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                <title>एनएचएआई खबर - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>एनएचएआई खबर RSS Feed</description>
                
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                <title>घाटमपुर के ओवरब्रिज का स्लैब टूटा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर ग्रामीण।</strong> कानपुर नगर जनपद के घाटमपुर कस्बे में बना ओवरब्रिज रविवार सुबह स्लैब टूट गया है,, इसके साथ ही कई जगह दरारें भी आ गई है,, दरारें ओवरब्रिज की छत और बीम में आई हैं, समाचार लिखे जाने तक ऊपर से भारी वाहन गुजर रहे हैं,, कानपुर सागर हाइवे पर क्षमता से 10 गुना ज्यादा वाहनों का दबाव रहता है,, इस ओवरब्रिज का निर्माण पीएनसी ने लगभग चार वर्ष पहले 46 करोड़ रुपए के बजट से कराया था, पीएनसी के अधिकारियों ने लोड टेस्टिंग पूरी करने के बाद 12 नवंबर 2022 को ओवरब्रिज का उद्घाटन कर इसे आम लोगों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181775/ghatampur-overbridge-slab-broken"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1002021475.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर ग्रामीण।</strong> कानपुर नगर जनपद के घाटमपुर कस्बे में बना ओवरब्रिज रविवार सुबह स्लैब टूट गया है,, इसके साथ ही कई जगह दरारें भी आ गई है,, दरारें ओवरब्रिज की छत और बीम में आई हैं, समाचार लिखे जाने तक ऊपर से भारी वाहन गुजर रहे हैं,, कानपुर सागर हाइवे पर क्षमता से 10 गुना ज्यादा वाहनों का दबाव रहता है,, इस ओवरब्रिज का निर्माण पीएनसी ने लगभग चार वर्ष पहले 46 करोड़ रुपए के बजट से कराया था, पीएनसी के अधिकारियों ने लोड टेस्टिंग पूरी करने के बाद 12 नवंबर 2022 को ओवरब्रिज का उद्घाटन कर इसे आम लोगों के लिए खोल दिया था,,</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके बाद कानपुर से हमीरपुर की ओर जाने वाले और घाटमपुर में न रूकने वालें अधिकांश वाहन इसी ओवरब्रिज से होकर गुज़रने लगें,, रविवार सुबह स्थानीय लोगों की नजर ओवरब्रिज की टूटी हुई स्लैब पर पड़ी, तो हैरान रह गए, महज़ चार वर्ष के भीतर ही पुल की स्लैब क्षतिग्रस्त हो गई,, इससे पहले वर्ष 2024 में भी ओवरब्रिज के कई हिस्सों में दरारें दिखाई दी थी,,उस समय पीएनसी और एनएचएआई ने ओवरब्रिज की हर महीने निगरानी करने की बात कही थी,, इसके बावजूद रविवार सुबह स्लैब टूटनै की घटना सामने आने से निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए,,</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बताते चलें कि हमीरपुर से कानपुर की ओर जा रहे भारी वाहन जिन्हें घाटमपुर चौराहे पर नहीं रूकना होता है,वह ओवरब्रिज के रास्ते कानपुर की ओर निकल जाते हैं,, घाटमपुर के मुख्य चौराहे पर बनें ओवरब्रिज पर हमीरपुर की ओर चार नंबर कोठी की छत टूटने के बाद भी ओवरब्रिज के ऊपर से मोरंग गिट्टी के ओवर लोड वाहन गुजर रहे हैं,,, जिससे बडा हादसा हो सकता है, एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पंकज कुमार ने बताया कि उन्हें घाटमपुर ओवरब्रिज के स्लैब टूटनै की जानकारी मिली है,, उन्होंने प्रेटोलिग टीम को मौके पर भेजा है। एनएचआई की टीम पहुंच कर जांच करेगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 18:06:12 +0530</pubDate>
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                <title>उचित मुआवजे की सांविधानिक गारंटी को कम नहीं किया जा सकता: समीक्षा याचिका खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि भूमि अधिग्रहण मामलों में उचित मुआवजे की सांविधानिक गारंटी को कम नहीं किया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि क्षतिपूर्ति और ब्याज वित्तीय बोझ की मात्रा पर निर्भर नहीं हो सकते। शीर्ष अदालत ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की समीक्षा याचिका खारिज कर दी।</p>
<p style="text-align:justify;">एनएचएआई ने 4 फरवरी, 2025 के फैसले की समीक्षा मांगी थी। इस फैसले में कहा गया था कि 2019 का निर्णय पूर्वव्यापी रूप से लागू होगा। 2019 के फैसले में एनएचएआई अधिनियम के तहत अधिग्रहित भूमि के किसानों को मुआवजा और ब्याज देने की बात थी।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174306/constitutional-guarantee-of-fair-compensation-cannot-be-diluted-review-petition"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/sc.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि भूमि अधिग्रहण मामलों में उचित मुआवजे की सांविधानिक गारंटी को कम नहीं किया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि क्षतिपूर्ति और ब्याज वित्तीय बोझ की मात्रा पर निर्भर नहीं हो सकते। शीर्ष अदालत ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की समीक्षा याचिका खारिज कर दी।</p>
<p style="text-align:justify;">एनएचएआई ने 4 फरवरी, 2025 के फैसले की समीक्षा मांगी थी। इस फैसले में कहा गया था कि 2019 का निर्णय पूर्वव्यापी रूप से लागू होगा। 2019 के फैसले में एनएचएआई अधिनियम के तहत अधिग्रहित भूमि के किसानों को मुआवजा और ब्याज देने की बात थी। पीठ ने कहा कि भूस्वामियों को देय ब्याज भूमि अधिग्रहण अधिनियम के अनुसार नौ फीसदी होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">यह एनएचएआई अधिनियम के पांच फीसदी की सीमा के अनुसार नहीं होगा। एनएचएआई ने दावा किया था कि वित्तीय देनदारी 29,000 करोड़ रुपये होगी। पहले यह राशि 100 करोड़ रुपये बताई गई थी। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि वित्तीय देनदारी का अनुमान समीक्षा का वैध आधार नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, पीठ ने कहा कि उसके पिछले निर्णयों को सीमित स्पष्टीकरण की आवश्यकता है। यह निर्णय के दायरे और प्रभाव की सुसंगत समझ सुनिश्चित करने के लिए है। यह निर्विवाद है कि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत अधिग्रहित भूमि के भूस्वामी क्षतिपूर्ति और ब्याज के हकदार हैं। ये उचित मुआवजे का हिस्सा हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 20:51:46 +0530</pubDate>
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