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                <title>महिला हेल्पलाइन - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>महिला हेल्पलाइन RSS Feed</description>
                
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                <title>मिशन शक्ति के तहत पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं को किया जागरूक</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बांसी (सिद्धार्थनगर)।</strong> मिशन शक्ति के तहत शुक्रवार को थाना शिवनगर डिंडई पुलिस ने प्राथमिक विद्यालय कड़सरा में महिला सशक्तिकरण हेतु बहू-बेटी सम्मेलन आयोजित कर छात्र-छात्राओं को  सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के प्रति जागरूक किया। क्षेत्राधिकारी बांसी शुभेंदु सिंह के निर्देशन तथा थानाध्यक्ष बृजेश सिंह के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में उपनिरीक्षक रामधनी प्रसाद एवं महिला कांस्टेबल शालिनी वर्मा ने छात्र-छात्राओं को गुड टच-बैड टच के साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस टीम ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष, निराश्रित महिला पेंशन योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना सहित अन्य</div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186045/police-team-made-students-aware-under-mission-shakti"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/hindi-divas10.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बांसी (सिद्धार्थनगर)।</strong> मिशन शक्ति के तहत शुक्रवार को थाना शिवनगर डिंडई पुलिस ने प्राथमिक विद्यालय कड़सरा में महिला सशक्तिकरण हेतु बहू-बेटी सम्मेलन आयोजित कर छात्र-छात्राओं को  सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के प्रति जागरूक किया। क्षेत्राधिकारी बांसी शुभेंदु सिंह के निर्देशन तथा थानाध्यक्ष बृजेश सिंह के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में उपनिरीक्षक रामधनी प्रसाद एवं महिला कांस्टेबल शालिनी वर्मा ने छात्र-छात्राओं को गुड टच-बैड टच के साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस टीम ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष, निराश्रित महिला पेंशन योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना सहित अन्य योजनाओं की जानकारी दी। एंटी रोमियो अभियान के तहत डिंडई चौराहे पर चेकिंग के दौरान दो व्यक्तियों को माफीनामा एवं उचित हिदायत देकर छोड़ते हुए साइबर अपराध से बचाव के प्रति भी जागरूक किया। पुलिस ने 112, 1090, 1076, 108, 1930, 1098, 102, 181 एवं 101 हेल्पलाइन नंबरों की भी जानकारी दी।</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 22:01:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बहू बेटी सम्मेलन में महिलाओं को बताया अधिकारों का बल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मिशन शक्ति फेज 5.0 के तहत रविवार को खजूरगांव और उत्तरागौरी में बहू बेटी सम्मेलन और चौपाल का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी कानूनों, हेल्पलाइन सेवाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मिशन शक्ति टीम ने कहा कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न या संकट की स्थिति में महिलाएं बिना संकोच के हेल्पलाइन नंबर 1090, 181, 112, 1076, 102, 101, 1098 और 1930 का उपयोग कर सकती हैं। उन्हें बताया कि महिला हेल्पलाइन 1090 पर दर्ज शिकायतों में शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। इससे महिलाएं निडर होकर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182765/women-told-about-the-power-of-rights-in-daughter-in-law-conference"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260705-wa0451.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मिशन शक्ति फेज 5.0 के तहत रविवार को खजूरगांव और उत्तरागौरी में बहू बेटी सम्मेलन और चौपाल का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी कानूनों, हेल्पलाइन सेवाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मिशन शक्ति टीम ने कहा कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न या संकट की स्थिति में महिलाएं बिना संकोच के हेल्पलाइन नंबर 1090, 181, 112, 1076, 102, 101, 1098 और 1930 का उपयोग कर सकती हैं। उन्हें बताया कि महिला हेल्पलाइन 1090 पर दर्ज शिकायतों में शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। इससे महिलाएं निडर होकर अपनी बात प्रशासन तक पहुंचा सकती हैं। सम्मेलन में कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन और मातृशक्ति वंदन योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">महिलाओं को पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और मिलने वाले लाभ के बारे में भी विस्तार से बताया गया। चौपाल के दौरान महिलाओं की समस्याएं भी सुनी गई और पुलिस कर्मियों ने समाधान का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सुरक्षा के प्रति सजग रहने का संकल्प लिया। पुलिस टीम की एसआई अर्चना यादव, कांस्टेबल नीलम कटियार, पूजा कुमारी, शालिनी कुशवाहा, प्रिया और प्रियंका पाल ने महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि जागरूकता ही सुरक्षा की सबसे बड़ी ताकत है। इस मौके पर ग्राम प्रधान विजय पाल, स्वाती जैसवाल, रजनी, देव कुमारी, वैशाली सहित अन्य महिलाएं मौजूद रही।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 21:03:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं को किया गया जागरूक</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही।</strong> मिशन शक्ति फेज-5.0 के अंतर्गत भदोही पुलिस ने महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के प्रति जागरूक किया। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में एंटी रोमियो टीमों व महिला पुलिसकर्मियों ने विद्यालयों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान चलाया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस दौरान महिलाओं को 1090, 112, 181, 1930, 108 और 1076 हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए पंपलेट वितरित किए गए। पुलिस ने बताया कि महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180998/women-were-made-aware-under-mission-shakti-campaign"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260611-wa0055.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही।</strong> मिशन शक्ति फेज-5.0 के अंतर्गत भदोही पुलिस ने महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के प्रति जागरूक किया। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में एंटी रोमियो टीमों व महिला पुलिसकर्मियों ने विद्यालयों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान चलाया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस दौरान महिलाओं को 1090, 112, 181, 1930, 108 और 1076 हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए पंपलेट वितरित किए गए। पुलिस ने बताया कि महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 18:27:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली फिर शर्मसार : निर्भया के बाद भी क्यों नहीं थम रही महिलाओं के खिलाफ दरिंदगी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर ऐसी अमानवीय घटना की गवाह बनी, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। चलती बस में एक महिला के साथ गैंगरेप की घटना ने लोगों को वर्ष 2012 के बहुचर्चित निर्भया कांड की भयावह यादें ताजा कर दीं। यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि समाज की संवेदनहीनता, कानून व्यवस्था की कमजोरी और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावों पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। राजधानी की सड़कों पर सात किलोमीटर तक चलती रही दरिंदगी यह बताने के लिए पर्याप्त है कि आज भी महिलाएं पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">भारत आज</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179458/why-is-cruelty-against-women-not-stopping-even-after-delhis"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/1001540406.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर ऐसी अमानवीय घटना की गवाह बनी, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। चलती बस में एक महिला के साथ गैंगरेप की घटना ने लोगों को वर्ष 2012 के बहुचर्चित निर्भया कांड की भयावह यादें ताजा कर दीं। यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि समाज की संवेदनहीनता, कानून व्यवस्था की कमजोरी और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावों पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। राजधानी की सड़कों पर सात किलोमीटर तक चलती रही दरिंदगी यह बताने के लिए पर्याप्त है कि आज भी महिलाएं पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत आज विज्ञान, तकनीक, शिक्षा और विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। महिलाएं अंतरिक्ष से लेकर सेना तक, प्रशासन से लेकर उद्योग जगत तक हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। देश की बेटियां लड़ाकू विमान उड़ा रही हैं, सीमा पर देश की रक्षा कर रही हैं, बुलेट ट्रेन और मेट्रो चला रही हैं, बड़े-बड़े पदों पर कार्य कर रही हैं। इसके बावजूद यदि एक महिला रात में सुरक्षित घर नहीं लौट सकती, तो यह विकास अधूरा है। किसी भी सभ्य समाज की पहचान उसकी महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से होती है। यदि वहां महिलाओं के साथ भय, हिंसा और अत्याचार जुड़ा हो, तो वह समाज आधुनिक नहीं कहलाया जा सकता।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दिल्ली में हुई यह घटना केवल अपराधियों की विकृत मानसिकता का परिणाम नहीं है, बल्कि यह उस सामाजिक सोच को भी उजागर करती है, जिसमें महिलाओं को बराबरी का दर्जा देने में अभी भी संकोच दिखाई देता है। आज भी कई लोग महिलाओं की स्वतंत्रता, पहनावे और जीवनशैली को अपराधों से जोड़ने की कोशिश करते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि अपराध का कारण महिला नहीं, बल्कि अपराधी की मानसिकता होती है। जब तक समाज लड़कियों को सम्मान और लड़कों को संस्कार देने की दिशा में गंभीर प्रयास नहीं करेगा, तब तक ऐसी घटनाएं रुकना कठिन है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह भी दुखद है कि हर बड़ी घटना के बाद कुछ दिनों तक देश में आक्रोश दिखाई देता है, मोमबत्तियां जलाई जाती हैं, सोशल मीडिया पर अभियान चलाए जाते हैं, राजनीतिक बयान दिए जाते हैं, लेकिन धीरे-धीरे सब कुछ सामान्य हो जाता है। अपराधी कुछ समय बाद कानून की प्रक्रियाओं का लाभ उठाने लगते हैं और पीड़िता न्याय के लिए वर्षों तक संघर्ष करती रहती है। यही कारण है कि अपराधियों में कानून का भय कम होता जा रहा है। महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में तेजी से और कठोर कार्रवाई आवश्यक है, ताकि समाज में स्पष्ट संदेश जाए कि ऐसी मानसिकता और अपराध के लिए कोई जगह नहीं है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दिल्ली की इस घटना का सबसे मार्मिक पक्ष पीड़िता की मजबूरी है। अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी उसने इलाज छोड़कर घर लौटना उचित समझा, क्योंकि उसके बीमार पति और छोटे बच्चों की जिम्मेदारी उसी पर थी। यह केवल एक महिला की कहानी नहीं, बल्कि देश की उन लाखों महिलाओं की सच्चाई है, जो अत्याचार सहने के बाद भी परिवार की जिम्मेदारियों के कारण टूट नहीं सकतीं। यह स्थिति हमारे सामाजिक ढांचे की भी पोल खोलती है, जहां पीड़िता को पर्याप्त सुरक्षा, आर्थिक सहायता और मानसिक सहारा नहीं मिल पाता।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून बनाने से सुनिश्चित नहीं हो सकती। इसके लिए समाज, परिवार, प्रशासन और सरकार सभी को मिलकर कार्य करना होगा। सबसे पहले बच्चों को बचपन से ही महिलाओं के प्रति सम्मान की शिक्षा देनी होगी। स्कूलों और कॉलेजों में नैतिक शिक्षा तथा संवेदनशीलता को बढ़ावा देना होगा। इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में युवाओं के सामने जो सामग्री परोसी जा रही है, उसका भी मानसिकता पर प्रभाव पड़ता है। अश्लीलता, हिंसा और महिलाओं को वस्तु की तरह प्रस्तुत करने वाली प्रवृत्तियों पर रोक लगाने की आवश्यकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सरकार को भी महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाना समय की मांग है। बसों, टैक्सियों और अन्य वाहनों की नियमित जांच होनी चाहिए। जिन वाहनों पर नियमों के उल्लंघन के मामले दर्ज हों, उन्हें सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। दिल्ली की घटना में जिस बस का उपयोग हुआ, वह पहले से नियमों के उल्लंघन के कारण कार्रवाई का सामना कर चुकी थी। यदि समय रहते कठोर निगरानी होती, तो शायद यह घटना टाली जा सकती थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस व्यवस्था को और अधिक सक्रिय और संवेदनशील बनाने की आवश्यकता है। महिलाओं की शिकायतों को गंभीरता से सुनना और तुरंत कार्रवाई करना बेहद जरूरी है। कई बार पीड़िताएं सामाजिक भय और पुलिस के व्यवहार के कारण शिकायत दर्ज कराने से भी डरती हैं। यदि उन्हें भरोसा और सम्मान मिले, तो अपराधों की रोकथाम में मदद मिल सकती है। शहरों में सीसीटीवी कैमरों, हेल्पलाइन और महिला पेट्रोलिंग जैसी व्यवस्थाओं को और मजबूत करना होगा।</div>
<div style="text-align:justify;">समाज में बढ़ती संवेदनहीनता भी चिंता का विषय है। लोग घटनाओं को केवल खबर की तरह पढ़ते हैं और कुछ समय बाद भूल जाते हैं। जबकि आवश्यकता इस बात की है कि हर नागरिक महिलाओं की सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझे। यदि कहीं कोई महिला संकट में दिखाई दे, तो लोग आगे आकर मदद करें। चुप रहना भी अपराध को बढ़ावा देने जैसा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज आवश्यकता केवल आक्रोश व्यक्त करने की नहीं, बल्कि स्थायी समाधान खोजने की है। देश की बेटियों को डर के साए में जीने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। महिलाओं की सुरक्षा केवल महिला का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र के सम्मान का प्रश्न है। जब तक हर महिला बिना भय के घर से निकलकर सुरक्षित वापस लौटने का विश्वास महसूस नहीं करेगी, तब तक हमारा विकास अधूरा रहेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निर्भया कांड के बाद देश ने बहुत कुछ सीखा, कानून बदले, जागरूकता बढ़ी, लेकिन यदि आज भी ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, तो यह आत्ममंथन का समय है। अपराधियों को कठोरतम सजा मिलनी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों के सामने एक उदाहरण स्थापित हो सके। साथ ही समाज को भी अपनी सोच बदलनी होगी। महिलाओं का सम्मान केवल भाषणों और नारों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि व्यवहार और व्यवस्था में दिखाई देना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;">भारत तभी सच्चे अर्थों में विकसित और सभ्य राष्ट्र कहलाएगा, जब उसकी हर बेटी सुरक्षित, सम्मानित और निर्भय होकर जीवन जी सकेगी।</div>
<div style="text-align:justify;">        <strong> *कांतिलाल मांडोत*</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 17:16:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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                <title>मिशन शक्ति के तहत  महिलाओं को किया जागरूक</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर -</strong> ढेबरुआ थाना परिसर में मंगलवार को पुलिस द्वारा मिशन शक्ति व साइबर क्राइम कार्यक्रम के तहत चौपाल लगाकर क्षेत्र की दर्जनों महिलाओं जागरूक किया गया। कार्यक्रम में एसएचओ दुर्गा प्रसाद,मिशन शक्ति प्रभारी सोमनाथ शर्मा,आरक्षी बृजेश कुमार,महिला आरक्षी श्रद्धा त्रिपाठी व मीरा रानी ने चौपाल में मौजूद महिलाओं को मिशन शक्ति अभियान से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। उन्हें उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों, आत्मरक्षा के तरीकों, घरेलू हिंसा से बचाव और कानून द्वारा प्रदान की गई सुविधाओं के बारे में जागरूक किया गया।</div>
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<div style="text-align:justify;">इस दौरान महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी साझा की गई। इनमें महिला</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174085/under-mission-shakti-women-were-made-aware"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1774362300625.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर -</strong> ढेबरुआ थाना परिसर में मंगलवार को पुलिस द्वारा मिशन शक्ति व साइबर क्राइम कार्यक्रम के तहत चौपाल लगाकर क्षेत्र की दर्जनों महिलाओं जागरूक किया गया। कार्यक्रम में एसएचओ दुर्गा प्रसाद,मिशन शक्ति प्रभारी सोमनाथ शर्मा,आरक्षी बृजेश कुमार,महिला आरक्षी श्रद्धा त्रिपाठी व मीरा रानी ने चौपाल में मौजूद महिलाओं को मिशन शक्ति अभियान से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। उन्हें उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों, आत्मरक्षा के तरीकों, घरेलू हिंसा से बचाव और कानून द्वारा प्रदान की गई सुविधाओं के बारे में जागरूक किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी साझा की गई। इनमें महिला हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन पुलिस सेवा 112, घरेलू हिंसा हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 शामिल हैं।पुलिस टीम ने महिला हेल्प डेस्क की भूमिका, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और गोपनीयता बनाए रखने के महत्व पर भी प्रकाश डाला। पुलिस ने महिलाओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या अपराध की सूचना बिना किसी भय के तत्काल पुलिस को दें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एसएचओ दुर्गा प्रसाद ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सशक्त, सुरक्षित और जागरूक बनाना था। इसके अलावा तीन नये कानून के बारे में और केंद्र व राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे जनकल्याणकारी योजना जैसे कि सुमंगला कन्या योजना,वृद्धा पेंशन योजना,किसान सम्मान निधि योजना,विधवा पेंशन योजना,शहरी व ग्रामीण आवासीय योजनाओं के बारे में भी बताया गया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 20:09:12 +0530</pubDate>
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