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                <title>Lalganj Basti - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Lalganj Basti RSS Feed</description>
                
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                <title>बस्ती में नहीं थम रहा मौत का सिलसिला</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>जनपद बस्ती में लगातार सामने आ रही असामान्य मौतों की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। आए दिन जिले के किसी न किसी हिस्से से आत्महत्या, संदिग्ध परिस्थितियों में मौत अथवा शव मिलने की खबरें सामने आ रही हैं। इसी क्रम में रविवार को लालगंज थाना क्षेत्र से एक और हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार लालगंज थाना क्षेत्र के थाल्हापार गांव निवासी रुदल (55 वर्ष) का शव गांव से लगभग एक किलोमीटर उत्तर दिशा में स्थित ईचाढवा नाले के किनारे समय माता मंदिर के पास एक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181787/the-process-of-death-is-not-stopping-in-the-colony"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260621-wa0046.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>जनपद बस्ती में लगातार सामने आ रही असामान्य मौतों की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। आए दिन जिले के किसी न किसी हिस्से से आत्महत्या, संदिग्ध परिस्थितियों में मौत अथवा शव मिलने की खबरें सामने आ रही हैं। इसी क्रम में रविवार को लालगंज थाना क्षेत्र से एक और हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार लालगंज थाना क्षेत्र के थाल्हापार गांव निवासी रुदल (55 वर्ष) का शव गांव से लगभग एक किलोमीटर उत्तर दिशा में स्थित ईचाढवा नाले के किनारे समय माता मंदिर के पास एक अर्जुन के पेड़ से लटकता हुआ मिला। रविवार सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर जा रहे थे, तभी उनकी नजर पेड़ से लटक रहे शव पर पड़ी। देखते ही देखते यह सूचना पूरे गांव और आसपास के क्षेत्रों में फैल गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घटना की खबर मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शव पेड़ से लटका हुआ था और घटनास्थल का दृश्य बेहद मार्मिक एवं दर्दनाक था। सूचना मिलने पर लालगंज पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की तथा पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मृतक की मौत को लेकर क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग इसे आत्महत्या मान रहे हैं, जबकि कुछ ग्रामीण मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच की जा रही है।यहां बताते चलें कि बीते कुछ सप्ताहों में बस्ती जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लगातार असामान्य मौतों की घटनाएं सामने आई हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कहीं पेड़ से लटकता शव मिला, कहीं खेत में संदिग्ध परिस्थितियों में किसी व्यक्ति का शव बरामद हुआ, तो कहीं रेलवे ट्रैक पर दर्दनाक हादसों ने लोगों को स्तब्ध कर दिया। इन घटनाओं ने जिले में चिंता का विषय खड़ा कर दिया है।थाल्हापार की यह घटना भी अपने पीछे कई सवाल छोड़ गई है। आखिर रुदल की मौत किन परिस्थितियों में हुई? क्या यह आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई अन्य कारण छिपा है? इन सवालों के जवाब अब पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आ सकेंगे। फिलहाल क्षेत्र के लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई उजागर करने की मांग कर रहे हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 18:19:57 +0530</pubDate>
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                <title>लालगंज पुलिस की कार्यशैली पर उठा सवाल, खूंखार बहरूपिया रमेश चौधरी के सामने नतमस्तक हुआ कानून </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भले ही अपराधियों के गले में तख्ती लटकाकर सरेंडर कराने का दावा करती हो, लेकिन लालगंज थाना क्षेत्र में कानून की धज्जियां सरेआम उड़ाई जा रही हैं। पत्रकार पर जानलेवा हमला करने वाला मुख्य आरोपी रमेश चौधरी उर्फ 'बहरूपिया' और उसका कुनबा पुलिस की 'मूक सहमति' के चलते आज भी खुलेआम घूम रहा है। गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद पुलिस की यह 'लाचारी' क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।​सत्ता की दलाली और 'बहरूपिया' का नकाब।</div>
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<div style="text-align:justify;">आरोपी रमेश चौधरी खुद को भाजपा का बड़ा नेता बताकर रसूख झाड़ता है,</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174244/questions-raised-on-the-working-style-of-lalganj-police"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260326-wa0092.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भले ही अपराधियों के गले में तख्ती लटकाकर सरेंडर कराने का दावा करती हो, लेकिन लालगंज थाना क्षेत्र में कानून की धज्जियां सरेआम उड़ाई जा रही हैं। पत्रकार पर जानलेवा हमला करने वाला मुख्य आरोपी रमेश चौधरी उर्फ 'बहरूपिया' और उसका कुनबा पुलिस की 'मूक सहमति' के चलते आज भी खुलेआम घूम रहा है। गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद पुलिस की यह 'लाचारी' क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।​सत्ता की दलाली और 'बहरूपिया' का नकाब।</div>
<div style="text-align:justify;">​</div>
<div style="text-align:justify;">आरोपी रमेश चौधरी खुद को भाजपा का बड़ा नेता बताकर रसूख झाड़ता है, जबकि सच्चाई यह है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों और संदिग्ध चरित्र के कारण भाजपा इसे काफी पहले ही दूध में से मक्खी की तरह निकाल बाहर कर चुकी है। सफेदपोश नेताओं के साथ पुरानी तस्वीरें दिखाकर यह बहरूपिया न सिर्फ जनता को डराता है, बल्कि पुलिस के आला अधिकारियों पर भी दबाव बनाने का काम कर रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">​पत्रकार को मरा समझ नदी किनारे फेंका, रोंगटे खड़े कर देगी दरिंदगी।​घटना की रात रमेश चौधरी ने अपने भाई उमेश चौधरी, राकेश चौधरी और भांजे अंकित चौधरी के साथ मिलकर पत्रकार पर वहशीपन की सारी हदें पार कर दी थीं। लोहे की रॉड और लाठी-डंडों से पीट-पीटकर अधमरा करने के बाद, आरोपी उसे मृत समझकर साक्ष्य मिटाने की नीयत से नदी किनारे फेंककर भाग निकले थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">​CDR में 'खास' मददगारों के चेहरे बेनकाब, फिर भी हाथ खाली।​विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, घटना के समय और उसके बाद रमेश चौधरी के फोन की सीडीआर (CDR) में कई सफेदपोशों और पुलिस के 'करीबियों' के नाम सामने आए हैं। सवाल यह उठता है कि आखिर वो कौन से रसूखदार 'आका' हैं, जो इस अपराधी को पुलिसिया शिकंजे से बचा रहे हैं? क्या लालगंज पुलिस किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रही है या फिर खाकी की कमान अब अपराधियों के हाथ में गिरवी रख दी गई है?</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 19:19:49 +0530</pubDate>
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