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                <title>Afghanistan - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Afghanistan RSS Feed</description>
                
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                <title>भारतीय नवसंवत्सर : युगधर्म का उद्घोष बने</title>
                                    <description><![CDATA[<div>भारत में चैत्र मास की शुक्ल  प्रतिपदा तिथि (युगादि तिथि) से हिंदू नव वर्ष की अर्थात विक्रम संवत की शुरुआत होती है। इस वर्ष यह पावन दिन(सवंत 2082 का प्रथम दिवस) भारत में सरकारी कामकाज के लिए स्वीकृत ग्रेग्ररियन कैलेंडर  जिसे हम अंग्रेज़ी/ईसाई कैलेंडर भी कहते हैं के अनुसार 30 मार्च,2025 को आ रहा है। शासन स्तर पर अंग्रेजी कैलेंडर के प्रचलन में होने के बाबजूद भारत अपनी धार्मिक, सामाजिक तथा अन्य सांस्कृतिक परंपराओं के निर्वहन के लिए भारतीय कैलेंडर को सदियों से महत्व देता रहा है।</div>
<div>  </div>
<div>भारत की ही तरह कुछ और देश भी है जो पूरी तरह ग्रेग्रेरियन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150506/indian-navasvatsar-became-the-announcement-of-yugadharma"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/hindi-divas53.jpg" alt=""></a><br /><div>भारत में चैत्र मास की शुक्ल  प्रतिपदा तिथि (युगादि तिथि) से हिंदू नव वर्ष की अर्थात विक्रम संवत की शुरुआत होती है। इस वर्ष यह पावन दिन(सवंत 2082 का प्रथम दिवस) भारत में सरकारी कामकाज के लिए स्वीकृत ग्रेग्ररियन कैलेंडर  जिसे हम अंग्रेज़ी/ईसाई कैलेंडर भी कहते हैं के अनुसार 30 मार्च,2025 को आ रहा है। शासन स्तर पर अंग्रेजी कैलेंडर के प्रचलन में होने के बाबजूद भारत अपनी धार्मिक, सामाजिक तथा अन्य सांस्कृतिक परंपराओं के निर्वहन के लिए भारतीय कैलेंडर को सदियों से महत्व देता रहा है।</div>
<div> </div>
<div>भारत की ही तरह कुछ और देश भी है जो पूरी तरह ग्रेग्रेरियन कैलेंडर को नहीं मानते हैं तथा धार्मिक आदि कारणों से अपने देश के कैलेंडर को भी महत्व देते हैं जैसे ईरान, अफगानिस्तान (हिजरी कैलेंडर), इथियोपिया (इथियोपियन कैलेंडर), नेपाल (विक्रम संवत),सऊदी अरब (इस्लामिक हिजरी कैलेंडर), चीन (चीनी चंद्र कैलेंडर), भारत (विक्रम संवत), इजरायल (हिब्रू कैलेंडर) आदि।</div>
<div> </div>
<div>हिन्दूओं द्वारा नव संवत्सर के प्रथम दिवस को नव वर्ष की शुरुआत के रूप में मान्यता देने के पीछे कई  ठोस सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, वैज्ञानिक तथा अध्यात्मिक कारण है।ऐसी मान्यता है कि इस तिथि पर ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना आरंभ की थी(ब्रह्मपुराण) तथा कालगणना (समय-गणना) प्रारंभ की थी। इसी तिथि पर मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम तथा धर्मराज युधिष्ठिर का राज्याभिषेक हुआ था ,इसी तिथि से सतयुग आरंभ हुआ था, इसी तिथि से चैत्र नवरात्र(देवी अराधना का पर्व) आरंभ होती है तथा इसी दिन 1875 को जागरूकता और पुनर्जागरण के प्रतीक आर्य समाज की स्थापना हुई।</div>
<div> </div>
<div>भारतीयों के लिए नवसंवत्सर इस लिए भी अत्यधिक महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि इसकी शुरुआत न्याय के प्रतीक महाराजा विक्रमादित्य ने की थी जो  वैदिक ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है तथा प्राकृतिक चक्रों के अनुरूप है।वैज्ञानिक और खगोलीय दृष्टिकोण से नव संवत्सर के प्रथम दिवस पर  सूर्य  संक्रांति काल में होता है, चंद्रमा शुक्ल पक्ष में होता है तथा वसंत विषुव के निकट होती है अथार्त सूर्य और चंद्रमा दोनों उच्च ऊर्जा में होते हैं। प्रकृति  नया चक्र शुरू कर रही होती है मसलन पेड़-पौधे नई कोंपलों को जन्म दे रहे होते हैं, फसलें पक चुकी होती हैं या पकने की स्थिति में होती हैं, और मौसम का मिजाज बदल रहा होता है।</div>
<div> </div>
<div>यह तिथि इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि यह लगभग संपूर्ण भारत  में भारतीय नववर्ष के प्रथम दिवस के रूप में स्वीकार है, और अधिकांश भारतीय भी उसी रूप में इसका पूरे हर्ष और उल्लास से स्वागत करते हैं जैसे महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश आदि  गुड़ी पड़वा के रूप में,आंध्र प्रदेश और कर्नाटक  उगादि के रूप में तथा राजस्थान  थापना के रूप में। वहीं सिंधी समाज इस तिथि को चेती चाँद  के  रूप में तथा कश्मीरी पंडितों द्वारा इस तिथि को नवरेह के रूप में मनाया जाता है।</div>
<div> </div>
<div>एक विचार आता  है कि अंग्रेजी कैलेंडर तथा इसकी 1 जनवरी को नववर्ष के प्रथम दिवस के रूप में वैश्विक मान्यता प्राप्त है। भारत में भी अंग्रजों के शासनकाल से ही इस कलैंडर को सरकारी व निजी संस्थानों द्वारा व्यवहार में लाया जा रहा है, तथा इसकी एक जनवरी को नए साल की शुरुआती दिन के रूप में स्वीकारा जाता है। यह धर्म, जाति, भाषा या क्षेत्रीय भेदभाव से परे भी दिखाई देता है।जनता के मन में भी इसी कैलेंडर की तिथियां और माह रच-बस गए हैं, तथा अधिकांश जनता मन से या बेमन से या फिर मजबूरी बस जन्म,मरण, शादी की तिथि, नोकरी में आने की तिथि, नोकरी से सेवा निवृत्त होने की तिथि,पदोन्नति की तिथि, न्यायालय में केस दर्ज करने तथा केस मुक्त होने की तिथि,गृह प्रवेश तिथि, बेटा-बेटी के जन्म तथा विवाह की तिथि, स्कूल आदि में प्रवेश की तिथि आदि सभी महत्वपूर्ण कार्यों की तिथियों को याद रखने के लिए अंग्रेजी कैलेंडर पर निर्भर है तो फिर हिन्दू कैलेंडर (विक्रम संवत्सर) की चर्चा करना, उसके माह और तिथियों को स्मरण करना तथा उसके प्रथम दिवस को अंग्रेजी कलैंडर के नववर्ष के प्रथम दिन की तुलना में अधिक महत्व देने का क्या औचित्य है? </div>
<div> </div>
<div>मेरा ऐसा मानना है कि हम भारतीयों को  खुले मन से यह विचार करना होगा कि क्या अंग्रेजी नव वर्ष (1 जनवरी) पूरी तरह से पश्चिमी अवधारणा का प्रतीक नहीं है?, क्या यह हम भारतीयों को अपनी संस्कृति से दूर नहीं करता? क्या ऐसा करने से भारतीय परंपराएं और संस्कृति धीरे-धीरे कमज़ोर नहीं होती? क्या इसका कोई धार्मिक, प्राकृतिक, आध्यात्मिक आधार है? क्या इसके मनाने के तौर-तरीकों  समाज में कृत्रिमता,अनैतिक गतिविधियाँ, उपभोक्तावाद को बढ़ावा नहीं देते?वहीं हमें इन प्रश्नों के उत्तर भी निष्पक्ष रूप से अपने आप से पूछना होगा कि क्या हमें  प्रकृति, धर्म, संस्कृति, और परंपराओं से जुड़े तथा हिन्दू (हिन्दुस्तान) कैलेंडर को महत्व देते हुए नववर्ष के प्रथम दिवस ‘गुड़ी पड़वा’को हर्ष और उल्लास से नहीं मनाना चाहिए?, क्या भारतीयों को अपनी संस्कृति की रक्षा और पहचान को बनाए रखने के लिए जाति, धर्म, राज्य से ऊपर  उठकर नव संवत्सर को अधिक महत्व नहीं देना नहीं चाहिए?</div>
<div> </div>
<div>मेरा ऐसा मानना है कि हमें अंग्रेजी कैलेंडर तथा हिन्दू कैलेंडर के नववर्ष शुरुआत की तुलनात्मक विवेचना कर के भी देखना चाहिए। यदि हम ऐसा करते हैं तो पाते हैं कि नव संवत्सर का प्रथम दिवस हमारी अपनी परंपराओं, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा है, जबकि अंग्रेजी कैलेंडर की 1 जनवरी पश्चिमी परंपरा का हिस्सा है, औपनिवेशिक मानसिकता तथा सांस्कृतिक गुलामी का प्रतीक है।1 जनवरी सिर्फ एक औपचारिक तिथि परिवर्तन है, जबकि नव संवत्सर की गुड़ी पड़वा वास्तव में एक नव वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है।</div>
<div> </div>
<div>नव संवत्सर की गुड़ी पड़वा चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को आती है, इसके विपरीत 1 जनवरी का कोई विशेष खगोलीय या प्राकृतिक महत्व नहीं होता; यह सिर्फ ग्रेगोरियन कैलेंडर का पहला दिन है, जिसे यूरोप में ईसाई धर्म के विस्तार के साथ अपनाया गया।नव संवत्सर धर्म, सत्कर्म, शक्ति और ज्ञान की उपासना का समय है, तथा इसे एक पर्व के रूप में उपवास, हवन और पूजा-पाठ के साथ मनाया जाता है, जो मानसिक शुद्धता और स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है।जबकि 1 जनवरी आतिशबाजी, पश्चिम रंग में ढली पार्टी, मौज मस्ती और दिखावे का माध्यम बन चुका है।</div>
<div> </div>
<div>हिंदू नव वर्ष (नव संवत्सर) से नवऋतु (वसंत) का आगमन होता है, जिससे पर्यावरण में भी नयापन आता है। जबकि अंग्रेजी नववर्ष की शुरुआत ऐसी किसी नयेपन की ओर संकेत नहीं करती।हिन्दू नव वर्ष के प्रथम दिवस को सैलिब्रेट करने में हमें संस्कृति, परंपरा,धर्म, अध्यात्म, इतिहास, प्रकृति, विज्ञान, राष्ट्रीय एकता, स्वास्थ्य और सकारात्मकता का संकेत और दृष्टि स्पष्ट दिखाई देती है जबकि अंग्रेजी नववर्ष का इन सबसे कोई लेना देना नहीं है।</div>
<div> </div>
<div>मुझे लगता है कि यह संवत्सर यह भी प्रश्न करता है कि क्या तुम्हारी आधुनिकता में संस्कृति का प्राण बसता है? क्या विकास की अट्टालिकाओं में संस्कारों के दीप जलते हैं?या तुम उस पश्चिमी हवा में अपने मूल को ही तज बैठे हो? अतः मेरा सभी भारतवासियों से आग्रह है कि - यह नवसंवत्सर केवल तिथि नहीं,</div>
<div>यह युगधर्म का उद्घोष है। यह तुम्हें पुकारता है— अपने अभ्युदय की ओर, अपने आत्मबोध की ओर,</div>
<div>अपने स्वर को पहचानने की ओर। चेतना के इस प्रभात में अपने पूर्वजों के स्वप्नों को स्वर दो, संस्कृति को अभ्युदय दो, परंपरा को गति दो, और इस नवसंवत्सर को सच्चे अर्थों में नव बनाओ!</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Mar 2025 15:40:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अफगानिस्तान की शिया मस्जिद में बंदूकधारी ने किया क़त्लेआम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पश्चिमी अफगानिस्तान में एक बंदूकधारी ने एक मस्जिद में घुसकर गोलीबारी शुरू कर दी जिससे वहां नमाज़ पढ़ रहे छह लोगों की मौत हो गई। तालिबान के एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। स्थानीय मीडिया ने खबर दी है और अफगानिस्तान के एक पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि इस मस्जिद को इसलिए निशाना बनाया गया, क्योंकि यह अल्पसंख्यक शिया समुदाय की है। </p>
<p>तालिबान शासित गृह मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल मतीन कानी ने बताया कि यह हमला सोमवार रात को हेरात प्रांत के गुज़रा जिले में हुआ है। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि घटना की जांच की जा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/140695/gunman-commits-murder-in-shia-mosque-of-afghanistan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-04/gunman-enters-shia-mosque-in-afghanistan_large_1604_154.webp" alt=""></a><br /><p>पश्चिमी अफगानिस्तान में एक बंदूकधारी ने एक मस्जिद में घुसकर गोलीबारी शुरू कर दी जिससे वहां नमाज़ पढ़ रहे छह लोगों की मौत हो गई। तालिबान के एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। स्थानीय मीडिया ने खबर दी है और अफगानिस्तान के एक पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि इस मस्जिद को इसलिए निशाना बनाया गया, क्योंकि यह अल्पसंख्यक शिया समुदाय की है। </p>
<p>तालिबान शासित गृह मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल मतीन कानी ने बताया कि यह हमला सोमवार रात को हेरात प्रांत के गुज़रा जिले में हुआ है। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि घटना की जांच की जा रही है। हमले में एक शख्स जख्मी भी हुआ है और बंदूकधारी मौके से फरार हो गया। किसी भी संगठन ने हमले की तत्काल जिम्मेदारी नहीं ली है। स्थानीय मीडिया ने बताया कि मस्जिद का इमाम भी मरने वाले लोगों में शामिल है। </p>
<p>अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, “ मैं इमाम ज़मां मस्जिद पर हमले की कड़ी निंदा करता हूं। मैं इसे सभी धार्मिक और मानवीय स्तरों के खिलाफ आतंकवादी हमला मानता हूं।” अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन ने भी हमले की निंदा करते हुए कहा कि घटना में एक बच्चे समेत सात लोग मरे और जख्मी हुए हैं। इस्लामिक स्टेट से जुड़े संगठन अफगानिस्तान में तालिबान के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी हैं। वे अक्सर स्कूल, अस्पताल, मस्जिदों और शिया बहुल इलाकों को निशाना बनाते हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Apr 2024 16:14:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के बीच अचानक कैसे बिगड़ गए रिश्ते </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>International:</strong> पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर सबकुछ ठीक नहीं है। दरअसल, हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच संबंध खराब हो रहे हैं और 18 मार्च की घटना के बाद यह और खराब होना तय है। इस्लामाबाद ने पुष्टि की कि उसने पड़ोसी देश में खुफिया-आधारित आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया था, जिसमें आठ नागरिकों की मौत हो गई। जवाब में तालिबान सरकार ने सीमा पर पाकिस्तानी सैनिकों पर गोलीबारी की।</p>
<p>अब, दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है, पाकिस्तान अफगानिस्तान पर आतंकवादियों को पनाह देने का आरोप लगा रहा है और तालिबान इस आरोप से इनकार कर रहा है। दरअसल,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139611/how-relations-between-afghanistan-and-pakistan-suddenly-deteriorated"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/download2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>International:</strong> पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर सबकुछ ठीक नहीं है। दरअसल, हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच संबंध खराब हो रहे हैं और 18 मार्च की घटना के बाद यह और खराब होना तय है। इस्लामाबाद ने पुष्टि की कि उसने पड़ोसी देश में खुफिया-आधारित आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया था, जिसमें आठ नागरिकों की मौत हो गई। जवाब में तालिबान सरकार ने सीमा पर पाकिस्तानी सैनिकों पर गोलीबारी की।</p>
<p>अब, दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है, पाकिस्तान अफगानिस्तान पर आतंकवादियों को पनाह देने का आरोप लगा रहा है और तालिबान इस आरोप से इनकार कर रहा है। दरअसल, यह पाकिस्तान सरकार और अफगानिस्तान में तालिबान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव का एक और अध्याय होगा।</p>
<p>लेकिन वास्तव में क्या हुआ? और यह घटना इस्लामाबाद और काबुल के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को कैसे प्रभावित करती है? 18 मार्च की तड़के, पाकिस्तान ने पूर्वी अफगानिस्तान के पक्तिका और खोस्त प्रांतों में दो हवाई हमले किए। तालिबान अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में तीन बच्चों सहित कम से कम आठ लोग मारे गए।</p>
<p>तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने घटना की पुष्टि करते हुए पाकिस्तान को चेतावनी दी कि वह अपने क्षेत्र में नियंत्रण की कमी और समस्याओं के लिए अफगानिस्तान को दोष न दे। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं के बहुत बुरे परिणाम हो सकते हैं जो पाकिस्तान के नियंत्रण में नहीं होंगे।</p>
<p>कुछ घंटों बाद, पाकिस्तान विदेश कार्यालय ने भी हमलों की पुष्टि की और कहा कि उसने अफगानिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्रों के अंदर खुफिया-आधारित आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया था। इसमें आगे कहा गया कि हाफिज गुल बहादुर समूह से संबंधित आतंकवादी उसके ऑपरेशन का मुख्य लक्ष्य थे।</p>
<p>इसमें कहा गया है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के साथ ये आतंकवादी पाकिस्तान के अंदर कई आतंकवादी हमलों के लिए जिम्मेदार थे, जिसके परिणामस्वरूप सैकड़ों नागरिकों और कानून प्रवर्तन अधिकारियों की मौत हुई।</p>
<p>कुछ घंटों बाद तालिबान ने हमलों की निंदा की। तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने लिखा कि अफगानिस्तान का इस्लामी अमीरात इन हमलों की कड़ी निंदा करता है और इस लापरवाह कार्रवाई को अफगानिस्तान के क्षेत्र का उल्लंघन बताता है। अफगानिस्तान का इस्लामी अमीरात, जिसके पास दुनिया की महाशक्तियों के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम का लंबा अनुभव है, किसी को भी अपने क्षेत्र पर आक्रमण करने की अनुमति नहीं देता है। </p>
<p>हालाँकि, पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर इस तरह के हमले कोई नई बात नहीं है। हाल के वर्षों में, विश्व स्तर पर नामित आतंकवादी समूह और काबुल में सत्तारूढ़ तालिबान के करीबी सहयोगी माने जाने वाले टीटीपी द्वारा पाकिस्तानी धरती पर हमले बढ़ गए हैं। वास्तव में पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर पीस स्टडीज के अनुसार, 2023 में देश में आतंकवादी हिंसा में 17 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई और कुल 306 आतंकवादी हमले हुए, जिनमें 693 लोग मारे गए।</p>
<p>रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि आतंकवादियों के बढ़ते हमलों से संकेत मिलता है कि टीटीपी और उसके सहयोगी पाकिस्तान को बातचीत की प्रक्रिया बहाल करने के लिए 'मजबूर' करने के उद्देश्य से तीव्र आतंकवाद हमले का सहारा लेना जारी रखेंगे।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Mar 2024 17:51:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तालिबान ने NGO  के 18 कर्मी को अफगानिस्तान में किया गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></p>
<p><strong>तालिबान </strong>ने शुक्रवार को अफगानिस्तान के घोर प्रांत में एक अंतरराष्ट्रीय स्टाफ सदस्य सहित 18 अंतर्राष्ट्रीय सहायता मिशन (आईएएम) कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया।</p>
<p>तालिबान ने अफगानिस्तान में स्थित एक गैर-सरकारी संगठन (NGO) के एक विदेशी नागरिक समेत 18 कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया है। तालिबान ने दो साल पहले देश की सत्ता पर कब्जा करने के बाद से ही गैर सरकारी संगठनों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया था।</p>
<p>उसने अफगान लड़कियों के छठी कक्षा से आगे पढ़ाई करने पर रोक लगाने के साथ ही उन्हें गैर सरकारी संगठनों के लिए काम करने से रोकने समेत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/134779/taliban-arrested-18-ngo-workers-in-afghanistan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-09/german-civilian-wounded-by-gunshot-on-way-to-kabul-airport-says-berlin_730x365.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></p>
<p><strong>तालिबान </strong>ने शुक्रवार को अफगानिस्तान के घोर प्रांत में एक अंतरराष्ट्रीय स्टाफ सदस्य सहित 18 अंतर्राष्ट्रीय सहायता मिशन (आईएएम) कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया।</p>
<p>तालिबान ने अफगानिस्तान में स्थित एक गैर-सरकारी संगठन (NGO) के एक विदेशी नागरिक समेत 18 कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया है। तालिबान ने दो साल पहले देश की सत्ता पर कब्जा करने के बाद से ही गैर सरकारी संगठनों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया था।</p>
<p>उसने अफगान लड़कियों के छठी कक्षा से आगे पढ़ाई करने पर रोक लगाने के साथ ही उन्हें गैर सरकारी संगठनों के लिए काम करने से रोकने समेत कई कड़ी पाबंदियां लागू की। ‘इंटरनेशनल असिस्टेंस मिशन' ने कहा कि तालिबान ने इस महीने मध्य घोर प्रांत में स्थित उसके कार्यालय से दो बार एनजीओ के 18 कर्मियों को हिरासत में ले लिया। उन्हें काबुल ले जाया गया है। इस घटनाक्रम पर अभी अफगान अधिकारियों की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 Sep 2023 16:25:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तोरखम बार्डर पाक-अफगान के बीच हुई गोलीबारी के पश्चात बंद , तनाव बढ़ा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></p>
<p><strong>अफगानिस्तान और पाकिस्तान</strong> की सीमा पर गोलीबारी के बाद एक बार फिर तनाव बढ़ गया है।  इसके बाद तोरखम बॉर्डर को बंद कर दिया गया है। डॉन के अनुसार पाकिस्तान और अफगानिस्तान सीमा बलों के बीच चल रही झड़पों के कारण तोरखम सीमा के निकट के कार्यालयों और आवासीय क्वार्टरों को खाली करा लिया गया।  प्रत्येक पक्ष ने गोलीबारी को भड़काने के लिए दूसरे को दोषी ठहराया।</p>
<p>डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, 2,600 किमी (1,615 मील) की सीमा से जुड़े विवाद दशकों से पड़ोसियों के बीच विवाद का कारण बने हुए हैं। हाल के वर्षों में क्रॉसिंग को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/134576/torkham-border-closed-tension-increased-after-pak-afghan-firing"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-09/9_1644511341.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></p>
<p><strong>अफगानिस्तान और पाकिस्तान</strong> की सीमा पर गोलीबारी के बाद एक बार फिर तनाव बढ़ गया है।  इसके बाद तोरखम बॉर्डर को बंद कर दिया गया है। डॉन के अनुसार पाकिस्तान और अफगानिस्तान सीमा बलों के बीच चल रही झड़पों के कारण तोरखम सीमा के निकट के कार्यालयों और आवासीय क्वार्टरों को खाली करा लिया गया।  प्रत्येक पक्ष ने गोलीबारी को भड़काने के लिए दूसरे को दोषी ठहराया।</p>
<p>डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, 2,600 किमी (1,615 मील) की सीमा से जुड़े विवाद दशकों से पड़ोसियों के बीच विवाद का कारण बने हुए हैं। हाल के वर्षों में क्रॉसिंग को कई बार बंद किया गया है, जिसमें फरवरी में बंद होना भी शामिल है, जिसमें माल से लदे हजारों ट्रक कई दिनों तक सीमा के दोनों ओर फंसे रहे। डॉन के अनुसार, तोरखम में पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर भूमि अधिग्रहण को लेकर विवाद जारी है क्योंकि इस साल के अंत तक परियोजना को पूरा करने के लिए निर्माण कार्य में तेजी आई है।  </p>
<p>डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, सीमावर्ती क्षेत्र के सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा अधिकारी किसी को भी मिचनी चौकी से आगे जाने की अनुमति नहीं दे रहे हैं । उन्होंने दावा किया कि बुधवार देर रात तक, सीमा बलों ने सीमा पार के करीब सभी व्यवसायों और आवासों को खाली कर दिया था। इसके अतिरिक्त, ट्रांसपोर्टरों को अतिरिक्त निर्देश मिलने तक सीमा की ओर अपना रुख रोकने का निर्देश दिया गया। दोनों पक्षों ने झड़प शुरू करने के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 Sep 2023 17:57:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मॉस्को में सुरक्षा संवाद के दौरान डोभाल ने पाकिस्तान को सुनाई खरी-खरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p>रूस की राजधानी मॉस्को में  राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने अफगानिस्तान पर एक सुरक्षा संवाद में पाकिस्तान को खरी-खऱी  सुनाई।  इसमें बदलते क्षेत्रीय सुरक्षा मानकों पर भी चर्चा के दौरान  डोभाल ने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर सीधा संदेश दिया।  उन्होंने साफ कहा कि किसी भी देश को अफगानिस्तान की जमीन का आतंक के लिए इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं होनी चाहिए।इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत जरूरत के वक्त अफगान के लोगों को कभी नहीं छोड़ेगा।</p>
<p>मास्को में अफगानिस्तान पर पांचवी क्षेत्रीय चर्चा में NSA अजित डोभाल ने कहा, ‘किसी देश को अफगान की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/127257/doval-lashed-out-at-pakistan-during-the-security-dialogue-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-02/125.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p>रूस की राजधानी मॉस्को में  राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने अफगानिस्तान पर एक सुरक्षा संवाद में पाकिस्तान को खरी-खऱी  सुनाई।  इसमें बदलते क्षेत्रीय सुरक्षा मानकों पर भी चर्चा के दौरान  डोभाल ने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर सीधा संदेश दिया।  उन्होंने साफ कहा कि किसी भी देश को अफगानिस्तान की जमीन का आतंक के लिए इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं होनी चाहिए।इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत जरूरत के वक्त अफगान के लोगों को कभी नहीं छोड़ेगा।</p>
<p>मास्को में अफगानिस्तान पर पांचवी क्षेत्रीय चर्चा में NSA अजित डोभाल ने कहा, ‘किसी देश को अफगान की जमीन का इस्तेमाल आतंकवाद और अलगाववाद को बढ़ावा देने की अनुमति न दी जाए.’ उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल पहले अफगान लोगों के कल्याण के लिए होना चाहिए। अजित डोभाल ने कहा कि अफगानिस्तान एक मुश्किल दौर से गुजर रहा है और भारत के अफगानिस्तान से ऐतिहासिक और खास संबंध हैं। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के लोगों की खुशहाली और मानवीय आवश्यकता भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है और नई दिल्ली जरूरत के वक्त अफगानिस्तान के लोगों को कभी अकेला नहीं छोड़ेगी।</p>
<p> </p>
<p>उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में आतंकवाद एक बड़ा खतरा बन गया है। इस्लामिक स्टेट तथा लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठनों से निपटने में संबंधित देशों तथा उसकी एजेंसियों के बीच खुफिया और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता है।  बता दें कि अजित डोभाल ने बुधवार को रूस की दो दिवसीय यात्रा शुरू की। इस दौरान मेजबान देश तथा भारत के अलावा ईरान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, चीन, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने अफगानिस्तान पर सुरक्षा परिषद के सचिवों की पांचवीं बहुपक्षीय बैठक में भाग लिया। सूत्रों ने बताया कि बैठक में अफगानिस्तान की सुरक्षा स्थिति तथा उसके सामने खड़ी मानवीय चुनौतियों समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई ।</p>
<p><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/127257/doval-lashed-out-at-pakistan-during-the-security-dialogue-in</link>
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                <pubDate>Thu, 09 Feb 2023 15:38:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अफगानिस्तानी खिलाड़ी नजीबुल्लाह जादरान ने धोनी को बताया अपना आदर्श </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p>एमआई अमीरात इंटरनेशनल लीग टी-20 में ताबड़तोड़ प्रदर्शन के बूते टूर्नामेंट के स्टार खिलाड़ी बन कर उभरे अफगानिस्तान के नजीबुल्लाह जादरान ने भारत के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी को अपना आदर्श बताया है। जादरान ने रविवार को डिज वाइपर्स के खिलाफ होने वाले महत्वपूर्ण मैच की पूर्व संध्या पर कहा, मैं धोनी को अपना आदर्श मानता हूं। कोई भी पारी का अंत उस तरह नहीं कर सकता जैसा वह करते थे। मैंने उनसे सीखा। मैंने 2015 के विश्व कप में धोनी से बात की थी, जहां उन्होंने मुझे शांत रहने और दबाव की स्थिति में भी खुद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/127121/afghan-player-najibullah-zadran-told-dhoni-his-role-model"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-01/1037.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p>एमआई अमीरात इंटरनेशनल लीग टी-20 में ताबड़तोड़ प्रदर्शन के बूते टूर्नामेंट के स्टार खिलाड़ी बन कर उभरे अफगानिस्तान के नजीबुल्लाह जादरान ने भारत के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी को अपना आदर्श बताया है। जादरान ने रविवार को डिज वाइपर्स के खिलाफ होने वाले महत्वपूर्ण मैच की पूर्व संध्या पर कहा, मैं धोनी को अपना आदर्श मानता हूं। कोई भी पारी का अंत उस तरह नहीं कर सकता जैसा वह करते थे। मैंने उनसे सीखा। मैंने 2015 के विश्व कप में धोनी से बात की थी, जहां उन्होंने मुझे शांत रहने और दबाव की स्थिति में भी खुद पर विश्वास रखने के लिये कहा था। मैं अब भी उस सलाह पर विश्वास करता हूं और उसका पालन करता हूं।</p>
<p>अबू धाबी के शेख जायद स्टेडियम में इससे पहले एमआई अमीरात को वाइपर्स के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। अफगान स्टार नजीबुल्लाह जादरान ने जीत का भरोसा जताते हुएकहा कि अमीरात ने पिछली हार से सबक लिया है और अब वह रविवार को होने वाले मुकाबले में वापसी को तैयार है। अफगानिस्तान के 29 वर्षीय हरफनमौला खिलाड़ी ने कहा, ‘‘सभी मैच महत्वपूर्ण होते हैं। हमारा लक्ष्य शीर्ष दो में स्थान बनाना है। यहां से हमें अब हर मैच जीतना होगा। मुझे अपनी टीम पर भरोसा है कि वह यह कर सकेगी।</p>
<p>आईएलटी20 में जादरान ने दुबई कैपिटल्स के खिलाफ 22 जनवरी को खेले गये मैच में मात्र नौ गेंद पर 30 रन ठोक कर सनसनी फैला दी थी। उन्होंने इस पारी के बारे में कहा, ‘‘मुझे शारजाह में खेलना पसंद है। यह हमारा घरेलू मैदान है। मैंने शारजाह में काफी खेला है, जहां आपके पास दो तरह की पिचें होती हैं। गेंद एक पिच पर नीची रहती है, लेकिन दूसरी में आपके पास अपने शॉट खेलने का लाइसेंस होता है, वह भी छोटी बाउंड्री के साथ। शारजाह में खेलने में मजा आता है।'' एमआई अमीरात फिलहाल छह मैचों में सात अंकों के साथ तालिका में तीसरे स्थान पर है। एमआई अमीरात ने अब तक तीन मैच जीते हैं। अमीरात की कोशिश रविवार को जीत के साथ अंकतालिका में दूसरे स्थान पर पहुंचने की होगी। <br /><br /></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Featured</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Jan 2023 21:20:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाक-अफगान सुरक्षा जांच चौकी पर हुए आतंकवादी हमले पर 2 पुलिसकर्मियों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p>तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के आतंकवादियों ने पाकिस्तान के अशांत पश्चिमोत्तर कबायली जिले में पाकिस्तान-अफगानिस्तान राजमार्ग पर एक सुरक्षा जांच चौकी पर हमला किया, जिसमें दो पुलिसकर्मी मारे गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। खैबर जिले के पुलिस अधिकारी मोहम्मद इमरान के अनुसार, टीटीपी आतंकवादियों ने तख्ता बेग जांच चौकी को भारी हथियारों और हथगोलों से निशाना बनाया।</p>
<p>उन्होंने बताया कि पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक आत्मघाती हमलावर जांच चौकी के अंदर मारा गया। यह हमलावर पुलिस कर्मियों पर गोलियां चलाते हुए चौकी के अंदर घुस गया था। इमरान के मुताबिक, दोनों तरफ से लगभग आधे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/127011/2-policemen-killed-in-terrorist-attack-on-pak-afghan-security-checkpoint"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-01/1014.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p>तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के आतंकवादियों ने पाकिस्तान के अशांत पश्चिमोत्तर कबायली जिले में पाकिस्तान-अफगानिस्तान राजमार्ग पर एक सुरक्षा जांच चौकी पर हमला किया, जिसमें दो पुलिसकर्मी मारे गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। खैबर जिले के पुलिस अधिकारी मोहम्मद इमरान के अनुसार, टीटीपी आतंकवादियों ने तख्ता बेग जांच चौकी को भारी हथियारों और हथगोलों से निशाना बनाया।</p>
<p>उन्होंने बताया कि पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक आत्मघाती हमलावर जांच चौकी के अंदर मारा गया। यह हमलावर पुलिस कर्मियों पर गोलियां चलाते हुए चौकी के अंदर घुस गया था। इमरान के मुताबिक, दोनों तरफ से लगभग आधे घंटे तक गोलीबारी जारी रही। उन्होंने बताया कि हमले में दो पुलिस अधिकारी यूनुस अफरीदी और मंजूर अफरीदी की मौत हो गई, जबकि एक कांस्टेबल की गंभीर रूप से घायल हो गया। इमरान के अनुसार, टीटीपी के प्रवक्ता मोहम्मद खुरासनी ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/127011/2-policemen-killed-in-terrorist-attack-on-pak-afghan-security-checkpoint</link>
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                <pubDate>Sat, 21 Jan 2023 18:07:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>गुरु ग्रंथ साहिब के अंतिम दो स्वरूप अफगानिस्तान से पहुंचे दिल्ली</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p>अफगानिस्तान में तालिबानी शासन के बाद से सिख धर्म  और विरासत के प्रतीकों को वापस लाने का सिलसिला जारी है। इस कड़ी में  काबुल से बाकी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र दो स्वरूप भी बुधवार को दिल्ली पहुंच गए।जागो-जग आसरा गुरु ओट और डीएसजीपीसी के पूर्व अध्यक्ष सरदार मनजीत सिंह जीके और सरदार परमजीत सिंह सरना ने गुरु मर्यादा के अनुसार, दिल्ली हवाई अड्डे पर दोनों स्वरूप प्राप्त किए । इस मौके पर सरदार मंजीत सिंह जीके ने कहा कि तालिबान शासन के आने के बाद अफगानिस्तान में मौजूदा स्थिति को देखते हुए सभी धार्मिक विरासतों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/126991/last-two-forms-of-guru-granth-sahib-reached-delhi-from"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-01/105.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p>अफगानिस्तान में तालिबानी शासन के बाद से सिख धर्म  और विरासत के प्रतीकों को वापस लाने का सिलसिला जारी है। इस कड़ी में  काबुल से बाकी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र दो स्वरूप भी बुधवार को दिल्ली पहुंच गए।जागो-जग आसरा गुरु ओट और डीएसजीपीसी के पूर्व अध्यक्ष सरदार मनजीत सिंह जीके और सरदार परमजीत सिंह सरना ने गुरु मर्यादा के अनुसार, दिल्ली हवाई अड्डे पर दोनों स्वरूप प्राप्त किए । इस मौके पर सरदार मंजीत सिंह जीके ने कहा कि तालिबान शासन के आने के बाद अफगानिस्तान में मौजूदा स्थिति को देखते हुए सभी धार्मिक विरासतों को वापस लाया जा रहा है।</p>
<p>मंजीत सिंह ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब के यह आखिरी दो स्वरूप वहीं छोड़ दिए गए थे।  पहले भी इन्हें लाने की कोशिश की गई थी, लेकिन उस वक्त तालिबान ने तकनीकी पहलुओं को देखते हुए इसे रोक दिया था। उन्हें वहां से लाने का सारा खर्च शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने उठाया है। मंजीत सिंह ने कहा कि भारत सरकार के दखल और दोनों सरकारों के बीच बातचीत के बाद वे दोनों स्वरूपों को वापस लाने में सफल रहे हैं। इंडियन व‌र्ल्ड फोरम के अध्यक्ष पुनीत सिंह चंडोक ने अफगानिस्तान सरकार और भारत सरकार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब के हस्तांतरण की पवित्रता के अनुसार सुगम मार्ग और प्रोटोकाल की सुविधा के लिए धन्यवाद दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Jan 2023 21:51:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाक मंत्री के बयान पर भड़का तालिबान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p>पाकिस्तान के गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह की धमकी पर भड़के तालिबान ने मंगलवार को पाकिस्तान  को चेतावनी देते हुए कहा कि वह देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने के लिए तैयार है।तालिबान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान में टीटीपी के लगातार आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह ने धमकी देते हुए कहा था कि पाकिस्तान टीटीपी के ठिकानों पर मिलिट्री ऑपरेशन चला सकता है। </p>
<p>टोलो न्यूज के अनुसार, तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तान की ओर से की गई टिप्पणी को "भड़काऊ और निराधार" करार दिया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/126736/taliban-got-angry-on-the-statement-of-pak-minister"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-01/7.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p>पाकिस्तान के गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह की धमकी पर भड़के तालिबान ने मंगलवार को पाकिस्तान  को चेतावनी देते हुए कहा कि वह देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने के लिए तैयार है।तालिबान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान में टीटीपी के लगातार आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह ने धमकी देते हुए कहा था कि पाकिस्तान टीटीपी के ठिकानों पर मिलिट्री ऑपरेशन चला सकता है। </p>
<p>टोलो न्यूज के अनुसार, तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तान की ओर से की गई टिप्पणी को "भड़काऊ और निराधार" करार दिया है। तालिबानी रक्षा मंत्रालय ने कहा  कि इस तरह के आरोप दोनों देशों के बीच संबंधों को नुकसान पहुंचाते हैं और किसी भी मुद्दे या समस्या को बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने बयान जारी करते हुए कहा कि अफगानिस्तान, पाकिस्तान सहित अपने सभी पड़ोसी देशों के साथ शांतिपूर्ण संबंध चाहता है और इस लक्ष्य को हासिल करने के सभी तरीकों में विश्वास करता है।</p>
<p>तालिबान ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा  कि अगर पाकिस्तान अफगानिस्तान पर हमला करता है तो उसका अंजाम 1971 युद्ध की तरह ही होगा। तालिबान के शीर्ष नेता अहमद यासिर ने ट्वीट करते हुए लिखा कि पाकिस्तान को एक और युद्ध में हार से बचने के लिए अफगानिस्तान से दूर रहना चाहिए। बयान में तालिबान ने कहा कि यह बेहद ही निराशजनक है कि पाकिस्तानी अधिकारी अफगानिस्तान के बारे में गलत बयान दे रहे हैं। तालिबान ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान पूरी कोशिश कर रहा है पाकिस्तान या किसी अन्य देश के खिलाफ अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल न हो।</p>
<p>तालिबान के प्रवक्ता ने कहा कि हम इस लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध हैं, लेकिन पाकिस्तान की भी जिम्मेदारी है कि वो इस परिस्थिति को हल करें।इसके लिए जरूरी है कि पाकिस्तान आधारहीन बातचीत और उकसाने वाले विचार को त्यागे  क्योंकि संदेह का भाव किसी भी पक्ष के हित में नहीं है। बता दें कि अफगानिस्तान में तालिबान के दुबारा सत्ता में वापस आने के बाद से ही अफगानिस्तान में लगातार आतंकी हमले हो रहे हैं। इन घटनाओं के पीछे टीटीपी का हाथ बताया जा रहा है। पाकिस्तान का आरोप है कि टीटीपी के साथ दोस्ताना संबंध है और टीटीपी को रोकने के लिए तालिबान कुछ नहीं कर रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Jan 2023 18:07:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>तालिबानी शासकों ने जारी किया नया हुक्म, अफगानिस्तान में महिलाओं के जिम जाने पर प्रतिबन्ध </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात <br /></strong></p>
<p>अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद से तालिबान अब तक कई फरमान जारी कर चुका है। गुरुवार को तालिबान ने अफगानिस्ता नमें महिलाओं के जिम जाने पर प्रतिबंध लगा लगा दिया है। तालिबान के एक साल से अधिक समय पहले सत्ता संभालने के बाद से महिलाओं के अधिकारों और स्वतंत्रता पर नकेल कसने का यह नया फरमान है।</p>
<p>तालिबान पिछले साल अगस्त 2021 में सत्ता पर काबिज हुआ था। उन्होंने देश में माध्यमिक और हाई स्कूल जाने पर लड़कियों पर प्रतिबंध लगा दिया है, महिलाओं को रोजगार के ज्यादातर क्षेत्रों में प्रतिबंधित कर दिया है और महिलाओं को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/125444/taliban-rulers-issued-a-new-order-banning-women-from-going"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2022-11/tali.webp" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात <br /></strong></p>
<p>अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद से तालिबान अब तक कई फरमान जारी कर चुका है। गुरुवार को तालिबान ने अफगानिस्ता नमें महिलाओं के जिम जाने पर प्रतिबंध लगा लगा दिया है। तालिबान के एक साल से अधिक समय पहले सत्ता संभालने के बाद से महिलाओं के अधिकारों और स्वतंत्रता पर नकेल कसने का यह नया फरमान है।</p>
<p>तालिबान पिछले साल अगस्त 2021 में सत्ता पर काबिज हुआ था। उन्होंने देश में माध्यमिक और हाई स्कूल जाने पर लड़कियों पर प्रतिबंध लगा दिया है, महिलाओं को रोजगार के ज्यादातर क्षेत्रों में प्रतिबंधित कर दिया है और महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों पर सिर से लेकर पैर तक बुर्के में ढके रहने का आदेश दिया था।</p>
<p>धार्मिक मामलों के मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि प्रतिबंध लगाया जा रहा है क्योंकि लोग आदेशों की अनदेखी कर रहे थे और महिलाओं ने हिजाब पहनने संबंधी नियमों का पालन नहीं किया। महिलाओं के पार्क में जाने पर भी पाबंदी है। महिलाओं के जिम और पार्क में जाने पर प्रतिबंध इसी हफ्ते से लागू हो गया है।</p>
<p><strong>प्रतिबन्ध लगाने का कारन </strong><br />प्रवक्ता ने कहा, 'लेकिन, दुर्भाग्य से, आदेशों का पालन नहीं किया गया और नियमों का उल्लंघन किया गया और हमें महिलाओं के लिए पार्क और जिम बंद करने पड़े।' उन्होंने कहा, 'ज्यादातर मौकों पर हमने पुरुषों और महिलाओं, दोनों को एकसाथ कई पार्क में देखा है और दुर्भाग्य से उन्होंने हिजाब नहीं पहन रखा था। इसलिए हमें एक और निर्णय लेना पड़ा और हमने सभी पार्क और जिम को महिलाओं के लिए बंद करने का आदेश दिया।'<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Nov 2022 00:18:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
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