<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/61059/environmental-awareness" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>पर्यावरण जागरूकता - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/61059/rss</link>
                <description>पर्यावरण जागरूकता RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>हम पर्यावरण सप्ताह मना रहे है, लेकिन यह कार्यक्रम वर्षभर का है। पीके सिंह।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज ।दया शंकर त्रिपाठी </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इफको घियानगर फूलपुर के सामुदायिक केन्द्र में पर्यावरण सप्ताह का समापन समारोह समपन्न हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि वरिष्ठ महाप्रबंधक (इकाई प्रमुख) पी.के.सिंह एवं विशिष्ट अतिथि इफको फूलपुर परिवार की प्रथम महिला सरिता सिंह रहे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">वरिष्ठ महाप्रबंधक (इकाई प्रमुख) पी.के.सिंह ने कहा कि हम पर्यावरण सप्ताह मना रहे है, लेकिन यह कार्यक्रम वर्षभर का है। आप सभी लोग अपने टाउनशिप को हराभरा अवश्य रखे, क्योंकि इसका लाभ आप के साथ आने वाली पीढ़ियों को भी होगा। पालीथीन एवं प्लास्टिक का प्रयोग बिलकुल भी ना करें, क्योंकि पर्यावरण पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181042/we-are-celebrating-environment-week-but-this-program-is-year-round"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001823231.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज ।दया शंकर त्रिपाठी </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इफको घियानगर फूलपुर के सामुदायिक केन्द्र में पर्यावरण सप्ताह का समापन समारोह समपन्न हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि वरिष्ठ महाप्रबंधक (इकाई प्रमुख) पी.के.सिंह एवं विशिष्ट अतिथि इफको फूलपुर परिवार की प्रथम महिला सरिता सिंह रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वरिष्ठ महाप्रबंधक (इकाई प्रमुख) पी.के.सिंह ने कहा कि हम पर्यावरण सप्ताह मना रहे है, लेकिन यह कार्यक्रम वर्षभर का है। आप सभी लोग अपने टाउनशिप को हराभरा अवश्य रखे, क्योंकि इसका लाभ आप के साथ आने वाली पीढ़ियों को भी होगा। पालीथीन एवं प्लास्टिक का प्रयोग बिलकुल भी ना करें, क्योंकि पर्यावरण पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। वरिष्ठ प्रबंधक ई.पी.सी. उमेश कुमार ने पर्यावरण सप्ताह के अंतर्गत हुए आ कार्यक्रम का विस्तार पूर्वक विवरण दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारी,कर्मचारी, महिलाओं एवं बच्चों ने कार्यक्रम में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया तथा कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम का संचालन हेमलता सिजोरिया तथा धन्यवाद ज्ञापन अनूप यादव ने किया। इस दौरान महाप्रबंधक क्रमशः पी.के.पटेल, रत्नेश कुमार,ए.के.गुप्ता,सतर्कता अधिकारी अजय कुमार मिश्र, सुरेश कुमार सिंह <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1001823230.jpg" alt="1001823230" width="1280" height="851"></img>(ईपीसी) मौजूद रहे।  पर्यावरण सप्ताह के अंतर्गत हुए विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार विजेताओं के नाम निम्नलिखित हैः-</div>
<div style="text-align:justify;">चित्रकला प्रतियोगिता (विषय- पर्यावरण)</div>
<div style="text-align:justify;">कक्षा 1 से कक्षा 3 तक</div>
<div style="text-align:justify;">1. सोनाली पाल</div>
<div style="text-align:justify;">2. अर्शी यादव</div>
<div style="text-align:justify;">3. श्रुति पाल</div>
<div style="text-align:justify;">4. आदविक कुशवाहा</div>
<div style="text-align:justify;">5. सामर्थ्य पाल</div>
<div style="text-align:justify;">कक्षा 4 से प तक </div>
<div style="text-align:justify;">1. आनवी कुशवाहा</div>
<div style="text-align:justify;">2. श्रुति प्रसाद</div>
<div style="text-align:justify;">3. आदया सूद</div>
<div style="text-align:justify;">4. आरध्या गुप्ता</div>
<div style="text-align:justify;">5. शिवांश शंकर</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिचर्चा प्रतियोगिता (विषय- पानी की बर्बादीः क्या हम अनजाने में पानी नष्ट कर रहे हैं और इसे कैसे रोका जाये।)</div>
<div style="text-align:justify;">कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थी</div>
<div style="text-align:justify;">1. पार्वी दुबे </div>
<div style="text-align:justify;">2. आंगना सरकार</div>
<div style="text-align:justify;">3. नाइशा यादव</div>
<div style="text-align:justify;">4. सानवी शर्मा</div>
<div style="text-align:justify;">5. आकांक्षा कुमारी</div>
<div style="text-align:justify;">कक्षा 9 से 10  तक के विद्यार्थी</div>
<div style="text-align:justify;">(विषयः- आधुनिक तकनीक और ई कचरा क्या गैजेट्स का बढ़ता इस्तेमाल पर्यावरण के लिए एक नया और गंभीर संकट है)</div>
<div style="text-align:justify;">1. अनुष्का यादव</div>
<div style="text-align:justify;">2. आइजा फात्मा</div>
<div style="text-align:justify;">3. सृजन पाण्डेय</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिचर्चा प्रतियोगिता (विषय- जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों एवं उनके समाधान हेतु प्रकृति- आधारित उपाय)</div>
<div style="text-align:justify;">कर्मचारी वर्ग</div>
<div style="text-align:justify;">1. अश्वनी श्रीवास्तव</div>
<div style="text-align:justify;">2. नीतू सिंह</div>
<div style="text-align:justify;">3. सुबोधना शर्मा</div>
<div style="text-align:justify;">4. रजत पाठक</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिचर्चा प्रतियोगिता (विषय- पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली एवं घरेलू अपशिष्ट का उचित प्रबंधन)</div>
<div style="text-align:justify;">महिला वर्ग </div>
<div style="text-align:justify;">1. प्रतिमा दुबे</div>
<div style="text-align:justify;">2. आशा त्रिपाठी</div>
<div style="text-align:justify;">3. मालती तिवारी</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">      सादर</div>
<div style="text-align:justify;">  (स्वयम् प्रकाश)</div>
<div style="text-align:justify;">जनसम्पर्क अधिकारी</div>
<div style="text-align:justify;">   इफको फूलपुर</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181042/we-are-celebrating-environment-week-but-this-program-is-year-round</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181042/we-are-celebrating-environment-week-but-this-program-is-year-round</guid>
                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 21:17:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1001823231.jpg"                         length="208647"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एनजीटी सदस्य ने की पर्यावरणीय कार्यों की समीक्षा, समधा ताल पुनर्जीवन की सराहना</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही।</strong> राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के सदस्य माननीय न्यायमूर्ति डॉ. अफरोज अहमद ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन एवं हरित विकास से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। बैठक में जिलाधिकारी शैलेष कुमार, पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">समीक्षा के दौरान न्यायमूर्ति डॉ. अफरोज अहमद ने एसटीपी से उपचारित जल का उपयोग पार्कों, उद्यानों एवं कृषि कार्यों में करने तथा भूजल की गुणवत्ता की नियमित जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उन्होंने</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181004/ngt-member-reviews-environmental-works-and-praises-samadha-tal-revitalization"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260611-wa0047.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही।</strong> राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के सदस्य माननीय न्यायमूर्ति डॉ. अफरोज अहमद ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन एवं हरित विकास से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। बैठक में जिलाधिकारी शैलेष कुमार, पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">समीक्षा के दौरान न्यायमूर्ति डॉ. अफरोज अहमद ने एसटीपी से उपचारित जल का उपयोग पार्कों, उद्यानों एवं कृषि कार्यों में करने तथा भूजल की गुणवत्ता की नियमित जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उन्होंने जिलाधिकारी शैलेष कुमार के प्रयासों से संचालित समधा ताल पुनर्जीवन एवं संरक्षण योजना की विशेष सराहना करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। साथ ही प्लास्टिक मुक्त अभियान, जल संरक्षण एवं हरित विकास से जुड़े कार्यों की भी प्रशंसा की।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बैठक में नगर निकायों एवं संबंधित विभागों को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ विशेष अभियान चलाने तथा लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ल, अपर जिलाधिकारी शुभांगी शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार चक, प्रभागीय वनाधिकारी विवेक यादव समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181004/ngt-member-reviews-environmental-works-and-praises-samadha-tal-revitalization</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181004/ngt-member-reviews-environmental-works-and-praises-samadha-tal-revitalization</guid>
                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 18:41:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260611-wa0047.jpg"                         length="147772"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षा के साथ पर्यावरण संदेश  की नई इबारत गढ़ रहा बढ़नी ब्लॉक का हरित विद्यालय गोल्हौरा मुस्तहकम</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> विकास क्षेत्र बढ़नी का प्राथमिक विद्यालय गोल्हौरा मुस्तहकम बेहतर शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ पर्यावरण जागरूकता को लेकर काफी सजग रहा है। आधुनिकता के दौर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वच्छता व विभिन्न जागरूकता के साथ-साथ पर्यावरण सुरक्षा की नई इबारत गढ़ कर लोगों को जागरूक करने में अपनी सहभागिता निभा रहा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> ग्रीष्मावकाश के बाद स्कूल खुलने से पहले विद्यालय में पहुंच कर विद्यालय स्टाफ के द्वारा साफसफाई कार्य कर कुछ पौधों का रोपण कर इस भीषण गर्मी में पानी से सिंचाई किया गया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ आशुतोष सिंह के नेतृत्व में विद्यालय के शिक्षक बाबूलाल, धर्मेंद्र,</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180905/golhaura-mustahkam-the-green-school-of-barhni-block-is-creating"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781019421110.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> विकास क्षेत्र बढ़नी का प्राथमिक विद्यालय गोल्हौरा मुस्तहकम बेहतर शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ पर्यावरण जागरूकता को लेकर काफी सजग रहा है। आधुनिकता के दौर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वच्छता व विभिन्न जागरूकता के साथ-साथ पर्यावरण सुरक्षा की नई इबारत गढ़ कर लोगों को जागरूक करने में अपनी सहभागिता निभा रहा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> ग्रीष्मावकाश के बाद स्कूल खुलने से पहले विद्यालय में पहुंच कर विद्यालय स्टाफ के द्वारा साफसफाई कार्य कर कुछ पौधों का रोपण कर इस भीषण गर्मी में पानी से सिंचाई किया गया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ आशुतोष सिंह के नेतृत्व में विद्यालय के शिक्षक बाबूलाल, धर्मेंद्र, अरविंद कुमार दयाल व अभिनव मिश्रा आदि  विषय पाठ्यक्रमों के साथ संस्कार, अनुशासन व विभिन्न तरह के जागरूकता कार्यक्रमों से रूबरू कराते हुए उन्हें  रुचिपूर्ण  वातावरण में शिक्षा देने का काम जिम्मेदारी पूर्वक निभा रहे हैं। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1781019421110.jpg" alt="1781019421110" width="673" height="1215"></img>विद्यालय के परिसर में पहुंचने पर हर किसी को चहुंओर की प्राकृतिक दृश्य आकर्षित कर लेती है। कमरों के सीट, बेंच, टीवी, प्रोजेक्टर, लाइब्रेरी, टीएलएम कॉर्नर तो देखते ही बनता है।  विद्यालय परिसर के बाउंड्री के अंदर फैली विभिन्न प्रजातियों के पेड़ पौधों की हरियाली रंग-बिरंगे आकर्षक फूलों की महक और स्वच्छ वातावरण बेहतर पठन-पाठन की ओर आकर्षित करता है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">हर दिन विद्यालय में बच्चे भी विद्यालय की स्वच्छता को बनाने में योगदान तो देते ही हैं साथ ही साथ विद्यालय के रसोईया, विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य व अभिभावकों का भी विद्यालय को शैक्षणिक वातावरण को सजाने व शैक्षणिक कार्यों में सहयोग देने में महती भूमिका रही है। पर्यावरण संरक्षण व सुरक्षा के प्रति संकल्पित यह विद्यालय क्षेत्र में प्रेरणा का पर्याय बन चुका है। यही कारण है कि इस हरित विद्यालय में क्षेत्र के अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला कराने के लिए लालयित दिखते हैं।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"><div class="hp" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="eqJbab cZD3Qb" style="text-align:justify;"><br /></div></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/180905/golhaura-mustahkam-the-green-school-of-barhni-block-is-creating</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/180905/golhaura-mustahkam-the-green-school-of-barhni-block-is-creating</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 10:14:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1781019421110.jpg"                         length="472344"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसएसबी और नेपाल एपीएफ ने चलाया संयुक्त स्वच्छता अभियान0</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>  </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>रतनपुर/महराजगंज। </strong>भारत-नेपाल सीमा के प्रमुख व्यापारिक केंद्र सोनौली बॉर्डर पर शुक्रवार को स्वच्छता की एक नई मिसाल पेश की गई, जहां 22वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल और नेपाल एपीएफ के जवानों ने संयुक्त रूप से वृहद स्वच्छता अभियान चलाया। एसएसबी कमांडेंट शक्ति सिंह ठाकुर के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व निरीक्षक सुभाष चंद्रा ने किया। दोनों देशों के जवानों ने कंधे से कंधा मिलाकर मुख्य मार्ग, सीमा परिसर और सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जवानों ने न केवल सड़कों पर झाड़ू लगाई बल्कि नालियों से प्लास्टिक कचरा चुनकर उनका उचित निस्तारण भी सुनिश्चित किया। इस</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178759/ssb-and-nepal-apf-launched-joint-cleanliness-campaign"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/b8ec60eb-8653-45f3-995e-c2e48c7ec689_1763686795211.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong> </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>रतनपुर/महराजगंज। </strong>भारत-नेपाल सीमा के प्रमुख व्यापारिक केंद्र सोनौली बॉर्डर पर शुक्रवार को स्वच्छता की एक नई मिसाल पेश की गई, जहां 22वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल और नेपाल एपीएफ के जवानों ने संयुक्त रूप से वृहद स्वच्छता अभियान चलाया। एसएसबी कमांडेंट शक्ति सिंह ठाकुर के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व निरीक्षक सुभाष चंद्रा ने किया। दोनों देशों के जवानों ने कंधे से कंधा मिलाकर मुख्य मार्ग, सीमा परिसर और सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जवानों ने न केवल सड़कों पर झाड़ू लगाई बल्कि नालियों से प्लास्टिक कचरा चुनकर उनका उचित निस्तारण भी सुनिश्चित किया। इस दौरान निरीक्षक सुभाष चंद्रा ने स्थानीय व्यापारियों और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को सिंगल यूज प्लास्टिक का त्याग करने के लिए लोगों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि एक स्वच्छ वातावरण ही स्वस्थ समाज की नींव है। यह अभियान न केवल स्वच्छता की दृष्टि से सफल रहा बल्कि इसने भारत और नेपाल के सुरक्षा बलों के बीच प्रगाढ़ समन्वय और आपसी सौहार्द को भी प्रदर्शित किया। कार्यक्रम के समापन पर सभी कार्मिकों ने सीमा क्षेत्र को निरंतर स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने का संकल्प लिया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178759/ssb-and-nepal-apf-launched-joint-cleanliness-campaign</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/178759/ssb-and-nepal-apf-launched-joint-cleanliness-campaign</guid>
                <pubDate>Sat, 09 May 2026 19:37:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/b8ec60eb-8653-45f3-995e-c2e48c7ec689_1763686795211.jpg"                         length="127892"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साइकिल चलाएं स्वस्थ जीवन के साथ पर्यावरण व ईंधन बचाएं - डॉ राजेश सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div><strong>गोपीगंज। </strong>पर्यावरण के प्रति अटूट निष्ठा और स्वस्थ जीवन के संकल्प को आत्मसात करते हुए 'भदोही साइकिलिंग क्लब' द्वारा आयोजित 'विशाल साइकिल यात्रा' रविवार को जन-चेतना का महाकुंभ बन गई।</div>
<div>  </div>
<div>क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष अताउल मुस्तफा अंसारी के ओजस्वी नेतृत्व में निकली इस यात्रा का ध्येय समाज के हर वर्ग को प्रकृति और आरोग्य के प्रति जागरूक करना था। अताउल अंसारी की दूरदर्शी दृष्टि और दृढ़ इच्छाशक्ति का ही प्रताप है कि समाज के हर तबके को एक साझा मंच पर लाकर खड़ा कर दिया है, जहाँ सभी एक सुर में 'स्वच्छ, हरित और समृद्ध भारत' के निर्माण हेतु इस</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177371/ride-a-bicycle-live-a-healthy-life-and-save-environment"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/420.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div><strong>गोपीगंज। </strong>पर्यावरण के प्रति अटूट निष्ठा और स्वस्थ जीवन के संकल्प को आत्मसात करते हुए 'भदोही साइकिलिंग क्लब' द्वारा आयोजित 'विशाल साइकिल यात्रा' रविवार को जन-चेतना का महाकुंभ बन गई।</div>
<div> </div>
<div>क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष अताउल मुस्तफा अंसारी के ओजस्वी नेतृत्व में निकली इस यात्रा का ध्येय समाज के हर वर्ग को प्रकृति और आरोग्य के प्रति जागरूक करना था। अताउल अंसारी की दूरदर्शी दृष्टि और दृढ़ इच्छाशक्ति का ही प्रताप है कि समाज के हर तबके को एक साझा मंच पर लाकर खड़ा कर दिया है, जहाँ सभी एक सुर में 'स्वच्छ, हरित और समृद्ध भारत' के निर्माण हेतु इस क्रांति का सारथी बन रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>भदोही साइकिलिंग क्लब की इस अभिनव पहल का आगाज़ राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बड़ा चौराहा से हुआ। चेतना का यह कारवां शहीद तिराहा, कांजी हाउस, जोहरपुर से गुजरते हुए गुरुकुलम शिक्षण संस्थान, ननवगपुर जखाँव पहुंची।</div>
<div> </div>
<div>"यात्रा के गुरुकुलम शिक्षण संस्थान, ननवगपुर जखाँव पहुँचते ही वातावरण हर्ष और उल्लास से सराबोर हो गया। यहाँ गुरुकुलम शिक्षण संस्थान के निदेशक डॉ राजेश सिंह और प्रबंधक रोहित सिंह के नेतृत्व में विद्यालय परिवार ने पलक-पावड़े बिछाकर साइकिल यात्रियों का भव्य स्वागत किया।</div>
<div> </div>
<div>विद्यार्थियों और शिक्षकों द्वारा की गई पुष्पवर्षा और तालियों की गड़गड़ाहट और सभी को अंग वस्त्र भेंट ने न केवल यात्रियों का उत्साहवर्धन किया, बल्कि इस स्वास्थ्य अभियान में एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया। अपनों से मिले इस स्नेह और सम्मान ने पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को और अधिक प्रगाढ़ बना दिया।"</div>
<div> </div>
<div>गुरुकुलम शिक्षण संस्थान के निदेशक डॉ राजेश सिंह ने लोगों को समझाते हुए कहा कि, "साइकिलिंग एक बेहतरीन कार्डियो एक्सरसाइज है जो हृदय रोगों, मधुमेह और मोटापे जैसी बीमारियों के जोखिम को कम करती है। यह तनाव को कम करने और मानसिक रूप से फिट रहने में भी मददगार है।</div>
<div> </div>
<div>साइकिल से किसी भी प्रकार का धुआं या हानिकारक गैसें नहीं निकलती हैं, जिससे वायु प्रदूषण कम होता है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच साइकिल चलाना बजट के अनुकूल है। इसके रखरखाव का खर्च भी बहुत कम होता है।</div>
<div> </div>
<div>सड़कों पर साइकिलों की संख्या बढ़ने से मोटर वाहनों की भीड़ कम होगी, जिससे सड़क हादसों में कमी आएगी। </div>
<div>डॉ. सिंह का यह संदेश "साइकिल चलाएं, सेहत और पर्यावरण दोनों बचाएं" न केवल एक व्यक्तिगत सलाह है, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में एक बड़ा कदम है।</div>
<div> </div>
<div>गुरुकुलम शिक्षण संस्थान के प्रबंधक श्री रोहित सिंह ने आधुनिक जीवनशैली पर चिंता व्यक्त करते हुए समाज को स्वास्थ्य के प्रति सचेत किया है। उन्होंने कहा: "आज की इस आपाधापी और भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपनी सुख-सुविधाओं को जुटाने में इतने व्यस्त हो गए हैं कि अपने शरीर के लिए समय निकालना ही भूल गए हैं।</div>
<div> </div>
<div>यह अत्यंत चिंताजनक है कि हमारी युवा पीढ़ी, जो देश का भविष्य है, व्यायाम और योग के अभाव में अल्पायु में ही बीमारियों की चपेट में आ रही है। यदि देश का युवा अस्वस्थ होगा, तो यह राष्ट्र की प्रगति के लिए एक बड़ा संकट है।"</div>
<div> </div>
<div>निदेशक डॉ राजेश सिंह और प्रबंधक रोहित सिंह ने हरी झंडी दिखाकर साइकिल यात्रा को आगे बढ़ाया, जिससे सभी प्रतिभागियों में जोश भर गया।"</div>
<div> </div>
<div>"गुरुकुलम शिक्षण संस्थान से पुनः आरंभ होकर यह यात्रा ननवगपुर, जोहरपुर, कांजी हाउस, टीकापुर, मेवड़ापुर, मुजाहिद नगर, गौस नगर, नोनियानी मोहाल, सोनिया तालाब, लालापुर, जोहरपुर पसियान, नवलपुर और तिवारीपुर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुँची।</div>
<div> </div>
<div>पूरी यात्रा के दौरान साइकिल सवारों का जोश देखने लायक था। 'साइकिल चलाएं ईंधन बचाएं', 'वृक्ष लगाओ पर्यावरण बचाओ' और 'करो योग रहो निरोग' जैसे नारों से पूरा वातावरण गूँज उठा। 'हिंदुस्तान जिंदाबाद', 'भारत माता की जय' और 'वन्दे मातरम' के उद्घोष के साथ यात्रियों ने संकल्प लिया कि 'हम सबने यह ठाना है, पूरे उत्तर प्रदेश को स्वस्थ बनाना है।'</div>
<div> </div>
<div>लोगों को स्वास्थ्य और प्रकृति के प्रति जागरूक करते हुए यह विशाल यात्रा वापस गुरुकुलम शिक्षण संस्थान, ननवगपुर जखाँव पहुँची, जहाँ इसका विधिवत समापन हुआ।"</div>
<div> </div>
<div>इस मुहिम को सफल बनाने में प्रवीण श्रीवास्तव, बालेश्वर सिंह, पवन रॉय, अमन सिंह, आशीष सिंह, विपिन सिंह, कृष्णा मिश्रा, भानु सिंह, राम कुमार तिवारी, बनारसी बिंद, प्रमोद मौर्या, जगदीश यादव, परवेज अली खान, राजीव जायसवाल, सरफराज अहमद, अतुल कुमार, शिवम यादव, दीपक मौर्या, आयुष दुबे, आरुष दुबे, मोहित सरोज, सूरज सिंह, सुर्या सिंह, अनमोल तिवारी, कुलदीप तिवारी, कृष्णा पांडेय, प्रखर सिंह, कृष मिश्रा, रोहित यादव, अंशुमान सिंह, कमलेश कश्यप, श्याम सुंदर बिंद, कमर हयात, अमन गुप्ता, मुज्तबा अंसारी, हीरा बिंद, मिंशाद अली, अहेम मोदनवाल, अरशद जमाल, जिगर गुप्ता, अब्दुल कादिर, उज्जवल गुप्ता, ताहा खान, रितिक कनौजिया, मोहम्मद इमरान, रागिनी कनौजिया, अबू हुरैरा, साकेत उमरवैश्य, फैज शेख, अनिकेत मौर्या, नकिउद्दी शेख, रितिका कनौजिया, आदर्श बिंद, हिमांशु बिंद, रोहित बिंद, फैज अंसारी, रतन बिंद सहित बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया।</div>
*</div>
<div> </div>
<div>*काम भी जरूरी योग भी जरूरी - रोहित सिंह*</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>गोपीगंज। पर्यावरण के प्रति अटूट निष्ठा और स्वस्थ जीवन के संकल्प को आत्मसात करते हुए 'भदोही साइकिलिंग क्लब' द्वारा आयोजित 'विशाल साइकिल यात्रा' रविवार को जन-चेतना का महाकुंभ बन गई। क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष अताउल मुस्तफा अंसारी के ओजस्वी नेतृत्व में निकली इस यात्रा का ध्येय समाज के हर वर्ग को प्रकृति और आरोग्य के प्रति जागरूक करना था। अताउल अंसारी की दूरदर्शी दृष्टि और दृढ़ इच्छाशक्ति का ही प्रताप है कि समाज के हर तबके को एक साझा मंच पर लाकर खड़ा कर दिया है, जहाँ सभी एक सुर में 'स्वच्छ, हरित और समृद्ध भारत' के निर्माण हेतु इस क्रांति का सारथी बन रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>भदोही साइकिलिंग क्लब की इस अभिनव पहल का आगाज़ राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बड़ा चौराहा से हुआ। चेतना का यह कारवां शहीद तिराहा, कांजी हाउस, जोहरपुर से गुजरते हुए गुरुकुलम शिक्षण संस्थान, ननवगपुर जखाँव पहुंची।</div>
<div> </div>
<div>"यात्रा के गुरुकुलम शिक्षण संस्थान, ननवगपुर जखाँव पहुँचते ही वातावरण हर्ष और उल्लास से सराबोर हो गया। यहाँ गुरुकुलम शिक्षण संस्थान के निदेशक डॉ राजेश सिंह और प्रबंधक रोहित सिंह के नेतृत्व में विद्यालय परिवार ने पलक-पावड़े बिछाकर साइकिल यात्रियों का भव्य स्वागत किया। विद्यार्थियों और शिक्षकों द्वारा की गई पुष्पवर्षा और तालियों की गड़गड़ाहट और सभी को अंग वस्त्र भेंट ने न केवल यात्रियों का उत्साहवर्धन किया, बल्कि इस स्वास्थ्य अभियान में एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया। अपनों से मिले इस स्नेह और सम्मान ने पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को और अधिक प्रगाढ़ बना दिया।"</div>
<div> </div>
<div>गुरुकुलम शिक्षण संस्थान के निदेशक डॉ राजेश सिंह ने लोगों को समझाते हुए कहा कि, "साइकिलिंग एक बेहतरीन कार्डियो एक्सरसाइज है जो हृदय रोगों, मधुमेह और मोटापे जैसी बीमारियों के जोखिम को कम करती है। यह तनाव को कम करने और मानसिक रूप से फिट रहने में भी मददगार है। साइकिल से किसी भी प्रकार का धुआं या हानिकारक गैसें नहीं निकलती हैं, जिससे वायु प्रदूषण कम होता है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच साइकिल चलाना बजट के अनुकूल है। इसके रखरखाव का खर्च भी बहुत कम होता है। सड़कों पर साइकिलों की संख्या बढ़ने से मोटर वाहनों की भीड़ कम होगी, जिससे सड़क हादसों में कमी आएगी। </div>
<div>डॉ. सिंह का यह संदेश "साइकिल चलाएं, सेहत और पर्यावरण दोनों बचाएं" न केवल एक व्यक्तिगत सलाह है, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में एक बड़ा कदम है।</div>
<div> </div>
<div>गुरुकुलम शिक्षण संस्थान के प्रबंधक श्री रोहित सिंह ने आधुनिक जीवनशैली पर चिंता व्यक्त करते हुए समाज को स्वास्थ्य के प्रति सचेत किया है। उन्होंने कहा: "आज की इस आपाधापी और भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपनी सुख-सुविधाओं को जुटाने में इतने व्यस्त हो गए हैं कि अपने शरीर के लिए समय निकालना ही भूल गए हैं। यह अत्यंत चिंताजनक है कि हमारी युवा पीढ़ी, जो देश का भविष्य है, व्यायाम और योग के अभाव में अल्पायु में ही बीमारियों की चपेट में आ रही है। यदि देश का युवा अस्वस्थ होगा, तो यह राष्ट्र की प्रगति के लिए एक बड़ा संकट है।"</div>
<div> </div>
<div>निदेशक डॉ राजेश सिंह और प्रबंधक रोहित सिंह ने हरी झंडी दिखाकर साइकिल यात्रा को आगे बढ़ाया, जिससे सभी प्रतिभागियों में जोश भर गया।"</div>
<div> </div>
<div>"गुरुकुलम शिक्षण संस्थान से पुनः आरंभ होकर यह यात्रा ननवगपुर, जोहरपुर, कांजी हाउस, टीकापुर, मेवड़ापुर, मुजाहिद नगर, गौस नगर, नोनियानी मोहाल, सोनिया तालाब, लालापुर, जोहरपुर पसियान, नवलपुर और तिवारीपुर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुँची। पूरी यात्रा के दौरान साइकिल सवारों का जोश देखने लायक था। 'साइकिल चलाएं ईंधन बचाएं', 'वृक्ष लगाओ पर्यावरण बचाओ' और 'करो योग रहो निरोग' जैसे नारों से पूरा वातावरण गूँज उठा। 'हिंदुस्तान जिंदाबाद', 'भारत माता की जय' और 'वन्दे मातरम' के उद्घोष के साथ यात्रियों ने संकल्प लिया कि 'हम सबने यह ठाना है, पूरे उत्तर प्रदेश को स्वस्थ बनाना है।' लोगों को स्वास्थ्य और प्रकृति के प्रति जागरूक करते हुए यह विशाल यात्रा वापस गुरुकुलम शिक्षण संस्थान, ननवगपुर जखाँव पहुँची, जहाँ इसका विधिवत समापन हुआ।"</div>
<div> </div>
<div>इस मुहिम को सफल बनाने में प्रवीण श्रीवास्तव, बालेश्वर सिंह, पवन रॉय, अमन सिंह, आशीष सिंह, विपिन सिंह, कृष्णा मिश्रा, भानु सिंह, राम कुमार तिवारी, बनारसी बिंद, प्रमोद मौर्या, जगदीश यादव, परवेज अली खान, राजीव जायसवाल, सरफराज अहमद, अतुल कुमार, शिवम यादव, दीपक मौर्या, आयुष दुबे, आरुष दुबे, मोहित सरोज, सूरज सिंह, सुर्या सिंह, अनमोल तिवारी, कुलदीप तिवारी, कृष्णा पांडेय, प्रखर सिंह, कृष मिश्रा, रोहित यादव, अंशुमान सिंह, कमलेश कश्यप, श्याम सुंदर बिंद, कमर हयात, अमन गुप्ता, मुज्तबा अंसारी, हीरा बिंद, मिंशाद अली, अहेम मोदनवाल, अरशद जमाल, जिगर गुप्ता, अब्दुल कादिर, उज्जवल गुप्ता, ताहा खान, रितिक कनौजिया, मोहम्मद इमरान, रागिनी कनौजिया, अबू हुरैरा, साकेत उमरवैश्य, फैज शेख, अनिकेत मौर्या, नकिउद्दी शेख, रितिका कनौजिया, आदर्श बिंद, हिमांशु बिंद, रोहित बिंद, फैज अंसारी, रतन बिंद सहित बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177371/ride-a-bicycle-live-a-healthy-life-and-save-environment</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/177371/ride-a-bicycle-live-a-healthy-life-and-save-environment</guid>
                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 21:40:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/420.jpg"                         length="93159"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गायत्री साधना से जुड़कर मानव कल्याण का संदेश दे रही कलश यात्रा - अशोक शर्मा </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>शुकुल बाजार अमेठी। </strong>क्षेत्र में भक्ति, संस्कार और जागरूकता का अद्भुत संगम देखने को मिला शांतिकुंज हरिद्वार से निकली ज्योति शक्ति कलश यात्रा यहां पहुंचकर जन-जन में आध्यात्मिक चेतना का संचार कर किया। गायत्री परिवार के तत्वावधान में आयोजित यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में सद्गुणों के विकास और दुर्गुणों के उन्मूलन का प्रेरक अभियान बन चुकी है। मनुष्य में देवत्व का उदय और धरती पर स्वर्ग के अवतरण की प्रक्रिया को लेकर गांव गांव गायत्री उपासना साधना से जोड़ने का काम और वर्तमान में चल रहे विनाशकारी प्रकृति की नाराज़गी को रोकते हुए मानव मात्र</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176030/kalash-yatra-is-giving-the-message-of-human-welfare-by"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1-6.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>शुकुल बाजार अमेठी। </strong>क्षेत्र में भक्ति, संस्कार और जागरूकता का अद्भुत संगम देखने को मिला शांतिकुंज हरिद्वार से निकली ज्योति शक्ति कलश यात्रा यहां पहुंचकर जन-जन में आध्यात्मिक चेतना का संचार कर किया। गायत्री परिवार के तत्वावधान में आयोजित यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में सद्गुणों के विकास और दुर्गुणों के उन्मूलन का प्रेरक अभियान बन चुकी है। मनुष्य में देवत्व का उदय और धरती पर स्वर्ग के अवतरण की प्रक्रिया को लेकर गांव गांव गायत्री उपासना साधना से जोड़ने का काम और वर्तमान में चल रहे विनाशकारी प्रकृति की नाराज़गी को रोकते हुए मानव मात्र के कल्याण को लेकर ज्योति शक्ति कलश यात्रा पूरे उत्तर प्रदेश में चल रही हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सोमवार को जैसे ही कलश यात्रा शुकुल बाजार पहुंची, पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का माहौल छा गया। गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं और स्थानीय श्रद्धालुओं द्वारा स्वागत के लिए व्यापक तैयारियां की गई थीं। कलश के आगमन पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया और भव्य स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने पुष्प अर्पित कर, दीप प्रज्वलित कर और भक्ति भाव से नतमस्तक होकर कलश का अभिनंदन किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर शांतिकुंज से कलश यात्रा लेकर आए हुए टोली नायक समर बहादुर,धर्मेश्वर किरार, सत्य नारायण पांडेय ने कहा कि यह ज्योति कलश मानव जीवन में आत्मशुद्धि, सदाचार और सेवा भाव का प्रतीक है। यह यात्रा हमें अपने भीतर की नकारात्मक प्रवृत्तियों को त्यागकर सत्य, प्रेम, करुणा और संयम जैसे सद्गुणों को अपनाने की प्रेरणा देती है। समाज में बढ़ती विकृतियों को दूर करने के लिए ऐसे आध्यात्मिक अभियानों की आज अत्यंत आवश्यकता है।कार्यक्रम में शुकुल बाजार ब्लॉक समन्वयक अशोक शर्मा, ब्लॉक मीडिया प्रभारी दीपक पाठक , गुड्डू तिवारी,  दुर्गेश सहित गायत्री परिवार एवं हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सभी ने एक स्वर में समाज को नैतिक मूल्यों पर आधारित बनाने और आध्यात्मिक चेतना को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।ज्योति कलश यात्रा ने क्षेत्र के विभिन्न गांवों और स्थानों का भ्रमण कर लोगों को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत किया। यह यात्रा सत्थिन में राजकुमार कौशल के आवास से प्रारंभ होकर पूरे बख्तावर, आसाराम पांडे के यहां, जैनबगंज, अनंतराम, हरखूमऊ स्थित गायत्री मंदिर, जगपाल बाबा, इन्दरिया में राजेंद्र प्रताप सिंह के यहां पहुंची।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके अलावा पूरे रामदीन गांव में अवधेश मिश्रा, शुकुल बाजार में ध्रुव केश शर्मा व राजकुमार कौशल धर्मशाला, पांडेयगंज में मनोज तिवारी, भोजा तिवारी गांव, अंदीपुर के गायत्री मंदिर, हनुमान मंदिर में रमेश शुक्ला, पाली में सुनील साहू, तेंदुआ में रवि गिरी व जीत तिवारी में दिलीप तिवारी तथा पूरे रग्घू सुधीर शुक्ला के यहां श्रद्धापूर्वक कलश का स्वागत किया गया।अंत में दीप यज्ञ, भजन-कीर्तन और सत्संग का आयोजन किया गया, जिससे वातावरण भक्तिमय और ऊर्जावान बना रहा। श्रद्धालुओं को नैतिक जीवन, संयमित आचरण और सेवा भाव अपनाने का संदेश दिया गया। रात्रि प्रवास, भोजन-प्रसाद वितरण और सामूहिक साधना के साथ यह कार्यक्रम अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, और सुबह टोली को विदाई दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/176030/kalash-yatra-is-giving-the-message-of-human-welfare-by</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/176030/kalash-yatra-is-giving-the-message-of-human-welfare-by</guid>
                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 20:52:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/1-6.jpg"                         length="196444"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व जल दिवस पर छात्राओं को प्राचार्य ने किया सम्मानित</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> शिवपति पीजी कॉलेज शोहरतगढ़ के भूगोल विभाग के सभागार में विश्व जल दिवस पर बुधवार को जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य प्रोफेसर अरविंद कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुआ। प्राचार्य ने छात्र-छात्राओं को विश्व जल दिवस के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने जल संरक्षण के विभिन्न तरीकों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जल ही जीवन है और इसके बिना मानव सभ्यता की कल्पना असंभव है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने विद्यार्थियों को घरों से लेकर खेतों तक पानी की हर बूंद को बचाने की शपथ दिलाई। राजू प्रजापति ने छात्र-छात्राओं को प्रकृति और पर्यावरण से जल संरक्षण के गहरे</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174184/principal-honored-girl-students-on-world-water-day"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1774449912945.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> शिवपति पीजी कॉलेज शोहरतगढ़ के भूगोल विभाग के सभागार में विश्व जल दिवस पर बुधवार को जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य प्रोफेसर अरविंद कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुआ। प्राचार्य ने छात्र-छात्राओं को विश्व जल दिवस के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने जल संरक्षण के विभिन्न तरीकों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जल ही जीवन है और इसके बिना मानव सभ्यता की कल्पना असंभव है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने विद्यार्थियों को घरों से लेकर खेतों तक पानी की हर बूंद को बचाने की शपथ दिलाई। राजू प्रजापति ने छात्र-छात्राओं को प्रकृति और पर्यावरण से जल संरक्षण के गहरे संबंधों को समझाया। छात्राओं को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रोफेसर मुकेश कुमार, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, इंद्रदेव वर्मा, डॉ. अरविंद कुमार सिंह, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. अजय कुमार सिंह, तुलसीराम, समसीरूल इस्लाम, अश्वनी सिंह, रत्नेश सोनी, पंकज सिंह, सुरेंद्र आदि लोग उपस्थित रहे।</div>
</div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/174184/principal-honored-girl-students-on-world-water-day</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/174184/principal-honored-girl-students-on-world-water-day</guid>
                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 20:22:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/1774449912945.jpg"                         length="106644"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मौसम का विज्ञान: जो केवल बताता नहीं, जीवन बचाता है</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">क्षितिज पर अचानक छा जाने वाला घना अंधकार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समुद्र की गर्जन करती लहरें और प्रकृति की अनिश्चित चाल—मौसम का यह स्वरूप केवल परिवर्तन नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि चेतावनी का संकेत भी है। </span>23 <span lang="hi" xml:lang="hi">मार्च </span>2026 <span lang="hi" xml:lang="hi">का विश्व मौसम दिवस इसी संकेत को समझकर उसे मानव सुरक्षा में बदलने का सशक्त संदेश देता है। इस वर्ष की थीम “आज का अवलोकन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कल की सुरक्षा” केवल शब्दों का संयोजन नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि आधुनिक विज्ञान की वह आधारशिला है जिस पर सुरक्षित भविष्य निर्मित होता है। आज पृथ्वी के हर कोने से एकत्रित होने वाला सूक्ष्म डेटा हमें</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173813/the-science-of-weather-that-doesnt-just-tell-saves-lives"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1280x720_1856267-1.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">क्षितिज पर अचानक छा जाने वाला घना अंधकार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समुद्र की गर्जन करती लहरें और प्रकृति की अनिश्चित चाल—मौसम का यह स्वरूप केवल परिवर्तन नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि चेतावनी का संकेत भी है। </span>23 <span lang="hi" xml:lang="hi">मार्च </span>2026 <span lang="hi" xml:lang="hi">का विश्व मौसम दिवस इसी संकेत को समझकर उसे मानव सुरक्षा में बदलने का सशक्त संदेश देता है। इस वर्ष की थीम “आज का अवलोकन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कल की सुरक्षा” केवल शब्दों का संयोजन नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि आधुनिक विज्ञान की वह आधारशिला है जिस पर सुरक्षित भविष्य निर्मित होता है। आज पृथ्वी के हर कोने से एकत्रित होने वाला सूक्ष्म डेटा हमें संभावित खतरों से पहले ही सतर्क कर देता है। यही वजह है कि मौसम विज्ञान अब सिर्फ पूर्वानुमान की सीमा में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि जीवन रक्षा के एक प्रभावी और अनिवार्य साधन के रूप में स्थापित हो चुका है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रकृति के रहस्यों को जानने की मानव जिज्ञासा ने ही विश्व मौसम दिवस की मजबूत नींव रखी। </span>23 <span lang="hi" xml:lang="hi">मार्च </span>1950 <span lang="hi" xml:lang="hi">को इसकी औपचारिक शुरुआत एक वैश्विक संगठन के रूप में हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने दुनिया के देशों को एक साझा मंच पर जोड़ा। इसका उद्देश्य स्पष्ट और व्यापक था—मौसम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जलवायु और जल संसाधनों को बेहतर ढंग से समझने के लिए सहयोग और सूचनाओं का मुक्त आदान-प्रदान सुनिश्चित करना। समय के साथ यह दिवस केवल औपचारिक आयोजन न रहकर एक प्रभावशाली जागरूकता अभियान बन गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो यह संदेश देता है कि प्रकृति को समझे बिना संतुलित विकास संभव नहीं। यह दिन उस ऐतिहासिक निर्णय की याद दिलाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब विश्व ने मौसम विज्ञान को मानव कल्याण का आधार स्वीकार किया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज मौसम विज्ञान अत्याधुनिक तकनीकों से संचालित एक सशक्त और विस्तृत तंत्र बन चुका है। उपग्रहों की सतत निगरानी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रडार की सटीक प्रणाली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समुद्री उपकरणों की सक्रियता और स्वचालित मौसम केंद्र मिलकर पृथ्वी के हर हिस्से पर नजर रखते हैं। प्रतिदिन एकत्रित विशाल आंकड़ों का विश्लेषण सुपर कंप्यूटर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से किया जाता है। इनसे तैयार पूर्वानुमान केवल मौसम की जानकारी तक सीमित नहीं रहते</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि कृषि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परिवहन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उद्योग और आपदा प्रबंधन को भी स्पष्ट दिशा प्रदान करते हैं। यह तंत्र जितना जटिल है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उतना ही अनिवार्य भी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि इसी के माध्यम से अनिश्चित परिस्थितियों को पहले से समझकर उनसे बचाव संभव होता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">“<span lang="hi" xml:lang="hi">आज का अवलोकन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कल की सुरक्षा” थीम इस पूरी व्यवस्था का मूल और प्रभावशाली संदेश प्रस्तुत करती है। आज किया गया हर मापन और हर अवलोकन भविष्य के संभावित संकटों को टालने का मजबूत आधार बनता है। किसी छोटे गांव में दर्ज तापमान या समुद्र से प्राप्त एक संकेत भी व्यापक प्रभाव डाल सकता है। यह थीम स्पष्ट रूप से बताती है कि अवलोकन केवल वैज्ञानिकों तक सीमित नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। जब किसान मौसम के संकेतों को समझता है या सामान्य नागरिक चेतावनियों पर ध्यान देता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब वह भी इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया का सक्रिय हिस्सा बन जाता है। यह थीम विज्ञान और समाज के बीच एक सशक्त और आवश्यक सेतु का निर्माण करती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">समय पर चेतावनी ही वह शक्ति है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने मौसम विज्ञान को जीवन रक्षक बना दिया है। प्रभावी पूर्व चेतावनी प्रणाली इस अवलोकन प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम है। बीते दशकों में यह सिद्ध हो चुका है कि समय पर दी गई चेतावनी लाखों जानें बचा सकती है। पहले जहां प्राकृतिक आपदाएं अचानक विनाश लेकर आती थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं अब उनके आने से पहले ही लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सकता है। इससे न केवल जनहानि कम होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि आर्थिक नुकसान भी नियंत्रित रहता है। आधुनिक तकनीक और सटीक डेटा के कारण अब चक्रवात</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बाढ़ और सूखे जैसी घटनाओं का पूर्वानुमान संभव हो गया है। यह परिवर्तन इस बात का प्रमाण है कि सही समय पर सही जानकारी कितनी निर्णायक हो सकती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">निरंतर प्रगति के साथ भारत में मौसम विज्ञान एक मजबूत स्तंभ के रूप में उभर रहा है। भारत में मौसम विज्ञान का क्षेत्र तेजी से विकसित हुआ है और यह वैश्विक स्तर पर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों में स्थापित आधुनिक उपकरण और अनुसंधान केंद्र निरंतर डेटा एकत्र कर रहे हैं। मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान किसानों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मछुआरों और आम नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रहे हैं। विशेष रूप से आपदा के समय यह तंत्र जीवन रक्षक बन जाता है। भारत न केवल अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि वैश्विक नेटवर्क में भी सक्रिय योगदान दे रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">विश्व मौसम दिवस हमें व्यक्तिगत स्तर पर भी जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा देता है। आज के डिजिटल युग में हर व्यक्ति के हाथ में ऐसी तकनीक है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके माध्यम से वह मौसम की जानकारी प्राप्त कर सकता है और दूसरों तक पहुंचा सकता है। यदि हम समय-समय पर मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान दें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूक रहें और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग करें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो हम इस वैश्विक प्रयास का हिस्सा बन सकते हैं। यह दिवस हमें यह समझाता है कि सुरक्षित भविष्य केवल सरकारों या वैज्ञानिकों की जिम्मेदारी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">समय की मांग को समझने वाला यह दिवस केवल एक तिथि नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि सोच बदलने का सशक्त संदेश है—ऐसा दृष्टिकोण जो वर्तमान के ज्ञान को भविष्य की सुरक्षा में बदलने की क्षमता रखता है। विश्व मौसम दिवस हमें याद दिलाता है कि आज का हर अवलोकन आने वाले कल को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। जब विज्ञान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तकनीक और जागरूकता एक साथ जुड़ते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब ऐसा विश्व संभव होता है जहां आपदाएं भय नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि तैयारी का संकेत बन जाती हैं। यही इस दिवस का सार है कि हम प्रकृति को समझें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उससे सीखें और उसके साथ संतुलन बनाकर एक सुरक्षित</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सशक्त और स्थायी भविष्य की ओर आगे बढ़ें।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/173813/the-science-of-weather-that-doesnt-just-tell-saves-lives</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/173813/the-science-of-weather-that-doesnt-just-tell-saves-lives</guid>
                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 17:31:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/1280x720_1856267-1.webp"                         length="34602"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        