<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/61965/national-news" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>राष्ट्रीय समाचार - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/61965/rss</link>
                <description>राष्ट्रीय समाचार RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>विकसित युवा से विकसित भारत' का संकल्प, लखनऊ में चौथे राष्ट्रीय चिंतन शिविर का समापन</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><br />युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के युवा कार्यक्रम विभाग द्वारा आयोजित "विकसित युवा बनाएगा विकसित भारत (Viksit Yuva for Viksit Bharat)" विषयक चौथा एवं अंतिम क्षेत्रीय चिंतन शिविर शनिवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में संपन्न हुआ। इसके साथ ही देशभर में आयोजित क्षेत्रीय विचार-विमर्श श्रृंखला का समापन हुआ, जिसमें युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करने की रणनीतियों पर व्यापक चर्चा की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">समापन सत्र को संबोधित करते हुए युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री <strong>रक्षा निखिल खडसे</strong> ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183755/resolve-for-developed-india-from-developed-youth-fourth-national-thinking"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-19-at-18.46.15.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><br />युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के युवा कार्यक्रम विभाग द्वारा आयोजित "विकसित युवा बनाएगा विकसित भारत (Viksit Yuva for Viksit Bharat)" विषयक चौथा एवं अंतिम क्षेत्रीय चिंतन शिविर शनिवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में संपन्न हुआ। इसके साथ ही देशभर में आयोजित क्षेत्रीय विचार-विमर्श श्रृंखला का समापन हुआ, जिसमें युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करने की रणनीतियों पर व्यापक चर्चा की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">समापन सत्र को संबोधित करते हुए युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री <strong>रक्षा निखिल खडसे</strong> ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने में युवा अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों से जमीनी स्तर पर युवाओं को प्रेरित करने और उन्हें देश के विकास में सहभागी बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि <strong>MY Bharat</strong>, <strong>Experiential Learning Programme (ELP)</strong>, <strong>Prime Minister Internship Scheme (PMIS)</strong> तथा <strong>Fit India</strong> जैसी योजनाओं पर प्रस्तुत विचार अधिकारियों की प्रतिबद्धता और स्थानीय चुनौतियों की गहरी समझ को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल अपने करियर तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि देश के भविष्य के निर्माण में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">युवा कार्यक्रम विभाग के संयुक्त सचिव <strong>शिव रतन</strong> ने कहा कि विभिन्न मंत्रालयों की MY Bharat के साथ बढ़ती साझेदारी इस मंच की उपयोगिता और प्रभाव को प्रमाणित करती है। उन्होंने अधिकारियों से राज्य सरकारों, शैक्षणिक संस्थानों और स्थानीय हितधारकों के साथ समन्वय बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक राज्य की चुनौतियां अलग हैं और उनके समाधान भी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप होने चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/whatsapp-image-2026-07-19-at-18.46.15.jpeg" alt="केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे ने युवा अधिकारियों से राष्ट्र निर्माण में उत्प्रेरक की भूमिका निभाने का किया आह्वान, उत्तर प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य का सम्मान" width="1512" height="1006"></img></p>
<p style="text-align:justify;">MY Bharat की मुख्य कार्यकारी अधिकारी <strong>डॉ. प्रियंका शुक्ला</strong> ने अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि MY Bharat युवाओं को स्वयंसेवा, नेतृत्व और सामुदायिक सहभागिता के सार्थक अवसर प्रदान करने का एक प्रभावी मंच बन चुका है। उन्होंने विभिन्न राज्यों की सफल कार्यप्रणालियों का दस्तावेजीकरण और व्यापक स्तर पर उनके विस्तार पर भी जोर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">चिंतन शिविर के दूसरे दिन प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS) और फिट इंडिया पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इसके अलावा विभिन्न कार्य समूहों ने नशा मुक्त भारत अभियान, फिट इंडिया, जेंडर सेंसिटाइजेशन, युवा नेतृत्व एवं स्वयंसेवा, एक्सपीरिएंशियल लर्निंग प्रोग्राम, सामुदायिक जनसहभागिता तथा MY Bharat एवं MY Bharat NSS के संस्थागत सुदृढ़ीकरण जैसे विषयों पर अपनी कार्ययोजनाएं और अनुशंसाएं प्रस्तुत कीं।</p>
<p style="text-align:justify;">दो दिवसीय चिंतन शिविर में इस बात पर सहमति बनी कि MY Bharat को युवाओं के नेतृत्व वाले राष्ट्र निर्माण के सशक्त मंच के रूप में और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए जमीनी स्तर पर व्यापक पहुंच, संस्थागत समन्वय, तकनीक आधारित कार्यक्रम क्रियान्वयन, स्थानीय भागीदारी तथा अधिकारियों की क्षमता वृद्धि पर विशेष बल दिया गया। साथ ही राज्य-विशिष्ट रणनीतियों, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान और मंत्रालय एवं क्षेत्रीय अधिकारियों के बीच सतत संवाद को भी आवश्यक बताया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">समापन समारोह में <strong>उत्तर प्रदेश</strong> को MY Bharat पंजीकरण की सर्वाधिक संख्या के आधार पर <strong>सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य</strong> के रूप में सम्मानित किया गया। वहीं <strong>दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव</strong> को अपनी युवा आबादी के अनुपात में सर्वाधिक पंजीकरण प्रतिशत हासिल करने के लिए सम्मानित किया गया। मंत्रालय ने विश्वास व्यक्त किया कि चिंतन शिविर से प्राप्त सुझाव भविष्य में कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन का मार्गदर्शन करेंगे और विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/183755/resolve-for-developed-india-from-developed-youth-fourth-national-thinking</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/183755/resolve-for-developed-india-from-developed-youth-fourth-national-thinking</guid>
                <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 19:42:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/whatsapp-image-2026-07-19-at-18.46.15.jpeg"                         length="186207"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा ने 20वें सांख्यिकी दिवस समारोह को किया संबोधित</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली, संवाददाता।</strong></p><p style="text-align:justify;"> प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा ने सोमवार को आयोजित 20वें सांख्यिकी दिवस-2026 समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए कहा कि भारत का भविष्य डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत @2047' के विजन को साकार करने के लिए विश्वसनीय, पारदर्शी और वैज्ञानिक आंकड़ों पर आधारित शासन व्यवस्था आवश्यक है।</p><p style="text-align:justify;">डॉ. मिश्रा ने प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भारतीय सांख्यिकीय प्रणाली के विकास में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उन्होंने सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182319/principal-secretary-to-the-prime-minister-dr-pk-mishra-addressed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-29-at-21.04.24.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली, संवाददाता।</strong></p><p style="text-align:justify;"> प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा ने सोमवार को आयोजित 20वें सांख्यिकी दिवस-2026 समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए कहा कि भारत का भविष्य डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत @2047' के विजन को साकार करने के लिए विश्वसनीय, पारदर्शी और वैज्ञानिक आंकड़ों पर आधारित शासन व्यवस्था आवश्यक है।</p><p style="text-align:justify;">डॉ. मिश्रा ने प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भारतीय सांख्यिकीय प्रणाली के विकास में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उन्होंने सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी विजन दस्तावेज 2026-31, सतत विकास लक्ष्यों की प्रगति रिपोर्ट तथा श्रम बाजार और अनौपचारिक उद्यमों से जुड़े प्रथम शहर स्तरीय अनुमानों के प्रकाशन की सराहना की। साथ ही प्रोफेसर अरूप बोस को सुखात्मे राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर बधाई भी दी।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>जीडीपी, सीपीआई और आईआईपी के नए आधार वर्ष पर कार्य</strong></h3><p style="text-align:justify;">डॉ. मिश्रा ने कहा कि भारत की बदलती अर्थव्यवस्था को अधिक सटीक रूप से दर्शाने के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP), उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) तथा औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) सहित प्रमुख व्यापक आर्थिक संकेतकों को नए आधार वर्ष के साथ अद्यतन किया जा रहा है। इससे नीति निर्माण और आर्थिक विश्लेषण अधिक प्रभावी होगा।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>प्रशासनिक आंकड़े बनेंगे राष्ट्रीय संपदा</strong></h3><p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि देश में तेजी से हुए डिजिटल परिवर्तन के कारण प्रशासनिक आंकड़ों का विशाल भंडार तैयार हुआ है, जिसे रणनीतिक राष्ट्रीय संपदा के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इन आंकड़ों का उपयोग बेहतर योजनाएं बनाने, लक्षित सेवा वितरण सुनिश्चित करने तथा समयबद्ध निर्णय लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।</p><p style="text-align:justify;">डॉ. मिश्रा ने केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वित एवं परस्पर संगत डेटा इकोसिस्टम विकसित करने पर बल देते हुए कहा कि डेटा साझाकरण के दौरान गोपनीयता, सुरक्षा और निजता के उच्चतम मानकों का पालन अनिवार्य होना चाहिए।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>सांख्यिकीय प्रणाली में व्यापक सुधार</strong></h3><p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 से सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने व्यापक सुधार अभियान चलाया है। विशेषज्ञों की सिफारिशों के आधार पर 216 सुधारों को स्वीकार कर समयबद्ध ढंग से लागू किया जा रहा है। इसके तहत नए सर्वेक्षण, कंप्यूटर आधारित व्यक्तिगत साक्षात्कार (CAPI), जिला स्तरीय अनुमान, उच्च आवृत्ति वाले सर्वेक्षण और आंकड़ों के शीघ्र प्रकाशन जैसी कई महत्वपूर्ण पहलें की गई हैं।</p><p style="text-align:justify;">साथ ही राष्ट्रीय मेटाडेटा संरचना 2.0, ओपन एपीआई, ई-सांख्यिकी, जीओआईस्टेट्स, पैमाना तथा ई-साक्षी जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए जा रहे हैं, जो डेटा की उपलब्धता, पारस्परिक संगतता और रियल टाइम गवर्नेंस को मजबूत करेंगे।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>एआई के उपयोग में जिम्मेदार शासन जरूरी</strong></h3><p style="text-align:justify;">डॉ. मिश्रा ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) सांख्यिकीय विश्लेषण और नीति निर्माण में नई संभावनाएं लेकर आई है, लेकिन इसके उपयोग के लिए मजबूत संस्थागत ढांचा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता, पारदर्शिता, जवाबदेही और डेटा की स्वतंत्रता बनाए रखते हुए ही एआई का प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>विश्वसनीय आंकड़ों पर आधारित होगा विकसित भारत</strong></h3><p style="text-align:justify;">अपने संबोधन के समापन में डॉ. पी.के. मिश्रा ने कहा कि विकसित भारत की यात्रा विश्वसनीय आंकड़ों के आधार पर ही संभव है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक की सही गणना और किसी को भी पीछे न छोड़ने का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब सांख्यिकीय प्रणाली गुणवत्ता, गोपनीयता, पारदर्शिता और स्वतंत्रता के उच्च मानकों पर आधारित होगी। उन्होंने कहा कि सुशासन का भविष्य साक्ष्य आधारित निर्णय प्रक्रिया में निहित है और भारत इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182319/principal-secretary-to-the-prime-minister-dr-pk-mishra-addressed</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182319/principal-secretary-to-the-prime-minister-dr-pk-mishra-addressed</guid>
                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 22:02:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-29-at-21.04.24.jpeg"                         length="148296"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साइबर ठगी के संगठित गिरोह का भंडाफोड़, पांच आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>नई दिल्ली।</strong> दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस के थाना सरिता विहार की टीम ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान "साइ-हॉक 5.0" के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कमीशन के आधार पर साइबर ठगी की रकम निकालने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 9 लाख रुपये की संदिग्ध साइबर ठगी की रकम की निकासी को रोकने में सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई की शुरुआत आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, जसोला के शाखा प्रबंधक से प्राप्त सूचना के आधार पर की गई। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी साइबर</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181429/organized-gang-of-cyber-fraud-busted-five-accused-arrested"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260617-wa0005.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>नई दिल्ली।</strong> दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस के थाना सरिता विहार की टीम ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान "साइ-हॉक 5.0" के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कमीशन के आधार पर साइबर ठगी की रकम निकालने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 9 लाख रुपये की संदिग्ध साइबर ठगी की रकम की निकासी को रोकने में सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई की शुरुआत आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, जसोला के शाखा प्रबंधक से प्राप्त सूचना के आधार पर की गई। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से निकालने का काम कर रहे थे। इस संबंध में थाना सरिता विहार में एफआईआर संख्या 297/2026 दर्ज की गई है। मामले में भारतीय न्याय संहिता बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है जांच में इस गिरोह के तार मुंबई में दर्ज एक बड़े साइबर ठगी मामले से जुड़े पाए गए हैं। मुंबई के एक निजी कंपनी के साथ कथित सीईओ/व्हाट्सएप प्रतिरूपण (इम्पर्सनेशन) धोखाधड़ी के जरिए करीब 10.40 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। यह रकम 3 जून से 15 जून 2026 के बीच 63 अलग-अलग लेनदेन के माध्यम से निकाली गई थी। इस मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच के दक्षिण साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज प्रकरण के तहत की जा रही है। पुलिस का मानना है कि पूरे वित्तीय नेटवर्क में संदिग्ध लेनदेन की राशि 10 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास 22 वंश 2 फैयाज आलम 22 अमित 28 और बलवीर कुमार 23 के रूप में हुई है। सभी आरोपी दिल्ली के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह के कुछ अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस कार्रवाई को थाना सरिता विहार के प्रभारी निरीक्षक युधवीर सिंह, उपनिरीक्षक वैभव सिंह, उपनिरीक्षक सतीश भाटी, बीसी नितेश, कांस्टेबल ओम प्रकाश और मनीष की टीम ने अंजाम दिया। अभियान का पर्यवेक्षण एसीपी अनिल शर्मा ने किया, जबकि पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त-द्वितीय जसबीर सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181429/organized-gang-of-cyber-fraud-busted-five-accused-arrested</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181429/organized-gang-of-cyber-fraud-busted-five-accused-arrested</guid>
                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 21:06:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260617-wa0005.jpg"                         length="207665"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मौत की फैक्ट्री ने खोली व्यवस्था की पोल,सबूतों के बाद भी यदि जिम्मेदार बच जाएं तो न्याय अधूरा रहेगा</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;">जयपुर के खोह नागोरियान क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट और आगजनी की घटना केवल एक हादसा नहीं है, बल्कि यह हमारे प्रशासनिक तंत्र, निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही की वास्तविक तस्वीर को सामने लाने वाली त्रासदी है। आठ लोगों की दर्दनाक मौत, जिनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल था, केवल आंकड़ा नहीं है बल्कि उन परिवारों की जिंदगी का वह अंधेरा अध्याय है जिसे वे कभी भुला नहीं पाएंगे। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर ऐसी अवैध गतिविधियां वर्षों तक प्रशासन और पुलिस की नजरों से कैसे बची रहती</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180920/the-death-factory-has-opened-the-systems-polls-even-after"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/feec3084-87ae-405c-9cf7-318a98f01ecb.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;">जयपुर के खोह नागोरियान क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट और आगजनी की घटना केवल एक हादसा नहीं है, बल्कि यह हमारे प्रशासनिक तंत्र, निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही की वास्तविक तस्वीर को सामने लाने वाली त्रासदी है। आठ लोगों की दर्दनाक मौत, जिनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल था, केवल आंकड़ा नहीं है बल्कि उन परिवारों की जिंदगी का वह अंधेरा अध्याय है जिसे वे कभी भुला नहीं पाएंगे। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर ऐसी अवैध गतिविधियां वर्षों तक प्रशासन और पुलिस की नजरों से कैसे बची रहती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिस मकान में यह फैक्ट्री संचालित हो रही थी, वह रिहायशी इलाके के बीचोंबीच स्थित था। वहां करीब डेढ़ सौ मकानों में छह सौ से अधिक लोग रहते हैं। ऐसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में लगभग पचास किलो बारूद का भंडारण और पटाखों का निर्माण किसी भी समय बड़े हादसे को निमंत्रण देने जैसा था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि फैक्ट्री के पास कोई वैध लाइसेंस नहीं था। मकान किराए पर दिया गया था, लेकिन न तो पुलिस सत्यापन कराया गया और न ही विधिवत किरायानामा तैयार किया गया। यह स्थिति बताती है कि नियम केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">घटना के बाद सामने आए तथ्यों ने व्यवस्था की कई परतों को उजागर किया है। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री पिछले कई वर्षों से संचालित थी और स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी थी। यदि आसपास रहने वाले लोग जानते थे कि यहां पटाखों का काम होता है तो फिर पुलिस, प्रशासन और अन्य जिम्मेदार विभागों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी। थाना क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखना स्थानीय पुलिस की जिम्मेदारी होती है। बीट कांस्टेबल से लेकर थाना प्रभारी तक की जवाबदेही तय होती है। ऐसे में यह मान लेना कठिन है कि किसी को इसकी जानकारी नहीं थी।</div>
<div style="text-align:justify;">इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि हादसे के समय वहां काम करने वाले मजदूर बेहद असुरक्षित परिस्थितियों में कार्य कर रहे थे। बारूद के बीच मजदूरों से काम लिया जा रहा था। वहीं खाना भी बनाया जाता था और घरेलू गैस सिलेंडर भी रखा हुआ था। सुरक्षा मानकों की ऐसी घोर अनदेखी किसी भी क्षण विनाश का कारण बन सकती थी। जब आग लगी तो मजदूर जान बचाने के लिए बाहर भागे। कई लोग बुरी तरह झुलस गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उनके कपड़ों के साथ चमड़ी तक निकल गई थी। यह दृश्य किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को झकझोर देने वाला है।</div>
<div style="text-align:justify;">घटना के बाद राहत और बचाव कार्यों को लेकर भी कई सवाल उठे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शुरुआती समय में आग इतनी भयावह थी कि घटनास्थल के निकट पहुंचना मुश्किल था। स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर घायलों को बाहर निकाला। यदि स्थानीय नागरिक साहस नहीं दिखाते तो मृतकों की संख्या और अधिक हो सकती थी। यह तथ्य भी चिंताजनक है कि इतने बड़े हादसे के बावजूद घटनास्थल पर तत्काल और व्यवस्थित आपदा प्रबंधन व्यवस्था दिखाई नहीं दी। ऐसी घटनाओं में शुरुआती कुछ मिनट सबसे महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन अक्सर हमारी व्यवस्थाएं इन्हीं क्षणों में कमजोर पड़ जाती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">यह पहला अवसर नहीं है जब अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ हो। देश के विभिन्न हिस्सों में हर वर्ष ऐसे हादसे होते हैं और दर्जनों लोग जान गंवाते हैं। कुछ महीने पहले खैरथल-तिजारा क्षेत्र में भी इसी प्रकार का हादसा हुआ था। उसके बाद हजारों फैक्ट्रियों की जांच की गई और बड़ी संख्या में नोटिस जारी किए गए। लेकिन सवाल यह है कि नोटिस देने के बाद क्या हुआ। यदि कार्रवाई प्रभावी होती तो शायद जयपुर की यह घटना टाली जा सकती थी। केवल नोटिस जारी कर देना प्रशासनिक सफलता नहीं कहलाता। वास्तविक सफलता तब मानी जाएगी जब नियमों का पालन सुनिश्चित हो और अवैध इकाइयों को समय रहते बंद कराया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;">इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण विषय जवाबदेही का है। अक्सर बड़े हादसों के बाद जांच समितियां गठित कर दी जाती हैं, रिपोर्ट मांगी जाती है और कुछ समय बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। मृतकों के परिजनों को मुआवजा देकर सरकार अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेती है। लेकिन मुआवजा कभी किसी की जिंदगी वापस नहीं ला सकता। न्याय तभी होगा जब उन सभी लोगों की जिम्मेदारी तय होगी जिनकी लापरवाही या मिलीभगत के कारण यह अवैध कारोबार फलता-फूलता रहा। फैक्ट्री संचालक, मकान मालिक, निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारी और नियमों के पालन की जांच करने वाले विभाग सभी की भूमिका की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।</div>
<div style="text-align:justify;">समाज के सामने भी आत्ममंथन का अवसर है। कई बार लोग अपने आसपास चल रही अवैध गतिविधियों को देखकर भी चुप रहते हैं। भय, उदासीनता या व्यक्तिगत स्वार्थ के कारण शिकायत नहीं करते। परिणाम यह होता है कि एक दिन वही गतिविधि किसी बड़े हादसे का रूप ले लेती है। नागरिक सतर्कता और प्रशासनिक जवाबदेही दोनों मिलकर ही ऐसी घटनाओं को रोक सकते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">आज जरूरत केवल शोक व्यक्त करने की नहीं है बल्कि कठोर और निर्णायक कार्रवाई की है। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके लिए सबसे बड़ी सांत्वना यही होगी कि दोषियों को सजा मिले और भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी पीड़ा न झेलनी पड़े। यदि इस घटना के स्पष्ट सबूतों और तथ्यों के बावजूद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती, तो यह व्यवस्था पर लोगों के भरोसे को और कमजोर करेगा।</div>
<div style="text-align:justify;">खोह नागोरियान की यह त्रासदी हमें याद दिलाती है कि प्रशासनिक लापरवाही, नियमों की अनदेखी और जवाबदेही के अभाव का परिणाम कितना भयावह हो सकता है। आठ लोगों की मौत केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता का प्रमाण है। अब देखना यह है कि जांच और कार्रवाई का वादा केवल औपचारिकता बनकर रह जाता है या फिर वास्तव में दोषियों को सजा देकर यह संदेश दिया जाता है कि लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों के लिए कानून में कोई जगह नहीं है। पीड़ित परिवारों को वास्तविक राहत तभी मिलेगी जब न्याय केवल कागजों पर नहीं बल्कि धरातल पर दिखाई देगा।</div>
<div style="text-align:justify;">   </div>
<div style="text-align:justify;">    <strong> *कांतिलाल मांडोत*</strong></div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="WhmR8e"></div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/180920/the-death-factory-has-opened-the-systems-polls-even-after</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/180920/the-death-factory-has-opened-the-systems-polls-even-after</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 15:48:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/feec3084-87ae-405c-9cf7-318a98f01ecb.jpg"                         length="161256"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नीट यूजी 2026 की री-एग्जाम 21 जून को होगी</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली: </strong>नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एन टी ए) ने नीट यूजी 2026 परीक्षा को पेपर लीक मामले के चलते रद्द करने के बाद अब दोबारा आयोजित करने का फैसला लिया है। री-नीट परीक्षा 21 जून 2026 (रविवार) को पूरे देश में एक साथ आयोजित की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;">सरकार की मंजूरी मिलने के बाद एन टी ए ने यह घोषणा की है। परीक्षा में इस बार सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और मजबूत निगरानी व्यवस्था रहेगी। </div>
<div style="text-align:justify;">सीबीआई की जांच में पेपर लीक गिरोह का खुलासा हो चुका है और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179339/neet-ug-2026-re-exam-will-be-held-on-june-21"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/education1.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली: </strong>नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एन टी ए) ने नीट यूजी 2026 परीक्षा को पेपर लीक मामले के चलते रद्द करने के बाद अब दोबारा आयोजित करने का फैसला लिया है। री-नीट परीक्षा 21 जून 2026 (रविवार) को पूरे देश में एक साथ आयोजित की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;">सरकार की मंजूरी मिलने के बाद एन टी ए ने यह घोषणा की है। परीक्षा में इस बार सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और मजबूत निगरानी व्यवस्था रहेगी। </div>
<div style="text-align:justify;">सीबीआई की जांच में पेपर लीक गिरोह का खुलासा हो चुका है और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस घोटाले ने पूरे देश में छात्रों और अभिभावकों में आक्रोश पैदा कर दिया था।</div>
<div style="text-align:justify;">एन टी ए के अनुसार, री-एग्जाम के बाद रिजल्ट भी जल्द घोषित किया जाएगा ताकि मेडिकल काउंसलिंग प्रक्रिया प्रभावित न हो। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे एन टी ए की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से अपडेट चेक करें। एडमिट कार्ड जल्द जारी किए जाएंगे।</div>
<div style="text-align:justify;">यह फैसला मेडिकल शिक्षा की समयबद्ध प्रक्रिया को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="WhmR8e"></div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/179339/neet-ug-2026-re-exam-will-be-held-on-june-21</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/179339/neet-ug-2026-re-exam-will-be-held-on-june-21</guid>
                <pubDate>Sat, 16 May 2026 18:00:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/education1.jpg"                         length="144830"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुरुग्राम में चार वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong> ब्यूरो प्रयागराज।</strong> हरियाणा में चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। शीर्ष अदालत ने सीबीआई- स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की जांच कराए जाने की मांग वाली याचिका पर हरियाणा सरकार और राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त (सीपी) और मामले की जांच कर रहे अधिकारी (आईओ) को मामले के सभी रिकॉर्ड के साथ 25 मार्च को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने बच्ची से दुष्कर्म के मामले में हरियाणा पुलिस की जांच से</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174007/supreme-court-strict-in-case-of-rape-of-four-year"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/supream-court3.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong> ब्यूरो प्रयागराज।</strong> हरियाणा में चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। शीर्ष अदालत ने सीबीआई- स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की जांच कराए जाने की मांग वाली याचिका पर हरियाणा सरकार और राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त (सीपी) और मामले की जांच कर रहे अधिकारी (आईओ) को मामले के सभी रिकॉर्ड के साथ 25 मार्च को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने बच्ची से दुष्कर्म के मामले में हरियाणा पुलिस की जांच से भी नाराजगी जाहिर की और इस पर हैरानी जताई। हरियाणा के एडवोकेट जनरल को राज्य में कार्यरत महिला आईपीएस अधिकारियों के नाम सुझाने का भी निर्देश दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि बच्ची के माता-पिता द्वारा दायर हलफनामे से पता चलता है कि पीड़ित से न्यायालय में जिस तरह से पूछताछ की गई, वह भी बेहद परेशान करने वाली है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने बच्ची के माता-पिता द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए ये निर्देश दिए। याचिका में सीबीआई से जांच की मांग की गई है और हरियाणा पुलिस की जांच पर सवाल उठाए। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पीड़िता के माता-पिता की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने अदालत को बताया कि मामले की जांच कर रहे अधिकारियों द्वारा पीड़िता माता-पिता को एफआईआर वापस लेने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने ये भी कहा कि जब मजिस्ट्रेट ने बच्ची के बयान दर्ज किए तो उस वक्त आरोपी भी अदालत के वेटिंग रूम में मौजूद थे, जबकि कानून आरोपी को पीड़िता के इतने करीब आने की इजाजत नहीं देता। </div><div style="text-align:justify;">    </div><div style="text-align:justify;">मजिस्ट्रेट ने 3 साल की रेप पीड़‍िता बच्‍ची से कहा- 'सच बोलो', सुप्रीम कोर्ट नाराज सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम में तीन साल की बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म मामले की जांच को लेकर हरियाणा पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराज़गी जताई है. अदालत ने जांच के तरीके को ‘बेहद चौंकाने वाला’ और ‘असंवेदनशील’ करार देते हुए कई गंभीर सवाल उठाए हैं. </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">सोमवार हुई सुनवाई में कोर्ट ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि पीड़िता का बयान न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने आरोपियों के बेहद करीब बैठाकर दर्ज किया गया. अदालत ने इसे प्रक्रिया के खिलाफ बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और कानूनी प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य है.यह मामला चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जॉयमाला बागजी और विपुल पंचोली की पीठ के सामने सुनवाई के लिए आया. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त और जांच अधिकारी को 25 मार्च को पर्सनली पेश होने का निर्देश दिया है </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> का जांच अधिकारी (IO) पहले भी पॉक्सो (POCSO) केस में रिश्वत लेने के आरोप में सस्पेंड हो चुका है और इस केस में भी परिवार को मामला आगे न बढ़ाने की सलाह दी गई. उन्होंने कोर्ट से मांग की कि गुरुग्राम पुलिस को जांच से हटाकर मामला या तो CBI को सौंपा जाए या विशेष जांच दल (SIT) गठित किया जाए.</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस पर कोर्ट ने भी सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि ‘चार साल की बच्ची के साथ इस तरह की असंवेदनशीलता बेहद चौंकाने वाली है.’ अदालत ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में शिकायत का इंतजार किए बिना भी एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए थी.</div><div style="text-align:justify;">राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि शुरुआत में महिला अधिकारी जांच कर रही थी, लेकिन उसके निलंबन के बाद एसएचओ ने जांच संभाली. हालांकि कोर्ट ने जांच प्रक्रिया में हुई खामियों पर असंतोष जताते हुए मामले में विस्तृत हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए हैं.</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/174007/supreme-court-strict-in-case-of-rape-of-four-year</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/174007/supreme-court-strict-in-case-of-rape-of-four-year</guid>
                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 20:55:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/supream-court3.jpg"                         length="133092"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        