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                <title>religious news India - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>religious news India RSS Feed</description>
                
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                <title>यज्ञ मंडप की परिक्रमा को श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश - </strong> कसारी रामगढ़ स्थित भिखारी बाबा आश्रम परिसर में वृहस्पतिवार को सातवें दिन विराट रुद्र महायज्ञ में यज्ञ मंडप की परिक्रमा को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान जयकारे से समूचा परिसर गुंजायमान हो गया। शिव मंदिर में दूध से रुद्राभिषेक पूजन भी कराया गया। वृंदावन से आई बाल कथा वाचिका धानी शास्त्री ने भागवत कथा का रसपान कराया। वहीं भजन संध्या में वाराणसी से आए राष्ट्रीय बाल कलाकार श्री राम कृष्ण, श्री राधा कृष्ण व श्री राधे कृष्ण ने एक से बढ़कर एक भजन, गीत व गजल सुनाया। वहीं वृंदावन से आए कलाकारों की रासलीला</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180990/crowd-of-devotees-gathered-to-circumambulate-the-yagya-mandap"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001716465.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश - </strong> कसारी रामगढ़ स्थित भिखारी बाबा आश्रम परिसर में वृहस्पतिवार को सातवें दिन विराट रुद्र महायज्ञ में यज्ञ मंडप की परिक्रमा को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान जयकारे से समूचा परिसर गुंजायमान हो गया। शिव मंदिर में दूध से रुद्राभिषेक पूजन भी कराया गया। वृंदावन से आई बाल कथा वाचिका धानी शास्त्री ने भागवत कथा का रसपान कराया। वहीं भजन संध्या में वाराणसी से आए राष्ट्रीय बाल कलाकार श्री राम कृष्ण, श्री राधा कृष्ण व श्री राधे कृष्ण ने एक से बढ़कर एक भजन, गीत व गजल सुनाया। वहीं वृंदावन से आए कलाकारों की रासलीला देखने को भारी संख्या में भीड़ उमड़ पड़ी। प्रकृति रक्षा के लिए 251 जड़ी बूटियों से निर्मित हवन सामग्री से आहुति दी गई। प्रतिदिन चलने वाले विशाल भंडारा में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के आयोजक भिक्षुक भिखारी जंगली दास दीनबंधु रमाशंकर गिरी जी महाराज ने बताया कि आचार्यगण गोपालधर द्विवेदी, राजेश कुमार पाठक, हरिओम द्विवेदी व अमरेश तिवारी द्वारा विराट रूद्र महायज्ञ एवं पूजन कार्य कराया जा रहा है। प्रतिदिन शिव मंदिर में दूध, गंगाजल से रुद्राभिषेक पूजन कराया जा रहा है। प्रकृति रक्षा के लिए 251 जड़ी बूटियों से निर्मित हवन सामग्री से आहुति दी जा रही है। प्रतिदिन चलने वाले विशाल भंडारा में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में मुख्य यजमान दिनेश, उषा देवी, रूपा गुप्ता, देवेंद्र कुमार, चिंता मौर्य, उर्मिला देवी, विमला देवी, शशि देवी, विजय सिंह, मनीष कुमार, कृति सागर, शुभराम महाराज, परमानंद, रमेश कुमार, प्रहलाद, रामखेलावन, किरन मोदवाल, मानवी, संगीता, मुन्ना बाबा, केवलानंद महाराज, आनंद ओझा, राकेश पाठक, कालो देवी, डॉक्टर विजय, हीरा सिंह, संजय अग्रवाल, चांदनी अग्रवाल, संगीता, राजेश आदि मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 17:56:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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                <title>शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने किया चतुरंगिणी सेना का गठन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सोमवार को लखनऊ में किए गए ऐलान के संदर्भ में गौ हत्या, ब्राह्मणों पर अत्याचार और सनातन की रक्षा को लेकर चतुरंगिणी सेना का गठन कर दिया है. बताया कि यह सेना टोको, रोको और ठोको के सिद्धांत पर काम करेगी, जिसका उद्देश्य हिंदुओं और गाय पर होने वाले अत्याचार को रोकना है. फिलहाल इस सेना में 27 लोगों की नियुक्ति की गई है.</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने काशी में बताया कि यह सेना सनातन और सनातनियों की अभिभावक के रूप में कार्य करेगी, जिसका मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज के भीतर से भय को नष्ट</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174010/shankaracharya-avimukteshwaranand-formed-chaturangini-sena"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/varanasi-2026-03-275fceeddd75886acde9fa45d1becf3c.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सोमवार को लखनऊ में किए गए ऐलान के संदर्भ में गौ हत्या, ब्राह्मणों पर अत्याचार और सनातन की रक्षा को लेकर चतुरंगिणी सेना का गठन कर दिया है. बताया कि यह सेना टोको, रोको और ठोको के सिद्धांत पर काम करेगी, जिसका उद्देश्य हिंदुओं और गाय पर होने वाले अत्याचार को रोकना है. फिलहाल इस सेना में 27 लोगों की नियुक्ति की गई है.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने काशी में बताया कि यह सेना सनातन और सनातनियों की अभिभावक के रूप में कार्य करेगी, जिसका मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज के भीतर से भय को नष्ट करना है, ताकि किसी भी सनातनी को अन्याय का सामना न करना पड़े. लोग समाज में बिना संकोच और बिना डर के अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि जब समाज को यह विश्वास होगा कि उसके पीछे एक सुगठित और शस्त्र-शास्त्र संपन्न सैन्य बल खड़ा है, तभी वह निर्भीक होकर धर्म पथ पर अडिग रह सकेगा.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शंकराचार्य ने बताया कि चतुरंगिणी सेना में 27 लोगों को आज शामिल किया गया है. यह सेना प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए 10 महीने में पूरी तरह से धरातल पर उतरकर वचनबद्ध तरीके से कार्य करेंगी. हिंदुओं के मन में इस समय भय उत्पन्न हो गया है. वह सच नहीं बोल पा रहे हैं, सच के साथ खड़े नहीं हो पा रहे हैं, उनकी मजबूरी हो गई है कि वे झूठ का समर्थन करें. उन्हें इस भय से मुक्ति दिलाने के लिए इस सेना का गठन किया जा रहा है.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि इसका सिद्धांत निर्बल का बल बनना है और उसके लिए तरीका टोको, रोको नहीं तो ठोको. टोको का मतलब है कि लोगों को गलत करने से टोकना पड़ेगा, यदि टोकने के बाद वह नहीं मानते हैं तो रोकना पड़ेगा और रोकने पर भी नहीं मानते हैं तो ठोको. उन्होंने बताया कि ठोको का मतलब सीधे उसपर प्रहार करना नहीं है, उसके ऊपर लिखित रूप से शिकायत करना, पंचायत करना जैसे जितने भी संविधान प्रदत्त अधिकार है, वह आरंभ कर दिए जाएंगे.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि इस सेना के पास फरसा होगा और यह फरसा परशुराम जी का शस्त्र है. उन्होंने बताया कि परशुराम तपस्या करते थे, लेकिन उनके आश्रम में गाय थी और सहस्त्रर्जुन नामक राजा गायों को सताने लगा और गायों के दुख को दूर करने के लिए ऋषि पुत्र होकर भी भगवान परशुराम ने फरसे का इस्तेमाल किया, उसी का प्रतीक हमने इसे चुना है.</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 20:59:23 +0530</pubDate>
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