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                <title>जनहित मुद्दा - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>जनहित मुद्दा RSS Feed</description>
                
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                <title>मौत की फैक्ट्री ने खोली व्यवस्था की पोल,सबूतों के बाद भी यदि जिम्मेदार बच जाएं तो न्याय अधूरा रहेगा</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs">
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<div style="text-align:justify;">जयपुर के खोह नागोरियान क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट और आगजनी की घटना केवल एक हादसा नहीं है, बल्कि यह हमारे प्रशासनिक तंत्र, निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही की वास्तविक तस्वीर को सामने लाने वाली त्रासदी है। आठ लोगों की दर्दनाक मौत, जिनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल था, केवल आंकड़ा नहीं है बल्कि उन परिवारों की जिंदगी का वह अंधेरा अध्याय है जिसे वे कभी भुला नहीं पाएंगे। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर ऐसी अवैध गतिविधियां वर्षों तक प्रशासन और पुलिस की नजरों से कैसे बची रहती</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180920/the-death-factory-has-opened-the-systems-polls-even-after"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/feec3084-87ae-405c-9cf7-318a98f01ecb.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs">
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<div style="text-align:justify;">जयपुर के खोह नागोरियान क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट और आगजनी की घटना केवल एक हादसा नहीं है, बल्कि यह हमारे प्रशासनिक तंत्र, निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही की वास्तविक तस्वीर को सामने लाने वाली त्रासदी है। आठ लोगों की दर्दनाक मौत, जिनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल था, केवल आंकड़ा नहीं है बल्कि उन परिवारों की जिंदगी का वह अंधेरा अध्याय है जिसे वे कभी भुला नहीं पाएंगे। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर ऐसी अवैध गतिविधियां वर्षों तक प्रशासन और पुलिस की नजरों से कैसे बची रहती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिस मकान में यह फैक्ट्री संचालित हो रही थी, वह रिहायशी इलाके के बीचोंबीच स्थित था। वहां करीब डेढ़ सौ मकानों में छह सौ से अधिक लोग रहते हैं। ऐसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में लगभग पचास किलो बारूद का भंडारण और पटाखों का निर्माण किसी भी समय बड़े हादसे को निमंत्रण देने जैसा था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि फैक्ट्री के पास कोई वैध लाइसेंस नहीं था। मकान किराए पर दिया गया था, लेकिन न तो पुलिस सत्यापन कराया गया और न ही विधिवत किरायानामा तैयार किया गया। यह स्थिति बताती है कि नियम केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">घटना के बाद सामने आए तथ्यों ने व्यवस्था की कई परतों को उजागर किया है। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री पिछले कई वर्षों से संचालित थी और स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी थी। यदि आसपास रहने वाले लोग जानते थे कि यहां पटाखों का काम होता है तो फिर पुलिस, प्रशासन और अन्य जिम्मेदार विभागों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी। थाना क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखना स्थानीय पुलिस की जिम्मेदारी होती है। बीट कांस्टेबल से लेकर थाना प्रभारी तक की जवाबदेही तय होती है। ऐसे में यह मान लेना कठिन है कि किसी को इसकी जानकारी नहीं थी।</div>
<div style="text-align:justify;">इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि हादसे के समय वहां काम करने वाले मजदूर बेहद असुरक्षित परिस्थितियों में कार्य कर रहे थे। बारूद के बीच मजदूरों से काम लिया जा रहा था। वहीं खाना भी बनाया जाता था और घरेलू गैस सिलेंडर भी रखा हुआ था। सुरक्षा मानकों की ऐसी घोर अनदेखी किसी भी क्षण विनाश का कारण बन सकती थी। जब आग लगी तो मजदूर जान बचाने के लिए बाहर भागे। कई लोग बुरी तरह झुलस गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उनके कपड़ों के साथ चमड़ी तक निकल गई थी। यह दृश्य किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को झकझोर देने वाला है।</div>
<div style="text-align:justify;">घटना के बाद राहत और बचाव कार्यों को लेकर भी कई सवाल उठे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शुरुआती समय में आग इतनी भयावह थी कि घटनास्थल के निकट पहुंचना मुश्किल था। स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर घायलों को बाहर निकाला। यदि स्थानीय नागरिक साहस नहीं दिखाते तो मृतकों की संख्या और अधिक हो सकती थी। यह तथ्य भी चिंताजनक है कि इतने बड़े हादसे के बावजूद घटनास्थल पर तत्काल और व्यवस्थित आपदा प्रबंधन व्यवस्था दिखाई नहीं दी। ऐसी घटनाओं में शुरुआती कुछ मिनट सबसे महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन अक्सर हमारी व्यवस्थाएं इन्हीं क्षणों में कमजोर पड़ जाती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">यह पहला अवसर नहीं है जब अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ हो। देश के विभिन्न हिस्सों में हर वर्ष ऐसे हादसे होते हैं और दर्जनों लोग जान गंवाते हैं। कुछ महीने पहले खैरथल-तिजारा क्षेत्र में भी इसी प्रकार का हादसा हुआ था। उसके बाद हजारों फैक्ट्रियों की जांच की गई और बड़ी संख्या में नोटिस जारी किए गए। लेकिन सवाल यह है कि नोटिस देने के बाद क्या हुआ। यदि कार्रवाई प्रभावी होती तो शायद जयपुर की यह घटना टाली जा सकती थी। केवल नोटिस जारी कर देना प्रशासनिक सफलता नहीं कहलाता। वास्तविक सफलता तब मानी जाएगी जब नियमों का पालन सुनिश्चित हो और अवैध इकाइयों को समय रहते बंद कराया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;">इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण विषय जवाबदेही का है। अक्सर बड़े हादसों के बाद जांच समितियां गठित कर दी जाती हैं, रिपोर्ट मांगी जाती है और कुछ समय बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। मृतकों के परिजनों को मुआवजा देकर सरकार अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेती है। लेकिन मुआवजा कभी किसी की जिंदगी वापस नहीं ला सकता। न्याय तभी होगा जब उन सभी लोगों की जिम्मेदारी तय होगी जिनकी लापरवाही या मिलीभगत के कारण यह अवैध कारोबार फलता-फूलता रहा। फैक्ट्री संचालक, मकान मालिक, निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारी और नियमों के पालन की जांच करने वाले विभाग सभी की भूमिका की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।</div>
<div style="text-align:justify;">समाज के सामने भी आत्ममंथन का अवसर है। कई बार लोग अपने आसपास चल रही अवैध गतिविधियों को देखकर भी चुप रहते हैं। भय, उदासीनता या व्यक्तिगत स्वार्थ के कारण शिकायत नहीं करते। परिणाम यह होता है कि एक दिन वही गतिविधि किसी बड़े हादसे का रूप ले लेती है। नागरिक सतर्कता और प्रशासनिक जवाबदेही दोनों मिलकर ही ऐसी घटनाओं को रोक सकते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">आज जरूरत केवल शोक व्यक्त करने की नहीं है बल्कि कठोर और निर्णायक कार्रवाई की है। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके लिए सबसे बड़ी सांत्वना यही होगी कि दोषियों को सजा मिले और भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी पीड़ा न झेलनी पड़े। यदि इस घटना के स्पष्ट सबूतों और तथ्यों के बावजूद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती, तो यह व्यवस्था पर लोगों के भरोसे को और कमजोर करेगा।</div>
<div style="text-align:justify;">खोह नागोरियान की यह त्रासदी हमें याद दिलाती है कि प्रशासनिक लापरवाही, नियमों की अनदेखी और जवाबदेही के अभाव का परिणाम कितना भयावह हो सकता है। आठ लोगों की मौत केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता का प्रमाण है। अब देखना यह है कि जांच और कार्रवाई का वादा केवल औपचारिकता बनकर रह जाता है या फिर वास्तव में दोषियों को सजा देकर यह संदेश दिया जाता है कि लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों के लिए कानून में कोई जगह नहीं है। पीड़ित परिवारों को वास्तविक राहत तभी मिलेगी जब न्याय केवल कागजों पर नहीं बल्कि धरातल पर दिखाई देगा।</div>
<div style="text-align:justify;">   </div>
<div style="text-align:justify;">    <strong> *कांतिलाल मांडोत*</strong></div>
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                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 15:48:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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                <title>नरहरपुर में 194 कार्डधारको की फर्जी उपस्थिति दर्ज कर प्रधान व रोजगारसेवक हो रहे मालामाल</title>
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केकप्तानगंज ब्लाक अंतर्गत नरहरपुर में तालाब जिर्णोद्धार कार्य कागज मे चल रही है कार्ड धारको के नाम के सहारे प्रधान अपनी पूरी ताकत लगाकर भ्रष्टाचार करने में लगे हुए है। या यू कहे भ्रष्टाचार के जुनून में सरकार की साख को दाव पर लगा कर सिस्टम को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं । </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार विकासखंड कप्तानगंज के ग्राम पंचायत नरहरपुर में तालाब और नाला खुदाई कार्य मनरेगा के कागज में चल रहा है । तालाब खुदाई में 194 और नाला सफाई में 51 मजदूरों की हाजिरी पटल पर लगाई जा रही है ।</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180885/pradhans-and-employment-servants-are-getting-rich-by-registering-fake"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260609-wa0053.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केकप्तानगंज ब्लाक अंतर्गत नरहरपुर में तालाब जिर्णोद्धार कार्य कागज मे चल रही है कार्ड धारको के नाम के सहारे प्रधान अपनी पूरी ताकत लगाकर भ्रष्टाचार करने में लगे हुए है। या यू कहे भ्रष्टाचार के जुनून में सरकार की साख को दाव पर लगा कर सिस्टम को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं । </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार विकासखंड कप्तानगंज के ग्राम पंचायत नरहरपुर में तालाब और नाला खुदाई कार्य मनरेगा के कागज में चल रहा है । तालाब खुदाई में 194 और नाला सफाई में 51 मजदूरों की हाजिरी पटल पर लगाई जा रही है । प्रधान व सचिव कागजी कोरमपूरा कर फर्जी हाजिरी लगवाकर सरकारी धन को लूटने में कोई कोर कसर नही छोड़ रहे हैं। प्रधान एवं रोजगार सेवक द्वारा भटपुरवा ललहवा पर तिन्ना से पटा/पानी भरे तालाब व तैरती जलकुंभी में लगभग एक सप्ताह से फर्जी हाजिरी सरकारी रजिस्टर पर दर्ज की जा चुकी है । अगर जमीनी हकीकत की बात करे तो मजदूर कार्य करते नही मिले कार्य शून्य है । ग्रामीणों से पूछने पर मालूम हुआ कि प्रधान अपने चहेते रोजगार सेवक के सहारे भ्रष्टाचार की पटकथा लिखते हैं और विना कार्य कराए सरकारी धन को लूटने के प्रयास में लगे रहते हैं । ग्रामीणों की बातो पर गौर करे तो प्रधान प्रतिदिन लगभग पच्चास हजार रुपए सरकारी धन का बंडरबांट करने में लगे हुए हैं । एक सप्ताह में लगभग पांच लाख रुपए बंदर बांट किए जा चुके हैं । रोजगार सेवक,प्रधान सचिव तथा जेई योजना बनाकर जाबकार्ड धारकों को रोजगार देने के नाम पर मुर्ख बनाया जा रहा है और उनके हक पर डांका डालकर सरकारी धन को हड़पने के फिराक में हैं । प्रधान अपना माल समझ कर सरकारी धन लूटने में लगे हैं ।</div>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 20:59:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोनहटी बुजुर्ग में पानी और जलकुंभी के बीच चल रहा मनरेगा कार्य प्रधान सचिन और वीडियो की मिले भगत से</title>
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<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केखंड विकास अधिकारी साँऊघाट मनोज कुमार श्रीवास्तव की मिली भगत से ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग में धड़ल्ले से मनरेगा फर्जीवाड़ा जारी है । महिला मेट रामावती देवी मनरेगा मजदूरों की उलूल - जुलूल (फर्जी फोटो ) फोटो लगाकर फर्जी मस्टर रोल पूर्ण कर रही है ।</div>
<div>  </div>
<div>आपको बता दें कि ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग में तालाब खुदाई व सफाई के नाम पर दो आनलाइन मस्टर रोल जारी है जिसमें 127 मनरेगा मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाने का कार्य महिला मेट रामावती देवी लगा रही है और ग्राम पंचायत में मनरेगा फर्जीवाड़ा करके वाह - वाही लूट रही</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180883/mnrega-work-going-on-amidst-water-and-hyacinth-in-sonhati"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260608-wa0081.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केखंड विकास अधिकारी साँऊघाट मनोज कुमार श्रीवास्तव की मिली भगत से ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग में धड़ल्ले से मनरेगा फर्जीवाड़ा जारी है । महिला मेट रामावती देवी मनरेगा मजदूरों की उलूल - जुलूल (फर्जी फोटो ) फोटो लगाकर फर्जी मस्टर रोल पूर्ण कर रही है ।</div>
<div> </div>
<div>आपको बता दें कि ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग में तालाब खुदाई व सफाई के नाम पर दो आनलाइन मस्टर रोल जारी है जिसमें 127 मनरेगा मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाने का कार्य महिला मेट रामावती देवी लगा रही है और ग्राम पंचायत में मनरेगा फर्जीवाड़ा करके वाह - वाही लूट रही है । </div>
<div> </div>
<div>मीडिया पड़ताल में पता चला कि ग्राम प्रधान हसीना बानों के द्वारा जिस तालाब की खुदाई व सफाई के नाम पर आनलाइन मस्टर रोल जारी करवाया गया है उस तालाब में पूर्ण रूप से पानी भरा हुआ है और चारों तरफ से जलकुंभी जकड़ा हुआ है । ग्राम प्रधान हसीना बानों व महिला मेट रामावाती देवी उच्च अधिकारियों के आंख में धूल झोंककर मनरेगा फर्जीवाड़ा करने में पूरी मस्त हैं इन लोगों को ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग के विकास कार्यों से कोई मतलब नहीं है ।</div>
<div> </div>
<div>बड़ा सवाल यह है जब तालाब में पूर्ण रूप से पानी भरा हुआ है और चारों तरफ जलकुंभी जकड़ा हुआ है तो कैसे मनरेगा कार्य होता होगा ? आखिर मनरेगा साइड पर अपलोड फोटो की जांच क्यों नहीं हो रही है ? जो जांच का विषय बना हुआ है । सचिव, तकनीकी सहायक व मनरेगा एपीओ अपने-अपने कमीशन बाजी में मस्त हैं और मनरेगा फर्जीवाड़ा में जमकर सहयोग कर रहे हैं । अब देखना यह है कि ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग में पानी से भरे तालाब के नाम पर जारी आनलाइन मस्टर रोल जीरों हो पाता है या नहीं ? अर्थात् बीडीओ मनोज कुमार श्रीवास्तव के लिए ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग के मनरेगा भ्रष्टाचार को खत्म करना किसी चुनौती से कम नहीं है । उक्त प्रकरण में मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल ने जांच कर कार्यवाही करने का निर्देश दिया है ।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
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</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 20:56:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>खान चौराहे के बीच सड़क पर बना बड़ा गड्ढा, राहगीरों की जान जोखिम में।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात । </strong></div>
<div>  </div>
<div><strong>नैनी,प्रयागराज ।</strong></div>
<div>  </div>
<div>  </div>
<div>नैनी क्षेत्र के खान चौराहे के समीप सड़क के बीचो-बीच बने बड़े गड्ढे से राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह गड्ढा लगातार बड़ा होता जा रहा है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।क्षेत्रवासियों के अनुसार, इस समस्या की सूचना कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।स्थानीय</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180855/a-big-pothole-on-the-road-between-khan-intersection-is"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260609-wa0091.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात । </strong></div>
<div> </div>
<div><strong>नैनी,प्रयागराज ।</strong></div>
<div> </div>
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<div>नैनी क्षेत्र के खान चौराहे के समीप सड़क के बीचो-बीच बने बड़े गड्ढे से राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह गड्ढा लगातार बड़ा होता जा रहा है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।क्षेत्रवासियों के अनुसार, इस समस्या की सूचना कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से जल्द से जल्द गड्ढे की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत कार्य नहीं कराया गया, तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।</div>
<div>अब देखना यह है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस समस्या का संज्ञान लेकर कब तक सड़क की मरम्मत कराते हैं और लोगों को राहत दिलाते हैं।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 20:05:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>पुल की टूटी रेलिंग से बढ़ा हादसे का खतरा, मरम्मत की मांग तेज</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि : </strong>श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा क्षेत्र के पास पातियाला बटतला के सामने स्थित एक महत्वपूर्ण पुल की साइड रेलिंग कि हालत बेहद जर्जर हो चुकी है। पुल की साइड रेलिंग टूट जाने से यहां हर समय दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल की रेलिंग हिस्से काफी कमजोर हो चुके हैं। इस मार्ग से रोज़ाना बड़ी संख्या में वाहन और पैदल यात्री गुजरते हैं, जिनमें स्कूल-कॉलेज के छात्र, मरीज, बुजुर्ग और आम नागरिक शामिल हैं। ऐसे में यह स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है।</div>
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<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित लोक निर्माण (PWD) विभाग को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174400/risk-of-accident-increases-due-to-broken-railing-of-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1001394021.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि : </strong>श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा क्षेत्र के पास पातियाला बटतला के सामने स्थित एक महत्वपूर्ण पुल की साइड रेलिंग कि हालत बेहद जर्जर हो चुकी है। पुल की साइड रेलिंग टूट जाने से यहां हर समय दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल की रेलिंग हिस्से काफी कमजोर हो चुके हैं। इस मार्ग से रोज़ाना बड़ी संख्या में वाहन और पैदल यात्री गुजरते हैं, जिनमें स्कूल-कॉलेज के छात्र, मरीज, बुजुर्ग और आम नागरिक शामिल हैं। ऐसे में यह स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित लोक निर्माण (PWD) विभाग को सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आरोप है कि अधिकारियों ने केवल औपचारिकता निभाते हुए टूटे हिस्से पर लाल फीता बांध दिया है, जिससे समस्या का समाधान नहीं हो रहा। क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने और पुल की टूटी रेलिंग की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 19:09:56 +0530</pubDate>
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