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                <title>भ्रष्टाचार आरोप - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>भ्रष्टाचार आरोप RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बभनान में विकास या घोटाला? जनता की लोहे की बेंच झाड़ियों में दबी, जिम्मेदारों की भूमिका संदिग्ध</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के नगर पंचायत बभनान में विकास कार्यों को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर पंचायत कार्यालय के पीछे झाड़ियों में लोहे की बेंच पड़ी मिली, जिसे देखकर लोगों में आक्रोश व्याप्त है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, यह बेंच आम जनता की सुविधा के लिए खरीदी गई थी, ताकि इसे किसी सार्वजनिक स्थान—जैसे चौराहा, बाजार या सड़क किनारे—स्थापित किया जा सके। लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही या मिलीभगत के चलते इसे झाड़ियों में डालकर छोड़ दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मौके पर बेंच के आसपास उगी घनी झाड़ियां</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179190/development-or-scam-in-babhanan-iron-bench-of-public-role"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260512-wa00602.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के नगर पंचायत बभनान में विकास कार्यों को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर पंचायत कार्यालय के पीछे झाड़ियों में लोहे की बेंच पड़ी मिली, जिसे देखकर लोगों में आक्रोश व्याप्त है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, यह बेंच आम जनता की सुविधा के लिए खरीदी गई थी, ताकि इसे किसी सार्वजनिक स्थान—जैसे चौराहा, बाजार या सड़क किनारे—स्थापित किया जा सके। लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही या मिलीभगत के चलते इसे झाड़ियों में डालकर छोड़ दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मौके पर बेंच के आसपास उगी घनी झाड़ियां इस बात की गवाही दे रही हैं कि यह लंबे समय से उपयोग में नहीं लाई गई। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस कार्य को कागजों में पूरा दिखाकर सरकारी धन का बंदरबांट किया गया है?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर सिर्फ कागजी खेल किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि संभवतः बेंच की खरीद और स्थापना दिखाकर बजट का उपयोग दिखा दिया गया, जबकि हकीकत में इसे जनता तक पहुंचाने की कोई कोशिश नहीं की गई। ऐसे में पूरे मामले में घोटाले की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मामले ने नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी (ईओ) की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना उच्च अधिकारियों की जानकारी के इस तरह की लापरवाही संभव नहीं है। यदि कार्य आवंटित हुआ था, तो उसकी निगरानी क्यों नहीं की गई?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बेंच अगर सार्वजनिक स्थल पर लगाई जाती, तो राहगीरों, बुजुर्गों और गरीब लोगों को इसका लाभ मिलता। लेकिन इसे झाड़ियों में डालकर उनकी सुविधा को नजरअंदाज कर दिया गया, जो सीधे तौर पर जनता के अधिकारों का हनन है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस संबंध में जब नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई, तो स्पष्ट जवाब नहीं मिला। हालांकि सूत्रों का कहना है कि मामला संज्ञान में आने के बाद जांच कर कार्रवाई की बात कही जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि इस तरह के मामलों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो विकास योजनाएं सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह जाएंगी।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 20:39:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हर्रैया रेंजर शारदानंद तिवारी के लम्बे अवकाश का पूरा फायदा उठा रहे लकड़ी माफिया</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के हर्रैया क्षेत्र में तेजी से हो रहे अवैध कटान को लेकर पूरे जिले में चल रही तरह - तरह की चर्चाएंअभी हाल में ही ग्राम पंचायत सकरदहा शुक्ल, त्रिलोकपुर तिवारी व केशवराजपुर में अवैध पेड़ों की हुई है कटान</div>
<div style="text-align:justify;">ग्राम पंचायत सकरदहा शुक्ल, त्रिलोकपुर व केशवराजपुर में हुए अवैध कटान मामले में नही हुई है कोई कार्यवाही</div>
<div style="text-align:justify;">ग्राम पंचायत सकरदहा शुक्ल, त्रिलोकपुर व केशवराजपुर में हुए अवैध कटान मामले में कार्यवाही न होना वन विभाग हर्रैया पर खड़ा कर रहा बड़ा सवाल बन दरोगा के ऊपर उठ रहे हैं उंगलियां हिस्सा ऊपर तक जाता हैतेज तर्रार</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178797/wood-mafia-taking-full-advantage-of-harraiya-ranger-shardanand-tiwaris"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260506-wa0050.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के हर्रैया क्षेत्र में तेजी से हो रहे अवैध कटान को लेकर पूरे जिले में चल रही तरह - तरह की चर्चाएंअभी हाल में ही ग्राम पंचायत सकरदहा शुक्ल, त्रिलोकपुर तिवारी व केशवराजपुर में अवैध पेड़ों की हुई है कटान</div>
<div style="text-align:justify;">ग्राम पंचायत सकरदहा शुक्ल, त्रिलोकपुर व केशवराजपुर में हुए अवैध कटान मामले में नही हुई है कोई कार्यवाही</div>
<div style="text-align:justify;">ग्राम पंचायत सकरदहा शुक्ल, त्रिलोकपुर व केशवराजपुर में हुए अवैध कटान मामले में कार्यवाही न होना वन विभाग हर्रैया पर खड़ा कर रहा बड़ा सवाल बन दरोगा के ऊपर उठ रहे हैं उंगलियां हिस्सा ऊपर तक जाता हैतेज तर्रार डीएफओ के आंख में धूल झोंककर हल्का वन दरोगा व वन रक्षक हर्रैया क्षेत्र में करा रहे हरे पेड़ों की अवैध कटान जारी है इन पर कार्रवाई करने के बजाय उनसे अपना बखरा लेकर वारा न्यारा कर देते हैं</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आख़िर क्यों नहीं रुक पा रहा हर्रैया क्षेत्र में हरे पेड़ों की अवैध कटान ? प्रभारी रेंजर सोनल वर्मा की भूमिका संदिग्ध कार्रवाई न करना सवालों के घेरे में आ रही है सोनल वर्मा जिले में हरियाली पर टांका डाला जा रहा है लेकिन ना तो जिला प्रशासन ध्यान दे रहे हैं ना पुलिस प्रशासन इस मामले पर शक्ति कर रहा है कैसे हरियाली की सुरक्षा की जाए वन विभाग अपनी जेब में भर भर रहे मालामाल कैसे सुरक्षा है हरियाली की इस मामले पर कोई जिम्मेदार अधिकारी बनने को राजी नहीं है</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब देखना यह है कि हर्रैया क्षेत्र कई स्थानों पर बिना परमिट के कटान हुए पेड़ों पर प्रभारी रेंजर सोनल वर्मा कर पाती है कार्यवाही मोटी रकम लेकर के सौदेबाजी कर लिया गया हरियाली पर डाटा डाल रहे हैं बदमाशियां तथा हरिया रेंज के अधिकारीया जांच पड़ताल के नाम पर लकड़ी माफियाओं से लेन देन करके मामले को कर देती है रफा दफाबस्ती जिले के वन रेंज हर्रैया के अर्न्तगत कई ग्राम पंचायतों में बिना परमिट के कटे अवैध पेड़ों से जुड़ा मामला पर माफिया द्वारा क्षेत्र में अवैध कटान धड़ले से चल रहा है जिसमें पुलिस की निधि भगत और वन विभाग के अधिकारी सम्मिलित है</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 20:35:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संस्कृत महाविद्यालयों में फर्जी नियुक्ति को लेकर मचा हुआ है बवाल। </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>मीरजापुर। </strong>मिर्जापुर श्री० प० सकठा  प्रसाद वैध सस्कृति महाविद्यालय पखवईया  मीरजापुर मे अनुकम्पा नियुक्ति को लेकर मचा हुआ है बवाल मोटी रकम लेने के बाद संस्कृत विद्यालयों में हो रही अध्यापकों की नियुक्ति सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार संस्कृत महाविद्यालय में मोटी रकम लेकर जिनके पास कोई वैध डिग्री नहीं है  नियुक्ति पूरी तरह से मानक विहीन है। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिनका मोटी रकम लेकर विभाग के द्वारा किया जा रहा है नियुक्ति डिग्री लेने वाले अध्यापक दर-दर भटक रहे हैं बिना डिग्री के लोग पैसा देकर करवा ले रहे हैं संस्कृत विद्यालयों में भर्ती आए दिन नियुक्ति में फर्जीवाड़ा देखने को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178134/there-is-an-uproar-over-fake-appointments-in-sanskrit-colleges"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/1001517658.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>मीरजापुर। </strong>मिर्जापुर श्री० प० सकठा  प्रसाद वैध सस्कृति महाविद्यालय पखवईया  मीरजापुर मे अनुकम्पा नियुक्ति को लेकर मचा हुआ है बवाल मोटी रकम लेने के बाद संस्कृत विद्यालयों में हो रही अध्यापकों की नियुक्ति सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार संस्कृत महाविद्यालय में मोटी रकम लेकर जिनके पास कोई वैध डिग्री नहीं है  नियुक्ति पूरी तरह से मानक विहीन है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिनका मोटी रकम लेकर विभाग के द्वारा किया जा रहा है नियुक्ति डिग्री लेने वाले अध्यापक दर-दर भटक रहे हैं बिना डिग्री के लोग पैसा देकर करवा ले रहे हैं संस्कृत विद्यालयों में भर्ती आए दिन नियुक्ति में फर्जीवाड़ा देखने को मिलता रहता है इसके पूर्व में भी संस्कृत पाठशाला में नियुक्ति को लेकर काफी मोटी रकम की हुई है वसूली।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब दोबारा फिर मोटी रकम लेकर हो रहा है वशुली संस्कृत पाठशाला में फर्जी नियुक्ति फर्जी नियुक्ति रुकवाने के लिए लोगों ने किया शासन से मांग और विभागीय अधिकारियों के उपर पर कार्रवाई।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 18:55:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बस्ती जिले मेंआईजीआरएस मुख्यमंत्री पोर्टल पर लग रहे हैं फर्जी रिपोर्ट शिकायतों के बाद अधिकारी मौन</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में स्वच्छता मिशन को मजाक बना रहे हैं अधिकारी और कर्मचारी द्वारा खुली छूट दी जा रही है रास्ते पर गंदगी का भरमार है ग्राम पंचायत महादेवरी की महिला मेट अंतिम देवी पिछले 10 सालों से शौचालय नहीं बना हुआ है और रास्ते पर उनके पति सहित पूरे परिवार के लोग गंदगी फैला रहे हैं इस शिकायत खंड विकास अधिकारी से लेकर मुख्य विकास अधिकारी जिला अधिकारी और जिला पंचायत अधिकारी के दिया गया लेकिन अधिकारियों द्वारा रुपया लेकर के कार्रवाई न करना प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छता मिशन शौचालय की धज्जियां उड़ा रहे हैं ऐसी महिला</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178013/fake-reports-are-being-posted-on-igrs-chief-minister-portal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260503-wa0082.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में स्वच्छता मिशन को मजाक बना रहे हैं अधिकारी और कर्मचारी द्वारा खुली छूट दी जा रही है रास्ते पर गंदगी का भरमार है ग्राम पंचायत महादेवरी की महिला मेट अंतिम देवी पिछले 10 सालों से शौचालय नहीं बना हुआ है और रास्ते पर उनके पति सहित पूरे परिवार के लोग गंदगी फैला रहे हैं इस शिकायत खंड विकास अधिकारी से लेकर मुख्य विकास अधिकारी जिला अधिकारी और जिला पंचायत अधिकारी के दिया गया लेकिन अधिकारियों द्वारा रुपया लेकर के कार्रवाई न करना प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छता मिशन शौचालय की धज्जियां उड़ा रहे हैं ऐसी महिला मेट पर कार्रवाई न करना अधिकारियों के लिए टेढ़ी खीर बनी हुई है महिला मेट अंतिम देवी पिछले 10वर्षों अधिकारियों को गुमराह करके और झूठी बयान बाजी करके अपना पल्ला झाड़ रही है</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जबकि जांच रिपोर्ट में उनके घर शौचालय न होना साबित करता है कि यह जिम्मेदार पद पर रहते हुए स्वच्छता मिशन की अवहेलना कर रही है और इनका सपोर्ट विकासखंड अधिकारी सहायक विकास अधिकारी तथा उच्च अधिकारी भी दे रहे हैं क्योंकि ग्राम पंचायत में फर्जी फोटो लगा करके हाजिरी लगाने की आवाज में मोटी रक्कम्मा चलती है इस रकम से अधिकारियों को गुमराह करके फर्जी रिपोर्ट लगवाते हैं आईजीआरएस जिला अधिकारी को किया गया आईजीआरएस विकास विभाग के मुख्य विकास अधिकारी को दिया गया लेकिन फर्जी रिपोर्ट लगाकर उन्होंने पल्ला झाड़ लिया कि इनका बस से हटाने की जिम्मेदारी हमारी नहीं है जिले की कमान संभाले जिला अधिकारी को इस मामले पर भी कुछ बोलने का तैयार नहीं प्रधानमंत्री का स्वच्छता मिशन फ्लॉप नजर आ रहा है </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">चारों तरफ आईजीआरएस के फर्जी रिपोर्ट की भरमार है जनता की शिकायतों पर न्या न मिलाना अधिकारियों द्वारा फर्जी रिपोर्ट को संज्ञान में ना लेना जिले की विडंबना है शिकायतों को अनदेखा करना जिलाधिकारी एवं विकास विभाग के अधिकारी पंचायत विभाग के अधिकारी फर्जी की फोटो को लगवा कर मामलेेक निस्तारण कर दिया जाता है जांच के नाम पर कर्मचारी सुनते हैं रुपया जिससे शिकायत करता को न्याय नहीं मिल पाता है ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों की जांच से स्तरीय होनी चाहिए</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 19:00:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन के वेंटिलेटर के टेंडर में बड़ा खेल -1</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ- उत्तर प्रदेश </strong></blockquote><p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वैसे तो शुरू से ही जीजा साले की जोड़ी के निशाने पर है लूट करने के लिए परन्तु इसके साथ साथ भ्र्ष्ट अधिकारीयों, कर्मचारियों और आउटसोर्स कर्मचारियों के लूट के संगठित गिरोह का भी अनुपम उदहारण है, नए अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित घोष पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की भ्र्ष्ट छवि सुधरने की, क्योकि उनके पूर्ववर्ती अमित मोहन प्रसाद और कंचन वर्मा ने भी जीजा साले से मिलकर मेडिकल कारपोरेशन के मुंह पर कालिख पोतने में कोई कसर नहीं छोड़ी है l </p><h4 style="text-align:justify;"><strong>लूट के निशाने पर मेडिकल</strong></h4>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177169/big-game-in-the-tender-of-ventilator-of-uttar-pradesh"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/photo-32.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊ- उत्तर प्रदेश </strong></blockquote><p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वैसे तो शुरू से ही जीजा साले की जोड़ी के निशाने पर है लूट करने के लिए परन्तु इसके साथ साथ भ्र्ष्ट अधिकारीयों, कर्मचारियों और आउटसोर्स कर्मचारियों के लूट के संगठित गिरोह का भी अनुपम उदहारण है, नए अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित घोष पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की भ्र्ष्ट छवि सुधरने की, क्योकि उनके पूर्ववर्ती अमित मोहन प्रसाद और कंचन वर्मा ने भी जीजा साले से मिलकर मेडिकल कारपोरेशन के मुंह पर कालिख पोतने में कोई कसर नहीं छोड़ी है l </p><h4 style="text-align:justify;"><strong>लूट के निशाने पर मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन में वेंटिलेटर का टेंडर  </strong></h4><p style="text-align:justify;"><br /></p><p style="text-align:justify;">जीजा साले द्वारा इसी वेंटीलेटर के टेंडर को लूटने की योजना बनाई जा रही है इसी क्रम में जीजा साले  की जोड़ी द्वारा कोशिश की जा रही है कि कारपोरेशन के महाप्रबंधक उपकरण के पद पर सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़  सिद्धार्थ सिंह की तैनाती की कराई जा सके, जिससे की इस वेंटीलेटर के टेंडर में पूरा खेल किया जा सके और अच्छे जीवन रक्षक उपकरण की जगह घटिया चीनी उत्पाद प्रदेश के अस्पतालों में स्थापित किया जा सके और जनता को घटिया चीनी उपकरण के जरिये मौत के मुंह में धकेल कर जम कर लूट की जा सके, </p><p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-12.jpg" alt="उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन के वेंटिलेटर के टेंडर में बड़ा खेल -1" width="942" height="628"></img></p><h4 style="text-align:justify;"><strong>जीजा साले की जोड़ी का चीनी उत्पाद से प्रेम</strong></h4><p style="text-align:justify;">हाल ही में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित घोष के नाराजगी और वेंटीलेटर की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश के बाद वेंटीलेटर के टेंडर में हलचल मची है ताज़ा प्रकरण में लूट के निशाने पर वेंटीलेटर का टेंडर है, जेम पोर्टल के टेंडर सख्या  GEM/2025/B/5823357 EQUIPMENT ICU VENTILATOR QTY 221 के द्वारा प्रदेश के अस्पतालों के लिए वेंटीलेटर की खरीद की जानी है, उक्त टेंडर में 11 कंपनियों ने प्रतिभाग किया है जिसमे से एक कंपनी जीजा साले की HEIDELCO MEDICORE PVT LTD है, वैसे तो अधिकांश टेंडरों में HEIDELCO MEDICORE PVT LTD कंपनी अपने आप को उपकरण निर्माता बताती रही या फिर अपने आपको POCT SERVICES का अधिकृत वितरक, परन्तु इस टेंडर में कुछ नया ही खेल खेला जा रहा है, HEIDELCO MEDICORE PVT LTD ने अपने आपको SYSMED MEDICAL TECHNOLOGIES PVT LTD, CHANDIGARH  का अधिकृत वितरक दिखाया है और वेंटीलेटर का मॉडल TOPNOTCH TV 15 है,</p><h4 style="text-align:justify;"><strong>भारतीय कंपनी की आड़ और चीनी वेंटीलेटर</strong></h4><p style="text-align:justify;">घटिया चीनी उपकरण को उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में खपाने की कवायद कुछ इस प्रकार से की जा रही है, जेम पोर्टल के टेंडर सख्या  GEM/2025/B/5823357 EQUIPMENT ICU VENTILATOR QTY 221  में कंपनी SYSMED MEDICAL TECHNOLOGIES PVT LTD, CHANDIGARH द्वारा खुद को वेंटीलेटर का निर्माता बताया है, परन्तु असली निर्माता कंपनी SHENZHEN MINDRAY BIO MEDICAL ELECTRONICS COMPANY LIMITED  है, और SYSMED MEDICAL TECHNOLOGIES PVT LTD, CHANDIGARH घटिया चीनी वेंटीलेटर को फ़र्ज़ी लेबल लगाकर भारतीय उपकरण दिखाकर जीजा साले द्वारा,  HEIDELCO MEDICORE PVT LTD,LUCKNOW  कंपनी के माध्यम से उत्तर प्रदेश की अस्पतालों में सप्लाई करके बड़ी लूट की तैयारी है और उत्तर प्रदेश की जनता को घटिया चीनी जीवन रक्षक उपकरण के द्वारा मौत के मुहं में धकेलने की तैयारी है, लेकिन इनको नहीं पता है की वेंटीलेटर की खरीद पर उच्च न्यायालय की पैनी नज़र है, </p><p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-32.jpg" alt="उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन के वेंटिलेटर के टेंडर में बड़ा खेल -1" width="909" height="606"></img></p><p style="text-align:justify;"><strong>चीन प्रेम और साइंस हाउस मेडिकल्स भोपाल का हश्र</strong><br /> <br />अभी हाल में ही अपने चीन प्रेम के कारन और चीनी घटिया जीवन रक्षक उत्पाद को मध्य प्रदेश के अस्पतालों में सप्लाई करने के कारन कुख्यात जीजा साले की जोड़ी के सहयोगी SCIENCE HOUSE MEDICALS PVT LTD BHOPAL के निदेशक जीतेन्द्र तिवारी, सुनैना तिवारी, राजेश गुप्ता और शैलेन्द्र तिवारी अपने कर्मचारियों के साथ जेल में है और अब   लगता है की फर्जीवाड़ा करने के कारन और जीजा साले की जोड़ी से संबंधों के कारन SYSMED MEDICAL TECHNOLOGIES PVT LTD, CHANDIGARH कंपनी के निदेशक हेमंत सिंगला, वीणा जॉली, अंकुर मंगला, नवदीप सिंगला भी अपने कर्मचारियों के साथ जेल जाने की तैयारी कर रहे हैं, आश्चर्यजनक यह हैं की मात्र तीन वर्ष पुरानी कंपनी वेंटीलेटर और एनेस्थीसिया जैसे बड़ी मशीनों की निर्माता बन गयी हैं I जीजा साले की जोड़ी को फायदा पहुंचने के लिए उज्जवल कुमार द्वारा वेंटीलेटर के स्पेसिफिकेशन्स में भी बड़ा बदलाव किया गया हैं</p><h4 style="text-align:justify;"><strong>उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन का पक्ष</strong></h4><p style="text-align:justify;">इस वेंटीलेटर के टेंडर के प्रकरण में संवाददाता द्वारा जब उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो मेडिकल कारपोरेशन द्वारा टेंडर में नामित बायर देवव्रत कुमार आर्य द्वारा स्वतंत्र प्रभात के संवाददाता को बताया गया  की मेडिकल कारपोरेशन चीनी उपकरण नहीं खरीदता है और यदि वेंटीलेटर के टेंडर में कोई उपकरण या कंपनी चीनी पाया जाता है तो उस निविदा को निरस्त किया जायेगा  </p><h5 style="text-align:justify;"><strong>बृजेश पाठक की जिम्मेदारी योगी की जीरो टॉलरेंस नीति</strong></h5><p style="text-align:justify;">वेंटीलेटर के टेंडर में हो रहा है इस खेल को रोकने की पूरी पूरी जिम्मेदारी बृजेश पाठक की है क्योंकि सूबे में योगी आदित्यनाथ की सरकार है और जिनकी भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस पॉलिसी की नीति है, अतः इस नीति का पूरी तरीके से पालन कराना बृजेश पाठक की जिम्मेदारी है विभागीय मंत्री होने के नाते, चुनावी वर्ष है इसलिए सरकार को हर कदम अपना फूंक फूंक कर  रखना होगा ताकि जनता में उचित संदेश जाए इमानदारी का, इस चुनावी वर्ष में कोई भी व्यक्ति शातिर दलालों के साथ अपने संबंधों का खुलासा नहीं चाहेगा<br /> <br /><strong>अगले अंक में वेंटीलेटर टेंडर में लूट और जीजा साले के चीन प्रेम पर खुलासा .......</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 08:20:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूर्ति लिपिक के खिलाफ खाद्य एवं रसद मंत्री से हुई शिकायत लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होना प्रशासन की विफलता है</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के आपूर्ति विभाग के बाबू नवीन कुमार चौधरी पिछले 18 सालों से एक ही पटल पर नौकरी कर रहे हैं कई बार शिकायत होने के बावजूद भी कार्रवाई न होना जिला प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है मंत्री खाद्य एवं रसद (आपूर्ति) विभाग उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ से बस्ती जिले के एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में तैनात पूर्ति लिपिक नवीन चौधरी की लम्बी तैनाती को लेकर शिकायत किया है और तत्काल मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर स्थानांतरित करने की मांग की गई है । </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पूर्ति लिपिक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176699/complaint-against-the-supply-clerk-to-the-food-and-logistics"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260420-wa0064.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के आपूर्ति विभाग के बाबू नवीन कुमार चौधरी पिछले 18 सालों से एक ही पटल पर नौकरी कर रहे हैं कई बार शिकायत होने के बावजूद भी कार्रवाई न होना जिला प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है मंत्री खाद्य एवं रसद (आपूर्ति) विभाग उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ से बस्ती जिले के एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में तैनात पूर्ति लिपिक नवीन चौधरी की लम्बी तैनाती को लेकर शिकायत किया है और तत्काल मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर स्थानांतरित करने की मांग की गई है । </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पूर्ति लिपिक पर आरोप है कि पूर्ति लिपिक नवीन चौधरी दिनांक- -04-12-2007 से लेकर अद्यतन से एक ही पटल पर रह कर मलाई काट रहा है पूर्ति लिपिक का स्थानांतरण नीति के अनुसार स्थानांतरण होना न्यायहित में आवश्यक है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच हेतु खाद्य एवं रसद मंत्री से लिखित शिकायत की गई है और शिकायत पत्र में लिखा गया है कि जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में लंबे समय से गंभीर अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में तैनात पूर्ति लिपिक नवीन चौधरी विगत 18 वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत है जो (वर्तमान समय में तहसील हर्रैया आपूर्ति कार्यालय से सम्बद्ध) है लेकिन आपूर्ति कार्यालय हर्रैया में डियूटी करने के बजाए जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में पूरा दिन जमा रहता है और सभी कार्यों में मनमानी कार्य करता है जिससे उसके प्रभाव और कार्यशैली को लेकर कई गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप है कि एक कथित निजी व्यक्ति (प्राइवेट मुंशी) प्रवीण कुमार के माध्यम से कोटेदारों एवं अन्य संबंधित लोगों से अवैध वसूली भी करवाता है। यह भी कहा जा रहा है कि बिना अवैध लेन-देन के कोई कार्य सुचारू रूप से नहीं हो पाता है जिससे आम जनता और पात्र लाभार्थियों को सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> राशन कार्ड बनवाने या यूनिट बढ़ाने के बाद पर राशन कार्ड धारकों से मोटी रकम ऐंठता है यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है क्योंकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) जैसी महत्वपूर्ण योजना सीधे गरीब और जरूरतमंद वर्ग से जुड़ी है। यदि इस प्रकार की अनियमितताएं जारी रहेगी तो सरकार की साफ सुथरी छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा ।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उक्त प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों को आवश्यकतानुसार हटाकर निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए। दोषी पाए जाने पर कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए। जनपद में पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था स्थापित की जाए, जिससे पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> भाजपा नेता ने कहा कि हमें पूर्ण विश्वास है कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस गंभीर प्रकरण का संज्ञान लेकर शीघ्र उचित कार्रवाई करेंगे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/176699/complaint-against-the-supply-clerk-to-the-food-and-logistics</link>
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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 18:09:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तहसीलदार अभय राज फर्जी मामले निपटाने मे माहिर गलत रिपोट लगाकर भ्रष्टाचार का दिए सुबूत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के सबसे बड़ी तहसील हरैया के तहसीलदार कई सालों से चल रहे धारा 67 की कार्रवाई स्वयं ध्वस्ती करण का आदेश पारित किया खलिहान की भूमि पर बने मकान पर नोटिस चश्मा करके दिए गए सप्ताह कासमय समाप्त होने के बाद बुलडोजर की कार्रवाई कर खलिहान की भूमि अभी तक नहीं खाली करवाया गया संदेह के घेरे मेंतहसीलदार हर्रैया की कुर्सी भ्रष्टाचार की दलदल में फंसी हुई दिखाई दे रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">खलिहान व गड्ढे की जमीन पर बनी लाखों की कोठी के मामले में तहसील प्रशासन भू माफिया को बचाते हुए कार्रवाई कर सुर्खियां बटोर रही है</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174272/tehsildar-abhay-raj-expert-in-solving-fake-cases-gave-evidence"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260326-wa0096.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के सबसे बड़ी तहसील हरैया के तहसीलदार कई सालों से चल रहे धारा 67 की कार्रवाई स्वयं ध्वस्ती करण का आदेश पारित किया खलिहान की भूमि पर बने मकान पर नोटिस चश्मा करके दिए गए सप्ताह कासमय समाप्त होने के बाद बुलडोजर की कार्रवाई कर खलिहान की भूमि अभी तक नहीं खाली करवाया गया संदेह के घेरे मेंतहसीलदार हर्रैया की कुर्सी भ्रष्टाचार की दलदल में फंसी हुई दिखाई दे रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">खलिहान व गड्ढे की जमीन पर बनी लाखों की कोठी के मामले में तहसील प्रशासन भू माफिया को बचाते हुए कार्रवाई कर सुर्खियां बटोर रही है ।तहसीलदार कार्यालय से ध्वस्तीकरण का आदेश होने के बावजूद भी खलिहान की भूमि खाली नहीं हो सकी ।समुचित कार्रवाई के नाम पर तहसील प्रशासन आईजीआरएस पर गलत रिपोर्ट लगाकर शिकायतकर्ता को मूर्ख बनाने का काम कर रही हैं ।बल्कि आईजीआरएस की रिपोर्ट पर शिकायतकर्ता ने असंतुष्टि जाहिर की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बताते चलें कि लगभग 2 माह पूर्व हरैया तहसील के राजस्व गांव बैरहना में गाटा संख्या 42 व 43 में अवैध कब्जेदारों का कब्जे का मामला प्रकाश में आया था ।जो की खलिहान व गड्ढे की जमीन है ।तहसीलदार अभय राज लगभग दो माह बाद खलिहान की जमीन पर ध्वस्तीकरण का नोटिस देकर कार्रवाई का दिखावा किया था जिसकी समय सीमा एक सप्ताह थी जो पूर्ण हो चुकी है । मीडिया ने कार्यवाही के लिए जब तहसीलदार अभय राज से फोन के माध्यम से जानकारी लेनी चाहिए तो उनका फोन नहीं उठा। बड़ा सवाल यह है कि क्या अभय राज गुपचुप तरीके से कार्रवाई का कोरम पूरा कर रहे हैं या मोटी रकम लेकर दबंग भू माफिया को संरक्षण प्रदान कर रहे हैं । जिससे भू माफिया का मनोबल बढ़ता जा रहा है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 20:02:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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