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                <title>फसल नुकसान - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>फसल नुकसान RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कंबाइन मशीन की चिंगारी से 80 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख, 21 किसान परिवार प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बस्ती।</strong></div>
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<div><strong> </strong>बस्ती जिले में आज का कहर जारी है गेहूं की कटाई के मौसम में कंबाइन मशीनों से लग रहे यार किसानों के लाखों के गेहूं जलकर राख हो गए तहसील प्रशासन ने अपना कोरम पूरा करने के लिए मौके पर पहुंच कर जांच कर रिपोर्ट लगाया लेकिन किसानों की संतुष्टि क्या हजार ₹2000 में हो जाएगी यह बड़ा सवाल खड़ा होता है अग्निकांड में किसानों की जमा पूंजी जलकर राख हो जाती है यहां तक उनके केसीसी के लोन भी नहीं जमा हो पाते हैं और खाने के लाले पड़ जाते हैं</div>
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<div>ताजा मामलानगर थाना क्षेत्र के बढ़नी गांव</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174991/80-bigha-wheat-crop-burnt-to-ashes-due-to-spark"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260403-wa0027.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बस्ती।</strong></div>
<div> </div>
<div><strong> </strong>बस्ती जिले में आज का कहर जारी है गेहूं की कटाई के मौसम में कंबाइन मशीनों से लग रहे यार किसानों के लाखों के गेहूं जलकर राख हो गए तहसील प्रशासन ने अपना कोरम पूरा करने के लिए मौके पर पहुंच कर जांच कर रिपोर्ट लगाया लेकिन किसानों की संतुष्टि क्या हजार ₹2000 में हो जाएगी यह बड़ा सवाल खड़ा होता है अग्निकांड में किसानों की जमा पूंजी जलकर राख हो जाती है यहां तक उनके केसीसी के लोन भी नहीं जमा हो पाते हैं और खाने के लाले पड़ जाते हैं</div>
<div> </div>
<div>ताजा मामलानगर थाना क्षेत्र के बढ़नी गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब कंबाइन मशीन से निकली चिंगारी ने भीषण आग का रूप ले लिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 80 बीघा खड़ी पकी गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई। इस हादसे में 21 किसान परिवारों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है।</div>
<div> </div>
<div>प्रभावित किसानों में गुड्डू लाल मिश्रा, काशीराम, सुग्रीव, रामनयन, उपेन्द्र कुमार मिश्रा, भूपेंद्र कुमार मिश्रा, केशवनंदन मिश्रा, मरूती मिश्रा, ब्रिज नंदन मिश्रा, विमलेश कुमार मिश्रा, बदलू शर्मा, राजेश शर्मा, परमेश्वर, शालिग्राम त्रिपाठी, रामकेवल, फताई, गया प्रसाद गौड़ और सत्यनाम धीरेंद्र मिश्रा सहित अन्य किसान शामिल हैं, जिनकी पूरी मेहनत कुछ ही पलों में राख में बदल गई।</div>
<div> </div>
<div>प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खेत में कंबाइन मशीन से कटाई के दौरान निकली एक छोटी सी चिंगारी ने सूखी फसल को आग की चपेट में ले लिया। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और किसानों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। खेतों में खड़ी फसल, जो उनकी सालभर की आजीविका का आधार थी, पलभर में खत्म हो गई।घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंच गई। दमकल विभाग की तीन गाड़ियों ने ग्रामीणों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मौके पर 112 पीआरबी टीम और नगर थाना अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह अपनी टीम के साथ मौजूद रहे। नेकपाल धीरेन्द्र सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर नुकसान का प्रारंभिक आकलन शुरू कर दिया है, जबकि प्रधान प्रतिनिधि प्रशांत मिश्रा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर मौजूद रहे।</div>
<div> </div>
<div>पीड़ित किसानों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि यह फसल ही उनके परिवार के पूरे वर्ष के खर्च का आधार थी और इस नुकसान से वे आर्थिक संकट में आ गए हैं।</div>
<div> </div>
<div>यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब जिले भर में गेहूं की कटाई जोरों पर है। कंबाइन मशीनों के संचालन में लापरवाही के चलते इस तरह की आग की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, जिससे किसानों को लगातार भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 19:53:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसानों के लिए मुसीबत बने छुट्टा पशु</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के विक्रमजोत से लेकर के परशुरामपुर हर्रैया कप्तानगंज दुबौलिया विकास खंड के शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों  में छुट्टा पशुओं की भरमार के चलते किसानों की फसलें लगातार बर्बाद हो रही हैं। किसान अपनी फसल को बचाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद वे सफल नहीं हो पा रहे हैं, जिससे क्षेत्र के किसान बेहद परेशान हैं। किसानों ने सरकार से मांग की है कि छुट्टा पशुओं से फसल की सुरक्षा के लिए ठोस उपाय किए जाएं।</div>
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<div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार विक्रमजोत ब्लॉक के अंतर्गत सैकड़ों गांव सरयू नदी के किनारे माझा क्षेत्र में</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174239/a-case-of-treason-should-be-registered-against-those-who"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260326-wa0094.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के विक्रमजोत से लेकर के परशुरामपुर हर्रैया कप्तानगंज दुबौलिया विकास खंड के शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों  में छुट्टा पशुओं की भरमार के चलते किसानों की फसलें लगातार बर्बाद हो रही हैं। किसान अपनी फसल को बचाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद वे सफल नहीं हो पा रहे हैं, जिससे क्षेत्र के किसान बेहद परेशान हैं। किसानों ने सरकार से मांग की है कि छुट्टा पशुओं से फसल की सुरक्षा के लिए ठोस उपाय किए जाएं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार विक्रमजोत ब्लॉक के अंतर्गत सैकड़ों गांव सरयू नदी के किनारे माझा क्षेत्र में स्थित हैं। माझा क्षेत्र होने के कारण यहां छुट्टा पशुओं की संख्या काफी अधिक है। हजारों की संख्या में ये पशु दिनभर झुंड बनाकर नदी और नहर के किनारे रहते हैं और शाम होते ही खेतों की ओर निकल जाते हैं। रात भर ये खेतों में उत्पात मचाते हुए खड़ी फसल को खा जाते हैं और खुरों से रौंदकर पूरी तरह नष्ट कर देते हैं, जिससे किसानों की मेहनत और कमाई पर पानी फिर जाता है</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि इस गंभीर समस्या की ओर शासन-प्रशासन का ध्यान नहीं जा रहा है। यदि समय रहते कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो हालात और बिगड़ सकते हैं और लोग भुखमरी के कगार पर पहुंच सकते हैं। लोगों ने यह भी बताया कि ब्लॉक क्षेत्र में कुछ स्थानों पर गौ आश्रय केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन छुट्टा पशुओं को पकड़कर वहां नहीं पहुंचाया जाता है। साथ ही जनप्रतिनिधियों का भी इस समस्या की ओर अपेक्षित ध्यान नहीं है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रैदासपुर, पड़ेरिया, छतौना, संदलपुर, कन्हईपुर, भौषिया, खेमराजपुर, नई दुनिया उड़गयियां, रायपुर शंकरपुर, गोड़सरा, त्रिलोकपुर, बेतावा सहित दर्जनों गांवों के किसान इस समस्या से जूझ रहे हैं। क्षेत्र के किसान दुखरन सिंह, सुरेश सिंह, मनीष यादव, बृजेश पांडेय, राम सिंह, लक्षिमन सिंह, गंगाराम, राम सिंह पटेल, जगन्नाथ, जगनरायन आदि ने शासन-प्रशासन से इस समस्या पर ध्यान देते हुए जल्द समाधान की मांग की है।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 19:10:17 +0530</pubDate>
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