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                <title>national news India - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>पश्चिम बंगाल: अभिषेक बनर्जी के बाद TMC सांसद कल्याण बनर्जी पर हमला, सिर पर लगी चोट</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> प्रदर्शनकारियों ने सांसद कल्याण बनर्जी का रास्ता रोका। बड़ी संख्या में लोग उनके खिलाफ नारे लगा रहे थे। इस दौरान कथित रूप से उनके सिर पर चोट लगी। वे थोड़ी देर बाद जमीन पर गिर गए। हमले के बाद जमीन पर लेटे कल्याण बनर्जी फोन पर बात करते हुए नजर आए। पश्चिम बंगाल में अभिषेक बनर्जी के बाद तृणमूल कांग्रेस के एक और सांसद पर कथित रूप से हमला हुआ है। सांसद कल्याण बनर्जी चंडीतला पुलिस स्टेशन में ज्ञापन सौंपने जा रहे थे। आरोप है कि स्थानीय लोगों ने उन्हें घेर लिया और कथित तौर पर मारपीट की।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180387/tmc-mp-kalyan-banerjee-attacked-after-west-bengal-abhishek-banerjee"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/attack-on-kalyan-banerjee-1780211370965.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> प्रदर्शनकारियों ने सांसद कल्याण बनर्जी का रास्ता रोका। बड़ी संख्या में लोग उनके खिलाफ नारे लगा रहे थे। इस दौरान कथित रूप से उनके सिर पर चोट लगी। वे थोड़ी देर बाद जमीन पर गिर गए। हमले के बाद जमीन पर लेटे कल्याण बनर्जी फोन पर बात करते हुए नजर आए। पश्चिम बंगाल में अभिषेक बनर्जी के बाद तृणमूल कांग्रेस के एक और सांसद पर कथित रूप से हमला हुआ है। सांसद कल्याण बनर्जी चंडीतला पुलिस स्टेशन में ज्ञापन सौंपने जा रहे थे। आरोप है कि स्थानीय लोगों ने उन्हें घेर लिया और कथित तौर पर मारपीट की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रदर्शनकारियों ने सांसद कल्याण बनर्जी का रास्ता रोकते हुए उन्हें काले झंडे दिखाए। तस्वीरों में नजर आया कि कल्याण बनर्जी भीड़ का सामना कर रहे थे। बड़ी संख्या में लोग उनके खिलाफ नारे लगा रहे थे। इस दौरान कथित रूप से उनके सिर पर चोट लगी। वे थोड़ी देर बाद जमीन पर गिर गए। हमले के बाद जमीन पर लेटे कल्याण बनर्जी फोन पर बात करते हुए नजर आए। इस दौरान सुरक्षाबलों को स्थिति को संभालने का प्रयास करते हुए भी देखा गया। वहीं, टीएमसी समर्थकों ने कल्याण बनर्जी को संभाला और उन्हें भीड़ से दूर ले जाने का प्रयास किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कल्याण बनर्जी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "मैं अकेला आ रहा था। मेरे साथ कोई नहीं था। बीजेपी सदस्यों ने गाली-गलौज की और मेरे सिर पर बॉल से मारा। मेरे सिर से खून बह रहा है।" उन्होंने कहा, "अब लोग तय करेंगे कि यह सही है या गलत कि सांसदों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।"</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इससे पहले, शनिवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। वे चुनाव के बाद शनिवार को हिंसा में मारे गए एक तृणमूल कार्यकर्ता के परिवार से मिलने सोनारपुर गए थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनका विरोध किया। प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने उनके काफिले पर अंडे व ईंट के टुकड़े फेंके और नारे लगाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस मामले में अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना को लेकर बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा, "फिलहाल इलाज घर पर ही किया जाएगा। जितनी जरूरत होगी, सलाइन और ऑक्सीजन घर पर ही दी जाएगी। यदि आवश्यकता पड़ी तो अभिषेक को इलाज के लिए हैदराबाद ले जाया जाएगा।"पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया है कि हमले के बाद अभिषेक बनर्जी के सीने में ब्लड क्लॉट जम गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उस समय अभिषेक के सिर पर हेलमेट नहीं होता, तो घटना जानलेवा साबित हो सकती थी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>अन्य राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 19:06:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>'भगवान मंत्रियों का इंतजार नहीं करते, सब बराबर हैं'</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>भारत में लगभग हर छोटे-बड़े प्रसिद्ध मंदिर में वीआईपी दर्शन के लिए एक अलग लाइन या विशेष पास की व्यवस्था होती है। कुछ तय रकम या टिकट के पैसे देने के बाद कोई भी व्यक्ति घंटों लंबी लाइनों से बचकर सीधे भगवान के गर्भगृह तक दर्शन के लिए पहुंच जाता है। हालांकि, पैसे और रसूख के दम पर मिलने वाली इस विशेष सुविधा पर समय-समय पर सवाल भी उठते रहे हैं। ऐसा ही एक गंभीर मामला अब मद्रास हाई कोर्ट की चौखट पर पहुंचा है। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हाई कोर्ट ने मंदिरों में पैसे और</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180385/god-does-not-wait-for-ministers-all-are-equal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/vmyzo_hj.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>भारत में लगभग हर छोटे-बड़े प्रसिद्ध मंदिर में वीआईपी दर्शन के लिए एक अलग लाइन या विशेष पास की व्यवस्था होती है। कुछ तय रकम या टिकट के पैसे देने के बाद कोई भी व्यक्ति घंटों लंबी लाइनों से बचकर सीधे भगवान के गर्भगृह तक दर्शन के लिए पहुंच जाता है। हालांकि, पैसे और रसूख के दम पर मिलने वाली इस विशेष सुविधा पर समय-समय पर सवाल भी उठते रहे हैं। ऐसा ही एक गंभीर मामला अब मद्रास हाई कोर्ट की चौखट पर पहुंचा है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हाई कोर्ट ने मंदिरों में पैसे और वीआईपी दर्जे के आधार पर दी जाने वाली इस विशेष सुविधा पर गहरी चिंता व्यक्त की है। अदालत ने दोटूक शब्दों में कहा कि भगवान के दरबार में कोई मंत्री हो या आम आदमी, उनमें कोई भेद नहीं हो सकता। ईश्वर के सामने सभी इंसान बराबर हैं, ऐसे में मंदिरों के भीतर वीआईपी दर्शन की इस कुप्रथा का कोई औचित्य नहीं है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">‘लाइव लॉ’ की रिपोर्ट के मुताबिक, मद्रास हाई कोर्ट के जस्टिस जी आर स्वामीनाथन और जस्टिस लक्ष्मीनारायणन की खंडपीठ (बेंच) ने इस मामले की सुनवाई के दौरान बेहद तीखे सवाल उठाए। अदालत ने मंदिरों में वीआईपी दर्शन की प्रथा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या भगवान के सामने किसी रसूखदार मंत्री और एक आम नागरिक में कोई फर्क है? कोर्ट ने कड़े लहजे में कहा कि दर्शन के लिए कोई भी प्रशासनिक प्रक्रिया तय की जाए, लेकिन उससे मंदिर की कतारों में खड़े आम श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी या मानसिक ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जस्टिस जी आर स्वामीनाथन की बेंच ने वीआईपी संस्कृति पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा, “मंत्रियों और विधायकों को अपने मन से यह गलतफहमी निकाल देनी चाहिए कि मंदिर में भगवान उनका इंतजार कर रहे हैं, और वे अपने रसूख के दम पर किसी भी समय मंदिर में सीधे प्रवेश कर सकते हैं। ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए। आखिर हमें इस वीआईपी दर्शन की क्या आवश्यकता है? जब ईश्वर के समक्ष सभी लोग पूरी तरह समान हैं, तो फिर वहां क्या मंत्री और क्या आम जनता।”।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कोर्ट के इन कड़े और तीखे सवालों पर सरकार की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल पी वी बालासुब्रमण्यम ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने वीआईपी दर्शन की पैरवी करते हुए दलील दी कि इस तरह की प्रथा का पालन करने से एक तरफ जहां विशिष्ट लोगों के कारण लगने वाली लंबी-लंबी कतारों से मुक्ति मिलती है, वहीं दूसरी तरफ वीआईपी टिकटों से मंदिरों को भी काफी बड़ी आय (राजस्व) प्राप्त होती है। अपनी इस दलील के साथ ही उन्होंने इस विषय पर सरकार का विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए अदालत से कुछ समय की मांग की। हाई कोर्ट ने सरकार के इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए उन्हें पूरा जवाब पेश करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दरअसल, यह पूरा कानूनी विवाद हाल ही में विजय सरकार में मंत्री बने आर निर्मल कुमार के एक मंदिर दौरे को लेकर शुरू हुआ है। मंत्री निर्मल कुमार पर बेहद गंभीर आरोप लगे थे कि जब वे दर्शन के लिए पहुंचे, तो उनके रसूख के कारण तिरुपरनकुंड्रम स्थित ऐतिहासिक सुब्रमण्य स्वामी मंदिर के कपाट आम जनता के लिए पूरी तरह बंद करवा दिए गए थे। इसके बाद जब मंत्री महोदय ने आराम से दर्शन कर लिए, तब कहीं जाकर आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर को दोबारा खोला गया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हालांकि, विपक्ष द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों को विजय सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया है। मद्रास हाई कोर्ट में यह जनहित याचिका विश्व हिंदू परिषद (VHP) की तमिलनाडु इकाई के वरिष्ठ नेता पी. चोकलिंगम द्वारा दायर की गई है। उन्होंने कोर्ट में दावा किया कि मंत्री निर्मल कुमार की तरह ही आए दिन कई बड़े नेता, मंत्री और विधायक मंदिरों में वीआईपी दर्शन के लिए प्रोटोकॉल का धौंस जमाते हैं, जिसकी वजह से दूर-दूर से आए आम भक्तों को घंटों धूप और कतारों में खड़े रहकर भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि सनातन धर्म किसी भी व्यक्ति के साथ धन, सामाजिक स्थिति, पद या जाति के आधार पर भेदभाव की अनुमति कतई नहीं देता है, इसलिए मंदिर के भीतर सभी भक्तों के साथ पूरी तरह समान व्यवहार किया जाना चाहिए। हालांकि, याचिकाकर्ता चोकलिंगम ने अपनी गुहार में व्यावहारिक आधार पर कुछ विशेष छूट की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, गर्भवती महिलाओं, नवविवाहित जोड़ों, मंदिर में अपनी कला की प्रस्तुति देने वाले स्थानीय कलाकारों, इसके अलावा देश के राष्ट्राध्यक्षों और संवैधानिक पदों पर बैठे अधिकारियों (जैसे राष्ट्रपति, राज्यपाल या मुख्य न्यायाधीश) को इस नियम से अलग रखकर कुछ विशेष रियायतें जरूर दी जानी चाहिए, लेकिन इसका फायदा राजनीतिक लाभ के लिए नहीं उठाया जाना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 19:03:31 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मधु किश्वर ने पीएम पर भ्रामक वीडियो किया था साझा, हाईकोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत याचिका</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े भ्रामक और आपत्तिजनक वीडियो को सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा करने के मामले में फंसी प्रसिद्ध लेखिका और शिक्षाविद् मधु पूर्णिमा किश्वर को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस अमन चौधरी की अदालत ने माना कि मामले की परिस्थितियां अग्रिम जमानत देने के लिए उपयुक्त नहीं हैं और जांच के हित में हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता से इन्कार नहीं किया जा सकता।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> मधु किश्वर ने गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए अग्रिम जमानत की मांग की थी। उनके खिलाफ चंडीगढ़</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180383/madhu-kishwar-had-shared-a-misleading-video-on-pm"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/5660-1780059936803_m.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े भ्रामक और आपत्तिजनक वीडियो को सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा करने के मामले में फंसी प्रसिद्ध लेखिका और शिक्षाविद् मधु पूर्णिमा किश्वर को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस अमन चौधरी की अदालत ने माना कि मामले की परिस्थितियां अग्रिम जमानत देने के लिए उपयुक्त नहीं हैं और जांच के हित में हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता से इन्कार नहीं किया जा सकता।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> मधु किश्वर ने गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए अग्रिम जमानत की मांग की थी। उनके खिलाफ चंडीगढ़ के सेक्टर-26 थाना में मामला दर्ज है। याचिका में मधु किश्वर की ओर से दलील दी गई कि उन्होंने केवल 14 सेकंड का एक वीडियो री-ट्वीट किया था। उनका कहना था कि इसमें कोई दुर्भावना नहीं थी और जालसाजी अथवा वीडियो तैयार करने से उनका कोई संबंध नहीं है। वहीं, चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से अदालत को बताया गया कि यह केवल साधारण री-ट्वीट का मामला नहीं है। जांच में सामने आया कि संबंधित वीडियो पहले अन्य सोशल मीडिया मंचों पर डाला गया था लेकिन मधु किश्वर ने उसे डाउनलोड कर अपने एक्स अकाउंट से दोबारा पोस्ट किया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">प्रशासन ने अदालत को बताया कि उनके लाखों फॉलोअर्स होने के कारण वीडियो को व्यापक प्रसार मिला और उसे करीब 1.74 लाख व्यूज प्राप्त हुए। इससे भ्रामक सूचना फैलाने और एक सांविधानिक पद की छवि को नुकसान पहुंचाने में मदद मिली। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि रिकॉर्ड से यह भी स्पष्ट हुआ है कि जांच एजेंसी की ओर से भेजे गए नोटिसों के बावजूद याचिकाकर्ता जांच में शामिल नहीं हुईं जबकि अन्य सह-आरोपी जांच में शामिल हो चुके हैं। कोर्ट ने इसे उनके आचरण का महत्वपूर्ण पहलू माना।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">हाईकोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि रचनात्मक आलोचना और सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति अथवा सांविधानिक पद के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण टिप्पणी के बीच स्पष्ट अंतर है। अदालत के अनुसार, बड़े सोशल मीडिया प्रभाव वाले व्यक्तियों की पोस्ट का व्यापक असर पड़ सकता है और ऐसी सामग्री सामाजिक सौहार्द तथा सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने की क्षमता रखती है। इन सभी तथ्यों, जांच की आवश्यकता और सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों में तय सिद्धांतों का हवाला देते हुए हाईकोर्ट ने मधु किश्वर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।l</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 19:00:12 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>लॉकडाउन पर आ गई सरकार की सफाई, पीएम ने कहा था- जंग की चुनौती कोरोना जैसी, तैयार रहना होगा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का असर करीब-करीब पूरी दुनिया पर देखा जा रहा है। ईरान ने होर्मुज की खाड़ी में तेल के जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा रखी है, जिसकी वजह से दुनियाभर में तेल और गैस की किल्लत बढ़ती जा रही है। भारत पर इसका व्यापक असर दिख रहा है। देश के कई हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं और एलपीजी यानी रसोई गैस की कमी की भी खबरें आ रही हैं। वहीं पीएम के संसद में दिए गए बयान से लोगों में बेचैनी और बढ़ गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, लॉकडाउन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174502/the-governments-clarification-on-lockdown-has-come-pm-had-said"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/download-(2).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का असर करीब-करीब पूरी दुनिया पर देखा जा रहा है। ईरान ने होर्मुज की खाड़ी में तेल के जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा रखी है, जिसकी वजह से दुनियाभर में तेल और गैस की किल्लत बढ़ती जा रही है। भारत पर इसका व्यापक असर दिख रहा है। देश के कई हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं और एलपीजी यानी रसोई गैस की कमी की भी खबरें आ रही हैं। वहीं पीएम के संसद में दिए गए बयान से लोगों में बेचैनी और बढ़ गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, लॉकडाउन की अफवाहें प्रधानमंत्री मोदी के चार दिन पहले संसद में दिए गए बयान के बाद शुरू हुई। उन्होंने कहा था कि इस युद्ध के कारण दुनिया में जो कठिन हालात बने हैं, उनका प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की आशंका है। हम कोरोना के समय भी एकजुटता से ऐसी चुनौतियों का सामना कर चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अब केंद्र सरकार की तरफ से शुक्रवार को सफाई आई है। सरकार ने देश में लॉकडाउन लगने की बात को अफवाह बताया है। सरकार के 3 बड़े मंत्री निर्मला सीतारमण, किरेन रिजिजू और हरदीप पुरी ने बयान जारी किए। कहा कि ये सिर्फ अफवाहें हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मुझे हैरानी है कि कुछ नेता कह रहे हैं कि लॉकडाउन होगा और फ्यूल की कमी होगी। ये बेबुनियाद बातें हैं।  राजनीतिक डोमेन में बैठे लोगों की तरफ से ऐसी बातें चिंता की बात हैं। कोविड के दौरान जैसा लॉकडाउन हमने देखा, वैसा कोई लॉकडाउन नहीं होगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 21:54:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव के त्याग से मिलती है ‘राष्ट्र प्रथम’ की प्रेरणा- उप  मुख्य  मंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री  केशव प्रसाद मौर्य ने महान क्रांतिकारी अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने अपने कैम्प कार्यालय 7-कालिदास मार्ग पर इन शहीदों के स्मृति-चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए उनका अदम्य साहस, त्याग और बलिदान भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इन अमर शहीदों की वीरता गाथा केवल प्रेरणा का स्रोत ही नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र के लिए समर्पित जीवन जीने तथा हर चुनौती का</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174020/the-inspiration-for-%E2%80%98ration-first%E2%80%99-comes-from-the-sacrifice-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260323-wa0141.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री  केशव प्रसाद मौर्य ने महान क्रांतिकारी अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने अपने कैम्प कार्यालय 7-कालिदास मार्ग पर इन शहीदों के स्मृति-चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए उनका अदम्य साहस, त्याग और बलिदान भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इन अमर शहीदों की वीरता गाथा केवल प्रेरणा का स्रोत ही नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र के लिए समर्पित जीवन जीने तथा हर चुनौती का साहसपूर्वक सामना करने की शक्ति  व साहस भी प्रदान करता है।मौर्य ने कहा कि शहीद भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव का अप्रतिम साहस, अद्वितीय देशभक्ति और सर्वोच्च बलिदान राष्ट्र की चेतना में सदैव जीवंत रहेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उनके आदर्श हम सभी को ‘राष्ट्र प्रथम’ के संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। उप मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि वे इन महान क्रांतिकारियों के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका  निभायें।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 21:10:41 +0530</pubDate>
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