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                <title>आईजीआरएस शिकायत - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>आईजीआरएस शिकायत RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सीएम साहब ! मुझे इंसाफ चाहिए... </title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">हाकिम के शहर में इंसाफ की खातिर एक बेबस गरीब महिला दर-दर भटक रही है।  मामला राजधनी के  गुड़म्बा थाना क्षेत्र अंतर्गत मिश्रपुर का है। दो वक्त की रोटी के लिए घरों में काम करने वाली कामगार महिला के भरोसे का शातिर ठगों ने कत्ल कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />बहला-फुसला कर उसका आधार और पैन कार्ड हासिल कर लिया। इसके बाद छह लाख रुपए का बैंक लोन लेकर डकार गए। जब बैंक ने अपना पैसा मांगा, तब उस कामगार महिला को पता चला कि उसके साथ ठगी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">असल लड़ाई इसके बाद शुरू हुई। धोखाधड़ी की शिकायत लेकर 'खादी' से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181688/cm-sir-i-want-justice"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-20-at-15.30.04.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">हाकिम के शहर में इंसाफ की खातिर एक बेबस गरीब महिला दर-दर भटक रही है।  मामला राजधनी के  गुड़म्बा थाना क्षेत्र अंतर्गत मिश्रपुर का है। दो वक्त की रोटी के लिए घरों में काम करने वाली कामगार महिला के भरोसे का शातिर ठगों ने कत्ल कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />बहला-फुसला कर उसका आधार और पैन कार्ड हासिल कर लिया। इसके बाद छह लाख रुपए का बैंक लोन लेकर डकार गए। जब बैंक ने अपना पैसा मांगा, तब उस कामगार महिला को पता चला कि उसके साथ ठगी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">असल लड़ाई इसके बाद शुरू हुई। धोखाधड़ी की शिकायत लेकर 'खादी' से लेकर 'खाकी' तक सबके पास गई। मगर, सिस्टम ऐसा कि गरीब की कोई सुनने वाला नहीं। एक तरफ विश्वासघात का दंश तो दूसरी तरफ लोन की भारी-भरकम रकम का बोझ। बेचारी महीनों से थाने के चक्कर काट रही है। नतीजा सिफर रहा। सब जगह भटकने के बाद अब इस लाचार महिला को सिर्फ सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की आस है। </p>
<p style="text-align:justify;"><br /> आधार-पैन के जरिए फर्जी लोन </p>
<p style="text-align:justify;"><br />गुड़म्बा थाना के मिश्रपुर में रहने वाले अमित कुमार की पत्नी सन्ध्या पेशे से घरेलू कामगार महिला है। किसी तरह मेहनत-मजदूरी करके वह पति के साथ मिलकर जीवन गुजार रही है। </p>
<p style="text-align:justify;"><br />ठगी का शिकार हुई पीड़िता सन्ध्या ने बताया कि वह एक घर में पिछले कई साल से सागर रस्तोगी के यहां घरेलू काम कर रही थी। समय के साथ-साथ घर वालों के साथ मजबूत रिश्ते बन गए। उसे रस्तोगी परिवार पर पूरा भरोसा था, लेकिन यहीं उसके साथ धोखा हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">पीड़िता ने बताया कि खेल की शुरुआत नवंबर 2024 में हुई। सागर और उसकी पत्नी शुभी ने सन्ध्या से किसी सरकारी योजना का लाभ दिलाने के बहाने  उसका आधार और पैन कार्ड  मंगवा लिया। उसने दस्तावेज दे दिए। करीब डेढ़ साल कोई हरकत नहीं हुई। तभी अचानक मई 2026 को उसके पति अमित कुमार के पास बैंक ऑफ बड़ौदा से एक फोन आता है।</p>
<p style="text-align:justify;">बैंक वालों ने कहा कि उसने छह लाख रुपए का लोन लिया था। उसकी किश्त नहीं जमा हो रही है। यह सुनते ही सन्ध्या के पैरों तले जमीन खिसक गई। बैंक में सम्पर्क करके उसने बताया कि छह लाख रुपए का कोई लोन उसके द्वारा नहीं लिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जब बैंक वालों ने उसके दस्तावेज दिखाए तो पति-पत्नी के होश उड़ गए। दोनों समझ गए कि वे ठगी का शिकार हुए हैं। महिला का यह भी दावा है कि बाद में एक बुलेट शोरूम से भी फोन आया, जिससे उसे वित्तीय लेनदेन से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी मिली।</p>
<p style="text-align:justify;">वहां से पीड़िता सीधे रस्तोगी परिवार के पास पहुंची और पूरी बात बताई। इस पर रस्तोगी दम्पत्ति ने पीड़िता के दस्तावेजों के सहारे बैंक लोन लिए जाने की बात को सिरे से खारिज कर दिया। पीड़िता का कहना है कि उसने खूब हाथ-पैर जोड़े और लोन के मसले से बाहर निकालने की गुहार लगाई। मगर, रस्तोगी परिवार ने उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया। </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="format2">
<h4><strong> एक महीने में एफआईआर नहीं </strong></h4>
<p><br />विडंबना देखिए कि एक गरीब कामगार महिला ठगी का शिकार होती है और पुलिस एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी कर रही है। थानेदार की गणेश परिक्रमा लगाते-लगाते चप्पलें घिस गईं। खाकी वर्दी वालों का दिल नहीं पसीजा। शिकायत दर्ज करते हुए मामले की जांच करने की जहमत पुलिस ने नहीं उठाई। आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत के बाद भी पुलिस ने पीड़िता से कार्यवाही से संतुष्ट है पत्र लिखवाकर पुलिस आख्या लगा कर चलता कर दिया ।</p>
<p>यह हाल तब है जब मुख्यमंत्री और डीजीपी इस तरह के धोखाधड़ी से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए पुलिस महकमे को बार-बार गाइडलाइंस जारी कर रहे हैं।  सिस्टम के आगे पीड़िता लाचार भटक रही है। पीड़िता का आरोप है कि उसने 20 मई को संबंधित पुलिस अधिकारियों को लिखित शिकायत दी थी। बाद में उसने पुलिस कमिश्नर कार्यालय में भी प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग की, लेकिन अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।</p>
</blockquote>
<blockquote class="format2">
<h4><strong> धमकी देने का आरोप </strong></h4>
<p><br />महिला ने कुछ लोगों पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने और धमकी देने का भी आरोप लगाया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।<br /><strong>जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।</strong></p>
<p><br />फिलहाल मामले में लगाए गए आरोप एक पक्ष के दावों पर आधारित हैं। पुलिस की जांच और संबंधित विभागों की रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस अधिकारियों की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान का इंतजार है। <strong>स्वतंत्र प्रभात</strong>  ने पीड़िता के आरोपों के आधार पर खबर का प्रस्तुतीकरण किया है। समाचार पत्र दावों की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। फिलहाल, मामला बेहद संवेदनशील है। निष्पक्ष जांच आवश्यक है। इसके बाद असल तस्वीर सामने आएगी। गुड़म्बा प्रभारी से संपर्क करने का प्रयास किया तो संपर्क नहीं हो सका </p>
</blockquote>
<blockquote class="format2">
<h4><strong> बैंक की लापरवाही उजागर </strong></h4>
<p><br />पीड़ित महिला ने आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में कुछ निजी व्यक्तियों के साथ बैंक कर्मियों की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए। उसका कहना है कि बिना उसकी जानकारी और सहमति के इतना बड़ा ऋण स्वीकृत होना कई सवाल खड़े करता है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। सिर्फ सन्ध्या ही नहीं, उसके जैसे न जाने कितने भोले-भाले लोग हर दिन इस तरह की ठगी का शिकार हो रहे हैं। कहीं न कहीं बैंक मैनेजमेंट की लापरवाही रहती है, जिससे आएदिन फर्जीवाड़ा हो रहा है। </p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="format1"><strong>बयान --</strong><br /> "मैंने कभी किसी प्रकार का लोन नहीं लिया। बैंक से फोन आने के बाद मुझे पूरे मामले की जानकारी हुई। मेरे दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।" — सन्ध्या, पीड़िता</blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 17:16:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बस्ती जिले मेंआईजीआरएस मुख्यमंत्री पोर्टल पर लग रहे हैं फर्जी रिपोर्ट शिकायतों के बाद अधिकारी मौन</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में स्वच्छता मिशन को मजाक बना रहे हैं अधिकारी और कर्मचारी द्वारा खुली छूट दी जा रही है रास्ते पर गंदगी का भरमार है ग्राम पंचायत महादेवरी की महिला मेट अंतिम देवी पिछले 10 सालों से शौचालय नहीं बना हुआ है और रास्ते पर उनके पति सहित पूरे परिवार के लोग गंदगी फैला रहे हैं इस शिकायत खंड विकास अधिकारी से लेकर मुख्य विकास अधिकारी जिला अधिकारी और जिला पंचायत अधिकारी के दिया गया लेकिन अधिकारियों द्वारा रुपया लेकर के कार्रवाई न करना प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छता मिशन शौचालय की धज्जियां उड़ा रहे हैं ऐसी महिला</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178013/fake-reports-are-being-posted-on-igrs-chief-minister-portal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260503-wa0082.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में स्वच्छता मिशन को मजाक बना रहे हैं अधिकारी और कर्मचारी द्वारा खुली छूट दी जा रही है रास्ते पर गंदगी का भरमार है ग्राम पंचायत महादेवरी की महिला मेट अंतिम देवी पिछले 10 सालों से शौचालय नहीं बना हुआ है और रास्ते पर उनके पति सहित पूरे परिवार के लोग गंदगी फैला रहे हैं इस शिकायत खंड विकास अधिकारी से लेकर मुख्य विकास अधिकारी जिला अधिकारी और जिला पंचायत अधिकारी के दिया गया लेकिन अधिकारियों द्वारा रुपया लेकर के कार्रवाई न करना प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छता मिशन शौचालय की धज्जियां उड़ा रहे हैं ऐसी महिला मेट पर कार्रवाई न करना अधिकारियों के लिए टेढ़ी खीर बनी हुई है महिला मेट अंतिम देवी पिछले 10वर्षों अधिकारियों को गुमराह करके और झूठी बयान बाजी करके अपना पल्ला झाड़ रही है</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जबकि जांच रिपोर्ट में उनके घर शौचालय न होना साबित करता है कि यह जिम्मेदार पद पर रहते हुए स्वच्छता मिशन की अवहेलना कर रही है और इनका सपोर्ट विकासखंड अधिकारी सहायक विकास अधिकारी तथा उच्च अधिकारी भी दे रहे हैं क्योंकि ग्राम पंचायत में फर्जी फोटो लगा करके हाजिरी लगाने की आवाज में मोटी रक्कम्मा चलती है इस रकम से अधिकारियों को गुमराह करके फर्जी रिपोर्ट लगवाते हैं आईजीआरएस जिला अधिकारी को किया गया आईजीआरएस विकास विभाग के मुख्य विकास अधिकारी को दिया गया लेकिन फर्जी रिपोर्ट लगाकर उन्होंने पल्ला झाड़ लिया कि इनका बस से हटाने की जिम्मेदारी हमारी नहीं है जिले की कमान संभाले जिला अधिकारी को इस मामले पर भी कुछ बोलने का तैयार नहीं प्रधानमंत्री का स्वच्छता मिशन फ्लॉप नजर आ रहा है </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">चारों तरफ आईजीआरएस के फर्जी रिपोर्ट की भरमार है जनता की शिकायतों पर न्या न मिलाना अधिकारियों द्वारा फर्जी रिपोर्ट को संज्ञान में ना लेना जिले की विडंबना है शिकायतों को अनदेखा करना जिलाधिकारी एवं विकास विभाग के अधिकारी पंचायत विभाग के अधिकारी फर्जी की फोटो को लगवा कर मामलेेक निस्तारण कर दिया जाता है जांच के नाम पर कर्मचारी सुनते हैं रुपया जिससे शिकायत करता को न्याय नहीं मिल पाता है ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों की जांच से स्तरीय होनी चाहिए</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 19:00:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तहसीलदार अभय राज फर्जी मामले निपटाने मे माहिर गलत रिपोट लगाकर भ्रष्टाचार का दिए सुबूत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के सबसे बड़ी तहसील हरैया के तहसीलदार कई सालों से चल रहे धारा 67 की कार्रवाई स्वयं ध्वस्ती करण का आदेश पारित किया खलिहान की भूमि पर बने मकान पर नोटिस चश्मा करके दिए गए सप्ताह कासमय समाप्त होने के बाद बुलडोजर की कार्रवाई कर खलिहान की भूमि अभी तक नहीं खाली करवाया गया संदेह के घेरे मेंतहसीलदार हर्रैया की कुर्सी भ्रष्टाचार की दलदल में फंसी हुई दिखाई दे रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">खलिहान व गड्ढे की जमीन पर बनी लाखों की कोठी के मामले में तहसील प्रशासन भू माफिया को बचाते हुए कार्रवाई कर सुर्खियां बटोर रही है</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174272/tehsildar-abhay-raj-expert-in-solving-fake-cases-gave-evidence"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260326-wa0096.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के सबसे बड़ी तहसील हरैया के तहसीलदार कई सालों से चल रहे धारा 67 की कार्रवाई स्वयं ध्वस्ती करण का आदेश पारित किया खलिहान की भूमि पर बने मकान पर नोटिस चश्मा करके दिए गए सप्ताह कासमय समाप्त होने के बाद बुलडोजर की कार्रवाई कर खलिहान की भूमि अभी तक नहीं खाली करवाया गया संदेह के घेरे मेंतहसीलदार हर्रैया की कुर्सी भ्रष्टाचार की दलदल में फंसी हुई दिखाई दे रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">खलिहान व गड्ढे की जमीन पर बनी लाखों की कोठी के मामले में तहसील प्रशासन भू माफिया को बचाते हुए कार्रवाई कर सुर्खियां बटोर रही है ।तहसीलदार कार्यालय से ध्वस्तीकरण का आदेश होने के बावजूद भी खलिहान की भूमि खाली नहीं हो सकी ।समुचित कार्रवाई के नाम पर तहसील प्रशासन आईजीआरएस पर गलत रिपोर्ट लगाकर शिकायतकर्ता को मूर्ख बनाने का काम कर रही हैं ।बल्कि आईजीआरएस की रिपोर्ट पर शिकायतकर्ता ने असंतुष्टि जाहिर की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बताते चलें कि लगभग 2 माह पूर्व हरैया तहसील के राजस्व गांव बैरहना में गाटा संख्या 42 व 43 में अवैध कब्जेदारों का कब्जे का मामला प्रकाश में आया था ।जो की खलिहान व गड्ढे की जमीन है ।तहसीलदार अभय राज लगभग दो माह बाद खलिहान की जमीन पर ध्वस्तीकरण का नोटिस देकर कार्रवाई का दिखावा किया था जिसकी समय सीमा एक सप्ताह थी जो पूर्ण हो चुकी है । मीडिया ने कार्यवाही के लिए जब तहसीलदार अभय राज से फोन के माध्यम से जानकारी लेनी चाहिए तो उनका फोन नहीं उठा। बड़ा सवाल यह है कि क्या अभय राज गुपचुप तरीके से कार्रवाई का कोरम पूरा कर रहे हैं या मोटी रकम लेकर दबंग भू माफिया को संरक्षण प्रदान कर रहे हैं । जिससे भू माफिया का मनोबल बढ़ता जा रहा है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 20:02:52 +0530</pubDate>
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