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                <title>Political Controversy India - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Political Controversy India RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>असम-बंगाल में जनादेश की ‘चोरी’ </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने दावा किया कि असम और पश्चिम बंगाल में "जनादेश की चोरी" देश के लोकतंत्र को नष्ट करने के भारतीय जनता पार्टी के "मिशन" के तहत उठाया गया बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यह बात कांग्रेस के "कुछ लोगों" और उन दूसरे लोगों को अच्छी तरह समझने की जरूरत है जो पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार से खुश हो रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">BJP पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 206 सीटें जीतकर पहली बार सरकार बनाने जा रही है। उसने असम में जीत की हैट्रिक लगाई है। राहुल गांधी ने 'एक्स'</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178299/%E2%80%98theft%E2%80%99-of-mandate-in-assam-bengal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/pti04-18-2026-000263b-0_1776846837575_1776846860705_1776848940508.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने दावा किया कि असम और पश्चिम बंगाल में "जनादेश की चोरी" देश के लोकतंत्र को नष्ट करने के भारतीय जनता पार्टी के "मिशन" के तहत उठाया गया बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यह बात कांग्रेस के "कुछ लोगों" और उन दूसरे लोगों को अच्छी तरह समझने की जरूरत है जो पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार से खुश हो रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">BJP पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 206 सीटें जीतकर पहली बार सरकार बनाने जा रही है। उसने असम में जीत की हैट्रिक लगाई है। राहुल गांधी ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, "कांग्रेस में कुछ लोग और अन्य लोग टीएमसी की हार पर खुश हो रहे हैं। उन्हें यह स्पष्ट रूप से समझने की जरूरत है कि असम और बंगाल के जनादेश की चोरी भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने के अपने मिशन में भाजपा का एक बड़ा कदम है।"</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, "क्षुद्र राजनीति को किनारे रखें, यह किसी एक पार्टी या दूसरी पार्टी के बारे में नहीं है, यह भारत के बारे में है।"पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को दावा किया था कि पश्चिम बंगाल में भाजपा ने 100 सीटों की "लूट की है।"राहुल गांधी ने उनके दावे का समर्थन किया था और आरोप लगाया था कि निर्वाचन आयोग की मदद से BJP ने असम और पश्चिम बंगाल में चुनाव की चोरी की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 May 2026 23:01:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नारी बंधन परिसीमन बिल गिरने पर बीजेपी का विपक्ष पर देश व्यापी विरोध सोची समझी स्क्रिप्ट है</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रोफेसर अशोक कुमार</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">17अप्रैल को लोक सभा में परिसिमन बिल सरकार का गिर गया।फिर क्या बिल गिरते ही ससद भवन से बाहर भाजपा के लोगों ने हाथ में स्लोगन लिखे पोस्टर बैनर दफ्ती लेकर विपक्ष के विरोध में घेराव करते रहे।बस यही झूठ बोलते रहे कि महिला आरक्षण बिल कांग्रेस ने और महिलाओं के विरोधी विपक्ष ने गिरा कर देश के नारियों का अपमान किया ।यह सब पोस्टर बैनर स्लोगन  लिखी पट्टिक पहले से भाजपा ने तैयार कर लियि था कि बिल गिरेगा फिर भाजपा नारा लगायेगी सब पहले से स्क्रिप्ट तैयार थी महज देश की जनता को महिलाओं को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177153/bjps-nationwide-protest-against-the-opposition-on-the-failure-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/images-(1)11.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रोफेसर अशोक कुमार</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">17अप्रैल को लोक सभा में परिसिमन बिल सरकार का गिर गया।फिर क्या बिल गिरते ही ससद भवन से बाहर भाजपा के लोगों ने हाथ में स्लोगन लिखे पोस्टर बैनर दफ्ती लेकर विपक्ष के विरोध में घेराव करते रहे।बस यही झूठ बोलते रहे कि महिला आरक्षण बिल कांग्रेस ने और महिलाओं के विरोधी विपक्ष ने गिरा कर देश के नारियों का अपमान किया ।यह सब पोस्टर बैनर स्लोगन  लिखी पट्टिक पहले से भाजपा ने तैयार कर लियि था कि बिल गिरेगा फिर भाजपा नारा लगायेगी सब पहले से स्क्रिप्ट तैयार थी महज देश की जनता को महिलाओं को बस आरक्षण केशवराम पर धोखा देना था।वह दिया गया पहले से पास बिल को 2024मे नहीं लागू किया गया जब कि विपक्ष बार बार मांग कर रहा था लागू करो पर सरकार सरकार होती है मनमर्जी तो करेगी कर लिया लागू 2024मे नहीं किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परन्तु नारा लगाने वाले भूल गये कि देश की नारी शक्ति का पहला हक कांग्रेस के स्व प्रधान राजीव गान्धी ने ही पंचायती राज में तीनों स्तर पर यानि पंचायत से जिला परिषद तक तैंतीस प्रतिशत आरक्षण दिया जो आज भी लागू है। उसमें भाजपा कि किस  तरह पन्द्रह साल की सीमा नहीं लगाया था। वह एक कानुन बन गया और उसीके तर्ज पर बहुत से राज्यों में पचायतीराज  में पचास प्रतिशत आरक्षण दिया है।तब कांग्रेस महिला विरोधी नहीं विपक्ष नारी विरोधी नहीं था।फिर अब कैसे होगया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बस यही किया एक गलत परिसीमन बिल को पास नहीं किया।भाजपा की महिला सांसदों ने कभी भाजपा से संसद विधानसभाओं में जब आरक्षण का बिल कांग्रेस ला ई थी भाजपा ने क्यों नहीं समर्थन किया । क ई बार कांग्रेस की सरकार बिल को लोक सभा में पास करने का प्रयास किया पर हर बार भाजपा ने विरोध किया कारण तो भारत की जनता सब राजनेता जानते हैं।लेकिन भाजपा सच को छिपातीं है महिलाओं के पीछे छिपती है ।और कांग्रेस के द्वारा खींची गई हर लकीर को मिटाने और छोटा करने में विगत बारह साल से लगी हुई है।  पर लकीर मिटा नहीं  पा रही है जितना मिटाने की कोशिश होती है वह लकीर बड़ी हो जाती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्तमान सरकार जनोपयोगी क ई क ई बिलों को कांग्रेस के समय पास में जो था जनता उसका उपयोग कर रही थी। सरकार रोक लगा दिया सुचना के अधिकार मनरेगा जैसे बिलों पर कैंची चलाया ।तब भाजपा का कोई नेता संगठन सड़क पर नहीं आया जैसा कि महिला परिसीमन बिल को लेकर सड़क पर दौड़ रहे हैं। और झूठ भ्रम जनता में फैला रहे हैं। कांग्रेस ने 2012मे महिला बिल को राज्य सभा से पारित करा लिया जिसमें महिलाओं के लिए आरक्षण था पंचायती राज की तरह ही। परन्तु जो नया बिल पास भाजपा ने 2023मे सभी दलों की सहमति से पास करवाया है वह बिल आज भी अस्तित्व में है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अगर वास्तव में भाजपा नारी शक्ति का सम्मान करता है तोउसे देश में लागू कर दे।अगर लागू नहीं कर रहा है तोयह मान लें  भाजपा सरकार का नारी आरक्षण बिल  सड़क का खिलौना बनाकर जनता में तमाशा दिखाने के सिवाय सच से बहुत दूर है।यह एक चुनावी नौटंकी से आगे कुछ नहीं है।अब यहां सवाल हर दल से है । अगर महिला आरक्षण बिल संसद विधानसभाओं में नहीं लागू हो रहा है । तो हर दल क्यों नहीं पार्टी के सम्विधान में यह लिखे की पार्टी  अपने   स्तर पर तैंतीस प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण दिया जायेगा वह संसद विधानसभाओं के साथ पार्टी के संगठन में भी दिया जायेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यहां यह भी बताना जरूरी है कि 2022मे यूं पी विधानसभा चुनाव में लड़की हूं लड सकती हूं का नारा प्रियंका-गांधी ने दिया और चालीस प्रतिशत विधानसभा में महिलाओं को टिकट दिया ।परन्तु गजब यूं पी की महिलाएं अपनी ही बहनों को हरा दिया जबकि वह सख्याबल में आबादी की आधीहै चाहती तो कम से कमज्ञतीस प्रतिशत कांग्रेस की महिलाएं विधायक बन गई होती पर महिलाएं भी जातिवादी धरृमवादी पारृटी वाली है तभी तो कांग्रेस की चालिस प्रतिशत महिलाएं चुनाव हार गई मात्र एक महिला जीती अराधना मिश्रा वह भी अपने पिता की सीट राम पुर खास  से।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस चालिस प्रतिशत की हार से डर कर सांसद में सभी दलों ने महिलाओं को कम टिकट दिया।किसी दल के पास ताकत नहीं है कि महिलाओं के आरक्षण नियम को पहले पार्टी में बनाये लागू करें। फिर संसद विधानसभा की बात करें हर पार्टी की नियत में खोट है।अभी जो वर्तमान संसद है उसमें सबसे कम संख्या भाजपा  की महिलाएं हैं सबसे ज्यादा तृणमूल की महिला सासद है इसी संख्या से पता चलता भिजवा कितना महिलाओं का सम्मान करती है।आज तक कोई महिला भाजपा का राष्ष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बन पाईहैक्या भाजपा प्रेस कान्फ्रेंस करके जनता को बतायेगी कि किस कारण से वह महिलाओं को राष्ट्रीय अध्यक्ष आज तक नहीं बनाया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एक उदाहरण यह भी देख ले 2022मे राजस्थान में वसुंधरा राजे के नेतृत्व में विधानसभा का चुनाव भाजपा जीत जाती है वह दोबारा की मुख्य मंत्री थी एक मात्र महिला थी भाजपा की फिर भी उनको मुख्यमंत्री नहीं बनाया।  यही नारी शक्ति है ।असली भाजपा का चाल चरित्र चेहरा अलग है।फिर बात चली वसुंधरा राजे सिंधिया को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जायेगा तीन महीने तक बात हर पत्रकार करता रहा लेकिन वहां से भी वसुंधरा राजे को हटाया गया नारी थी तो सम्मान कैसे भाजपि करती बिहार चुनाव को देखकर नीतीश नवीन को जाति का वोट कायस्थ वोट साधने को मोहरा वाला अध्यक्ष बना लिया।इनके पूर्व जो अध्यक्ष थे वह भी मोहरा वाले थे वैसे हर पार्टी में यही परम्परा अध्यक्ष मोहरा वाला ही सही होता तेज होगा तो पार्टी पर कब्जा करके राजनिति की शिखर हो जायेगा फिर जिसने अध्यक्ष बनाया उसी को मारेगा हर पार्टी में मुगल शासक का कानुन न चले तभी मोहरा वाला कमजोर राम का अध्यक्ष या जाति समकरण वाला ही बनाया जाता जिससे जाति का वोट अपने पाले में कर लें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">17अप्रैल से कहीं न कहीं भाजपा की महिलाएं महिला आरक्षण बिल  का विरोध मेसडक पर है तो कांग्रेस की भी महिला संगठन सड़क पर 2023मे पास बिल को लागू करने के लिए तथा परिसीमन बिल जो गिरा उसके समर्थन में सड़क पर पतृरकार वार्ता कर ली है।18अप्रैल को चुनाव आचार संहिता का उलंघन कश्रते हुए देश के साहब ने गलत महिला संशोधन बिल पर राष्ट्राभिनंदन किया सही बात जनता को नहीं बताया बस एक लट कांग्रेस महिला विरोधी हैं महिलाओं के आरक्षण को संसद में रोक दिया भाजपा नारी सम्मान देना चाहती थी परन्तु वह नहीं हो पाया पर यह नही कहा कि जो बिल 2023मे पास है उसे लागू करने जा रहा हूं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्यों संसदों की सख्या बढ़ाकर आरक्षण देना है क्या नौकरियों में शिक्षा में ऐसा हुआ है क्या पंचायतों में दो तीनों सृतर पर आरक्षण लागू है तो सीटें बढ़ीं है।नहीं तो संसद और विधानसभाओं में क्यों पचास प्रतिशत सीट बढ़ाने के लिए गलत परिसीमन बिल लाया गया।।भाजपा जानती थी यह बिल पास नहीं होगा वह तो बस जनता का एक अहम मूद्दे इरान अमेरिका इजरायल युद्ध की बात जनता में बंगाल तमिलनाडु के चुनाव में न उठे तो जनता को वरगलाने के लिए मुख्य समस्या हटाने के लिए ही। बिल लाया गया थाजोविपक्ष की एक छूटता से विफल होगया देश को बांटने का बिल था गिर गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वास्तव में भाजपा ईमानदार है नारी शक्ति वन्दन को महत।व दे ना चाहती है तो पहले अपनी पारृटी में हर स्तर पर तैंतीस प्रतिशत आरक्षण दे-दे और महिला को राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दे ।पर ऐसा होंगा नहीं बस चुनाव और वोट के लिए ही नारी सम्मान की बात कही जाती है उत्तराखंड में अंकिता भण्डारी। यूं पी में उन्नाव हिथरस बेटियों को सम्मान तो दिया नहीं फिर कैसे नारी शक्ति वन्दन बिल पर घड़ियाली आंसू गिरा रही है भाजपा।असल में भारत की जनता के आंखों पर गांधारी की तरह पट्टी बंधी हुई है वह सच को देख नहीं पा रही बस जो सुनती है वहीं सच मान कर पूजा कर रही है शबृद बोलने वालों का लोकतंत्र में सत्ता के लिए घबियिली आंसू ब आने वाले का।देश में इरान अमेरिका युद्ध पर राष्ट्र के नाम सम्बोधन नहीं हुआ नहीं संसद का विशेष सत्र बुलाया ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 21:21:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आचार संहिता: ईसी ने पीएम के बयान की जाँच की बात कही तो बीजेपी खड़गे के पीछे पड़ी!</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> पीएम मोदी के देश के नाम संबोधन के बाद चुनावी आचार संहिता उल्लंघन के आरोपों की ईसीआई की जाँच की ख़बर आने के बीच ही बीजेपी ने अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है। मोदी सरकार के बड़े-बड़े मंत्री खड़गे के ख़िलाफ़ शिकायत करने ईसीआई पहुँच गए। इस बीच, ममता बनर्जी ने भी बंगाल में बीजेपी पर चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कई राजनीतिक पार्टियां एक-दूसरे पर मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट यानी एमसीसी तोड़ने का आरोप लगा रही हैं। चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विपक्ष की शिकायत</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177025/when-ec-asked-to-investigate-pms-statement-bjp-went-after"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/69e76d9fabede-bjp-demands-apology-from-kharge-212914289-16x9.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> पीएम मोदी के देश के नाम संबोधन के बाद चुनावी आचार संहिता उल्लंघन के आरोपों की ईसीआई की जाँच की ख़बर आने के बीच ही बीजेपी ने अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है। मोदी सरकार के बड़े-बड़े मंत्री खड़गे के ख़िलाफ़ शिकायत करने ईसीआई पहुँच गए। इस बीच, ममता बनर्जी ने भी बंगाल में बीजेपी पर चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कई राजनीतिक पार्टियां एक-दूसरे पर मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट यानी एमसीसी तोड़ने का आरोप लगा रही हैं। चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विपक्ष की शिकायत की जांच करने का फैसला किया है। विपक्ष की शिकायत के बाद आयोग ने यह निर्णय लिया है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 अप्रैल को राष्ट्र के नाम संबोधन दिया था। विपक्षी पार्टियों का कहना है कि यह संबोधन चुनाव के बीच मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विपक्षी नेताओं, वामपंथी पार्टियों और क़रीब 700 एक्टिविस्टों व आम नागरिकों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को चिट्ठी लिखी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने सरकारी प्रसारक दूरदर्शन और आकाशवाणी का इस्तेमाल करके चुनाव प्रभावित करने की कोशिश की।सीपीआई (एम) के महासचिव एम ए बेबी ने लिखा कि प्रधानमंत्री का यह संबोधन चुनाव वाले राज्यों में जनमत प्रभावित करने वाला था। इससे चुनाव में बराबरी का मौका नहीं मिलता और लोकतंत्र की नींव हिल जाती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मीडिया रिपोर्टों में चुनाव आयोग के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इस शिकायत की जाँच मॉडल कोड ऑफ़ कंडक्ट डिवीजन करेगा। बता दें कि मॉडल कोड 15 मार्च से लागू है और 4 मई तक रहेगा, जब पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के वोटों की गिनती होगी।दूसरी ओर, बीजेपी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर चुनाव आयोग से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। बुधवार को तीन केंद्रीय मंत्रियों समेत भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह शामिल थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निर्मला सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने तमिलनाडु में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री को 'आतंकवादी' कहा, जो बहुत गलत और निंदनीय है। यह पूरे देश के लोगों के दिए गए जनादेश का अपमान है। सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस हार के डर से निराश होकर ऐसा बोल रही है। बीजेपी ने मांग की कि खड़गे और कांग्रेस देश से माफी मांगें। किरेन रिजिजू ने इसे 'घृणित कृत्य' बताया और कहा कि चुनाव आयोग को इतनी सख्त कार्रवाई करनी चाहिए कि आगे कोई प्रधानमंत्री को आतंकवादी कहने की हिम्मत न करे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">खड़गे ने चेन्नई में कहा था कि मोदी लोकतंत्र को आतंकित कर रहे हैं, एजेंसियों का दुरुपयोग कर रहे हैं। बाद में उन्होंने सफाई दी थी कि उन्होंने शाब्दिक रूप से 'आतंकवादी' नहीं कहा, बल्कि उनका मतलब था कि वह 'आतंकित कर रहे हैं'। खड़गे ने कहा, 'वे लोगों और राजनीतिक पार्टियों को आतंकित (terrorise) कर रहे हैं। मैंने कभी यह नहीं कहा कि वे शाब्दिक रूप से आतंकवादी हैं।' उन्होंने जोड़ा कि मोदी सरकार सत्ता का दुरुपयोग कर विपक्ष को दबा रही है। बीजेपी ने मंगलवार को भी चुनाव आयोग को पत्र लिखकर खड़गे से सार्वजनिक माफी मांगने और उनके खिलाफ BNS की धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 22:19:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>महिला आरक्षण विधेयक पर पीएम मोदी कर रहे राजनैतिक ड्रामा-प्रमोद तिवारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज, प्रतापगढ़।</strong> राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी एवं प्रदेश कांग्रेस विधान मण्डल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर रविवार को प्रधानमंत्री को आड़े हाथों लिया है। सांसद प्रमोद तिवारी एवं विधायक मोना ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक को लेकर संविधान संशोधन का प्रधानमंत्री मोदी का प्रयास देश की जनता के साथ छल व धोखा तथा राजनीतिक ड्रामा है। उन्होंने कहा कि स्पीकर और पार्टी अध्यक्ष के साथ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में प्रधानमंत्री को चुनौती है कि वह इसका प्रमुख किसी सक्षम महिला को बनायें।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176627/pm-modi-is-doing-political-drama-on-womens-reservation-bill"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260325-wa0044(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज, प्रतापगढ़।</strong> राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी एवं प्रदेश कांग्रेस विधान मण्डल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर रविवार को प्रधानमंत्री को आड़े हाथों लिया है। सांसद प्रमोद तिवारी एवं विधायक मोना ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक को लेकर संविधान संशोधन का प्रधानमंत्री मोदी का प्रयास देश की जनता के साथ छल व धोखा तथा राजनीतिक ड्रामा है। उन्होंने कहा कि स्पीकर और पार्टी अध्यक्ष के साथ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में प्रधानमंत्री को चुनौती है कि वह इसका प्रमुख किसी सक्षम महिला को बनायें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि इस विधेयक को लेकर भाजपा की नीति और नियति कभी सही नहीं रही है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक की आड़ में परिसीमन पर संशोधन को लेकर आखिर संसद सत्र के पूर्व सरकार ने सर्वदलीय बैठक नहीं बुलायी। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि 2023 में महिला आरक्षण विधेयक पर कांग्रेस समेत सम्पूर्ण विपक्ष ने समर्थन देकर पारित करा दिया पास हुए विधेयक को तीन साल तक आखिर अमल में नहीं लाया गया।सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि संविधान को समझने वाला हर देशवासी आज विपक्ष का आभारी है कि उसने संविधान संशोधन के जरिये सत्ता में बने रहने के लिए भाजपा के षड़यंत्र को विफल कर दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि कड़वी सच्चाई यह है कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनाव को देखकर मोदी सरकार ने महिला आरक्षण विधेयक के नाम पर सिर्फ राजनैतिक स्टंट खड़ा करने का प्रयास किया है।वहीं प्रदेश कांग्रेस विधान मण्डल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि विपक्ष ने एक जुट होकर संविधान की रक्षा की है।उन्होंने कहा कि उन्नाव पीड़िता को भाजपा द्वारा संरक्षण देने और हाथरस की बेटी को इंसाफ दिलाने में विफलता को लेकर पीएम मोदी को क्षमा याचना करनी चाहिए।उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने पंचायत में महिलाओं को आरक्षण का कानून पेश किया तब भाजपा ने ही उस समय इस आरक्षण का विरोध किया था।सांसद प्रमोद तिवारी एवं विधायक मोना का संयुक्त बयान रविवार को मीडिया प्रभारी ज्ञान प्रकाश शुक्ल के हवाले से निर्गत हुआ है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 20:11:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नारी बन्दन बिल के सहारे  बीजेपी बंगाल जीतना चाहती थी या चीन मॉडल लागू करना चाहती थी </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रोफेसर अशोक कुमार </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> देश में एक तरफचुनाव का वातावरण बना था पांच राज्यों में चुनाव हो रहा था ।तीन राज्यों का चुनाव भी एक चरण में पूरा होगया है ।दो मजबूत राज्यों बंगाल और तामिलनाडु में तीन चरणों में चुनाव होने वाला है।बंगाल के चुनाव में नब्बे लाख वैध मतदान का नाम चुनाव आयोग हटा दिया है । चुनाव आयोग के इस कृत्य को देश की जनता सब देख रही है। सुन रही जान रही पर मौन है।मौन जब तुटता है तो तूफ़ान  आ जाता है । भारत की जनता  कब अपना मौन तोड़ेगी यह समय बतायेगा।पर बंगाल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176611/bjp-wanted-to-win-bengal-with-the-help-of-nari"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img_20260417_2100471.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रोफेसर अशोक कुमार </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> देश में एक तरफचुनाव का वातावरण बना था पांच राज्यों में चुनाव हो रहा था ।तीन राज्यों का चुनाव भी एक चरण में पूरा होगया है ।दो मजबूत राज्यों बंगाल और तामिलनाडु में तीन चरणों में चुनाव होने वाला है।बंगाल के चुनाव में नब्बे लाख वैध मतदान का नाम चुनाव आयोग हटा दिया है । चुनाव आयोग के इस कृत्य को देश की जनता सब देख रही है। सुन रही जान रही पर मौन है।मौन जब तुटता है तो तूफ़ान  आ जाता है । भारत की जनता  कब अपना मौन तोड़ेगी यह समय बतायेगा।पर बंगाल के चुनाव में जो भी वोटर लिस्ट में धांधली हो रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">  यह एक लोकतांत्रिक देश के लिए शुभ संकेत नहीं है।  अपने ही नागरिकों का वोट का अधिकार छीन कर उनको विदेशी नागरिक कहना उचित नहीं है पर 2014से एक धर्म विशेष के लोगों को हर राज्य में नया नामकरण दिया गया घूसपैठिये और आज तक यानि 2014से अब तक कितने घुसपैठिए हर राज्य में मिले भारत सरकार जनता को चुनाव में नहीं बता पा रही है।  बस एक नरेटिव कि बंगाल में ममता चुनाव घुसपैठियों के वोट से जीत रही है एक धर्म के वोट से जीत रही  है उनको वोट के अधिकार से वंचित करना है । जो चुनाव आयोग सरकार का कठपुतली बन कर कर दिया। नब्बे लाख का नाम काट दिया।  अब चुनाव में वोट नहींदेगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विपक्ष का आरोप सही कि देश की सभी सम्वैधानिक संस्थानों पर व  न्यायालय हो चुनाव आयोग हो ई डी सी बी आई हर पर एक पार्टी एक विचार धारा का कब्जा हो गया है।यह बात भारत के जनमानस के  साथ  विश्व के जनमानस में भी यही गुज रहा है कि 2014के बाद भारत में लोकतंत्र कमजोर होगया।  बस एक नेता एक पार्टी कीबात होनेलगी है विपक्ष कहीं जिन्दा नहीं  रहे।उसको संसद से सड़क तक लड़ने का अधिकार नहीं जब जब संसद से सड़क पर आया लड़ने उसको देशद्रोही पाक परस्त छदम सेकुलर अवसर वादी न जाने किन किन अलंकरणों से भारतीय मिडिया भाजपा का आईटी सेल सोशल मिडिया अलंकृत करता रहता है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बंगाल के चुनाव में एक और बात बहुत दिलचप्स  हो रही की कभी ममता के विधायक रहे हुमाऊ कबीर ममता को छोड़ कर भाजपा में गये फिर वहां से सौदे बाजी करके अलग पार्टी बनाया। भाजपा ने ममता को हराने के लिए एक हजार करोड़ और उपमुख्यमंत्री के पद पर समझौता किया यह बात एक स्टिंग ऑपरेशन करके किसी ने खुलासाकर दिया  विडियो बनाकर  सोशल मिडिया में चला रहा है। मैं यह नहीं कह सकता हूं दावे के साथ की यह विडियो सही या ग़लत  है।जो सोशल मिडिया पर चल रहा उसी की बात कर रहा हूं। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सच क्या है जांच हो तो सब जनता जाने ।इसी विडियो से  परेशान होकर देश की सरकार  जो हर समय बस  चुनाव में रहती हैं परेशान हो ग ई जीत का सपना जो बंगाल में  देख रही थी  काबफूर होने लगा। तब वह  एक नया गेम प्लान लेकर आई कि बीच चुनाव में ही संसद का विशेष सत्र तीन दिन का बुला लिया कि अब देश की नारी आधी आबादी शायद बंगाल जीतादे।  जो  नारी शक्ति वन्दन बिल यानि महिला आरक्षण 2023मे पास हो चुका है और 2029के चुनाव में लागू होगा  जिसमें जनगणना और परिसीमन की बात थी ।उसको बदलने के लिए ही विशेष सत्र को बुलाया जो गलत है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लोकतंत्र में संख्या बल का खेल है। तो सरकार सत्ता में संसद का विशेष सत्र बुला लिया।और तीन अलग अलग बिल पेश कर दिया। 16अप्रैल से बहस चल रही है 17शाम चार बजे के बाद वोटिंग होगी  इस में भी सरकारकिस नियम से वोटिंग करायेगी।इस महिला बिल का विपक्ष समर्थन कर रहा उनका कहना है महिलाओं को आरक्षण 545सासद के वर्तमान नम्बर में से कर दिया जाये।  लेकिन भाजपा कह रही हम देश में नये राजाओं की संख्या बढायेंगे वह 850करके उस संख्या में से महिलाओं को तैंतीस प्रतिशत आरक्षण देने की बात कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लेकिन इस आरक्षण में भी एक खेल होगया अनुसुचित जाति और अनुसूचितजन जाति को तो लिया है परन्तु पिछड़ी जाति को आरक्षण में नहीं लिया है।विपक्ष का कहना है फिर परिसीमन  नहीं हो गा तबतक जब तक  जनगणना नही हो जायेगी जनगणना जातिय आधार पर होगी उसके बाद ही महिलाओं को आरक्षण और संसदों तथा प्रदेश में विधानसभा में विधायकों की संख्या बढ़ेगी। भाजपा परिसीमन को जनगणना से नहीं जोड़ना चाहती है भाजपा कि एक मंशा यह भी होगी कि परिसीमन बिल पास कराले। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">न ई जनगणना में जातियों की गणना नहीं करायेगे यह आशंका है कि जातिय जनगणाना भाजपा नहीं करना चाहती है।अगर जातिय जन गणना देश की होगी तो बहुत कुछ देश में बदल जायेगा राजनिति का सन्तुलन भी गड़बड़ होगा फिर नारा वहीं चलेगा जिसकी जितनी सख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी ।इसी कारण से यह तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया गया।है या इस सत्र के परिणाम को जनता में ले जाकर सहानभूति लेने का राजनिति चाल  था।  बंगाल के चुनाव प्रचार में पता चलेगा बिल के पीछे का असली मकसद  क्या था या नकली चेहरा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी कारण भाजपा 2011या किसी भी जनगणना से किसी भी राज्य की संसदों की सख्या निर्धारित करने का एकाधिकार चाहती है। जो बहुत ग़लत है विपक्ष विरोध कर रहा यह तो निश्चित है जिस राज्य में जन संख्या कम होगी वहां सांसद कम होंगे इस बिल से उत्तर भारत में यूं पी बिहार राजस्थान  एम पी में सांसदों की संख्या बढ़ेगी और इन राज्यो  की तुलना में दक्षिण राज्यों में कम संख्या सांसदों की होगी पूर्वोत्तर राज्यों में भी कामोवेश यही होगा ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब एक न ई लड़ाई इस बिल से उत्तर भारत और दक्षिण भारत में शुरू होगया है यह सब एक सुनियोजित चाल से भारत में लोकतंत्र को चीनी लोकतंत्र में बदलने का कुचक्र  तो नहीं चल रहा है कि चुनाव में दो तिहाई बहुमत मिले सम्विधान बदले और चीनी राष्ट्रपति की प्रणाली बना कर  भाजपा सत्ता में सदा के लिए बनी रहे  अगर मंशा साफ होता तो  महिलाओं को आरक्षण  तो2024मे दे दिया होता। पर नारी के पीछे छिपकर देश में नया लोकतंत्र स्थापित करने की एक मंशा है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परन्तु इस बिल में एक बात और है कि राज्य सभा कि सीट नहीं बढ़ाया जा रहा अनुपातिक तौर पर राज्य सभा में भी सीट बढ़े।  कारण अगर विधानसभा में हर राज्य में पचास प्रतिशत सीट बढ़ रही है तो राज्य सभा का क्योंनही बढ़ेगी। यह और तरह का खेल है कि अगर राज्य सभा में बहुमत नहीं होगा तो दोनों सदनों को मिलाकर कोई बिल‌विधेयक पास हो जायेगा विपक्ष यहां क्यौ मौन है राज्य  सभा में बढ़े पचास प्रतिशत।विपक्ष यह चाल भाजपा का समझ गया और या जाल मेंनही फंसा उस कबुतर की तरह । इस बिल से आभास हो रहा है नाम नारी शक्ति वन्दन पर खेल कुछ और है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब बंगाल का चुनाव बिल पास होगा तब भी नहीं पास होगा तब भी नारीशक्ति वन्दन के सहारे चलेगा सारा फोकस भाजपा का यही होगा  कि हम नारी सम्मान करतेहै  बिल आपके लिए शक्ति देगा नहीं पास हुआ तो  विपक्ष नारी विरोधी है यही गुंजेगा।परन्तु एक बात जो जनता को पूछना होगा अपने नेताओं से कि हम भारत के नागरिक इतने अमीर हो गये है कि 545राजा ससद के चार हजार विधानसभा के राजाओं  के ऐशो आराम के लिए जो अभी टैक्स दे रहे हैं। फिर 307सासदो और 2100 विधायको को जो बिल पास होने के बाद आयेंगे इनको पालने के लिए कितना और टैक्स देंगे लगभग हर वर्ष सभी राजाओं को पालने ऐशो आराम के लिए पन्द्रह हजार करोड़ लगेगा कहा से आयेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कैसे आयेगा क्या और टैक्स लगेगा कोई राजनेता संसद में यह बात नहीं कर रहा नहीं सत्ता पक्ष यह जनता को बता रहा हैं कि इन सभी राजाओं को पालने का खर्च किस मद से होगा बस नारी शक्ति वन्दन हो रहा है। इन राजाओं के साथ साथ देश की जनता पूर्व सांसदों विधायकों को भी पाल रही है।इनके लालनपालन पर हर वर्ष ग्यारह हजार करोड़ खर्च होता पेंशन और मुफ्त यात्रा में यह सब गरीब भारत की जनता है पांच किलो मुफ्त राशन वाले असृसी करोड़ भी इनके लालपाल में अपना योगदान दे रहे हैं।अब भारत इतना अमीर तो नहीं है कि हजारों राजाओं को अपने। जनता के टैक्स पर पाले जा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">देश के उस समय अटल की सरकार ने 2003मे सरकारी कर्मचारियों का पेंशन यह कह कर बन्द कर दिया कि देश की जीडीपी पेंशन के भार को नहीं उठा पायेगी परन्तु इन राजाओं का  पेंशन वेतन मुफ्त आवास चिकित्सा यात्रा भत्ता देश  उठा रहा है।पर हम जनता मौन है। अपने लड़कों के हक में नहीं बोल रहे हैं।यह बिल जो लाया गया है देश हित में नहीं है जितनी पहले सांसदों की सख्या है उसी में से महिलाओं को आरक्षण दिया जाये सांसदों और विधायकों की सख्या न बढ़ाई जाये नहीं तो जनता कभी भी सड़क पर आयेगी तो क्या दृश्य होगा इसकी कल्पना कोई राजनेता या ज्योतिषी नहीं कर सकता है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यदि नये राजाओं की संख्या देश में बढ़ी तो शायद फिर देश में कोई नया गांधी सुभाष आजाद भगत बनकर जरूर आयेगा इन राज्यों से मुक्ति जनता को मिलेगी जैसे मुगलों से अग्रेजो से देशी राजाओं से मिला था उसी तरह फिर लड़ना होगा नये राजाओ को हटाने के लिए ।भाजपा का मकसद नारी के नाम को चुनाव में लेकर सत्ता तक पहुचना है। वह नारी सम्मान कितना किये है और करेंगे संसद में  दिये गये भाषण को जनता याद कर रही कि आज वही व्यक्ति नारी वन्दन कर रहा जो कभी किसी नारी को विधवा न जाने कैसे कैसे अलंकरणों से सुशोभित किया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भाजपा के ऊपर जो तमाम आरोप लग रहे हैं उसी से जनता और महिलाओं के ध्यान को हटाने के लिए बंगाल तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए यह बिल लाया गया भाजपा को पता है बिल पास नहीं होगा फिर भी यह खेल किया कि चुनाव में विपक्ष को महिलाओं के विरोधी के रुप में स्थापित करके अपनी छबि को बचाने का नया कुचक्र  है।विपक्ष जब मांग कर रहा था कि ईरान अमेरिका इजरायल युद्ध और देश की ऊर्जा सुरक्षा पर बहस के लिए विशेष संसद का सत्र बुलाने की मांग नहीं माना और चर्चा नहीं हुआ वह ईरान पर मौन बस इजरायल अमेरिका के साथ खड़े हैं अब क्यों अमेरिका इजरायल के साथ है यह कूटनिती की कोई भाषा होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कल संसद में मोदी गारंटी दे रहे थे बिल की पर शायद वह हर चुनाव में गारंटी देते आरहे है क्यो पूरा नहीं हुआ दोकरोड रोजगार बिहार में उघोग सौ स्मार्ट सीटी सब कहां  है।अब तो बिल पास नहीं हुआ। यह जो बिल गिरा भारत बच गया अगर बिल पास होगया होता तो 2029मेका आखिरी चुनाव होता या 2027मे मध्यावधि चुनाव कराकर सम्विधान बदले देते की भारत में एक दलित प्रणाली ही होगी।पर विपक्ष की गजब की एक जुटता कल देखने को मिला बिल गिर गया देश बच गया।अब  पांच राज्योचुनाव परिणाम का इन्तजार करे वैसे महंगाई के लिए भी जनता कमर कस ले।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">29अप्रैल शाम पांच बजे देश का मौसम गुलाबी होगा जब तेल के दाम बढ़ेंगे यानही बढ़ेंगे  तब भी  भी मौसम गुलाबी रहेगा कारण पांच राज्यों का एक्जिट पोल पर बहस होगी कौन मुख्य मंत्री बनेगा तमाम बातें होंगी फिर लोग नारी शक्ति वन्दन भूल जायेंगे। इस माडल को हराने में दक्षिण के राज्य तृणमूल कांग्रेस के सहयोग की सराहना होनी चाहिए भाजपा समर्थक ससद दक्षिण के जो थे जनता उनसे हिसाब ले क्यों दक्षिण से धोखा किया।।अभी इसे जीत न माने न खुशी माने यह तो बस आरम्भ है।अभी सत्ता से विपक्ष को और लड़ना होगा जनता को भी  लड़ना होगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 19:55:11 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राहुल गांधी बोले- महिला आरक्षण के नाम पर ओबीसी का हिस्सा चोरी करना चाहते हैं- प्रधानमंत्री मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:mangal, serif;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong></span>लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को आरोप लगाया कि पीएम मोदी महिला आरक्षण के नाम पर अन्य पिछड़ा वर्गों (ओबीसी) का हिस्सा चोरी करना चाहते हैं, जो ‘राष्ट्र विरोधी गतिविधि’ है। राहुल गांधी ने लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संवैधानिक संशोधन विधेयक पेश किए जाने से एक दिन पहले जारी वीडियो संदेश में कहा कि अगर सरकार महिला आरक्षण लागू करना चाहती है,</p>
<p style="text-align:justify;">  तो वह वर्तमान नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू कर सकती है और परिसीमन भी नयी जनगणना के आधार पर होना चाहिए, क्योंकि उसमें ओबीसी की आबादी का आंकड़ा होगा।कांग्रेस</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176407/rahul-gandhi-said-wants-to-steal-obcs-share-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/154086465.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span style="font-family:mangal, serif;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong></span>लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को आरोप लगाया कि पीएम मोदी महिला आरक्षण के नाम पर अन्य पिछड़ा वर्गों (ओबीसी) का हिस्सा चोरी करना चाहते हैं, जो ‘राष्ट्र विरोधी गतिविधि’ है। राहुल गांधी ने लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संवैधानिक संशोधन विधेयक पेश किए जाने से एक दिन पहले जारी वीडियो संदेश में कहा कि अगर सरकार महिला आरक्षण लागू करना चाहती है,</p>
<p style="text-align:justify;"> तो वह वर्तमान नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू कर सकती है और परिसीमन भी नयी जनगणना के आधार पर होना चाहिए, क्योंकि उसमें ओबीसी की आबादी का आंकड़ा होगा।कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण का पूरी तरह से समर्थन करती है, लेकिन सरकार इसके नाम पर कुछ और करना चाहती है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने दावा किया, ‘‘अब बहुत बड़ी बेईमानी की जा रही है। प्रधानमंत्री नहीं चाहते हैं कि जाति जनगणना और नयी जनगणना के आधार पर यह (महिला आरक्षण) निर्णय लिया जाए। प्रधानमंत्री आपकी (ओबीसी) भागीदारी आप से छीन रहे हैं। वह चाहते हैं कि 2011 की जनगणना का इस्तेमाल किया जाए, जिसमें अन्य पिछड़ा वर्गों की संख्या नहीं है। वह आपकी (ओबीसी) भागीदारी छीनना चाहते हैं।’’</p>
<p style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी के लोग घबरा गए हैं, क्योंकि जाति जनगणना के आंकड़े आना शुरू हो गए हैं। उन्हें पता लग गया है कि पिछड़ों की कितनी आबादी है। वे नहीं चाहते कि आपको (ओबीसी) आबादी के हिसाब से भागीदारी मिले। यह राष्ट्र-विरोधी गतिविधि है।’’</p>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस नेता ने प्रस्तावित परिसीमन को ‘‘खतरनाक’’ करार दिया और कहा, ‘‘सच्चाई यह है कि मोदी जी जो चाहते हैं, अगर वह हो जाए, तो उससे दक्षिण के राज्यों, पश्चिम के छोटे राज्यों और पूर्वोत्तर के राज्यों को भयंकर नुकसान होगा। यह राष्ट्र-विरोधी गतिविधि है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारा रुख है कि आप (प्रधानमंत्री) 2026 में हो रही जनगणना के आधार पर (परिसीमन) कीजिए और 2011 की जनगणना के आधार पर मत कीजिए, क्योंकि उसमें ओबीसी का आंकड़ा नहीं है।’’</p>
<p style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने कहा, ‘‘अगर आप (प्रधानमंत्री) महिला आरक्षण अधिनियम लागू करना चाहते हैं, तो आपके पास एक अधिनियम पड़ा हुआ है, उसे लागू कीजिए। हम पूरा समर्थन करेंगे। मगर हम आपको अन्य पिछड़ा वर्गों, दक्षिण भारतीय राज्यों और छोटे प्रदेशों के खिलाफ काम नहीं करने देंगे।’’</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ‘‘मोदी जी, मैं समझता हूं कि आप देश को यह संदेश देना चाहते हैं कि आप महिला समर्थक हैं। मैं जानता हूं कि आप एप्स्टीन फाइल से डरे हुए हैं।’ राहुल गांधी ने कहा, ‘‘आप चाहते हैं कि आपके मुताबिक सीटें बढ़ें, आपके मुताबिक परिसीमन हो और ओबीसी को कुछ नहीं मिले। हम आपको ऐसा नहीं करने देंगे।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 21:01:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली की एक अदालत ने रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले का संज्ञान लिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार को एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) द्वारा एंटरप्रेन्योर और कांग्रेस लीडर प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ फाइल किए गए मनी लॉन्ड्रिंग केस पर संज्ञान लिया। राउज़ एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज (PC Act) सुशांत चंगोत्रा ने कहा कि ED की तरफ से फाइल की गई प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (चार्जशीट के बराबर) और डॉक्यूमेंट्स की बड़ी जांच से वाड्रा के खिलाफ "मौजूदा कंप्लेंट केस में आगे बढ़ने के लिए काफी मटीरियल का पता चलता है"।इसलिए, कोर्ट ने वाड्रा को समन जारी किया।</p>
<p style="text-align:justify;">वाड्रा के अलावा, कोर्ट ने केवल सिंह विर्क, स्काई लाइट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176398/a-delhi-court-takes-cognizance-of-money-laundering-case-against"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/_robert-vadra-1776249470321.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार को एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) द्वारा एंटरप्रेन्योर और कांग्रेस लीडर प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ फाइल किए गए मनी लॉन्ड्रिंग केस पर संज्ञान लिया। राउज़ एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज (PC Act) सुशांत चंगोत्रा ने कहा कि ED की तरफ से फाइल की गई प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (चार्जशीट के बराबर) और डॉक्यूमेंट्स की बड़ी जांच से वाड्रा के खिलाफ "मौजूदा कंप्लेंट केस में आगे बढ़ने के लिए काफी मटीरियल का पता चलता है"।इसलिए, कोर्ट ने वाड्रा को समन जारी किया।</p>
<p style="text-align:justify;">वाड्रा के अलावा, कोर्ट ने केवल सिंह विर्क, स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड (अब स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी LLP), स्काई लाइट रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड, रियल अर्थ एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड (अब रियल अर्थ एस्टेट्स LLP) और ब्लू ब्रीज़ ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड (अब ब्लू ब्रीज़ ट्रेडिंग LLP) को भी समन जारी किया।</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने आदेश दिया, "इसलिए, मैं प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 के सेक्शन 70 के साथ सेक्शन 3 के तहत अपराधों का संज्ञान लेता हूँ, जो एक्ट के सेक्शन 4 के तहत आरोपी नंबर 1, 3, 4, 5, 6, 7, 9, 10 और 11 के लिए सज़ा के लायक हैं। आरोपी 1, 3, 4, 5, 6, 7, 9, 10 और 11 को अगली तारीख पर कोर्ट में पेश होने के लिए समन जारी करें।"</p>
<p style="text-align:justify;">यह मामला 2008 में गुरुग्राम में एक ज़मीन के लेन-देन से जुड़ा था, जहाँ वाड्रा से जुड़ी एक कंपनी ने कथित तौर पर रजिस्ट्रेशन के समय घोषित पेमेंट किए बिना एक फर्जी सेल डीड के ज़रिए ₹7.5 करोड़ में 3.5 एकड़ ज़मीन हासिल कर ली थी। यह आरोप है कि ज़मीन रिश्वत के तौर पर दी गई थी ताकि वाड्रा हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके उसी गाँव में हाउसिंग लाइसेंस ले सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">चार साल बाद, लाइसेंस जारी होने के बाद, ज़मीन DLF को ₹58 करोड़ में बेच दी गई। गुरुग्राम के वज़ीराबाद में करीब 350 एकड़ ज़मीन भी कथित तौर पर गलत तरीके से DLF को अलॉट की गई थी, जिससे उसे करीब ₹5,000 करोड़ का प्रॉफ़िट हुआ। अपने ऑर्डर में, जज चंगोत्रा ने कहा कि हालांकि ED की प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट में यह नहीं बताया गया है कि DLF या उसके अधिकारियों की इस मामले में जांच हुई है या नहीं, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि आगे की जांच में DLF के खिलाफ़ बताए गए फैक्ट्स शामिल होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने कहा, "उम्मीद है कि आगे की जांच में ऊपर बताए गए फैक्ट्स शामिल होंगे ताकि मामले में पूरा इंसाफ़ हो सके और अगर मेसर्स DLF यूनिवर्सल प्राइवेट लिमिटेड की तरफ़ से कोई खुला काम या चूक पाई जाती है, तो ऐसे कामों या चूक के लिए ज़िम्मेदार लोगों की भूमिका की भी पूरी तरह से जांच की जाएगी।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 20:46:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत पर लगाई रोक</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को तेलंगाना हाईकोर्ट से मिली अग्रिम जमानत के फैसले पर रोक लगा दी है। यह मामला असम पुलिस द्वारा दर्ज एक एफआईआर से जुड़ा है। असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा ने यह एफआईआर दर्ज कराई थी।पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को रिंकी भुइयां सरमा पर तीन आलग-अलग देशों का पासपोर्ट रखने का आरोप लगाया था।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस ए.एस. चांदुरकर की बेंच ने पवन खेड़ा और अन्य लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176303/supreme-court-bans-anticipatory-bail-of-pawan-kheda"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/114185-pawan-khera-supreme-court.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को तेलंगाना हाईकोर्ट से मिली अग्रिम जमानत के फैसले पर रोक लगा दी है। यह मामला असम पुलिस द्वारा दर्ज एक एफआईआर से जुड़ा है। असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा ने यह एफआईआर दर्ज कराई थी।पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को रिंकी भुइयां सरमा पर तीन आलग-अलग देशों का पासपोर्ट रखने का आरोप लगाया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस ए.एस. चांदुरकर की बेंच ने पवन खेड़ा और अन्य लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई तीन हफ्ते बाद होगी।सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ असम सरकार द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी करते हुए यह अंतरिम आदेश पारित किया।असम सरकार की ओर से पेश होते हुए भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि पवन खेड़ा की याचिका में इस बात का कोई जिक्र नहीं था कि तेलंगाना में यह अधिकार क्षेत्र कैसे बनता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तुषार मेहता ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट इस तथ्य को नजरअंदाज कर गया कि इनमें से एक अपराध के लिए अधिकतम 10 साल की जेल की सजा का प्रावधान है।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सुनवाई के दौरान पवन खेड़ा की तरफ से पेश किए गए नोट में बताया गया था कि उनकी पत्नी हैदराबाद में रहती हैं। लेकिन सॉलिसिटर जनरल ने इसके खिलाफ दलील दी कि उनकी पत्नी के आधार कार्ड में उन्हें दिल्ली का निवासी दिखाया गया है। सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि अगर ऐसा है, तो कोई भी व्यक्ति पूरे देश में कहीं भी प्रॉपर्टी खरीद सकता है और अपनी पसंद की जगह से अग्रिम जमानत मांग सकता है। उन्होंने कहा कि यह 'फोरम-शॉपिंग' है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 'प्रिया इंदोरिया' मामले में अपने फैसले में ऐसी हरकतों को गलत ठहराया था।सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि यह प्रक्रिया का पूरी तरह से दुरुपयोग है। उन्होंने यह नहीं बताया है कि वह असम क्यों नहीं जा सकते।  सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि याचिका में उन्होंने यह भी नहीं कहा है कि उनकी पत्नी की हैदराबाद में कोई संपत्ति है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम तेलंगाना हाईकोर्ट के आदेश से हैरान हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पवन खेड़ा ने अग्रिम जमानत की अवधि बढ़ाने के लिए एक अर्जी दाखिल की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">10 अप्रैल को तेलंगाना हाई कोर्ट ने पवन खेड़ा को कुछ शर्तों के साथ एक सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी। पवन खेड़ा के खिलाफ केस गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। यह एफआईआर पवन खेड़ा की 5 अप्रैल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोपों के आधार पर दर्ज की गई थी। पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया था कि सीएम हिमंत बिस्व सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा के पास कई पासपोर्ट हैं। साथ ही विदेशों में उनकी प्रॉपर्टी है। सीएम हिमंत ने चुनावी हलफनामे में इन तथ्यों के बारे में जानकारी नहीं दी है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 21:23:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मधु किश्वर का पीएम पर फिर हमला- उस फाइल में मोदी के खिलाफ क्या था, अफसर कौन था</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>बीजेपी और मोदी समर्थक मानुषी पत्रिका की संस्थापक संपादक प्रो. मधु किश्वर ने प्रधानमंत्री पर गुरुवार 2 अप्रैल को फिर हमला बोला है। इस बार उन्होंने मोदी से जुड़ी गोपनीय फाइल और एक आला अफसर का जिक्र किया है। पिछली बार महिलाओं को लेकर बोला था।</p>
<p style="text-align:justify;">मधु किश्वर ने गुरुवार को एक्स पर एक लंबे ट्वीट में लिखा है- यह चौंकाने वाली जानकारी मुझे एक ऐसे व्यक्ति से मिली है, जिसके पास प्रधानमंत्री के बारे में अंदरूनी सूचनाओं का अच्छा-खासा भंडार है। मूल तथ्यों की पुष्टि कोई भी व्यक्ति साधारण गूगल सर्च के जरिए कर सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175045/madhu-kishwar-attacks-pm-again-what-was-there-against"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/44.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>बीजेपी और मोदी समर्थक मानुषी पत्रिका की संस्थापक संपादक प्रो. मधु किश्वर ने प्रधानमंत्री पर गुरुवार 2 अप्रैल को फिर हमला बोला है। इस बार उन्होंने मोदी से जुड़ी गोपनीय फाइल और एक आला अफसर का जिक्र किया है। पिछली बार महिलाओं को लेकर बोला था।</p>
<p style="text-align:justify;">मधु किश्वर ने गुरुवार को एक्स पर एक लंबे ट्वीट में लिखा है- यह चौंकाने वाली जानकारी मुझे एक ऐसे व्यक्ति से मिली है, जिसके पास प्रधानमंत्री के बारे में अंदरूनी सूचनाओं का अच्छा-खासा भंडार है। मूल तथ्यों की पुष्टि कोई भी व्यक्ति साधारण गूगल सर्च के जरिए कर सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिस दिन नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली, उसी दिन मनमोहन सिंह के 2011 से कैबिनेट सचिव रहे अजीत कुमार सेठ उनसे मिलने पहुंचे। उनके पास एक मोटी फाइल थी और उन्होंने कहा, “डॉ. साहब (मनमोहन) ने सुझाव दिया है कि आप इस फाइल को ध्यान से देखें।”</p>
<p style="text-align:justify;">मधु किश्वर आगे लिखती हैं कि मोदी जी ने जैसे ही फाइल के पन्ने पलटने शुरू किए, उनका चेहरा फीका पड़ गया, क्योंकि उस फाइल में उनके खिलाफ कई आपत्तिजनक जानकारियां थीं। घबराए हुए मोदी ने सेठ से पूछा, “यह आपके पास कैसे पहुंची?” सेठ ने शांत स्वर में जवाब दिया, “कैबिनेट सचिव होने के नाते, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की सभी महत्वपूर्ण फाइलें मेरे पास आती हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">मोदी जी ने चुपचाप फाइल लौटा दी और संकेत समझ गए। इसके बाद अजीत कुमार सेठ को न सिर्फ कार्यकाल विस्तार दिया गया, बल्कि उन्हें मोदी जी का ही कैबिनेट सचिव नियुक्त कर दिया गया। मधु के मुताबिक इसका मतलब यह हुआ कि मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री कार्यालय की गतिविधियों और निर्णयों तक पहुंच बनी रही।</p>
<p style="text-align:justify;">मधु किश्वर का ट्वीट में कहना है कि अजीत कुमार सेठ को 2014 में विस्तार दिया गया और वे जून 2015 तक इस पद पर रहे। क्या आपने दुनिया में कहीं सुना है कि कोई प्रधानमंत्री अपने कट्टर विरोधी के सबसे भरोसेमंद वरिष्ठ अधिकारी को अपने ही पीएमओ का प्रमुख नियुक्त करे? रिटायरमेंट के बाद भी सेठ को एक और पुरस्कार के रूप में सार्वजनिक उपक्रम चयन बोर्ड (PESB) का अध्यक्ष बना दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">एक्टिविस्ट मधु किश्वर ने उसी ट्वीट में लिखा है कि यह संभवतः इस बात से समझा सकता है कि तमाम तीखी बयानबाजी के बावजूद, तथाकथित “56 इंच की छाती” वाले नेता ने सोनिया गांधी, रॉबर्ट वाड्रा, चिदंबरम और अन्य लोगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई करने की हिम्मत क्यों नहीं दिखाई। जबकि वे खुद उन पर विदेशी खातों और अन्य आरोप लगाते रहे हैं। यह सिर्फ सोनिया गांधी ही नहीं हैं, बल्कि भारत और विदेशों में कई अन्य लोग भी हैं जिनके पास “महामानव” के कथित काले कारनामों की जानकारी है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>मोदी के 56 इंच सीने का मज़ाक</strong></p>
<p style="text-align:justify;"> ट्वीट में मधु लिखती हैं- इसी वजह से मोदी जी को भारत के सबसे असुरक्षित राजनेताओं में से एक बताया जाता है, और यही कारण है कि वे बड़े-बड़े दावे और आक्रामक बयानबाजी करते नजर आते हैं। भारत और दुनिया में भ्रष्ट राजनेताओं की कमी नहीं है, लेकिन खुद को संत की छवि में पेश करने की इतनी कोशिश शायद ही किसी ने की हो, जितनी “56 इंच” वाले नेता करते हैं। जनता को संबोधित करते समय उनकी आवाज में लगातार उत्तेजना और खुद को निस्वार्थ महात्मा के रूप में प्रस्तुत करने का दिखावा इसी का हिस्सा बताया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी वजह से मोदी जी को भारत के सबसे असुरक्षित राजनेताओं में से एक बताया जाता है, और यही कारण है कि वे बड़े-बड़े दावे और आक्रामक बयानबाजी करते नजर आते हैं। भारत और दुनिया में भ्रष्ट राजनेताओं की कमी नहीं है, लेकिन खुद को संत की छवि में पेश करने की इतनी कोशिश शायद ही किसी ने की हो, जितनी “56 इंच” वाले नेता करते हैं। जनता को संबोधित करते समय उनकी आवाज में लगातार उत्तेजना और खुद को निस्वार्थ महात्मा के रूप में प्रस्तुत करने का दिखावा इसी का हिस्सा बताया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मधु किश्वर ने इसी बात का विस्तार करते हुए लिखा है- “रिकॉर्ड के लिए, 2014 के चुनाव अभियान के दौरान जब मोदी जी ने पहली बार “56 इंच की छाती” का जिक्र किया, तो मैंने व्यक्तिगत रूप से उनसे कहा था, “नरेंद्र भाई, ऐसा मत कहिए, यह अशोभनीय लगता है।”</p>
<p style="text-align:justify;">इस पर उनका जवाब था, “आम जनता को यह पसंद है, मधु जी। केवल आप जैसे बुद्धिजीवी ही परिष्कृत भाषण चाहते हैं।” अब, मोदी जी के समर्थकों से सवाल है कि वे अपने “हृदय सम्राट” से पूछें कि उन्होंने मनमोहन सिंह के कैबिनेट सचिव को अपने ही पीएमओ का शीर्ष अधिकारी क्यों नियुक्त किया? और जितना आप झूठे और अशोभनीय आरोपों से उकसाएंगे, उतनी ही और जानकारियां सामने आएंगी, जो आपके “हृदय सम्राट” को उजागर करेंगी। यानी मधु किश्वर ने भविष्य में और भी खुलासे की चेतावनी भी लगे हाथ दे दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 20:52:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>‘नकली नोट कांड’ पर सपा का पलटवार, भाजपा विधायक की फोटो से उठे सियासी सवाल, पूछताछ की उठी मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>समाजवादी पार्टी ने नकली नोट के मामले को लेकर भाजपा पर जोरदार पलटवार किया है। सपा ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर की, जिसमें देवरिया के भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी के साथ कुछ युवकों की तस्वीर है। इस पोस्ट को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी रिपोस्ट किया। सपा का आरोप है कि ये युवक नकली नोट मामले में गिरफ्तार हुए हैं, लेकिन भाजपा इन्हें सपा से जोड़कर राजनीति कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">सपा ने फोटो के साथ लिखा कि देवरिया के विधायक शलभ मणि त्रिपाठी के साथ उन लड़कों की तस्वीर सामने आई है। ये वही लड़के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174925/sps-counterattack-on-fake-note-scandal-political-questions-raised-from"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/up-politics-2.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>समाजवादी पार्टी ने नकली नोट के मामले को लेकर भाजपा पर जोरदार पलटवार किया है। सपा ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर की, जिसमें देवरिया के भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी के साथ कुछ युवकों की तस्वीर है। इस पोस्ट को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी रिपोस्ट किया। सपा का आरोप है कि ये युवक नकली नोट मामले में गिरफ्तार हुए हैं, लेकिन भाजपा इन्हें सपा से जोड़कर राजनीति कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">सपा ने फोटो के साथ लिखा कि देवरिया के विधायक शलभ मणि त्रिपाठी के साथ उन लड़कों की तस्वीर सामने आई है। ये वही लड़के हैं जिन्हें आज नकली नोट मामले में सपा का बताकर भाजपा और भाजपा सरकार का प्रशासन तथा भाजपा नेता चीख-पुकार मचा रहे हैं। सपा ने सवाल उठाए किभाजपा नेता बताएंगे कि ये लड़के शलभ मणि त्रिपाठी के लिए क्या काम करते हैं?, क्या शलभ मणि त्रिपाठी से भी नकली नोट मामले में पूछताछ होगी?</p>
<p style="text-align:justify;">सपा का कहना है कि भाजपा और उसकी सरकार वाले प्रशासन ने जानबूझकर इन युवकों को सपा से जोड़कर बदनाम करने की कोशिश की। जबकि असल में ये युवक भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी से जुड़े हुए हैं। अखिलेश यादव के रिपोस्ट करने से यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह पूरा विवाद नकली नोट छापने के एक मामले से जुड़ा है। पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। भाजपा पक्ष इन युवकों को सपा कार्यकर्ता या नेता बताकर हमला बोल रहा था। लेकिन सपा ने अब तस्वीरें शेयर करके पलटवार किया और दावा किया कि ये लोग देवरिया के भाजपा विधायक के करीबी हैं। सपा पूछ रही है कि अगर सच्चाई यही है तो फिर शलभ मणि त्रिपाठी से पूछताछ क्यों नहीं हो रही?</p>
<p style="text-align:justify;">इस मुद्दे पर भाजपा और सपा के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। सपा इसे भाजपा की साजिश बता रही है, जबकि भाजपा पहले इस मामले में सपा पर आरोप लगा चुकी है।अब सपा चाहती है कि सच्चाई सामने आए और दोषी पक्ष पर कार्रवाई हो। यह घटना उत्तर प्रदेश की राजनीति में फिर से सपा-भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू कर रही है। दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर राजनीतिक फायदे के लिए मामले को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगा रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 19:30:38 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>प्रफुल्ल पटेल ने एनसीपी पर कब्जे की कोशिश की थी? रोहित पवार का बड़ा दावा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>अजित पवार की मौत के बाद क्या पार्टी पर कब्जे की कोशिश हुई? कम से कम अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने तो यही दावा किया है। उन्होंने कहा कि एनसीपी पर प्रफुल्ल पटेल और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कब्जा करने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि इसको सुनेत्रा पवार ने विफल कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">एनसीपी (शरदचंद्र पवार गुट) के नेता और विधायक रोहित पवार ने अपने दावे के समर्थन में प्रफुल्ल पटेल और तटकरे द्वारा चुनाव आयोग को भेजे गए एक ख़त को पेश किया। हालाँकि उनके इस दावे को सुनील तटकरे ने सिरे से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174497/praful-patel-had-tried-to-capture-ncp-rohit-pawars-big"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/8e4c339aaf573ebad43719d128a9d0e490ad1805eb11ddfa51d22f29cfd89368.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>अजित पवार की मौत के बाद क्या पार्टी पर कब्जे की कोशिश हुई? कम से कम अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने तो यही दावा किया है। उन्होंने कहा कि एनसीपी पर प्रफुल्ल पटेल और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कब्जा करने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि इसको सुनेत्रा पवार ने विफल कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">एनसीपी (शरदचंद्र पवार गुट) के नेता और विधायक रोहित पवार ने अपने दावे के समर्थन में प्रफुल्ल पटेल और तटकरे द्वारा चुनाव आयोग को भेजे गए एक ख़त को पेश किया। हालाँकि उनके इस दावे को सुनील तटकरे ने सिरे से खारिज कर दिया और दावा किया कि शरद पवार गुट ही पार्टी का विलय कराकर पार्टी पर कब्जा करना चाहता था।</p>
<p style="text-align:justify;">इन आरोपों पर तटकरे ने क्या-क्या जवाब दिया है, यह जानने से पहले यह जान लें कि रोहित पवार ने क्या दावा किया है। रोहित ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल और महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने पार्टी पर कब्जा करने की कोशिश की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">रोहित पवार ने कहा कि अजित पवार की मौत 28 जनवरी को हुई थी और सिर्फ 18 दिन बाद 16 फ़रवरी को प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और एनसीपी के राष्ट्रीय सचिव बृजमोहन श्रीवास्तव ने चुनाव आयोग को एक पत्र लिखा। उन्होंने कहा कि इसमें उन्होंने झूठा दावा किया कि पार्टी के संविधान में बदलाव कर दिया गया है और कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल को सारी शक्तियां सौंप दी जाएँ।</p>
<p style="text-align:justify;">रोहित पवार ने कहा, 'यह पहले से प्लान किया गया षड्यंत्र था। उन्होंने सुनेत्रा पवार और परिवार के अन्य सदस्यों को अंधेरे में रखा। न तो सुनेत्रा पवार को बताया गया और न ही उनके बेटे पार्थ पवार को। पार्टी के विधायकों को भी कुछ पता नहीं था।' बाद में जब सुनेत्रा को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने चुनाव आयोग को एक पत्र भेजकर पहले भेजे गये पत्र को अमान्य मानने की अपील की।</p>
<p style="text-align:justify;">रोहित पवार ने मीडिया के सामने दोनों पत्र दिखाए। एक प्रफुल्ल पटेल का 16 फरवरी का पत्र और दूसरा सुनेत्रा पवार का 10 मार्च का पत्र। रोहित ने कहा है कि सुनेत्रा पवार जब पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनीं तब उन्हें इस पत्र की जानकारी मिली। उन्होंने 10 मार्च को चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कहा कि 2 जनवरी से लेकर उनके अध्यक्ष बनने तक का कोई भी पत्र मान्य नहीं होना चाहिए। इससे प्रफुल्ल पटेल की कोशिश नाकाम हो गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 21:47:31 +0530</pubDate>
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