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                <title>स्वास्थ्य जागरूकता - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>तनाव के बढ़ते कारण और संतुलित जीवन की आवश्यकता</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">आज का युग विज्ञान तकनीक और भौतिक सुविधाओं का युग है। मनुष्य ने विकास के अनेक नए आयाम स्थापित किए हैं। इसके बावजूद उसका जीवन पहले की अपेक्षा अधिक तनावपूर्ण होता जा रहा है। बाहरी सुख सुविधाओं की वृद्धि के साथ मन की शांति घटती जा रही है। चिंता असंतोष प्रतिस्पर्धा महत्त्वाकांक्षा और जीवनशैली में आए असंतुलन ने मनुष्य को मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर बना दिया है। तनाव अब केवल किसी एक वर्ग की समस्या नहीं रहा बल्कि यह समाज के प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का हिस्सा बन गया है। यदि समय रहते इसके कारणों को नहीं समझा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182702/reasons-for-increasing-stress-and-need-for-a-balanced-life"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/images-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">आज का युग विज्ञान तकनीक और भौतिक सुविधाओं का युग है। मनुष्य ने विकास के अनेक नए आयाम स्थापित किए हैं। इसके बावजूद उसका जीवन पहले की अपेक्षा अधिक तनावपूर्ण होता जा रहा है। बाहरी सुख सुविधाओं की वृद्धि के साथ मन की शांति घटती जा रही है। चिंता असंतोष प्रतिस्पर्धा महत्त्वाकांक्षा और जीवनशैली में आए असंतुलन ने मनुष्य को मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर बना दिया है। तनाव अब केवल किसी एक वर्ग की समस्या नहीं रहा बल्कि यह समाज के प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का हिस्सा बन गया है। यदि समय रहते इसके कारणों को नहीं समझा गया तो यह व्यक्ति परिवार और समाज तीनों के लिए गंभीर संकट का रूप ले सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तनाव का सबसे बड़ा कारण दूषित वातावरण और प्रदूषण है। बढ़ता शोर वायु प्रदूषण और अव्यवस्थित जीवन मनुष्य के साथ साथ पशुओं को भी प्रभावित कर रहा है। लगातार शोर और प्रदूषण से शरीर और मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। शांत और स्वच्छ वातावरण मनुष्य के मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसलिए पर्यावरण की रक्षा केवल प्रकृति की सुरक्षा नहीं बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा भी है। महत्त्वाकांक्षा जीवन में प्रगति का आधार है लेकिन जब यह असीमित हो जाती है तब यही तनाव का सबसे बड़ा कारण बनती है। प्रत्येक व्यक्ति सम्मान सफलता और प्रतिष्ठा चाहता है। जब उसकी इच्छाएँ पूरी नहीं होतीं तब वह निराशा और तनाव से घिर जाता है। दूसरों से आगे निकलने की अंधी दौड़ मनुष्य को संतोष से दूर ले जाती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वह वर्तमान की उपलब्धियों का आनंद लेने के बजाय भविष्य की कल्पनाओं में उलझा रहता है। यही असंतोष धीरे धीरे उसके जीवन की शांति समाप्त कर देता है। एक किसान की कथा इस सत्य को स्पष्ट करती है। किसान को जितनी भूमि मिलती गई उसकी इच्छा उतनी ही बढ़ती गई। अंत में अधिक भूमि पाने की लालसा में वह लगातार दौड़ता रहा और थककर उसकी मृत्यु हो गई। यह कहानी बताती है कि अनियंत्रित महत्त्वाकांक्षा अंततः जीवन का सुख और शांति दोनों छीन लेती है। आज का मनुष्य भी बिना लक्ष्य और संतोष के इसी प्रकार भाग रहा है। उसे यह सोचने का समय नहीं है कि उसकी दौड़ का उद्देश्य क्या है।</div>
<div style="text-align:justify;">अत्यधिक चिंता और निरर्थक चिंतन भी तनाव का बड़ा कारण है। जो व्यक्ति हर समय भविष्य की आशंकाओं और कल्पनाओं में डूबा रहता है उसका मन कभी शांत नहीं रह सकता। लगातार सोचते रहने से मानसिक ऊर्जा नष्ट होती है और व्यक्ति अवसाद तथा अनेक मानसिक रोगों का शिकार हो जाता है। इसलिए आवश्यक है कि मनुष्य केवल उतना ही चिंतन करे जितना आवश्यक हो और शेष समय सकारात्मक कार्यों में लगाए।क्रोध ईर्ष्या प्रतिशोध और नकारात्मक भावनाएँ भी तनाव को बढ़ाती हैं। जब मनुष्य दूसरों के प्रति द्वेष रखता है तब उसका मन निरंतर अशांत रहता है। प्रतिशोध की भावना वर्षों तक मनुष्य की ऊर्जा को नष्ट करती रहती है। इसके विपरीत क्षमा सहनशीलता और सद्भाव मन को हल्का बनाते हैं तथा तनाव को दूर करते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज समाज में नैतिक मूल्यों का भी तेजी से पतन हो रहा है। लोग अपने अधिकारों की बात तो करते हैं लेकिन अपने कर्तव्यों को भूलते जा रहे हैं। दूसरों की आलोचना करना और स्वयं को श्रेष्ठ मानना सामान्य प्रवृत्ति बन गई है। जब व्यक्ति स्वयं को सुधारने के बजाय दूसरों को बदलने का प्रयास करता है तब उसके भीतर असंतोष और तनाव जन्म लेता है। वास्तविक परिवर्तन की शुरुआत स्वयं से होती है। आत्मानुशासन ही जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मन का अनुशासन तनाव से मुक्ति का सबसे प्रभावी उपाय है। जो व्यक्ति अपनी इच्छाओं विचारों और व्यवहार पर नियंत्रण रखता है वह कठिन परिस्थितियों में भी शांत रहता है। इसके विपरीत जो व्यक्ति दूसरों पर शासन करना चाहता है वह स्वयं चिंता और असुरक्षा से घिरा रहता है। इसलिए आत्मसंयम और आत्मनियंत्रण जीवन को संतुलित और सुखी बनाते हैं। भोजन का मन और शरीर दोनों पर गहरा प्रभाव पड़ता है। असंतुलित अशुद्ध और तामसिक भोजन शरीर में अनेक विकार उत्पन्न करता है जिससे मानसिक तनाव भी बढ़ता है। भोजन हमेशा शांत मन से संयमपूर्वक और उचित मात्रा में करना चाहिए। ग्रामीण जीवन का उदाहरण बताता है कि सरल सात्त्विक भोजन और नियमित दिनचर्या व्यक्ति को अधिक स्वस्थ और तनावमुक्त बनाए रखती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शारीरिक स्थिति और जीवनशैली भी तनाव को प्रभावित करती है। गलत ढंग से बैठना लगातार काम करते रहना या अत्यधिक विश्राम करना दोनों ही शरीर के लिए हानिकारक हैं। शरीर में ऊर्जा और रक्त का संतुलित प्रवाह तभी संभव है जब व्यक्ति सही मुद्रा में बैठे नियमित व्यायाम करे और पर्याप्त विश्राम भी ले। इसी प्रकार पर्याप्त और नियमित नींद मानसिक तथा शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। नींद की कमी से चिड़चिड़ापन थकान और तनाव बढ़ता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज आर्थिक असुरक्षा भी तनाव का एक बड़ा कारण बन गई है। बढ़ती महँगाई बेरोजगारी और अधिक धन कमाने की होड़ ने मनुष्य के जीवन को बेचैन बना दिया है। धन आवश्यक है लेकिन जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं। यदि मनुष्य संतोष ईमानदारी और सादगी को अपनाए तो आर्थिक चुनौतियों का सामना भी अधिक धैर्य और आत्मविश्वास के साथ कर सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;">तनाव से मुक्त जीवन का आधार संतुलन है। इच्छाओं में संतुलन विचारों में संतुलन भोजन में संतुलन कार्य और विश्राम में संतुलन तथा जीवन मूल्यों में संतुलन ही स्वस्थ और सुखी जीवन का मार्ग है। मनुष्य यदि वर्तमान में जीना सीखे सकारात्मक सोच अपनाए प्रकृति के निकट रहे और आत्मानुशासन का पालन करे तो वह तनाव पर काफी हद तक विजय प्राप्त कर सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अंततः कहा जा सकता है कि तनाव किसी एक कारण से उत्पन्न नहीं होता बल्कि अनेक छोटी छोटी असंतुलित आदतों और विचारों का परिणाम होता है। इसलिए केवल बाहरी परिस्थितियों को बदलने से समाधान संभव नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि मनुष्य अपने भीतर संतोष संयम सद्भाव और सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास करे। जब मन संतुलित होगा तब जीवन भी संतुलित होगा और तभी वास्तविक सुख शांति तथा सफलता प्राप्त की जा सकेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 19:32:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>योग दिवस: सिर्फ इवेंट बनकर न रह जाए</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">  </p>
<blockquote class="format2"><strong>राजीव शुक्ल-संपादक </strong></blockquote>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">21<span lang="hi" xml:lang="hi">  जून </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi">  को </span>11<span lang="hi" xml:lang="hi">वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस देशभर में मनाया गया। राजधानी दिल्ली के साथ साथ देश के हर शहर और कस्बों में हजारों जगहों पर कार्यक्रम हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री मोदी कोलकाता में विशेष सत्र में शामिल हुए। तस्वीरें अच्छी आईं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बयानबाजी हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अगले दिन सब सामान्य हो गया। अब सवाल ये है कि क्या योग दिवस सिर्फ एक दिन का इवेंट बनकर रह गया है या इसका जमीनी असर भी दिख रहा है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतीकवाद: जो दिखता है- हर साल </span>21<span lang="hi" xml:lang="hi">  जून को योग दिवस का मतलब हो जाता है: सरकारी</span>,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181923/yoga-day-should-not-remain-just-an-event"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images.jpeg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="format2"><strong>राजीव शुक्ल-संपादक </strong></blockquote>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">21<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> को </span>11<span lang="hi" xml:lang="hi">वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस देशभर में मनाया गया। राजधानी दिल्ली के साथ साथ देश के हर शहर और कस्बों में हजारों जगहों पर कार्यक्रम हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री मोदी कोलकाता में विशेष सत्र में शामिल हुए। तस्वीरें अच्छी आईं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बयानबाजी हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अगले दिन सब सामान्य हो गया। अब सवाल ये है कि क्या योग दिवस सिर्फ एक दिन का इवेंट बनकर रह गया है या इसका जमीनी असर भी दिख रहा है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतीकवाद: जो दिखता है- हर साल </span>21<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून को योग दिवस का मतलब हो जाता है: सरकारी अधिकारी मैट पर बैठे हुए फोटो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्कूल-कॉलेज में अनिवार्य ड्रिल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सोशल मीडिया पर सेलेब्स के वीडियो</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">विदेशों में भारतीय दूतावासों के कार्यक्रम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये सब जरूरी है। इसने योग को ग्लोबल ब्रांड बनाया। </span>2014<span lang="hi" xml:lang="hi"> से पहले योग को "हिंदू प्रैक्टिस" कहकर खारिज किया जाता था। आज </span>190+ <span lang="hi" xml:lang="hi">देश इसे मनाते हैं। यूएन ने </span>2014<span lang="hi" xml:lang="hi"> में </span>21<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। लेकिन प्रतीकवाद की सीमा यही है कि वो एक दिन में ही खत्म हो जाता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जमीनी हकीकत: आंकड़े क्या कहते हैं</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">सकारात्मक पक्ष- आयुष मंत्रालय के मुताबिक </span>2024<span lang="hi" xml:lang="hi"> तक </span>1.2<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख से ज्यादा योग इंस्ट्रक्टर ट्रेंड हो चुके हैं। अब योग को भी स्कूलों में शामिल किया जाने लगा है। सीबीएसई ने </span>6-12<span lang="hi" xml:lang="hi"> क्लास में योग को पार्ट बनाया है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मेडिकल टूरिज्म-</span>,  <span lang="hi" xml:lang="hi">ऋषिकेश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केरल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मैसूर में योग-आयुर्वेद के लिए विदेशी आ रहे हैं। ये </span>8000<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ का इंडस्ट्री बन गया है। इसका एक कमजोर पक्ष यह है कि ग्रामीण भारत में इसकी पहुंच बहुत कम या ना के बराबर है। एनसीआरबी का हेल्थ सर्वे कहता है कि </span>70%<span lang="hi" xml:lang="hi"> ग्रामीण लोग रोज योग नहीं करते। उनके लिए योग "शहरियों का शौक" है। क्वालिटी का सवाल- </span>15<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिन के सर्टिफिकेट कोर्स से बने इंस्ट्रक्टर स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। इससे गलत प्रैक्टिस का खतरा है। निरंतरता नहीं-  </span>21<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून के बाद ज्यादातर लोग मैट समेट देते हैं। रोजाना योग करने वालों की संख्या </span>15%<span lang="hi" xml:lang="hi"> से ज्यादा नहीं बढ़ी। असर कहां दिखना चाहिए था</span>?- <span lang="hi" xml:lang="hi">योग को स्वास्थ्य नीति का हिस्सा बनना था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन हुआ नहीं। नॉन-कम्यूनिकेबल डिजीज पर रोक-  भारत में डायबिटीज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हाई </span>BP, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्ट्रेस के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। </span>ICMR <span lang="hi" xml:lang="hi">कहता है कि </span>2030<span lang="hi" xml:lang="hi"> तक </span>13.4<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ लोग डायबिटिक होंगे। योग प्रिवेंटिव हेल्थ में काम करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन आयुष बजट कुल हेल्थ बजट का सिर्फ </span>2.3%<span lang="hi" xml:lang="hi"> है। मानसिक स्वास्थ्य-</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">NIMHANS <span lang="hi" xml:lang="hi">के डेटा के मुताबिक भारत में </span>15% <span lang="hi" xml:lang="hi">लोग मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं। योग और प्राणायाम का असर डिप्रेशन-एंग्जाइटी में साबित है। लेकिन मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में योग को मेनस्ट्रीम नहीं किया गया। स्कूलों में योग पीरियड है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन परीक्षा में नहीं पूछा जाता। बच्चे </span>45 <span lang="hi" xml:lang="hi">मिनट करके भूल जाते हैं। अगर इसे फिजिकल एजुकेशन का ग्रेड हिस्सा बनाया जाए तो आदत बने। दूसरे देशों ने क्या किया</span>?- <span lang="hi" xml:lang="hi">अमेरिका में </span>20,000 <span lang="hi" xml:lang="hi">से ज्यादा स्कूलों में "</span>Yoga in Schools" <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रोग्राम चलता है। इंश्योरेंस कंपनियां योग करने वालों को प्रीमियम में छूट देती हैं। चीन में ताई-ची को नेशनल फिटनेस प्रोग्राम बनाया। हर पार्क में सुबह ग्रुप प्रैक्टिस होती है। भारत में हम इवेंट कर रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन पब्लिक हेल्थ सिस्टम में योग को इंटीग्रेट नहीं किया। सवाल यह उठता है कि अब क्या करना चाहिए</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतीकवाद से हटकर पॉलिसी बनाओ। योग दिवस को सिर्फ इवेंट न रखो। हर जिला अस्पताल में योग थेरेपी सेंटर हो। आयुष्मान भारत में योग कवर हो। क्वालिटी कंट्रोल ऐसा हो जो भी योग सिखाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसकी ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन सख्त हो। गलत आसन से स्पाइन इंजरी के केस बढ़ रहे हैं। ग्रामीण फोकस-  हर पंचायत में एक योग मित्र हो। जैसे आशा वर्कर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वैसे ही योग वर्कर। उन्हें स्टाइपेंड मिले। डेटा पर काम करो- योग से कितने लोगों का शुगर कंट्रोल हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कितनों की दवा कम हुई - ये डेटा इकट्ठा करो। तभी पॉलिसी मेकर मानेंगे। योग दिवस का महत्व कम नहीं हुआ है। इसने भारत की सॉफ्ट पावर बढ़ाई है। लेकिन अगर अगले </span>10 <span lang="hi" xml:lang="hi">साल भी हम सिर्फ </span>21 <span lang="hi" xml:lang="hi">जून को मैट बिछाते रहे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो योग "इंस्टाग्रामेबल एक्टिविटी" बनकर रह जाएगा। योग का असली मकसद था - "योगः कर्मसु कौशलम्"। काम में कुशलता। वो कुशलता तब आएगी जब योग स्कूल की क्लास से निकलकर अस्पताल की </span>OPD, <span lang="hi" xml:lang="hi">फैक्ट्री के ब्रेक रूम और गांव के चौपाल तक पहुंचे। तस्वीरें अच्छी लगती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन बदलाव तब दिखता है जब किसी गांव के डायबिटिक मरीज की दवा आधी हो जाए क्योंकि उसने रोज </span>30 <span lang="hi" xml:lang="hi">मिनट अनुलोम-विलोम किया।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 16:27:27 +0530</pubDate>
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                <title>विश्व योग दिवस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा विशाल योग कार्यक्रम का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /></p><blockquote class="format1"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">लखनऊ</span></strong>,  </blockquote><p><span lang="hi" xml:lang="hi">विश्व योग दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उत्तर भाग के महाराजा सुहेलदेव नगर द्वारा श्रीराम शाखा पर भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम श्रीराम अकैडमी इंटर कॉलेज परिसर में संपन्न हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें समाज के सैकड़ों नागरिकों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संघ के स्वयंसेवकों एवं पदाधिकारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।</span></p><p><span lang="hi" xml:lang="hi">कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं श्रीराम अकैडमी इंटर कॉलेज के प्रबंधक</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">श्रवण मिश्रा</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत पुनः विश्व गुरु बनने की दिशा में अग्रसर है। इसका सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि भारत की प्राचीन योग परंपरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">योग चिकित्सा एवं योग</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181921/rashtriya-swayamsevak-sangh-organizes-huge-yoga-program-on-world-yoga"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-21-at-15.08.50-(1)-(1).jpeg" alt=""></a><br /><p><br /></p><blockquote class="format1"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">लखनऊ</span></strong>,  </blockquote><p><span lang="hi" xml:lang="hi">विश्व योग दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उत्तर भाग के महाराजा सुहेलदेव नगर द्वारा श्रीराम शाखा पर भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम श्रीराम अकैडमी इंटर कॉलेज परिसर में संपन्न हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें समाज के सैकड़ों नागरिकों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संघ के स्वयंसेवकों एवं पदाधिकारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।</span></p><p><span lang="hi" xml:lang="hi">कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं श्रीराम अकैडमी इंटर कॉलेज के प्रबंधक</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">श्रवण मिश्रा</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत पुनः विश्व गुरु बनने की दिशा में अग्रसर है। इसका सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि भारत की प्राचीन योग परंपरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">योग चिकित्सा एवं योग पद्धति को आज पूरा विश्व अपना रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वभर के लोग भारतीय सनातन संस्कृति और उसकी परंपराओं को जानने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समझने और अपनाने के लिए उत्सुक हैं।</span></p><p><span lang="hi" xml:lang="hi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-21-at-15.08.50-(1)-(1).jpeg" alt="विश्व योग दिवस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा विशाल योग कार्यक्रम का आयोजन" width="1080" height="810"></img></span></p><p><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को संगठित रहने की आवश्यकता है और योग इस दिशा में एक महत्वपूर्ण माध्यम सिद्ध हो रहा है। योग से तन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मन और मस्तिष्क स्वस्थ रहते हैं तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक इस कार्य को कुशलतापूर्वक समाज तक पहुंचा रहे हैं।</span></p><p><span lang="hi" xml:lang="hi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-21-at-15.08.50.jpeg" alt="विश्व योग दिवस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा विशाल योग कार्यक्रम का आयोजन" width="1080" height="810"></img></span></p><p><span lang="hi" xml:lang="hi">इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह जिला बौद्धिक प्रमुख</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">त्रियुगी नाथ</span></strong>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नगर संघ चालक</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">संतोष</span></strong>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सह नगर संघ चालक</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">श्यामू</span></strong>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भाग सद्भाव संयोजक</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">सुधीर</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तथा नगर समरसता प्रमुख</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">विनोद</span></strong><strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।</span></p><p><span lang="hi" xml:lang="hi">कार्यक्रम में नगर समरसता प्रमुख</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">विनोद </span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">ने उपस्थित सभी आगंतुकों को विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया तथा योग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम का समापन स्वस्थ एवं जागरूक समाज के निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181921/rashtriya-swayamsevak-sangh-organizes-huge-yoga-program-on-world-yoga</link>
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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 16:20:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्क्रमित मध्य विद्यालय हरिजन करमा में मनाया गया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का दिया गया संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>चौपारण हजारीबाग झारखंड:-</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  चौपारण में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर करमा पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय हरिजन करमा परिसर में भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योगाभ्यास किया तथा स्वस्थ और निरोग जीवन जीने का संकल्प लिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में मुख्य रूप से करमा पंचायत की मुखिया देवंती देवी, विधायक प्रतिनिधि राजदेव यादव, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नरेश भुइयां तथा विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुरेंद्र दास उपस्थित रहे। योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में उपस्थित लोगों ने विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181906/international-yoga-day-celebrated-in-upgraded-middle-school-harijan-karma"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/news-10.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>चौपारण हजारीबाग झारखंड:-</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> चौपारण में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर करमा पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय हरिजन करमा परिसर में भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योगाभ्यास किया तथा स्वस्थ और निरोग जीवन जीने का संकल्प लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में मुख्य रूप से करमा पंचायत की मुखिया देवंती देवी, विधायक प्रतिनिधि राजदेव यादव, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नरेश भुइयां तथा विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुरेंद्र दास उपस्थित रहे। योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में उपस्थित लोगों ने विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया। इस दौरान योग के महत्व और इसके शारीरिक एवं मानसिक लाभों की जानकारी भी दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर विधायक प्रतिनिधि राजदेव यादव ने कहा कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से मजबूत एवं आत्मिक रूप से संतुलित रहता है। उन्होंने सभी लोगों से अपने दैनिक जीवन में योग को अपनाने की अपील की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुखिया देवंती देवी ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की एक संपूर्ण पद्धति है। वर्तमान समय में बढ़ती बीमारियों और तनावपूर्ण जीवनशैली के बीच योग लोगों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रहा है। उन्होंने पंचायत के लोगों से नियमित योग करने का आग्रह किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानाध्यापक सुरेंद्र दास ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए योग अत्यंत आवश्यक है। योग से एकाग्रता बढ़ती है, मानसिक तनाव कम होता है तथा शारीरिक क्षमता का विकास होता है। विद्यालय में समय-समय पर योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने नियमित योग करने तथा अपने परिवार एवं समाज को भी योग के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, ऊर्जा और स्वास्थ्य जागरूकता से परिपूर्ण रहा।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181906/international-yoga-day-celebrated-in-upgraded-middle-school-harijan-karma</link>
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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 13:49:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग के भांभर रेंज में मनाया गया 12वाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर  </strong>  12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग के वन विश्राम भवन, भांभर रेंज में एक विशेष 'वन योग कार्यक्रम' का आयोजन किया गया। रेंजर श्री योगेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रकृति की शांत वादियों के बीच वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षा बलों ने मिलकर योग का अभ्यास किया और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ उत्तम स्वास्थ्य का संदेश दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">
<div>प्रातःकाल आयोजित इस योग शिविर में वन विभाग की टीम के साथ-साथ देश की सुरक्षा में तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा</div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181879/12th-international-yoga-day-celebrated-in-bhambhar-range-of-sohelwa"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260621-wa0312.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर  </strong> 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग के वन विश्राम भवन, भांभर रेंज में एक विशेष 'वन योग कार्यक्रम' का आयोजन किया गया। रेंजर श्री योगेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रकृति की शांत वादियों के बीच वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षा बलों ने मिलकर योग का अभ्यास किया और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ उत्तम स्वास्थ्य का संदेश दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">
<div>प्रातःकाल आयोजित इस योग शिविर में वन विभाग की टीम के साथ-साथ देश की सुरक्षा में तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जवानों और वन कर्मियों का यह अनूठा संगम अनुशासन और स्फूर्ति की मिसाल पेश कर रहा था। इसके अलावा क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और युवाओं ने भी इस कार्यक्रम में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।</div>
<div>समाजसेवियों और ग्रामीणों ने भी लिया हिस्सा</div>
<div> </div>
<div>योग केवल सरकारी अमले तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें स्थानीय समाज की भी गहरी भागीदारी दिखी। क्षेत्र के युवा समाजसेवी सुनील कुमार त्रिपाठी, बबलू वाल्मीकि, रमेश कुमार यादव, और रामसूरत ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर विभिन्न आसन और प्राणायाम किए।</div>
<div>रेंजर श्री योगेश कुमार सिंह ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि, "प्रकृति और योग का गहरा संबंध है। जंगलों के बीच योग करने से मानसिक शांति और शुद्ध ऑक्सीजन मिलती है, जो हमारे फेफड़ों और संपूर्ण शरीर के लिए संजीवनी का काम करती है।" कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने दैनिक जीवन में योग को अपनाने और सोहेलवा के जंगलों व वन्यजीवों की रक्षा करने का संकल्प लिया।</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 13:20:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुल्तानपुर निवासी 90 वर्ष से अधिक आयु की बुजुर्ग मां पुरबिन आज भी हर काम से नहीं हटती पीछे</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>महराजगंज/रायबरेली:</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जहां बढ़ती उम्र के साथ अधिकांश लोग दूसरों के सहारे जीवन व्यतीत करने लगते हैं, वहीं विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत सुल्तानपुर निवासी 90 वर्ष से अधिक आयु की बुजुर्ग मां पुरबिन आज भी अपनी मेहनत, आत्मनिर्भरता और अदम्य जीवटता से नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उम्र के इस पड़ाव पर भी उनकी दिनचर्या किसी युवा महिला से कम नहीं है। घर के लगभग सभी काम वह स्वयं करती हैं और अपनी सक्रिय जीवनशैली से यह साबित कर रही हैं कि, इच्छाशक्ति मजबूत हो तो उम्र केवल एक संख्या बनकर रह जाती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">      </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">         </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">         </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">        </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">        </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">        </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">        </div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181678/purbin-an-elderly-mother-of-more-than-90-years-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260619-wa0383.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>महराजगंज/रायबरेली:</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जहां बढ़ती उम्र के साथ अधिकांश लोग दूसरों के सहारे जीवन व्यतीत करने लगते हैं, वहीं विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत सुल्तानपुर निवासी 90 वर्ष से अधिक आयु की बुजुर्ग मां पुरबिन आज भी अपनी मेहनत, आत्मनिर्भरता और अदम्य जीवटता से नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उम्र के इस पड़ाव पर भी उनकी दिनचर्या किसी युवा महिला से कम नहीं है। घर के लगभग सभी काम वह स्वयं करती हैं और अपनी सक्रिय जीवनशैली से यह साबित कर रही हैं कि, इच्छाशक्ति मजबूत हो तो उम्र केवल एक संख्या बनकर रह जाती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">      आपको बता दें कि, मां पुरबिन का परिवार भरा-पूरा है। उनके एक पुत्र संतलाल लोधी हैं, जो वर्तमान में ग्राम प्रधान हैं, जबकि उनकी दो बेटियां विवाह के बाद अपने-अपने परिवारों में सुखपूर्वक जीवन व्यतीत कर रही हैं। परिवार में बहू, दो नाती, दो नातिन और दो पनाती भी हैं। परिवार के सभी सदस्य उनका सम्मान करते हैं और उनकी देखभाल के लिए तत्पर रहते हैं, फिर भी मां पुरबिन आत्मनिर्भर जीवन जीना ही पसंद करती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">         बुजुर्ग मां पुरबिन की एक विशेष इच्छा भी है। वह चाहती हैं कि, अपने जीवनकाल में अपने एक अविवाहित नाती का विवाह अपनी आंखों से देखें। यही इच्छा उनके जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">         उम्र बढ़ने के बावजूद उनकी दिनचर्या आज भी बेहद सक्रिय है। वह घर में झाड़ू लगाने से लेकर भोजन बनाने तक के सभी कार्य स्वयं करती हैं। पशुओं की देखभाल, गाय-भैंस का दूध निकालना, खैलर चलाकर मट्ठा तैयार करना, गोबर उठाना, चावल साफ करना तथा अपने हाथों से आटा गूंधकर मिट्टी के चूल्हे पर रोटियां बनाना उनके रोजमर्रा के कार्यों में शामिल है। उम्र के प्रभाव से उनकी कमर भले ही झुक गई हो, लेकिन उनके हौसले और कार्य करने की क्षमता में आज भी कोई कमी दिखाई नहीं देती।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">        ग्रामीण परिवेश में सादगीपूर्ण जीवन, नियमित शारीरिक श्रम और अनुशासित दिनचर्या को ही वह अपनी अच्छी सेहत का राज मानती हैं। उनका कहना है कि, शरीर को स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखने के लिए लगातार काम करना जरूरी है। यही कारण है कि, परिवार के मना करने के बावजूद वह स्वयं अपने काम करना पसंद करती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">        मां पुरबिन बताती हैं कि, उनका बेटा ग्राम प्रधान होने के नाते उन्हें आराम करने की सलाह देता है, लेकिन वह मानती हैं कि, निष्क्रियता शरीर को कमजोर बना देती है। इसलिए वह अपने दैनिक कार्यों को ही व्यायाम और स्वास्थ्य का आधार मानती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">        आज के समय में, जब कम उम्र में ही लोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं, मां पुरबिन की जीवनशैली समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश लेकर आती है। उनकी मेहनत, अनुशासन और आत्मनिर्भरता यह सिखाती है कि, नियमित श्रम, सकारात्मक सोच और सक्रिय जीवनशैली इंसान को लंबे समय तक स्वस्थ, सक्षम और आत्मविश्वासी बनाए रख सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">        मां पुरबिन की यह प्रेरणादायी कहानी न केवल ग्रामीण महिलाओं के लिए बल्कि हर आयु वर्ग के लोगों के लिए एक मिसाल है। उनकी जीवटता और कर्मशीलता को देखकर सहज ही कहा जा सकता है कि, उम्र भले ही 90 पार कर जाए, लेकिन हौसले जवान हों तो जीवन की रफ्तार कभी नहीं थमती।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 22:17:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पटियाला में तंबाकू कंट्रोल कैंपेन के तहत स्पेशल चेकिंग - डॉ. इंदरप्रीत रंधावा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>पटियाला  </strong>नेशनल तंबाकू कंट्रोल प्रोग्राम और नेशनल ब्लाइंडनेस कंट्रोल प्रोग्राम के तहत सिविल सर्जन ऑफिस, पटियाला की तरफ से स्पेशल चेकिंग और अवेयरनेस कैंपेन चलाया गया। यह कैंपेन डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. इंदरप्रीत रंधावा, परमजीत और खुशवीर की लीडरशिप में चलाया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस दौरान, टीम ने भादसों रोड, नाभा रोड और फैक्ट्री एरिया, पटियाला में स्पेशल इंस्पेक्शन किया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इंस्पेक्शन के दौरान, तंबाकू कंट्रोल एक्ट का उल्लंघन करने पर कुल 8 चालान काटे गए। इस ऑपरेशन से कुल 1100 रुपये का जुर्माना वसूला गया। डिपार्टमेंट ने साफ किया कि तंबाकू प्रोडक्ट्स की बिक्री और इस्तेमाल से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180959/special-checking-under-tobacco-control-campaign-in-patiala-dr"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1000899653.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>पटियाला  </strong>नेशनल तंबाकू कंट्रोल प्रोग्राम और नेशनल ब्लाइंडनेस कंट्रोल प्रोग्राम के तहत सिविल सर्जन ऑफिस, पटियाला की तरफ से स्पेशल चेकिंग और अवेयरनेस कैंपेन चलाया गया। यह कैंपेन डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. इंदरप्रीत रंधावा, परमजीत और खुशवीर की लीडरशिप में चलाया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस दौरान, टीम ने भादसों रोड, नाभा रोड और फैक्ट्री एरिया, पटियाला में स्पेशल इंस्पेक्शन किया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इंस्पेक्शन के दौरान, तंबाकू कंट्रोल एक्ट का उल्लंघन करने पर कुल 8 चालान काटे गए। इस ऑपरेशन से कुल 1100 रुपये का जुर्माना वसूला गया। डिपार्टमेंट ने साफ किया कि तंबाकू प्रोडक्ट्स की बिक्री और इस्तेमाल से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आने वाले समय में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।</div><div style="text-align:justify;">इसके अलावा, नेशनल ब्लाइंडनेस कंट्रोल प्रोग्राम के तहत मोतियाबिंद स्क्रीनिंग कैंप लगाए गए और बुज़ुर्गों की आँखों की जाँच की गई और उन्हें दवाएँ और चश्मे भी दिए गए। ये कैंप पटियाला के भादसों ब्लॉक के गाँव लोट में लगाए गए थे। टीम ने कैंपों के कामकाज, मरीज़ों की जाँच, दवाओं की उपलब्धता और आँखों के इलाज की सेवाओं का विस्तार से जायज़ा लिया। मरीज़ों को आगे के इलाज के लिए सही सलाह, दवाएँ और रेफरल सेवाएँ भी दी गईं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">हेल्थ अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे तंबाकू जैसे नशे से दूर रहें और समय-समय पर अपनी आँखों की जाँच करवाएँ। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे ये प्रोग्राम लोगों की सेहत को बेहतर बनाने और जागरूकता बढ़ाने के लिए बहुत ज़रूरी हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">डॉ. इंदरप्रीत रंधावा ने कहा कि आने वाले दिनों में भी ऐसी जाँच और कैंप लगातार जारी रहेंगे ताकि तंबाकू-मुक्त समाज और आँखों की बीमारियों से बचाव पक्का किया जा सके।<br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 19:08:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत ताला गांव में लगा स्वास्थ्य शिविर</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले पूरे देश में केन्द्र सरकार टीबी मुक्त अभियान चला रही है जिसका मुख्य उद्देश्य पूरे देश से टीबी रोग को खत्म करना है । केन्द्र सरकार के निर्देश पर प्रत्येक राज्यों में भी टीबी रोग से सम्बंधित सभी जानकारियां ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचाया जा रहा है । </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि बहुत से लोगों को टीबी रोग के बारे में जानकारी ही नहीं रहती है कि टीबी रोग कैसे होता है ? और टीबी रोग से कैसे बचाव किया जाएं । यदि टीबी रोग के बारे में लोगों को समुचित जानकारी हो तो टीबी रोग को</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180879/health-camp-organized-in-tala-village-under-100-day-tb-free-india"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260608-wa0088.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले पूरे देश में केन्द्र सरकार टीबी मुक्त अभियान चला रही है जिसका मुख्य उद्देश्य पूरे देश से टीबी रोग को खत्म करना है । केन्द्र सरकार के निर्देश पर प्रत्येक राज्यों में भी टीबी रोग से सम्बंधित सभी जानकारियां ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचाया जा रहा है । </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि बहुत से लोगों को टीबी रोग के बारे में जानकारी ही नहीं रहती है कि टीबी रोग कैसे होता है ? और टीबी रोग से कैसे बचाव किया जाएं । यदि टीबी रोग के बारे में लोगों को समुचित जानकारी हो तो टीबी रोग को जड़ से खत्म किया जा सकता है । टीबी रोग कोई जानलेवा बीमारी नही होती है लेकिन टीबी रोग व इलाज के बारे में समुचित जानकारी न होने के कारण कभी - कभी टीबी रोग जानलेवा साबित हो जाता है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शासन के निर्देश के क्रम में 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विक्रमजोत के ग्राम ताला में आयुष्मान आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया जिसमें टीबी रोग से संबंधित जानकारी दी गई एवं निःशुल्क जांच की गई एवं दवाइयां भी वितरित किया गया । स्वास्थ्य शिविर में शुगर , वीपी , तौल समेत अन्य जांच निःशुल्क की गई । इस शिविर में डॉ. अजय शुक्ला, एक्स-रे टेक्नीशियन भूपेन्द्र सिंह, एसटीएलएस संदीप कुमार, एसटीएस संकट मोचन यादव, सीएचओ अर्चना पटेल, अमरेश, साक्षी, अंजली, एएनएम सरिता कुमारी, फार्मासिस्ट कोमल, एक्स-रे टेक्नीशियन के सहयोगी अब्बासी तथा डाटा एंट्री ऑपरेटर फिरोज खान समेत आदि कर्मचारी ड्यूटी पर मौजूद रहे ।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 20:50:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्राम बवई में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित, 53 मरीजों का हुआ निःशुल्क परीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही,</strong><strong>– </strong>जिलाधिकारी शैलेष कुमार के निर्देशन में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार के मार्गदर्शन में गुरुवार को राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, बयाँव, भदोही द्वारा ग्राम बवई में एक दिवसीय निःशुल्क आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना रहा।</div><div style="text-align:justify;"><br />शिविर का संचालन चिकित्सालय के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. शरद कुमार की देखरेख में किया गया। इस दौरान आयुर्वेद विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मरीजों की गहन स्वास्थ्य जांच कर उन्हें रोगानुसार उचित परामर्श एवं निःशुल्क औषधियां वितरित</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179854/ayurvedic-health-camp-organized-in-village-bawai-free-testing-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260521-wa0034.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही,</strong><strong>– </strong>जिलाधिकारी शैलेष कुमार के निर्देशन में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार के मार्गदर्शन में गुरुवार को राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, बयाँव, भदोही द्वारा ग्राम बवई में एक दिवसीय निःशुल्क आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना रहा।</div><div style="text-align:justify;"><br />शिविर का संचालन चिकित्सालय के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. शरद कुमार की देखरेख में किया गया। इस दौरान आयुर्वेद विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मरीजों की गहन स्वास्थ्य जांच कर उन्हें रोगानुसार उचित परामर्श एवं निःशुल्क औषधियां वितरित की गईं। चिकित्सकों ने लोगों को मौसमी बीमारियों, खानपान, स्वच्छता तथा आयुर्वेदिक जीवनशैली अपनाने के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी।</div><div style="text-align:justify;"><br />शिविर में कुल 53 मरीजों ने अपना पंजीकरण कराया, जिनमें 30 महिलाएं एवं 23 पुरुष शामिल रहे। सभी मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया। ग्रामीणों ने शिविर की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन से गांव स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जनसामान्य को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते रहेंगे। </div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 20:27:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लू से बचाव के लिए सोनभद्र विकास समिति ने महिला समूहों को किया जागरूक</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सोनभद्र / उत्तर प्रदेश -</strong> मंगलवार दिनांक 19 मई 2026 सोनभद्र विकास समिति के कार्य क्षेत्र हर्दिहवा, गडौरा, कुकराही और शिवपुर गांवों में महिलाओं को भीषण गर्मी और लू (हिटवेव) के प्रकोप से बचाने के लिए विशेष जागरूकता बैठकों का आयोजन किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में महिला समूहों की कुल 45 सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए सोनभद्र विकास समिति के सचिव राजेश चौबे ने अपना संदेश देते हुए कहा कि भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में लू से बचाव के प्रति जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी है। हमारा उद्देश्य है कि</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179668/6a0dad66d50a5"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/1001624138.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सोनभद्र / उत्तर प्रदेश -</strong> मंगलवार दिनांक 19 मई 2026 सोनभद्र विकास समिति के कार्य क्षेत्र हर्दिहवा, गडौरा, कुकराही और शिवपुर गांवों में महिलाओं को भीषण गर्मी और लू (हिटवेव) के प्रकोप से बचाने के लिए विशेष जागरूकता बैठकों का आयोजन किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में महिला समूहों की कुल 45 सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए सोनभद्र विकास समिति के सचिव राजेश चौबे ने अपना संदेश देते हुए कहा कि भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में लू से बचाव के प्रति जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी है। हमारा उद्देश्य है कि हर परिवार तक सही जानकारी पहुंचे ताकि लोग मौसमी बीमारियों से सुरक्षित रह सकें और समय रहते प्राथमिक उपचार अपना सकें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक का नेतृत्व करते हुए संस्था की काउंसलर साधना सिंह ने महिलाओं को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि इस मौसम में शरीर में पानी की कमी न होने दें और धूप में निकलते समय हमेशा सिर व मुंह को सूती कपड़े से ढक कर रखें। इस मौके पर उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ता रेखा और सुनीता ने भी ग्रामीण महिलाओं से संवाद किया और उन्हें घरेलू उपाय जैसे- आम का पना, नींबू-पानी और ओआरएस (ORS) के घोल का नियमित इस्तेमाल करने की सलाह दी। कार्यक्रम के सफल संचालन दिनेश कुमार विश्वकर्मा ने किया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 18:29:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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                <title>विश्व अस्थमा दिवस पर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर दिया जोर</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>देवरिया। </strong>विश्व अस्थमा दिवस के पर आरोग्य भारती के तत्वावधान में देवरिया विकास खण्ड अंतर्गत रुद्रपुर रोड स्थित एक चिकित्सालय में स्वस्थ जीवनशैली विषयक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लोगों को अस्थमा के प्रति जागरूक करते हुए स्वस्थ रहने के उपाय बताए गए।\ गोष्ठी को संबोधित करते हुए आरोग्य भारती के प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. अजीत नारायण मिश्र ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए संतुलित जीवनशैली, योग और आयुर्वेद को अपनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि श्वास नली में संक्रमण होने से अस्थमा की समस्या उत्पन्न हो सकती है, इसलिए इससे बचाव के लिए धूल, गर्दा, पराग</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178371/emphasis-given-on-adopting-healthy-lifestyle-on-world-asthma-day"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/44.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>देवरिया। </strong>विश्व अस्थमा दिवस के पर आरोग्य भारती के तत्वावधान में देवरिया विकास खण्ड अंतर्गत रुद्रपुर रोड स्थित एक चिकित्सालय में स्वस्थ जीवनशैली विषयक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लोगों को अस्थमा के प्रति जागरूक करते हुए स्वस्थ रहने के उपाय बताए गए।\ गोष्ठी को संबोधित करते हुए आरोग्य भारती के प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. अजीत नारायण मिश्र ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए संतुलित जीवनशैली, योग और आयुर्वेद को अपनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि श्वास नली में संक्रमण होने से अस्थमा की समस्या उत्पन्न हो सकती है, इसलिए इससे बचाव के लिए धूल, गर्दा, पराग कण और अन्य एलर्जी कारकों से परहेज करना आवश्यक है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने लोगों से अपील की कि ऋतु के अनुसार दिनचर्या और उचित आहार-विहार का पालन करें। बच्चों को जंक फूड जैसे पिज़्ज़ा, बर्गर, मोमोज से दूर रखने और कोल्ड ड्रिंक व सॉफ्ट ड्रिंक से परहेज करने की सलाह दी। इसके स्थान पर घरेलू व पारंपरिक खाद्य पदार्थों के सेवन पर जोर दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर डॉ. उपेन्द्र गिरी, डॉ. बी. एल. विश्वकर्मा, संतोष कुमार, अंजलि दुबे, महिला मोर्चा की सीमा जायसवाल, राजदीप तिवारी सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 19:35:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिस्कोहर में जन आरोग्य मेले में 80 मरीजों का हुआ उपचार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>  सिद्धार्थनगर ।</strong> न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिस्कोहर पर रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। सुबह से दोपहर तीन बजे तक कुल 80 मरीजों का  स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें  निःशुल्क  दवाएं दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मेले में आए मरीजों में अधिकांश पेट दर्द, दस्त, बुखार और त्वचा पर फोड़े-फुंसी , गांठों में दर्द की समस्या से परेशान थे। डॉ. एससी शर्मा ने मरीजों की जांच की और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य रहने के लिए बचाव के उपाय बताए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  इस दौरान फार्मासिस्ट राकेश चौधरी ,धीरज राय समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।</div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178041/80-patients-were-treated-at-the-jan-arogya-mela-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/1777817770120.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong> सिद्धार्थनगर ।</strong> न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिस्कोहर पर रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। सुबह से दोपहर तीन बजे तक कुल 80 मरीजों का  स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें  निःशुल्क  दवाएं दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मेले में आए मरीजों में अधिकांश पेट दर्द, दस्त, बुखार और त्वचा पर फोड़े-फुंसी , गांठों में दर्द की समस्या से परेशान थे। डॉ. एससी शर्मा ने मरीजों की जांच की और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य रहने के लिए बचाव के उपाय बताए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इस दौरान फार्मासिस्ट राकेश चौधरी ,धीरज राय समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 19:51:45 +0530</pubDate>
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