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                <title>धार्मिक समाचार - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>धार्मिक समाचार RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>हाफिज मुन्ना शाह का दो दिवसीय उर्स संपन्न, </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>खैराबाद। </strong>सीतापुर स्थानीय दरगाह हाफ़िज़ मुन्ना शाह कटरा में हज़रत हाफ़िज़ मोहम्मद अली शाह उर्फ बड़े हाफ़िज़ साहब के मुरीद व ख़लीफ़ा हज़रत हाफिज मुन्ना शाह अलैहिर्रहमा का दो दिवसीय उर्स आज समाप्त हो गया इससे पूर्व दरगाह हाफ़िज़िया अस्लमियाँ से जुलूस चादर सज्जादानशीन एजाज़ हसन खान एडवोकेट की सरपरस्ती में उठाया गया</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जो विभिन्न मार्गों से होता हुआ दरगाह शरीफ पहुंचा जहां देर रात तक क़व्वाली होती रहीं उसके बाद आज प्रातः क़ुरआन ख्वानी हुई और दोपहर में महफ़िले समा शुरू हुई  और सांय काल क़ुल शरीफ हुआ इस अवसर पर सज्जादानशीन एजाज़ हसन ने देश मे अमन शांति</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178777/hafiz-munna-shahs-two-day-urs-concludes"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260509-wa0011.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>खैराबाद। </strong>सीतापुर स्थानीय दरगाह हाफ़िज़ मुन्ना शाह कटरा में हज़रत हाफ़िज़ मोहम्मद अली शाह उर्फ बड़े हाफ़िज़ साहब के मुरीद व ख़लीफ़ा हज़रत हाफिज मुन्ना शाह अलैहिर्रहमा का दो दिवसीय उर्स आज समाप्त हो गया इससे पूर्व दरगाह हाफ़िज़िया अस्लमियाँ से जुलूस चादर सज्जादानशीन एजाज़ हसन खान एडवोकेट की सरपरस्ती में उठाया गया</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जो विभिन्न मार्गों से होता हुआ दरगाह शरीफ पहुंचा जहां देर रात तक क़व्वाली होती रहीं उसके बाद आज प्रातः क़ुरआन ख्वानी हुई और दोपहर में महफ़िले समा शुरू हुई  और सांय काल क़ुल शरीफ हुआ इस अवसर पर सज्जादानशीन एजाज़ हसन ने देश मे अमन शांति की दुआ की और अपील करते हुए कहा कि हम सबको एक और नेक बन कर रहना चाहिए हमसे किसी को भी कोई तकलीफ न पहुंचे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर  दरगाह हज़रत बड़े मखदूम साहब के सज्जादानशीन नजमुल हसन शोएब मियां , सैय्यद फरमान मियां चिश्ती, सैय्यद लाईक अहमद किरमानी, सैय्यद मुत्तसिब जूनू किरमानी,शबीह अहमद, गुफरान खान, हाजी यूसुफ खान,इमरान किरमानी, मौलाना तौक़ीर अत्तारी सैय्यद अफजाल किरमानी, हाफ़िज़ अरसलान हसनी हाफ़िज़ सैय्यद ताहिर किरमानी,हसन खान,इफ़हाम खान, आफताब अहमद खान, शफ़ीक़ अहमदआदि मौजूद थे।इसी के साथ हाफिज मुन्ना शाह का उर्स समाप्त हो गया।सज्जादानशीन एजाज़ हसन खान ने सभी का शुक्रिया भी अदा किया।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 19:57:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जगत के मंगल का सुफल है भगवान श्रीकृष्ण का लोकावतार-दण्डी स्वामी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज, प्रतापगढ़।</strong> नगर पंचायत के दीवानी वार्ड में हो रही श्रीमदभागवत कथा में रविवार को भगवान श्रीकृष्ण एवं रूक्मणी विवाह का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध दिखे। कथाव्यास उत्तराखण्ड के बदरिका आश्रम से पधारे दण्डी स्वामी विनोदानंद सरस्वती जी महराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और रूक्मणी का विवाह आत्मा का ईश्वर के प्रति समर्पण का नैतिक बोध कराता है। उन्होने श्रद्धालुओं को बताया कि राजकुमारी रूक्मणी के मन मे भगवान के गुणों का गुणगान सुनकर दिव्य भक्ति की चेतना जागृत हुई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">स्वामी विनोदानंद सरस्वती जी ने कहा कि रूक्मणी का भगवान श्रीकृष्ण से विवाह भक्त और ईश्वर के बीच सच्चे</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177337/lord-shri-krishnas-lokavatar-dandi-swami-is-the-success"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260424-wa0149(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज, प्रतापगढ़।</strong> नगर पंचायत के दीवानी वार्ड में हो रही श्रीमदभागवत कथा में रविवार को भगवान श्रीकृष्ण एवं रूक्मणी विवाह का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध दिखे। कथाव्यास उत्तराखण्ड के बदरिका आश्रम से पधारे दण्डी स्वामी विनोदानंद सरस्वती जी महराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और रूक्मणी का विवाह आत्मा का ईश्वर के प्रति समर्पण का नैतिक बोध कराता है। उन्होने श्रद्धालुओं को बताया कि राजकुमारी रूक्मणी के मन मे भगवान के गुणों का गुणगान सुनकर दिव्य भक्ति की चेतना जागृत हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्वामी विनोदानंद सरस्वती जी ने कहा कि रूक्मणी का भगवान श्रीकृष्ण से विवाह भक्त और ईश्वर के बीच सच्चे प्रेम का शाश्वत संदेश हैं। उन्होने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म जगत के मंगल और कल्याण का उत्सव बनकर धरा पर फलीभूत हुआ। कथा के दौरान सम्पूर्ण परिसर हरिनाम संकीर्तन एवं भक्ति संगीत की मधुर ध्वनियों से गुंजायमान रहा। देर शाम तक राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी भी कथा श्रवण को पहुंचे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सांसद प्रमोद तिवारी ने क्षेत्रीय श्रद्धालुओं की ओर से दण्डी स्वामी विनोदानंद सरस्वती जी को आध्यात्मिक सम्मान सौंपा। वहीं व्यासपीठ द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य सांसद प्रमोद तिवारी को भी लोकमंगल का आशीष प्रदान हुआ। कथा का संचालन उच्च न्यायालय लखनऊ के अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी ने किया। संयोजक शिक्षक रमाशंकर तिवारी, रामकिशोर तिवारी, रामराज तिवारी, रोहित तिवारी, शैलेन्द्र तिवारी ने संयुक्त रूप से व्यासपीठ का पूजन अर्चन किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस मौके पर संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी महेश, रामेश्वर तिवारी, कपिल तिवारी, दिवाकर नाथ शुक्ल, कौशलेन्द्र त्रिपाठी, गिरीश मिश्र, माताफेर मिश्र, आचार्य विनोद मिश्र, लालजी त्रिपाठी, भानु प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी, प्रमुख अमित प्रताप सिंह पंकज, शास्त्री सौरभ त्रिपाठी, आदि रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 18:46:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने किया चतुरंगिणी सेना का गठन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सोमवार को लखनऊ में किए गए ऐलान के संदर्भ में गौ हत्या, ब्राह्मणों पर अत्याचार और सनातन की रक्षा को लेकर चतुरंगिणी सेना का गठन कर दिया है. बताया कि यह सेना टोको, रोको और ठोको के सिद्धांत पर काम करेगी, जिसका उद्देश्य हिंदुओं और गाय पर होने वाले अत्याचार को रोकना है. फिलहाल इस सेना में 27 लोगों की नियुक्ति की गई है.</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने काशी में बताया कि यह सेना सनातन और सनातनियों की अभिभावक के रूप में कार्य करेगी, जिसका मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज के भीतर से भय को नष्ट</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174010/shankaracharya-avimukteshwaranand-formed-chaturangini-sena"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/varanasi-2026-03-275fceeddd75886acde9fa45d1becf3c.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सोमवार को लखनऊ में किए गए ऐलान के संदर्भ में गौ हत्या, ब्राह्मणों पर अत्याचार और सनातन की रक्षा को लेकर चतुरंगिणी सेना का गठन कर दिया है. बताया कि यह सेना टोको, रोको और ठोको के सिद्धांत पर काम करेगी, जिसका उद्देश्य हिंदुओं और गाय पर होने वाले अत्याचार को रोकना है. फिलहाल इस सेना में 27 लोगों की नियुक्ति की गई है.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने काशी में बताया कि यह सेना सनातन और सनातनियों की अभिभावक के रूप में कार्य करेगी, जिसका मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज के भीतर से भय को नष्ट करना है, ताकि किसी भी सनातनी को अन्याय का सामना न करना पड़े. लोग समाज में बिना संकोच और बिना डर के अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि जब समाज को यह विश्वास होगा कि उसके पीछे एक सुगठित और शस्त्र-शास्त्र संपन्न सैन्य बल खड़ा है, तभी वह निर्भीक होकर धर्म पथ पर अडिग रह सकेगा.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शंकराचार्य ने बताया कि चतुरंगिणी सेना में 27 लोगों को आज शामिल किया गया है. यह सेना प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए 10 महीने में पूरी तरह से धरातल पर उतरकर वचनबद्ध तरीके से कार्य करेंगी. हिंदुओं के मन में इस समय भय उत्पन्न हो गया है. वह सच नहीं बोल पा रहे हैं, सच के साथ खड़े नहीं हो पा रहे हैं, उनकी मजबूरी हो गई है कि वे झूठ का समर्थन करें. उन्हें इस भय से मुक्ति दिलाने के लिए इस सेना का गठन किया जा रहा है.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि इसका सिद्धांत निर्बल का बल बनना है और उसके लिए तरीका टोको, रोको नहीं तो ठोको. टोको का मतलब है कि लोगों को गलत करने से टोकना पड़ेगा, यदि टोकने के बाद वह नहीं मानते हैं तो रोकना पड़ेगा और रोकने पर भी नहीं मानते हैं तो ठोको. उन्होंने बताया कि ठोको का मतलब सीधे उसपर प्रहार करना नहीं है, उसके ऊपर लिखित रूप से शिकायत करना, पंचायत करना जैसे जितने भी संविधान प्रदत्त अधिकार है, वह आरंभ कर दिए जाएंगे.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि इस सेना के पास फरसा होगा और यह फरसा परशुराम जी का शस्त्र है. उन्होंने बताया कि परशुराम तपस्या करते थे, लेकिन उनके आश्रम में गाय थी और सहस्त्रर्जुन नामक राजा गायों को सताने लगा और गायों के दुख को दूर करने के लिए ऋषि पुत्र होकर भी भगवान परशुराम ने फरसे का इस्तेमाल किया, उसी का प्रतीक हमने इसे चुना है.</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 20:59:23 +0530</pubDate>
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