और रूस पर अपना विश्वास जाहिर कर यूरोपीय शक्तियों एवं मनमानी का खुला विरोध किया है, जिसमें भारत पर अमेरिका द्वारा 50% लगाए गए टैरिफ का भी खुला विरोध हुआ है।   रूस, चीन और पड़ोसी देशों के साथ संतुलित कूटनीतिक संबंधों ने भारत की स्थिति को और सशक्त मजबूत किया।पिछले दस वर्षों का भारत राजनीतिक दृढ़ता, सांस्कृतिक आत्मगौरव और आर्थिक नवाचारों से परिपूर्ण रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह अवधि भारतीय लोकतंत्र को नई परिभाषा देने, सांस्कृतिक मूल्यों को पुनर्जीवित करने और आर्थिक संरचना को मज़बूत करने में महत्वपूर्ण रही। हालाँकि असमानता, बेरोजगारी और राजनीतिक ध्रुवीकरण जैसी विकराल चुनौतियाँ अब भी बनी हुई हैं, फिर भी यह कहना उचित होगा कि यह दशक भारत के लिए <strong>राजनीतिक-सांस्कृतिक-आर्थिक पुनर्जागरण</strong> का समय रहा है, जिसने भारत को वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में निर्णायक शक्ति बना दिया है। भारत की सनातनी सांस्कृतिक विरासत, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और भारत की सामरिक शक्ति में इजाफा होकर पिछले एtक दशक में भारतीय जनमानस की एकजुटता एवं देश के नेतृत्व की कार्य कुशलता के परिणाम स्वरूप भारत का सम्मान और कद वैश्विक परिदृश्य में काफी हद तक ऊंचा हुआ है।<br /><br /><strong>संजीव ठाकुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/174985/the-story-of-indias-renaissance-and-national-awakening-the</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/174985/the-story-of-indias-renaissance-and-national-awakening-the</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 18:50:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/hindi-divas2.jpg"                         length="137237"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        