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                <title>cm yogi adityanath - Swatantra Prabhat</title>
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                            <item>
                <title>नवजात को डिस्चार्ज न करने का आरोप, बस्ती लाइफ लाइन हॉस्पिटल पर परिजनों का हंगामा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में स्थित दक्षिण दरवाजा रोड स्थित बस्ती लाइफ लाइन हॉस्पिटल पर एक गंभीर आरोप सामने आया है। परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन 06 दिन के नवजात बच्चे को जबरन रोके हुए है और डिस्चार्ज नहीं कर रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">मामला ग्राम कोठवाभरतपुर, विकास खंड बहादुरपुर निवासी शब्बीर अहमद के रिश्तेदार से जुड़ा बताया जा रहा है। परिजनों के अनुसार, नवजात को कई दिनों से अस्पताल में भर्ती रखा गया है, जबकि उसकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन डिस्चार्ज करने में टालमटोल कर रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस घटना को लेकर परिजनों में आक्रोश</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175536/ruckus-among-family-members-on-basti-life-line-hospital-accused"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260408-wa0081.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में स्थित दक्षिण दरवाजा रोड स्थित बस्ती लाइफ लाइन हॉस्पिटल पर एक गंभीर आरोप सामने आया है। परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन 06 दिन के नवजात बच्चे को जबरन रोके हुए है और डिस्चार्ज नहीं कर रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">मामला ग्राम कोठवाभरतपुर, विकास खंड बहादुरपुर निवासी शब्बीर अहमद के रिश्तेदार से जुड़ा बताया जा रहा है। परिजनों के अनुसार, नवजात को कई दिनों से अस्पताल में भर्ती रखा गया है, जबकि उसकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन डिस्चार्ज करने में टालमटोल कर रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस घटना को लेकर परिजनों में आक्रोश बढ़ गया है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही और जबरन रोककर रखने का आरोप लगाया है।वहीं, नगर पंचायत के नगर अध्यक्ष प्रतिनिधि राना दिनेश प्रताप सिंह ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि वह बस्ती पहुंचते ही इस पूरे प्रकरण की शिकायत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करेंगे।घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है। फिलहाल इस संबंध में अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 19:54:35 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सिद्धार्थनगर में  141 नव-नियुक्त आंगनबाड़ी सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ के लोक  भवन सभागार में आंगनबाड़ी सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरण, आंगनबाड़ी केन्द्र भवनों एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय,गोदाम के लोकार्पण,शिलान्यास किया गया जिसका सजीव प्रसारण  जनपद मुख्यालय स्थित अंबेडकर सभागार में देखा गया, इस  दौरान जिले की 141 नव-नियुक्त आंगनबाड़ी सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। साथ ही जनपद में करोड़ों की लागत से बने  आंगनबाड़ी केंद्रों और गोदामों का लोकार्पण व शिलान्यास भी संपन्न हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद पूर्व बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री व इटवा विधानसभा के पूर्व विधायक डॉ. सतीश द्विवेदी ने कहा कि</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174622/appointment-letters-distributed-to-141-newly-appointed-anganwadi-assistants-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1774881744628.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ के लोक  भवन सभागार में आंगनबाड़ी सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरण, आंगनबाड़ी केन्द्र भवनों एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय,गोदाम के लोकार्पण,शिलान्यास किया गया जिसका सजीव प्रसारण  जनपद मुख्यालय स्थित अंबेडकर सभागार में देखा गया, इस  दौरान जिले की 141 नव-नियुक्त आंगनबाड़ी सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। साथ ही जनपद में करोड़ों की लागत से बने  आंगनबाड़ी केंद्रों और गोदामों का लोकार्पण व शिलान्यास भी संपन्न हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद पूर्व बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री व इटवा विधानसभा के पूर्व विधायक डॉ. सतीश द्विवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में बीते नौ वर्षों में महिला व बाल कल्याण के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव आए हैं। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्टफोन देकर  तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा रहा है, ताकि योजनाओं का लाभ सीधे पात्रों तक पहुंच सकें। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हर बच्चे को उसके घर के पास ही गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा देना है। इसी कड़ी में जनपद में 45 नए आंगनबाड़ी केंद्र भवनों का लोकार्पण, 3 केंद्रों का शिलान्यास और 5 बाल विकास परियोजना कार्यालय सह गोदाम की आधारशिला रखी गई है। उन्होंने नवनियुक्त सहायिकाओं से बच्चों के सर्वांगीण विकास और पुष्टाहार वितरण में पारदर्शिता बरतने की अपील की। </div>
<div style="text-align:justify;">सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल ने भी सरकार की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और महिला सशक्तिकरण के प्रयासों की सराहना की, इससे  पूर्व, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने अतिथियों का बुके देकर स्वागत किया। इस अवसर पर सीडीओ बलराम सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आयुष अग्रवाल, पीडी नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी, जिला विकास अधकारी राजमणि वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी साहब यादव सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 21:26:47 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>UP पुलिस पेपर लीक केस: ED का बड़ा एक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा-2023 के पेपर लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA), 2002 के तहत मास्टरमाइंड राजीव नयन मिश्रा समेत 18 आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट 14 जनवरी 2026 को लखनऊ स्थित पीएमएलए की विशेष अदालत (CBI कोर्ट) में पेश की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय ने यह जांच उत्तर प्रदेश एसटीएफ द्वारा दर्ज एफआईआर संख्या 166/2024 (दिनांक 6 मार्च 2024) के आधार पर शुरू की थी, जो मेरठ के कंकरखेड़ा थाने में दर्ज हुई थी। जांच के दौरान इस संगठित</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166047/up-police-paper-leak-case-eds-big-action-charge-sheet"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/up-पुलिस-पेपर-लीक-केस--ed-का-बड़ा-एक्शन.webp" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा-2023 के पेपर लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA), 2002 के तहत मास्टरमाइंड राजीव नयन मिश्रा समेत 18 आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट 14 जनवरी 2026 को लखनऊ स्थित पीएमएलए की विशेष अदालत (CBI कोर्ट) में पेश की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय ने यह जांच उत्तर प्रदेश एसटीएफ द्वारा दर्ज एफआईआर संख्या 166/2024 (दिनांक 6 मार्च 2024) के आधार पर शुरू की थी, जो मेरठ के कंकरखेड़ा थाने में दर्ज हुई थी। जांच के दौरान इस संगठित गिरोह से जुड़ी कई अन्य एफआईआर भी सामने आईं, जिन्हें केस में शामिल किया गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">करोड़ों की अवैध कमाई और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप</h3>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ईडी की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा-2023 और यूपी आरओ/एआरओ परीक्षा-2023 के प्रश्नपत्र लीक कर करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की। इस रकम को विभिन्न बैंक खातों, बिचौलियों और अन्य माध्यमों से घुमाकर मनी लॉन्ड्रिंग की गई। जांच एजेंसी ने कई बैंक खातों, संपत्तियों और डिजिटल साक्ष्यों की गहन पड़ताल की है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">फरवरी 2024 में हुई थीं परीक्षाएं</h3>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">एफआईआर के अनुसार, आरोपियों ने साजिश के तहत दोनों परीक्षाओं के प्रश्नपत्र पहले ही लीक कर दिए थे। उम्मीदवारों को पैसे लेकर प्रश्नपत्र और उनके उत्तर उपलब्ध कराए गए, जिन्हें उन्होंने परीक्षा से पहले याद किया। ये परीक्षाएं फरवरी 2024 में आयोजित हुई थीं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">1.02 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त</h3>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरओ/एआरओ परीक्षा के पेपर लीक से अर्जित धन का उपयोग कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक कराने में किया गया। ईडी ने करीब 1.02 करोड़ रुपये की संपत्तियों को ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ के रूप में चिन्हित कर 6 अगस्त 2024 को अस्थायी रूप से अटैच किया था। बाद में दिल्ली स्थित पीएमएलए की निर्णायक प्राधिकरण ने इस अटैचमेंट की पुष्टि कर दी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आगे भी जारी रहेगी जांच</h3>
<p style="text-align:justify;">मामले में दो आरोपी—रवि अत्री और सुभाष प्रकाश—को 18 नवंबर 2024 को ईडी की हिरासत में लिया गया था। इससे पहले 10 जनवरी 2025 को सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, जिस पर अदालत ने संज्ञान ले लिया है और मामला फिलहाल विचाराधीन है। ईडी ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में आगे की जांच जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 Jan 2026 21:20:48 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मुख्यमंत्री ने संगम नोज पहुंचकर स्नान एवं पूजा लेटे हनुमान जी की विधि विधान से पूजा की</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज माघ मेले मेले में आकर व्यवस्था का निरीक्षण किया और संगम तट पर पहुंच कर पहले स्नान किया। <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/1001525982.jpg" alt="1001525982" width="1032" height="688" />मुख्यमंत्री ने तीन बार डुबकी लगाई वही उनके प्रयागराज के प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने साथ  में पांच तथा नंदी ने सात डुबकी लगाई। </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/1001525916.jpg" alt="1001525916" width="1032" height="688" /></div>
<div>मुख्यमंत्री ने उसके बाद गंगा जी की पूजा  अर्चना करके बड़े हनुमान जी का दर्शन किया और  विधान से पूजा और आरती की।  मंदिर केमहंत बलवीर गिरी  ने विधि विधान से  हनुमान जी की पूजाआरती कराई।</div>
<div>मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने संगम में मंडरा रहे साइबेरियन पक्षियों को अपने हाथ</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165696/the-chief-minister-reached-sangam-nose-and-took-bath-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/1001525976.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज माघ मेले मेले में आकर व्यवस्था का निरीक्षण किया और संगम तट पर पहुंच कर पहले स्नान किया। <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/1001525982.jpg" alt="1001525982" width="1032" height="688"></img>मुख्यमंत्री ने तीन बार डुबकी लगाई वही उनके प्रयागराज के प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने साथ  में पांच तथा नंदी ने सात डुबकी लगाई। </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/1001525916.jpg" alt="1001525916" width="1032" height="688"></img></div>
<div>मुख्यमंत्री ने उसके बाद गंगा जी की पूजा  अर्चना करके बड़े हनुमान जी का दर्शन किया और  विधान से पूजा और आरती की।  मंदिर केमहंत बलवीर गिरी  ने विधि विधान से  हनुमान जी की पूजाआरती कराई।</div>
<div>मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने संगम में मंडरा रहे साइबेरियन पक्षियों को अपने हाथ से दाना खिलाया।और गौ सेवा भी की।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 10 Jan 2026 21:13:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>योगी ने आगामी स्नान पर्वों को सकुशलढंग से सम्पन्न कराने के लिए सभी अधिकारियों को पूरी  व लगन के साथजुट जाने को कहा</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री  ने माघ मेला 2026 के लिए बनाए गए मेला सेवा एप का किया विमोचन।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165694/yogi-asked-all-the-officials-to-work-with-full-dedication"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/img-20260110-wa0171.jpg" alt=""></a><br /><div> </div>
<div style="text-align:center;"><strong>जगद्गुरू रामानन्दाचार्य जी का भव्य स्मारक बनाये जाने के हेतु प्रशासन को जमीन चिन्हीकरण की कार्यवाही करने के लिए कहा</strong></div>
<div style="text-align:center;"> </div>
<div style="text-align:center;"><strong>मेले में नियमित रूप से साफ सफाई की अच्छी व्यवस्था सड़कों पर अतिक्रमण को रोकने तथा  खुला रखे जाने के दिए निर्देश।</strong></div>
<div> </div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div> </div>
<div> मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश  योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रयागराज मेला प्राधिकरण स्थित आईसीसीसी सभागार में माघ मेला 2026 के आगामी स्नान पर्वों की तैयारियों के सम्बंध में समीक्षा बैठक की। मण्डलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने मुख्यमंत्री  को पॉवर प्रेजेंटेशन के माध्यम से माघ मेला के आयोजन के सम्बंध में की गयी तैयारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। </div>
<div> </div>
<div> मुख्यमंत्री जी ने माघ मेला को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए सभी अधिकारियों को पूरी तत्परता व लगन के साथ कार्य करने के लिए कहा और 14 से 18 जनवरी के बीच कम समय में दो महत्वपूर्ण स्नान पर्वों को सकुशल सम्पन्न कराना एक बड़ी चुनौती है, इसके लिए अभी से सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी व तत्परता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए स्नानपर्वों को सकुशलढंग से सम्पन्न करायें।  उन्होंने पौष पूर्णिमा स्नान पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए माघ मेला में लगे सभी सम्बंधित अधिकारियों की प्रशंसा की।</div>
<div> </div>
<div>मुख्य मंत्री  योगी ने कहा कि मेले में साफ सफाई व्यवस्था उच्च स्तर की रहनी चाहिए। श्रद्धालुओं के स्नान करने के लिए घाटों के स्नान क्षेत्र व सर्कुलेटिंग एरिया को और बढ़ाया जाये, ताकि ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु एक साथ स्नान कर सके तथा उन्हें स्नान करने में कोई समस्या न हो।   श्रृद्धालु कपड़े, प्लास्टिक थैली अथवा पूजा सामग्री को गंगा नदी में न फेंके तथा कोई भी श्रृद्धालु स्नान के समय साबुन इत्यादि का इस्तेमाल न करें, जिससे जल की स्वच्छता बनी रहे और सभी स्नानार्थी स्वच्छ एवं निर्मल जल में आस्था की पावन डुबकी लगाए।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने कहा कि माघ मेला में लगे हुए स्वच्छाग्रहियों के मानदेय का भुगतान समय से किया जाए, उन्हें और उनके बच्चों को शिक्षा आदि की सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जाए।  नगर निगम से कहा कि रोड पर अतिक्रमण न होने पाये, रोड व पाथवे को खुला रखा जाए, जिससे माघ मेला में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई न हो।  अनावश्यक एवं अवैध रूप से लगी हुई होर्डिंगों को हटाये ज पुलिस विभाग को श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु नियमित रूप से पेट्रोलिंग करते रहने के लिए कहा है।</div>
<div> </div>
<div>मुख्यमंत्री  ने कहा कि मेले में कहीं पर भी मादक पदार्थों की बिक्री न होने पाए तथा कोई भी अराजकतत्व मेले में अराजकता न फैलाने पाए इसपर पुलिस विभाग निरंतर कड़ी निगरानी रखे। हर  के मन में इच्छा होती है कि वह संगम नोज पर ही स्नान करें, इसलिए मुख्य स्नान पर्वों पर संगम नोज पर अत्यधिक दबाव रहेगा, जिसके दृष्टिगत पहले से ही सारे आवश्यक प्रबंध कर लिए जाए ठण्ड के मौमस के दृष्टिगत पर्याप्त संख्या में अलाव जलाये जाये तथा जरूरतमंदों को चिन्हित कर उन्हें कम्बल वितरण भी सुनिश्चित कराये जाने के लिए कहा है।  मेले में आने वाले संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं एवं स्नानार्थिंयों के साथ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी अच्छा व्यवहार करें।  शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं का व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार कराये जाने के लिए निर्देशित किया है, जिससे सरकार की योजनाओं की लोगो को जानकारी हो सक संत-महात्माओं के द्वारा जगद्गुरू रामानन्दाचार्य जी के स्मारक बनाये जाने का अनुरोध किया गया है। प्रयागराज अनेक ऋषिमुनि-महात्माओं की धरती है। रामानन्दाचार्य जी का भव्य स्मारक बनाये जाने हेतु प्रशासन को जमीन चिन्हीकरण सहित अन्य आवश्यक कार्यवाही करने के लिए कहा है।</div>
<div> </div>
<div>माघ मेला 2026 के लिए बनाए गए मेल सेवा एप का विमोचन किया। इस ऐप के क्यूआर कोड स्कैन करके श्रद्धालु अपनी शिकायतें एवं सुझाव को दे सकते हैं। मुख्यमंत्री  ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के द्वारा यदि कोई भी सुझाव या कार्य बताए जाये, तो उसपर प्राथमिकता पर कार्यवाही की जाये। शहर पश्चिमी के विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने एयरपोर्ट पर समुचित रूप से प्रकाश की व्यवस्था को बढ़ाये जाने के लिए मुख्यमंत्री जी से आग्रह किया।  विधायक बारा डॉ0 वाचस्पति ने कहा कि पडुआ से कौशाम्बी को जोड़ने वाला पीपा पुल अभी चालू नहीं हो पाया ।</div>
<div> </div>
<div>इस अवसर पर  जगद्गुरू महामण्डलेश्वर संतोषदास उर्फ सतुआ बाबा,  कैबिनेट मंत्री  स्वतंत्र देव सिंह,  कैबिनेट मंत्र नंद गोपाल गुप्ता नंदी, सांसद फूलपुर प्रवीण पटेल,  विधायक फूलपुर  दीपक पटेल, विधायक शहर उत्तर हर्षवर्धन वाजपेयी, विधायक करछना  पीयूष रंजन निषाद,  विधायक कोरांव  राजमणि कोल, विधायक बारा डॉ0 वाचस्पति,  विधायक शहर पश्चिम  सिद्धार्थ नाथ सिंह,  विधान परिषद सदस्य  के0पी0 श्रीवास्तव,  सांसद  विनोद सोनकर, भाजपा महानगर अध्यक्ष  संजय गुप्ता, गंगापार अध्यक्ष  निर्मला पासवान, यमुनापार अध्यक्ष राजेश शुक्ला, अपर पुलिस महानिदेशक, मण्डलायुक्त  सौम्या अग्रवाल, पुलिस आयुक्त  जोगेन्द्र कुमार, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, मेलाधिकारी ऋषिराज, मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, नगर आयुक्त  सांई तेजा सहित अन्य सम्बंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।  </div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 10 Jan 2026 21:07:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नए उत्तर प्रदेश की उड़ान विकास, विश्वास और वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर प्रदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<div>उत्तर प्रदेश कभी “बीमारू राज्य”, अराजकता और अव्यवस्था के लिए जाना जाता था। निवेशक यहां आने से कतराते थे, उद्योग पलायन की राह पकड़ रहे थे और कानून-व्यवस्था आम नागरिक के लिए सबसे बड़ी चिंता बनी हुई थी। लेकिन 2017 के बाद उत्तर प्रदेश ने जो करवट ली है, उसने न सिर्फ देश को बल्कि दुनिया को भी यह संदेश दिया है कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, स्पष्ट नीतियां और ईमानदार नेतृत्व मिल जाए तो कोई भी प्रदेश अपनी तस्वीर और तकदीर दोनों बदल सकता है। आज उत्तर प्रदेश विकास, विश्वास और वैश्विक निवेश का नया केंद्र बनकर उभर रहा है।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165668/flight-of-new-uttar-pradesh-state-moving-towards-development-confidence"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/नए-उत्तर-प्रदेश-की-उड़ान-विकास.webp" alt=""></a><br /><div>उत्तर प्रदेश कभी “बीमारू राज्य”, अराजकता और अव्यवस्था के लिए जाना जाता था। निवेशक यहां आने से कतराते थे, उद्योग पलायन की राह पकड़ रहे थे और कानून-व्यवस्था आम नागरिक के लिए सबसे बड़ी चिंता बनी हुई थी। लेकिन 2017 के बाद उत्तर प्रदेश ने जो करवट ली है, उसने न सिर्फ देश को बल्कि दुनिया को भी यह संदेश दिया है कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, स्पष्ट नीतियां और ईमानदार नेतृत्व मिल जाए तो कोई भी प्रदेश अपनी तस्वीर और तकदीर दोनों बदल सकता है। आज उत्तर प्रदेश विकास, विश्वास और वैश्विक निवेश का नया केंद्र बनकर उभर रहा है।</div>
<div> </div>
<div>लखनऊ के सरोजनी नगर में लगभग 70 एकड़ में बनी अशोक लीलैंड की इलेक्ट्रिक वाहन मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री इसी बदले हुए उत्तर प्रदेश की पहचान है। महज 16 महीनों में तैयार हुआ यह प्लांट न केवल प्रदेश की पहली ई-बस फैक्ट्री है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण भी है कि उत्तर प्रदेश अब रिकॉर्ड समय में बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स को जमीन पर उतारने की क्षमता रखता है। यहां ई-बस, ई-ट्रेवलर और ई-लोडिंग वाहनों का निर्माण होगा, जिससे न सिर्फ रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे बल्कि हरित और टिकाऊ परिवहन को भी बढ़ावा मिलेगा। यह फैक्ट्री आने वाले समय में 2,500 से बढ़कर 5,000 इलेक्ट्रिक बसों के उत्पादन की क्षमता रखेगी, जो देश के सार्वजनिक परिवहन को नई दिशा देगी।</div>
<div> </div>
<div>इस ऐतिहासिक अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का यह कहना कि वे योगी आदित्यनाथ को पहले राजनीति का माहिर समझते थे, लेकिन अब उन्हें अर्थशास्त्र का भी मास्टर मानते हैं, अपने आप में बहुत कुछ कह जाता है। निवेश कैसे लाया जाए, उद्योग कैसे पनपे और राज्य को मुनाफे की दिशा में कैसे आगे बढ़ाया जाए,यह कला आज उत्तर प्रदेश की नीतियों और फैसलों में साफ दिखाई देती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने यह सिद्ध कर दिया है कि विकास और सुशासन साथ-साथ चल सकते हैं।</div>
<div> </div>
<div>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय ने उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास का मंत्र उत्तर प्रदेश में जमीन पर उतरता दिखाई देता है। कानून-व्यवस्था में सुधार, भ्रष्टाचार पर कठोर प्रहार और नीतिगत स्थिरता ने निवेशकों के मन से वर्षों पुराना डर निकाल दिया है। आज उत्तर प्रदेश में कोई पॉलिसी पैरालिसिस नहीं है। उद्योगपति जानते हैं कि यहां लिया गया फैसला समय पर लागू होगा और उन्हें सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा।</div>
<div> </div>
<div>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बार-बार इस बात पर जोर देते हैं कि उत्तर प्रदेश उत्सवों का प्रदेश है। यहां हर महीने कोई न कोई पर्व, मेला या सांस्कृतिक आयोजन होता है। यह सांस्कृतिक जीवंतता सामाजिक समरसता को मजबूत करती है और प्रदेश की पहचान को नई ऊर्जा देती है। बीते आठ वर्षों में दंगों का न होना, कानून-व्यवस्था की मजबूती का सबसे बड़ा प्रमाण है। यही कारण है कि आज उत्तर प्रदेश को देश में सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले राज्यों में गिना जा रहा है।</div>
<div>निवेश के आंकड़े खुद कहानी बयां करते हैं। बीते वर्षों में उत्तर प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये का निवेश आया है, लाखों करोड़ की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है और आने वाले समय में इससे भी बड़े निवेश की तैयारी है। यह सब किसी एक दिन का परिणाम नहीं है, बल्कि यह निरंतर प्रयास, स्पष्ट विजन और मजबूत नेतृत्व का नतीजा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस उत्तर प्रदेश अनलिमिटेड संभावनाओं वाला प्रदेश की बात कही थी, वह आज हकीकत बन चुका है।</div>
<div> </div>
<div>डिफेंस सेक्टर में उत्तर प्रदेश की भूमिका भी लगातार मजबूत हो रही है। लखनऊ में स्थापित ब्रह्मोस फैक्ट्री इसका बड़ा उदाहरण है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जिस ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस की क्षमता का जिक्र किया, उसने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत अब रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश इस आत्मनिर्भर भारत अभियान का एक मजबूत स्तंभ बन चुका है। यहां बनने वाले रक्षा उपकरण न सिर्फ देश की सुरक्षा को मजबूत करेंगे, बल्कि प्रदेश के युवाओं को उच्च तकनीक वाले रोजगार भी देंगे।</div>
<div> </div>
<div>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की सोच को उत्तर प्रदेश ने पूरी निष्ठा से अपनाया है। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, रैपिड रेल, वाटर वे और औद्योगिक कॉरिडोर जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स ने प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। आज उत्तर प्रदेश देश का पहला रैपिड रेल चलाने वाला और वाटर वे को प्रभावी ढंग से अपनाने वाला प्रदेश बन चुका है। यह बुनियादी ढांचा न सिर्फ उद्योगों के लिए बल्कि आम नागरिकों के जीवन को आसान बनाने के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।</div>
<div>कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर उत्तर प्रदेश ने जो सख्ती दिखाई है, वह पूरे देश के लिए उदाहरण बन गई है। रोड रोमियो जैसी समस्याओं पर कड़ा प्रहार, महिलाओं के खिलाफ अपराधों में जीरो टॉलरेंस नीति और अपराधियों के खिलाफ बिना भेदभाव के कार्रवाई ने प्रदेश में विश्वास का माहौल बनाया है। आज लोग निडर होकर काम कर रहे हैं, उद्योगपति बेहिचक निवेश कर रहे हैं और युवा अपने भविष्य को लेकर आश्वस्त हैं।</div>
<div> </div>
<div>राजनाथ सिंह का यह कहना कि हिंदुजा ग्रुप भले लखनऊ का न हो, लेकिन लखनऊ के लोग उन्हें अपना मानेंगे, उत्तर प्रदेश की उस सांस्कृतिक उदारता को दर्शाता है जो यहां आने वाले हर व्यक्ति को अपनापन देती है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बने प्रेरणा स्थल, शहरों का सौंदर्यीकरण और ऐतिहासिक विरासत का संरक्षण यह दिखाता है कि विकास के साथ-साथ संस्कृति और परंपरा को भी समान महत्व दिया जा रहा है।</div>
<div>आज उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी आर्थिक व्यवस्था बन चुका है और बहुत जल्द अव्वल बनने की ओर अग्रसर है। यह उपलब्धि केवल आंकड़ों की नहीं, बल्कि उस भरोसे की है जो देश और दुनिया ने उत्तर प्रदेश पर किया है। भाजपा के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब नीयत साफ हो और नेतृत्व मजबूत हो, तो परिणाम अपने आप सामने आते हैं।</div>
<div> </div>
<div>देश के लिए उत्तर प्रदेश की भूमिका आने वाले समय में और भी महत्वपूर्ण होने वाली है। देश की सबसे बड़ी आबादी, विशाल युवा शक्ति, मजबूत औद्योगिक आधार और तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर,ये सभी मिलकर उत्तर प्रदेश को भारत की विकास गाथा का केंद्र बना रहे हैं। यहां बनने वाली ई-बसें देश के शहरों को स्वच्छ परिवहन देंगी, रक्षा उपकरण देश की सीमाओं को सुरक्षित करेंगे और यहां के उद्योग देश की अर्थव्यवस्था को गति देंगे।</div>
<div>आज भाजपा एक अच्छे विकल्प के रूप में इसलिए अग्रणी है क्योंकि उसने केवल वादे नहीं किए, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारकर दिखाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दृढ़ नेतृत्व और भाजपा की संगठित कार्यशैली ने उत्तर प्रदेश को नई पहचान दी है। यह पहचान विकास, सुशासन और आत्मनिर्भरता की है।</div>
<div>नया उत्तर प्रदेश अब पीछे मुड़कर नहीं देख रहा। वह आत्मविश्वास के साथ भविष्य की ओर बढ़ रहा है।देश को मजबूत बनाने, अर्थव्यवस्था को गति देने और हर नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के संकल्प के साथ। यही उत्तर प्रदेश की नई कहानी है और यही भारत के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव भी।</div>
<div> </div>
<div><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>
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                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>विचारधारा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 10 Jan 2026 18:20:57 +0530</pubDate>
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                <title>25 नवंबर 2025 को अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में ध्वजारोहण कार्यक्रम।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs">
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<div><strong>लखनऊ।</strong> राजधानी लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के गुरु महंत अवैद्यनाथ महाराज तत्कालीन सांसद के निर्देशन में इस्लामीकरण विरोधी सेना का राम जन्म भूमि मंदिर आंदोलन के दौरान सन 1994 में संगठन का निर्माण हुआ था। जिसकी बागडोर तत्कालीन साकेत कॉलेज के छात्र संघ के मंत्री डॉ0 मृदुल शुक्ल को कमांडर बनाया गया था। डॉ0 मृदुल शुक्ल को रामजन्म भूमि मंदिर अयोध्या के ध्वजारोहण कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। 25 नवंबर 2025 को अयोध्या के राम जन्म भूमि मंदिर में ध्वजारोहण कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्या अतिथि हैं, जिसमे  डॉ0 मृदुल शुक्ल को भी आमंत्रित किया</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/161392/flag-hoisting-program-at-ram-janmabhoomi-temple-in-ayodhya-on"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/86340.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs">
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<div><strong>लखनऊ।</strong> राजधानी लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के गुरु महंत अवैद्यनाथ महाराज तत्कालीन सांसद के निर्देशन में इस्लामीकरण विरोधी सेना का राम जन्म भूमि मंदिर आंदोलन के दौरान सन 1994 में संगठन का निर्माण हुआ था। जिसकी बागडोर तत्कालीन साकेत कॉलेज के छात्र संघ के मंत्री डॉ0 मृदुल शुक्ल को कमांडर बनाया गया था। डॉ0 मृदुल शुक्ल को रामजन्म भूमि मंदिर अयोध्या के ध्वजारोहण कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। 25 नवंबर 2025 को अयोध्या के राम जन्म भूमि मंदिर में ध्वजारोहण कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्या अतिथि हैं, जिसमे  डॉ0 मृदुल शुक्ल को भी आमंत्रित किया गया हैं।</div>
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<div>जन्मभूमि मंदिर निर्माण आंदोलन के नींव के पत्थर यह शुभ अवसर ऐसे ही नहीं प्राप्त हुआ है ऐसे भी संगठन रहे हैं ऐसे भी लोग रहे हैं जो राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए एड़ी से चोटी एक किया है राम मंदिर निर्माण में जो बाधाएं थी उनको दूर करने के लिए संघर्षों का बेड़ा अपने हाथ में लेते हुए जन जागरण का कार्य किया उन्हीं में से एक है। इस्लामीकरण विरोधी सेना के कमांडर मृदुल शुक्ला सन 1994 से 97 तक इस्लामीकरण विरोधी सेना शंखनाद के द्वारा मंदिर विरोधियों को ललकारने का कार्य किया था ज्ञातव्य है कि लगभग 3 साल तक लगातार इस्लामीकरण विरोधी संकल्प का शंखनाद होता रहा अयोध्या नगरी की गलियों गलियों में प्रतिदिन निकलने वाली शोभायात्रा में सम्मिलित होकर हजारों हजार महिला पुरुष राम भक्तों ने पूरी दुनिया को यह बता दिया</div>
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<div>अयोध्या की शास्त्रीय सिंह सीमा के भीतर किसी प्रकार का इस्लामीकरण बर्दाश्त नहीं करेगा ज्ञातव्य है कि सन 1994 की बात हैतत्कालीन उत्तर प्रदेश की सूबे की सरकार अयोध्या में मक्का खुर्द का निर्माण करना चाहती थी लेकिन यह बात तत्कालीन विश्व हिंदू परिषद के नेता और पत्रकार लोकेश प्रताप सिंह को प्राप्त हुआ तो संगठन के लोगों से बात करके जैसे कि चंपत राय जी महेश नारायण जी अवध नारायण सिंह जी चंद्र प्रकाश जी अशोक सिंघल जी महंत अवैद्यनाथ जी महंत परमहंस दास जी ने विचार करके रातों-रात एक इस्लामीकरण विरोधी सेना संगठन तैयार किया इसकी जिम्मेदारी तत्कालीन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से से चुनाव जीते साकेत महाविद्यालय के महामंत्री मृदुल कुमार शुक्ला जी को कमान सौंपा गया साथ में कुछ समय के छात्र नेता जटाशंकर सिंह और राणा विजेंद्र बहादुर सिंह को सरकार द्वारा प्रायोजित अयोध्या का इस्लामीकरण और मक्का खुर्द विफल करने हेतु जिम्मेदारी सौंपी गई और देखते देखते ही देखते इन लोगों द्वारा पूरे देश में पूरे देश में इस्लामीकरण के विरुद्ध जोरदार आंदोलन किया गया</div>
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<div>जिसमें देश के प्रत्येक जिले में इस्लामीकरण विरोधात संकल्प यज्ञ आयोजित कर कर के लोगों को जागरूक किया गया और उन्हें आंदोलन से जोड़ा गया उपरोक्त कार्य हेतु तत्कालीन सरकार द्वारा अयोध्या के इस्लामीकरण के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों के फलस्वरूप स्थानीय नौजवानों के भीतर से प्रस्फुटित हुई आक्रोश की ज्वाला थी 1 अगस्त 1994 को श्री राम जन्मभूमि उपन्यास के अध्यक्ष स्वामी परमहंस रामचंद्र दास जी स्वामी नित्र गोपाल दास जी राम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति के अध्यक्ष गोरख पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ जी एवं डॉ रामविलास दास वेदांती के साथ ही अयोध्या विधायक लल्लू सिंह के नेतृत्व में मणिराम छावनी अयोध्या से लेकर पूरे देश में विशाल शोभायात्रा निकाली गई जिसमें संतों के अलावा राम भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ता था दिगंबर अखाड़ा पर आयोजित विशाल इस्लामीकरण विरुद्ध संकल्प यज्ञ में आहुति डालने के पश्चात सभा में महंत अवैद्यनाथ ने कहा था कि इस्लामीकरण अयोध्या कि नहीं अपितु पूरे विश्व की समस्या है अयोध्या में तो लगातार 300 दिन तक विभिन्न मंदिरों में संकल्प यज्ञ आयोजित किया जाता था जिसमें पूरे देश के विभिन्न जनपदों से आए हुए राम भक्त श्री मणिराम दास छावनी से यज्ञ स्थल तक शोभायात्रा निकालते थे जिसमें राम जन्मभूमि के प्रस्तावित मॉडल का पूजन किया जाता था तत्पश्चात गाजे बाजे के साथ इस्लामीकरण विरोधी सेना के लाखों पट्टे धारी जवानों के नेतृत्व में निर्माण हुआ तो "खून बहेगा सडको पर" आज अयोध्या की धरती से सेना ने ललकारा है</div>
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<div>सुन लो सुन लो बाबर की औलाद हिंदुस्तान हिंदुस्तान हमारा है तथा जय श्री राम हर हर बम बम का उद्घोष करते हुए राम भक्त यज्ञ स्थल पर पहुंचते थे जहां बाबा अवधेश शुक्ला और अन्य रामायणीयों द्वारा पांच बार हनुमान चालीसा का पाठ कराया जाता था तत्पश्चात महंत अवैद्यनाथ और परमहंस रामचंद्र दास चंपत राय जी द्वारा इस्लामीकरण के विरोध में संकल्प करवाते थे डॉ रामविलास वेदांती के शिष्य डॉ राधवेश दास वेदांती के मुताबिक करोड़ो राम भक्त राम मंदिर निर्माण से जुड़े इस्लामीकरण विरोधी सेना के प्रति लोगों का रुझान को देखते हुए और सेना के प्रति नौजवानों का रुझान देखकर परमहंस रामचंद्र दास जी ने विभिन्न सभाओं में स्पष्ट कहा था कि हर स्वाभिमानी भारतीय सेना का अंग है जो भी व्यक्ति मक्का खुर्द ही स्पेन पैगंबर नौ बजी कब्र सहित बाबरी मस्जिद के निर्माण का विरोध करता है गौ हत्या एवं उर्दू शिक्षा का विरोध करता है अयोध्या के शास्त्री सीमा के भीतर कदम कदम पर बनाए जा रहे फर्जी मस्जिदों मजारों एवं मदरसों के निर्माण का विरोध करता है वह नौजवान इस्लामीकरण विरोधी सेना का मान्यता प्राप्त सदस्य है राष्ट्रधर्म नामक पत्रिका के अक्टूबर 1994 में प्रकाशित लेख के माध्यम से पता चलता है कि परमहंस रामचंद्र जी सेना के निर्माण के उद्देश्यों के बारे में कहा था कि अयोध्या की शास्त्रीय सीमा के भीतर इस्लामीकरण को रोकना इस संगठन का मुख्य उद्देश्य है क्योंकि सरकार ने अयोध्या को इस्लामीकरण करने का मुख्य निशाना बनाया है इसके लिए 84 कोसी परिक्रमा पर पड़ने वाले पड़ाव पर भी एक दिवसीय संकल्प यज्ञ करवाया गया तथा सीमा रक्षक चौकिया भी बनाई गई थी इस्लामीकरण विरोधी सेना द्वारा सरयू तट पर आयोजित संकल्प यज्ञ में नैनीताल के युवा सांसद बलराज पासी को तलवार रामनवमी कवच भेंट किया गया था तथा सरजू नदी में खड़े होकर सेना के जवानों ने शास्त्री सीमा के भीतर इस्लामीकरण रोकने का संकल्प लिया था यज्ञ संकला के मध्य में मुख्य अतिथि बने चिता मुनि जी महाराज ने स्पष्ट रूप से कहा था कि अयोध्या में जो सेना द्वारा संकल्प यज्ञ हो रहा है</div>
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<div>उसकी ध्वनि पूरे देश में दुनिया में सुनाई देगी यज्ञ के माध्यम से संकल्पित हिंदू समाज और पूरे देश में सरकारी स्तर पर हो रहे इस्लामीकरण को रोकने के लिए खड़ा हो गया इस्लामीकरण विरोधी सेना के अन्य कार्यक्रम में दिल्ली के तत्कालीन सांसद बैकुण्ठ लाल शर्मा प्रेमजी ने ललकारते हुए कहा था कि आक्रमणकारी हिंदू राष्ट्र की सभी समस्याओं का एकमात्र समाधान है ही नहीं पूरे देश में इस्लामी समीकरण को रोकना होगा इस प्रकार से इस्लामीकरण विरोधी सेना के कमांडर इन चीफ मृदुल कुमार शुक्ला के नेतृत्व में अयोध्या से निकली हुई आवाज पूरे देश में इस्लामीकरण विरोध के रूप में मुखर होता रहा। डॉ0 मृदुल शुक्ल  देश के ग्रामीण इलाकों के वैज्ञानिक विकास में जुटे। अपने कई शोधो पर राष्ट्रीय तथा अंतराष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त कर चुके डॉ0 मृदुल शुक्ल अपने अनूठे प्रयास मे लगे हुए हैं। गॉवं गॉवं  जाकर साइंस को सरल हिंदी भाषा मे   समझाते  है ग्रामीणों को, शिक्षित  कर रहे है। अभियान मे उनके साथ देश विदेश के कई साइंटिस्ट जुड़ चुके है। इसके डॉ0 शुक्ल को सरजू रत्न पुरस्कार , भारत विभूषण पुरस्कार, राष्टीय उत्कृष्ठता पुरस्कार, स्व0 राधेश्याम शुक्ल लीलावती सम्मान, कर्मयोगी सम्मान, राष्ट्र धर्म सेवा पुरस्कार, विज्ञान गौरव सम्मान, तराई विज्ञान पुरस्कार, गुटम बुद्धा विज्ञान पुरस्कार  यु0पी0, प्रगति रत्न पुरस्कार, स्व0 बल गोविन्द वर्मा स्मृति वैज्ञानिक पुरस्कार, उत्तर प्रदेश संस्कृति पुरस्कार, साइंटिस्ट ऑफ़ दी ईयर अवार्ड, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा युवा वैज्ञानिक पुरस्कार, डी एस टी भारत सरकार द्वारा विज्ञान समरसता पुरस्कार, लैब तू लैंड अवार्ड (LAB  TO  LAND), श्रेष्ठा गुरुजन अवार्ड, विज्ञान शिरोमणि अवार्ड , एन बी आर आई द्वारा बेस्ट रिसर्च पेपर अवार्ड इत्यादि पुरस्कार प्राप्त हो चुके है। इसके बावजूद भी उनके मन मे यह बात रही की कैसे देश के ग्रामीणों इलाकों  मे विज्ञान दृष्टिकोण उत्पन्न किया जाये। डॉ0 मृदुल शुक्ल ने ग्रामीण इलाकों के वैज्ञानिक विकास में ढेरो काम किये हैं।</div>
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<div>लखनऊ के कल्ली  ग्राम में 10 किलोमीटर का ग्रीन बेल्ट का मत्वपूर्ण कार्य किया है। आपके सफल प्रयास से कई ग्रामीण महिलाओ ने विभिन्न विज्ञान परक कार्यक्रम के द्वारा के द्वारा अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत किया है। डॉ0 शुक्ल  द्वारा लिखित पुस्तक पेड़ पौधों द्वारा गंगा नदी प्रदूषण का प्रबंधन काफी लोकप्रिय है ।गंगा नदी के किनारे बृछारोपण मे काफी मददगार है। जब भी मृदुल शुक्ल अपने घर खखाइजखोर, गोरखपुर जाते थे वह का पिछड़ापन देखकर उनका मन रो परता था जब की  देश के ग्रामीण छेत्रो  मे वैज्ञानिक की अच्छी तादाद मौजूद है फिर भी इलाका बाढ़, बीमारी वेरोजगारी से बेहाल है  गावो मे विज्ञान का माहौल करने की ठानी और आज उनके साथ हज़ारो वैज्ञानिको का काफिला है, उन ग्राम के समस्याओ को समझकर वैज्ञानिको को लेकर गावो मे लेकर जाते है तथा विज्ञान के किन्ही विषयो को लेकर व्यख्यान देते भी है दिलाते भी है, अपने निदेशकों से परमिशन लेकर छुट्टी के दिनों शनिवार और रविवार को गावो मे विज्ञान जागरूकता कार्यक्रम करते है तथा ग्रामीणों की जिज्ञासा का समाधान भी करते है। विज्ञान के छेत्र के कई स्वयं सेवी संगठनों के माध्यम से  वैज्ञानिको  को गॉवं गॉवं ले जाते है।</div>
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<div>डॉ0 शुक्ल विश्व के सबसे ख्यातिलब्ध शोध एवं विकास के संगठन सी0एस0आई0 आर0एन0बी0आर0आई0, लखनऊ मे अधिकारी के पद पर रहते हुये भी छुट्टी के दिनों मे जब नौकरी पेशा वाले लोग कई तरह से मनोरंजन करते है लकिन डॉ0 मृदुल शुक्ल आपने समय किसी गौवं या स्कूल कॉलेज मे लेक्चर देते है या प्रोग्राम के माध्यम से लोगो को जागरूक करते है विगत 20-25 सालो मे वनस्पति, बायोटेक्नोलॉजी, पर्यावरण, आउटरीच लेकर विज्ञान जागरूकता का हज़ारो कार्यक्रम डॉ0 मृदुल शुक्ल द्वारा करवाया जा चूका है। इनके उपरोक्त कार्य को सी एस आई आर की पत्रिका विज्ञान प्रगति भी प्रकाशित कर चुकी है। अधिकांश अंतरास्ट्रीय अधिवेशन मेट्रो सिटी मे आयोजित होते है लकिन डॉ शुक्ल वैज्ञानिको तथा अपने परिवार की मदद से साइंस कांफ्रेंस को निहायत ही ग्रामीण इलाकों मे मे आयोजित करते है तथा ग्रामीणों की वैज्ञानिक जिज्ञासा का समाधान करते है।उनके द्वारा किये गया शोध कई अंतराष्ट्रीय जनरल मे प्रकाशित हो चूका है।</div>
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<div>सी0एस0आई आर0एन0बी0आर0आई0 के वरिष्ठ  अधिकारी, डॉ0 मृदुल कुमार शुक्ल को लखीमपुरी के गोला गोकर्ण नाथ मे अटल बिहारी वाजपई वैज्ञानिक आउटरीच उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। डॉ0 शुक्ल को ये पुरस्कार देश के कोने कोने मे आउटरीच कार्यक्रम के माध्यम से देश के ग्रामीणों मे वैज्ञानिक दृटिकोण उत्पन्न करने के प्रसंसनीय योगदान के लिए दिया गया है। यह कार्यक्रम कृषक समाज इंटर कॉलेज तथा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, वाणी तथा लखीमपुर खीरी के  स्वयं सेवी संगठनों के द्वारा आयोजित किया गया था। डॉ0 शुक्ल अपने छात्र जीवन से  ही  कुशाग्र बुद्धि के धनी है। अवध विश्वविद्यालय के अंतर्गत साकेत  कॉलेज, अयोध्या  के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से छात्र संघ का महामंत्री चुनाव भी जीत चुके है, उत्तर प्रदेश को कश्मीर नहीं बनने देंगे नामक आंदोलन का सफल नेतृतव भी आपने किया है, विज्ञान भारती के अवध प्रान्त के सचिव विज्ञान भारती एसोसिएशन ऑफ़ एन जी वो  वो, इंडिया (विभा वाणी) के उत्तर प्रदेश के चीफ कोऑर्डिनेटर भी रह चुके हैं।</div>
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<div>विज्ञान जागरूकता समिति  विज्ञान जाग्रति संस्थान, गोखपुर, दुर्गा कला केंद्र लखनऊ के माध्यम से विज्ञान के प्रतिभाशाली छात्रों को फेलोशिप भी दिलाते है। कई वर्षो से तराई बेल्ट में माता पिता की आरती का आयोजन आपने किया हैं। अखिल भारतीय विज्ञान दल के माध्यम से भारतीय जीवन शैली के विधमान वैज्ञानिक दृष्टिकोण उत्पन्न करने का सफल प्रयास कर रहे हैं। गांव गांव में माता पिता की आरती का आयोजन कर बृद्ध जनो तथा गुरु के प्रति आदर भाव उपपन्न करने का सफल प्रयास कर रहे हैं। जग जीत अन्तर कालेज के प्राचार्य डॉ0 बुद्धेश्वर पांडेय बताते हैं की मृदुल शुक्ल बहुत ही सलीन छात्र संघ के पदाधिकारी रहने के साथ साथ कलाम साहब के बाद दूसरे ऐसे वैज्ञानिक हैं जो अपने देश के वैज्ञानिक विकास में जुटे हुए हैं। गायत्री शक्ति पीठ महाविधलय के प्राचार्य प्रो0 दिव्य दर्शन तिवारी  बताते हैं की डॉ0 मृदुल शुक्ल के साथ लाखो देश विदेश के वैज्ञानिक विज्ञान जागरूकता अभियान में जुटे हुए हैं।</div>
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                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/161392/flag-hoisting-program-at-ram-janmabhoomi-temple-in-ayodhya-on</link>
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                <pubDate>Sun, 23 Nov 2025 17:31:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाइवे के अतिक्रमण पर चला बुलडोजर</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>सीतापुर।</strong> जिले के कमलापुर थाना क्षेत्र में रविवार को नेशनल हाइवे-30 पर अतिक्रमण कर बनाई गई दुकानों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पहले ही दुकानदारों को अल्टीमेटम जारी किया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा में कब्जा न हटाने पर बुलडोजर कार्रवाई करनी पड़ी।</div>
<div>  </div>
<div>कार्रवाई के दौरान पुलिस बल की भारी तैनाती की गई थी। मौके पर थाना प्रभारी सर्जन सिंह मीना कमलापुर स्वयं मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि कई दुकानदारों ने हाइवे की जमीन पर अस्थाई निर्माण कर व्यापार शुरू कर रखा था, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा था।</div>
<div>  </div>
<div>थाना प्रभारी ने स्पष्ट</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159504/bulldozer-runs-on-encroachment-of-highway"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/img-20251109-wa0021.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>सीतापुर।</strong> जिले के कमलापुर थाना क्षेत्र में रविवार को नेशनल हाइवे-30 पर अतिक्रमण कर बनाई गई दुकानों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पहले ही दुकानदारों को अल्टीमेटम जारी किया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा में कब्जा न हटाने पर बुलडोजर कार्रवाई करनी पड़ी।</div>
<div> </div>
<div>कार्रवाई के दौरान पुलिस बल की भारी तैनाती की गई थी। मौके पर थाना प्रभारी सर्जन सिंह मीना कमलापुर स्वयं मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि कई दुकानदारों ने हाइवे की जमीन पर अस्थाई निर्माण कर व्यापार शुरू कर रखा था, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा था।</div>
<div> </div>
<div>थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया है कि राजमार्ग पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आगे भी ऐसे अतिक्रमणों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखी जा सके।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Nov 2025 19:18:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीएम योगी ने  महाकुंभ क्षेत्र में किया 25,000 बेड के सार्वजनिक आश्रय स्थल की शुरुआत।</title>
                                    <description><![CDATA[श्रद्धालुओं के लिए बेहद सस्ता और सुलभ होगा सार्वजनित आश्रय स्थल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146862/cm-yogi-inaugurated-a-25000-bed-public-shelter-in-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-12/सीएम-योगी-ने -महाकुंभ-क्षेत्र-में-किया-25,000-बेड-के-सार्वजनिक-आश्रय-स्थल-की-शुरुआत।.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>सीएम ने महाकुंभ मेला क्षेत्र में कंप्यूटरीकृत खोया-पाया केंद्र का भी किया उद्घाटन।</strong></div>
<div> </div>
<div>ब्यूरो प्रयागराज।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को मेला क्षेत्र में 250 बेड की क्षमता वाले 100 सार्वजनिक आश्रय स्थलों का उद्घाटन किया।  इसके साथ ही, महाकुंभ मेला क्षेत्र में कंप्यूटरीकृत खोया-पाया केंद्र की भी शुरुआत की गई। सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ जैसे भव्य आयोजन के दौरान तीर्थयात्रियों और आगंतुकों की भारी संख्या को देखते हुए सार्वजनिक आश्रय स्थलों की आवश्यकता महत्वपूर्ण होती है।</div>
<div> </div>
<div>परंपरागत रूप से तीर्थयात्री और साधु-संत खुले स्थानों या परिसंचरण क्षेत्रों में समय बिताते हैं, जिससे सर्द मौसम में उनके लिए कई समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने 25,000 बेड की कुल क्षमता वाले सार्वजनिक आश्रय स्थलों की व्यवस्था की है। इन आश्रय स्थलों का उद्देश्य तीर्थयात्रियों को न केवल आरामदायक और सुरक्षित ठहराव प्रदान करना है, बल्कि उनकी यात्रा को सुलभ और सुविधाजनक भी बनाना है।</div>
<div> </div>
<div><strong>आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं सभी आश्रय स्थल।</strong></div>
<div>महाकुंभ के लिए तैयार किए गए सार्वजनिक आश्रय स्थलों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। इनमें प्रत्येक आश्रय स्थल पर 250 बेड की क्षमता होगी। बेड के साथ गद्दे, तकिए और साफ चादरें उपलब्ध कराई जाएंगी। पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालय और स्नानघर की व्यवस्था की गई है। इन आश्रय स्थलों में नियमित सफाई, जिसमें चादरों का परिवर्तन शामिल है, सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा, स्वच्छ पेयजल और चौबीस घंटे (24x7) सुरक्षा के प्रबंध किए गए हैं। इन सुविधाओं का उपयोग श्रद्धालु नाममात्र शुल्क पर कर सकेंगे, जिससे महाकुंभ में सभी वर्गों के लोगों को ठहरने का विकल्प मिलेगा।</div>
<div> </div>
<div><strong>श्रद्धालुओं के लिए बेहद सस्ता और सुलभ होगा सार्वजनिक आश्रय स्थल।</strong></div>
<div>सार्वजनिक आश्रय स्थलों के उपयोग के लिए शुल्क की व्यवस्था सरल और सुलभ रखी गई है। सामान्य दिनों में, श्रद्धालुओं को पहले दिन के लिए 100 रुपये और दो दिन रुकने पर पहले दिन 100 रुपये और दूसरे दिन 200 रुपये का भुगतान करना होगा। मुख्य स्नान पर्व और उसके आसपास के दिनों में, यह शुल्क पहले दिन के लिए 200 रुपये और दो दिन के ठहराव के लिए पहले दिन 200 रुपये और दूसरे दिन 400 रुपये होगा। श्रद्धालु नकद या डिजिटल माध्यम (UPI) से भुगतान कर सकते हैं, जिसके बाद उन्हें टिकट जारी किया जाएगा।</div>
<div> </div>
<div>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह पहल विशेष रूप से उन तीर्थयात्रियों के लिए है, जो होटल, गेस्ट हाउस या निजी शिविर का खर्च नहीं उठा सकते। इन सार्वजनिक आश्रय स्थलों से न केवल उनकी यात्रा किफायती बनेगी, बल्कि वे सर्द मौसम में आराम और सुरक्षा का अनुभव भी कर सकेंगे।</div>
<div> </div>
<div><strong>सीएम योगी ने महाकुंभ मेला क्षेत्र में कंप्यूटरीकृत खोया-पाया केंद्र का किया उद्घाटन।</strong></div>
<div>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ 2025 की तैयारियों के तहत प्रयागराज मेला क्षेत्र में कंप्यूटरीकृत खोया-पाया केंद्र का उद्घाटन किया। यह केंद्र अत्याधुनिक तकनीकों से लैस होगा, जिससे श्रद्धालुओं की गुमशुदगी संबंधी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जा सके। इस पहल से तीर्थयात्रियों को सुरक्षित और संगठित अनुभव मिलेगा।</div>
<div> </div>
<div>महाकुंभ 2025 को न केवल एक धार्मिक आयोजन के रूप में, बल्कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का जीवंत प्रतीक बनाने के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे भारतवर्ष की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को विश्व स्तर पर प्रस्तुत करेगा। यह पहल सर्दी के कठोर मौसम में आने वाले तीर्थयात्रियों को सुकूनदायक और यादगार अनुभव प्रदान करेगी।</div>
<div> </div>
<div>कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता 'नंदी' जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, प्रयागराज के महापौर समेत, मेला अधिकारी विजय किरण आनंद एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Dec 2024 17:36:02 +0530</pubDate>
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                <title>उप मुख्यमंत्री तक पहुंची बाबू की शिकायत</title>
                                    <description><![CDATA[विधायक ने कहा, जनता और जनप्रतिनिधियों से करते हैं दुर्व्यवहार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146400/babus-complaint-reached-the-deputy-chief-minister"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/img-20241118-wa0000.jpg" alt=""></a><br /><div>स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मचारी के चलते जिले का स्वास्थ्य महकमा एक बार फिर चर्चा में है। विभागीय कर्मचारी के खिलाफ विपक्षी समाजवादी पार्टी के विधायक ने प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को पत्र लिख कर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस बाबू के कृत्यों के चलते विभाग की छवि धूमिल हो रही है। </div>
<div> </div>
<div>बलिया के स्वास्थ्य विभाग में तैनात मुन्ना बाबू नाम के कर्चमारी के आचरण और वित्तीय अनियमितताओं पर केंद्रित इस पत्र में लखनऊ के मध्य विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने लिखा है कि उक्त बाबू की लगातार शिकायतें आमजन से प्राप्त हो रही हैं। वे जनता और जनप्रतिनिधियों के साथ गलत व्यवहार करते हैं और वित्तीय घोटाले में जेल भी जा चुके हैं। पूर्व में महकमे में तैनात रहे डॉ. जयंत कुमार द्वारा भी सीएमओ से उक्त कर्मचारी के खिलाफ शिकायत की गई थी। सपा विधायक के अनुसार वे अनुशासनहीन एवं निरंकुश कर्मी हैं। </div>
<div> </div>
<div>तत्कालीन सीएमओ बलिया डॉ. प्रीतम कुमार द्वारा उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिसके उपरांत उनका निलंबन हुआ और वे जेल में निरुद्ध रहे। निलंबन के उपरांत उन्हें उक्त जनपद में ही पुनः तैनात कर दिया गया। विधायक का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार के मानव संपदा पोर्टल से मिली जानकारी के अनुसार मुन्ना बाबू ने 12 मई 1987 को नौकरी प्राप्त की थी।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने हाईस्कूल वर्ष 1984 एवं इंटर की परीक्षा वर्ष 1985 में उत्तीण दिखाई है। एक ही वर्ष के अंतराल में यह दोनों परीक्षाएं उत्तीर्ण करना संभव नहीं है। विधायक ने उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से अनुरोध किया है कि इस कर्मचारी की उक्त जिले में तैनाती जनहित में उचित नहीं है। उनका अंयत्र तबादला कर दिया जाए ताकि जिले का स्वास्थ्य कार्य सुचारू एवं सुगम रूप से संपादित हो सके।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Nov 2024 17:20:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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                <title>भाजपा सरकार ने बिना भेदभाव किये सबको सुविधा प्रदान की। मुख्य मंत्री योगी।</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन की सरकार ने सबका साथ सबका विकास का नारा साकार करते हए सभी वर्गों और जाती को बिना भेदभाव किए सबका विकास सबका साथ के नारे को साकार करते हुएसरकार की योजनाओं का लाभ दिया। लेकिन समाजवादी सरकार  सबका साथ लिया लेकिन विकास सिर्फ  सैफई और एक परिवार का किया।</div>
<div>  </div>
<div>मुख्यमंत्री योगी फूलपुर विधानसभा क्षेत्र के कसेरुवा कला गांव में एक चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा की  सपा के नेता  तरह-तरह के नारे गडकर आपके बीच में फूट डालने आए हैं</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146332/the-bjp-government-provided-facilities-to-everyone-without-any-discrimination"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/भाजपा-सरकार-ने-बिना-भेदभाव-किये-सबको-सुविधा-प्रदान-की।-मुख्य-मंत्री-योगी।.png" alt=""></a><br /><div><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन की सरकार ने सबका साथ सबका विकास का नारा साकार करते हए सभी वर्गों और जाती को बिना भेदभाव किए सबका विकास सबका साथ के नारे को साकार करते हुएसरकार की योजनाओं का लाभ दिया। लेकिन समाजवादी सरकार  सबका साथ लिया लेकिन विकास सिर्फ  सैफई और एक परिवार का किया।</div>
<div> </div>
<div>मुख्यमंत्री योगी फूलपुर विधानसभा क्षेत्र के कसेरुवा कला गांव में एक चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा की  सपा के नेता  तरह-तरह के नारे गडकर आपके बीच में फूट डालने आए हैं ऐसे समाजवादी पार्टी और उनके नेताओं से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से कहा कि आपकाऔर आपके क्षेत्र का विकास आपके चुनाव पर निर्भर करता है यदि आप अच्छे उम्मीदवार को चुन लेंगे तो विकास अपने आप हो जाएगा यदि आप इसमें असफल हुए तो अगले चुनाव तक पछताएंगे। </div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>योगी आदित्यनाथ ने कहा याद करिए इस इलाहाबाद में पूजा पाल  के पति राजू पल तथा एक वर्ष पहले उमेश पाल की किस तरह निर्मम हत्या की गई थी ।मैंनेवधानसभा मैं कहा कि जिन लोगों ने यह कुकृत्य किया है  उन्हें मिट्टीमे मिला दूंगा। आज पूरा प्रदेश गुंडा  माफिया मुक्त हो चुका हैं और जब उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाती है तो समाजवादी पार्टी के पेट में दर्द होता है क्योंकि माफिया और गुंडे उनके गले का हार हैं और उनके काले कारनामों से ही उनकी पार्टी चलती है।</div>
<div> </div>
<div>सपा  न तो विकास करना जानती हैं नहीं इनके पास कोई विजन है। यह सिर्फ नया-नया नारा  गढ़ते है और आप के बीच  में फूट डालते हैं और अपना उल्लू साधने का काम करते है। इस उप चुनाव में सावधान रहने की जरूरत है और भारतीय जनता पार्टी के पत्याशी  को जीतकर क्षेत्र के विकाश में भागीदार बनिए।</div>
<div> </div>
<div>श्री योगीदोपहर 12:00 बजे चुनावी सभा को संबोधित करने के बाद कानपुर में चले गए <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-11/img_20241116_200221.jpg" alt="IMG_20241116_200221" width="720" height="596"></img>इस उप चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दूसरी बर भाजपा पत्याशी को जिताने के लिए  आए और सभा की जिससे साबित होता है कि यह चुनाव  प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। इसके दो दिन पूर्व रुद्रपुर गांव में एक विशाल चुनाव रैली को समाजवादी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संबोधित किया था।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sun, 17 Nov 2024 17:16:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नारे के आगे दो नारे,नारे के पीछे दो नारे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>एक जमाने में फिल्म ' मेरा नाम जोकर ' के   लिए हसरत जयपुरी ने एक पहेलीनुमा गीत लिखा था ' तीतर  के आगे दो तीतर ,तीतर के पीछे  दो तीतर ,बोलो कितने तीतर ? ' आशा भोंसले ने इस गीत को गया था और शंकर जयकिशन ने इसे संगीतबद्ध किया था। ये  बात १९७० की है। आज हम २०२४ के आखरी सिरे पर आ गए हैं लेकिन भारतीय राजनीति में जोकरों के लिए तीतर के बजाय नारे पहेलियाँ बन गए है।  ये समझना मुश्किल है की आखिर नारों के आगे,नारों के पीछे कितने नारे हैं और कितने जोकर है।</p>
<p>'मेरा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146154/two-slogans-in-front-of-the-slogan-two-slogans-behind"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/नारे-के-आगे-दो-नारे,नारे-के-पीछे-दो-नारे.jpg" alt=""></a><br /><p>एक जमाने में फिल्म ' मेरा नाम जोकर ' के   लिए हसरत जयपुरी ने एक पहेलीनुमा गीत लिखा था ' तीतर  के आगे दो तीतर ,तीतर के पीछे  दो तीतर ,बोलो कितने तीतर ? ' आशा भोंसले ने इस गीत को गया था और शंकर जयकिशन ने इसे संगीतबद्ध किया था। ये  बात १९७० की है। आज हम २०२४ के आखरी सिरे पर आ गए हैं लेकिन भारतीय राजनीति में जोकरों के लिए तीतर के बजाय नारे पहेलियाँ बन गए है।  ये समझना मुश्किल है की आखिर नारों के आगे,नारों के पीछे कितने नारे हैं और कितने जोकर है।</p>
<p>'मेरा नाम जोकर यदि आज बनाई जाती तो तय है की हसरत जयपुरी साहब को तीतर के आगे दो तीतर गीत के बोल बदलना पड़ते।  वे लिखते-' नारे के आगे दो नारे, नारे के पीछे दो नारे,आगे नारे ,पीछे नारे ,बोलो कितने नारे? निश्चित रूप से ये गीत भी लोकप्रिय होता,क्योंकि आज की राजनीति में नेताओं और मुद्दों से जयदा नारे लोकप्रिय हो रहे हैं ,समूची राजनीति इन्हीं नारों पर टिकी है।  जिस दल के पास नारे नहीं ,उसके वारे-न्यारे नहीं। नारे बिना रिजनिति आभूषणों बिना नारी जैसी है।</p>
<p>साल के जाते-जाते भारतीय राजनीति को जो सबसे ज्यादा चर्चित और हिंसक नारा मिला ,वो है - बंटोगे  तो कटोगे '। इस नारे के जनक हैं उत्तरप्रदेश के उत्तरदायी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। उनका ये नारा बड़ा ही कटखना है। ये नारा सबसे ज्यादा  पसंद आया राष्ट्रीय  स्वयं सेवक संघ को।  संघ ने इस नारे को अपनी दैनिक प्रार्थना-' नमस्ते सदा वतस्ले ' की तरह अंगीकार कर लिया।  सबसे पहले संघ के दो नंबरी नेता दत्तात्रय होंसबोले ने इस नारे के आगे समर्पण किया। उन्हें शायद आत्मग्लानि  हुयी की इतना मारक  नारा उनकी नागपुर की फैक्ट्री में क्यों नहीं गढ़ा गया ? कहते हैं कि योगी के नारे कि गूँज कनाडा में सुनाई दे रही है ।  उनका नारा बंटोगे तो कटोगे अब वैवाहिक निमंत्रण पत्रों पर भी लिखवाया जा ने लगा है।</p>
<p>योगी  जी के इस इस नारे की नाव पर सवार होकर  भाजपा हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनावों में उतरी । हरियाणा में तो इस नारे से भाजपा की नाव चुनावी वैतरणी पर कर गयी लेकिन जम्मो-कश्मीर में डूब गयी।  जम्मू-कश्मीर में कुछ और चला। इस खंडित सूबे में न कोई कटा और न कोई बटा ,लिहाजा भाजपा के हाथ सत्ता  नहीं लगी। लेकिन न भाजपा निराश  हुयी और न माननीय योगी जी।  भाजपा,संघ और योगी जी इसी नारे को लेकर महाराष्ट्र और झारखड विधानसभा के चुनाव में जा कूदे। लेकिन यहां योगी की के इस नारे को अंगीकार नहीं किया गया। भाजपा के सहयोगी एनसीपी के अजित पंवार ने ही इस नारे का विरोध कर दिया। उद्धव ठाकरे की शिव सेना भी इस नारे के खिलाफ मुखर हुई तो प्र्धानमंत्री  श्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी को दखल करना पड़ा।</p>
<p>माननीय मोदी जी तो राजनीती में नए नारों के जनक हैं,हालाँकि उनसे पहले श्रीमती इंदिरा गाँधी ' गरीबी हटाओ ' जैसे अति लोकप्रिय नारे लगा चुकी थी और जनता से लगवा चुकी थीं ,लेकिन न गरीब हटे और न गरीबी। उलटे आज देश में 85 करोड़ गरीब मोदी सरकार के हिस्से में है।  सबको पांच किलो अन्न मुफ्त में देना पड़  रहा है। मोदी जी भी इंदिरा जी के बताये रस्ते पर चलकर न गरीबी का उन्मूलन कर रहे हैं और न गरीबों का। हालांकि उनका दावा रहता है की उनकी सरकार ने 10 साल में 25 करोड़ गरीबों को गरीबी की रेखा से बाहर निकाला है।</p>
<p>बहरहाल बात नारों की चल रही थ। योगी जी के नारे को महाराष्ट्र  में लड़खड़ाता देख मोदी जी इसी नारे को नए पैकिंग में लेकर नमूदार हुए। उनका नारा है-' एक रहोगे तो सेफ रहोगे '। मोदी जी का नारा गांधीवादी नारा है या गोलवलकरवादी   नारा अभी तक कम से कम मै तो तय नहीं कर पाया हूँ। महाराष्ट्र की जनता इस नारे से कितनी प्रभावित हुयी है ये भी कहना कठिन है। मोदी जी के इस नारे के जबाब में उद्धव ठाकरे की शिव सेना ने कहा कि महाराष्ट्र तभी तक सेफ है जब तक की यहां भाजपा सत्ता से बाहर रहेगी। झारखण्ड में भी कमोवेश मोदी जी और योगी जी का नारा कारगार होता नहीं दिखाई दे रहा। भविष्य में हो जाये  तो मै इसकी गारंटी नहीं दे सकता या ले सकता।</p>
<p>योगी जी के नारे के जबाब में उत्तरप्रदेश के उत्तरदायी समाजवादियों ने  एक नया नारा गढ़ा है। हर नारे का अपना व्याकरण है। अपनी धार है। अपना असर है। आज की सियासत में मुद्दे नहीं बल्कि नारे प्रधान होते हैं। बिना नारों के सियासत एक कदम आगे नहीं बढ़ सकती। जो राजनीतिक दल नया नारा नहीं गढ़ सकता उसे सत्ता भी आसानी से हासिल नहीं हो सकत।  मेरा नाम जोकर ब्रांड राजनीति में जोकरों की और नारों की कोई कमी नहीं है। हर दल में जोकर है। हर दल के अपने नारे हैं। नारे लगाने वाले है। नारे लगवाने वाले हैं। यानि जिधर देखो उधर केवल नारे ही नारे नजर आते हैं ,सुनाई देते है।  नेता और जनता मुद्दों को भूल नारों के भंवर जाल में फंस गयी है।</p>
<p>कभी-कभी मुझे लगता है कि इस देश को डिक्शनरी के एक और नए संस्करण की जरूरत है।  इस डिक्शनरी में केवल और केवल ' नारे ही नारे समाहित किये जाएँ। पूरब से पश्चिम तक के नारे । कन्या कुमारी से कश्मीर तक के नारे। हिंदी नारे,पंजाबी नारे ,उड़िया नारे ,गुजराती नारे ,तमिल नारे ,मलयाली नारे ,तेलगू नारे ,मराठी नारे ,झारखंडी नारे। हर दल का एक नारा होना ही चाहिए। ' बिन नारा सब सून ' है भाई !नारा है तो सियासत है और सियासत है तो नारे हैं। नारों का भी वर्गीकरण किया जाना चाहिये।  जैसे स्थानीय  नारे,प्रांतीय  नारे और राष्ट्रीय नारे। अंतर्राष्ट्रीय नारों की एक अलग श्रृंखला हो सकती है। जैसे पिछले दिनों अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान तरह -तरह के नारे सुनने में आये थे।</p>
<p>आजादी के बाद  की पीढ़ी को पढ़ाया गया था कि भारत एक कृषि प्रधान देश है लेकिन 2014  के बाद मिली असली आजादी [ बकौल कंगना  रनौत ]के बाद की पीढी को पढ़ाया जा हां है कि - भारत एक नारा प्रधान देश है।  कृषि उत्पाद तो हम आयात भी कर सकते हैं लेकिन हमें नारे एकदम  स्वदेशी चाहिए।  आत्मनिर्भरता के लिए सब कुछ स्वदेशी होना चाहिए ,खास तौर पर सियासी नारे। इस देश को नारा आधारित राजनीति से कब मुक्ति मिलेगी ? ये मै तो नहीं बता सकता। कोई ज्योतिषी बता सके तो उसके मुंह में घी-शक़्कर। वैसे आपको याद होना चाहिए कि नारा हर युग में प्रभावी रहा है। आजादी के पहले महात्मा गाँधी की आंधी के समय ' करो या मरो ' के नारे ने जनता को एक किया था। अंग्रेजों को खदेड़ा था।  ये शाकाहारी नारा था। अब देखना है कि योगी जी का नारा इस देश से मुसलमानों ,बांग्लादेशी,मयंमार के घुसपैठियों को खदेड़ पायेगा या नहीं ? जय श्रीराम।</p>
<p><strong>राकेश अचल </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
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                <pubDate>Mon, 11 Nov 2024 17:34:29 +0530</pubDate>
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