<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/65762/assam-election" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>Assam Election - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/65762/rss</link>
                <description>Assam Election RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>रिकॉर्ड मतदान, बदलता भारत — लोकतंत्र अब जनता की मुट्ठी में</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कभी-कभी इतिहास शोर से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कतारों में खड़ी खामोश भीड़ के संकल्प से लिखा जाता है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span>9 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल </span>2026 <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसा ही दिन था। असम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केरल और पुडुचेरी में भोर से पहले ही मतदान केंद्रों के बाहर जनसैलाब उमड़ पड़ा। कहीं भीगे हाथों में छाते थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कहीं तपती सुबह से पहले ही चेहरों पर जिद चमक रही थी। कोई कांपते कदमों और झुकी कमर के साथ पहुंचा था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो कोई पहली बार वोट देने का उत्साह आंखों में लिए खड़ा था। चेहरे अलग थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भाषाएं अलग थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परिस्थितियां अलग थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन सबको एक ही</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175691/record-turnout-is-changing-india-%E2%80%93-democracy-now-in-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/hindi-divas7.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कभी-कभी इतिहास शोर से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कतारों में खड़ी खामोश भीड़ के संकल्प से लिखा जाता है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>9 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल </span>2026 <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसा ही दिन था। असम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केरल और पुडुचेरी में भोर से पहले ही मतदान केंद्रों के बाहर जनसैलाब उमड़ पड़ा। कहीं भीगे हाथों में छाते थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कहीं तपती सुबह से पहले ही चेहरों पर जिद चमक रही थी। कोई कांपते कदमों और झुकी कमर के साथ पहुंचा था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो कोई पहली बार वोट देने का उत्साह आंखों में लिए खड़ा था। चेहरे अलग थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भाषाएं अलग थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परिस्थितियां अलग थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन सबको एक ही विश्वास जोड़ रहा था—लोकतंत्र को और मजबूत करने का विश्वास। शाम तक आंकड़ों ने बता दिया कि जनता ने केवल मतदान नहीं किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि लोकतंत्र के पक्ष में अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">चुनाव आयोग के अनुसार मतदान समाप्ति से एक घंटे पहले (शाम </span>5 <span lang="hi" xml:lang="hi">बजे तक) के आंकड़े चौंकाने वाले ही नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि लोकतंत्र की नई ताकत का ऐलान करने वाले हैं—असम में </span>84.42 <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतिशत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केरल में </span>75.01 <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतिशत और पुडुचेरी में </span>86.92 <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतिशत मतदान। ये केवल संख्या नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उस जागते भारत की तस्वीर हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो अब राजनीति को दूर से देखना नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसे अपनी मुट्ठी में लेना चाहता है। लगभग </span>5.3 <span lang="hi" xml:lang="hi">करोड़ मतदाताओं की इस भागीदारी ने साफ कर दिया कि जनता अब भाषणों और नारों के पीछे चलने वाली भीड़ नहीं रही। वह सवाल करती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जवाब मांगती है और अपने वोट से बता रही है कि सत्ता का असली मालिक नागरिक है। यही वजह है कि ये चुनाव केवल तीन राज्यों की घटना नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरे देश के लोकतांत्रिक भविष्य की दिशा बन गए हैं।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">असम में इस बार का चुनाव कई अर्थों में ऐतिहासिक रहा। </span>126 <span lang="hi" xml:lang="hi">सीटों वाले राज्य में </span>84.42 <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतिशत मतदान ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। </span>2023 <span lang="hi" xml:lang="hi">के परिसीमन के बाद बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच यह पहला चुनाव था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए लोगों की भागीदारी भी बढ़ी। भाजपा-एनडीए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में सत्ता बचाने में जुटा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि कांग्रेस और अन्य दल वापसी की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ी बात यह रही कि मतदाता दलों से अधिक अपने मुद्दों पर केंद्रित दिखा। भूमि अधिकार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सांस्कृतिक पहचान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीमा सुरक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेरोजगारी और विकास जैसे सवाल लोगों को बूथ तक ले आए। डलगांव जैसे क्षेत्रों में </span>94 <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतिशत से अधिक मतदान ने बता दिया कि असम अब केवल सरकार नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अपना भविष्य चुन रहा है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">असम की जनता ने इस बार केवल वोट नहीं डाला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि अपनी राजनीतिक चेतना भी दिखा दी। पहचान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">घुसपैठ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीमाई तनाव और अवसरों की कमी से लंबे समय तक जूझते रहे इस राज्य ने साफ कर दिया कि अब उसे केवल वादे नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ठोस जवाब चाहिए। गांवों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पहाड़ी इलाकों और सीमा से लगे क्षेत्रों में जिस तरह महिलाएं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बुजुर्ग और युवा मतदान के लिए निकले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसने साबित कर दिया कि लोकतंत्र की ताकत शहरों तक सीमित नहीं है। असम ने यह भी दिखाया कि पूर्वोत्तर अब राष्ट्रीय राजनीति का किनारा नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उसकी दिशा तय करने वाली मजबूत आवाज बन चुका है। वहां की जनता ने बता दिया कि लोकतंत्र सबसे मजबूत तब होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब सबसे दूर बैठा नागरिक भी अपने वोट की कीमत समझने लगे।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">केरल में तस्वीर अलग थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन संदेश उतना ही मजबूत। </span>140 <span lang="hi" xml:lang="hi">सीटों पर हुए चुनाव में </span>75.01 <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। यह आंकड़ा असम और पुडुचेरी से कम जरूर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन राजनीतिक रूप से बेहद जागरूक केरल में यह भागीदारी अपने आप में असाधारण है। एलडीएफ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यूडीएफ और भाजपा गठबंधन के बीच त्रिकोणीय मुकाबले ने चुनाव को और दिलचस्प बना दिया। पलक्कड़</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोझीकोड और कई जिलों में </span>80 <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतिशत के आसपास मतदान हुआ। स्वास्थ्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेरोजगारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर्यावरण और महंगाई जैसे मुद्दों पर जनता ने खुलकर अपनी राय दी। यहां मतदाता केवल दल नहीं देखता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उनके काम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नीतियों और भविष्य की दिशा को भी परखता है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">केरल की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि वहां लोकतंत्र केवल प्रक्रिया नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि सामाजिक संस्कृति बन चुका है। बारिश के बावजूद बूथों पर लगी लंबी कतारों ने बता दिया कि यहां का नागरिक मतदान को अधिकार से अधिक कर्तव्य मानता है। बड़ी संख्या में महिलाएं और पहली बार वोट डालने वाले युवा मतदान के लिए पहुंचे। युवाओं ने बेरोजगारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तकनीकी शिक्षा और बेहतर अवसरों के सवाल उठाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि महिलाओं ने स्वास्थ्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता दी। केरल के मतदाता ने साफ कर दिया कि अब राजनीति केवल विचारधारा तक सीमित नहीं रहेगी। जनता का विश्वास उसी दल को मिलेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो उसकी उम्मीदों पर खरा उतरेगा।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इन चुनावों में अगर किसी ने पूरे देश को सबसे ज्यादा चौंकाया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वह पुडुचेरी था। केवल </span>9.5 <span lang="hi" xml:lang="hi">लाख मतदाताओं वाले इस छोटे केंद्र शासित प्रदेश में </span>86.92 <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतिशत मतदान ने लोकतंत्र की नई मिसाल कायम कर दी। </span>30 <span lang="hi" xml:lang="hi">सीटों वाले पुडुचेरी में एनडीए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस-डीएमके गठबंधन और अन्य दलों के बीच मुकाबला था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन सबसे बड़ी जीत जनता की भागीदारी की रही। कराईकल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पुडुचेरी और आसपास के इलाकों में सुबह से शाम तक मतदान केंद्रों पर भीड़ उमड़ी रही। स्थानीय रोजगार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर्यटन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बुनियादी सुविधाएं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विकास और स्वायत्तता जैसे मुद्दों ने लोगों को बूथ तक पहुंचाया। इस छोटे प्रदेश ने पूरे देश को बता दिया कि लोकतंत्र की ताकत आबादी से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नागरिकों की जागरूकता से तय होती है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">असम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केरल और पुडुचेरी के चुनावों ने भारत को एक बड़ा संदेश दिया है। चुनाव आयोग की तैयारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कड़ी सुरक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ईवीएम पर बढ़ा भरोसा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल अभियान और सोशल मीडिया से बढ़ी जागरूकता ने मतदान को जन-आंदोलन बना दिया। लेकिन सबसे बड़ी बात यह रही कि भारत का मतदाता अब बदल चुका है। वह चुप रहने वाला नागरिक नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि अपने अधिकारों और भविष्य के प्रति सजग प्रहरी बन गया है। </span>4 <span lang="hi" xml:lang="hi">मई को नतीजे आएंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकारें बनेंगी और समीकरण बदलेंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इन चुनावों की सबसे बड़ी जीत पहले ही सामने आ चुकी है। वह जीत है जनता का यह विश्वास कि उसकी उंगली पर लगी स्याही केवल निशान नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/175691/record-turnout-is-changing-india-%E2%80%93-democracy-now-in-the</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/175691/record-turnout-is-changing-india-%E2%80%93-democracy-now-in-the</guid>
                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 18:12:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/hindi-divas7.jpg"                         length="137237"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धेमाजी में दो चुनावी क्षेत्रो में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का चुनाव प्रचार सभा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>असम धेमाजी।</strong> धेमाजी जिले में चुनावी प्रचार जोरशोर में चल रही है। गत कल असम के मुख्यमंत्री हिमांता विश्व शर्मा ने चुनावी प्रचार सभा के बाद आज भाजपा के स्टार कैंपेनर पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी ने जिले की 79वीं सीसीबर गांव विधानसभा क्षेत्र मुख्तियार पंचायत के सिलाबालीगांव स्कूल खेल मैदान एक जनसभा में भाग लेकर लोगों को संबोधित करते हुए विकसित असम का नारे लगाते हुए असम के मुख्यमंत्री ने  पिछली बार असम में 1 लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था लेकिन सरकार ने 165,000 बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरियां दीं और 2026 में भाजपा सरकार</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174683/election-campaign-meeting-of-former-union-minister-smriti-irani-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1000529236.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>असम धेमाजी।</strong> धेमाजी जिले में चुनावी प्रचार जोरशोर में चल रही है। गत कल असम के मुख्यमंत्री हिमांता विश्व शर्मा ने चुनावी प्रचार सभा के बाद आज भाजपा के स्टार कैंपेनर पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी ने जिले की 79वीं सीसीबर गांव विधानसभा क्षेत्र मुख्तियार पंचायत के सिलाबालीगांव स्कूल खेल मैदान एक जनसभा में भाग लेकर लोगों को संबोधित करते हुए विकसित असम का नारे लगाते हुए असम के मुख्यमंत्री ने  पिछली बार असम में 1 लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था लेकिन सरकार ने 165,000 बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरियां दीं और 2026 में भाजपा सरकार आने पर 2 लाख और नौकरियां देने का वादा किया। असम अभी रोशन दुकानों से सरकार द्वारा चावल, चीनी, सोआ, नमक दे रहा है और आने वाले दिनों में मीठा तेल भी दिया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/1000529211.jpg" alt="धेमाजी में दो चुनावी क्षेत्रो में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का चुनाव प्रचार सभा" width="1200" height="800"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">महिलाओं एवं किसानों को भी प्रधानमंत्री ने किसान सम्मान निधि के तरफ के किए जा रही 6000 रूपए का सहयोग राशि को बढ़ा कर वार्षिक 11 हज़ार करने की भी बात को उल्लेख किया। कांग्रेस दल को आलोचना करते हुए कहा कांग्रेस के सरकार के समय 2015 में धेमाजी में उल्फा ने बॉम्ब ब्लास्ट कराकर मासूम बच्चों की जान ले ली थी। सारों तरफ़ अशांति थी। भाजपा के सरकार में अब अमन और शांति हे असम विकास के तरफ गति की है। शांति उन्नति एवं मोदी जी के सपने साकार करने के लिए </div>
<div style="text-align:justify;">लोगों को सीसी बरगांव चुनाव क्षेत्र में भाजपा गठबंधन के उम्मीदवार जीवन गोगोई को वोट देने की अपील की। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दूसरी ओर जिले की 80वीं जोनाई चुनावी क्षेत्रो के माजरबारी सर्वोदय काशीनाथ हाइ स्कूल खेल मैदान में भाजपा गठबंधन के उम्मीदवार पूर्व विधायक भुवन पेगू के लिए ओर एक चुनावी प्रचार सभा में शामिल होकर भाजपा दल द्वारा आज असम में प्रचार किया घोषणा पत्रों के बारे में लोगों को अवगत किया और 80वीं जोनाई चुनावी क्षेत्रो में भाजपा गठबंधन के उम्मीदवार भुवन पेगू को कमल के प्रतीक पर वोट देने के लिए आह्वान किया। सभा में  भाजपा गठबंधन के उम्मीदवार जीवन गोगोई, भुवन पेगू,स्टार कैंपेनर पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन विकास और केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी, ​​पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री दर्शना जरदोश, छत्तीसगढ़ के डिप्टी चीफ मिनिस्टर अरुण चाउ ,जिला  भाजपा के अध्यक्ष रूपा कमान,  बिभूति भुइयां गंगा पेगु, लावण्या दले पाईट सहित भारी संख्या में लोगों ने भाग लिया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/174683/election-campaign-meeting-of-former-union-minister-smriti-irani-in</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/174683/election-campaign-meeting-of-former-union-minister-smriti-irani-in</guid>
                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 18:53:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/1000529236.jpg"                         length="93785"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        