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                <title>religious news India - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>चढ़ावा चोरी पर सतीश महाना का बयान</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जिनका पैसा चोरी हुआ उन्होंने श्रद्धा से दान नहीं किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हमारा पैसा सुरक्षित है इस बात का प्रमाण अयोध्या का भव्य राम मंदिर है। अयोध्या स्थित राम मंदिर दान चोरी पर  बोलते हुए यूपी के विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का यह वीडियो वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर सतीश महाना के इस बयान की होड़ लगी हुई है। लेकिन सवाल यह उठता है कि यह बयान कितना उचित है। मंदिर में चढ़ावा चोरी पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का बयान कितना सही</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत में मंदिर केवल आस्था के केंद्र नहीं हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183509/satish-mahanas-statement-on-theft-of-offerings"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas8.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जिनका पैसा चोरी हुआ उन्होंने श्रद्धा से दान नहीं किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हमारा पैसा सुरक्षित है इस बात का प्रमाण अयोध्या का भव्य राम मंदिर है। अयोध्या स्थित राम मंदिर दान चोरी पर  बोलते हुए यूपी के विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का यह वीडियो वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर सतीश महाना के इस बयान की होड़ लगी हुई है। लेकिन सवाल यह उठता है कि यह बयान कितना उचित है। मंदिर में चढ़ावा चोरी पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का बयान कितना सही</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत में मंदिर केवल आस्था के केंद्र नहीं हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का भी महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। करोड़ों श्रद्धालु हर वर्ष मंदिरों में अपनी श्रद्धा के अनुसार दान और चढ़ावा अर्पित करते हैं। यह धन मंदिरों के रखरखाव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">धार्मिक अनुष्ठानों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सामाजिक कार्यों और जनकल्याण की योजनाओं में उपयोग किया जाता है। ऐसे में यदि मंदिरों में चढ़ावे की चोरी की घटनाएँ सामने आती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह केवल आर्थिक नुकसान नहीं बल्कि श्रद्धालुओं की भावनाओं पर भी आघात होता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसी संदर्भ में उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने यह भी कहा कि मंदिरों में चढ़ावे की चोरी जैसी घटनाओं पर समाज को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उनका संकेत इस ओर था कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने की जिम्मेदारी केवल प्रशासन की नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि समाज की भी है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">चढ़ावा केवल धन नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आस्था का प्रतीक- मंदिर में चढ़ाया गया दान श्रद्धालु की श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक होता है। कोई व्यक्ति अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर दान करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो कोई सेवा भावना से। ऐसे में यदि इस धन की चोरी होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो लोगों का विश्वास प्रभावित हो सकता है। इसलिए चढ़ावे की सुरक्षा केवल संपत्ति की सुरक्षा नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि आस्था की रक्षा भी है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यदि उनके बयान का आशय यह है कि धार्मिक स्थलों में ईमानदारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह एक उचित और व्यावहारिक विचार माना जा सकता है। मंदिरों में चोरी की घटनाएँ समय-समय पर सामने आती रही हैं। कई मामलों में दानपात्र तोड़े गए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो कहीं मंदिरों के आभूषण और नकदी चोरी हुई। ऐसे मामलों से यह स्पष्ट होता है कि सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हालाँकि किसी भी घटना की जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए। किसी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना भी उतना ही आवश्यक है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज देश के अनेक बड़े मंदिरों में सीसीटीवी कैमरे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल दान प्रणाली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा गार्ड और नियमित लेखा परीक्षण जैसी व्यवस्थाएँ लागू हैं। लेकिन छोटे और ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों में अभी भी सुरक्षा संसाधनों की कमी देखी जाती है। ऐसे में मंदिर समितियों को चाहिए कि वे आधुनिक सुरक्षा उपाय अपनाएँ और दान के उपयोग का सार्वजनिक विवरण भी समय-समय पर जारी करें।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मंदिर केवल पुजारियों या ट्रस्ट की जिम्मेदारी नहीं हैं। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को भी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए। यदि समाज सजग रहेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो चोरी जैसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है। दान के उपयोग में पारदर्शिता बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यदि श्रद्धालुओं को यह जानकारी मिलती रहे कि उनके द्वारा दिया गया चढ़ावा किस कार्य में खर्च हो रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो मंदिरों के प्रति विश्वास और मजबूत होगा। डिजिटल भुगतान और सार्वजनिक ऑडिट जैसी व्यवस्थाएँ इस दिशा में उपयोगी हो सकती हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">राजनीतिक बयान और सार्वजनिक विमर्श</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों के बयानों का व्यापक प्रभाव होता है। इसलिए ऐसे विषयों पर दिए गए वक्तव्यों का उद्देश्य समाधान और जागरूकता होना चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न कि विवाद को बढ़ावा देना। यदि किसी बयान से सुरक्षा व्यवस्था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पारदर्शिता और जवाबदेही पर सकारात्मक चर्चा शुरू होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसे रचनात्मक माना जा सकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मंदिरों में चढ़ावे की चोरी एक गंभीर विषय है क्योंकि यह श्रद्धा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विश्वास और धार्मिक संस्थाओं की विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ है। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के बयान का मूल्यांकन उसके वास्तविक संदर्भ और आशय के आधार पर किया जाना चाहिए। यदि उनका उद्देश्य मंदिरों की सुरक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पारदर्शिता और समाज की जिम्मेदारी पर ध्यान आकर्षित करना था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह एक सार्थक संदेश माना जा सकता है। साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह भी आवश्यक है कि चोरी की प्रत्येक घटना की निष्पक्ष जांच हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दोषियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा उपाय अपनाए जाएँ। तभी मंदिरों की गरिमा और श्रद्धालुओं का विश्वास दोनों सुरक्षित रह सकेंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 21:06:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महर्षि महेश योगी आश्रम में भगवान जगन्नाथ जी की रथ यात्रा  संपन्न।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात  ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">नैनी स्थित महर्षि महेश योगी आश्रम परिसर में भगवान जगन्नाथ  की पावन रथ यात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ जी के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना क</div>
<div style="text-align:justify;">।रथ यात्रा में मुख्य पुजारी सतपति वीरांचि ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न कराई। कार्यक्रम में आश्रम प्रभारी सुनील श्रीवास्तव, बसंत दास, मीडिया प्रभारी संजय श्रीवास्तव, ऋषि त्रिवेदी, राम मंगल गुप्ता, सियाराम, जितेंद्र दास सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।पूरे कार्यक्रम के दौरान आश्रम परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183500/rath-yatra-of-lord-jagannath-concluded-at-maharishi-mahesh-yogi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260716-wa0249.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात  ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नैनी स्थित महर्षि महेश योगी आश्रम परिसर में भगवान जगन्नाथ  की पावन रथ यात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ जी के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना क</div>
<div style="text-align:justify;">।रथ यात्रा में मुख्य पुजारी सतपति वीरांचि ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न कराई। कार्यक्रम में आश्रम प्रभारी सुनील श्रीवास्तव, बसंत दास, मीडिया प्रभारी संजय श्रीवास्तव, ऋषि त्रिवेदी, राम मंगल गुप्ता, सियाराम, जितेंद्र दास सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।पूरे कार्यक्रम के दौरान आश्रम परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ जी के जयघोष के साथ रथ यात्रा में सहभागिता निभाई और आयोजन के सफल संपन्न होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भगवान जगन्नाथ जी से सभी के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/183500/rath-yatra-of-lord-jagannath-concluded-at-maharishi-mahesh-yogi</link>
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                <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 20:13:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बच्चा गांव में कल होगा भव्य जलसा, देश के नामचीन उलेमा करेंगे शिरकत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>मंडरो, साहिबगंज, झारखंड:- </strong>   मंडरो प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बच्चा गांव में कल 20 जून को चार मुहर्रम के अवसर पर एक भव्य धार्मिक जलसा का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़े-बड़े औलामा-ए-कराम और इस्लामी विद्वान शिरकत करेंगे तथा दीन-ए-इस्लाम की शिक्षाओं पर रोशनी डालेंगे।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बच्चा गांव के इमाम शाहबाज कमर ने जानकारी देते हुए बताया कि यह जलसा चार मुहर्रम की बरकत और धार्मिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के पहुंचने की उम्मीद है और आयोजन की तैयारियां जोर-शोर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181523/a-grand-jalsa-will-be-held-in-bacha-village-tomorrow"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/news-7.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>मंडरो, साहिबगंज, झारखंड:- </strong>  मंडरो प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बच्चा गांव में कल 20 जून को चार मुहर्रम के अवसर पर एक भव्य धार्मिक जलसा का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़े-बड़े औलामा-ए-कराम और इस्लामी विद्वान शिरकत करेंगे तथा दीन-ए-इस्लाम की शिक्षाओं पर रोशनी डालेंगे।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बच्चा गांव के इमाम शाहबाज कमर ने जानकारी देते हुए बताया कि यह जलसा चार मुहर्रम की बरकत और धार्मिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के पहुंचने की उम्मीद है और आयोजन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जलसे में उलेमा-ए-कराम अपने बयान के माध्यम से इंसानियत, भाईचारा, अमन-शांति और इस्लामी तालीमात पर चर्चा करेंगे। आयोजन समिति ने क्षेत्र के लोगों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर जलसे को कामयाब बनाने की अपील की है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों में जलसे को लेकर उत्साह का माहौल है और दूर-दराज के इलाकों से भी लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। जलसा की तैयारी में सरदार शमशीर  अंसारी, मास्टर जावेद अंसारी,डॉक्टर रफ़ीक़ अंसारी, एकरामूल अंसारी, इस्लाम अंसारी, दिलदार अंसारी, जुहूरुद्दीन अंसारी, आसमोहम्मद अंसारी, अख्तर अंसारी, शाहबान अंसारी, एहसान अंसारी, महताब अंसारी, मुस्ताक अंसारी,आरिफ अंसारी, अब्दुल हलीम अंसारी, रेज़ाक़ अंसारी, खुर्शीद अंसारी,नसीम अंसारी, इस्माइल अंसारी, जब्बार अंसारी, जमशेद अंसारी, कलाम अंसारी, अब्दुल हाकिम अंसारी, इरसाद अंसारी, तारिक अनवर आदि की अहम भूमिका है।</div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL"><br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 20:59:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यज्ञ मंडप की परिक्रमा को श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश - </strong> कसारी रामगढ़ स्थित भिखारी बाबा आश्रम परिसर में वृहस्पतिवार को सातवें दिन विराट रुद्र महायज्ञ में यज्ञ मंडप की परिक्रमा को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान जयकारे से समूचा परिसर गुंजायमान हो गया। शिव मंदिर में दूध से रुद्राभिषेक पूजन भी कराया गया। वृंदावन से आई बाल कथा वाचिका धानी शास्त्री ने भागवत कथा का रसपान कराया। वहीं भजन संध्या में वाराणसी से आए राष्ट्रीय बाल कलाकार श्री राम कृष्ण, श्री राधा कृष्ण व श्री राधे कृष्ण ने एक से बढ़कर एक भजन, गीत व गजल सुनाया। वहीं वृंदावन से आए कलाकारों की रासलीला</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180990/crowd-of-devotees-gathered-to-circumambulate-the-yagya-mandap"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001716465.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश - </strong> कसारी रामगढ़ स्थित भिखारी बाबा आश्रम परिसर में वृहस्पतिवार को सातवें दिन विराट रुद्र महायज्ञ में यज्ञ मंडप की परिक्रमा को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान जयकारे से समूचा परिसर गुंजायमान हो गया। शिव मंदिर में दूध से रुद्राभिषेक पूजन भी कराया गया। वृंदावन से आई बाल कथा वाचिका धानी शास्त्री ने भागवत कथा का रसपान कराया। वहीं भजन संध्या में वाराणसी से आए राष्ट्रीय बाल कलाकार श्री राम कृष्ण, श्री राधा कृष्ण व श्री राधे कृष्ण ने एक से बढ़कर एक भजन, गीत व गजल सुनाया। वहीं वृंदावन से आए कलाकारों की रासलीला देखने को भारी संख्या में भीड़ उमड़ पड़ी। प्रकृति रक्षा के लिए 251 जड़ी बूटियों से निर्मित हवन सामग्री से आहुति दी गई। प्रतिदिन चलने वाले विशाल भंडारा में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के आयोजक भिक्षुक भिखारी जंगली दास दीनबंधु रमाशंकर गिरी जी महाराज ने बताया कि आचार्यगण गोपालधर द्विवेदी, राजेश कुमार पाठक, हरिओम द्विवेदी व अमरेश तिवारी द्वारा विराट रूद्र महायज्ञ एवं पूजन कार्य कराया जा रहा है। प्रतिदिन शिव मंदिर में दूध, गंगाजल से रुद्राभिषेक पूजन कराया जा रहा है। प्रकृति रक्षा के लिए 251 जड़ी बूटियों से निर्मित हवन सामग्री से आहुति दी जा रही है। प्रतिदिन चलने वाले विशाल भंडारा में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में मुख्य यजमान दिनेश, उषा देवी, रूपा गुप्ता, देवेंद्र कुमार, चिंता मौर्य, उर्मिला देवी, विमला देवी, शशि देवी, विजय सिंह, मनीष कुमार, कृति सागर, शुभराम महाराज, परमानंद, रमेश कुमार, प्रहलाद, रामखेलावन, किरन मोदवाल, मानवी, संगीता, मुन्ना बाबा, केवलानंद महाराज, आनंद ओझा, राकेश पाठक, कालो देवी, डॉक्टर विजय, हीरा सिंह, संजय अग्रवाल, चांदनी अग्रवाल, संगीता, राजेश आदि मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 17:56:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने किया चतुरंगिणी सेना का गठन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सोमवार को लखनऊ में किए गए ऐलान के संदर्भ में गौ हत्या, ब्राह्मणों पर अत्याचार और सनातन की रक्षा को लेकर चतुरंगिणी सेना का गठन कर दिया है. बताया कि यह सेना टोको, रोको और ठोको के सिद्धांत पर काम करेगी, जिसका उद्देश्य हिंदुओं और गाय पर होने वाले अत्याचार को रोकना है. फिलहाल इस सेना में 27 लोगों की नियुक्ति की गई है.</div>
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<div style="text-align:justify;">स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने काशी में बताया कि यह सेना सनातन और सनातनियों की अभिभावक के रूप में कार्य करेगी, जिसका मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज के भीतर से भय को नष्ट</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174010/shankaracharya-avimukteshwaranand-formed-chaturangini-sena"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/varanasi-2026-03-275fceeddd75886acde9fa45d1becf3c.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सोमवार को लखनऊ में किए गए ऐलान के संदर्भ में गौ हत्या, ब्राह्मणों पर अत्याचार और सनातन की रक्षा को लेकर चतुरंगिणी सेना का गठन कर दिया है. बताया कि यह सेना टोको, रोको और ठोको के सिद्धांत पर काम करेगी, जिसका उद्देश्य हिंदुओं और गाय पर होने वाले अत्याचार को रोकना है. फिलहाल इस सेना में 27 लोगों की नियुक्ति की गई है.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने काशी में बताया कि यह सेना सनातन और सनातनियों की अभिभावक के रूप में कार्य करेगी, जिसका मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज के भीतर से भय को नष्ट करना है, ताकि किसी भी सनातनी को अन्याय का सामना न करना पड़े. लोग समाज में बिना संकोच और बिना डर के अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि जब समाज को यह विश्वास होगा कि उसके पीछे एक सुगठित और शस्त्र-शास्त्र संपन्न सैन्य बल खड़ा है, तभी वह निर्भीक होकर धर्म पथ पर अडिग रह सकेगा.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शंकराचार्य ने बताया कि चतुरंगिणी सेना में 27 लोगों को आज शामिल किया गया है. यह सेना प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए 10 महीने में पूरी तरह से धरातल पर उतरकर वचनबद्ध तरीके से कार्य करेंगी. हिंदुओं के मन में इस समय भय उत्पन्न हो गया है. वह सच नहीं बोल पा रहे हैं, सच के साथ खड़े नहीं हो पा रहे हैं, उनकी मजबूरी हो गई है कि वे झूठ का समर्थन करें. उन्हें इस भय से मुक्ति दिलाने के लिए इस सेना का गठन किया जा रहा है.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि इसका सिद्धांत निर्बल का बल बनना है और उसके लिए तरीका टोको, रोको नहीं तो ठोको. टोको का मतलब है कि लोगों को गलत करने से टोकना पड़ेगा, यदि टोकने के बाद वह नहीं मानते हैं तो रोकना पड़ेगा और रोकने पर भी नहीं मानते हैं तो ठोको. उन्होंने बताया कि ठोको का मतलब सीधे उसपर प्रहार करना नहीं है, उसके ऊपर लिखित रूप से शिकायत करना, पंचायत करना जैसे जितने भी संविधान प्रदत्त अधिकार है, वह आरंभ कर दिए जाएंगे.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि इस सेना के पास फरसा होगा और यह फरसा परशुराम जी का शस्त्र है. उन्होंने बताया कि परशुराम तपस्या करते थे, लेकिन उनके आश्रम में गाय थी और सहस्त्रर्जुन नामक राजा गायों को सताने लगा और गायों के दुख को दूर करने के लिए ऋषि पुत्र होकर भी भगवान परशुराम ने फरसे का इस्तेमाल किया, उसी का प्रतीक हमने इसे चुना है.</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 20:59:23 +0530</pubDate>
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