<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/65273/freedom-of-press" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>प्रेस की स्वतंत्रता - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/65273/rss</link>
                <description>प्रेस की स्वतंत्रता RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>स्टिंग ऑपरेशन के बाद दर्ज रंगदारी केस में हाईकोर्ट से पत्रकारों को बड़ी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>भोपाल।</strong> </p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने देवास में कथित भ्रूण लिंग परीक्षण, अवैध गर्भपात और कन्या भ्रूण हत्या के खुलासे से जुड़े स्टिंग ऑपरेशन के बाद दर्ज रंगदारी के मामले में पत्रकारों को महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है। न्यायालय ने <strong>तहलका डिजिटल न्यूज</strong> के पत्रकार <strong>विनय अरोड़ा</strong> को अग्रिम जमानत (एंटीसिपेटरी बेल) मंजूर कर दी है। इससे पहले 25 जून को इसी मामले में सह-आरोपी पत्रकार <strong>रजनी</strong> को नियमित जमानत मिल चुकी थी।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दोनों मामलों की सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की एकल पीठ के न्यायमूर्ति <strong>पवन कुमार द्विवेदी</strong> ने की। अदालत ने उपलब्ध अभिलेखों का अवलोकन करते हुए पाया कि स्टिंग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182652/big-relief-to-journalists-from-high-court-in-extortion-case"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/476977-madhya-pradesh-high-court-gwalior-bench.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>भोपाल।</strong> </p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने देवास में कथित भ्रूण लिंग परीक्षण, अवैध गर्भपात और कन्या भ्रूण हत्या के खुलासे से जुड़े स्टिंग ऑपरेशन के बाद दर्ज रंगदारी के मामले में पत्रकारों को महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है। न्यायालय ने <strong>तहलका डिजिटल न्यूज</strong> के पत्रकार <strong>विनय अरोड़ा</strong> को अग्रिम जमानत (एंटीसिपेटरी बेल) मंजूर कर दी है। इससे पहले 25 जून को इसी मामले में सह-आरोपी पत्रकार <strong>रजनी</strong> को नियमित जमानत मिल चुकी थी।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दोनों मामलों की सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की एकल पीठ के न्यायमूर्ति <strong>पवन कुमार द्विवेदी</strong> ने की। अदालत ने उपलब्ध अभिलेखों का अवलोकन करते हुए पाया कि स्टिंग ऑपरेशन के दौरान तैयार किए गए वीडियो एफआईआर दर्ज होने से पहले ही राज्य एवं केंद्र सरकार के संबंधित अधिकारियों को भेजे जा चुके थे। अदालत ने प्रथम दृष्टया इसी तथ्य को राहत दिए जाने का महत्वपूर्ण आधार माना।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>एफआईआर से पहले अधिकारियों को भेजे गए थे वीडियो</strong></h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 2 जुलाई को पारित आदेश में हाईकोर्ट ने उल्लेख किया कि रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि 6 अप्रैल 2026 को स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य आयुक्त, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की अध्यक्ष, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तथा देवास के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को भेजे गए थे। इसके अतिरिक्त 6 और 7 अप्रैल को भी संबंधित अधिकारियों को वीडियो उपलब्ध कराए गए। इसके बाद 7 अप्रैल को पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अदालत ने इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विनय अरोड़ा को अग्रिम जमानत प्रदान की। इससे पहले पत्रकार रजनी को जमानत देते समय भी न्यायालय ने इसी प्रकार की परिस्थितियों का उल्लेख किया था।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>क्या है पूरा मामला</strong></h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">देवास के कोतवाली थाने में दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि पत्रकार विनय अरोड़ा, रजनी और अन्य लोगों ने स्टिंग ऑपरेशन के दौरान रिकॉर्ड किए गए वीडियो के आधार पर शिकायतकर्ता से रंगदारी वसूलने और दबाव बनाने का प्रयास किया।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(5) एवं 308(6) (रंगदारी), धारा 61(2) (आपराधिक साजिश) तथा धारा 3(5) (समान उद्देश्य) के तहत प्रकरण दर्ज किया है।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>पत्रकारों का पक्ष</strong></h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पत्रकारों की ओर से अदालत में दलील दी गई कि स्टिंग ऑपरेशन का उद्देश्य समाज में चल रही कथित अवैध गतिविधियों का पर्दाफाश करना था। उनके अनुसार, स्टिंग के दौरान <strong>पीसीपीएनडीटी अधिनियम, 1994</strong> तथा <strong>मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) अधिनियम, 1971</strong> के उल्लंघन से जुड़े कथित अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण, गैरकानूनी गर्भपात और कन्या भ्रूण हत्या के मामलों का खुलासा किया गया था।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो एफआईआर दर्ज होने से पहले ही संबंधित सरकारी अधिकारियों को सौंप दिए गए थे। ऐसे में रंगदारी के आरोप निराधार हैं और यह कार्रवाई कथित अवैध गतिविधियों के खुलासे के बाद प्रतिशोध स्वरूप की गई है।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>राज्य सरकार ने जताया विरोध</strong></h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राज्य सरकार की ओर से अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। सरकारी पक्ष का तर्क था कि पत्रकारों ने स्टिंग ऑपरेशन के दौरान रिकॉर्ड किए गए वीडियो का इस्तेमाल शिकायतकर्ता को ब्लैकमेल करने और दबाव बनाने के लिए किया।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि, हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस स्तर पर मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की जा रही है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर दोनों पत्रकारों को कानून के अनुरूप राहत प्रदान की गई है।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>जमानत की शर्तें</strong></h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हाईकोर्ट ने अपने 2 जुलाई के आदेश में निर्देश दिया कि यदि विनय अरोड़ा को इस मामले में गिरफ्तार किया जाता है, तो उन्हें 50 हजार रुपये के निजी मुचलके तथा समान राशि के एक सक्षम जमानतदार पर रिहा किया जाए।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वहीं, 25 जून को पारित आदेश में पत्रकार रजनी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके एवं एक सक्षम जमानतदार पर नियमित जमानत देने का निर्देश दिया गया था। साथ ही उन्हें ट्रायल कोर्ट में नियमित रूप से उपस्थित रहने की शर्त का पालन करने को कहा गया है।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>अधिवक्ताओं ने रखा पक्ष</strong></h3><p style="text-align:justify;">मामले में पत्रकारों की ओर से अधिवक्ता <strong>अमन मालवीय</strong> ने पैरवी की, जबकि राज्य सरकार की ओर से सरकारी अधिवक्ता <strong>सुरेंद्र सिंह अलावा</strong> एवं <strong>हेमंत शर्मा</strong> ने न्यायालय में अपना पक्ष रखा। अब मामले की आगे की सुनवाई ट्रायल कोर्ट में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जारी रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182652/big-relief-to-journalists-from-high-court-in-extortion-case</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182652/big-relief-to-journalists-from-high-court-in-extortion-case</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 21:04:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/476977-madhya-pradesh-high-court-gwalior-bench.jpg"                         length="634769"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पत्रकार रवि गर्गवंशी रवि शुक्ल की अवैधानिक गिरफ्तारी व उत्पीड़न के विरोध में पत्रकारों का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>गोंडा।</strong> जनपद में पत्रकारों ने एकजुट होकर पत्रकार रवि गर्गवंशी रवि शुक्ल की अवैधानिक गिरफ्तारी व उत्पीड़न और पत्रकारों के सम्मान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कथित हमले के खिलाफ जनपद गोंडा में पत्रकारों का आक्रोश खुलकर सामने आया। द जर्नलिस्ट एसोसिएशन (पत्रकार संगठन), जनपद गोंडा के बैनर तले शनिवार को पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त देवीपाटन मंडल गोंडा एवं आईजी देवीपाटन रेंज गोंडा को ज्ञापन सौंपकर पत्रकार की ससम्मान रिहाई व दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के साथ ही न्याय की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">संगठन के जिलाध्यक्ष एमडी मौर्य के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में पत्रकार पवनदेव</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174603/memorandum-submitted-to-protest-against-the-illegal-arrest-and-harassment"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260330-wa0015.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>गोंडा।</strong> जनपद में पत्रकारों ने एकजुट होकर पत्रकार रवि गर्गवंशी रवि शुक्ल की अवैधानिक गिरफ्तारी व उत्पीड़न और पत्रकारों के सम्मान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कथित हमले के खिलाफ जनपद गोंडा में पत्रकारों का आक्रोश खुलकर सामने आया। द जर्नलिस्ट एसोसिएशन (पत्रकार संगठन), जनपद गोंडा के बैनर तले शनिवार को पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त देवीपाटन मंडल गोंडा एवं आईजी देवीपाटन रेंज गोंडा को ज्ञापन सौंपकर पत्रकार की ससम्मान रिहाई व दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के साथ ही न्याय की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">संगठन के जिलाध्यक्ष एमडी मौर्य के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में पत्रकार पवनदेव सिंह, लखनलाल मिश्रा, अमरेश प्रजापति, महेश गोस्वामी, कुलदीप शुक्ल, कांशीराम मौर्य, अनुराग मिश्र, सुधीर पाण्डेय, वीरेंद्र तिवारी, अंकज मिश्र, सलीम अहमद खान, सुधीर तिवारी, श्यामफूल तिवारी, खुशबू कनौजिया, ज्ञान प्रकाश चौहान सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि पत्रकार रवि गर्गवंशी उर्फ रवि प्रकाश शुक्ल निवासी बलरामपुर को दिल्ली पुलिस द्वारा कथित रूप से अवैधानिक तरीके से गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेजा गया तथा उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया,जो बेहद निंदनीय और चिंताजनक है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पत्रकारों ने इसे न केवल एक व्यक्ति विशेष पर कार्रवाई बताया, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला करार दिया। पत्रकारों ने कहा कि पत्रकार समाज सदैव निष्पक्ष और निर्भीक होकर जनहित के मुद्दों को उठाता है। ऐसे में किसी पत्रकार के साथ इस प्रकार की कार्रवाई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने का प्रयास है, जिससे पूरे पत्रकार समुदाय में भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन के माध्यम से पत्रकारों ने तीन प्रमुख मांगें रखीं गई हैं कि पत्रकार रवि गर्गवंशी (रवि शुक्ल) की ससम्मान रिहाई कराकर प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए, अवैधानिक गिरफ्तारी में संलिप्त दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और पीड़ित पत्रकार को न्याय दिलाया जाए भविष्य में पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्रता सुनिश्चित करने हेतु ठोस दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। पत्रकारों ने प्रशासन को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान सभी पत्रकारों ने एकजुटता दिखाते हुए लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा का संकल्प दोहराया।</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/174603/memorandum-submitted-to-protest-against-the-illegal-arrest-and-harassment</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/174603/memorandum-submitted-to-protest-against-the-illegal-arrest-and-harassment</guid>
                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 20:48:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/img-20260330-wa0015.jpg"                         length="116199"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        