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                <title>har har mahadev - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>har har mahadev RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सावन के पहले सोमवार पर बाल्हेश्वर धाम में उमड़ा आस्था का महासैलाब</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>संदीप कुमार (फिजा)</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong> पवित्र सावन मास के पहले सोमवार को क्षेत्र के प्रसिद्ध श्री बाल्हेश्वर महादेव मंदिर, ऐहार में आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के चार बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिर परिसर में लगनी शुरू हो गई थीं। मंदिर के कपाट खुलते ही हजारों शिवभक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर बेलपत्र, पुष्प, धतूरा एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित की तथा सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। पूरे दिन मंदिर परिसर "बोल बम" और "हर-हर महादेव" के गगनभेदी जयघोष से गूंजता रहा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">मंदिर के प्रधान पुजारी पं. झिलमिल महाराज ने बताया कि श्रद्धालुओं की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184596/a-huge-flood-of-faith-gathered-in-balheshwar-dham-on"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260803-wa0473.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>संदीप कुमार (फिजा)</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong> पवित्र सावन मास के पहले सोमवार को क्षेत्र के प्रसिद्ध श्री बाल्हेश्वर महादेव मंदिर, ऐहार में आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के चार बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिर परिसर में लगनी शुरू हो गई थीं। मंदिर के कपाट खुलते ही हजारों शिवभक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर बेलपत्र, पुष्प, धतूरा एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित की तथा सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। पूरे दिन मंदिर परिसर "बोल बम" और "हर-हर महादेव" के गगनभेदी जयघोष से गूंजता रहा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">मंदिर के प्रधान पुजारी पं. झिलमिल महाराज ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर के पट भोर में ही खोल दिए गए थे। इसके बाद देर शाम तक दर्शन-पूजन और जलाभिषेक का सिलसिला निरंतर चलता रहा।बाल्हेश्वर सेवा समिति के उप प्रबंधक कपिल देव तिवारी ने बताया कि पहले सोमवार पर लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा बाल्हेश्वर महादेव के दर्शन एवं जलाभिषेक किए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> दूर-दराज़ से आईं दर्जनों कांवड़ यात्रियों की टोलियां डीजे की धुन पर नाचते-गाते और भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए मंदिर पहुंचीं, जिससे पूरा क्षेत्र शिवमय हो गया।श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए पूरे मंदिर परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की गई। समिति के स्वयंसेवक पूरे दिन व्यवस्थाओं में जुटे रहे। वहीं, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोतवाल प्रमोद कुमार सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल चप्पे-चप्पे पर तैनात रहा। पुलिस की सतर्कता और मंदिर प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था के चलते दर्शन-पूजन शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।<br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 20:21:21 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>श्रावण के प्रथम सोमवार को निकला भव्य जुलूस, वातावरण हुआ भक्तिमय</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बांसी (सिद्धार्थनगर)। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">श्रावण मास के प्रथम सोमवार को कस्बे का वातावरण भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर संस्कार मित्र मंडली के तत्वावधान में शिवभक्तों ने भव्य एवं विहंगम जुलूस निकाला । इस दौरान पूरा नगर हर-हर महादेव के जयकारों से गुंजायमान रहा। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कस्बे के सुरसा मंदिर से कावड़ियों का जलूस निकलकर राप्ती नदी पहुंचा जहां श्रद्धालु जल भर कर  मंगल बाजार  होते हुए प्रमुख शिव मंदिरो पर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। इसके बाद जुलूस कोतवाली परिसर में स्थित शिव मंदिर पहुंचा जहां श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">यहां से डीजे की धुन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184590/a-grand-procession-took-place-on-the-first-monday-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1785767847475.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बांसी (सिद्धार्थनगर)। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">श्रावण मास के प्रथम सोमवार को कस्बे का वातावरण भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर संस्कार मित्र मंडली के तत्वावधान में शिवभक्तों ने भव्य एवं विहंगम जुलूस निकाला । इस दौरान पूरा नगर हर-हर महादेव के जयकारों से गुंजायमान रहा। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कस्बे के सुरसा मंदिर से कावड़ियों का जलूस निकलकर राप्ती नदी पहुंचा जहां श्रद्धालु जल भर कर  मंगल बाजार  होते हुए प्रमुख शिव मंदिरो पर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। इसके बाद जुलूस कोतवाली परिसर में स्थित शिव मंदिर पहुंचा जहां श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यहां से डीजे की धुन पर नाचते-गाते और झूमते हुए हजारों भक्तों का सैलाब बऊरहवा बाबा मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक किया इसके बाद  जुलूस पुनः सुरसा मंदिर पहुंचकर संपन्न हुआ। इस भव्य आयोजन में नगर क्षेत्र के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों से भी भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। शिवभक्तों के स्वागत और सेवा के लिए पूरे जुलूस मार्ग में जगह-जगह नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने  श्रद्धालुओं के लिए ठंडा पानी, शिकंजी, मिठाई और ताजे फल का स्टाल लगाया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जुलूस को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए बांसी कोतवाली पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। कोतवाल मृत्युंजय पाठक एवं क्राइम इंस्पेक्टर रामनारायण दुबे  पुलिस बल के साथ जलूस के साथ चलते रहे। जलूस में अमित त्रिपाठी, प्रेम शुक्ल, देवेश पांडेय, ऋषि श्रीवास्तव, मंगल चौरसिया,  विष्णु जयसवाल, जगदम्बा मिश्र, रवि माडेला, अजय शर्मा, अभय त्रिपाठी, सूरज अग्र हरि,  हरगोविंद साहू, गोविंद गुप्ता, गोलू चौधरी, अंगद  वर्मा, विशाल सोनी, ऋषि पांडेय, करन श्रीवास्तव सहित काफी संख्या में महिलाएं , पुरुष और बच्चे शामिल थे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 20:13:09 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>झारखंडी महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सावन  माह के पहले सोमवार को उसका बाजार कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्र में स्थित शिवालयों में भक्तों की सुबह से ही काफी भीड़ हो गई। ॐ नमः शिवाय, हर हर महादेव के जयघोष के बीच लोगों ने जलाभिषेक कर सुख शांति की बाबा भोलेनाथ से प्रार्थना किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">झारखंडी महादेव मंदिर महदेवा राय में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का दर्शन, पूजन एवं जल अभिषेक  किया। भक्तों ने शिवलिंग पर दूध, मधु, रोली, चंदन, पुष्प, बेलपत्र, द्रव्य, दक्षिणा आदि अर्पित कर पूजा किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">नगर पंचायत अध्यक्ष मंजू जायसवाल एवं उनके पति हेमंत कुमार</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184580/devotees-performed-jalabhishek-in-jharkhandi-mahadev-temple"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1785764575793.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सावन  माह के पहले सोमवार को उसका बाजार कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्र में स्थित शिवालयों में भक्तों की सुबह से ही काफी भीड़ हो गई। ॐ नमः शिवाय, हर हर महादेव के जयघोष के बीच लोगों ने जलाभिषेक कर सुख शांति की बाबा भोलेनाथ से प्रार्थना किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">झारखंडी महादेव मंदिर महदेवा राय में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का दर्शन, पूजन एवं जल अभिषेक  किया। भक्तों ने शिवलिंग पर दूध, मधु, रोली, चंदन, पुष्प, बेलपत्र, द्रव्य, दक्षिणा आदि अर्पित कर पूजा किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नगर पंचायत अध्यक्ष मंजू जायसवाल एवं उनके पति हेमंत कुमार जायसवाल ने भी क्षेत्र के श्रद्धालुओं के साथ दर्शन एवं पूजा किया। कस्बा अंतर्गत स्थित प्राचीन शिवमन्दिर में भी भारी संख्या में लोगों ने सावन के पहले सोमवार को भगवान भोलेनाथ का पूजा अर्चना किया। क्षेत्र के केवटलिया, कर्मा, सुगही, ऊटिया, उसकी, उसका राजा में भी भक्तों ने शिवमंदिर में पूजा करके सुखमय जीवन का आशीर्वाद मांगा। अनेक श्रद्धालुओं ने अपने घर एवं मंदिरों में रुद्राभिषेक भी कराया।</div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 20:02:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वयंभू त्रिलोचन महादेव में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, दो गांवों का झगड़ा सुलझाने की है अनोखी कथा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>जौनपुर।</strong></p>
<p>महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर त्रिलोचन महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह 3 बजे से ही भक्त कतार में लगकर बाबा का जलाभिषेक करते नजर आए। मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।</p>
<p>मंदिर प्रशासन के अनुसार दोपहर 12 बजे तक एक लाख से अधिक श्रद्धालु जलाभिषेक कर चुके थे, जबकि रात 8 बजे तक करीब ढाई लाख भक्तों के पहुंचने की संभावना जताई गई। जिला प्रशासन ने सुरक्षा, ट्रैफिक और सुविधाओं के लिए विशेष इंतजाम किए थे।</p>
<h4><strong>स्वयंभू शिवलिंग की मान्यता</strong></h4>
<p>मंदिर के प्रधान पुजारी सोनू गिरी के अनुसार यहां विराजमान शिवलिंग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169853/crowd-of-devotees-gathered-at-swayambhu-trilochan-mahadev-this-is"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/swayambhu.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जौनपुर।</strong></p>
<p>महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर त्रिलोचन महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह 3 बजे से ही भक्त कतार में लगकर बाबा का जलाभिषेक करते नजर आए। मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।</p>
<p>मंदिर प्रशासन के अनुसार दोपहर 12 बजे तक एक लाख से अधिक श्रद्धालु जलाभिषेक कर चुके थे, जबकि रात 8 बजे तक करीब ढाई लाख भक्तों के पहुंचने की संभावना जताई गई। जिला प्रशासन ने सुरक्षा, ट्रैफिक और सुविधाओं के लिए विशेष इंतजाम किए थे।</p>
<h4><strong>स्वयंभू शिवलिंग की मान्यता</strong></h4>
<p>मंदिर के प्रधान पुजारी सोनू गिरी के अनुसार यहां विराजमान शिवलिंग स्वयंभू और जागृत है। मान्यता है कि यह शिवलिंग पाताल को भेदकर स्वयं प्रकट हुआ था। शिवलिंग में भगवान शिव के नेत्र, नासिका, मुख और कान की आकृति स्पष्ट दिखाई देती है, जो इसे विशेष बनाती है।</p>
<h4><strong>चरवाहे से जुड़ी रोचक कथा</strong></h4>
<p>पौराणिक कथा के अनुसार एक चरवाहे की गाय प्रतिदिन जंगल के एक स्थान पर जाकर स्वतः दूध बहा देती थी। जब गांव वालों ने वहां खुदाई कराई, तो जमीन के नीचे विशाल शिवलिंग प्रकट हुआ। कई दिनों तक खुदाई के बाद भी उसका अंत नहीं मिला, जिसके बाद वहीं मंदिर का निर्माण कराया गया।</p>
<h4><strong>दो गांवों का विवाद और शिव का निर्णय</strong></h4>
<p>मंदिर दो गांवों की सीमा पर स्थित होने के कारण दोनों गांवों में अधिकार को लेकर विवाद हो गया। पंचायत के बाद यह तय हुआ कि निर्णय स्वयं महादेव करेंगे। अगले दिन जब मंदिर के कपाट खुले, तो शिवलिंग एक गांव की ओर झुका मिला, जिससे विवाद समाप्त हो गया।</p>
<h4><strong>स्कंद पुराण में उल्लेख</strong></h4>
<p>पुजारी के अनुसार मंदिर का उल्लेख स्कंद पुराण में भी मिलता है, जिससे इसकी प्राचीनता सिद्ध होती है। यहां स्थित कुंड में स्नान करने से त्वचा रोगों से मुक्ति मिलने की मान्यता है। मुंडन, विवाह और विशेष पूजन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु यहां आते हैं।</p>
<h4><strong>आस्था का प्रमुख केंद्र</strong></h4>
<p>महाशिवरात्रि पर त्रिलोचन महादेव मंदिर श्रद्धा, भक्ति और आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से की गई पूजा से यहां सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।</p>
<hr />
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 19:21:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भदपुरा ब्लॉक प्रमुख ने बाबा बैजनाथ धाम के दर्शन कर पूजा अर्चना की </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली-भदपुरा </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">भदपुरा विकासखंड के ब्लॉक प्रमुख रवि शंकर गंगवार ने अपने मित्र कुलदीप सिंह गंगवार के साथ झारखंड में स्थित बाबा बैजनाथ धाम पहुंचकर बाबा के दर्शन व पूजा अर्चना की और बाबा के धाम में जाकर क्षेत्र के एवं जिले की खुशहाली के लिए बाबा से आराधना की बताया जाता है बाबा के धाम में जाकर जो भी श्रद्धालु श्रद्धा से आशीष मांगता है बाबा बैजनाथ उसकी कामनाएं पूर्ण करते हैं l</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इसके चलते यहां के ब्लॉक प्रमुख रवि शंकर गंगवार ने बाबा के धाम पहुंचकर विकासखंड भदपुरा क्षेत्र के साथ ही नवाबगंज विधानसभा के सभी वासियों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146502/bhadpura-block-chief-visited-baba-baijnath-dham-and-offered-prayers%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/2.--.pic.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली-भदपुरा </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भदपुरा विकासखंड के ब्लॉक प्रमुख रवि शंकर गंगवार ने अपने मित्र कुलदीप सिंह गंगवार के साथ झारखंड में स्थित बाबा बैजनाथ धाम पहुंचकर बाबा के दर्शन व पूजा अर्चना की और बाबा के धाम में जाकर क्षेत्र के एवं जिले की खुशहाली के लिए बाबा से आराधना की बताया जाता है बाबा के धाम में जाकर जो भी श्रद्धालु श्रद्धा से आशीष मांगता है बाबा बैजनाथ उसकी कामनाएं पूर्ण करते हैं l</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके चलते यहां के ब्लॉक प्रमुख रवि शंकर गंगवार ने बाबा के धाम पहुंचकर विकासखंड भदपुरा क्षेत्र के साथ ही नवाबगंज विधानसभा के सभी वासियों की कुशलता के लिए बाबा से याचना की साथ ही बाबा की पूजा अर्चना कर आशीष प्राप्त किया</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Nov 2024 19:42:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जलाभिषेक के लिए उमड़े लाखों कांवरिया बम बम भोले हर हर महादेव की धुन से गूंजा शिवालय</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>ब्यूरो गोंडा ।</strong></div>
<div>  </div>
<div>पांडव कालीन विश्व प्रसिद्ध खरगूपुर कस्बे के निकट केंद्रीय पर्यटन स्थल पृथ्वीनाथ मंदिर में भगवान शिव के साक्षात दर्शन होते हैं। पांडवों के अज्ञातवास के दौरान यहां भीम द्वारा स्थापित साढ़े 5 फुट ऊंचा एशिया महाद्वीप का सबसे विराटतम शिवलिंग है। प्राचीनतम समय में इस क्षेत्र में पांडव अपनी मां कुंती के साथ रहते थे। इस क्षेत्र के लोग ब्रह्म राक्षस से पीड़ित थे। भीम ने उसका वध कर दिया था। अभिशाप से मुक्ति पाने के लिए उन्होंने भगवान श्री कृष्ण के मार्गदर्शन के बाद भगवान शिव की उपासना के लिए इस विराटतम शिवलिंग की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/144533/lakhs-of-kanwariyas-gathered-for-jalabhishek-shiva-temple-echoed-with"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-09/जलाभिषेक-के-लिए-उमड़े-लाखों-कांवरिया-बम-बम-भोले-हर-हर-महादेव-की-धुन-से-गूंजा.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>ब्यूरो गोंडा ।</strong></div>
<div> </div>
<div>पांडव कालीन विश्व प्रसिद्ध खरगूपुर कस्बे के निकट केंद्रीय पर्यटन स्थल पृथ्वीनाथ मंदिर में भगवान शिव के साक्षात दर्शन होते हैं। पांडवों के अज्ञातवास के दौरान यहां भीम द्वारा स्थापित साढ़े 5 फुट ऊंचा एशिया महाद्वीप का सबसे विराटतम शिवलिंग है। प्राचीनतम समय में इस क्षेत्र में पांडव अपनी मां कुंती के साथ रहते थे। इस क्षेत्र के लोग ब्रह्म राक्षस से पीड़ित थे। भीम ने उसका वध कर दिया था। अभिशाप से मुक्ति पाने के लिए उन्होंने भगवान श्री कृष्ण के मार्गदर्शन के बाद भगवान शिव की उपासना के लिए इस विराटतम शिवलिंग की स्थापना किया था।</div>
<div>पुरातत्व विभाग की मानें तो एशिया महाद्वीप का सबसे बड़े शिवलिंग में से है।</div>
<div> </div>
<div>जिसकी जमीन के अंदर 64 फीट गहराई ,जबकि जमीन के ऊपर अरघे समेत साढ़े 5 फीट ऊंचा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार खरगूपुर के राजा गुमान सिंह के अनुमति से यहां के पृथ्वी सिंह ने मकान निर्माण के लिए खुदाई शुरू की, उसी रात स्वप्न में पता चला कि जमीन के नीचे सात खंडों में शिवलिंग है। स्वप्न के अनुसार उन्होंने इस मंदिर का निर्माण कराया तभी से इस मंदिर का नाम पृथ्वीनाथ मंदिर पड़ा।</div>
<div> </div>
<div>लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र होने के साथ ही पृथ्वीनाथ मंदिर वास्तुकला का अद्भुत नमूना है। मंदिर के पुजारी जगदंबा प्रसाद तिवारी ने बताया कि वैसे यहां तो प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है। यद्यपि श्रावणमास व हर तीसरे साल पड़ने वाले अधिमास मे यहां लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक करते हैं। महाशिवरात्रि पर्व व कजलीतीज के अवसर पर यहां की बेकाबू भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को करीब 5 से 6 किलोमीटर तक बैरिकेडिंग करनी पड़ती है।</div>
<div> </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-09/%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%B7%E0%A5%87%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%89%E0%A4%AE%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%96%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%AE-%E0%A4%AC%E0%A4%AE-%E0%A4%AD%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A4%B0-%E0%A4%B9%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B5-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A7%E0%A5%81%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%97%E0%A5%82%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A4%BE-%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF.jpg" alt="जलाभिषेक के लिए उमड़े लाखों कांवरिया बम बम भोले हर हर महादेव की धुन से गूंजा शिवालय" width="1017" height="676"></img></div>
<div> </div>
<div>
<h2>बरखंडी नाथ महादेव मंदिर</h2>
कर्नलगंज नगर से मात्र 3 किलोमीटर दूर हुजूरपुर रोड पर स्थित पौराणिक बरखंडी नाथ महादेव मंदिर के शिवलिंग की गहराई का आज तक किसी को पता नहीं चला। बताया जाता है कि जब कर्नलगंज क्षेत्र पूरा भाग जंगल था। तब जंगल में चरवाहे अपनी जानवर को चराने आते थे। तथा मूंज को एकत्र कर उसे कूटते तथा रस्ती बनाते थे। एक दिन जिस पत्थर पर कूट रहे थे। अचानक खून निकलने लगा , इसकी जानकारी श्रावस्ती के राजा को हुई। वह अपने हाथी घोड़ों के साथ वहां पहुंचे तथा पत्थर को जंजीर से बांधकर हाथी से खींचने लगे। किंतु पत्थर को निकाल ना सके। जब खुदाई भी नाकाम रही और वह बीमार पड़ गए तब एक रात्रि स्वप्न देखा कि मंदिर बनवाने से ठीक हो सकते हैं।उन्होंने मंदिर का निर्माण कराया। तथा वहां पुजारी की नियुक्ति की मंदिर नियमानुसार यहां का पुजारी जीवन भर अविवाहित रहेगा। प्रथम पुजारी की 32 वीं पीढ़ी के महंत सुनील पुरी वर्तमान में इस मंदिर की देखरेख करते हैं।</div>
<div> </div>
<div>
<h2>बालेश्वर नाथ मंदिर</h2>
जनपद वजीरगंज क्षेत्र के ग्राम नगवा बल्हाराई में स्थित बालेश्वर नाथ मंदिर को लेकर धार्मिक ग्रंथ श्रीमद्भागवत में वर्णित है। कि भगवान राम के पूर्वज राजा सुदुम्न द्वारा स्थापित बालेश्वर नाथ मंदिर की मान्यता है कि जंगल क्षेत्र होने के नाते यहां पर भगवान शिव और माता पार्वती भ्रमण किया करते थे। इसलिए यह क्षेत्र इंसानों के लिए वर्जित था। अवधारणा है कि राजा सुदुम्न शिकार के दौरान जंगल में प्रवेश कर गए।</div>
<div> </div>
<div>जिन्हें माता पार्वती ने स्त्री बन जाने का श्राप दिया। स्त्री बन जाने के बाद राजा दुविधा में पड़ गए। वह सोचने लगे कि वह अब अयोध्या किस प्रकार जाएंगे। उन्होंने भगवान शिव से अपनी गलती स्वीकार करते हुए क्षमा मांगी। भगवान शिव चाह कर भी श्राप वापस न ले सके। बशर्ते उन्होंने आशीर्वाद दिया कि 6 महीने तक स्त्री व छह महीने तक पुरुष के रूप में रहोगे। इस तरह जब राजा पुरुष के वेशभूषा में होते थे, तो अयोध्या और जब स्त्री के वेशभूषा में होते थे, तब वह जंगल में भगवान शिव की आराधना करते थे। इनके द्वारा स्थापित शिव मंदिर आज बाबा बालेश्वर नाथ के नाम से जाना जाता है।</div>
<div> </div>
<div>
<h2>दुखहरण नाथ मंदिर</h2>
मुख्यालय के स्टेशन रोड स्थित बाबा दुखहरण नाथ मंदिर अति प्राचीनतम है। बताया जाता है कि पांडवों द्वारा अज्ञातवास के दौरान यहां पर एक शिवलिंग की स्थापना की गई थी। बाद में इस मंदिर का निर्माण गोंडा नरेश ने करवाया। यह मंदिर पूरी तरह पत्थरों से बना भगवान शिव को समर्पित है। मान्यता है कि यहां पर जलाभिषेक व पूजा अर्चना करने से श्रद्धालुओं के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। यहां पर पूरे वर्ष प्रत्येक शुक्रवार व सोमवार को श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है।</div>
<div> </div>
<div>सावन मास में सोमवार व शुक्रवार को शिव भक्तों की अपार भीड़ जलाभिषेक करती है। जिसके लिए प्रशासन को रूट डायवर्जन के साथ-साथ सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने पड़ते हैं। कजली तीज के अवसर पर कर्नलगंज स्थित पवित्र सरयू नदी से नंगे पैर लाखों की संख्या में शिवभक्त जलाभिषेक करते हैं। इस दौरान प्रशासन द्वारा करीब 4 किलोमीटर तक जलाभिषेक के लिए वेरीकेटिंग की जाती है।</div>
<div> </div>
<div>
<h2>शिव भक्तों की सेवा के लिए जगह-जगह लगाए गए पंडाल</h2>
शिव भक्तों की सेवा के लिए कर्नलगंज सरजू घाट से लेकर पृथ्वीनाथ मंदिर वह दुखहरण नाथ मंदिर तक जगह जगह पर समाजसेवी लोगों द्वारा पंडाल लगाया गया था। इस दौरान शिव भक्तों के लिए चाय नाश्ता भोजन फल मिष्ठान के साथ-साथ दवा व पैर धुलने के लिए गरम पानी की निशुल्क व्यवस्था की गई थी। प्रत्येक पंडाल पर शिव भक्तों की सेवा के लिए भारी संख्या में लोग अपना योगदान दे रहे थे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/144533/lakhs-of-kanwariyas-gathered-for-jalabhishek-shiva-temple-echoed-with</link>
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                <pubDate>Fri, 06 Sep 2024 20:57:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>  बाबा बैजनाथ धाम के लिए रवाना हो रहे 40 कांवरियों के जत्थे का फूल मालाओं से किया गया स्वागत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बाराबंकी</strong></p>
<p>  </p>
<p>  बोल बम सेवा समिति के अध्यक्ष सतीश सिंह की अगुवाई में झारखंड बाबा बैजनाथ धाम में चल रही कांवड़ यात्रा में शामिल होने के लिए कोठी क्षेत्र से कांवरियों का जत्था रवाना माधव नगर सादुल्लापुर कोठी चौराहे पर लोगों ने सभी कांवरियों को फूल माला पहनाकर स्वागत किया </p>
<p>बाबा बैजनाथ धाम की कावड़ यात्रा में शामिल होने के लिए अच का मऊ निवासी दुर्गा सिंह उमेश सिंह महेंद्र सिंह राज नारायण सिंह जितेंद्र प्रताप सिंह उर्फ राजा गुड्डू वर्मा रामू बाबा रामू तिवारी सहित 40 शिव भक्तों का जत्था सुल्तानगंज से जल लेकर बाबा बैजनाथ धाम के लिए पैदल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/131960/the-group-of-40-kanwariyas-leaving-for-baba-baijnath-dham"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-07/ -बाबा-बैजनाथ-धाम-के-लिए-रवाना-हो-रहे-40-कांवरियों-के-जत्थे-का-फूल-मालाओं-से-किया-गया-स्वागत.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बाराबंकी</strong></p>
<p> </p>
<p> बोल बम सेवा समिति के अध्यक्ष सतीश सिंह की अगुवाई में झारखंड बाबा बैजनाथ धाम में चल रही कांवड़ यात्रा में शामिल होने के लिए कोठी क्षेत्र से कांवरियों का जत्था रवाना माधव नगर सादुल्लापुर कोठी चौराहे पर लोगों ने सभी कांवरियों को फूल माला पहनाकर स्वागत किया </p>
<p>बाबा बैजनाथ धाम की कावड़ यात्रा में शामिल होने के लिए अच का मऊ निवासी दुर्गा सिंह उमेश सिंह महेंद्र सिंह राज नारायण सिंह जितेंद्र प्रताप सिंह उर्फ राजा गुड्डू वर्मा रामू बाबा रामू तिवारी सहित 40 शिव भक्तों का जत्था सुल्तानगंज से जल लेकर बाबा बैजनाथ धाम के लिए पैदल 115 किलोमीटर की कावड़ यात्रा कर बाबा बैजनाथ धाम पहुंचकर जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना करेंगे</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/131960/the-group-of-40-kanwariyas-leaving-for-baba-baijnath-dham</link>
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                <pubDate>Fri, 07 Jul 2023 22:01:30 +0530</pubDate>
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                <title>रवि यादव ने उत्तरप्रदेश में शुरू की फिल्म नीलकण्ठ की शूटिंग</title>
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<p>          यश एन्ड राज एंटरटेनमेंट के बैनर तले बन रही भोजपुरी फ़िल्म नीलकण्ठ की शूटिंग रवि यादव ने उत्तरप्रदेश में मुहूर्त के साथ ही शुरू कर दिया है । फ़िल्म में चम्बल बॉय रवि यादव व अभिनेत्री आँचल पाण्डेय की मुख्य भूमिका है । अभिनेत्री आँचल पांडेय की यह पहली भोजपुरी फ़िल्म है। इसके पहले उन्होंने अन्य भाषाओं की फिल्मों में काम किया है । </p>
<p>अब वे फिल्म नीलकण्ठ के साथ भोजपुरी फिल्मों में अपने सफर की शुरुआत कर रही हैं। फ़िल्म नीलकण्ठ एक बड़े बजट की भोजपुरी फ़िल्म है जिसकी शूटिंग उत्तरप्रदेश में ही विभिन्न लोकेशन्स पर लगभग 40 से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/131490/ravi-yadav-started-shooting-of-film-neelkanth-in-uttar-pradesh"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-06/रवि-यादव-ने-उत्तरप्रदेश-में-शुरू-की-फिल्म-नीलकण्ठ-की-शूटिंग.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p>     यश एन्ड राज एंटरटेनमेंट के बैनर तले बन रही भोजपुरी फ़िल्म नीलकण्ठ की शूटिंग रवि यादव ने उत्तरप्रदेश में मुहूर्त के साथ ही शुरू कर दिया है । फ़िल्म में चम्बल बॉय रवि यादव व अभिनेत्री आँचल पाण्डेय की मुख्य भूमिका है । अभिनेत्री आँचल पांडेय की यह पहली भोजपुरी फ़िल्म है। इसके पहले उन्होंने अन्य भाषाओं की फिल्मों में काम किया है । </p>
<p>अब वे फिल्म नीलकण्ठ के साथ भोजपुरी फिल्मों में अपने सफर की शुरुआत कर रही हैं। फ़िल्म नीलकण्ठ एक बड़े बजट की भोजपुरी फ़िल्म है जिसकी शूटिंग उत्तरप्रदेश में ही विभिन्न लोकेशन्स पर लगभग 40 से 45 दिनों तक चलेगी । इस फ़िल्म में अभिनेता रवि यादव ने तीन तरह के अलग अलग क़िरदार प्ले किये हैं । इस बारे में बात करते हुए रवि यादव ने बताया कि तीन तरह के किरदार एक ही फ़िल्म में निभाना अपनेआप में बहुत बड़ा चैलेंज है । इसके पहले भी रवि यादव कई फिल्मों का हिस्सा रह चुके हैं । </p>
<p>फिल्म के निर्माता राकेश सिंह ने बताया अच्छी फिल्मे बनाने से भोजपुरी समाज मे शुधार होगा और इस फिल्म  का फोटो और  पोस्टर एक साथ शूटिंग पूरा होने के बाद आउट किया जायेगा । तब तक दर्शक खुद ही अनुमान लगाये कि नीलकंठ कैसी फिल्म बन रही है। </p>
<p>नीलकण्ठ की शूटिंग के बारे में बात करते हुए रवि यादव बेहद उत्साहित हो जाते हैं। वो कहते हैं कि विगत 10 सालों के संघर्ष के बाद जाकर आज उन्हें उनके मेहनत का फल नीलकण्ठ के रूप में मिला है । इस फ़िल्म के बजट के बारे में उन्होंने कहा कि फ़िल्म में लगभग 3 से 4 करोड़ का बज़ट लगने वाला है , जो कि अपनेआप में एक बहुत बड़ा बजट है । </p>
<p> इसके अलावा रवि यादव कि फिल्में आग और सुहाग, सपनों का सफर, रुद्रदेव भी रिलीज़ के लिए तैयार हैं जिन्हें शीघ्र ही रिलीज़ किया जाएगा । फ़िल्म नीलकण्ठ के निर्माता हैं यश एन्ड राज एंटरटेनमेंट के राकेश सिंह । इस फ़िल्म का निर्देशन कर रहे हैं रामधीन चौधरी , फाइट मास्टर हैं दिलीप यादव , नृत्य निर्देशक है विवेक थापा, फ़िल्म नीलकण्ठ के प्रचार प्रसार का जिम्मा संजय भूषण पटियाला का है ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल मनोरंजन</category>
                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Jun 2023 20:38:58 +0530</pubDate>
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