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                <title>Taliban - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के बीच अचानक कैसे बिगड़ गए रिश्ते </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>International:</strong> पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर सबकुछ ठीक नहीं है। दरअसल, हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच संबंध खराब हो रहे हैं और 18 मार्च की घटना के बाद यह और खराब होना तय है। इस्लामाबाद ने पुष्टि की कि उसने पड़ोसी देश में खुफिया-आधारित आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया था, जिसमें आठ नागरिकों की मौत हो गई। जवाब में तालिबान सरकार ने सीमा पर पाकिस्तानी सैनिकों पर गोलीबारी की।</p>
<p>अब, दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है, पाकिस्तान अफगानिस्तान पर आतंकवादियों को पनाह देने का आरोप लगा रहा है और तालिबान इस आरोप से इनकार कर रहा है। दरअसल,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139611/how-relations-between-afghanistan-and-pakistan-suddenly-deteriorated"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/download2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>International:</strong> पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर सबकुछ ठीक नहीं है। दरअसल, हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच संबंध खराब हो रहे हैं और 18 मार्च की घटना के बाद यह और खराब होना तय है। इस्लामाबाद ने पुष्टि की कि उसने पड़ोसी देश में खुफिया-आधारित आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया था, जिसमें आठ नागरिकों की मौत हो गई। जवाब में तालिबान सरकार ने सीमा पर पाकिस्तानी सैनिकों पर गोलीबारी की।</p>
<p>अब, दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है, पाकिस्तान अफगानिस्तान पर आतंकवादियों को पनाह देने का आरोप लगा रहा है और तालिबान इस आरोप से इनकार कर रहा है। दरअसल, यह पाकिस्तान सरकार और अफगानिस्तान में तालिबान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव का एक और अध्याय होगा।</p>
<p>लेकिन वास्तव में क्या हुआ? और यह घटना इस्लामाबाद और काबुल के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को कैसे प्रभावित करती है? 18 मार्च की तड़के, पाकिस्तान ने पूर्वी अफगानिस्तान के पक्तिका और खोस्त प्रांतों में दो हवाई हमले किए। तालिबान अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में तीन बच्चों सहित कम से कम आठ लोग मारे गए।</p>
<p>तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने घटना की पुष्टि करते हुए पाकिस्तान को चेतावनी दी कि वह अपने क्षेत्र में नियंत्रण की कमी और समस्याओं के लिए अफगानिस्तान को दोष न दे। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं के बहुत बुरे परिणाम हो सकते हैं जो पाकिस्तान के नियंत्रण में नहीं होंगे।</p>
<p>कुछ घंटों बाद, पाकिस्तान विदेश कार्यालय ने भी हमलों की पुष्टि की और कहा कि उसने अफगानिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्रों के अंदर खुफिया-आधारित आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया था। इसमें आगे कहा गया कि हाफिज गुल बहादुर समूह से संबंधित आतंकवादी उसके ऑपरेशन का मुख्य लक्ष्य थे।</p>
<p>इसमें कहा गया है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के साथ ये आतंकवादी पाकिस्तान के अंदर कई आतंकवादी हमलों के लिए जिम्मेदार थे, जिसके परिणामस्वरूप सैकड़ों नागरिकों और कानून प्रवर्तन अधिकारियों की मौत हुई।</p>
<p>कुछ घंटों बाद तालिबान ने हमलों की निंदा की। तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने लिखा कि अफगानिस्तान का इस्लामी अमीरात इन हमलों की कड़ी निंदा करता है और इस लापरवाह कार्रवाई को अफगानिस्तान के क्षेत्र का उल्लंघन बताता है। अफगानिस्तान का इस्लामी अमीरात, जिसके पास दुनिया की महाशक्तियों के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम का लंबा अनुभव है, किसी को भी अपने क्षेत्र पर आक्रमण करने की अनुमति नहीं देता है। </p>
<p>हालाँकि, पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर इस तरह के हमले कोई नई बात नहीं है। हाल के वर्षों में, विश्व स्तर पर नामित आतंकवादी समूह और काबुल में सत्तारूढ़ तालिबान के करीबी सहयोगी माने जाने वाले टीटीपी द्वारा पाकिस्तानी धरती पर हमले बढ़ गए हैं। वास्तव में पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर पीस स्टडीज के अनुसार, 2023 में देश में आतंकवादी हिंसा में 17 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई और कुल 306 आतंकवादी हमले हुए, जिनमें 693 लोग मारे गए।</p>
<p>रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि आतंकवादियों के बढ़ते हमलों से संकेत मिलता है कि टीटीपी और उसके सहयोगी पाकिस्तान को बातचीत की प्रक्रिया बहाल करने के लिए 'मजबूर' करने के उद्देश्य से तीव्र आतंकवाद हमले का सहारा लेना जारी रखेंगे।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
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                <pubDate>Tue, 19 Mar 2024 17:51:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>खुद के बुने हुए जाल में उलझ गया है पाकिस्तान, आये दिन हो रहे है आतंकी हमले </title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारत का दुश्मन नम्बर 1 पाकिस्तान अब अपने ही कर्मों की सजा काट रहा है. आतंकवादियों की फैक्ट्री बन चुका पाकिस्तान अब खुद आतंकवाद का शिकार है. पाकिस्तान के मियांवली में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ है. आतंकवादी एयरबेस में घुस गए. सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुआ. ‘तहरीक-ए-जिहाद पाकिस्तान’ नाम के संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. पाकिस्तानी सेना ने बताया कि तीन आतंकवादी मारे गए हैं, जबकि तीन अन्य अब भी सक्रिय हैं. इसके साथ ही हमले में तीन विमान, ईंधन भरने वाला टैंकर क्षतिग्रस्त हो गया है.</p>
<p>पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत में शुक्रवार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136673/pakistan-is-entangled-in-its-own-web-terrorist-attacks-are"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-11/terror-attack-pakistan-1280-720-03-11-2023.webp" alt=""></a><br /><p>भारत का दुश्मन नम्बर 1 पाकिस्तान अब अपने ही कर्मों की सजा काट रहा है. आतंकवादियों की फैक्ट्री बन चुका पाकिस्तान अब खुद आतंकवाद का शिकार है. पाकिस्तान के मियांवली में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ है. आतंकवादी एयरबेस में घुस गए. सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुआ. ‘तहरीक-ए-जिहाद पाकिस्तान’ नाम के संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. पाकिस्तानी सेना ने बताया कि तीन आतंकवादी मारे गए हैं, जबकि तीन अन्य अब भी सक्रिय हैं. इसके साथ ही हमले में तीन विमान, ईंधन भरने वाला टैंकर क्षतिग्रस्त हो गया है.</p>
<p>पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत में शुक्रवार को आतंकवादियों ने सेना की दो गाड़ियों पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें कम से कम 14 सैनिक मारे गए. बलूचिस्तान में शुक्रवार को हुआ यह आतंकवादी हमला इस साल का सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है, जिसमें पाकिस्तानी सेना के सबसे ज्यादा सैनिक मारे गए हैं. पाकिस्तानी सेना की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, आतंकवादियों ने यह हमला उस वक्त किया, जब सैनिकों की दो गाड़ियां पसनी से ग्वादर जिले के ओरमारा इलाके में जा रहे थे.</p>
<p>दो दिन पहले ही पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान के सांबास इलाके में 6 आतंकियों को मार गिराया था. माना जा रहा है कि आतंकियों ने इसी कार्रवाई का बदला लिया है. अफगानिस्तान की तालिबानी सत्ता डूरंड लाइन बॉर्डर पर पाकिस्तान को चुनौती दे रही है. पाक-अफगान बॉर्डर पर आतंकी गतिविधियों में लगातार इजाफा हो रहा है. पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से सीमा पर जबरदस्त तनाव चल रहा है. पाकिस्तान के आर्थिक संकट और अफगानिस्तान में तालिबान के शासन के बीच प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) इस्लामाबाद के लिए संभावित खतरे के रूप में लगातार उभर रहा है, जिसे देखते हुए इस्लामाबाद में सुरक्षा को हाई अलर्ट पर रखने के सख्त आदेश जारी किया गया है.</p>
<p>पाकिस्तान खुद आतंक की पाठशाला चलाता रहा. यही नहीं अफगानिस्तान में जो तालिबानी आतंकी कैम्प आज फलफूल रहे हैं. उनमें से कई की ट्रेनिंग खुद पाकिस्तान में ही हुई है लेकिन अब यही तालिबानी आतंकी संगठन पाकिस्तान के लिए खतरा बन गए हैं. इसी खतरे को भांपते हुए पाकिस्तान ने डूरंड लाइन बॉर्डर पर बड़ी संख्या में आर्मी की तैनात कर दी है. आज वहां एक लाख से ज्यादा पाक आर्मी तैनात है.</p>
<p>पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच जो बॉर्डर है उसे डूरंड लाइन कहा जाता है. पाकिस्तान इसे बाउंड्री लाइन मानता है, लेकिन तालिबान खैबर पख्तूनख्वा राज्य को अपना हिस्सा मानता है. अफगानिस्तान की सल्तनत पर तालिबान का कब्जा करने के साथ ही तालिबानियों ने डूरंड लाइन को मानने से इंकार किया और यहीं से आतंकवाद को फैलाना शुरू कर दिया. कांटेदार फेंसिंग को क्रॉस करके आए दिन आतंकी हमले किए जाने लगे. तालिबान ने वहां मौजूद पाकिस्तानी चेक पोस्ट्स को उड़ा दिया. इस इलाके में कई पाकिस्तानी फौजी मारे जा चुके हैं और कई तालिबान के कब्जे में हैं.</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
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                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Nov 2023 16:20:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इमरान खान की हत्या की योजना बना रहा टीटीपी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p><p>प्रतिबंधित संगठन पाकिस्तानी तालिबान ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के इस दावे को खारिज किया है कि संगठन के दक्षिण वजीरिस्तान प्रांत के सदस्य उनकी हत्या की योजना बना रहे हैं। तहरीक-ए-तालिबान (टीटीपी) (पाकिस्तानी तालिबान) ने इसपर जोर दिया है कि उसकी लड़ाई पाकिस्तान के सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों के खिलाफ है और वह किसी राजनेता के खिलाफ नहीं है।</p><p>टीटीपी ने बुधवार को एक बयान जारी करके कहा, ‘‘हमें सूचना मिली है कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख ने पार्टी के प्रांतीय प्रवक्ताओं के साथ एक बैठक में दावा किया है कि टीटीपी उनकी हत्या की योजना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/127261/ttp-planning-to-kill-imran-khan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-02/127.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p><p>प्रतिबंधित संगठन पाकिस्तानी तालिबान ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के इस दावे को खारिज किया है कि संगठन के दक्षिण वजीरिस्तान प्रांत के सदस्य उनकी हत्या की योजना बना रहे हैं। तहरीक-ए-तालिबान (टीटीपी) (पाकिस्तानी तालिबान) ने इसपर जोर दिया है कि उसकी लड़ाई पाकिस्तान के सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों के खिलाफ है और वह किसी राजनेता के खिलाफ नहीं है।</p><p>टीटीपी ने बुधवार को एक बयान जारी करके कहा, ‘‘हमें सूचना मिली है कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख ने पार्टी के प्रांतीय प्रवक्ताओं के साथ एक बैठक में दावा किया है कि टीटीपी उनकी हत्या की योजना बना रही है और इसे अंजाम देने की जिम्मेदारी दक्षिण वजीरिस्तान के लोगों को दी गई है।'' पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रवक्ताओं के साथ बैठक में 70 वर्षीय खान ने कहा कि उन्हें हटाने (हत्या करने) की साजिश की जा रही है और दक्षिण वजीरिस्तान के दो लोगों को उनकी हत्या का जिम्मा सौंपा गया है।</p><p>दक्षिण वजीरिस्तान कबालाई जिले को टीटीपी का गढ़ माना जाता है और संगठन ने खान के दावे को खारिज करने के लिए बयान जारी किया है। गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में मध्यावधि चुनाव की घोषणा के लिए दबाव बनाने के लक्ष्य से निकाली जा रही यात्रा के दौरान पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ प्रमुख खान पर गोलीबारी की गई थी, उन्हें पैर में गोली भी लगी थी।</p><p><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Feb 2023 21:34:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>तालिबान को पहली बार पाकिस्तान से लग रहा खतरा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p>तालिबन और पाकिस्तान के रिश्ते अब काफी तनाव से गुजर रहे हैं। अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद पहली बार तालिबान को पाक से खतरा महसूस हो रहा है। दूसरी तरफ तालिबान का समर्थन करने के लिए पाकिस्तान को भी गंभीर नतीजों का सामना करना पड़ा है। अफगानिस्तान से लगी पाकिस्तानी सीमा पर तालिबान समर्थित आतंकवादी ग्रुप TTP ने कई बार हमले किए हैं।</p>
<p>पाकिस्‍तान   सरकार ने आरोप लगाया है कि उसके सैनिकों का खून बहाने वाले TTP  आतंकियों को अफगानिस्‍तान में शरण मिल रही है। पाकिस्‍तान ने स्पष्ट चेतावनी दी  है कि वह अफगानिस्‍तान में घुसकर TTP पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/126990/taliban-is-facing-threat-from-pakistan-for-the-first-time"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-01/104.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p>तालिबन और पाकिस्तान के रिश्ते अब काफी तनाव से गुजर रहे हैं। अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद पहली बार तालिबान को पाक से खतरा महसूस हो रहा है। दूसरी तरफ तालिबान का समर्थन करने के लिए पाकिस्तान को भी गंभीर नतीजों का सामना करना पड़ा है। अफगानिस्तान से लगी पाकिस्तानी सीमा पर तालिबान समर्थित आतंकवादी ग्रुप TTP ने कई बार हमले किए हैं।</p>
<p>पाकिस्‍तान   सरकार ने आरोप लगाया है कि उसके सैनिकों का खून बहाने वाले TTP  आतंकियों को अफगानिस्‍तान में शरण मिल रही है। पाकिस्‍तान ने स्पष्ट चेतावनी दी  है कि वह अफगानिस्‍तान में घुसकर TTP पर हमला करने से पीछे नहीं हटेगा।  पाकिस्‍तान के इस बयान पर तालिबानी आतंकी भड़क गए हैं और उन्‍होंने TTP को लेकर लगे आरोपों को आधारहीन करार दिया है।अफगानिस्तान के स्वतंत्र पत्रकार बिलाल सरवारी ने एक इंटरनल मेमो का हवाला देते हुए कहा कि पहली बार तालिबान ने पाकिस्तान से खतरा बताया है। तालिबान ने ये भी बताया है कि साल 2000 से 2021 तक वो सुरक्षित थे।  </p>
<p> </p>
<p>पत्रकार बिलाल सरवारी ने ट्वीट करते हुए अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय का एक लेटर जारी किया है। सरवारी ने कहा, "तालिबान के लीक हुए एक आंतरिक मेमो में पाकिस्तान के कबायली क्षेत्र के अंदर एक ISKP (आतंकी गुट) प्रशिक्षण शिविर की रिपोर्ट दी गई है। ISKP के पाकिस्तान से अफगानिस्तान के लोगर में बड़े पैमाने पर होने की चेतावनी दी गई है। दिलचस्प बात यह कि पहली बार तालिबान ने पाकिस्तान से खतरों की रिपोर्ट दी है, यह क्षेत्र 2002-2021 तक तालिबान का सुरक्षित ठिकाना था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Jan 2023 21:45:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पाक मंत्री के बयान पर भड़का तालिबान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p>पाकिस्तान के गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह की धमकी पर भड़के तालिबान ने मंगलवार को पाकिस्तान  को चेतावनी देते हुए कहा कि वह देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने के लिए तैयार है।तालिबान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान में टीटीपी के लगातार आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह ने धमकी देते हुए कहा था कि पाकिस्तान टीटीपी के ठिकानों पर मिलिट्री ऑपरेशन चला सकता है। </p>
<p>टोलो न्यूज के अनुसार, तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तान की ओर से की गई टिप्पणी को "भड़काऊ और निराधार" करार दिया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/126736/taliban-got-angry-on-the-statement-of-pak-minister"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-01/7.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p>पाकिस्तान के गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह की धमकी पर भड़के तालिबान ने मंगलवार को पाकिस्तान  को चेतावनी देते हुए कहा कि वह देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने के लिए तैयार है।तालिबान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान में टीटीपी के लगातार आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह ने धमकी देते हुए कहा था कि पाकिस्तान टीटीपी के ठिकानों पर मिलिट्री ऑपरेशन चला सकता है। </p>
<p>टोलो न्यूज के अनुसार, तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तान की ओर से की गई टिप्पणी को "भड़काऊ और निराधार" करार दिया है। तालिबानी रक्षा मंत्रालय ने कहा  कि इस तरह के आरोप दोनों देशों के बीच संबंधों को नुकसान पहुंचाते हैं और किसी भी मुद्दे या समस्या को बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने बयान जारी करते हुए कहा कि अफगानिस्तान, पाकिस्तान सहित अपने सभी पड़ोसी देशों के साथ शांतिपूर्ण संबंध चाहता है और इस लक्ष्य को हासिल करने के सभी तरीकों में विश्वास करता है।</p>
<p>तालिबान ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा  कि अगर पाकिस्तान अफगानिस्तान पर हमला करता है तो उसका अंजाम 1971 युद्ध की तरह ही होगा। तालिबान के शीर्ष नेता अहमद यासिर ने ट्वीट करते हुए लिखा कि पाकिस्तान को एक और युद्ध में हार से बचने के लिए अफगानिस्तान से दूर रहना चाहिए। बयान में तालिबान ने कहा कि यह बेहद ही निराशजनक है कि पाकिस्तानी अधिकारी अफगानिस्तान के बारे में गलत बयान दे रहे हैं। तालिबान ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान पूरी कोशिश कर रहा है पाकिस्तान या किसी अन्य देश के खिलाफ अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल न हो।</p>
<p>तालिबान के प्रवक्ता ने कहा कि हम इस लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध हैं, लेकिन पाकिस्तान की भी जिम्मेदारी है कि वो इस परिस्थिति को हल करें।इसके लिए जरूरी है कि पाकिस्तान आधारहीन बातचीत और उकसाने वाले विचार को त्यागे  क्योंकि संदेह का भाव किसी भी पक्ष के हित में नहीं है। बता दें कि अफगानिस्तान में तालिबान के दुबारा सत्ता में वापस आने के बाद से ही अफगानिस्तान में लगातार आतंकी हमले हो रहे हैं। इन घटनाओं के पीछे टीटीपी का हाथ बताया जा रहा है। पाकिस्तान का आरोप है कि टीटीपी के साथ दोस्ताना संबंध है और टीटीपी को रोकने के लिए तालिबान कुछ नहीं कर रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Jan 2023 18:07:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिलाओं पर प्रतिबंध लगाने पर संयुक्त राष्ट्र ने तालिबान को फटकारा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात । </strong></p>
<p>संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने अफगानिस्तान में महिलाओं के अधिकारों पर लगातार बढ़ते प्रतिबंधों की निंदा करते हुए मंगलवार को देश के तालिबान शासकों  को फटकार लगाई और  उन्हें तुरंत वापस लेने का आग्रह किया। सुरक्षा परिषद के बयान के मुताबिक, ‘‘ सुरक्षा परिषद ने अफगानिस्तान में महिलाओं के लिए छठी कक्षा से आगे के स्कूलों के निलंबन को लेकर एक बार फिर से गहरी चिंता व्यक्त की है। सुरक्षा परिषद अफगानिस्तान के विकास और प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं और लड़कियों की पूर्ण, समान और सार्थक भागीदारी की मांग करता है। ''</p>
<p>मानवाधिकारों के लिए संयुक्त</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/126627/un-slams-taliban-for-banning-women"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2022-12/114.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात । </strong></p>
<p>संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने अफगानिस्तान में महिलाओं के अधिकारों पर लगातार बढ़ते प्रतिबंधों की निंदा करते हुए मंगलवार को देश के तालिबान शासकों  को फटकार लगाई और  उन्हें तुरंत वापस लेने का आग्रह किया। सुरक्षा परिषद के बयान के मुताबिक, ‘‘ सुरक्षा परिषद ने अफगानिस्तान में महिलाओं के लिए छठी कक्षा से आगे के स्कूलों के निलंबन को लेकर एक बार फिर से गहरी चिंता व्यक्त की है। सुरक्षा परिषद अफगानिस्तान के विकास और प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं और लड़कियों की पूर्ण, समान और सार्थक भागीदारी की मांग करता है। ''</p>
<p>मानवाधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने अफगानिस्तान में महिलाओं को गैर-सरकारी संगठनों के लिए काम करने से रोकने के फैसले के "भयानक परिणामों" की ओर भी इशारा किया। दरअसल, तालिबान के अधिकारियों ने पिछले सप्ताह महिलाओं के लिए विश्वविद्यालय में जाकर शिक्षा प्राप्त करने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। तालिबान के इस फैसले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी आक्रोश है और अफगानिस्तान के कई शहरों में विरोध-प्रदर्शन भी हो रहे हैं। मानवाधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त तुर्क ने जिनेवा से एक बयान जारी कर कहा, ‘‘कोई भी देश अपनी आधी आबादी को बाहर रखकर सामाजिक और आर्थिक रूप से विकास नहीं कर सकता।''</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘महिलाओं और लड़कियों पर लगाए गए ये प्रतिबंध न केवल अफगानिस्तान में सभी लोगों की पीड़ा को बढ़ाएंगे, बल्कि मुझे डर है कि इससे अफगानिस्तान की सीमाओं से परे एक खतरा भी पैदा होगा।'' तालिबान ने अफगानिस्तान में सत्ता संभालने के बाद महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों का सम्मान करने वाले अधिक उदार शासन का वादा करने के बावजूद व्यापक रूप से इस्लामी कानून लागू किए हैं। उन्होंने माध्यमिक और उच्चत्तर माध्यमिक स्कूलों में लड़कियों के शिक्षा ग्रहण करने पर पाबंदी लगा दी है, महिलाओं को अधिकांश रोजगार से प्रतिबंधित कर दिया है और उन्हें सार्वजनिक रूप से सिर से पैर तक ढकने वाले कपड़े पहनने का आदेश दिया है। इसके अलावा, महिलाओं के पार्क और जिम में जाने पर भी पाबंदी है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Dec 2022 16:24:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अफगान-पाकिस्‍तान के बीच मड़रा रहे जंग के बादल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></p>
<p>अफगानिस्‍तान में तालिबान के सत्ता संभालने के एक साल बाद समाजिक व आर्थिक हालात बहुत दयनीय हैं। एक तरफ अफगान सीमा पर जहां पाकिस्‍तान और तालिबान के बीच जंग जैसे हालात हैं, वहीं राजधानी काबुल में पाकिस्‍तानी राजदूत को जान से मारने की कोशिश हुई है। इस बीच भारत  का जादू बहुत तेजी से तालिबान सरकार पर चला और यहां उसकी पकड़ फिर से मजबूत हो गई है। यही नहीं भारत के हरी झंडी दिखाने के बाद अब जापान भी अफगानिस्‍तान में दूतावास खोलने जा रहा है। जापान ने इस साल जब अफगानिस्‍तान में फिर से दूतावास खोलने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/126021/war-clouds-hovering-between-afghan-pakistan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2022-12/tali.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></p>
<p>अफगानिस्‍तान में तालिबान के सत्ता संभालने के एक साल बाद समाजिक व आर्थिक हालात बहुत दयनीय हैं। एक तरफ अफगान सीमा पर जहां पाकिस्‍तान और तालिबान के बीच जंग जैसे हालात हैं, वहीं राजधानी काबुल में पाकिस्‍तानी राजदूत को जान से मारने की कोशिश हुई है। इस बीच भारत  का जादू बहुत तेजी से तालिबान सरकार पर चला और यहां उसकी पकड़ फिर से मजबूत हो गई है। यही नहीं भारत के हरी झंडी दिखाने के बाद अब जापान भी अफगानिस्‍तान में दूतावास खोलने जा रहा है। जापान ने इस साल जब अफगानिस्‍तान में फिर से दूतावास खोलने पर विचार शुरू किया था तब उसने भारत से सलाह ली थी ताकि जमीनी हालात की सटीक जानकारी ली जा सके। </p>
<p>भारत ने इस साल जून 2022 में ही अपने दूतावास को सीमित रूप से खोल दिया था। भारत की सलाह के बाद जापान ने भी अपनी योजना को आगे बढ़ाया और 21 अक्‍टूबर को इसका ऐलान कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक  भारत ने एक बार फिर से तालिबान राज में भी अफगानिस्‍तान में अपनी स्थिति को मजबूत कर लिया है। हालांकि भारत की अफगानिस्‍तान में अभी भी मौजूदगी एक संवेदनशील मामला है। भारत ने अभी एक तकनीकी टीम को ही भेजा है। पाकिस्‍तान का करीबी तालिबानी गृहमंत्री सिराजुद्दीन हक्‍कानी भी कह चुका है कि वह भारत विरोधी तत्‍वों के खिलाफ ऐक्‍शन लेगा। भारत ने अफगानिस्‍तान की जनता के लिए बड़े पैमाने पर गेहूं भेजा है। भारत विकास परियोजनाओं को फिर से शुरू करने जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की स्थिति अच्‍छी है लेकिन उसे सतर्कतापूर्वक कदम उठाने होंगे।</p>
<p>इससे पहले तालिबान राज आने के ठीक पहले भारत ने खुद को पूरी तरह से काबुल से निकाल लिया था। भारत के इस कदम पर विदेशी मामलों के विशेषज्ञों ने सवाल उठाए थे। भारत के जाने के बाद इस बात की आशंका बढ़ गई थी कि पाकिस्‍तान अफगानिस्‍तान का खुलकर इस्‍तेमाल करेगा। पाकिस्‍तान की हमेशा से ही कोशिश रही है कि वह अफगानिस्‍तान में भारत के प्रभाव को कम करे। साथ ही अफगानिस्‍तान को कश्‍मीर में सक्रिय आतंकियों के लिए पनाहगार के रूप में इस्‍तेमाल करे।भारत के इस डर की वजह पाकिस्‍तानी सेना, ISI और तालिबान के बीच करीबी रिश्‍ते थे। यही नहीं सितंबर 2021 में तालिबान सरकार आने के बाद ISI के तत्‍कालीन चीफ फैज हामिद ने काबुल का दौरा भी किया था। हालांकि एक साल में अब हालात बहुत बदल चुके हैं।</p>
<p> <br />अफगानिस्‍तान में तालिबान राज आने के बाद पाकिस्‍तान को उम्‍मीद थी कि वह अब इस युद्धग्रस्‍त देश पर पर्दे के पीछे से राज करेगा। यही वजह थी कि पाकिस्‍तान की सरकार और सेना ने तालिबान की खुलकर मदद की।पाकिस्‍तानी सेना और तालिबान के बीच आए दिन सीमा पर भीषण गोलाबारी और हवाई हमले हो रहे हैं। तालिबान ने पाकिस्‍तान को अलग करने वाली डूरंड लाइन को मानने से इंकार कर दिया है। यही नहीं तालिबान के राज में तहरीक-ए-तालिबान आतंकियों ने पाकिस्‍तान पर हमले तेज कर दिया है। TTP और पाकिस्‍तानी सेना के बीच तालिबान की मध्‍यस्‍थता से हुआ शांति समझौता भी टूट गया है। TTP के अफगानिस्‍तान में 4000 आतंकी सक्रिय हैं। TTP ने फिर से खून बहाना शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार TTP ने इस्‍लामिक स्‍टेट खुरासान प्रांत से हाथ मिला लिया है  इसी   ने काबुल में पाकिस्‍तानी राजदूत को मारने की कोशिश की है। तालिबान राज आने के बाद पाकिस्‍तान में हमलों में 50 फीसदी की तेजी आई है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/126021/war-clouds-hovering-between-afghan-pakistan</link>
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                <pubDate>Mon, 05 Dec 2022 12:13:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अपराधियों को शरेआम चौराहे पर पड़ेंगे कोड़े, चोरों के कटेंगे हाथ-पैर! तालिबान के अफगानिस्तान में फिर से शरिया कानून लागू</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></p>
<p>अफगानिस्तान में 21 साल बाद फिर शरिया कानून लौट आया है. तालिबान ने इसका ऐलान कर दिया है. तालिबानी सरकार ने सभी जजों को शरिया कानून के तहत अपराधियों को सजा सुनाने को कहा है...<br />तालिबान की सरकार ने सभी जजों से साफ कहा है कि वो इस्लामिक कानून को पूरी तरह से लागू करें. इसके बाद अब अपराधियों को शरिया कानून के तहत सजा दी जाएगी. इसमें पत्थरबाजी, कोड़े मारना, चौराहे पर फांसी पर लटकाना और चोरों के हाथ-पैर काटने की सजा दी जाएगी.<br />अमेरिकी सेना की वापसी के बाद पिछले साल 15 अगस्त को तालिबान अफगानिस्तान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/125479/criminals-will-be-flogged-openly-at-crossroads-hands-and-feet"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2022-11/taliban.webp" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></p>
<p>अफगानिस्तान में 21 साल बाद फिर शरिया कानून लौट आया है. तालिबान ने इसका ऐलान कर दिया है. तालिबानी सरकार ने सभी जजों को शरिया कानून के तहत अपराधियों को सजा सुनाने को कहा है...<br />तालिबान की सरकार ने सभी जजों से साफ कहा है कि वो इस्लामिक कानून को पूरी तरह से लागू करें. इसके बाद अब अपराधियों को शरिया कानून के तहत सजा दी जाएगी. इसमें पत्थरबाजी, कोड़े मारना, चौराहे पर फांसी पर लटकाना और चोरों के हाथ-पैर काटने की सजा दी जाएगी.<br />अमेरिकी सेना की वापसी के बाद पिछले साल 15 अगस्त को तालिबान अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज हो गया था. तालिबानियों के कब्जे के बाद राष्ट्रपति अशरफ गनी देश छोड़कर भाग गए थे. तालिबान जब सत्ता में आया था तो उसने खुद को बदलने की बात कही थी. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. तालिबानी सरकार लगातार कई तरह के प्रतिबंध लगाती जा रही है. हाल ही में महिलाओं की पार्क और जिम में एंट्री भी बंद कर दी गई है. 1996 से 2001 के बीच भी जब तालिबान सत्ता में था, तो उसने शरिया कानून लागू कर दिया था. तब भी उसकी आलोचना हुई थी. </p>
<p><strong>क्या है शरिया कानून ?</strong><br />शरिया कानून इस्लाम की कानूनी व्यवस्था है. शरिया का शाब्दिक अर्थ 'पानी का एक साफ और व्यवस्थित रास्ता' होता है.<br />शरिया कानून में अपराध को तीन श्रेणियों- 'हुदुद', 'किसस' और 'ताजीर' में बांटा गया है. हुदुद में गंभीर अपराधों आते हैं, जिनमें सजा जरूरी है. जबकि, किसस में बदले की भावना जैसा है, जिसे अक्सर आंख के बदले आंख भी कहा जाता है.<br />'हुदुद' की श्रेणी में व्यभिचार (एडल्ट्री), किसी पर झूठा इल्जाम लगाना, शराब पीना, चोरी करना, अपहरण करना, डकैती करना, मजहब त्यागना या विद्रोह जैसे अपराध शामिल हैं.<br />'किसस' की श्रेणी में मर्डर और किसी को जानबूझकर चोट पहुंचाना जैसे अपराध शामिल हैं. इसमें अपराधी के साथ वैसा ही किया जाता<br />है, जैसा वो करता है.<br />जबकि, 'ताजीर' में उन अपराधों को शामिल किया गया है, जिसमें किसी तरह की सजा का जिक्र नहीं है. ऐसे मामलों में जजों के विवेक पर सजा तय होती है.</p>
<p><strong>क्या-क्या मिलती है सजा?</strong><br />शरिया कानून के तहत अपराधियों को कोड़े मारने की सजा से लेकर मौत की सजा देने तक का प्रावधान है. इस दौरान अपराधी को बुरी<br />तरह यातनाएं भी दी जाती हैं. इसलिए शरिया कानून की कई सजाओं पर संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंध लगा रखा है.<br />इस कानून के तहत, एडल्ट्री करने वालों को कोड़े मारने की सजा दी जाती है. कई मामलों में अपराधी को पत्थर से मारकर मौत की सजा दी जाती है. चोरी करने पर चोर के हाथ काट दिए जाते हैं. अगर चोरी के दौरान हथियार का इस्तेमाल हुआ है तो फिर उसके हाथ और पैर दोनों भी काटे जा सकते हैं. चोरी की गंभीरता पर भी सजा निर्भर करती है. कई मामलों में फांसी पर भी लटका दिया जाता है. वहीं, हत्या के लिए मौत की सजा है. ऐसे मामलों को किसस की श्रेणी में डाला गया है. किसस पीड़ित या अपराध के शिकार परिवारों पर निर्भर है. वो चाहें तो अपराधी को मौत की सजा भी दे सकते हैं या फिर माफ कर सकते हैं या उससे मुआवजा ले सकते हैं.<br />जबकि, ताजीर के मामलों में अपराधी को गंभीर चेतावनी दी जाती है या फिर कुछ-कुछ मामलों में उसे भी मौत की सजा सुनाई जाती है. ताजीर की श्रेणी में उन मामलों को रखा गया है जिनके लिए शरिया में कोई विशिष्ट सजा नहीं है. हालांकि, इन मामलों में सबकुछ जज के विवेक पर निर्भर करता है.<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Nov 2022 00:16:43 +0530</pubDate>
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                <title>तालिबानी शासकों ने जारी किया नया हुक्म, अफगानिस्तान में महिलाओं के जिम जाने पर प्रतिबन्ध </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात <br /></strong></p>
<p>अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद से तालिबान अब तक कई फरमान जारी कर चुका है। गुरुवार को तालिबान ने अफगानिस्ता नमें महिलाओं के जिम जाने पर प्रतिबंध लगा लगा दिया है। तालिबान के एक साल से अधिक समय पहले सत्ता संभालने के बाद से महिलाओं के अधिकारों और स्वतंत्रता पर नकेल कसने का यह नया फरमान है।</p>
<p>तालिबान पिछले साल अगस्त 2021 में सत्ता पर काबिज हुआ था। उन्होंने देश में माध्यमिक और हाई स्कूल जाने पर लड़कियों पर प्रतिबंध लगा दिया है, महिलाओं को रोजगार के ज्यादातर क्षेत्रों में प्रतिबंधित कर दिया है और महिलाओं को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/125444/taliban-rulers-issued-a-new-order-banning-women-from-going"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2022-11/tali.webp" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात <br /></strong></p>
<p>अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद से तालिबान अब तक कई फरमान जारी कर चुका है। गुरुवार को तालिबान ने अफगानिस्ता नमें महिलाओं के जिम जाने पर प्रतिबंध लगा लगा दिया है। तालिबान के एक साल से अधिक समय पहले सत्ता संभालने के बाद से महिलाओं के अधिकारों और स्वतंत्रता पर नकेल कसने का यह नया फरमान है।</p>
<p>तालिबान पिछले साल अगस्त 2021 में सत्ता पर काबिज हुआ था। उन्होंने देश में माध्यमिक और हाई स्कूल जाने पर लड़कियों पर प्रतिबंध लगा दिया है, महिलाओं को रोजगार के ज्यादातर क्षेत्रों में प्रतिबंधित कर दिया है और महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों पर सिर से लेकर पैर तक बुर्के में ढके रहने का आदेश दिया था।</p>
<p>धार्मिक मामलों के मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि प्रतिबंध लगाया जा रहा है क्योंकि लोग आदेशों की अनदेखी कर रहे थे और महिलाओं ने हिजाब पहनने संबंधी नियमों का पालन नहीं किया। महिलाओं के पार्क में जाने पर भी पाबंदी है। महिलाओं के जिम और पार्क में जाने पर प्रतिबंध इसी हफ्ते से लागू हो गया है।</p>
<p><strong>प्रतिबन्ध लगाने का कारन </strong><br />प्रवक्ता ने कहा, 'लेकिन, दुर्भाग्य से, आदेशों का पालन नहीं किया गया और नियमों का उल्लंघन किया गया और हमें महिलाओं के लिए पार्क और जिम बंद करने पड़े।' उन्होंने कहा, 'ज्यादातर मौकों पर हमने पुरुषों और महिलाओं, दोनों को एकसाथ कई पार्क में देखा है और दुर्भाग्य से उन्होंने हिजाब नहीं पहन रखा था। इसलिए हमें एक और निर्णय लेना पड़ा और हमने सभी पार्क और जिम को महिलाओं के लिए बंद करने का आदेश दिया।'<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Nov 2022 00:18:29 +0530</pubDate>
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