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                <title>SIT investigation - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>SIT investigation RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अयोध्या: राम मंदिर का दान और संपत्ति की खरीदारी - 'श्रद्धा के पैसे' का हिसाब</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में पुलिस को बहुत बड़ी सफलता मिली है। रविवार को सात ठिकानों पर छापेमारी के दौरान आरोपियों की संपत्ति से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद कर उन्हें जब्त कर लिया गया है। अब पुलिस इनकी जांच करेगी और वित्तीय लेनदेन की समीक्षा करेगी। इन सात अभियुक्तों के घरों से पुलिस को सोने चांदी के गहने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिक्के व नकदी भी मिली है जो यह साबित कर रही है कि कहीं न कहीं मंदिर की दान चोरी में इनका हांथ है। रामलला के दर्शन के लिए रोज लाखों श्रद्धालु आते हैं। दानपात्रों में नकद</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182331/ayodhya-ram-temple-donation-and-purchase-of-property-accounting"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas25.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में पुलिस को बहुत बड़ी सफलता मिली है। रविवार को सात ठिकानों पर छापेमारी के दौरान आरोपियों की संपत्ति से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद कर उन्हें जब्त कर लिया गया है। अब पुलिस इनकी जांच करेगी और वित्तीय लेनदेन की समीक्षा करेगी। इन सात अभियुक्तों के घरों से पुलिस को सोने चांदी के गहने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिक्के व नकदी भी मिली है जो यह साबित कर रही है कि कहीं न कहीं मंदिर की दान चोरी में इनका हांथ है। रामलला के दर्शन के लिए रोज लाखों श्रद्धालु आते हैं। दानपात्रों में नकद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गहने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चेक सब गिरता है। लेकिन अब वही </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">श्रद्धा का पैसा</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">विवाद में है। एक तरफ ट्रस्ट की करोड़ों की जमीन खरीदारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दूसरी तरफ चढ़ावा गिनने वाले कर्मचारियों की करोड़ों की संपत्ति। दान कितना आता है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">विदेश से लेकर घर तक- विदेशी दान- महाकुंभ के दौरान अकेले जनवरी-फरवरी </span>2025<span lang="hi" xml:lang="hi"> में अमेरिका समेत </span>6<span lang="hi" xml:lang="hi"> देशों से </span>57<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख रुपये का विदेशी दान मिला।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">समर्पण निधि से अब तक देश-विदेश के करोड़ों भक्तों ने आस्था से दान दिया है। भाजपा नेता रजनीश सिंह के मुताबिक ये पैसा "किसी व्यक्ति का नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">करोड़ों भक्तों की श्रद्धा का प्रतीक है"। शुरुआत </span>1<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये से ट्रस्ट को पहला दान मोदी सरकार ने </span>1<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये नकद देकर किया था। ट्रस्ट ने क्या खरीदा</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">चार महीने में </span>36.61<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ की जमीन। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट तेजी से जमीन खरीद रहा है। पिछले </span>4<span lang="hi" xml:lang="hi"> महीने अयोध्या के हैबतपुर में </span>5<span lang="hi" xml:lang="hi"> जगहों पर </span>4.29<span lang="hi" xml:lang="hi"> एकड़ जमीन खरीदी गई। जिसकी कुल कीमत: </span>36.61<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये है। सबसे बड़ी डील-  </span>11,194<span lang="hi" xml:lang="hi"> स्क्वायर फीट की एक जमीन अकेले।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">रानोपाली में भी </span>5,490<span lang="hi" xml:lang="hi"> स्क्वायर फीट की जमीन अलग से ली गई है। ट्रस्ट का कहना है कि मंदिर विस्तार और सुविधाओं के लिए जमीन ली जा रही है। विवाद का केंद्र: चढ़ावे की </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">चोरी</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">और करोड़ों की संपत्ति यही सबसे बड़ा मुद्दा है। आरोप है कि दानपात्रों से करोड़ों रुपये गायब हुए। </span>14,500<span lang="hi" xml:lang="hi"> की नौकरी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">करोड़ों की संपत्ति- नोट गिनने वाले </span>24<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्राइवेट कर्मचारियों की सैलरी सिर्फ </span>14,500<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये महीना है। लेकिन उनमें से कुछ ने </span>1.5<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ की जमीन</span>, 40<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख का प्लॉट खरीद लिया। कैसे पकड़े गए- </span>18-20<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार सैलरी वाले दो कर्मचारियों की डेढ़ करोड़ की जमीन खरीद से पूरा मामला खुला।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कौन शामिल-  लवकुश मिश्रा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनुकल्प मिश्रा समेत </span>8<span lang="hi" xml:lang="hi"> लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी दान गिनती प्रक्रिया में थे। सीसीटीवी फुटेज में पैसे चुराते पकड़े गए। कितना घोटाला</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">आशंका </span>200<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये से अधिक की है। अब तक </span>5<span lang="hi" xml:lang="hi"> कर्मचारियों से </span>2<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ नकद</span>, 1<span lang="hi" xml:lang="hi"> कार</span>, 3<span lang="hi" xml:lang="hi"> आईफोन बरामद हुए हैं।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> जांच कहां तक पहुंची</span>? SIT <span lang="hi" xml:lang="hi">और राजनीति क्या कहती है - एसआईटी का गठन - योगी सरकार ने मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में </span>3<span lang="hi" xml:lang="hi"> सदस्यीय एसआईटी बनाई। </span>15<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। एसआईटी ने अपना काम शुरू कर दिया है और आठ में से सात लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की गई है जिनके पास से काफी संपत्ति के सबूत मिले हैं। ट्रस्ट की शिकायत पर </span>8<span lang="hi" xml:lang="hi"> लोगों के खिलाफ </span>BNS <span lang="hi" xml:lang="hi">की धारा </span>306, 316, 317, 61<span lang="hi" xml:lang="hi"> के तहत केस दर्ज हुआ है। सपा का आरोप- अखिलेश यादव ने कहा कि चंदे के पैसों से मकान खरीदे गए हैं। उन्होंने हाईकोर्ट के रिटायर जज से जांच कराने की मांग की है। ट्रस्ट का बयान-  नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि ये विवाद </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">जमीन खरीद विवाद</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">से भी ज्यादा गंभीर है। उन्होंने एक अनुभवी </span>CEO <span lang="hi" xml:lang="hi">की नियुक्ति की जरूरत बताई।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पारदर्शिता की मांग: हिसाब कौन देगा</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा नेता रजनीश सिंह ने </span>PM <span lang="hi" xml:lang="hi">को पत्र लिखकर ट्रस्ट के बनने से अब तक का पूरा वित्तीय लेन-देन वेबसाइट पर सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका तर्क है कि "हर भक्त को यह जानने का नैतिक और लोकतांत्रिक अधिकार है कि दान में मिले पैसे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गहनों का इस्तेमाल कैसे हुआ"। आस्था बनाम जवाबदेही- राम मंदिर सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">करोड़ों लोगों की आस्था है। ट्रस्ट जमीन खरीदकर विस्तार कर रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये ठीक है। लेकिन अगर </span>14,500<span lang="hi" xml:lang="hi"> सैलरी वाला कर्मचारी करोड़पति बन रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो सवाल उठना लाजमी है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">SIT <span lang="hi" xml:lang="hi">की रिपोर्ट तय करेगी कि ये </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">व्यक्तिगत गबन</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">है या सिस्टम की चूक। फिलहाल </span>8 <span lang="hi" xml:lang="hi">लोग सलाखों के पीछे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और करोड़ों श्रद्धालु हिसाब मांग रहे हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 15:28:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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                <title>'हरियाणा पुलिस ने 4 साल की बच्ची के रेप केस में आरोपी को बचाने की कोशिश की': सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी बनाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>सुप्रीम कोर्ट ने आज गुरुग्राम में 4 साल की बच्ची के रेप के मामले में जांच को भटकाने के लिए हरियाणा पुलिस को कड़ी फटकार लगाई, और जांच अपने हाथ में लेने के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बनाई। कोर्ट ने कहा कि पुलिस ने अपराध की गंभीरता को कम करने की कोशिश की।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा (पाक्सो) एक्ट की धारा 6 के तहत 'गंभीर यौन हमला' के अपराध का संकेत देने वाले शुरुआती सबूत मौजूद थे, फिर भी पुलिस ने FIR सिर्फ धारा 10 के तहत 'गंभीर यौन हमला' के लिए दर्ज</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174304/haryana-police-tried-to-save-the-accused-in-the-rape"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/supream-court5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>सुप्रीम कोर्ट ने आज गुरुग्राम में 4 साल की बच्ची के रेप के मामले में जांच को भटकाने के लिए हरियाणा पुलिस को कड़ी फटकार लगाई, और जांच अपने हाथ में लेने के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बनाई। कोर्ट ने कहा कि पुलिस ने अपराध की गंभीरता को कम करने की कोशिश की।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा (पाक्सो) एक्ट की धारा 6 के तहत 'गंभीर यौन हमला' के अपराध का संकेत देने वाले शुरुआती सबूत मौजूद थे, फिर भी पुलिस ने FIR सिर्फ धारा 10 के तहत 'गंभीर यौन हमला' के लिए दर्ज की, जो कि एक कम गंभीर अपराध है।कोर्ट ने कहा, "यह एक ऐसा साफ मामला है, जिसमें पुलिस ने आरोपी को बचाने के लिए हर मुमकिन कोशिश की है।"</p>
<p style="text-align:justify;">"कमिश्नर से लेकर सब-इंस्पेक्टर तक, पूरी पुलिस फोर्स ने यह साबित करने की हर कोशिश की कि बच्ची के पास कोई सबूत नहीं है या उसके माता-पिता की बातों में कोई दम नहीं है। रिकॉर्ड में इस बात की कोई गुंजाइश नहीं है कि पाक्सो की धारा 6 के तहत कोई अपराध नहीं हुआ था। हालांकि, पुलिस ने FIR दर्ज की, लेकिन कुछ अज्ञात कारणों से अपराध को धारा 10 के तहत कम गंभीर बना दिया।"</p>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों वाली एक एसआईटी का गठन किया है, जिसमें हरियाणा कैडर की आईपीएस अधिकारियों को शामिल किया गया है।सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिया है कि जल्द से जल्द एसआईटी को नोटिफाई किया जाए और गुरुग्राम पुलिस को गुरुवार तक जांच से जुड़े दस्तावेज एसआईटी को सौंपने का निर्देश दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 20:49:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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