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                <title>लखनऊ न्यूज - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>लखनऊ न्यूज RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>छह जिलों में अग्निवीर भर्ती रैलियां, मुख्य सचिव ने तैयारियों के दिए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1">लखनऊ, 10 अगस्त।</blockquote><p style="text-align:left;">उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाली अग्निवीर भर्ती रैलियों की तैयारियों को लेकर सोमवार को मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में संबंधित विभागों और जिला प्रशासन की ओर से की जा रही तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भर्ती स्थलों पर अभ्यर्थियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं।</p><p style="text-align:left;">मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में अग्निवीर भर्ती की यह तीसरी रैली आयोजित की जा रही है। इसमें बड़ी संख्या में युवा अभ्यर्थियों के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185025/agniveer-recruitment-rallies-in-six-districts-chief-secretary-gave-instructions"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/whatsapp-image-2026-08-10-at-2.30.44-pm.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">लखनऊ, 10 अगस्त।</blockquote><p style="text-align:left;">उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाली अग्निवीर भर्ती रैलियों की तैयारियों को लेकर सोमवार को मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में संबंधित विभागों और जिला प्रशासन की ओर से की जा रही तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भर्ती स्थलों पर अभ्यर्थियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं।</p><p style="text-align:left;">मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में अग्निवीर भर्ती की यह तीसरी रैली आयोजित की जा रही है। इसमें बड़ी संख्या में युवा अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में जिला प्रशासन और संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा में पूरी करें, ताकि भर्ती प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।</p><p style="text-align:left;">उन्होंने भर्ती स्थलों पर आवागमन, ठहरने, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि अधिकारियों द्वारा समय-समय पर व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाए और यदि कहीं कोई कमी सामने आती है तो उसे भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही दूर कर लिया जाए।</p><p style="text-align:left;">आकस्मिक परिस्थितियों के लिए तैयार रहें अधिकारी</p><p style="text-align:left;">मुख्य सचिव ने आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए भर्ती स्थलों पर पर्याप्त चिकित्सकीय और आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध रखने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवाओं के एकत्र होने के मद्देनजर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन की प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।</p><p style="text-align:left;">उन्होंने कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्ययोजना तैयार कर उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही भर्ती स्थलों तक पहुंचने वाले मार्गों पर यातायात प्रबंधन को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।</p><p style="text-align:left;">छह जिलों में तय हुआ भर्ती रैलियों का कार्यक्रम</p><p style="text-align:left;">बैठक में बताया गया कि प्रदेश के छह जिलों में अग्निवीर भर्ती रैलियों का आयोजन किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मेरठ में 17 अगस्त से 9 सितंबर 2026, बरेली में 14 सितंबर से 30 सितंबर 2026, लखनऊ में 11 जनवरी से 28 जनवरी 2027, वाराणसी में 2 फरवरी से 27 फरवरी 2027, आगरा में 4 मार्च से 24 मार्च 2027 तथा अयोध्या में 29 मार्च से 14 अप्रैल 2027 तक भर्ती रैलियां आयोजित होंगी।</p><p style="text-align:left;">अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निर्धारित तिथियों को ध्यान में रखते हुए भर्ती स्थलों पर सभी व्यवस्थाएं पहले से पूरी कर ली जाएं। अभ्यर्थियों की संख्या को देखते हुए आवागमन और यातायात के साथ पेयजल, स्वच्छता और चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।</p><p style="text-align:left;">सेना के अधिकारियों के साथ जिला प्रशासन ने लिया हिस्सा</p><p style="text-align:left;">बैठक में सचिव सामान्य प्रशासन अभिषेक प्रकाश, पुलिस कमिश्नर लखनऊ तरुण गाबा सहित भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बरेली, लखनऊ, वाराणसी, आगरा, अयोध्या और मेरठ के जिलाधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।</p><p style="text-align:left;">मुख्य सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ काम करने और भर्ती प्रक्रिया को व्यवस्थित एवं सुचारु ढंग से संपन्न कराने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भर्ती में शामिल होने वाले युवाओं को किसी भी स्तर पर अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित की जाएं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 19:10:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अजय यादव]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जीजा-साले का ‘चीन कनेक्शन’ उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वेंटीलेटर घोटाला–2</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>📍 <em>लखनऊ | संवाददाता</em></strong></blockquote>
<hr />
<h4 style="text-align:justify;"><strong>  स्थापना का उद्देश्य और वर्तमान स्थिति</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन (UPMSCL) की स्थापना इस उद्देश्य से की गई थी कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों को उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं और आधुनिक उपकरण पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराए जा सकें।<br />कारपोरेशन को स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माना गया था, लेकिन हाल के घटनाक्रम इस संस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, कुछ अधिकारियों, आउटसोर्स कर्मचारियों और कथित बिचौलियों के गठजोड़ ने खरीद प्रक्रिया को प्रभावित कर इसे कथित रूप से भ्रष्टाचार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178039/uttar-pradesh-medical-supply-corporation-ventilator-scam-2"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/photo-4.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>📍 <em>लखनऊ | संवाददाता</em></strong></blockquote>
<hr />
<h4 style="text-align:justify;"><strong> स्थापना का उद्देश्य और वर्तमान स्थिति</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन (UPMSCL) की स्थापना इस उद्देश्य से की गई थी कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों को उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं और आधुनिक उपकरण पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराए जा सकें।<br />कारपोरेशन को स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माना गया था, लेकिन हाल के घटनाक्रम इस संस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, कुछ अधिकारियों, आउटसोर्स कर्मचारियों और कथित बिचौलियों के गठजोड़ ने खरीद प्रक्रिया को प्रभावित कर इसे कथित रूप से भ्रष्टाचार का केंद्र बना दिया है।</p>
<hr />
<p style="text-align:justify;"><strong> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/photo-1.jpg" alt="जीजा-साले का ‘चीन कनेक्शन’ उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वेंटीलेटर घोटाला–2" width="614" height="840"></img></strong></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>ICU वेंटीलेटर टेंडर में ‘खेल’</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">ताजा मामला जेम (GeM) पोर्टल पर जारी टेंडर संख्या <strong>GEM/2025/B/5823357</strong> से जुड़ा है, जिसके तहत प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों के लिए <strong>221 ICU वेंटीलेटर</strong> खरीदे जाने हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस टेंडर में कुल 11 कंपनियों ने भाग लिया है। इनमें शामिल <strong>Heidelco Medicore Pvt. Ltd.</strong> पर आरोप है कि यह कंपनी अलग-अलग टेंडरों में अपनी पहचान बदलकर हिस्सा लेती रही है—कभी खुद को निर्माता, तो कभी अधिकृत वितरक बताकर।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बार कंपनी ने खुद को <strong>Sysmed Medical Technologies Pvt. Ltd., चंडीगढ़</strong> का अधिकृत वितरक बताया है और जिस वेंटीलेटर मॉडल की आपूर्ति का प्रस्ताव दिया गया है, वह <strong>Topnotch TV-15</strong> है।</p>
<hr />
<p style="text-align:justify;"><strong> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/photo-2.jpg" alt="जीजा-साले का ‘चीन कनेक्शन’ उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वेंटीलेटर घोटाला–2" width="634" height="897"></img></strong></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>KGMU की रिपोर्ट ने खड़े किए सवाल</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">लखनऊ स्थित प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान <strong>किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU)</strong> ने पूर्व में एक अन्य टेंडर (<strong>GEM/2026/R/647614</strong>) में इसी मॉडल के वेंटीलेटर को गुणवत्ता और सर्विस से जुड़े कारणों से खारिज कर दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">KGMU की तकनीकी समिति द्वारा की गई जांच में निम्न बिंदुओं पर आपत्ति जताई गई थी:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>उपकरण की <strong>परफॉर्मेंस मानकों पर खरा न उतरना</strong></li>
<li><strong>क्लिनिकल उपयोग में विश्वसनीयता की कमी</strong></li>
<li><strong>सर्विस और मेंटेनेंस सपोर्ट कमजोर होना</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">इसके बावजूद वही मॉडल दोबारा टेंडर प्रक्रिया में शामिल होना कई सवाल खड़े करता है।</p>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>‘मेड इन इंडिया’ के नाम पर चीनी उत्पाद?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">आरोप यह भी है कि जिस वेंटीलेटर को भारतीय कंपनी के नाम से पेश किया जा रहा है, वह वास्तव में चीन की कंपनी <strong>Shenzhen Mindray Bio-Medical Electronics Co. Ltd.</strong> का उत्पाद है।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि यह आरोप सही साबित होता है, तो यह न केवल खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल उठाता है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन भी हो सकता है।</p>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>GFR 144(XI) की अनदेखी?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">भारत सरकार के <strong>GFR 144(XI)</strong> नियम के अनुसार, सुरक्षा कारणों से चीनी कंपनियों और उनसे जुड़े उत्पादों की सरकारी खरीद पर सख्त प्रतिबंध है, जब तक कि सक्षम प्राधिकारी से अनुमति न ली जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे में बिना स्पष्ट खुलासे के चीनी उत्पाद को भारतीय कंपनी के माध्यम से पेश करना नियमों की अवहेलना माना जा सकता है।</p>
<hr />
<p style="text-align:justify;"><strong> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/photo-3.jpg" alt="जीजा-साले का ‘चीन कनेक्शन’ उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वेंटीलेटर घोटाला–2" width="662" height="468"></img></strong></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>विभागीय जिम्मेदारी और निगरानी पर सवाल</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">इस पूरे मामले में प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। विभाग की जिम्मेदारी उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री <strong>ब्रजेश पाठक</strong> के पास है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सूत्रों का दावा है कि:</strong></p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>एक आउटसोर्स कर्मचारी <strong>उज्ज्वल कुमार</strong> कथित रूप से खरीद प्रक्रिया में प्रभावशाली भूमिका निभा रहा था</li>
<li>टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी जांच को प्रभावित करने के प्रयास हुए</li>
<li>कथित दलालों के साथ मिलकर निर्णयों को प्रभावित किया गया</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।</p>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>कारपोरेशन का पक्ष</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन के कर्मचारी <strong>देवव्रत कुमार आर्य</strong> ने संवाददाता से बातचीत में कहा:</p>
<blockquote>
<p>“यदि किसी कंपनी द्वारा चीनी उत्पाद को छिपाकर सप्लाई करने का प्रयास किया जाता है, तो उसकी विस्तृत जांच की जाएगी। नियमों के विरुद्ध पाए जाने पर टेंडर तत्काल निरस्त किया जाएगा।”</p>
</blockquote>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>बड़े सवाल</strong></h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<blockquote class="format1">
<ul>
<li>क्या पहले से रिजेक्टेड उपकरण को दोबारा टेंडर में शामिल किया जा सकता है?</li>
<li>क्या टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी मानकों से समझौता किया जा रहा है?</li>
<li>क्या ‘मेड इन इंडिया’ के नाम पर विदेशी उत्पादों की आपूर्ति हो रही है?</li>
<li>क्या निगरानी तंत्र पूरी तरह निष्क्रिय हो चुका है?</li>
</ul>
</blockquote>
</li>
</ul>
<hr />
<p style="text-align:justify;"><strong>📢 निष्कर्ष</strong><br />यह मामला केवल एक टेंडर तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकारी खरीद प्रणाली की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न सिर्फ आर्थिक घोटाला होगा बल्कि मरीजों की जान से भी खिलवाड़ माना जाएगा।</p>
<hr />
<blockquote class="format2">✍️ <strong>(स्वतंत्र प्रभात की खोजी टीम अगले अंक में इस मामले से जुड़े और बड़े खुलासे करेगी…)</strong></blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 07:00:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>25000 करोड़ के महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक घोटाले में रोहित पवार समेत सभी आरोपी बरी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>मुंबई में MPs/MLAs कोर्ट ने महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक (MSCB) से जुड़े 25000 करोड़ रुपए के घोटाले में बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग केस में NCP विधायक रोहित पवार समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया.</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">विशेष न्यायाधीश महेश जाधव ने अपने फैसले में कहा कि मूल अपराध के अभाव में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला टिक ही नहीं सकता. उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब किसी सक्षम अदालत द्वारा मूल अपराध में क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली जाती है, तो उसे बरी माना जाता है.</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">दरअसल, ईडी  का यह मामला</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177163/all-accused-including-rohit-pawar-acquitted-in-rs-25000-crore"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/69e8ef06e6b48-rohit-pawar-sharad-pawar-221530557-16x9.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>मुंबई में MPs/MLAs कोर्ट ने महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक (MSCB) से जुड़े 25000 करोड़ रुपए के घोटाले में बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग केस में NCP विधायक रोहित पवार समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विशेष न्यायाधीश महेश जाधव ने अपने फैसले में कहा कि मूल अपराध के अभाव में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला टिक ही नहीं सकता. उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब किसी सक्षम अदालत द्वारा मूल अपराध में क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली जाती है, तो उसे बरी माना जाता है.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दरअसल, ईडी  का यह मामला अगस्त 2019 में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज FIR से जुड़ा था. इसमें आरोप था कि MSCB के तत्कालीन अधिकारियों और निदेशकों ने नियमों का पालन किए बिना सहकारी चीनी मिलों को बेहद कम कीमतों पर बेच दिया.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हालांकि, हाल ही में MP/MLA कोर्ट ने इस FIR में EOW द्वारा दायर क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था. इसी आधार पर आरोपियों ने ईडी  केस से भी राहत की मांग की थी. फैसले में सुप्रीम कोर्ट के एक महत्वपूर्ण निर्णय का हवाला देते हुए जज ने अहम बात कही है.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि PMLA के तहत कोई भी कार्रवाई तभी संभव है, जब कोई मूल अपराध मौजूद हो. PMLA का हर केस किसी पूर्व अपराध पर आधारित होता है. ED ने अदालत में इन याचिकाओं का विरोध किया. एजेंसी ने कहा कि 2021 में दाखिल रिट याचिका अभी बॉम्बे हाई कोर्ट में लंबित है.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ईडी  ने अदालत से यह भी आग्रह किया था कि वह मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तथ्यों के आधार पर ही बरी करने के आवेदन पर फैसला करे. हालांकि, अदालत ने यह स्पष्ट किया कि यदि हाई कोर्ट ED के पक्ष में कोई आदेश देता है, तो वो कार्यवाही को फिर से शुरू कर सकती है। यह घोटाला सहकारी बैंकों द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए सहकारी चीनी मिलों, कताई मिलों और अन्य संस्थाओं को दिए गए ऋण से जुड़ा था.</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>महाराष्ट्र/गोवा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 21:38:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>लखनऊ में एजुकेट गर्ल्स ने मनाया 18वाँ स्थापना दिवस</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">एजुकेट गर्ल्स, जिसे 2025 के रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, ने 25 मार्च 2026 को लखनऊ में अपना 18वाँ स्थापना दिवस मनाया। इस पुरस्कार को व्यापक रूप से एशिया का नोबेल पुरस्कार माना जाता है। इस महत्वपूर्ण आयोजन में 300 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए, जिनमें टीम बालिका स्वयंसेवक, फील्ड स्टाफ, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, सिविल सोसाइटी साझेदार और शिक्षा क्षेत्र के हितधारक शामिल थे। इस अवसर पर संस्था की यात्रा पर विचार किया गया और भारत भर में बालिका शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया गया। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174495/educate-girls-celebrated-18th-foundation-day-in-lucknow"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260327-wa0063.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एजुकेट गर्ल्स, जिसे 2025 के रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, ने 25 मार्च 2026 को लखनऊ में अपना 18वाँ स्थापना दिवस मनाया। इस पुरस्कार को व्यापक रूप से एशिया का नोबेल पुरस्कार माना जाता है। इस महत्वपूर्ण आयोजन में 300 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए, जिनमें टीम बालिका स्वयंसेवक, फील्ड स्टाफ, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, सिविल सोसाइटी साझेदार और शिक्षा क्षेत्र के हितधारक शामिल थे। इस अवसर पर संस्था की यात्रा पर विचार किया गया और भारत भर में बालिका शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया गया। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मुख्य संबोधन दिया और राज्य में प्रत्येक बालिका के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के लिए सरकार के सतत प्रयासों को रेखांकित किया। </div>
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<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, “देशव्यापी पहलों जैसे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ से लेकर उत्तर प्रदेश में एजुकेट गर्ल्स जैसे साझेदारों के माध्यम से निरंतर प्रयासों तक, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। वर्ष 2017 के बाद से राज्य में बुनियादी, माध्यमिक और उच्च शिक्षा में व्यापक परिवर्तन देखने को मिले हैं, जिनमें बेहतर बुनियादी ढाँचा, संसाधनों में वृद्धि और ड्रॉपआउट दर को कम करने के लिए केंद्रित प्रयास शामिल हैं। कायाकल्प योजना और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के विस्तार जैसी सरकारी योजनाओं ने बालिकाओं को स्कूल में वापस लाने और उनकी शिक्षा जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज अधिकांश बालिकाएँ कक्षाओं में हैं और ड्रॉपआउट दर लगातार घट रही है।।</div>
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<div style="text-align:justify;">श्री पाठक ने कहा मिशन शक्ति के माध्यम से हम बालिकाओं को गरिमा, अवसर और समानता के साथ जीवन जीने में सक्षम बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम एजुकेट गर्ल्स के साथ मिलकर बालिका शिक्षा और सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने के हर प्रयास में दृढ़ता से साथ खड़े हैं।” माध्यमिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक विष्णु कांत पांडेय ने राज्यभर में सामुदायिक भागीदारी और पुनःसमावेशन प्रयासों के माध्यम से हासिल की गई प्रगति को रेखांकित किया। </div>
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<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, “लगातार प्रयासों के माध्यम से हम लगभग 23 जिलों में बालिकाओं की पहचान कर उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने में सफल हुए हैं, साथ ही जोखिमग्रस्त छात्रों को विद्यालय में बनाए रखने में भी सहयोग किया है। विद्या कार्यक्रम के अंतर्गत टीम बालिका स्वयंसेवक गाँव-गाँव जाकर स्कूल से बाहर बालिकाओं को पुनः शिक्षा से जोड़ने की तैयारी कर रहे हैं और सामाजिक या आर्थिक कारणों से पढ़ाई छोड़ चुकी बालिकाओं के लिए ओपन स्कूलिंग के माध्यम से निरंतरता सुनिश्चित कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">किशोर बालिकाओं को पुनः मुख्यधारा में लाना एक जटिल चुनौती बनी हुई है, लेकिन एजुकेट गर्ल्स ने मजबूत सामुदायिक जुड़ाव और साझेदारियों के माध्यम से इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके जमीनी अनुभवों ने हमारी योजना और क्रियान्वयन को मजबूत किया है, जिससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिली है कि कोई भी बालिका पीछे न रह जाए। हम इस सहयोग और एजुकेट गर्ल्स, टीम बालिका तथा सभी साझेदारों की बालिका शिक्षा को आगे बढ़ाने की निरंतर प्रतिबद्धता को अत्यंत महत्व देते हैं।”</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एजुकेट गर्ल्स की सीईओ गायत्री नायर लोबो ने संस्था की जमीनी पहल से राष्ट्रीय स्तर पर परिवर्तनकारी शक्ति बनने की यात्रा पर प्रकाश डाला और 2025 के रेमन मैग्सेसे पुरस्कार का श्रेय अग्रिम पंक्ति में कार्यरत स्वयंसेवकों और फील्ड टीमों के सामूहिक साहस को दिया। उन्होंने कहा, “एजुकेट गर्ल्स यह दर्शाता है कि मजबूत साझेदारियाँ किस प्रकार बड़े स्तर पर सार्थक परिवर्तन ला सकती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञान का पिटारा जैसे हमारे रेमेडियल लर्निंग कार्यक्रमों के माध्यम से हम सबसे वंचित बालिकाओं तक पहुँचते हैं, उन्हें स्कूल में वापस लाने और सीखने की राह पर बनाए रखने में सहयोग करते हैं। रेमन मैग्सेसे पुरस्कार, जिसे एशिया का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है हमारी टीम बालिका स्वयंसेवकों, फील्ड टीमों और साझेदारों के सामूहिक प्रयासों को मान्यता देता है और सेवा, ईमानदारी तथा जमीनी नेतृत्व की उस भावना को दर्शाता है, जो हमारे कार्य को आगे बढ़ाती है। । हम अपने कार्य में निरंतर सहयोग के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के प्रति भी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।”</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> बिहार की प्रगति टीम से जुड़ी शिक्षार्थी हलीमा सादिया भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। संचालन निदेशक विक्रम सिंह सोलंकी द्वारा संचालित टीम बालिका पैनल चर्चा में 55,000 से अधिक स्वयंसेवकों के प्रभाव को दर्शाया गया, जो घर-घर जाकर समुदायों में परिवर्तन ला रहे हैं और बाल विवाह, घरेलू जिम्मेदारियों तथा सामाजिक मान्यताओं जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, जो अक्सर बालिकाओं के स्कूल छोड़ने का कारण बनती हैं।</div>
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<div style="text-align:justify;">इन्हीं में से बदायूं की सोनम ने साझा किया कि पिछले दो वर्षों में एजुकेट गर्ल्स के साथ उनकी यात्रा ने उन्हें अधिक आत्मविश्वासी बनाया है और शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति को समझने में मदद की है। सोनभद्र की प्रांचल गुप्ता ने बताया कि ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा से जोड़ना उन्हें अपार खुशी और उद्देश्य देता है। अंकित मौर्य ने अपने गाँव में जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों को साझा किया, जहाँ वे सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद परिवारों को, विशेषकर बालिकाओं की शिक्षा को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करते हैं। निर्मला यादव की कहानी विशेष रूप से प्रेरणादायक रही। कम उम्र में विवाह और विरोध का सामना करने के बावजूद उन्होंने अपनी शिक्षा जारी रखी, यहाँ तक कि उनकी किताबें नष्ट कर दी गईं, फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और बीए तथा एमएसडब्ल्यू की पढ़ाई पूर्ण की, जिससे वे कई लोगों के लिए प्रेरणा बनीं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 21:30:58 +0530</pubDate>
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