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                <title>Mission Shakti campaign - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Mission Shakti campaign RSS Feed</description>
                
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                <title>पुलिस ने वारंटी को पकड़ कर भेजा जेल </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/</strong>थाना क्योलड़िया की 'मिशन शक्ति' टीम ने सार्वजनिक स्थान पर महिलाओं को देखकर फब्तियां कसने और अश्लील गाने गाने के आरोप में तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई आगामी श्रावण मास कावड़ यात्रा के मद्देनजर क्षेत्र में वीमेन फ्रेंडली माहौल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही गश्त के दौरान हुई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">घटना के अनुसार, एसएसटी स्कूल के पास गश्त के दौरान टीम को महिलाओं ने सूचना दी कि क्योलड़िया डैम पर बिहारीपुर जाने वाले मार्ग पर कुछ लड़के खड़े हैं, जो आने-जाने वाली महिलाओं को देखकर उल्टे-सीधे गाने गा रहे हैं। पुलिस टीम ने मौके पर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184285/police-caught-warranty-and-sent-him-to-jail"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/2.----------------अ.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/</strong>थाना क्योलड़िया की 'मिशन शक्ति' टीम ने सार्वजनिक स्थान पर महिलाओं को देखकर फब्तियां कसने और अश्लील गाने गाने के आरोप में तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई आगामी श्रावण मास कावड़ यात्रा के मद्देनजर क्षेत्र में वीमेन फ्रेंडली माहौल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही गश्त के दौरान हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घटना के अनुसार, एसएसटी स्कूल के पास गश्त के दौरान टीम को महिलाओं ने सूचना दी कि क्योलड़िया डैम पर बिहारीपुर जाने वाले मार्ग पर कुछ लड़के खड़े हैं, जो आने-जाने वाली महिलाओं को देखकर उल्टे-सीधे गाने गा रहे हैं। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर देखा कि तीन युवक वहां से गुजरने वाली महिलाओं को देखकर अश्लील टिप्पणी कर रहे थे, जिससे असहज होकर महिलाएं तेज कदमों से चली गईं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों—प्रमोद (पुत्र रामकुमार), राकेश (उम्र 20 वर्ष, पुत्र बुद्धसेन) और अनिकेत (उम्र 22 वर्ष, पुत्र विजय), निवासीगण ग्राम कनाकोर, थाना जहानाबाद, पीलीभीत—को गिरफ्तार कर लिया। इनके खिलाफ थाना क्योलड़िया में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 के तहत मुकदमा (मु०अ०सं० 0-257/26) पंजीकृत किया गया है। तीनों गिरफ्तार अभियुक्तों को 29 जुलाई 2026 को माननीय न्यायालय भेज दिया गया है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 22:07:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ में एजुकेट गर्ल्स ने मनाया 18वाँ स्थापना दिवस।</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो।</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट।</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">एजुकेट गर्ल्स, जिसे 2025 के रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, ने 25 मार्च 2026 को लखनऊ में अपना 18वाँ स्थापना दिवस मनाया। इस पुरस्कार को व्यापक रूप से एशिया का नोबेल पुरस्कार माना जाता है। इस महत्वपूर्ण आयोजन में 300 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए, जिनमें टीम बालिका स्वयंसेवक, फील्ड स्टाफ, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, सिविल सोसाइटी साझेदार और शिक्षा क्षेत्र के हितधारक शामिल थे। इस अवसर पर संस्था की यात्रा पर विचार किया गया और भारत भर में बालिका शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174518/educate-girls-celebrated-its-18th-foundation-day-in-lucknow"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260327-wa00631.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो।</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट।</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">एजुकेट गर्ल्स, जिसे 2025 के रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, ने 25 मार्च 2026 को लखनऊ में अपना 18वाँ स्थापना दिवस मनाया। इस पुरस्कार को व्यापक रूप से एशिया का नोबेल पुरस्कार माना जाता है। इस महत्वपूर्ण आयोजन में 300 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए, जिनमें टीम बालिका स्वयंसेवक, फील्ड स्टाफ, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, सिविल सोसाइटी साझेदार और शिक्षा क्षेत्र के हितधारक शामिल थे। इस अवसर पर संस्था की यात्रा पर विचार किया गया और भारत भर में बालिका शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मुख्य संबोधन दिया और राज्य में प्रत्येक बालिका के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के लिए सरकार के सतत प्रयासों को रेखांकित किया। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, “देशव्यापी पहलों जैसे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ से लेकर उत्तर प्रदेश में एजुकेट गर्ल्स जैसे साझेदारों के माध्यम से निरंतर प्रयासों तक, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। वर्ष 2017 के बाद से राज्य में बुनियादी, माध्यमिक और उच्च शिक्षा में व्यापक परिवर्तन देखने को मिले हैं, जिनमें बेहतर बुनियादी ढाँचा, संसाधनों में वृद्धि और ड्रॉपआउट दर को कम करने के लिए केंद्रित प्रयास शामिल हैं। कायाकल्प योजना और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के विस्तार जैसी सरकारी योजनाओं ने बालिकाओं को स्कूल में वापस लाने और उनकी शिक्षा जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज अधिकांश बालिकाएँ कक्षाओं में हैं और ड्रॉपआउट दर लगातार घट रही है।।</p>
<p style="text-align:justify;">श्री पाठक ने कहा मिशन शक्ति के माध्यम से हम बालिकाओं को गरिमा, अवसर और समानता के साथ जीवन जीने में सक्षम बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम एजुकेट गर्ल्स के साथ मिलकर बालिका शिक्षा और सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने के हर प्रयास में दृढ़ता से साथ खड़े हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">माध्यमिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक विष्णु कांत पांडेय ने राज्यभर में सामुदायिक भागीदारी और पुनःसमावेशन प्रयासों के माध्यम से हासिल की गई प्रगति को रेखांकित किया। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, “लगातार प्रयासों के माध्यम से हम लगभग 23 जिलों में बालिकाओं की पहचान कर उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने में सफल हुए हैं, साथ ही जोखिमग्रस्त छात्रों को विद्यालय में बनाए रखने में भी सहयोग किया है। विद्या कार्यक्रम के अंतर्गत टीम बालिका स्वयंसेवक गाँव-गाँव जाकर स्कूल से बाहर बालिकाओं को पुनः शिक्षा से जोड़ने की तैयारी कर रहे हैं और सामाजिक या आर्थिक कारणों से पढ़ाई छोड़ चुकी बालिकाओं के लिए ओपन स्कूलिंग के माध्यम से निरंतरता सुनिश्चित कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">किशोर बालिकाओं को पुनः मुख्यधारा में लाना एक जटिल चुनौती बनी हुई है, लेकिन एजुकेट गर्ल्स ने मजबूत सामुदायिक जुड़ाव और साझेदारियों के माध्यम से इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके जमीनी अनुभवों ने हमारी योजना और क्रियान्वयन को मजबूत किया है, जिससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिली है कि कोई भी बालिका पीछे न रह जाए। हम इस सहयोग और एजुकेट गर्ल्स, टीम बालिका तथा सभी साझेदारों की बालिका शिक्षा को आगे बढ़ाने की निरंतर प्रतिबद्धता को अत्यंत महत्व देते हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">एजुकेट गर्ल्स की सीईओ गायत्री नायर लोबो ने संस्था की जमीनी पहल से राष्ट्रीय स्तर पर परिवर्तनकारी शक्ति बनने की यात्रा पर प्रकाश डाला और 2025 के रेमन मैग्सेसे पुरस्कार का श्रेय अग्रिम पंक्ति में कार्यरत स्वयंसेवकों और फील्ड टीमों के सामूहिक साहस को दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, “एजुकेट गर्ल्स यह दर्शाता है कि मजबूत साझेदारियाँ किस प्रकार बड़े स्तर पर सार्थक परिवर्तन ला सकती हैं। ज्ञान का पिटारा जैसे हमारे रेमेडियल लर्निंग कार्यक्रमों के माध्यम से हम सबसे वंचित बालिकाओं तक पहुँचते हैं, उन्हें स्कूल में वापस लाने और सीखने की राह पर बनाए रखने में सहयोग करते हैं। रेमन मैग्सेसे पुरस्कार, जिसे एशिया का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है हमारी टीम बालिका स्वयंसेवकों, फील्ड टीमों और साझेदारों के सामूहिक प्रयासों को मान्यता देता है और सेवा, ईमानदारी तथा जमीनी नेतृत्व की उस भावना को दर्शाता है, जो हमारे कार्य को आगे बढ़ाती है। । हम अपने कार्य में निरंतर सहयोग के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के प्रति भी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;"> बिहार की प्रगति टीम से जुड़ी शिक्षार्थी हलीमा सादिया भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। संचालन निदेशक विक्रम सिंह सोलंकी द्वारा संचालित टीम बालिका पैनल चर्चा में 55,000 से अधिक स्वयंसेवकों के प्रभाव को दर्शाया गया, जो घर-घर जाकर समुदायों में परिवर्तन ला रहे हैं और बाल विवाह, घरेलू जिम्मेदारियों तथा सामाजिक मान्यताओं जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, जो अक्सर बालिकाओं के स्कूल छोड़ने का कारण बनती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इन्हीं में से बदायूं की सोनम ने साझा किया कि पिछले दो वर्षों में एजुकेट गर्ल्स के साथ उनकी यात्रा ने उन्हें अधिक आत्मविश्वासी बनाया है और शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति को समझने में मदद की है। सोनभद्र की प्रांचल गुप्ता ने बताया कि ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा से जोड़ना उन्हें अपार खुशी और उद्देश्य देता है।</p>
<p style="text-align:justify;">अंकित मौर्य ने अपने गाँव में जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों को साझा किया, जहाँ वे सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद परिवारों को, विशेषकर बालिकाओं की शिक्षा को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करते हैं। निर्मला यादव की कहानी विशेष रूप से प्रेरणादायक रही। कम उम्र में विवाह और विरोध का सामना करने के बावजूद उन्होंने अपनी शिक्षा जारी रखी, यहाँ तक कि उनकी किताबें नष्ट कर दी गईं, फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और बीए तथा एमएसडब्ल्यू की पढ़ाई पूर्ण की, जिससे वे कई लोगों के लिए प्रेरणा बनीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 23:06:36 +0530</pubDate>
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