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                <title>Operation Kayakalp UP - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Operation Kayakalp UP RSS Feed</description>
                
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                <title>शिक्षामित्र सम्मान समारोह में 18 हजार मानदेय पर दी बधाई</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज ।</strong> जनपद के जिला पंचायत सभागार में मंगलवार को आयोजित शिक्षामित्र सम्मान समारोह का आयोजन किया गयाजिसमे प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य शामिल हुए। कार्यक्रम में उन्होंने शिक्षामित्रों को सम्मानित करते हुए उनके मानदेय को 18 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने मंच से 27 शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय का प्रतीकात्मक चेक प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ द्वारा गोरखपुर में आयोजित शिक्षामित्र सम्मान समारोह का सजीव प्रसारण भी किया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने देखा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम से पूर्व उपमुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178279/congratulations-on-18-thousand-honorarium-in-shikshamitra-felicitation-ceremony"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260505-wa0175-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज ।</strong> जनपद के जिला पंचायत सभागार में मंगलवार को आयोजित शिक्षामित्र सम्मान समारोह का आयोजन किया गयाजिसमे प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य शामिल हुए। कार्यक्रम में उन्होंने शिक्षामित्रों को सम्मानित करते हुए उनके मानदेय को 18 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने मंच से 27 शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय का प्रतीकात्मक चेक प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ द्वारा गोरखपुर में आयोजित शिक्षामित्र सम्मान समारोह का सजीव प्रसारण भी किया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने देखा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम से पूर्व उपमुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके साथ ही विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उत्साहपूर्ण बना दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि नए वित्तीय वर्ष 2026-27 से शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा तथा कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी प्रदान की गई है। उन्होंने शिक्षामित्रों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में उनकी अहम भागीदारी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले लोग सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने से कतराते थे, लेकिन मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के तहत विद्यालयों में व्यापक सुधार हुए हैं। अब अभिभावक निजी स्कूलों के बजाय सरकारी स्कूलों की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि डीबीटी के माध्यम से बच्चों को ड्रेस, जूते आदि के लिए आर्थिक सहायता सीधे खाते में भेजी जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उपमुख्यमंत्री ने कहा कि “डबल इंजन सरकार” बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। युवाओं को रोजगार और सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता के साथ अवसर दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका निर्णायक होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर फूलपुर के सांसद प्रवीण पटेल ने शिक्षामित्रों को प्राथमिक शिक्षा की रीढ़ बताते हुए कहा कि वे बच्चों के नामांकन और शिक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उन्होंने मानदेय वृद्धि पर सभी शिक्षामित्रों को शुभकामनाएं दीं और महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की योजनाओं की सराहना की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वी.के. सिंह ने शिक्षामित्रों को बच्चों को बेहतर शिक्षा देकर उन्हें आदर्श नागरिक बनाने का आह्वान किया। वहीं जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने शिक्षामित्र योजना के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 1999 में शुरू हुई इस योजना के तहत प्रदेश में लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों की नियुक्ति की गई थी। प्रयागराज में कुल 2834 शिक्षामित्र कार्यरत हैं, ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के अंत में मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षा विभाग के कर्मियों और बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों की उपस्थिति रही।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 May 2026 22:37:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षा का 'बाजार' या 'संस्कार'—दोषी कौन? व्यवस्था, समाज या मानसिकता?</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बृजभूषण तिवारी </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था आज एक ऐसे दोराहे पर खड़ी है, जहाँ हर पक्ष के पास अपने तर्क हैं और हर दिल में एक शिकायत। गोंडा से शुरू हुआ निजी स्कूलों के विरुद्ध आक्रोश आज पूरे प्रदेश की एक सामूहिक आवाज बन चुका है। लेकिन इस बहस के शोर में क्या हम उस बुनियादी सच को देख पा रहे हैं जो हमारी आँखों के सामने है? यह संपादकीय किसी का पक्ष लेने के लिए नहीं, बल्कि समाज और सरकार के सामने उस आईने को रखने के लिए है जिसमें हम सभी का चेहरा साफ दिखाई दे।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/1007446493.jpg" alt="शिक्षा का 'बाजार' या 'संस्कार'—दोषी कौन? व्यवस्था, समाज या मानसिकता?" width="294" height="196" /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>निजी</strong></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175554/market-or-culture-of-education-which-system-is-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/chatgpt-image-apr-8,-2026,-08_36_27-pm.png" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बृजभूषण तिवारी </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था आज एक ऐसे दोराहे पर खड़ी है, जहाँ हर पक्ष के पास अपने तर्क हैं और हर दिल में एक शिकायत। गोंडा से शुरू हुआ निजी स्कूलों के विरुद्ध आक्रोश आज पूरे प्रदेश की एक सामूहिक आवाज बन चुका है। लेकिन इस बहस के शोर में क्या हम उस बुनियादी सच को देख पा रहे हैं जो हमारी आँखों के सामने है? यह संपादकीय किसी का पक्ष लेने के लिए नहीं, बल्कि समाज और सरकार के सामने उस आईने को रखने के लिए है जिसमें हम सभी का चेहरा साफ दिखाई दे।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/1007446493.jpg" alt="शिक्षा का 'बाजार' या 'संस्कार'—दोषी कौन? व्यवस्था, समाज या मानसिकता?" width="294" height="196"></img></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>निजी स्कूलों की 'मजबूरी' बनाम 'मनमानी'</strong></div><div style="text-align:justify;">हमें धरातल की सच्चाई स्वीकार करनी होगी कि निजी स्कूल बिना किसी 'सरकारी ग्रांट' के चलते हैं। एक संस्थान को चलाने के लिए बिजली के भारी व्यावसायिक बिल, सुरक्षा मानक, आधुनिक लैब और सैकड़ों कर्मचारियों का वेतन—यह सब एक विशाल आर्थिक बोझ है। यदि स्कूल प्रबंधन आर्थिक संतुलन नहीं बनाएगा, तो गुणवत्ता का गिरना तय है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">किन्तु, प्रश्न तब उठता है जब यह 'प्रबंधन' एक 'सिंडिकेट' का रूप ले लेता है। किताबों के नाम पर कमीशनखोरी, हर साल यूनिफॉर्म का बदल जाना और अभिभावकों को विशेष दुकानों का बंधक बनाना—यह 'मजबूरी' नहीं, बल्कि 'नैतिक पतन' है। निजी संस्थानों को समझना होगा कि वे समाज का निर्माण कर रहे हैं, किसी वस्तु का उत्पादन नहीं। मुनाफे की भूख जब शिक्षा की शुचिता को निगलने लगे, तो समाज का आक्रोश स्वाभाविक है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>समाज का विरोधाभास: विरोध की हुंकार, पर निजी का ही प्यार?</strong></div><div style="text-align:justify;">संपादकीय का सबसे तीखा सवाल उन अभिभावकों से है जो निजी स्कूलों की फीस पर तो सवाल उठाते हैं, लेकिन अपने ही क्षेत्र के सरकारी प्राथमिक, जूनियर और एडेड विद्यालयों की ओर कदम बढ़ाना अपनी शान के खिलाफ समझते हैं। सरकार ने करोड़ों खर्च कर 'ऑपरेशन कायाकल्प' के जरिए स्कूलों को संवारा है। वहां TET/CTET उत्तीर्ण उच्च शिक्षित शिक्षक तैनात हैं, जो योग्यता में किसी भी निजी स्कूल के शिक्षक से कहीं आगे हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">फिर भी, एक चपरासी से लेकर बड़े अधिकारी तक का बच्चा निजी कॉन्वेंट की कतार में खड़ा है। जब तक समाज सरकारी व्यवस्था पर विश्वास नहीं जताएगा और वहां अपने बच्चों को नहीं भेजेगा, तब तक निजी स्कूलों का एकाधिकार (Monopoly) खत्म नहीं होगा। हम विरोध तो करते हैं, लेकिन विकल्प के तौर पर अपनी ही सरकारी व्यवस्था को अपनाने का साहस नहीं जुटा पाते।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>सरकार की जवाबदेही: नीति बनाम नीयत</strong></div><div style="text-align:justify;">सरकार के पास नियम तो कड़े हैं, पर उनका 'धरातल' पर उतरना अभी बाकी है। समय आ गया है कि उत्तर प्रदेश में एक ऐसा साहसी कानून बने कि "समस्त सरकारी सेवकों, जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों के बच्चे अनिवार्य रूप से सरकारी स्कूलों में ही पढ़ेंगे।" सोचिए, जिस दिन जिलाधिकारी, बीएसए और पुलिस कप्तान का बच्चा टाट-पट्टी पर बैठकर सरकारी स्कूल में पढ़ेगा, उस दिन वहां की शिक्षा, पंखे, मिड-डे मील और ब्लैकबोर्ड की गुणवत्ता रातों-रात बदल जाएगी। जब व्यवस्था चलाने वालों का निजी हित व्यवस्था से जुड़ेगा, तभी वास्तविक क्रांति आएगी। बिना जवाबदेही के सरकारी स्कूल केवल 'गरीबों का ठिकाना' बनकर रह जाएंगे।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>आईना हमारे सामने है</strong></div><div style="text-align:justify;">आज शिक्षा का स्तर बच्चे के 'पिता की जेब' तय कर रही है, जो एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है। यदि हमें उत्तर प्रदेश के भविष्य को संवारना है, तो तीन स्तरों पर काम करना होगा:स्कूलों को: लाभ की सीमा तय करनी होगी और अनैतिक कमीशनखोरी बंद करनी होगी।समाज को: सरकारी स्कूलों पर भरोसा करना होगा और वहां के प्रबंधन से सवाल पूछने की हिम्मत जुटानी होगी।सरकार को: केवल निर्देश नहीं, बल्कि 'समान शिक्षा संहिता' लागू करनी होगी जहाँ अमीर और गरीब का बच्चा एक ही छत के  नीचे पढ़े। शिक्षा कोई व्यापार नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य है। यदि आज हमने इस आईने में अपनी कमियों को नहीं देखा, तो आने वाला कल हमें कभी माफ नहीं करेगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 20:40:27 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अमेठी में ‘स्कूल चलो अभियान’ का आगाज, बच्चों को स्कूल से जोड़ने पर जोर</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>अमेठी।</strong> जनपद में शैक्षिक सत्र 2026-27 के तहत ‘स्कूल चलो अभियान’ का शुभारम्भ बुधवार को जिला मुख्यालय गौरीगंज स्थित जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर परिसर में भव्य समारोह के साथ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी संजय चौहान एवं विशिष्ट अतिथि मुख्य विकास अधिकारी सचिन कुमार सिंह रहे। कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इसके उपरांत पीएम श्री उच्च प्राथमिक विद्यालय पचेहरी के बच्चों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालय गौरीगंज प्रथम एवं प्राथमिक विद्यालय पहाड़पुर के बच्चों ने ‘स्कूल चलो अभियान’ पर आधारित आकर्षक सांस्कृतिक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174818/%E2%80%98school-chalo-abhiyan%E2%80%99-started-in-amethi-emphasis-on-connecting-children"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1--(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>अमेठी।</strong> जनपद में शैक्षिक सत्र 2026-27 के तहत ‘स्कूल चलो अभियान’ का शुभारम्भ बुधवार को जिला मुख्यालय गौरीगंज स्थित जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर परिसर में भव्य समारोह के साथ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी संजय चौहान एवं विशिष्ट अतिथि मुख्य विकास अधिकारी सचिन कुमार सिंह रहे। कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके उपरांत पीएम श्री उच्च प्राथमिक विद्यालय पचेहरी के बच्चों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालय गौरीगंज प्रथम एवं प्राथमिक विद्यालय पहाड़पुर के बच्चों ने ‘स्कूल चलो अभियान’ पर आधारित आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। जिलाधिकारी संजय चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि बेसिक शिक्षा बच्चों के भविष्य की नींव होती है। इसलिए प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि सभी विद्यालयों में बच्चों को खेल-खेल में सीखने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं, जिससे उनकी सीखने की क्षमता में वृद्धि हो सके। उन्होंने ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के माध्यम से बेसिक शिक्षा में हो रहे सकारात्मक बदलावों की सराहना करते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष बल दिया। कार्यक्रम के संयोजक एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय तिवारी ने कहा कि वर्तमान में बेसिक शिक्षा विभाग के छात्र राष्ट्रीय योग्यता आधारित छात्रवृत्ति, नवोदय विद्यालय एवं विद्याज्ञान जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में चयनित हो रहे हैं, जो शिक्षा में सुधार का स्पष्ट संकेत है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने शिक्षकों को अभिभावकों से सतत संपर्क बनाए रखने तथा अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करने का सुझाव दिया। साथ ही उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से अपने नजदीकी विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन कराने की अपील की। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि ‘स्कूल चलो अभियान’ का प्रथम चरण 01 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक तथा द्वितीय चरण 01 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान शिक्षक घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों का विद्यालयों में नामांकन कराएंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी द्वारा अभियान के प्रचार-प्रसार हेतु जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। साथ ही नवप्रवेशी बच्चों को स्कूल बैग, पुस्तकें, कॉपियां एवं पेन वितरित कर सम्मानित किया गया। शैक्षिक सत्र 2025-26 में सर्वाधिक नामांकन कराने वाले शिक्षकों को जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने बच्चों एवं शिक्षकों से संवाद कर पठन-पाठन की स्थिति की जानकारी भी ली।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में खंड शिक्षा अधिकारी गौरीगंज अर्जुन सिंह, सिंहपुर से हरिओम तिवारी, जिला समन्वयक (सामुदायिक सहभागिता) प्रवीण कुमार सिंह, ईएमआईएस इंचार्ज मनीष मिश्रा, जिला समन्वयक प्रशिक्षण गोविन्द शुक्ल, निपुण भारत के जिला समन्वयक आशुतोष श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में एसआरजी अमिता मिश्रा, एआरपी प्रमोद कुमार तिवारी, बद्री विशाल सिंह, हरिकेश यादव, कार्यालय सहायक सत्येंद्र यादव एवं विकासखंड गौरीगंज के समस्त एआरपी एवं शिक्षक संकुल का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम का सफल संचालन यूपीएस विद्यालय के शिक्षक एवं प्रखर वक्ता डॉ रमेश सिंह द्वारा किया गया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 20:12:41 +0530</pubDate>
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                <title>स्कूल चलो अभियान की सफलता के लिए शुरू हों ठोस प्रयास : खंड शिक्षा अधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>अमेठी।</strong> विकास खंड गौरीगंज में खंड शिक्षा अधिकारी अर्जुन सिंह की अध्यक्षता में माह मार्च की मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन राजकीय बालिका इंटर कॉलेज गौरीगंज में किया गया। बैठक में बेसिक शिक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए आगामी सत्र 2026-27 की तैयारियों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। खंड शिक्षा अधिकारी ने विशेष रूप से “स्कूल चलो अभियान” को सफल बनाने पर जोर देते हुए सभी शिक्षकों को निर्देशित किया कि वे अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करें और ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः विद्यालय से जोड़ने के लिए सक्रिय प्रयास करें।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174069/concrete-efforts-should-be-started-for-the-success-of-school"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1-9.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>अमेठी।</strong> विकास खंड गौरीगंज में खंड शिक्षा अधिकारी अर्जुन सिंह की अध्यक्षता में माह मार्च की मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन राजकीय बालिका इंटर कॉलेज गौरीगंज में किया गया। बैठक में बेसिक शिक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए आगामी सत्र 2026-27 की तैयारियों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। खंड शिक्षा अधिकारी ने विशेष रूप से “स्कूल चलो अभियान” को सफल बनाने पर जोर देते हुए सभी शिक्षकों को निर्देशित किया कि वे अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करें और ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः विद्यालय से जोड़ने के लिए सक्रिय प्रयास करें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। बैठक में 25 मार्च को  आयोजित होने वाले नवारंभ उत्सव को व्यवस्थित ढंग से दिए गए निर्देशों के क्रम में भव्य शानदार तरीके से मनाने के लिए निर्देश दिए गए। निपुण भारत मिशन के अंतर्गत छात्रों के आकलन परिणामों की समीक्षा की गई तथा शिक्षण गुणवत्ता में सुधार हेतु आवश्यक रणनीतियों पर चर्चा हुई। साथ ही कक्षा 1 से 8 तक की परीक्षाओं, मूल्यांकन और अंकपत्र वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आगामी शैक्षिक सत्र के लिए स्कूल चलो अभियान, समर कैंप, बालिकाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रमों तथा विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त मिड-डे मील, छात्र उपस्थिति, आधार सत्यापन, स्मार्ट क्लास, ऑपरेशन कायाकल्प एवं अन्य शैक्षिक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। खंड शिक्षा अधिकारी ने सभी प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों से अपेक्षा की कि वे अपने विद्यालयों में नवाचार एवं गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा दें, ताकि बच्चों की सीखने की क्षमता में गुणात्मक सुधार हो सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में उपस्थित समस्त शिक्षकों ने दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लिया। बैठक में प्रमुख रूप से बद्री विशाल सिंह अरविंद विष्णु कांत पाठक हरिकेश यादव प्रमोद तिवारी विवेक शुक्ला आलोक तिवारी प्रमोद पांडे अश्विनी रविकांत महेश श्रीराम सुरेश कन्नौजिया प्रशांत आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 19:15:46 +0530</pubDate>
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