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                <title>  PM Modi - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>  PM Modi RSS Feed</description>
                
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                <title>UNSC मेंबरशिप, ट्रेड डील और चुनाव… वैश्विक मुद्दों पर भारत का आधिकारिक रुख क्या है?</title>
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                        <![CDATA[<h4 style="text-align:justify;"><strong>International Desk</strong></h4>
<h4 style="text-align:justify;">नई दिल्ली:<strong>    </strong><span style="font-family:'-apple-system', BlinkMacSystemFont, 'Segoe UI', Roboto, 'Helvetica Neue', Arial, 'Noto Sans', sans-serif, 'Apple Color Emoji', 'Segoe UI Emoji', 'Segoe UI Symbol', 'Noto Color Emoji';font-size:14px;">भारत से जुड़े अहम वैश्विक मुद्दों पर विदेश मंत्रालय ने विस्तृत प्रेस ब्रीफिंग की। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इंडिया-यूएस ट्रेड डील, भारत-रूस संबंध, चीन के साथ बातचीत, बांग्लादेश चुनाव, एनएसए अजीत डोभाल के कनाडा दौरे, अमेरिका के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ प्रस्ताव और ब्राजील के राष्ट्रपति के भारत दौरे सहित कई विषयों पर जानकारी दी।</span></h4>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>इंडिया-यूएस ट्रेड डील पर क्या कहा?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत और अमेरिका ने <strong>रेसिप्रोकल और म्यूचुअली बेनिफिशियल ट्रेड</strong> पर एक इंटरिम एग्रीमेंट के फ्रेमवर्क को लेकर संयुक्त बयान (जॉइंट स्टेटमेंट) पर सहमति जताई थी, जिसे 7 फरवरी 2026</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169331/unsc-membership-trade-deal-and-elections%E2%80%A6what-is-indias-official-stance"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/unsc-मेंबरशिप,-ट्रेड-डील-और-चुनाव…-वैश्विक-मुद्दों-पर-भारत-का-आधिकारिक-रुख-क्या-है.png" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;"><strong>International Desk</strong></h4>
<h4 style="text-align:justify;">नई दिल्ली:<strong>  </strong><span style="font-family:'-apple-system', BlinkMacSystemFont, 'Segoe UI', Roboto, 'Helvetica Neue', Arial, 'Noto Sans', sans-serif, 'Apple Color Emoji', 'Segoe UI Emoji', 'Segoe UI Symbol', 'Noto Color Emoji';font-size:14px;">भारत से जुड़े अहम वैश्विक मुद्दों पर विदेश मंत्रालय ने विस्तृत प्रेस ब्रीफिंग की। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इंडिया-यूएस ट्रेड डील, भारत-रूस संबंध, चीन के साथ बातचीत, बांग्लादेश चुनाव, एनएसए अजीत डोभाल के कनाडा दौरे, अमेरिका के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ प्रस्ताव और ब्राजील के राष्ट्रपति के भारत दौरे सहित कई विषयों पर जानकारी दी।</span></h4>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>इंडिया-यूएस ट्रेड डील पर क्या कहा?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत और अमेरिका ने <strong>रेसिप्रोकल और म्यूचुअली बेनिफिशियल ट्रेड</strong> पर एक इंटरिम एग्रीमेंट के फ्रेमवर्क को लेकर संयुक्त बयान (जॉइंट स्टेटमेंट) पर सहमति जताई थी, जिसे 7 फरवरी 2026 को जारी किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि यह जॉइंट स्टेटमेंट दोनों देशों के बीच आपसी समझ का आधार है। अब दोनों पक्ष इस फ्रेमवर्क को लागू करने और इंटरिम एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी फैक्टशीट में किए गए बदलाव उसी साझा समझ को दर्शाते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>रूस के साथ संबंधों पर भारत का रुख</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">भारत-रूस संबंधों पर प्रवक्ता ने कहा कि दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में लगातार सहयोग जारी है। इसमें व्यापार, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और रक्षा सहयोग जैसे अहम क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि द्विपक्षीय संबंधों के ये सभी आयाम आगे भी मजबूत होते रहेंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>चीन के साथ बातचीत और UNSC पर समर्थन</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">जायसवाल ने बताया कि चीन के एग्जीक्यूटिव वाइस मिनिस्टर ऑफ फॉरेन अफेयर्स की हालिया भारत यात्रा BRICS शेरपा बैठक (8 से 10 फरवरी, दिल्ली) के संदर्भ में हुई थी। इस दौरान उन्होंने विदेश सचिव के साथ रणनीतिक वार्ता की।</p>
<p style="text-align:justify;">बातचीत में सीमा पर शांति और द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति पर चर्चा हुई। उन्होंने यह भी बताया कि चीनी प्रतिनिधि ने कहा है कि चीन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की स्थायी सदस्यता के लिए भारत की उम्मीदों को समझता है और उनका सम्मान करता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ प्रस्ताव पर भारत का जवाब</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रस्तावित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में भारत को शामिल होने का निमंत्रण मिला है। इस पर जायसवाल ने कहा कि भारत इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि भारत हमेशा पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और संवाद को बढ़ावा देने के प्रयासों का समर्थन करता रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पहल का स्वागत किया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>एनएसए अजीत डोभाल का कनाडा दौरा</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">एनएसए अजीत डोभाल के ओटावा दौरे पर प्रवक्ता ने बताया कि उन्होंने अपने कनाडाई समकक्ष से मुलाकात की। यह बैठक सुरक्षा मामलों पर जारी सहयोग का हिस्सा थी।</p>
<p style="text-align:justify;">दोनों देशों ने बेहतर समन्वय और सूचना के सुगम आदान-प्रदान के लिए <strong>लायजन ऑफिसर नियुक्त करने</strong> पर सहमति जताई है। इसकी औपचारिक प्रक्रिया पर आगे जानकारी साझा की जाएगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>बांग्लादेश चुनाव पर भारत का रुख</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">बांग्लादेश में चुनाव को लेकर भारत ने संयमित रुख अपनाया है। जायसवाल ने कहा कि पहले चुनाव परिणाम आने का इंतजार किया जाना चाहिए, ताकि स्पष्ट हो सके कि जनता का जनादेश किस दिशा में है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने दोहराया कि भारत बांग्लादेश में स्वतंत्र, निष्पक्ष, समावेशी और विश्वसनीय चुनाव का समर्थन करता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>ब्राजील के राष्ट्रपति लूला का भारत दौरा</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा 18 से 22 फरवरी 2026 तक भारत दौरे पर रहेंगे। वे 19-20 फरवरी को दिल्ली में आयोजित दूसरे AI समिट में हिस्सा लेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">21 फरवरी को भारत-ब्राजील के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। राष्ट्रपति लूला के साथ कई मंत्री और एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी आएगा। इस दौरान विभिन्न कार्यक्रमों और व्यावसायिक बैठकों का आयोजन किया जाएगा।</p>]]>
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                                                            <category>WORLD NEWS</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 18:01:35 +0530</pubDate>
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                <title>पीएम केयर्सः पीएमओ ने लोकसभा से कहा- संसद में कोई सवाल नहीं पूछा जा सकता</title>
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                        <![CDATA[<p><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने लोकसभा सचिवालय को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पीएम केयर्स फंड, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) और राष्ट्रीय रक्षा कोष (एनडीएफ) से संबंधित कोई भी सवाल या मामले लोकसभा में स्वीकार्य नहीं होंगे। यह जानकारी 'द इंडियन एक्सप्रेस' ने सूत्रों के हवाले से लिखी गई एक रिपोर्ट में दी है।</p>
<p>इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक पीएमओ ने 30 जनवरी को लोकसभा सचिवालय को सूचित किया कि लोकसभा में नियमों के तहत इन कोषों पर प्रश्न या चर्चा की अनुमति नहीं है। पीएमओ ने नियम 41(2)(viii) और 41(2)(xvii) का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है</p>...]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169157/pm-cares-pmo-told-lok-sabha-%E2%80%93-no-question-can"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/pm-cares.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने लोकसभा सचिवालय को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पीएम केयर्स फंड, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) और राष्ट्रीय रक्षा कोष (एनडीएफ) से संबंधित कोई भी सवाल या मामले लोकसभा में स्वीकार्य नहीं होंगे। यह जानकारी 'द इंडियन एक्सप्रेस' ने सूत्रों के हवाले से लिखी गई एक रिपोर्ट में दी है।</p>
<p>इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक पीएमओ ने 30 जनवरी को लोकसभा सचिवालय को सूचित किया कि लोकसभा में नियमों के तहत इन कोषों पर प्रश्न या चर्चा की अनुमति नहीं है। पीएमओ ने नियम 41(2)(viii) और 41(2)(xvii) का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि सवाल ऐसे विषयों से संबंधित नहीं होने चाहिए जो मुख्य रूप से भारत सरकार की चिंता नहीं हैं या जिन पर ऐसे निकाय या व्यक्ति नियंत्रण रखते हैं जो मुख्य रूप से सरकार के प्रति जवाबदेह नहीं हैं।</p>
<p>पीएमओ की ओर से दिया गया मुख्य कारण यह है कि इन तीनों कोषों का कोष पूरी तरह से जनता के स्वैच्छिक योगदान से बनता है, न कि भारत सरकार के  (Consolidated Fund of India) किसी आवंटन से। इसलिए ये कोष सरकार के प्रत्यक्ष नियंत्रण में नहीं माने जाते। पीएमओ ने सलाह दी है कि यदि इन कोषों पर कोई प्रश्न, नोटिस या विशेष उल्लेख की सूचना मिले तो प्रावधानों का पालन किया जाए।</p>
<p>पीएम केयर्स फंड की स्थापना 27 मार्च 2020 को एक पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के रूप में की गई थी, ताकि कोविड-19 महामारी जैसी आपात स्थितियों से निपटा जा सके। 2022-23 के प्राप्ति और भुगतान खाते के अनुसार, मार्च 2023 के अंत तक इस फंड में 6,283.7 करोड़ रुपये का बैलेंस था। उसके बाद इस फंड के बारे में कोई जानकारी नहीं आई कि इसमें कितना पैसा है।</p>
<p>पीएमएनआरएफ की स्थापना जनवरी 1948 में हुई थी, जो प्राकृतिक आपदाओं, दुर्घटनाओं और दंगों से प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करता है और यह भी जनता के योगदान पर आधारित है। वहीं राष्ट्रीय रक्षा कोष (एनडीएफ) सशस्त्र और अर्धसैनिक बलों तथा उनके परिवारों के कल्याण के लिए काम करता है, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं।</p>
<p>यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब विपक्ष और विभिन्न पक्षों से इन कोषों की पारदर्शिता, ऑडिट और जवाबदेही को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 2020 में पीएम सीएRES फंड को एनडीआरएफ में ट्रांसफर करने से इनकार कर दिया था और कहा था कि दोनों के उद्देश्य अलग हैं तथा पीएम केयर्स एक चैरिटेबल ट्रस्ट होने के कारण CAG ऑडिट के दायरे में नहीं आता।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 23:57:09 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]>
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                <title>दिल्ली जाइए, स्वर्ग का रास्ता दिल्ली होकर जाता है!</title>
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                        <![CDATA[<div style="text-align:justify;">आजकल हमारे देश में सब काम भगवान भरोसे चल रहा है। भगवान भरोसे इसलिए कि दुनिया के इस कोने में जितने भगवान हैं और अंधभक्त बनकर उसको मानने वाले लोग, दुनिया के किसी और कोने में नहीं मिलेंगे। धर्म प्रधान देश है, तो धत्कर्म भी होना ही है।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/1006642573.jpg" alt="1006642573" width="1200" height="800" /> वरना बताईए, किस देश का प्रधानमंत्री ऐसा बहुरूपिया होगा, जैसा हमारे देश का है। हाथ में त्रिशूल लिए, डमरू बजाते  भोले शंकर का बाना धरे दुनिया के किसी और नेता का फोटो-वोटो बताईए! इतना धर्मभक्त प्रधानमंत्री, जो दिन के 18-18 घंटे इस देश के सांस्कृतिक स्वाभिमान को जगाने के काम में लगा</div>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166513/go-to-delhi-the-way-to-heaven-goes-through-delhi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/1006721897.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">आजकल हमारे देश में सब काम भगवान भरोसे चल रहा है। भगवान भरोसे इसलिए कि दुनिया के इस कोने में जितने भगवान हैं और अंधभक्त बनकर उसको मानने वाले लोग, दुनिया के किसी और कोने में नहीं मिलेंगे। धर्म प्रधान देश है, तो धत्कर्म भी होना ही है।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/1006642573.jpg" alt="1006642573" width="1200" height="800"></img> वरना बताईए, किस देश का प्रधानमंत्री ऐसा बहुरूपिया होगा, जैसा हमारे देश का है। हाथ में त्रिशूल लिए, डमरू बजाते  भोले शंकर का बाना धरे दुनिया के किसी और नेता का फोटो-वोटो बताईए! इतना धर्मभक्त प्रधानमंत्री, जो दिन के 18-18 घंटे इस देश के सांस्कृतिक स्वाभिमान को जगाने के काम में लगा हो, उसे एक ट्रेन के 3 घंटे रुकने के लिए कोसना कितनी बड़ी असभ्यता है! निश्चित ही, यह धर्म विरोधी विपक्ष का काम है, जो दीन-दुनिया के हर काम-धाम में प्रधानमंत्री को कोसने के मौके खोजते रहता है। अब बताईए भला, ट्रेन को सही समय पर चलाना ड्राइवर का काम है या प्रधानमंत्री का?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">खबर केवल इतनी-सी है कि समस्तीपुर से सहरसा तक जाने वाली 63348 नंबर की ट्रेन 12:45 बजे समस्तीपुर से रवाना हुई। यह ट्रेन भगवानपुर देसुआ से 12:57 में खुली, लेकिन भगवानपुर से निकलने के बाद और अंगार घर स्टेशन पहुंचने से पहले, बीच रास्ते में ब्रेक वैन का एक्सल लॉक हो गया और चलती ट्रेन के पहिए रुक गए। इस तकनीकी खराबी के कारण वहां ट्रेन लगभग 3 घंटे खड़ी रही। फिर एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (आर्ट) मौके पर पहुंची, जिस पर कैरिज एंड वैगन स्टाफ तथा यांत्रिकी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी सवार थे। उन्होंने युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य किया, खराबी दूर की, ठोक-बजाकर ब्रेक वैन का ठीक होना घोषित किया। फिर ट्रेन वहां से रवाना हुई। तब तक के लिए ट्रेनों का आवागमन दोनों ओर से पूरी तरह बंद रहा। केवल समयबद्धता बनाए रखने के उद्देश्य से राजधानी एक्सप्रेस को बरौनी जंक्शन होते हुए समस्तीपुर के रास्ते डाइवर्ट किया गया। इस पूरी घटना और कार्यवाही की जानकारी देते हुए रेलवे ने प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की और यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस खबर को सकारात्मक ढंग से देखना चाहिए। देखिए, भगवान की कितनी कृपा बरस रही है। पहली बात तो यह कि इस ट्रेन की किसी और ट्रेन से भिड़ंत नहीं हुई। हमारे देश का विपक्ष मोदीजी की रेल को बदनाम करने के लिए आजकल यही काम करवा रहा है। लेकिन विपक्ष का ऐसा दांव यहां फेल हो गया और किसी भी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। जान बची, सो लाखों पाएं। सरकार की तिजोरी से भी मुआवजा के रूप में माल निकलने से बच गया। इस माल को देश के विकास के लिए अडानी को सौंपा जा सकता है। इससे अर्थव्यवस्था का इंजन आगे बढ़ेगा और चौथी से तीसरी सीढ़ी पर पहुंचने की हमारी रफ्तार तेज होगी। यह तो हुआ पहला दृष्टिकोण।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब दूसरे सकारात्मक दृष्टिकोण पर आईए। इंजन के फेल होने या न होने पर मोदी सरकार का बस नहीं है। भगवानपुर में भगवान समाया हुआ है। भगवान और खासकर हिंदुओं का भगवान सर्वशक्तिमान है। हमारे भगवान के गॉड और अल्लाह से भी ज्यादा शक्तिमान होने की चर्चा आजकल गली-कूचों में चल रही है। हमारा भगवान यहां-वहां अपनी शक्ति प्रदर्शन के जरिए इसके नमूने भी दिखा रहा है। अच्छी तरह से समझ लीजिए कि हमारे मोदीजी ऐसे ही डमरू नहीं बजा रहे हैं। अब यह भगवानपुर में विराजमान भगवान की मर्जी है कि वह किस ट्रेन को आगे जाने दे या न जाने दे या आगे ले जाकर कहां रोके! सो, अंगारघर से पहले शीतलता देने उसने ट्रेन रोक दी, ताकि थके हुए यात्री ट्रेन से उतरकर पेड़ों की छांव में कुछ सुस्ता लें, कुछ सूसू-वुसू आदि भी कर लें। शरीर हल्का होने से मन भी हल्का हो जाता है और मन हल्का होने से ताजगी आती है। ट्रेन के खड़ी होने की खबर से पास के गांव के लोग कुछ भजिए-समोसे भी तलकर ले आते हैं, उससे सस्ते में ही कुछ को पेट पूजा का, तो कुछ को अपने चटोरेपन को संतुष्ट करने का भी मौका मिल जाता है। भारतीय रेल गरीबों का जितना खयाल रखती है, अमेरिकी रेल भी अपने अमीरों का उतना खयाल नहीं रखती होगी। भगवानपुर के साथ-साथ मोदीजी को इसके लिए धन्यवाद देना तो बनता ही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब तीसरे सकारात्मक दृष्टिकोण पर आईए। ट्रेन का रुकना हमारे अंक ज्योतिष के सही होने का सबसे बड़ा प्रमाण है। इस मामले में सब कुछ तीन पर टिका है और कहावत ऐसे ही नहीं बनी है, तीन तिग़ाड़ा, काम बिगाड़ा! ट्रेन रुकी किलोमीटर संख्या 75/3 पर। अंकों का योग होता है 15 और फिर इनका योग 6 होता है। ट्रेन नंबर है 63348 और इसके अंकों का भी अंतिम योग 6 होता है।  ट्रेन चली 12:45 बजे याने 3 का योग। अटकी 12:57 पर -- फिर 6 अंतिम योग। गार्ड ब्रेक वैन का नंबर 198732, फिर 3 का योग। पूरा मामला 3 के मूलाधार पर टिका है। जहां मामला ही 3 की अशुभ संख्या का हो, वहां मोदीजी शंकर का रूप धरे या राम का, कुछ हो नहीं सकता -- होंहिहैं वोही जो राम रचि राखा। यह अंक ज्योतिष हैं, जिसके सामने पश्चिम का पूरा गणित फेल हैं। इस घटना ने हमारे सनातनी ज्ञान की बिना किसी तनातनी के फिर पुष्टि कर दी है। सनातन जिंदाबाद!</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इधर सनातनी धीरेन्द्र शास्त्री ने सरकार को तीन के प्रकोप से बचने की सलाह दी है। धीरेन्द्र शास्त्री की महिमा जान लें कि वे अघोषित सरकार हैं। सरकार से भी बड़े सरकार, जिन्हें और जिनके चेलों-चपाटों को ढोने के लिए उच्च स्तर पर, गैर-कानूनी तरीके से विमानों का इंजाम किया जाता है। धीरेन्द्र शास्त्री की सलाह से सरकार कैसे करे इंकार! सो, रेलवे मिनिस्ट्री के निर्देश पर पूरा रेल महकमा तीन के प्रकोप को दूर करने में लगा है। एक-एक ट्रेन का नंबर देखा जा रहा है, किस स्टेशन पर कितने समय पहुंचती है और किस समय पर प्रस्थान करती है। ये सब नंबर और समय कहीं तीन के मूलाधार कर तो नहीं टिके हैं, टिके हैं, तो कैसे इसे बदला जाएं, आदि-इत्यादि। काम कोई छोटा-मोटा नहीं है, बाकायदा एक आयोग के गठन की मांग करता है। इसकी रिपोर्ट 2046 तक अपेक्षित होगी, ताकि दुर्घटना-मुक्त रेल के रूप में 2047 की पंद्रह अगस्त को हम विकसित भारत में प्रवेश कर सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सकारात्मक दृष्टिकोण का चौथा एंगल भी देखिए। दुर्घटना हुई नहीं कि हमारी रिलीफ ट्रेन तकनीज्ञों को लेकर पहुंच गई दुर्घटना स्थल पर। वरना पहले के राज में तो रिलीफ ट्रेन को पहुंचने में ही 13-13 घंटे लग जाते थे। पैसेंजर्स बोगियों से उतरकर जंगल-झाड़ियों में ही निबट लेते थे, लकड़ियां बटोरकर पूरे ट्रैक पर स्वाहा-स्वाहा की ध्वनि के साथ यज्ञ शुरू कर देते थे और रिलीफ ट्रेन का आह्वान करते थे। लेकिन इस बार ऐसा कोई मौका मोदीजी की ट्रेन ने पैसेंजर्स को नहीं दिया। रिलीफ टीम ने ट्रेन की बीमारी का भी तुरंत इलाज कर दिया, थमे हुए चक्कों में फिर जान डाल दीं। इससे यात्रियों की अटकी हुई सांस भी फिर से चलने लगी। वरना सोचिए, ठंड के दिन! और यात्री दोपहर से अगली सुबह तक कुछ अपनी किस्मत को कोसते, कुछ भारतीय रेल के चक्कों के पंक्चर होने को सराहते वही पड़े रहते न!!</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">असल में, मोदीजी हैं, तो मुमकिन है। उन्होंने भारतीय तकनीक को इतनी ऊंचाई तक पहुंचा दिया है कि नासा की नाक नीचे है और हम इतने ऊपर कि तीन का काट करने में भी सक्षम हैं। पहले होता यह था कि किसी दुर्घटना के इंतज़ार में बैठी-बैठी हमारी टीम इतनी उकता जाती थी, पस्त होकर सो जाती थी कि दुर्घटना के बाद उसे ही उठाने में घंटों लग जाते थे। अब उनको दुर्घटना का इंतज़ार नहीं करना पड़ता, छोटी-मोटी तो होते ही रहती है, बड़ी-बड़ी दुर्घटनाएं भी खुद उनके पास चलकर आती है। वे ताक में बैठे ही रहते हैं कि दुर्घटना अब हुई कि तब हुई और होने से पहले ही अपना आर्ट दिखा देते हैं। अब भारतीय रेल जैसा कोई चुस्त रेल इस दुनिया में नहीं है कि चौबीसों घंटे किसी दुर्घटना के इंतज़ार में बैठे रहे और अपने हुनर का कौशल दिखाए!!</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">और पांचवीं बात। ऐसी ही दुर्घटनाओं के सहारे हमारे देश के लोग थोड़ी-बहुत ज्यादा दुनिया भी देख लेते हैं, वरना तो उन्हें अपना परलोक सुधारने और इस जन्म में हिंदू धर्म को बचाने के झंझट से फुर्सत नहीं मिलती। लेकिन इसके लिए उन्हें किसी पैसेंजर ट्रेन में नहीं, राजधानी ट्रेन नंबर 20503 में सवार होना चाहिए, जिसके अंकों का मूलाधार 1 हो। हमारी कुशलता इसी से पता चलती है कि कितनी जल्दी दिल्ली पहुंचा जाएं। रुकने की फुर्सत नहीं है। दिल्ली पहुंचना है, तो बरौनी जंक्शन के भी मुफ्त में अतिरिक्त दर्शन हो जाएं, तो इसमें बुराई क्या है? स्वर्ग जाने के रास्ते की हर बाधा को दूर करना जरूरी है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सब दिल्ली जाने की हड़बड़ी में है, क्योंकि जीवन का पूरा पुण्य वही समाया हुआ है। अब अगली बार से किसी पैसेंजर ट्रेन में भूलकर मत बैठना। बैठना है, तो राजधानी में बैठना। दिल्ली स्वर्ग है। मोदीजी का सेवा तीर्थ भी वही है, जहां से स्वर्ग की टिकट मिल रही है। इस पुण्य का लाभ कमाईये। जितनी जल्दी हो सके, दिल्ली जाइए। यात्री बनकर जाईए, विधायक-सांसद बनकर जाईए, मंत्री या उसके चमचे बनकर जाईए, राष्ट्रपति बनकर जाईए या उप राष्ट्रपति बनकर, या अडानी-अंबानी के वफादार नौकर बनकर जाईए, लेकिन दिल्ली जरूर जाएं। स्वर्ग का रास्ता दिल्ली से होकर जाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>(व्यंग्य : संजय पराते)</strong></div>]]>
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                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>विचारधारा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 Jan 2026 17:37:53 +0530</pubDate>
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                <title>USA की सेकंड लेडी Usha Vance के 'रिंगलेस' लुक से अमेरिका में मची खलबली, वजह जानकर चौंक जाएंगे आप</title>
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                        <![CDATA[<h3 style="text-align:justify;">International Desk </h3><p style="text-align:justify;">अमेरिकी सेकंड लेडी <strong>उषा वेंस</strong> हाल ही में बिना शादी की अंगूठी दिखाई देने के कारण सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर यह सवाल तेजी से उठने लगा कि आखिर उपराष्ट्रपति <strong>जेडी वेंस</strong> और उषा के रिश्ते में क्या सब ठीक है या नहीं।</p><h4 style="text-align:justify;"><strong>कैसे शुरू हुआ मामला?</strong></h4><p style="text-align:justify;">19 नवंबर को नॉर्थ कैरोलिना के <strong>कैंप लेज्यून</strong> में फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप के साथ एक संयुक्त दौरे के दौरान उषा वेंस को हाथ में <em>वेडिंग रिंग</em> पहने बिना देखा गया। तस्वीरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चाओं का दौर तेज हो गया।</p><p style="text-align:justify;">कई यूजर्स ने यह दावा तक</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/161401/you-will-be-shocked-to-know-the-reason-behind-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/usa-की-सेकंड-लेडी-usha-vance-के-&#039;रिंगलेस&#039;-लुक-से-अमेरिका-में-मची-खलबली,-वजह-जानकर-चौंक-जाएंगे-आप.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">International Desk </h3><p style="text-align:justify;">अमेरिकी सेकंड लेडी <strong>उषा वेंस</strong> हाल ही में बिना शादी की अंगूठी दिखाई देने के कारण सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर यह सवाल तेजी से उठने लगा कि आखिर उपराष्ट्रपति <strong>जेडी वेंस</strong> और उषा के रिश्ते में क्या सब ठीक है या नहीं।</p><h4 style="text-align:justify;"><strong>कैसे शुरू हुआ मामला?</strong></h4><p style="text-align:justify;">19 नवंबर को नॉर्थ कैरोलिना के <strong>कैंप लेज्यून</strong> में फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप के साथ एक संयुक्त दौरे के दौरान उषा वेंस को हाथ में <em>वेडिंग रिंग</em> पहने बिना देखा गया। तस्वीरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चाओं का दौर तेज हो गया।</p><p style="text-align:justify;">कई यूजर्स ने यह दावा तक कर दिया कि कपल के रिश्ते में तनाव है, जबकि कुछ ने इसे पिछले महीनों से चल रही अफवाहों से जोड़ दिया। कई मीम्स और मज़ाक भी वायरल हुए।</p><h4 style="text-align:justify;"><strong>उषा की टीम ने दी सफाई</strong></h4><p style="text-align:justify;">मामला बढ़ने पर उषा वेंस की टीम ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उनके प्रवक्ता ने <em>People Magazine</em> को बताया:</p><p style="text-align:justify;"><strong>“तीन बच्चों की मां उषा का दिन काफी व्यस्त गुजरता है — बहुत सारी घर की जिम्मेदारियाँ, बर्तन, बच्चों को नहलाना… ऐसे में कभी-कभी अंगूठी पहनना भूल जाना बिल्कुल सामान्य है।”</strong></p><p style="text-align:justify;">प्रवक्ता के इस बयान से साफ हो गया कि रिंग न पहनने के पीछे कोई बड़ी वजह नहीं है।</p><h4 style="text-align:justify;"><strong>लेकिन विवादों का सिलसिला पुराना है</strong></h4><p style="text-align:justify;">उषा-जेडी वेंस कपल पिछले कुछ महीनों से लगातार पब्लिक स्क्रूटनी में है।</p><h5 style="text-align:justify;"><strong>1. एरिका किर्क को गले लगाने वाला विवाद</strong></h5><p style="text-align:justify;">जेडी वेंस को हाल ही में टर्निंग पॉइंट यूएसए के एक कार्यक्रम में कंजर्वेटिव एक्टिविस्ट चार्ली किर्क की विधवा <strong>एरिका किर्क</strong> को सार्वजनिक रूप से गले लगाते हुए देखा गया था।<br />बाद में एरिका ने एक कार्यक्रम में वेंस का परिचय कराते हुए कहा था कि उन्हें वेंस में अपने दिवंगत पति जैसी “कुछ बातें” दिखती हैं। इस बयान ने और सवाल खड़े कर दिए।</p><h5 style="text-align:justify;"><strong>2. धर्म परिवर्तन पर विवादित टिप्पणी</strong></h5><p style="text-align:justify;">बीते महीने जेडी वेंस ने एक भाषण में उम्मीद जताई थी कि उनकी पत्नी उषा — जो हिंदू हैं — “एक दिन कैथोलिक धर्म अपना लेंगी।”<br />इस बयान पर अमेरिकी मीडिया और सोशल मीडिया में काफी बहस छिड़ गई थी।</p><h4 style="text-align:justify;"><strong>कौन हैं उषा वेंस?</strong></h4><p style="text-align:justify;">उषा और जेडी वेंस की मुलाकात <strong>येल लॉ स्कूल</strong> में हुई थी। दोनों ने 2014 में शादी की और आज इनके तीन बच्चे हैं:</p><ul><li style="text-align:justify;"><p><strong>इवान (8)</strong></p></li><li style="text-align:justify;"><p><strong>विवेक (5)</strong></p></li><li><p style="text-align:justify;"><strong>मिराबेल (3)</strong></p></li></ul>]]>
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                                                            <category>WORLD NEWS</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Nov 2025 17:54:31 +0530</pubDate>
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                <title>व्हाइट हाउस में ममदानी से मिले ट्रंप, भारत-पाकिस्तान शांति में भूमिका का दावा दोहराया-लेकिन हकीकत क्या है?</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>International Desk </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन/नई दिल्ली </strong>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने में उनकी प्रशासन ने निर्णायक भूमिका निभाई थी। व्हाइट हाउस में न्यूयॉर्क शहर के नवनिर्वाचित मेयर ज़ोहरान ममदानी से मुलाकात के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्होंने “भारत–पाकिस्तान सहित आठ देशों के साथ शांति समझौते किए,” और “मई में दोनों देशों के बीच हुए गतिरोध को नियंत्रित करने में अहम योगदान दिया।” हालाँकि भारत ने हमेशा की तरह एक बार फिर इस प्रकार के किसी भी <strong>तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के दावे को खारिज</strong> किया है।</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/161322/trump-meets-mamdani-at-white-house-reiterates-claim-of-role"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/व्हाइट-हाउस-में-ममदानी-से-मिले-ट्रंप,-भारत-पाकिस्तान-शांति-में-भूमिका-का-दावा-दोहराया.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>International Desk </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन/नई दिल्ली </strong>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने में उनकी प्रशासन ने निर्णायक भूमिका निभाई थी। व्हाइट हाउस में न्यूयॉर्क शहर के नवनिर्वाचित मेयर ज़ोहरान ममदानी से मुलाकात के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्होंने “भारत–पाकिस्तान सहित आठ देशों के साथ शांति समझौते किए,” और “मई में दोनों देशों के बीच हुए गतिरोध को नियंत्रित करने में अहम योगदान दिया।” हालाँकि भारत ने हमेशा की तरह एक बार फिर इस प्रकार के किसी भी <strong>तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के दावे को खारिज</strong> किया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>ओवल ऑफिस में ट्रंप–ममदानी मुलाकात</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">विजय के बाद पहली औपचारिक बातचीत के लिए मेयर ममदानी व्हाइट हाउस पहुंचे, जहाँ ओवल ऑफिस में हुई मुलाकात को ट्रंप ने “शानदार” बताया। इसी दौरान उन्होंने भारत–पाकिस्तान तनाव पर अपने पिछले दावे दोहराए।</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप ने कहा कि मई में दोनों देशों के बीच शत्रुता बढ़ने पर उनके प्रशासन ने शांति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान दोनों को चेतावनी दी थी कि यदि वे संघर्ष नहीं रोकते, तो अमेरिका 350% तक के भारी टैरिफ लगा सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>मई के संघर्ष का ज़िक्र फिर छेड़ा</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप लगातार कहते रहे हैं कि <strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया था—“हम युद्ध नहीं करेंगे।”</strong><br />10 मई को सोशल मीडिया पर ट्रंप ने दावा किया था कि वाशिंगटन की मध्यस्थता में लंबी रात की बातचीत के बाद दोनों देश “पूर्ण और तत्काल युद्धविराम” पर सहमत हुए।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद से अब तक ट्रंप <strong>60 से अधिक बार</strong> यह बयान दे चुके हैं कि भारत–पाकिस्तान तनाव को “उन्होंने समाधान कराया।”</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>भारत का जवाब: ‘कोई मध्यस्थता नहीं हुई’</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">भारत ने इन बयानों के विपरीत एक स्पष्ट रुख बनाए रखा है।<br />नई दिल्ली के अनुसार—</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p>मई का तनाव पूरी तरह द्विपक्षीय प्रक्रिया से नियंत्रित हुआ</p>
</li>
<li>
<p>किसी भी प्रकार की अमेरिकी मध्यस्थता का प्रश्न ही नहीं उठता</p>
</li>
<li>
<p>भारत किसी तीसरे पक्ष को हस्तक्षेप की अनुमति नहीं देता</p>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">भारत के रुख को और भी स्पष्ट करने वाले तथ्य हैं <strong>ऑपरेशन सिंदूर</strong>, जिसे भारत ने 7 मई को शुरू किया था। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के प्रतिशोध में की गई थी, जिसमें 26 नागरिकों की हत्या हुई थी।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>ऑपरेशन सिंदूर: भारत की कार्रवाई के बाद वार्ता</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">इस ऑपरेशन के तहत भारत ने:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p>पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ढाँचे को निशाना बनाया</p>
</li>
<li>
<p>4 दिनों तक ड्रोन और मिसाइल हमले चलाए</p>
</li>
<li>
<p>आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक सैन्य दबाव बनाया</p>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद दोनों देशों ने 10 मई को शत्रुता समाप्त करने पर सहमति जताई—लेकिन नई दिल्ली के अनुसार यह समझौता <strong>भारत–पाकिस्तान की सीधी बातचीत</strong> का परिणाम था, न कि किसी “बाहरी मध्यस्थता” का।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>ट्रंप के दावों की टाइमिंग</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप के ये बयान ऐसे समय आ रहे हैं जब उन्होंने हाल ही में कई मुद्दों पर अपनी कूटनीतिक उपलब्धियों को रेखांकित करना शुरू किया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह बयानबाज़ी घरेलू राजनीतिक संदर्भ में भी देखी जा सकती है, क्योंकि ट्रंप खुद को एक “पीसमेकर” के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं।</p>]]>
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                                                            <category>WORLD NEWS</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/161322/trump-meets-mamdani-at-white-house-reiterates-claim-of-role</link>
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                <pubDate>Sat, 22 Nov 2025 21:15:03 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]>
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                            </item>
            <item>
                <title>G20 में भारत की दमदार दस्तक: ड्रग्स–आतंकवाद गठजोड़ पर पीएम मोदी का प्रहार, स्वास्थ्य और अफ्रीका विकास पर बड़े प्रस्ताव</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली | 22 नवंबर 2025 </strong>दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक विकास मॉडल में व्यापक सुधार की जरूरत पर जोर देते हुए कई महत्वपूर्ण पहलें प्रस्तावित कीं। “समावेशी और सतत आर्थिक विकास—जिसमें कोई पीछे न छूटे” विषय पर अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक वित्तीय और विकास ढांचे ने बड़ी आबादी को संसाधनों से वंचित किया है और प्रकृति के अति-दोहन को बढ़ावा दिया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>अफ्रीका की मेजबानी पर मोदी का संदेश</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">मोदी ने कहा कि अफ्रीका द्वारा पहली बार जी-20 शिखर सम्मेलन की मेज़बानी एक</p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/161319/indias-strong-knock-in-g20-pm-modis-attack-on-drugs-terrorism"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/g20-में-भारत-की-दमदार-दस्तक--ड्रग्स–आतंकवाद-गठजोड़-पर-पीएम-मोदी-का-प्रहार.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली | 22 नवंबर 2025 </strong>दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक विकास मॉडल में व्यापक सुधार की जरूरत पर जोर देते हुए कई महत्वपूर्ण पहलें प्रस्तावित कीं। “समावेशी और सतत आर्थिक विकास—जिसमें कोई पीछे न छूटे” विषय पर अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक वित्तीय और विकास ढांचे ने बड़ी आबादी को संसाधनों से वंचित किया है और प्रकृति के अति-दोहन को बढ़ावा दिया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>अफ्रीका की मेजबानी पर मोदी का संदेश</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">मोदी ने कहा कि अफ्रीका द्वारा पहली बार जी-20 शिखर सम्मेलन की मेज़बानी एक ऐतिहासिक क्षण है, और यह समय है कि दुनिया अपने विकास मानकों पर पुनर्विचार करे।<br />उन्होंने कहा कि भारत के सभ्यतागत मूल्य—विशेषतः <em>एकात्म मानववाद</em>—समावेशी और दीर्घकालिक विकास का आधार बन सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की झलक सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा,</p>
<blockquote>
<p>“अफ्रीका द्वारा पहली बार जी-20 शिखर सम्मेलन की मेज़बानी के साथ, अब हमारे लिए समावेशी और सतत विकास पर ध्यान केंद्रित करने का सही समय है।”</p>
</blockquote>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>ग्लोबल ट्रडिशनल नॉलेज वॉल्ट का प्रस्ताव</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी ने <strong>G20 वैश्विक पारंपरिक ज्ञान भंडार (Global Traditional Knowledge Vault)</strong> बनाने का प्रस्ताव रखा।<br />उन्होंने कहा कि भारत का पारंपरिक ज्ञान स्वास्थ्य और कल्याण के क्षेत्र में दुनिया का मार्गदर्शन कर सकता है और सामूहिक ज्ञान को संरक्षित करने में बड़ी भूमिका निभाएगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>अफ्रीका के लिए कौशल मिशन: 10 लाख प्रशिक्षकों का लक्ष्य</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">अफ्रीका की प्रगति को वैश्विक प्रगति की कुंजी बताते हुए पीएम मोदी ने<br /><strong>G20–अफ्रीका स्किल्स मल्टीप्लायर इनिशिएटिव</strong> का प्रस्ताव किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसका लक्ष्य अगले <strong>10 वर्षों में अफ्रीका के लिए 10 लाख प्रमाणित प्रशिक्षक तैयार करना</strong> है।<br />मोदी ने कहा कि भारत हमेशा अफ्रीका के साथ मजबूती से खड़ा रहा है और यह गर्व की बात है कि भारतीय अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को जी-20 का स्थायी सदस्य बनाया गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>ग्लोबल हेल्थकेयर रिस्पॉन्स टीम का गठन</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को प्राथमिकता देते हुए प्रधानमंत्री ने<br /><strong>G20 Global Healthcare Response Team</strong> की स्थापना का सुझाव दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">यह टीम प्राकृतिक आपदाओं और स्वास्थ्य आपात स्थितियों में तुरंत तैनाती के लिए प्रशिक्षित मेडिकल विशेषज्ञों का समूह होगी, जिसमें G20 देशों की सक्रिय भागीदारी शामिल की जाएगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>ड्रग्स–आतंकवाद गठजोड़ पर कड़ा हमला</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">फेंटेनाइल जैसे खतरनाक नशीले पदार्थों के फैलाव पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने<br /><strong>मादक पदार्थ–आतंकवाद गठजोड़</strong> को कमजोर करने के लिए एक विशेष G20 पहल का प्रस्ताव रखा।</p>
<p style="text-align:justify;">मोदी ने कहा: <span style="text-align:left;">“आइए, हम इस बदहाल मादक पदार्थ–आतंकवादी अर्थव्यवस्था को कमज़ोर करें।”</span></p>
<h3><strong>भारत की भूमिका और विज़न</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत, अपने सभ्यतागत मूल्यों और ग्लोबल साउथ की आवाज़ को केंद्र में रखते हुए, एक ऐसे विश्व का निर्माण चाहता है जहां आर्थिक विकास के लाभ समान रूप से साझा हों और कोई भी देश या समुदाय पीछे न छूटे।</p>]]>
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                                                            <category>WORLD NEWS</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Nov 2025 20:58:22 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>हमने लाल किले से लेकर कश्मीर तक हमले किए… अल्लाह का नाम लेकर पाकिस्तानी नेता की कबूल-ए-जुर्म</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<h3 style="text-align:justify;">  </h3>
<p style="text-align:justify;">नई दिल्ली।<br />सीमा पार आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान के दोहरे रवैये की एक और पोल खुल गई है। पाकिस्तान के राजनेता <strong>चौधरी अनवारुल हक</strong> का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह साफ तौर पर स्वीकार करते दिख रहे हैं कि पाकिस्तानी आतंकी नेटवर्क भारत में <strong>लाल किले से लेकर कश्मीर के जंगलों तक</strong> हमले अंजाम देते रहे हैं। हक ने दावा किया कि यह सब “अल्लाह के करम से” संभव हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">हक ने वायरल वीडियो में कहा—<br /><strong>“मैंने पहले ही कहा था कि अगर आप बलूचिस्तान को खून से लथपथ रखेंगे, तो हम लाल किले से लेकर कश्मीर</strong></p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160861/we-attacked-from-red-fort-to-kashmir%E2%80%A6-pakistani-leaders-confession"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/लाल-किले-से-लेकर-कश्मीर-के-जंगलों-तक.webp" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;"> </h3>
<p style="text-align:justify;">नई दिल्ली।<br />सीमा पार आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान के दोहरे रवैये की एक और पोल खुल गई है। पाकिस्तान के राजनेता <strong>चौधरी अनवारुल हक</strong> का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह साफ तौर पर स्वीकार करते दिख रहे हैं कि पाकिस्तानी आतंकी नेटवर्क भारत में <strong>लाल किले से लेकर कश्मीर के जंगलों तक</strong> हमले अंजाम देते रहे हैं। हक ने दावा किया कि यह सब “अल्लाह के करम से” संभव हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">हक ने वायरल वीडियो में कहा—<br /><strong>“मैंने पहले ही कहा था कि अगर आप बलूचिस्तान को खून से लथपथ रखेंगे, तो हम लाल किले से लेकर कश्मीर के जंगलों तक भारत पर हमला करेंगे। अल्लाह के करम से हमने यह कर दिखाया है और वे अभी भी लाशें गिनने में असमर्थ हैं।”</strong></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>लाल किला कार धमाके की ओर संकेत</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">उनकी टिप्पणी हाल ही में <strong>10 नवंबर को दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार विस्फोट</strong> की ओर संकेत करती है, जिसमें <strong>14 लोगों की मौत</strong> हुई थी। इस हमले का मास्टरमाइंड <strong>डॉ. उमर उन नबी</strong>, जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े 'सफेदपोश' मॉड्यूल का हिस्सा था। इस मॉड्यूल का भंडाफोड़ कुछ दिन पहले फरीदाबाद में हुआ था।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>कश्मीर के जंगलों में पर्यटकों पर हमला</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">हक की "कश्मीर के जंगल" वाली टिप्पणी <strong>अप्रैल में पहलगाम के बैसरन घाटी</strong> में हुए उस आतंकी हमले की ओर इशारा करती है, जिसमें <strong>पर्यटकों पर अंधाधुंध फायरिंग</strong> में <strong>26 लोगों की मौत</strong> हुई थी।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>पाकिस्तान की पुरानी रणनीति: ध्यान हटाने को भारत पर आरोप</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">हक के बयान ने एक बार फिर उजागर कर दिया है कि पाकिस्तान किस तरह अपनी <strong>आर्थिक बदहाली और आंतरिक अस्थिरता</strong> से ध्यान हटाने के लिए आतंकवाद का सहारा लेता है और उल्टा भारत पर ही आरोप मढ़ता है।<br />भारत ने हमेशा इस्लामाबाद के दावों को <strong>कठोरता से खारिज</strong> किया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>पहलगाम हमले के बाद भारत की कूटनीतिक कार्रवाई</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए, जिनमें <strong>सिंधु जल संधि को निलंबित करने</strong> का फैसला भी शामिल है। भारत का कहना है कि संधि तभी बहाल की जाएगी जब पाकिस्तान <strong>सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद</strong> करेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>पहले भी पाक नेताओं ने उगली सच्चाई</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">यह पहली बार नहीं जब किसी पाकिस्तानी नेता ने इस्लामाबाद की आतंकी नीति का खुलासा किया हो। हाल ही में <strong>खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी</strong> ने भी पाकिस्तान सरकार पर आरोप लगाया था कि वह प्रांत में <strong>“फर्जी आतंकी हमलों”</strong> का निर्माण कर राजनीतिक लाभ उठाती है।<br />अफगानिस्तान के टोलो न्यूज़ के अनुसार, अफरीदी ने कहा कि इस्लामाबाद ने खैबर क्षेत्र में शांति प्रक्रिया को बार-बार बाधित किया और अपने हितों के लिए “आतंकवाद को बढ़ावा” दिया</p>]]>
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                                                            <category>WORLD NEWS</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Nov 2025 19:55:04 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बनारस से छिवकी पहुँची वंदे भारत ट्रेन, हरी झंडी दिखाकर किया रवाना</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी , प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनारस से खजुराहो के लिए सुबह वंदे भारत ट्रेन का शुभारंभ बनारस स्टेशन से किया। यह ट्रेन छिवकी जंक्शन पर 11.17 मिनट पर पहुंची। जहां ट्रेन का यहां पर बाजे गाजे के साथ स्वागत किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ट्रेन के पहुंचने पर जय श्री राम के नारे भी लगे।ट्रेन को छिवकी जंक्शन पर हरी झंडी दिखाकर चित्रकूट से खजुराहो के लिए रवाना किया गया। इस शुभारंभ के दौरान डीआरएम उत्तर मध्य रेलवे, महापौर गणेश केसरवानी, सांसद दीपक पटेल,सभी पार्षद सहित तमाम लोग लोग मौजूद रहे।इस दौरान पार्षद मयंक यादव,समाजसेवी समर बहादुर सिंह, भाजपा नेता राजन</div></div></div></div>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159404/vande-bharat-train-reached-chhivki-from-banaras-and-flagged-off"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/img-20251108-wa0133.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी , प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनारस से खजुराहो के लिए सुबह वंदे भारत ट्रेन का शुभारंभ बनारस स्टेशन से किया। यह ट्रेन छिवकी जंक्शन पर 11.17 मिनट पर पहुंची। जहां ट्रेन का यहां पर बाजे गाजे के साथ स्वागत किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ट्रेन के पहुंचने पर जय श्री राम के नारे भी लगे।ट्रेन को छिवकी जंक्शन पर हरी झंडी दिखाकर चित्रकूट से खजुराहो के लिए रवाना किया गया। इस शुभारंभ के दौरान डीआरएम उत्तर मध्य रेलवे, महापौर गणेश केसरवानी, सांसद दीपक पटेल,सभी पार्षद सहित तमाम लोग लोग मौजूद रहे।इस दौरान पार्षद मयंक यादव,समाजसेवी समर बहादुर सिंह, भाजपा नेता राजन शुक्ला, पार्षद राकेश जायसवाल, पवन यादव, घनश्याम जायसवाल, शुभाष चन्द्र केशरवानी, संजय श्रीवास्तव आदि रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]>
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                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Nov 2025 22:02:03 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]>
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            <item>
                <title>भारत–तालिबान संपर्क से पाकिस्तान पर दबाव, अफगान सीमा पर बढ़ा तनाव</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>International Desk</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>काबुल/इस्लामाबाद | 4 नवंबर 2025</strong> — दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में बड़ा मोड़ आया है। भारत और अफगानिस्तान (तालिबान शासन) के बीच हालिया उच्च-स्तरीय बातचीत ने पाकिस्तान को नई कूटनीतिक चुनौती के सामने खड़ा कर दिया है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी के बीच हुई फोन वार्ता को दोनों देशों के संबंधों में एक नया अध्याय माना जा रहा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">भारत का तालिबान से सीधा संवाद</h3>
<p style="text-align:justify;">विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारत ने अफगानिस्तान में हाल में आए मज़ार-ए-शरीफ़ भूकंप के बाद तत्काल मानवीय सहायता की पेशकश की। डॉ.</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158975/pressure-on-pakistan-due-to-india-taliban-contact-tension-increases-on"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/भारत–तालिबान-संपर्क-से-पाकिस्तान-पर-दबाव,-अफगान-सीमा-पर-बढ़ा-तनाव.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>International Desk</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>काबुल/इस्लामाबाद | 4 नवंबर 2025</strong> — दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में बड़ा मोड़ आया है। भारत और अफगानिस्तान (तालिबान शासन) के बीच हालिया उच्च-स्तरीय बातचीत ने पाकिस्तान को नई कूटनीतिक चुनौती के सामने खड़ा कर दिया है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी के बीच हुई फोन वार्ता को दोनों देशों के संबंधों में एक नया अध्याय माना जा रहा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">भारत का तालिबान से सीधा संवाद</h3>
<p style="text-align:justify;">विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारत ने अफगानिस्तान में हाल में आए मज़ार-ए-शरीफ़ भूकंप के बाद तत्काल मानवीय सहायता की पेशकश की। डॉ. जयशंकर ने मुत्ताकी से बातचीत में कहा कि भारत “हर कठिन परिस्थिति में अफगान जनता के साथ खड़ा रहेगा।” यह पहली बार है जब किसी भारतीय विदेश मंत्री ने तालिबान शासन के वरिष्ठ अधिकारी से सार्वजनिक रूप से संवाद किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">अफगान विदेश मंत्रालय ने भी भारत के कदम की सराहना करते हुए कहा कि “भारत क्षेत्रीय स्थिरता का महत्वपूर्ण भागीदार है।” सोशल मीडिया पर अफगान नागरिकों ने भी भारत के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव</h3>
<p style="text-align:justify;">दूसरी ओर, पाकिस्तान सरकार को दो मोर्चों पर दबाव झेलना पड़ रहा है।</p>
<ol style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>अफगान सीमा पर झड़पें:</strong> ताजा सप्ताहों में पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर गोलीबारी और तनाव की खबरें आई हैं। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।</p>
</li>
<li>
<p><strong>अफगान शरणार्थियों का निष्कासन:</strong> पाकिस्तान ने अपने देश से हजारों अफगान शरणार्थियों को जबरन वापस भेजना शुरू किया, जिससे काबुल और इस्लामाबाद के बीच तनाव और बढ़ गया है। तालिबान सरकार ने इस पर “गंभीर चिंता” जताई है।</p>
</li>
</ol>
<p style="text-align:justify;">विश्लेषकों का मानना है कि भारत-अफगान संपर्क से पाकिस्तान “रणनीतिक रूप से घिरा” महसूस कर सकता है। नई दिल्ली अफगानिस्तान के साथ अपने संबंधों को मानवीय सहयोग और सुरक्षा नीति दोनों स्तर पर मजबूत कर रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">भारत की त्रिशूल मिलिट्री एक्सरसाइज</h3>
<p style="text-align:justify;">इसी बीच, भारतीय सशस्त्र बलों ने राजस्थान और गुजरात सेक्टर में <strong>‘त्रिशूल’ संयुक्त सैन्य अभ्यास</strong> शुरू किया है। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह नियमित ट्राई-सर्विस ड्रिल है, लेकिन क्षेत्रीय घटनाक्रम के बीच इसे “संदेश-वाहक” कदम के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">रणनीतिक तस्वीर</h3>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों के अनुसार, भारत का यह कदम यथार्थवादी कूटनीति की दिशा में है — यानी तालिबान शासन को मान्यता दिए बिना अफगान जनता से जुड़ाव बनाए रखना। यह नीति पाकिस्तान के पारंपरिक प्रभाव को सीमित कर सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">राजनीतिक विश्लेषक प्रो. आर.के. शर्मा कहते हैं —</p>
<blockquote>
<p style="text-align:justify;">“भारत अब अफगानिस्तान को लेकर भावनात्मक नहीं, रणनीतिक दृष्टिकोण अपना रहा है। पाकिस्तान के लिए यह संकेत है कि क्षेत्र में अब ‘एकतरफा प्रभाव’ का दौर खत्म हो रहा है।”</p>
</blockquote>]]>
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                                                            <category>WORLD NEWS</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Nov 2025 19:30:03 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान-सऊदी की नाटो जैसी डील पर आया भारत का पहला बयान... देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p><strong>INTERNATIONAL DESK</strong></p>
<p><strong>पाकिस्तान और सऊदी </strong>अरब के बीच एक रणनीतिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर के एक दिन बाद, भारत ने गुरुवार (18 सितंबर, 2025) को कहा कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता पर इस समझौते के प्रभावों का अध्ययन करेगा।</p>
<p>पाकिस्तान-सऊदी अरब के एक संयुक्त बयान के अनुसार, समझौते में कहा गया है कि दोनों देशों में से किसी के भी विरुद्ध किसी भी तरह के हमले को दोनों के विरुद्ध आक्रमण माना जाएगा. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस मामले में अपनी संतुलित प्रतिक्रिया में कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों की</p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155376/indias-first-statement-came-on-a-deal-like-pakistan-saudi-nato"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/पाकिस्तान-सऊदी-की-नाटो-जैसी-डील-पर-आया-भारत-का-पहला-बयान...-देश-की-सुरक्षा-से-कोई-समझौता-नहीं.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>INTERNATIONAL DESK</strong></p>
<p><strong>पाकिस्तान और सऊदी </strong>अरब के बीच एक रणनीतिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर के एक दिन बाद, भारत ने गुरुवार (18 सितंबर, 2025) को कहा कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता पर इस समझौते के प्रभावों का अध्ययन करेगा।</p>
<p>पाकिस्तान-सऊदी अरब के एक संयुक्त बयान के अनुसार, समझौते में कहा गया है कि दोनों देशों में से किसी के भी विरुद्ध किसी भी तरह के हमले को दोनों के विरुद्ध आक्रमण माना जाएगा. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस मामले में अपनी संतुलित प्रतिक्रिया में कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा और सभी क्षेत्रों में व्यापक राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।</p>
<p>उधर सऊदी और पाकिस्तान में नाटो जैसी डील हुई और हड़कंप भारत में मच गया। भारत में सवाल उठ रहे हैं कि सऊदी और पाकिस्तान के बीच हुए समझौते को लेकर अब वो आगे क्या करेगा। अब भारत के पक्ष से भी इसे लेकर जवाब आ गया है। सऊदी और पाकिस्तान के बीच हुए रक्षा समझौते पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने पहला  बयान दिया है। पूरे मामले को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई।</p>
<p> भारत ने सऊदी अरब पाकिस्तान के बीच हुए समझौते पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार इस समझौते के बारे में पहले से जानती थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि भारत इस घटनाक्रम के हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन करेगा।</p>
<p>उन्होंने आगे आश्वासन दिया कि सरकार भारत के राष्ट्रीय हितों की रक्षा और सभी क्षेत्रों में व्यापक राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हमने सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच एक रणनीतिक पारस्परिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर की खबरें देखी हैं।</p>
<p>सरकार को इस बात की जानकारी थी कि यह घटनाक्रम, जो दोनों देशों के बीच एक दीर्घकालिक समझौते को औपचारिक रूप देता है, विचाराधीन था। हम अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता पर इस घटनाक्रम के प्रभावों का अध्ययन करेंगे। सरकार भारत के राष्ट्रीय हितों की रक्षा और सभी क्षेत्रों में व्यापक राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>
<p>गौरतलब है कि पाकिस्तान और सऊदी अरब ने एक रणनीतिक पारस्परिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके अनुसार उनमें से किसी भी देश पर किसी भी हमले को दोनों के विरुद्ध आक्रमण माना जाएगा। एक संयुक्त बयान के अनुसार, इस समझौते पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सऊदी अरब के शहजादे मोहम्मद बिन सलमान ने बुधवार को पाकिस्तानी नेता की खाड़ी देश की एक दिवसीय यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किए।</p>
<p>यह समझौता कतर में हमास नेतृत्व पर इजराइली हमले के कुछ दिन बाद हुआ है, जो खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका का एक प्रमुख सहयोगी है। संयुक्त बयान के अनुसार, रणनीतिक पारस्परिक रक्षा समझौते में कहा गया है कि किसी भी देश के विरुद्ध किसी भी आक्रमण को दोनों के विरुद्ध आक्रमण माना जाएगा।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>WORLD NEWS</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Sep 2025 14:38:33 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>50% टैरिफ़ के झटके के बाद आज रात अमेरिकी मुख्य वार्ताकार सुलह की उम्मीद! भारत पहुंचेंगे </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p><strong>International Desk</strong></p>
<p>भारत और अमेरिका के बीच मंगलवार को व्यापार वार्ता होने की उम्मीद है। समाचार एजेंसी एएनआई ने एक सरकारी अधिकारी के हवाले से बताया कि अमेरिका के मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच, जो ट्रंप के सहयोगी और दक्षिण एवं मध्य एशिया के लिए सहायक अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि हैं, व्यापार वार्ता के लिए आज रात भारत पहुँचेंगे। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब ट्रंप द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के संकेत मिले हैं। ट्रंप प्रशासन रूसी तेल खरीदने के लिए भारत की लगातार आलोचना करता रहा</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155089/draft-add-your-titlea50-after-the-shock-of-tariff"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/दक्षिण-अफ्रीका-के-राष्ट्रपति-भारत-के-दोस्त-ने-भी-बिगाड़ा-ट्रंप-का-खेल-कहा-...आपसे-नहीं-डरते-हैं.png" alt=""></a><br /><p><strong>International Desk</strong></p>
<p>भारत और अमेरिका के बीच मंगलवार को व्यापार वार्ता होने की उम्मीद है। समाचार एजेंसी एएनआई ने एक सरकारी अधिकारी के हवाले से बताया कि अमेरिका के मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच, जो ट्रंप के सहयोगी और दक्षिण एवं मध्य एशिया के लिए सहायक अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि हैं, व्यापार वार्ता के लिए आज रात भारत पहुँचेंगे। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब ट्रंप द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के संकेत मिले हैं। ट्रंप प्रशासन रूसी तेल खरीदने के लिए भारत की लगातार आलोचना करता रहा है और आरोप लगाता रहा है कि यह यूक्रेन में युद्ध को बढ़ावा दे रहा है।</p>
<p>शुरुआत में, ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था। बाद में, उसने 25 प्रतिशत टैरिफ और बढ़ा दिए, जिससे कुल टैरिफ 50 प्रतिशत हो गया। ये अतिरिक्त टैरिफ 27 अगस्त से लागू हो गए। हालांकि, पिछले हफ्ते, ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना 'अच्छा दोस्त' बताते हुए कहा कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत जारी रखेंगे।</p>
<p>ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था, "मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और अमेरिका दोनों देशों के बीच व्यापार बाधाओं को दूर करने के लिए बातचीत जारी रखे हुए हैं... मैं आने वाले हफ्तों में अपने बहुत अच्छे दोस्त, प्रधानमंत्री मोदी से बात करने के लिए उत्सुक हूँ। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे दोनों महान देशों के लिए एक सफल निष्कर्ष पर पहुँचने में कोई कठिनाई नहीं होगी!"</p>
<p>बाद में, प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप की टिप्पणी का स्वागत करते हुए कहा कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति की भावनाओं की "गहरी सराहना करते हैं और पूरी तरह से उनका समर्थन करते हैं।" प्रधानमंत्री मोदी ने एक 'X' (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट में कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप की भावनाओं और हमारे संबंधों के सकारात्मक आकलन की मैं गहराई से सराहना करता हूँ और पूरी तरह से उनका समर्थन करता हूँ। भारत और अमेरिका के बीच एक बहुत ही सकारात्मक और दूरदर्शी व्यापक और वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है।"</p>
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<p class="pf0"><strong><span class="cf0">आज भारत आ रहे हैं अमेरिकी अधिकारी</span></strong></p>
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<div class="article-body">
<p class="pf0"><span class="cf1">जानकारी के मुताबिक, दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिका के </span><span class="cf1">असिस्टेंट ट्रेड रेप्रेसेंटेटिव</span><span class="cf1"> ब्रेंडन लिंच मंगलवार (16 सितंबर) को भारत के मुख्य वार्ताकार और वाणिज्य मंत्रालय में विशेष सचिव राजेश अग्रवाल से मुलाकात करेंगे।</span> <span class="cf1">भारत और अमेरिका के बीच ट्रंप के टैरिफ के बाद से ही दोनों देशों के रिश्ते बिगड़ गए हैं। ट्रंप अब तक भारत पर कुल 50 फीसदी टैरिफ लगा चुके हैं। यह ऐसा मुद्दा बन गया है जो दोनों देशों की कूटनीति के साथ ही साथ राजनीति को भी प्रभावित कर रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप भी मान चुके हैं कि टैरिफ की वजह से भारत के साथ दरार पैदा हुई है।</span></p>
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<p class="pf0"><strong>अमेरिका ने दी थी ये चेतावनी </strong></p>
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<p class="pf0"><span class="cf3">विशेष सचिव राजेश अग्रवाल ने बिना ज्यादा जानकारी साझा किए यह पुष्टि की कि भारत और अमेरिका अपनी व्यापार वार्ताओं की गति बढ़ाएंगे। उन्होंने बताया कि अमेरिकी अधिकारी ब्रेंडन लिंच नई दिल्ली की एक दिन की यात्रा पर आ रहे हैं।</span> <span class="cf3">हालांकि अमेरिकी <span class="cf0">सेक्रेटरी ऑफ कॉमर्स </span>हॉवर्ड लुटनिक ने चेतावनी दी थी कि अगर भारत रूसी कच्चा तेल खरीदना बंद नहीं करता तो बातचीत मुश्किल हो सकती है, लेकिन लिंच का दौरा सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। अब तक ये वार्ताए</span><span class="cf3">ं</span><span class="cf3"> भारत के कृषि और डेयरी क्षेत्रों को खोलने में हिचकिचाहट के चलते अटकी हुई थीं।</span></p>
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                                                            <category>WORLD NEWS</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Sep 2025 19:08:25 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिका में अडानी रिश्वत मामला खत्म कराने की कोशिश फिलहाल नाकामः ब्लूमबर्ग रिपोर्ट</title>
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                        <![CDATA[<p><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></p>
<p>भारतीय अरबपति गौतम अडानी और उनके समूह के खिलाफ अमेरिकी धोखाधड़ी के आरोपों को सुलझाने की कोशिश अटक गई है। इससे अडानी ग्रुप की विस्तार योजनाओं पर रेगुलेटर का दबाव बढ़ गया है। ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से खबर देते हुए कहा कि यह रुकावट अमेरिका और भारत के बीच तनावपूर्ण संबंधों के कारण हुई है। इसी तरह मुकेश अंबानी पर रूस से सस्ता तेल खरीदने का आरोप है। अमेरिका इस मामले में अंबानी पर भी शिकंजा कस रहा है। हालांकि अंबानी के सस्ता तेल खरीदने से भारत की जनता को कोई फायदा नहीं हुआ। तेल की</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154861/attempts-to-end-adani-bribery-case-in-america-failed-at"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/अमेरिका-में-अडानी-रिश्वत-मामला-खत्म-कराने-की-कोशिश-फिलहाल-नाकामः-ब्लूमबर्ग-रिपोर्ट।.png" alt=""></a><br /><p><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></p>
<p>भारतीय अरबपति गौतम अडानी और उनके समूह के खिलाफ अमेरिकी धोखाधड़ी के आरोपों को सुलझाने की कोशिश अटक गई है। इससे अडानी ग्रुप की विस्तार योजनाओं पर रेगुलेटर का दबाव बढ़ गया है। ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से खबर देते हुए कहा कि यह रुकावट अमेरिका और भारत के बीच तनावपूर्ण संबंधों के कारण हुई है। इसी तरह मुकेश अंबानी पर रूस से सस्ता तेल खरीदने का आरोप है। अमेरिका इस मामले में अंबानी पर भी शिकंजा कस रहा है। हालांकि अंबानी के सस्ता तेल खरीदने से भारत की जनता को कोई फायदा नहीं हुआ। तेल की कीमतें कभी कम हुई ही नहीं। पेट्रोल-डीजल के रेट एक बड़ा स्कैम साबित हो रहे हैं। विपक्ष ने इस मामले को बार-बार उठाया है।</p>
<p>ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अडानी पर अमेरिकी न्याय विभाग में अटॉर्नी ने नवंबर 2024 में 250 मिलियन डॉलर (लगभग 2,100 करोड़ रुपये) के रिश्वत घोटाले का आरोप लगाया था। इसमें अडानी और उनके सहयोगियों पर भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देकर सोलर पावर प्रोजेक्ट्स के ठेके हासिल करने का इल्जाम है। इसमें अमेरिकी निवेशकों को भी धोखा दिया गया। इस मामले ने भारत के सबसे प्रभावशाली उद्योगपति को गहरा झटका दिया, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाते हैं। </p>
<p>सूत्रों ने बताया कि अडानी पक्ष ने मई 2025 में ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात की थी, जिसमें अमेरिकी रिश्वत मामलों को खारिज कराने की कोशिश की गई। हालांकि, सितंबर आते-आते यह प्रयास रुक गया है। विशेषज्ञों का मानना है इसमें कूटनीतिक बाधाएं प्रमुख हैं, खासकर जब अमेरिका-भारत संबंध डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अस्थिर हो गए हैं। हालांकि दोनों देश फिर से संबंध सुधारने में जुट गए हैं।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
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                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Sep 2025 20:34:44 +0530</pubDate>
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