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                <title>मजदूरों की मौत - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>मजदूरों की मौत RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मौत की फैक्ट्री ने खोली व्यवस्था की पोल,सबूतों के बाद भी यदि जिम्मेदार बच जाएं तो न्याय अधूरा रहेगा</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs">
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<div style="text-align:justify;">जयपुर के खोह नागोरियान क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट और आगजनी की घटना केवल एक हादसा नहीं है, बल्कि यह हमारे प्रशासनिक तंत्र, निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही की वास्तविक तस्वीर को सामने लाने वाली त्रासदी है। आठ लोगों की दर्दनाक मौत, जिनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल था, केवल आंकड़ा नहीं है बल्कि उन परिवारों की जिंदगी का वह अंधेरा अध्याय है जिसे वे कभी भुला नहीं पाएंगे। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर ऐसी अवैध गतिविधियां वर्षों तक प्रशासन और पुलिस की नजरों से कैसे बची रहती</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180920/the-death-factory-has-opened-the-systems-polls-even-after"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/feec3084-87ae-405c-9cf7-318a98f01ecb.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs">
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<div style="text-align:justify;">जयपुर के खोह नागोरियान क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट और आगजनी की घटना केवल एक हादसा नहीं है, बल्कि यह हमारे प्रशासनिक तंत्र, निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही की वास्तविक तस्वीर को सामने लाने वाली त्रासदी है। आठ लोगों की दर्दनाक मौत, जिनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल था, केवल आंकड़ा नहीं है बल्कि उन परिवारों की जिंदगी का वह अंधेरा अध्याय है जिसे वे कभी भुला नहीं पाएंगे। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर ऐसी अवैध गतिविधियां वर्षों तक प्रशासन और पुलिस की नजरों से कैसे बची रहती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिस मकान में यह फैक्ट्री संचालित हो रही थी, वह रिहायशी इलाके के बीचोंबीच स्थित था। वहां करीब डेढ़ सौ मकानों में छह सौ से अधिक लोग रहते हैं। ऐसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में लगभग पचास किलो बारूद का भंडारण और पटाखों का निर्माण किसी भी समय बड़े हादसे को निमंत्रण देने जैसा था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि फैक्ट्री के पास कोई वैध लाइसेंस नहीं था। मकान किराए पर दिया गया था, लेकिन न तो पुलिस सत्यापन कराया गया और न ही विधिवत किरायानामा तैयार किया गया। यह स्थिति बताती है कि नियम केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">घटना के बाद सामने आए तथ्यों ने व्यवस्था की कई परतों को उजागर किया है। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री पिछले कई वर्षों से संचालित थी और स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी थी। यदि आसपास रहने वाले लोग जानते थे कि यहां पटाखों का काम होता है तो फिर पुलिस, प्रशासन और अन्य जिम्मेदार विभागों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी। थाना क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखना स्थानीय पुलिस की जिम्मेदारी होती है। बीट कांस्टेबल से लेकर थाना प्रभारी तक की जवाबदेही तय होती है। ऐसे में यह मान लेना कठिन है कि किसी को इसकी जानकारी नहीं थी।</div>
<div style="text-align:justify;">इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि हादसे के समय वहां काम करने वाले मजदूर बेहद असुरक्षित परिस्थितियों में कार्य कर रहे थे। बारूद के बीच मजदूरों से काम लिया जा रहा था। वहीं खाना भी बनाया जाता था और घरेलू गैस सिलेंडर भी रखा हुआ था। सुरक्षा मानकों की ऐसी घोर अनदेखी किसी भी क्षण विनाश का कारण बन सकती थी। जब आग लगी तो मजदूर जान बचाने के लिए बाहर भागे। कई लोग बुरी तरह झुलस गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उनके कपड़ों के साथ चमड़ी तक निकल गई थी। यह दृश्य किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को झकझोर देने वाला है।</div>
<div style="text-align:justify;">घटना के बाद राहत और बचाव कार्यों को लेकर भी कई सवाल उठे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शुरुआती समय में आग इतनी भयावह थी कि घटनास्थल के निकट पहुंचना मुश्किल था। स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर घायलों को बाहर निकाला। यदि स्थानीय नागरिक साहस नहीं दिखाते तो मृतकों की संख्या और अधिक हो सकती थी। यह तथ्य भी चिंताजनक है कि इतने बड़े हादसे के बावजूद घटनास्थल पर तत्काल और व्यवस्थित आपदा प्रबंधन व्यवस्था दिखाई नहीं दी। ऐसी घटनाओं में शुरुआती कुछ मिनट सबसे महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन अक्सर हमारी व्यवस्थाएं इन्हीं क्षणों में कमजोर पड़ जाती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">यह पहला अवसर नहीं है जब अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ हो। देश के विभिन्न हिस्सों में हर वर्ष ऐसे हादसे होते हैं और दर्जनों लोग जान गंवाते हैं। कुछ महीने पहले खैरथल-तिजारा क्षेत्र में भी इसी प्रकार का हादसा हुआ था। उसके बाद हजारों फैक्ट्रियों की जांच की गई और बड़ी संख्या में नोटिस जारी किए गए। लेकिन सवाल यह है कि नोटिस देने के बाद क्या हुआ। यदि कार्रवाई प्रभावी होती तो शायद जयपुर की यह घटना टाली जा सकती थी। केवल नोटिस जारी कर देना प्रशासनिक सफलता नहीं कहलाता। वास्तविक सफलता तब मानी जाएगी जब नियमों का पालन सुनिश्चित हो और अवैध इकाइयों को समय रहते बंद कराया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;">इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण विषय जवाबदेही का है। अक्सर बड़े हादसों के बाद जांच समितियां गठित कर दी जाती हैं, रिपोर्ट मांगी जाती है और कुछ समय बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। मृतकों के परिजनों को मुआवजा देकर सरकार अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेती है। लेकिन मुआवजा कभी किसी की जिंदगी वापस नहीं ला सकता। न्याय तभी होगा जब उन सभी लोगों की जिम्मेदारी तय होगी जिनकी लापरवाही या मिलीभगत के कारण यह अवैध कारोबार फलता-फूलता रहा। फैक्ट्री संचालक, मकान मालिक, निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारी और नियमों के पालन की जांच करने वाले विभाग सभी की भूमिका की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।</div>
<div style="text-align:justify;">समाज के सामने भी आत्ममंथन का अवसर है। कई बार लोग अपने आसपास चल रही अवैध गतिविधियों को देखकर भी चुप रहते हैं। भय, उदासीनता या व्यक्तिगत स्वार्थ के कारण शिकायत नहीं करते। परिणाम यह होता है कि एक दिन वही गतिविधि किसी बड़े हादसे का रूप ले लेती है। नागरिक सतर्कता और प्रशासनिक जवाबदेही दोनों मिलकर ही ऐसी घटनाओं को रोक सकते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">आज जरूरत केवल शोक व्यक्त करने की नहीं है बल्कि कठोर और निर्णायक कार्रवाई की है। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके लिए सबसे बड़ी सांत्वना यही होगी कि दोषियों को सजा मिले और भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी पीड़ा न झेलनी पड़े। यदि इस घटना के स्पष्ट सबूतों और तथ्यों के बावजूद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती, तो यह व्यवस्था पर लोगों के भरोसे को और कमजोर करेगा।</div>
<div style="text-align:justify;">खोह नागोरियान की यह त्रासदी हमें याद दिलाती है कि प्रशासनिक लापरवाही, नियमों की अनदेखी और जवाबदेही के अभाव का परिणाम कितना भयावह हो सकता है। आठ लोगों की मौत केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता का प्रमाण है। अब देखना यह है कि जांच और कार्रवाई का वादा केवल औपचारिकता बनकर रह जाता है या फिर वास्तव में दोषियों को सजा देकर यह संदेश दिया जाता है कि लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों के लिए कानून में कोई जगह नहीं है। पीड़ित परिवारों को वास्तविक राहत तभी मिलेगी जब न्याय केवल कागजों पर नहीं बल्कि धरातल पर दिखाई देगा।</div>
<div style="text-align:justify;">   </div>
<div style="text-align:justify;">    <strong> *कांतिलाल मांडोत*</strong></div>
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</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 15:48:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कोल्ड स्टोरेज हादसे में बड़ा एक्शन: पूर्व मंत्री समेत 12 पर हत्या का मुकदमा, चार मजदूरों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> फाफामऊ थाना क्षेत्र स्थित आदर्श कोल्ड स्टोरेज में हुए भीषण हादसे के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। मामले में कोल्ड स्टोरेज के मालिक और समाजवादी पार्टी सरकार में पूर्व मंत्री रहे अंसार अहमद समेत 12 लोगों के खिलाफ हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।पुलिस के अनुसार, आरोपितों में कोल्ड स्टोरेज के मैनेजर उस्मान, पूर्व मंत्री के करीबी असलम बाबा, मंजूर, अलाउद्दीन, जावेद, मोहम्मद इरफान तथा पांच अज्ञात लोग शामिल हैं। सभी आरोपी चंद्रपुर, फाफामऊ के निवासी बताए जा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>अमोनिया टैंक फटने से मचा था हड़कंप</strong></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174106/big-action-in-cold-storage-accident-murder-case-against-12"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260324-wa0128.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> फाफामऊ थाना क्षेत्र स्थित आदर्श कोल्ड स्टोरेज में हुए भीषण हादसे के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। मामले में कोल्ड स्टोरेज के मालिक और समाजवादी पार्टी सरकार में पूर्व मंत्री रहे अंसार अहमद समेत 12 लोगों के खिलाफ हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।पुलिस के अनुसार, आरोपितों में कोल्ड स्टोरेज के मैनेजर उस्मान, पूर्व मंत्री के करीबी असलम बाबा, मंजूर, अलाउद्दीन, जावेद, मोहम्मद इरफान तथा पांच अज्ञात लोग शामिल हैं। सभी आरोपी चंद्रपुर, फाफामऊ के निवासी बताए जा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>अमोनिया टैंक फटने से मचा था हड़कंप</strong></div>
<div style="text-align:justify;">सोमवार को आदर्श कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया टैंक फटने के बाद पूरी इमारत भरभराकर गिर गई थी। हादसे में चार मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 17 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। मृतकों में तीन मजदूर बिहार के निवासी थे, जिससे उनके परिवारों में मातम पसरा हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लापरवाही और अव्यवस्था उजागर एफआईआर में कोल्ड स्टोरेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जांच में सामने आया कि:</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">- मजदूरों को किसी प्रकार की सुरक्षा प्रशिक्षण नहीं दी गई थी</div>
<div style="text-align:justify;">- भवन जर्जर स्थिति में था</div>
<div style="text-align:justify;">- मरम्मत और निगरानी के लिए कोई तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद नहीं था</div>
<div style="text-align:justify;">- सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई</div>
<div style="text-align:justify;">- क्षमता से अधिक सामान भरकर मुनाफाखोरी की जा रही थी</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इन लापरवाहियों ने मिलकर इस दर्दनाक हादसे को जन्म दिया।पुलिस जांच तेज, कई हिरासत में फाफामऊ थाने के दारोगा कबोद सिंह की तहरीर पर दर्ज मुकदमे के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। कुछ नामजद आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।एसीपी थरवई अरुण पाराशर ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घटना के दूसरे दिन भी राहत और बचाव कार्य जारी रहा। अमोनिया गैस का असर आसपास के क्षेत्रों तक फैल गया, जिससे स्थानीय लोग दहशत में हैं। इस बीच कुछ लोग कोल्ड स्टोरेज से आलू निकालते हुए भी देखे गए, जिस पर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है।पुलिस और प्रशासन की टीमें पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही हैं। यह हादसा न सिर्फ प्रबंधन की लापरवाही, बल्कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 20:36:58 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>प्रयागराज कोल्ड स्टोरेज हादसा प्रयागराज के फाफामऊ इलाके में!</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज -</strong> दोपहर करीब 2:30 बजे एक निजी कोल्ड स्टोरेज की बहुमंजिला इमारत अचानक ढह गई।  अमोनिया गैस टैंक या पाइप फटने से धमाका हुआ, जिससे इमारत का बड़ा हिस्सा मलबे में बदल गया। घटना का विवरणफाफामऊ थाना क्षेत्र के चांदपुर (गद्दोपुर) गांव में यह हादसा हुआ, जहां 20-25 मजदूर काम कर रहे थे। अब तक 9 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य मलबे में फंसे होने की आशंका है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कोल्ड स्टोरेज समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक अंसार अहमद का बताया जा रहा है। रेस्क्यू और प्रशासनिक कार्रवाईपुलिस, फायर ब्रिगेड, SDRF और NDRF टीमें</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174024/prayagraj-cold-storage-accident-in-phaphamau-area-of-prayagraj"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/37.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज -</strong> दोपहर करीब 2:30 बजे एक निजी कोल्ड स्टोरेज की बहुमंजिला इमारत अचानक ढह गई।  अमोनिया गैस टैंक या पाइप फटने से धमाका हुआ, जिससे इमारत का बड़ा हिस्सा मलबे में बदल गया। घटना का विवरणफाफामऊ थाना क्षेत्र के चांदपुर (गद्दोपुर) गांव में यह हादसा हुआ, जहां 20-25 मजदूर काम कर रहे थे। अब तक 9 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य मलबे में फंसे होने की आशंका है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कोल्ड स्टोरेज समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक अंसार अहमद का बताया जा रहा है। रेस्क्यू और प्रशासनिक कार्रवाईपुलिस, फायर ब्रिगेड, SDRF और NDRF टीमें मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य चला रही हैं, साथ ही 7 बुलडोजर लगाए गए हैं। अपर पुलिस आयुक्त डॉ. अजय पाल शर्मा और जिला मजिस्ट्रेट स्थिति पर नजर रख रहे हैं; मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कुछ रिपोर्टों में 7 लोगों को सुरक्षित निकालने की बात कही गई है। गैस रिसाव का प्रभावअमोनिया गैस रिसाव से आसपास के लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।  पुलिस ने क्षेत्र सील कर दिया है और ट्रैफिक डायवर्जन किया गया है; ग्रामीणों ने एंबुलेंस पर पथराव तक कर दिया। घायलों को SRN अस्पताल भेजा जा रहा है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 21:16:44 +0530</pubDate>
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