<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/64685/national-political-news" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>National Political News - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/64685/rss</link>
                <description>National Political News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मधु किश्वर का पीएम पर फिर हमला- उस फाइल में मोदी के खिलाफ क्या था, अफसर कौन था</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>बीजेपी और मोदी समर्थक मानुषी पत्रिका की संस्थापक संपादक प्रो. मधु किश्वर ने प्रधानमंत्री पर गुरुवार 2 अप्रैल को फिर हमला बोला है। इस बार उन्होंने मोदी से जुड़ी गोपनीय फाइल और एक आला अफसर का जिक्र किया है। पिछली बार महिलाओं को लेकर बोला था।</p>
<p style="text-align:justify;">मधु किश्वर ने गुरुवार को एक्स पर एक लंबे ट्वीट में लिखा है- यह चौंकाने वाली जानकारी मुझे एक ऐसे व्यक्ति से मिली है, जिसके पास प्रधानमंत्री के बारे में अंदरूनी सूचनाओं का अच्छा-खासा भंडार है। मूल तथ्यों की पुष्टि कोई भी व्यक्ति साधारण गूगल सर्च के जरिए कर सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175045/madhu-kishwar-attacks-pm-again-what-was-there-against"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/44.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>बीजेपी और मोदी समर्थक मानुषी पत्रिका की संस्थापक संपादक प्रो. मधु किश्वर ने प्रधानमंत्री पर गुरुवार 2 अप्रैल को फिर हमला बोला है। इस बार उन्होंने मोदी से जुड़ी गोपनीय फाइल और एक आला अफसर का जिक्र किया है। पिछली बार महिलाओं को लेकर बोला था।</p>
<p style="text-align:justify;">मधु किश्वर ने गुरुवार को एक्स पर एक लंबे ट्वीट में लिखा है- यह चौंकाने वाली जानकारी मुझे एक ऐसे व्यक्ति से मिली है, जिसके पास प्रधानमंत्री के बारे में अंदरूनी सूचनाओं का अच्छा-खासा भंडार है। मूल तथ्यों की पुष्टि कोई भी व्यक्ति साधारण गूगल सर्च के जरिए कर सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिस दिन नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली, उसी दिन मनमोहन सिंह के 2011 से कैबिनेट सचिव रहे अजीत कुमार सेठ उनसे मिलने पहुंचे। उनके पास एक मोटी फाइल थी और उन्होंने कहा, “डॉ. साहब (मनमोहन) ने सुझाव दिया है कि आप इस फाइल को ध्यान से देखें।”</p>
<p style="text-align:justify;">मधु किश्वर आगे लिखती हैं कि मोदी जी ने जैसे ही फाइल के पन्ने पलटने शुरू किए, उनका चेहरा फीका पड़ गया, क्योंकि उस फाइल में उनके खिलाफ कई आपत्तिजनक जानकारियां थीं। घबराए हुए मोदी ने सेठ से पूछा, “यह आपके पास कैसे पहुंची?” सेठ ने शांत स्वर में जवाब दिया, “कैबिनेट सचिव होने के नाते, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की सभी महत्वपूर्ण फाइलें मेरे पास आती हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">मोदी जी ने चुपचाप फाइल लौटा दी और संकेत समझ गए। इसके बाद अजीत कुमार सेठ को न सिर्फ कार्यकाल विस्तार दिया गया, बल्कि उन्हें मोदी जी का ही कैबिनेट सचिव नियुक्त कर दिया गया। मधु के मुताबिक इसका मतलब यह हुआ कि मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री कार्यालय की गतिविधियों और निर्णयों तक पहुंच बनी रही।</p>
<p style="text-align:justify;">मधु किश्वर का ट्वीट में कहना है कि अजीत कुमार सेठ को 2014 में विस्तार दिया गया और वे जून 2015 तक इस पद पर रहे। क्या आपने दुनिया में कहीं सुना है कि कोई प्रधानमंत्री अपने कट्टर विरोधी के सबसे भरोसेमंद वरिष्ठ अधिकारी को अपने ही पीएमओ का प्रमुख नियुक्त करे? रिटायरमेंट के बाद भी सेठ को एक और पुरस्कार के रूप में सार्वजनिक उपक्रम चयन बोर्ड (PESB) का अध्यक्ष बना दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">एक्टिविस्ट मधु किश्वर ने उसी ट्वीट में लिखा है कि यह संभवतः इस बात से समझा सकता है कि तमाम तीखी बयानबाजी के बावजूद, तथाकथित “56 इंच की छाती” वाले नेता ने सोनिया गांधी, रॉबर्ट वाड्रा, चिदंबरम और अन्य लोगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई करने की हिम्मत क्यों नहीं दिखाई। जबकि वे खुद उन पर विदेशी खातों और अन्य आरोप लगाते रहे हैं। यह सिर्फ सोनिया गांधी ही नहीं हैं, बल्कि भारत और विदेशों में कई अन्य लोग भी हैं जिनके पास “महामानव” के कथित काले कारनामों की जानकारी है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>मोदी के 56 इंच सीने का मज़ाक</strong></p>
<p style="text-align:justify;"> ट्वीट में मधु लिखती हैं- इसी वजह से मोदी जी को भारत के सबसे असुरक्षित राजनेताओं में से एक बताया जाता है, और यही कारण है कि वे बड़े-बड़े दावे और आक्रामक बयानबाजी करते नजर आते हैं। भारत और दुनिया में भ्रष्ट राजनेताओं की कमी नहीं है, लेकिन खुद को संत की छवि में पेश करने की इतनी कोशिश शायद ही किसी ने की हो, जितनी “56 इंच” वाले नेता करते हैं। जनता को संबोधित करते समय उनकी आवाज में लगातार उत्तेजना और खुद को निस्वार्थ महात्मा के रूप में प्रस्तुत करने का दिखावा इसी का हिस्सा बताया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी वजह से मोदी जी को भारत के सबसे असुरक्षित राजनेताओं में से एक बताया जाता है, और यही कारण है कि वे बड़े-बड़े दावे और आक्रामक बयानबाजी करते नजर आते हैं। भारत और दुनिया में भ्रष्ट राजनेताओं की कमी नहीं है, लेकिन खुद को संत की छवि में पेश करने की इतनी कोशिश शायद ही किसी ने की हो, जितनी “56 इंच” वाले नेता करते हैं। जनता को संबोधित करते समय उनकी आवाज में लगातार उत्तेजना और खुद को निस्वार्थ महात्मा के रूप में प्रस्तुत करने का दिखावा इसी का हिस्सा बताया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मधु किश्वर ने इसी बात का विस्तार करते हुए लिखा है- “रिकॉर्ड के लिए, 2014 के चुनाव अभियान के दौरान जब मोदी जी ने पहली बार “56 इंच की छाती” का जिक्र किया, तो मैंने व्यक्तिगत रूप से उनसे कहा था, “नरेंद्र भाई, ऐसा मत कहिए, यह अशोभनीय लगता है।”</p>
<p style="text-align:justify;">इस पर उनका जवाब था, “आम जनता को यह पसंद है, मधु जी। केवल आप जैसे बुद्धिजीवी ही परिष्कृत भाषण चाहते हैं।” अब, मोदी जी के समर्थकों से सवाल है कि वे अपने “हृदय सम्राट” से पूछें कि उन्होंने मनमोहन सिंह के कैबिनेट सचिव को अपने ही पीएमओ का शीर्ष अधिकारी क्यों नियुक्त किया? और जितना आप झूठे और अशोभनीय आरोपों से उकसाएंगे, उतनी ही और जानकारियां सामने आएंगी, जो आपके “हृदय सम्राट” को उजागर करेंगी। यानी मधु किश्वर ने भविष्य में और भी खुलासे की चेतावनी भी लगे हाथ दे दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/175045/madhu-kishwar-attacks-pm-again-what-was-there-against</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/175045/madhu-kishwar-attacks-pm-again-what-was-there-against</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 20:52:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/44.jpg"                         length="93159"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'हिमंत सबसे भ्रष्ट सीएम, मोदी-शाह के साथ मिलकर राज्य में चला रहे लैंड एटीएम '- राहुल गांधी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा को भारत का ‘‘सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री’’ बताते हुए गुरुवार को आरोप लगाया कि शर्मा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मिलकर राज्य में ‘‘लैंड एटीएम’’ चला रहे हैं और आम लोगों से जमीन छीनकर बड़े उद्योगपतियों को दे रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बोकाजान विधानसभा क्षेत्र में पार्टी उम्मीदवार रतन इंगती के समर्थन में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग असम और उसके लोगों के लिए खड़े थे और कांग्रेस पार्टी राज्य</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175041/himanta-is-running-land-atm-in-the-state-in-collaboration"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/rahul-himanta.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा को भारत का ‘‘सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री’’ बताते हुए गुरुवार को आरोप लगाया कि शर्मा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मिलकर राज्य में ‘‘लैंड एटीएम’’ चला रहे हैं और आम लोगों से जमीन छीनकर बड़े उद्योगपतियों को दे रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बोकाजान विधानसभा क्षेत्र में पार्टी उम्मीदवार रतन इंगती के समर्थन में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग असम और उसके लोगों के लिए खड़े थे और कांग्रेस पार्टी राज्य में सत्ता में आने के 100 दिनों के भीतर उनकी मौत के मामले में न्याय दिलाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने कहा, ‘‘भारत के सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा हैं और उनका परिवार भी भ्रष्टाचार के मामले में पहले नंबर पर है। कांग्रेस सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। अभी वह चाहे जितनी डींगें मार लें, उसके बाद वह पूरी तरह चुप हो जाएंगे।’’</p>
<p style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने ने दावा किया कि असम में तीन बड़े कॉरपोरेट घरानों को कुल 98,400 बीघा जमीन सौंप दी गई है।उन्होंने कहा, ‘‘यह जमीनें जनता से छीनी गई हैं। नरेंद्र मोदी, अमित शाह और हिमंत विश्व शर्मा ने असम में एक ‘लैंड एटीएम’ बना दिया है। वे लोगों से जमीन छीनते हैं और बड़े उद्योगपतियों को दे देते हैं।’’</p>
<p style="text-align:justify;">प्रसिद्ध संगीतकार जुबिन गर्ग का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वह पूरे राज्य और उसके लोगों का प्रतिनिधित्व करते थे। गर्ग की पिछले साल सितंबर में सिंगापुर में डूबने से मौत हो गई थी।वह किसी एक व्यक्ति, एक समुदाय, एक भाषा या एक इतिहास के लिए नहीं खड़े थे। वह असम की बहुसांस्कृतिक और बहुधार्मिक परंपरा की भावना को दर्शाते थे। हम सत्ता में आएंगे तो 100 दिनों के भीतर न्याय दिलाएंगे और यह 100 प्रतिशत तय है।</p>
<p style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने यह भी कहा कि कांग्रेस विकेंद्रीकरण में विश्वास करती है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) असम को दिल्ली से चलाने की कोशिश कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/175041/himanta-is-running-land-atm-in-the-state-in-collaboration</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/175041/himanta-is-running-land-atm-in-the-state-in-collaboration</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 20:47:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/rahul-himanta.webp"                         length="76512"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रफुल्ल पटेल ने एनसीपी पर कब्जे की कोशिश की थी? रोहित पवार का बड़ा दावा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>अजित पवार की मौत के बाद क्या पार्टी पर कब्जे की कोशिश हुई? कम से कम अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने तो यही दावा किया है। उन्होंने कहा कि एनसीपी पर प्रफुल्ल पटेल और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कब्जा करने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि इसको सुनेत्रा पवार ने विफल कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">एनसीपी (शरदचंद्र पवार गुट) के नेता और विधायक रोहित पवार ने अपने दावे के समर्थन में प्रफुल्ल पटेल और तटकरे द्वारा चुनाव आयोग को भेजे गए एक ख़त को पेश किया। हालाँकि उनके इस दावे को सुनील तटकरे ने सिरे से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174497/praful-patel-had-tried-to-capture-ncp-rohit-pawars-big"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/8e4c339aaf573ebad43719d128a9d0e490ad1805eb11ddfa51d22f29cfd89368.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>अजित पवार की मौत के बाद क्या पार्टी पर कब्जे की कोशिश हुई? कम से कम अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने तो यही दावा किया है। उन्होंने कहा कि एनसीपी पर प्रफुल्ल पटेल और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कब्जा करने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि इसको सुनेत्रा पवार ने विफल कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">एनसीपी (शरदचंद्र पवार गुट) के नेता और विधायक रोहित पवार ने अपने दावे के समर्थन में प्रफुल्ल पटेल और तटकरे द्वारा चुनाव आयोग को भेजे गए एक ख़त को पेश किया। हालाँकि उनके इस दावे को सुनील तटकरे ने सिरे से खारिज कर दिया और दावा किया कि शरद पवार गुट ही पार्टी का विलय कराकर पार्टी पर कब्जा करना चाहता था।</p>
<p style="text-align:justify;">इन आरोपों पर तटकरे ने क्या-क्या जवाब दिया है, यह जानने से पहले यह जान लें कि रोहित पवार ने क्या दावा किया है। रोहित ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल और महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने पार्टी पर कब्जा करने की कोशिश की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">रोहित पवार ने कहा कि अजित पवार की मौत 28 जनवरी को हुई थी और सिर्फ 18 दिन बाद 16 फ़रवरी को प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और एनसीपी के राष्ट्रीय सचिव बृजमोहन श्रीवास्तव ने चुनाव आयोग को एक पत्र लिखा। उन्होंने कहा कि इसमें उन्होंने झूठा दावा किया कि पार्टी के संविधान में बदलाव कर दिया गया है और कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल को सारी शक्तियां सौंप दी जाएँ।</p>
<p style="text-align:justify;">रोहित पवार ने कहा, 'यह पहले से प्लान किया गया षड्यंत्र था। उन्होंने सुनेत्रा पवार और परिवार के अन्य सदस्यों को अंधेरे में रखा। न तो सुनेत्रा पवार को बताया गया और न ही उनके बेटे पार्थ पवार को। पार्टी के विधायकों को भी कुछ पता नहीं था।' बाद में जब सुनेत्रा को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने चुनाव आयोग को एक पत्र भेजकर पहले भेजे गये पत्र को अमान्य मानने की अपील की।</p>
<p style="text-align:justify;">रोहित पवार ने मीडिया के सामने दोनों पत्र दिखाए। एक प्रफुल्ल पटेल का 16 फरवरी का पत्र और दूसरा सुनेत्रा पवार का 10 मार्च का पत्र। रोहित ने कहा है कि सुनेत्रा पवार जब पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनीं तब उन्हें इस पत्र की जानकारी मिली। उन्होंने 10 मार्च को चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कहा कि 2 जनवरी से लेकर उनके अध्यक्ष बनने तक का कोई भी पत्र मान्य नहीं होना चाहिए। इससे प्रफुल्ल पटेल की कोशिश नाकाम हो गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/174497/praful-patel-had-tried-to-capture-ncp-rohit-pawars-big</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/174497/praful-patel-had-tried-to-capture-ncp-rohit-pawars-big</guid>
                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 21:47:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/8e4c339aaf573ebad43719d128a9d0e490ad1805eb11ddfa51d22f29cfd89368.webp"                         length="67768"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        