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                <title>Agriculture News - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Agriculture News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सर्वर डाउन होने से नहीं मिल रही खाद, किसान </title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>उतरौला, संवाददाता।</strong> खरीफ सीजन के चरम पर धान की रोपाई के बीच क्षेत्र में यूरिया संकट गहरा गया है। साधन सहकारी समितियों पर सर्वर डाउन होने से ई-पीओएस मशीनों पर किसानों का सत्यापन नहीं हो पा रहा है, जिसके कारण उन्हें निर्धारित मात्रा में यूरिया खाद नहीं मिल रही। घंटों इंतजार के बाद किसान बैरंग लौटने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि भैरमपुर, देवरिया मैनहा, रेडवलिया, चायडीह, गैंडास बुजुर्ग, चिरकुटिया, गन्ना समिति उतरौला तथा एग्रीजंक्शन उतरौला व बेथुइया समेत कई केंद्रों पर पूरे दिन तकनीकी समस्या के चलते खाद वितरण प्रभावित रहा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">किसानों का कहना है कि धान</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183926/farmers-not-getting-fertilizer-due-to-server-being-down"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/0.1.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div style="text-align:justify;"><strong>उतरौला, संवाददाता।</strong> खरीफ सीजन के चरम पर धान की रोपाई के बीच क्षेत्र में यूरिया संकट गहरा गया है। साधन सहकारी समितियों पर सर्वर डाउन होने से ई-पीओएस मशीनों पर किसानों का सत्यापन नहीं हो पा रहा है, जिसके कारण उन्हें निर्धारित मात्रा में यूरिया खाद नहीं मिल रही। घंटों इंतजार के बाद किसान बैरंग लौटने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि भैरमपुर, देवरिया मैनहा, रेडवलिया, चायडीह, गैंडास बुजुर्ग, चिरकुटिया, गन्ना समिति उतरौला तथा एग्रीजंक्शन उतरौला व बेथुइया समेत कई केंद्रों पर पूरे दिन तकनीकी समस्या के चलते खाद वितरण प्रभावित रहा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">किसानों का कहना है कि धान की रोपाई के बाद समय पर यूरिया देना फसल की बढ़वार के लिए बेहद जरूरी है।देरी होने पर पौधों की वृद्धि और पैदावार दोनों प्रभावित हो सकती हैं। सहकारी समितियों से खाद न मिलने पर किसान निजी उर्वरक दुकानों का रुख कर रहे हैं, लेकिन वहां भी सीमित स्टॉक और लंबी कतारों के कारण परेशानी बनी हुई है। जुलाई के इस दौर में किसानों को यूरिया के साथ डीएपी, एनपीके, जिंक सल्फेट, सूक्ष्म पोषक तत्व, खरपतवारनाशी व कीटनाशकों की भी आवश्यकता रहती है। किसानों ने प्रशासन से सर्वर की तकनीकी समस्या का तत्काल समाधान कराने तथा सभी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि खरीफ सीजन की खेती प्रभावित न हो।</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 22:28:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बांदा में चकबंदी प्रक्रिया के खिलाफ किसानों का उग्र आंदोलन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बांदा। </strong>जनपद बांदा में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को लेकर किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नेतृत्व में किसानों ने चकबंदी विभाग में कथित भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और फर्जी रिपोर्टों के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर किसान जवाहर भवन-इंदिरा भवन परिसर में दूसरे दिन भी अनिश्चितकालीन धरने पर डटे रहे। जेडीयू की प्रदेश उपाध्यक्ष शालिनी सिंह पटेल के नेतृत्व में चकबंदी आयुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम अमलीकोर सहित कई गांवों में चक सीमांकन का कार्य पूर्ण किए बिना ही शासन को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183457/fierce-agitation-of-farmers-against-the-consolidation-process-in-banda"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/604047-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बांदा। </strong>जनपद बांदा में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को लेकर किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नेतृत्व में किसानों ने चकबंदी विभाग में कथित भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और फर्जी रिपोर्टों के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर किसान जवाहर भवन-इंदिरा भवन परिसर में दूसरे दिन भी अनिश्चितकालीन धरने पर डटे रहे। जेडीयू की प्रदेश उपाध्यक्ष शालिनी सिंह पटेल के नेतृत्व में चकबंदी आयुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम अमलीकोर सहित कई गांवों में चक सीमांकन का कार्य पूर्ण किए बिना ही शासन को कार्य पूरा होने की सूचना भेज दी गई। किसानों का कहना है कि मौके पर केवल लगभग 40 प्रतिशत कार्य ही हुआ है, जबकि विभागीय अभिलेखों में इसे पूर्ण दर्शाया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन में मांग की गई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। किसानों ने यह भी मांग उठाई कि पहले से गठित जांच समितियों की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। धरने पर बैठे किसानों का आरोप है कि चकबंदी प्रक्रिया में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा है और किसानों के हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि पारदर्शिता और निष्पक्षता के अभाव में किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">धरने में राघवेंद्र सिंह, अर्पित सिंह, अवधेश तिवारी, राहुल द्विवेदी, नवरत्न सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा क्रमिक अनशन और अन्य लोकतांत्रिक विरोध कार्यक्रम जारी रहेंगे। अब सभी की निगाहें प्रशासन और चकबंदी विभाग पर टिकी हैं कि किसानों की इन गंभीर शिकायतों पर क्या कार्रवाई की जाती है और उनकी मांगों के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 22:24:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिद्धार्थनगर में धान की नर्सरी में किसान को सांप ने काटा</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर ।</strong> जिले के डुमरियागंज थाना क्षेत्र के नगर पंचायत भारतभारी के मल्हवार गांव में मंगलवार की रात सर्पदंश से एक युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई। विडंबना यह रही कि युवक मंगलवार शाम ही दिल्ली से अपने घर लौटा था। कुछ देर बाद वह धान की नर्सरी में सिंचाई करने गया, जहां सांप के डसने से उसकी जान चली गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मल्हवार गांव निवासी सफीउर्रहमान  (32)पुत्र मोहम्मद उमर मंगलवार शाम को दिल्ली से घर पहुंचे थे। घर पहुंचकर पानी पीने के बाद वह धान की रोपाई के लिए</div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182988/farmer-bitten-by-snake-in-paddy-nursery-in-siddharthnagar"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/31.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर ।</strong> जिले के डुमरियागंज थाना क्षेत्र के नगर पंचायत भारतभारी के मल्हवार गांव में मंगलवार की रात सर्पदंश से एक युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई। विडंबना यह रही कि युवक मंगलवार शाम ही दिल्ली से अपने घर लौटा था। कुछ देर बाद वह धान की नर्सरी में सिंचाई करने गया, जहां सांप के डसने से उसकी जान चली गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मल्हवार गांव निवासी सफीउर्रहमान  (32)पुत्र मोहम्मद उमर मंगलवार शाम को दिल्ली से घर पहुंचे थे। घर पहुंचकर पानी पीने के बाद वह धान की रोपाई के लिए धान की नर्सरी में सिंचाई करने कुदाल लेकर खेत चले गए। इसी दौरान किसी विषैले सांप ने उसे डस लिया। शुरुआत में उन्हें इसका आभास नहीं हुआ, लेकिन थोड़ी देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आसपास मौजूद लोगों ने स्वजन को सूचना दी। स्वजन तत्काल उन्हें उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल ले गए, जहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने बस्ती मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। मौत की सूचना गांव पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीण घटना को लेकर स्तब्ध हैं। मृतक ने अपने पीछे पत्नी, तीन पुत्र और तीन पुत्रियां को छोड़ गया।</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 21:37:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिसवां के किसान को उत्तर प्रदेश आम महोत्सव 2026 में प्रथम स्थान</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बिसवां (सीतापुर)-</strong> जनपद सीतापुर की तहसील बिसवां के प्रगतिशील आम उत्पादक किसान एवं पेशे से प्रवक्ता अनस ज़मीर ने उत्तर प्रदेश आम महोत्सव–2026 में लगातार दूसरे वर्ष प्रथम स्थान प्राप्त कर जनपद सीतापुर का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी की लहर है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर, लखनऊ में आयोजित उत्तर प्रदेश आम महोत्सव का उद्घाटन प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। महोत्सव में उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से आए किसानों एवं बागवानों ने प्रतिभाग किया, जहाँ 800 से अधिक किस्मों के आमों की प्रदर्शनी लगाई गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रतियोगिता</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182895/biswaan-farmer-gets-first-place-in-uttar-pradesh-mango-mahotsav"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260707-wa00141.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बिसवां (सीतापुर)-</strong> जनपद सीतापुर की तहसील बिसवां के प्रगतिशील आम उत्पादक किसान एवं पेशे से प्रवक्ता अनस ज़मीर ने उत्तर प्रदेश आम महोत्सव–2026 में लगातार दूसरे वर्ष प्रथम स्थान प्राप्त कर जनपद सीतापुर का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी की लहर है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर, लखनऊ में आयोजित उत्तर प्रदेश आम महोत्सव का उद्घाटन प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। महोत्सव में उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से आए किसानों एवं बागवानों ने प्रतिभाग किया, जहाँ 800 से अधिक किस्मों के आमों की प्रदर्शनी लगाई गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कृषि राज्य मंत्री श्री दिनेश प्रताप सिंह ने अनस ज़मीर को प्रथम पुरस्कार, प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि अनस ज़मीर ने वर्ष 2025 में पहली बार प्रतिभाग करते हुए ही प्रथम स्थान प्राप्त किया था, तथा वर्ष 2026 में लगातार दूसरी बार प्रथम स्थान हासिल कर इस उपलब्धि को और भी ऐतिहासिक बना दिया। यह सफलता न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे जनपद सीतापुर एवं बिसवां क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। किसान अनस ज़मीर पिछले चार वर्षों से अपने पैतृक बागों का संरक्षण कर रहे हैं। वे आम की दुर्लभ एवं पारंपरिक किस्मों को संरक्षित करने के साथ-साथ नई उन्नत किस्मों का विकास भी कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">"हाजी अमीर ऑर्चर्ड" ब्रांड के माध्यम से वे आम की विभिन्न उत्कृष्ट किस्मों को देशभर के लोगों तक पहुँचाने का कार्य कर रहे हैं। उनका उद्देश्य केवल आम का उत्पादन करना नहीं, बल्कि लगभग सौ वर्षों पुरानी पारिवारिक विरासत, गुणवत्ता और पारंपरिक स्वाद को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुँचाना है। अपनी इस सफलता का श्रेय उन्होंने अपने पूर्वजों की विरासत, परिवार के सहयोग तथा उद्यान विभाग और कृषि वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन को दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने विशेष रूप से उद्यान अधिकारी सुश्री राजश्री, कृषि विज्ञान केंद्र कटिया के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दया एस.श्रीवास्तव, अपने परिवार तथा सभी शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया। लगातार दो वर्षों तक प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर अनस ज़मीर ने न केवल अपने परिवार की विरासत को नई पहचान दिलाई है, बल्कि जनपद सीतापुर का नाम भी पूरे उत्तर प्रदेश में गौरवान्वित किया है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 22:17:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जनपद प्रयागराज के समस्त कृषकों से फार्मर रजिस्ट्री कराने की अपील।</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्व कर्मी आधार के अनुसार खतौनी में नहीं कर रहे संशोधन।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182658/appeal-to-all-the-farmers-of-prayagraj-district-to-get"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/pm-kisan-yojana-(19).jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उप कृषि निदेशक जनपद प्रयागराज के समस्त कृषक भाइयों एवं बहनों को सूचित किया है कि भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कृषकों के लिए फार्मर रजिस्ट्री तैयार किए जाने का अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है जिसमें जनपद के 569000 कृषकों की फार्मर आई०डी० बनी है एवं लगभग एक लाख किसान भाइयों जिनकी फार्मर आई०डी० नहीं बनी है उन सभी पात्र कृषकों से अपील है कि वे शीघ्र अपनी फार्मर रजिस्ट्री बनवाकर यूनिक फार्मर आईडी प्राप्त करें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फार्मर रजिस्ट्री किसानों की एक प्रमाणित डिजिटल पहचान है, जिसके माध्यम से कृषक की आधार, भूमि अभिलेख एवं अन्य आवश्यक विवरण एकीकृत रूप से उपलब्ध रहते हैं। इससे वास्तविक पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जा सकेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ् प्राप्त करने में सुविधा होगी, जिसमें वर्तमान में महत्वपूर्ण खाद की उपलब्धता हेतु। कृषि विभाग की विभिन्न अनुदान योजनाओं में प्राथमिकता। बीज, उर्वरक, कृषि यंत्र एवं अन्य कृषि आदानों पर उपलब्ध अनुदान का सुगम लाभ। किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा तथा अन्य कृषि सेवाओं में सुविधा। शासन द्वारा भविष्य में संचालित की जाने वाली योजनाओं का त्वरित एवं पारदर्शी लाभ। कृषक की एकल एवं प्रमाणित डिजिटल पहचान (फार्मर आईडी) उपलब्ध होना। पात्र लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित होने से योजनाओं का लाभ सीधे वास्तविक किसानों तक पहुँचना।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कृषकों का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। विभिन्न कृषि योजनाओं एवं सेवाओं को क्रमिक रूप से फार्मर आईडी से जोड़ा जा रहा है, जिससे योजनाओं का लाभ केवल सत्यापित एवं पात्र किसानों को ही प्राप्त हो सके। अतः प्रत्येक कृषक भाई के लिए समय रहते फार्मर रजिस्ट्री कराना अत्यंत आवश्यक है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">*फार्मर रजिस्ट्री कराने हेतु आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, बैंक खाता विवरण, भूमि अभिलेख (खतौनी/गाटा विवरण) एवं आवश्यकतानुसार अन्य संबंधित अभिलेख आवश्यक है।*</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>कृषक अपनी फार्मर रजिस्ट्री   </strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपने निकटतम जन सेवा केन्द्र, ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित विशेष शिविर, कृषि विभाग द्वारा आयोजित पंजीकरण शिविर, अधिकृत ऑनलाइन पोर्टल माध्यमों से करा सकते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिन कृषकों की फार्मर आईडी में समस्त गाटों को दर्ज नहीं कराया गया है उनको शीघ्र अतिशीघ्र पोर्टल पर <a href="http://upfr.agristack.gov.in/">upfr.agristack.gov.in</a> पर जाकर स्वयं या जनसुविधा केन्द्र के माध्यम से जुडवा लें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">किसान द्वारा फॉर्मर रजिस्ट्री कराने के बाद भी पेंडिंग रिपोर्ट दिखाई देता है जब की महीनों पहले किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया था।इसमें सबसे बड़ा रोड़ा तहसील का राजस्व विभाग बन गया हैजिसमे लेखपाल की भूमिका सर्वाधिक संदिग्ध और काम चोरी की मिली है।इसमें सबसे अधिक फूलपुर तहसील में रिपोर्ट पेंडिंग में है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">किसानों का आरोप है कि 99% खतौनी मैं सरनेम नहीं अकित है  नाम ही दर्जहै। जबकि आधार कार्ड  में नाम के आगे उसकी जाति जैसे त्रिपाठी मिश्राद दुबे  यादव भारतीय विश्व कर्मा आदि दर्ज हैं ।इसे शुद्ध करने की जिम्मेदारी लेखपाल की निर्धारित की गई है लेकिन वह इसकी आड़ में किसानों से भयादोहन और सुविधा शुल्क  की मांग कर रहा है। कहता है कि इसमें पैसा लगेगा और मुकदमा  करना पड़ेगा।जिसके  कारण से रजिस्ट्रेशन  होने के बावजूद रजिस्ट्रेशन पेंडिंग में है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्योंकि प्रमाणित करने के लिए लेखपालों के पास लटका है लेकिन इस पर कोई राजस्व अधिकारी ध्यान नहीं देते जबकि कृषि विभाग बार-बार रजिस्ट्रेशन के लिए अपील करता है लेकिन  सरकारी सिस्टम को ठीक करने के लिए कोई दिशा निर्देश नहीं दियाजाताहै।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 21:29:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसडीएम ने किया साधन सहकारी समितियां का निरीक्षण मिली खामियां </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/नवाबगंज </strong> एसडीम उदित पवार ने किसानों को खाद की किल्लत को देखते हुए विकासखंड भदपुरा के निरीक्षण को निकले उन्होंने क्यों लड़ियां पहुंचकर साधन सहकारी समिति पर किसानों से वार्ता की किसानों के द्वारा बताया गया समितियां पर खाद लेने के लिए आकर अपने कागज जमा कर देते हैं और लाइन में लगे रहते हैं शाम को कह दिया जाता है की अब मशीन काम नहीं कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  अपने-अपने कागज ले जाओ कई कई दिनों तक समितियां पर सचिव लोग उपस्थित नहीं होते हैं जिसके कारण किसानों को गन्ने की फसल में यूरिया खाद लेने के लिए भारी</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तो</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182559/sdm-inspected-the-resource-cooperative-societies-and-found-flaws"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1.------------------------अ.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/नवाबगंज </strong> एसडीम उदित पवार ने किसानों को खाद की किल्लत को देखते हुए विकासखंड भदपुरा के निरीक्षण को निकले उन्होंने क्यों लड़ियां पहुंचकर साधन सहकारी समिति पर किसानों से वार्ता की किसानों के द्वारा बताया गया समितियां पर खाद लेने के लिए आकर अपने कागज जमा कर देते हैं और लाइन में लगे रहते हैं शाम को कह दिया जाता है की अब मशीन काम नहीं कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> अपने-अपने कागज ले जाओ कई कई दिनों तक समितियां पर सचिव लोग उपस्थित नहीं होते हैं जिसके कारण किसानों को गन्ने की फसल में यूरिया खाद लेने के लिए भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है निजी दुकानदारों के पास जाने पर अन्य सामग्री सौंप दी जाती है जिसकी कीमत यूरिया के बोरा से कहीं अधिक है जिसके कारण किसानों को संकट का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> एसडीएम पवार द्वारा क्यों लड़ियां समिति पर ही सचिव एवं किसानों के बीच बैठकर उन्होंने निर्देशित किया खाद्य वितरण में किसी भी तरह की धांधली बरती गई तो निश्चित तौर पर बड़ी कार्यवाही की जाएगी किसानों को उनके मानक के अनुसार यूरिया खाद उपलब्ध कराई जाए इसमें किसी भी तरह की शिकायत मिलती है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तो इसे गंभीरता द्वारा लिया जाएगा और जिलाधिकारी की तरफ से बड़ी कार्यवाही की जाएगी इसलिए व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाया जाए उन्होंने ग्रामीणों को स्वस्थ किया यदि अब किसी तरह की गड़बड़ी होने पर वह शिकायत करें संबंधित के विरुद्ध जांच करवा कर शीघ्र कार्यवाही की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इसी दौरान उन्होंने परसरामपुर सदर सहकारी समिति का भी निरीक्षण किया वहां पर भी लोगों ने छुट फुट शिकायत की गई एसडीएम द्वारा वहां भी सचिव को चेतावनी दी गई मानक के अनुरूप किसानों को खाद्य शीघ्र उपलब्ध कराई जाए इस समय किसानों को खाद की आवश्यकता है यदि इसमें लापरवाही की गई तो जिम्मेदारों को इसका खामियाजा उठाना पड़ेगा इसके साथ ही उन्होंने निजी दुकानों पर भी फोकस किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> सब कुछ नॉर्मल मिलने के बाद एसडीएम द्वारा खाद वितरण पर लेखपालों को भी नजर रखने की बात कही गई इसी क्रम में किसानों द्वारा एक बड़ी समस्या का खुलासा किया गया किसानों द्वारा बनवाई गई फार्मर आईडी में संबंधित लेखपालों ने किसानों की कृषि योग्य भूमि को न्यूनतम स्तर पर ही दर्ज किया है जिसके कारण किसानों को खाद लेने के लिए फार्मर आईडी के साथ अपनी जमीन की खतौनी निकलवा कर भी ले जाना पड़ रही है यह बड़ी समस्या होने पर इसे किसने की संबंधित भूमि को उनकी फार्मर आईडी में दर्ज </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 18:07:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मॉनसून का करिश्माई रूप और कुदरत की विराट शक्ति के सामने इंसान की सीमाएं तथा असम की बाढ़ से मिला प्रकृति का बड़ा संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;">असम में मॉनसून की पहली बड़ी बाढ़ ने एक बार फिर यह याद दिला दिया कि प्रकृति जब अपना स्वरूप बदलती है तब इंसान की सारी योजनाएं और सारी तैयारियां छोटी पड़ जाती हैं। जून का अधिकांश समय देश के अनेक हिस्सों में लोग बारिश का इंतजार करते रहे। किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे रहे। कहीं खेत सूखे रहे तो कहीं जलाशय खाली दिखाई दिए। ऐसा लग रहा था कि इस बार मॉनसून सामान्य समय से पीछे चल रहा है। लेकिन जून के अंतिम दिनों में जैसे ही पूर्वोत्तर भारत में बादलों ने डेरा डाला वैसे ही असम</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182342/the-charismatic-form-of-monsoon-and-the-limitations-of-humans"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas26.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;">असम में मॉनसून की पहली बड़ी बाढ़ ने एक बार फिर यह याद दिला दिया कि प्रकृति जब अपना स्वरूप बदलती है तब इंसान की सारी योजनाएं और सारी तैयारियां छोटी पड़ जाती हैं। जून का अधिकांश समय देश के अनेक हिस्सों में लोग बारिश का इंतजार करते रहे। किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे रहे। कहीं खेत सूखे रहे तो कहीं जलाशय खाली दिखाई दिए। ऐसा लग रहा था कि इस बार मॉनसून सामान्य समय से पीछे चल रहा है। लेकिन जून के अंतिम दिनों में जैसे ही पूर्वोत्तर भारत में बादलों ने डेरा डाला वैसे ही असम और अरुणाचल प्रदेश में बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते नदियां उफान पर आ गईं और हजारों परिवार बाढ़ की चपेट में आ गए। यह दृश्य केवल एक प्राकृतिक घटना नहीं बल्कि यह संदेश भी है कि प्रकृति के अपने नियम हैं और उसके सामने मनुष्य की शक्ति सीमित है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">असम के अनेक जिलों में हजारों लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। सैकड़ों गांव पानी में घिर गए हैं। खेतों में खड़ी फसलें डूब गई हैं। पशुधन भी संकट में है। रेल संपर्क बाधित हो गया है और लोगों का सामान्य जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। यह केवल असम की समस्या नहीं बल्कि पूरे देश के लिए चिंता का विषय है क्योंकि प्राकृतिक आपदाएं किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहतीं। कभी पहाड़ों में बादल फटते हैं तो कभी मैदानों में नदियां उफान पर आ जाती हैं। कहीं समुद्र तूफान लेकर आता है तो कहीं सूखा लोगों की जिंदगी कठिन बना देता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा ने भी स्थिति को गंभीर बना दिया है। पहाड़ों से उतरने वाला पानी असम की नदियों में पहुंचा और बाढ़ का स्वरूप और भी भयावह हो गया। यह प्रकृति का वही चक्र है जिसे मनुष्य पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सकता। विज्ञान ने अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं लेकिन आज भी बादलों को आदेश नहीं दिया जा सकता कि वे कहां बरसें और कितनी देर तक बरसें। यही कारण है कि कुदरत के सामने हर व्यक्ति समान रूप से असहाय दिखाई देता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मॉनसून भारत की जीवनरेखा माना जाता है। देश की कृषि का बड़ा हिस्सा आज भी वर्षा पर निर्भर है। अच्छी बारिश होती है तो खेतों में हरियाली छा जाती है और किसानों के चेहरे खिल उठते हैं। लेकिन यही बारिश जब सीमा से अधिक हो जाती है तब वही जीवनदायिनी जलधारा विनाश का कारण बन जाती है। इस बार भी यही देखने को मिला। जहां देश के कई हिस्सों में लोग बारिश का इंतजार करते रहे वहीं असम में इतनी अधिक वर्षा हुई कि लोगों के घर और खेत पानी में डूब गए। प्रकृति का यही विरोधाभास उसे रहस्यमयी और करिश्माई बनाता है।</div>
<div style="text-align:justify;">देश के अनेक किसान इस समय कठिन परिस्थिति का सामना कर रहे हैं। कहीं बारिश नहीं होने से बुवाई प्रभावित हुई है तो कहीं अत्यधिक वर्षा ने तैयारियां बिगाड़ दी हैं। खेती पूरी तरह मौसम पर आधारित है और मौसम का मिजाज हर वर्ष बदलता रहता है। किसान मेहनत करता है लेकिन अंतिम निर्णय प्रकृति के हाथ में होता है। यही कारण है कि भारतीय किसान सदियों से धरती और आकाश दोनों को समान श्रद्धा से देखता आया है। उसे पता है कि मेहनत उसकी है लेकिन सफलता का आशीर्वाद प्रकृति देती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस वर्ष अधिक मास के कारण लोगों के बीच यह चर्चा भी रही कि मॉनसून देर से आया। चाहे इसके धार्मिक या सांस्कृतिक संदर्भ अलग हों लेकिन वैज्ञानिक दृष्टि से मॉनसून का आगमन समुद्री हवाओं तापमान और वायुमंडलीय परिस्थितियों पर निर्भर करता है। फिर भी भारतीय समाज में प्रकृति और आस्था का गहरा संबंध रहा है। लोग वर्षा को केवल मौसम नहीं बल्कि ईश्वर की कृपा भी मानते हैं। जब समय पर बारिश होती है तो खुशियां आती हैं और जब अत्यधिक या कम वर्षा होती है तो चिंता बढ़ जाती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">असम की बाढ़ ने यह भी सिखाया है कि प्राकृतिक आपदाओं से मुकाबला केवल सरकारी प्रयासों से नहीं बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी से भी संभव है। राहत और बचाव कार्य तेजी से चलना चाहिए। प्रभावित परिवारों तक भोजन दवाइयां और सुरक्षित आश्रय पहुंचाना सबसे पहली जिम्मेदारी है। बच्चों महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा। जिन किसानों की फसलें और पशुधन प्रभावित हुए हैं उन्हें आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए ताकि वे दोबारा अपने जीवन को संभाल सकें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा राज्य सरकार से लगातार संपर्क बनाए रखना और राहत कार्यों की समीक्षा करना सकारात्मक पहल है। ऐसे समय में राजनीति से ऊपर उठकर केवल मानवता को प्राथमिकता देनी चाहिए। प्राकृतिक आपदा किसी दल या क्षेत्र को देखकर नहीं आती। उसका सामना पूरे समाज को मिलकर करना पड़ता है। यही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी ताकत भी है कि संकट की घड़ी में लोग एक दूसरे का हाथ थाम लेते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज आवश्यकता केवल राहत पहुंचाने की नहीं बल्कि भविष्य के लिए बेहतर तैयारी करने की भी है। नदियों के किनारे मजबूत सुरक्षा व्यवस्था जल निकासी की प्रभावी योजना समय पर चेतावनी प्रणाली और पर्यावरण संरक्षण जैसे उपाय भविष्य में नुकसान कम कर सकते हैं। जंगलों की अंधाधुंध कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के असंतुलित दोहन ने भी कई क्षेत्रों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं को बढ़ाया है। यदि मनुष्य प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर चलेगा तो आपदाओं की तीव्रता को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कुदरत का अपना अद्भुत स्वभाव है। वही धरती को हरियाली देती है वही नदियों को जीवन देती है वही अन्न उपजाती है और वही कभी कभी अपनी अपार शक्ति का परिचय भी देती है। मनुष्य ने ऊंची इमारतें बना लीं आधुनिक तकनीक विकसित कर ली और अंतरिक्ष तक पहुंच गया लेकिन बादलों की चाल और नदियों के वेग के सामने आज भी उसकी सीमाएं स्पष्ट दिखाई देती हैं। यही प्रकृति का सबसे बड़ा करिश्मा है कि वह जीवन भी देती है और समय आने पर विनम्रता का पाठ भी पढ़ाती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">असम की बाढ़ केवल एक समाचार नहीं बल्कि पूरे देश के लिए चेतावनी और सीख है। हमें प्रकृति का सम्मान करना होगा उसके संतुलन को बनाए रखना होगा और आपदाओं से निपटने की तैयारी को मजबूत करना होगा। बारिश जीवन का उत्सव भी है और जिम्मेदारी की परीक्षा भी। जब तक संतुलन बना रहता है तब तक वर्षा अमृत बनकर बरसती है लेकिन जब संतुलन बिगड़ता है तब वही जल प्रलय का रूप ले लेता है। इसलिए आवश्यक है कि हम प्रकृति को जीतने का नहीं बल्कि उसके साथ सामंजस्य बनाकर चलने का प्रयास करें क्योंकि कुदरत के विराट स्वरूप के सामने अंततः हर मनुष्य विनम्र और लाचार ही दिखाई देता है।</div>
<div style="text-align:justify;"><strong>          *कांतिलाल मांडोत*</strong></div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="WhmR8e"></div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182342/the-charismatic-form-of-monsoon-and-the-limitations-of-humans</link>
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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 16:09:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नव भारतीय किसान संगठन ने मण्डलायुक्त को सौंपा 10 सूत्रीय मांग पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>  ग्रामीण किसानों को 400 यूनिट मुफ्त बिजली और संपूर्ण कर्ज माफी की मांग।</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>गन्ने का मूल्य ₹600 प्रति क्विंटल करने और विधवा पेंशन ₹5000 करने पर जोर।</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बख्शी तालाब में सरकारी जमीनों, तालाबों और खलिहानों को कब्जा मुक्त कराने की अपील।</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">  </p>
<blockquote class="format1"><strong>संवाददाता, लखनऊ</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">नव भारतीय किसान संगठन (आ०) ने सोमवार को किसानों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं और क्षेत्र के विकास से जुड़ी मांगों को लेकर लखनऊ के मण्डलायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्मल शुक्ला और लखनऊ जिला अध्यक्ष राजू रावत के नेतृत्व में सौंपे गए इस 10 सूत्रीय मांग पत्र  में प्रशासन से तत्काल दखल देने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182306/nav-bharatiya-kisan-sangathan-handed-over-10-point-demand-letter-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-29-at-10.38.27-(1).jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong> ग्रामीण किसानों को 400 यूनिट मुफ्त बिजली और संपूर्ण कर्ज माफी की मांग।</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>गन्ने का मूल्य ₹600 प्रति क्विंटल करने और विधवा पेंशन ₹5000 करने पर जोर।</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बख्शी तालाब में सरकारी जमीनों, तालाबों और खलिहानों को कब्जा मुक्त कराने की अपील।</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="format1"><strong>संवाददाता, लखनऊ</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">नव भारतीय किसान संगठन (आ०) ने सोमवार को किसानों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं और क्षेत्र के विकास से जुड़ी मांगों को लेकर लखनऊ के मण्डलायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्मल शुक्ला और लखनऊ जिला अध्यक्ष राजू रावत के नेतृत्व में सौंपे गए इस 10 सूत्रीय मांग पत्र  में प्रशासन से तत्काल दखल देने और जमीनी स्तर पर कार्रवाई करने की मांग की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-29-at-10.38.27-(1).jpeg" alt="नव भारतीय किसान संगठन ने मण्डलायुक्त को सौंपा 10 सूत्रीय मांग पत्र" width="777" height="585"></img></p>
<h4 style="text-align:justify;"><br /><strong>अवैध कब्जों और तहसील प्रशासन की मिलीभगत का आरोप</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><br />सौंपे गए ज्ञापन में संगठन ने लखनऊ के बख्शी तालाब (बीकेटी) क्षेत्र में बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध कब्जों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। जिला अध्यक्ष राजू रावत ने आरोप लगाया कि तहसील प्रशासन की कथित मिलीभगत से भू-माफियाओं द्वारा सरकारी जमीनों, तालाबों और खलिहानों पर जबरन कब्जा किया जा रहा है और अवैध भू-खनन धड़ल्ले से जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">ज्ञापन में कमलाबाद बढ़ौली, शाहपुर, पल्हरी, मुबारकपुर और परसऊ जैसे ग्रामीण क्षेत्रों की विभिन्न गाटा संख्याओं का विशेष उल्लेख करते हुए इस पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><br /><strong>फैक्ट्री प्रदूषण और आवारा पशुओं से त्रस्त हैं किसान</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><br />संगठन ने पहाड़पुर कम्हरॉवा रोड पर स्थित पुरुषोत्तम राम फूड इण्डस्ट्रीज (प्रा०लि०) ग्लूकोस फैक्ट्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ज्ञापन के अनुसार, इस फैक्ट्री से होने वाले वायु, ध्वनि और जल प्रदूषण के कारण स्थानीय ग्रामीणों में बीमारियां फैल रही हैं और आसपास की उपजाऊ भूमि बंजर हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-29-at-16.28.19.jpeg" alt="नव भारतीय किसान संगठन ने मण्डलायुक्त को सौंपा 10 सूत्रीय मांग पत्र" width="720" height="566"></img></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">प्रदूषण अधिकारियों की कथित निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए गए हैं। इसके अलावा, क्षेत्र में घूम रहे आवारा पशुओं द्वारा फसलों को पहुंचाए जा रहे भारी नुकसान और नागरिकों पर हो रहे हमलों को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><br /><strong>आर्थिक राहत और बुनियादी ढांचे में सुधार की मांग</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><br /><strong>किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए संगठन ने निम्नलिखित प्रमुख मांगें मण्डलायुक्त के समक्ष रखी हैं:</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-29-at-10.38.28.jpeg" alt="नव भारतीय किसान संगठन ने मण्डलायुक्त को सौंपा 10 सूत्रीय मांग पत्र" width="772" height="581"></img><br /> </p>
<blockquote class="format1">बिजली व कर्ज: ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को 24 घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और 400 यूनिट तक बिजली बिल पूरी तरह माफ हो। साथ ही, किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ किया जाए।<br /> फसल मूल्य व पेंशन: गन्ने का सरकारी खरीद मूल्य बढ़ाकर ₹600 प्रति क्विंटल किया जाए और सामाजिक सुरक्षा के तहत विधवा पेंशन की राशि ₹5000 प्रति माह की जाए।<br /> महिला थाना: बख्शी तालाब में वर्तमान में एक छोटे से कमरे में संचालित हो रहे महिला थाने को अविलंब नए बने भवन में स्थानांतरित (शिफ्ट) किया जाए।<br /> सब्जी मण्डी: छठे मील पर चरागाह की जमीन (गाटा संख्या 851क, 852ख) पर माफियाओं के कब्जे में चल रही निजी सब्जी मण्डी को खाली कराकर वहां की व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएं।</blockquote>
<h4 style="text-align:justify;"><br /><strong> मुख्यमंत्री से मुलाकात की मांग</strong></h4>
<p><strong><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-28-at-21.47.34.jpeg" alt="नव भारतीय किसान संगठन ने मण्डलायुक्त को सौंपा 10 सूत्रीय मांग पत्र" width="822" height="462"></img></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><br /> ज्ञापन के अंत में नव भारतीय किसान संगठन ने माननीय मुख्यमंत्री से संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के लिए समय दिलाने का भी अनुरोध किया है, ताकि किसानों की इन समस्याओं को सीधे सरकार के समक्ष रखा जा सके। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इन जायज मांगों पर जल्द ही उचित प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई, तो किसान बड़े पैमाने पर आंदोलन के लिए विवश होंगे</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182306/nav-bharatiya-kisan-sangathan-handed-over-10-point-demand-letter-to</link>
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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 21:26:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्राकृतिक खेती से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर, मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने दिलाया विकसित कृषि का संकल्प।।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिला पंचायत सभागार, प्रयागराज में शुक्रवार को "प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह उपस्थित रहे। इस दौरान उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल खेती की लागत को कम करती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता बढ़ाकर किसानों की आय में भी वृद्धि करती है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181676/emphasis-on-increasing-the-income-of-farmers-through-natural-farming"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260619-wa0182-(1).jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिला पंचायत सभागार, प्रयागराज में शुक्रवार को "प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह उपस्थित रहे। इस दौरान उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल खेती की लागत को कम करती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता बढ़ाकर किसानों की आय में भी वृद्धि करती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने तथा कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के माध्यम से रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम होगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों को स्वस्थ एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध हो सकेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यशाला में कृषि विशेषज्ञों ने प्राकृतिक खेती के विभिन्न पहलुओं, जैविक खाद के उपयोग, जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन तथा कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। किसानों को प्राकृतिक खेती से मिलने वाले लाभों एवं सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर सांसद प्रवीण पटेल, विधायकगण, विधान परिषद सदस्य (एमएलसी), भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष, महापौर सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारी, किसान एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने कृषि क्षेत्र को अधिक उन्नत, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा किसानों के हित में कार्य करने का संकल्प लिया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181676/emphasis-on-increasing-the-income-of-farmers-through-natural-farming</link>
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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 22:14:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मंडरो प्रखंड में आम उत्सव सह बागवानी मेला का भव्य आयोजन, जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने किया उद्घाटन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>मंडरो, साहिबगंज, झारखंड:-</strong> मंडरो प्रखंड परिसर में कृषि एवं बागवानी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आम उत्सव सह बागवानी मेला का भव्य आयोजन किया गया। मेले का उद्घाटन मंडरो प्रमुख शिला देवी ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता शिवशंकर गुप्ता, बीपीओ अभिषेक आनंद, जेई नेहाल आलम सहित कई प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रमुख शिला देवी ने कहा कि क्षेत्र में आम एवं अन्य बागवानी फसलों की अपार संभावनाएं हैं। किसानों को आधुनिक तकनीक एवं वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने के लिए प्रेरित करने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181513/public-representatives-and-officials-inaugurated-the-grand-event-of-mango"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/news-1.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>मंडरो, साहिबगंज, झारखंड:-</strong> मंडरो प्रखंड परिसर में कृषि एवं बागवानी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आम उत्सव सह बागवानी मेला का भव्य आयोजन किया गया। मेले का उद्घाटन मंडरो प्रमुख शिला देवी ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता शिवशंकर गुप्ता, बीपीओ अभिषेक आनंद, जेई नेहाल आलम सहित कई प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रमुख शिला देवी ने कहा कि क्षेत्र में आम एवं अन्य बागवानी फसलों की अपार संभावनाएं हैं। किसानों को आधुनिक तकनीक एवं वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से इस तरह के आयोजनों का विशेष महत्व है। उन्होंने किसानों से बागवानी के क्षेत्र में आगे बढ़कर अपनी आय बढ़ाने का आह्वान किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सामाजिक कार्यकर्ता शिवशंकर गुप्ता ने कहा कि बागवानी किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने का एक प्रभावी माध्यम है। ऐसे मेले किसानों को नई जानकारी, तकनीक और बाजार से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने किसानों को सरकार की विभिन्न कृषि एवं बागवानी योजनाओं का लाभ उठाने की सलाह दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बीपीओ अभिषेक आनंद एवं जेई नेहाल आलम ने भी किसानों को संबोधित करते हुए बागवानी फसलों की उन्नत खेती, सिंचाई व्यवस्था, पौधों की देखभाल तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं भी सुनीं और उनके समाधान का भरोसा दिलाया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मेले में विभिन्न प्रकार के आम, एवं बागवानी उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई। किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए प्रदर्शित उत्पादों का अवलोकन किया और विशेषज्ञों से खेती संबंधी जानकारी प्राप्त की। आयोजन स्थल पर किसानों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान प्रखंड के विभिन्न विभागों के कर्मी, जनप्रतिनिधि, किसान एवं स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। आम उत्सव सह बागवानी मेला किसानों के लिए ज्ञानवर्धक एवं लाभकारी साबित हुआ तथा कृषि एवं बागवानी के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 20:49:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूर्व विधायक राकेश सिंह के प्रयासों से शोभापुर स्केप की खुदाई का कार्य शुरू </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज (रायबरेली)</strong> लंबे अरसे से किसानों के लिए समास्या का सबब बनी शोभापुर स्केप इस बार किसानों के लिए संजीवनी साबित होगी क्योंकि पूर्व विधायक राकेश सिंह के प्रयासों से इसकी खुदाई का रास्ता साफ हो चुका है, जिससे किसानों में खुशी की लहर है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बता दें कि महराजगंज ब्लाक क्षेत्र के बरहुवां ग्राम पंचायत अंतर्गत पूरे अभिमान सिंह गांव के पास से शोभापुर स्केप निकली हुई है, जिसकी लंबाई तकरीबन साढ़े चार किलोमीटर है,जो बजट के अभाव में झाड़ियों से पटी होने के कारण, जल निकासी की समास्या बनी हुई थी और हजारों बीघे फसल डूब जाती थी जिससे</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181156/excavation-work-of-shobhapur-scape-started-due-to-the-efforts"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260613-wa0374---2026-06-13t194305.430.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज (रायबरेली)</strong> लंबे अरसे से किसानों के लिए समास्या का सबब बनी शोभापुर स्केप इस बार किसानों के लिए संजीवनी साबित होगी क्योंकि पूर्व विधायक राकेश सिंह के प्रयासों से इसकी खुदाई का रास्ता साफ हो चुका है, जिससे किसानों में खुशी की लहर है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बता दें कि महराजगंज ब्लाक क्षेत्र के बरहुवां ग्राम पंचायत अंतर्गत पूरे अभिमान सिंह गांव के पास से शोभापुर स्केप निकली हुई है, जिसकी लंबाई तकरीबन साढ़े चार किलोमीटर है,जो बजट के अभाव में झाड़ियों से पटी होने के कारण, जल निकासी की समास्या बनी हुई थी और हजारों बीघे फसल डूब जाती थी जिससे किसानों के सामने संकट उत्पन्न हो जाता था।</div><div style="text-align:justify;"> इसकी खुदाई को लेकर क्षेत्रीय किसान कई सालों से परेशान थे और पिछले दिनों पूर्व विधायक राकेश सिंह से मिलकर स्केप की सफाई की मांग की थी जिस पर उन्होंने अधिकारियों से बात कर समास्या के निराकरण के निर्देश दिए थे।</div><div style="text-align:justify;">अब पूर्व विधायक राकेश सिंह के प्रयासों से स्केप की खुदाई का काम शुरू हो गया है जिससे किसानों के चेहरे पर खुशी है, राज्य मंत्री स्वतंत्रत प्रभार दिनेश प्रताप सिंह बड़े भाई गणेश प्रताप सिंह ने अधिशाषी अभियंता सुशील कुमार सिंचाई विभाग की उपस्थिति में नारियल फोड़कर कार्य का शुभारंभ किया।</div><div style="text-align:justify;">स्केप की खुदाई से भीरा, मझिगवां, मलिकपुर बरना,पंचम सिंह गोंदरिहा बरहुआं पखनपुर पूरे श्रध्दा शोभापुर पूरे लाखन सिंह सहित दर्जनों गांवों के किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।</div><div style="text-align:justify;">शीतला बक्श सिंह, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि दीपू सिंह, पूर्व रंजीत सिंह, राम प्रताप सिंह, सुशील बाजपेई, राजू, चंद्र शेखर श्री राम सिया राम,जय राम लोधी, सहित अन्य मौजूद रहे।<br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 19:59:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिलाधिकारी ने सहकारी समिति बसंतपुर का किया निरीक्षण, दिए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन द्वारा बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति लि0, बसन्तपुर विकास खण्ड बांसी का निरीक्षण किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जीएन द्वारा खाद वितरण के बारे में जानकारी प्राप्त किया गया। जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि केन्द्र पर 500 बोरी उर्वरक का आवंटन प्राप्त हुआ है। फार्मर रजिस्ट्री के अनुसार खाद का वितरण किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा कि खाद के साथ किसी भी प्रकार की टैगिंग नही होना चाहिए। टैगिंग शत-प्रतिशत बन्द है। इस प्रकार की शिकायत मिलने पर संबधित के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। इसके साथ नियमानुसार खाद</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181049/district-magistrate-inspected-the-cooperative-society-basantpur-and-gave-instructions"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781187652076.jpg" alt=""></a><br /><div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन द्वारा बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति लि0, बसन्तपुर विकास खण्ड बांसी का निरीक्षण किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जीएन द्वारा खाद वितरण के बारे में जानकारी प्राप्त किया गया। जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि केन्द्र पर 500 बोरी उर्वरक का आवंटन प्राप्त हुआ है। फार्मर रजिस्ट्री के अनुसार खाद का वितरण किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा कि खाद के साथ किसी भी प्रकार की टैगिंग नही होना चाहिए। टैगिंग शत-प्रतिशत बन्द है। इस प्रकार की शिकायत मिलने पर संबधित के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। इसके साथ नियमानुसार खाद वितरण कराने का निर्देश दिया।</div>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181049/district-magistrate-inspected-the-cooperative-society-basantpur-and-gave-instructions</link>
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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 21:19:44 +0530</pubDate>
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