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                <title>तेल कंपनियां - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>तेल कंपनियां RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सुपौल में LPG संकट से निपटने को प्रशासन सक्रिय, कोयला वितरण और वाणिज्यिक गैस आपूर्ति शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">सुपौल जिला प्रशासन ने रसोई गैस (LPG) की कमी से निपटने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से आच्छादित लाभुकों को जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों के माध्यम से वैकल्पिक ईंधन के रूप में कुकिंग कोयला उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों से आवंटन की मांग की गई है, वहीं थोक विक्रेताओं के चयन हेतु आवेदन भी आमंत्रित किए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />जिला प्रशासन ने वैवाहिक कार्यक्रमों के साथ-साथ श्राद्ध, मुंडन, उपनयन और अन्य सामाजिक-धार्मिक आयोजनों के लिए भी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178463/administration-started-active-coal-distribution-and-commercial-gas-supply-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/bihar71.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सुपौल जिला प्रशासन ने रसोई गैस (LPG) की कमी से निपटने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से आच्छादित लाभुकों को जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों के माध्यम से वैकल्पिक ईंधन के रूप में कुकिंग कोयला उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों से आवंटन की मांग की गई है, वहीं थोक विक्रेताओं के चयन हेतु आवेदन भी आमंत्रित किए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />जिला प्रशासन ने वैवाहिक कार्यक्रमों के साथ-साथ श्राद्ध, मुंडन, उपनयन और अन्य सामाजिक-धार्मिक आयोजनों के लिए भी वाणिज्यिक LPG सिलेंडरों की आपूर्ति शुरू कर दी है। इसके लिए रसोइयों और कैटरर्स को तेल कंपनियों में निबंधन कराना अनिवार्य होगा, जो 5 से 7 दिनों में पूरा किया जाएगा। कार्यक्रम आयोजित करने वाले व्यक्तियों को अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देकर आवश्यक सिलेंडरों की संख्या और संभावित उपस्थित लोगों की जानकारी देनी होगी।<br />सीमावर्ती क्षेत्रों में गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर प्रशासन द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पड़ोसी देश में ईंधन की कमी और मूल्य अंतर के प्रभाव को देखते हुए प्रशासन सतर्क है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />जिले में वर्तमान में 51 गैस एजेंसियों के पास 11,573 सिलेंडरों का भंडार उपलब्ध है, जबकि 5,386 सिलेंडर और प्राप्त होने की संभावना है। बीते 5 मई को 6,341 उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध कराई गई, जबकि अभी 23,841 उपभोक्ताओं की बुकिंग लंबित है। प्रतिदिन औसतन 5,675 उपभोक्ताओं को LPG सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />51 में से 48 गैस एजेंसियों पर फिलहाल गैस उपलब्ध है, जबकि शेष तीन एजेंसियों—आस्था इंडेन ग्रामीण वितरक, श्री गंगा इंडेन ग्रामीण वितरक और उषा जगनाथ HP ग्रामीण वितरक—पर शीघ्र आपूर्ति होने की संभावना है। प्रशासन द्वारा 15 गैस एजेंसियों और 18 होटलों/प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर जांच की गई है।<br />घरेलू गैस के वाणिज्यिक उपयोग और कालाबाजारी के मामलों में अब तक तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। साथ ही पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण जारी है, जिसमें अब तक तीन पंपों की जांच की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए 24x7 हेल्पलाइन नंबर 1906 के अलावा विभिन्न तेल कंपनियों के टोल फ्री नंबर जारी किए गए हैं। समाहरणालय स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय में नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जहां अब तक एक शिकायत प्राप्त हुई, जिसका समाधान कर दिया गया है।<br />जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में LPG, पेट्रोल और आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है तथा कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।</p>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 18:29:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुपौल में LPG संकट से निपटने को प्रशासन सक्रिय, कोयला वितरण और वाणिज्यिक गैस आपूर्ति शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">सुपौल जिला प्रशासन ने रसोई गैस (LPG) की कमी से निपटने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से आच्छादित लाभुकों को जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों के माध्यम से वैकल्पिक ईंधन के रूप में कुकिंग कोयला उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों से आवंटन की मांग की गई है, वहीं थोक विक्रेताओं के चयन हेतु आवेदन भी आमंत्रित किए जा रहे हैं।   </p>
<p style="text-align:justify;">जिला प्रशासन ने वैवाहिक कार्यक्रमों के साथ-साथ श्राद्ध, मुंडन, उपनयन और अन्य सामाजिक-धार्मिक आयोजनों के लिए भी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178460/administration-started-active-coal-distribution-and-commercial-gas-supply-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/bihar7.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सुपौल जिला प्रशासन ने रसोई गैस (LPG) की कमी से निपटने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से आच्छादित लाभुकों को जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों के माध्यम से वैकल्पिक ईंधन के रूप में कुकिंग कोयला उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों से आवंटन की मांग की गई है, वहीं थोक विक्रेताओं के चयन हेतु आवेदन भी आमंत्रित किए जा रहे हैं।   </p>
<p style="text-align:justify;">जिला प्रशासन ने वैवाहिक कार्यक्रमों के साथ-साथ श्राद्ध, मुंडन, उपनयन और अन्य सामाजिक-धार्मिक आयोजनों के लिए भी वाणिज्यिक LPG सिलेंडरों की आपूर्ति शुरू कर दी है। इसके लिए रसोइयों और कैटरर्स को तेल कंपनियों में निबंधन कराना अनिवार्य होगा, जो 5 से 7 दिनों में पूरा किया जाएगा। कार्यक्रम आयोजित करने वाले व्यक्तियों को अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देकर आवश्यक सिलेंडरों की संख्या और संभावित उपस्थित लोगों की जानकारी देनी होगी।<br />सीमावर्ती क्षेत्रों में गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर प्रशासन द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पड़ोसी देश में ईंधन की कमी और मूल्य अंतर के प्रभाव को देखते हुए प्रशासन सतर्क है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिले में वर्तमान में 51 गैस एजेंसियों के पास 11,573 सिलेंडरों का भंडार उपलब्ध है, जबकि 5,386 सिलेंडर और प्राप्त होने की संभावना है। बीते 5 मई को 6,341 उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध कराई गई, जबकि अभी 23,841 उपभोक्ताओं की बुकिंग लंबित है। प्रतिदिन औसतन 5,675 उपभोक्ताओं को LPG सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />51 में से 48 गैस एजेंसियों पर फिलहाल गैस उपलब्ध है, जबकि शेष तीन एजेंसियों—आस्था इंडेन ग्रामीण वितरक, श्री गंगा इंडेन ग्रामीण वितरक और उषा जगनाथ HP ग्रामीण वितरक—पर शीघ्र आपूर्ति होने की संभावना है। प्रशासन द्वारा 15 गैस एजेंसियों और 18 होटलों/प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर जांच की गई है।<br />घरेलू गैस के वाणिज्यिक उपयोग और कालाबाजारी के मामलों में अब तक तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। साथ ही पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण जारी है, जिसमें अब तक तीन पंपों की जांच की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए 24x7 हेल्पलाइन नंबर 1906 के अलावा विभिन्न तेल कंपनियों के टोल फ्री नंबर जारी किए गए हैं। समाहरणालय स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय में नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जहां अब तक एक शिकायत प्राप्त हुई, जिसका समाधान कर दिया गया है।<br />जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में LPG, पेट्रोल और आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है तथा कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।</p>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 18:14:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेट्रोल-डीजल की 'किल्लत' की अफवाह से पेट्रोल पंपों पर लगीं लंबी-लंबी कतारें</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली, </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सोशल मीडिया पर तेजी से फैली अफवाहों ने पूरे देश को हिला दिया। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच पेट्रोल-डीजल की कमी और कीमतों में भारी उछाल की खबरें वायरल होने के बाद देश के अनेक शहरों में लोगों ने टैंक फुल करवाने की होड़ मचा दी। गुजरात, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में पेट्रोल पंपों पर घंटों लंबी कतारें लग गईं। कुछ जगहों पर तो सुबह 5 बजे से ही वाहन चालक लाइन में खड़े दिखे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/screenshot_2026-03-26-12-49-09-498_com.android.chrome.jpg" alt="पेट्रोल-डीजल की 'किल्लत' की अफवाह से पेट्रोल पंपों पर लगीं लंबी-लंबी कतारें" width="680" height="453" /></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, राजकोट, हैदराबाद, इंदौर, भोपाल, प्रयागराज, नागपुर और हैदराबाद जैसे शहरों से</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174356/long-queues-formed-at-petrol-pumps-due-to-rumors-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/screenshot_2026-03-26-12-49-02-265_com.android.chrome.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली, </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सोशल मीडिया पर तेजी से फैली अफवाहों ने पूरे देश को हिला दिया। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच पेट्रोल-डीजल की कमी और कीमतों में भारी उछाल की खबरें वायरल होने के बाद देश के अनेक शहरों में लोगों ने टैंक फुल करवाने की होड़ मचा दी। गुजरात, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में पेट्रोल पंपों पर घंटों लंबी कतारें लग गईं। कुछ जगहों पर तो सुबह 5 बजे से ही वाहन चालक लाइन में खड़े दिखे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/screenshot_2026-03-26-12-49-09-498_com.android.chrome.jpg" alt="पेट्रोल-डीजल की 'किल्लत' की अफवाह से पेट्रोल पंपों पर लगीं लंबी-लंबी कतारें" width="680" height="453"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, राजकोट, हैदराबाद, इंदौर, भोपाल, प्रयागराज, नागपुर और हैदराबाद जैसे शहरों से वायरल वीडियो और तस्वीरों में सैकड़ों गाड़ियों की लंबी कतारें साफ दिख रही हैं। कई पंपों पर 'NO STOCK' के बोर्ड लग गए, जबकि कुछ जगहों पर लोग ड्रम, केन, बोतल और यहां तक कि दूध के डिब्बों में भी पेट्रोल-डीजल भरकर ले जाते नजर आए। पैनिक बाइंग के कारण कुछ पंपों पर सामान्य से 3-4 गुना ज्यादा बिक्री हुई, जिससे अस्थायी रूप से स्टॉक खत्म होने जैसी स्थिति बन गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>अफवाह का असर कहां-कहां?</strong></h3>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;">गुजरात: अहमदाबाद और वडोदरा में रात भर कतारें लगीं, कई पंपों पर पुलिस तैनात करनी पड़ी।</div>
<div style="text-align:justify;">-तेलंगाना: हैदराबाद में दो दिनों से लगातार भीड़, ऑटो और दोपहिया वाहनों की लंबी लाइनें।</div>
<div style="text-align:justify;">- मध्य प्रदेश: इंदौर, आगर मालवा, मंदसौर और धार में किसान और आम लोग घबराकर पहुंचे।</div>
<div style="text-align:justify;">- उत्तर प्रदेश: प्रयागराज, लखनऊ, बाराबंकी,सीतापुर गोंडा और अन्य इलाकों में अचानक रश देखा गया।</div>
<div style="text-align:justify;">- राजस्थान: जालौर, बीकानेर और उदयपुर में आधी रात को भी पंपों पर हड़कंप मचा।</div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सरकार और तेल कंपनियों (भारत पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम) ने तुरंत स्पष्ट किया कि देश में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। मध्य पूर्व के तनाव के बावजूद भारत की ईंधन सुरक्षा मजबूत बनी हुई है और हार्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कुछ जहाज भी सुरक्षित पहुंच चुके हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तेल कंपनियों ने अपील की कि नागरिक अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बाइंग से बचें। अनावश्यक होर्डिंग से पंपों पर भीड़ बढ़ रही है, जो असली समस्या पैदा कर सकती है। कुछ राज्यों में प्रशासन ने पंप संचालकों को कतार व्यवस्था करने और बिक्री सीमित करने के निर्देश दिए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>सरकार का आश्वासन:</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पेट्रोलियम मंत्रालय और तेल विपणन कंपनियों ने कहा, “सप्लाई चेन सुचारू रूप से चल रही है। अफवाहें पूरी तरह निराधार हैं। कृपया सामान्य खपत जारी रखें और सोशल मीडिया पर फैल रही फर्जी खबरों से बचें।”</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व संघर्ष से वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, लेकिन भारत के पास पर्याप्त भंडारण और विविध आयात स्रोत होने के कारण घरेलू बाजार पर तत्काल बड़ा असर नहीं पड़ रहा है। फिर भी, लंबे समय तक तनाव बने रहने पर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अभी के लिए स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन अफवाहों ने एक बार फिर दिखा दिया कि सोशल मीडिया कितनी तेजी से घबराहट फैला सकता है। उपभोक्ताओं से अपील है — शांत रहें, जरूरत के अनुसार ही ईंधन भरवाएं और आधिकारिक सूत्रों पर भरोसा करें।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 20:51:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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