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                <title>medical equipment scam - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>medical equipment scam RSS Feed</description>
                
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                <title>उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन में महाप्रबंधक उपकरण की नियुक्ति में खेल</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ -उत्तर प्रदेश</strong></blockquote>
<p>  </p>
<p>उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की स्थापना इसलिए की गयी थी की सबसे बड़े सूबे की जनता को सूबे के अस्पतालों में विश्व स्तरीय जीवन रक्षक उपकरणों द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं मिलें परन्तु उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन केवल भ्रष्ट-अधिकारीयों, कर्मचारियों और शातिर दलालों के गठजोड़ से लूट का एक अड्डा बन कर रह गया है l </p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-2.jpg" alt="उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन में महाप्रबंधक उपकरण की नियुक्ति में खेल" width="884" height="589" /></p>
<p>उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को घटिया चीनी उपकरणों के जरिए बर्बाद करने वाले उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉरपोरेशन के महाप्रबंधक उपकरण रहे उज्जवल कुमार के शातिर दलालों के साथ किए गए काले कारनामों को अभी प्रदेश भुला ही नहीं है की मेडिकल कॉरपोरेशन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175879/%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A4%95-%E0%A4%89%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%96%E0%A5%87%E0%A4%B2"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/photo-2.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊ -उत्तर प्रदेश</strong></blockquote>
<p> </p>
<p>उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की स्थापना इसलिए की गयी थी की सबसे बड़े सूबे की जनता को सूबे के अस्पतालों में विश्व स्तरीय जीवन रक्षक उपकरणों द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं मिलें परन्तु उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन केवल भ्रष्ट-अधिकारीयों, कर्मचारियों और शातिर दलालों के गठजोड़ से लूट का एक अड्डा बन कर रह गया है l </p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-2.jpg" alt="उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन में महाप्रबंधक उपकरण की नियुक्ति में खेल" width="884" height="589"></img></p>
<p>उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को घटिया चीनी उपकरणों के जरिए बर्बाद करने वाले उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉरपोरेशन के महाप्रबंधक उपकरण रहे उज्जवल कुमार के शातिर दलालों के साथ किए गए काले कारनामों को अभी प्रदेश भुला ही नहीं है की मेडिकल कॉरपोरेशन के अधिकारियों द्वारा महाप्रबंधक उपकरण के पद पर उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉरपोरेशन के पूर्व कर्मचारी और प्रबंधक उपकरण रहे सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह की नियुक्ति की तैयारी चल रही है l </p>
<p>सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह वर्तमान में असम सरकार के मेडिकल कॉरपोरेशन में वरिष्ठ प्रबंधक उपकरण के पद पर तैनात हैं और बिहार सरकार के मेडिकल कॉरपोरेशन से भर्ष्टाचार में बर्खास्त कर्मचारी हैं,  बिहार मेडिकल कॉरपोरेशन में वर्ष 2014 में हुए उपकरण घोटाले में सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह,  उज्जवल कुमार और उनके बॉस त्रिपुरारी कुमार बर्खास्त हुए थे, उक्त घोटाले में आठ कर्मचारी बर्खास्त हुए थे और वहां भी यह लोग सरकार की बजाय शातिर दलालों के साथ काम करते रहे थे l </p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-4.jpg" alt="उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन में महाप्रबंधक उपकरण की नियुक्ति में खेल" width="869" height="579"></img></p>
<p>हमेशा घोटाले में लिप्त रहने वाले और शातिर दलालों को फायदा पहुंचाने वाले सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह का शातिर दलालों के साथ गठजोड़ बहुत पुराना है, सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह जब उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉरपोरेशन में प्रबंधक उपकरण के पद पर थे, तब उनके भ्रष्टाचार की गाथाएं मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंची थी,  कठोर कार्रवाई होने के डर से सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉरपोरेशन की नौकरी से इस्तीफा देकर आसाम भाग गया था l </p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-3.jpg" alt="उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन में महाप्रबंधक उपकरण की नियुक्ति में खेल" width="1200" height="800"></img></p>
<p>भष्टाचार के कारन महाप्रन्धक उपकरण उज्जवल कुमार की विदाई के बाद शातिर दलालों द्वारा महाप्रबंधक उपकरण के पद पर अपने खास व्यक्ति की नियुक्ति कराने  का खेल चल रहा है, जिससे कि प्रदेश के अस्पतालों में घटिया चीनी जीवन रक्षक उपकरणों की आपूर्ति शातिर दलालों द्वारा बाजार दर से कई गुना अधिक दर पर की जा सके और जमकर लूट मचाकर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को ध्वस्त किया जा सके, </p>
<p> प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को इसका संज्ञान लेना होगा अगर सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह की नियुक्ति महाप्रबंधक उपकरण के पद पर होती है तो यह सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति का उल्लंघन होगा</p>
<p><strong>अगले अंक में नए घोटाले के खुलासे के साथ स्वतंत्र प्रभात की खोजी टीम...........</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 07:31:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सैफई  आयुर्विज्ञान  संस्थान मॉनिटर घोटाला-2 !</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीण जनता की भलाई के लिए और उसकी बीमारी में अच्छे इलाज के लिए सैफई आयुर्विजान संस्थान की स्थापना की गयी थी परन्तु चिकित्सा शिक्षा विभाग के शातिर दलालों और भ्र्ष्ट अधिकारीयों की मिलीभगत ने उक्त संसथान को लूट का अड्डा बना दिया है और जेम पोर्टल को लूट का हथियार, घटिया से घटिया चीनी उपकरण महँगी दरों पर खरीद करके लगातार स्थापित किये जा रहे है शातिर दलालों की कंपनियों के द्वारा, भ्र्ष्ट अधिकारीयों द्वारा जेम पोर्टल के माध्यम से सीटिंग करके टेंडर किये जा रहे है</p>
<h5 style="text-align:justify;">  <br /><strong>LOW END मॉनिटर की बिड में फेल और HIGH END मॉनिटर की</strong></h5>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173772/saifai-institute-of-medical-sciences-monitor-scam-2"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/photo-41.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीण जनता की भलाई के लिए और उसकी बीमारी में अच्छे इलाज के लिए सैफई आयुर्विजान संस्थान की स्थापना की गयी थी परन्तु चिकित्सा शिक्षा विभाग के शातिर दलालों और भ्र्ष्ट अधिकारीयों की मिलीभगत ने उक्त संसथान को लूट का अड्डा बना दिया है और जेम पोर्टल को लूट का हथियार, घटिया से घटिया चीनी उपकरण महँगी दरों पर खरीद करके लगातार स्थापित किये जा रहे है शातिर दलालों की कंपनियों के द्वारा, भ्र्ष्ट अधिकारीयों द्वारा जेम पोर्टल के माध्यम से सीटिंग करके टेंडर किये जा रहे है</p>
<h5 style="text-align:justify;"> <br /><strong>LOW END मॉनिटर की बिड में फेल और HIGH END मॉनिटर की बिड में पास </strong></h5>
<p style="text-align:justify;">ताजा प्रकरण के अनुसार जेम पोर्टल की बिड संख्या में  GEM/2025/B/6713344 DATED के माध्यम से संस्थान के ICU में स्थापित करने के लिए की आवश्यकता दिखाते हुए 50 QTY HIGH END MONITOR की खरीद के लिए टेंडर निकाला गया था, जिसमे कंपनियों ने प्रतिभाग किया और भ्र्ष्ट अधिकारीयों ने शातिर दलालों से मिलकर केवल 03 कंपनियों को पास किया और बाकि 09 कंपनियों की निविदा को टेक्निकल   बिड में ही रिजेक्ट कर दिया, और सेटिंग के अनुसार शातिर दलाल की सेटिंग वाली कंपनी HIMACHAL PHARMACEUTICALS को QTY 50, HIGH END MONITOR के लिए क्रय आदेश जारी कर दिया गया, MAKE-CLARITY, MODEL-SPECTRA GOLD, VALUE RS. – 22400000/- <br /> <br />M/s CLARITY की चोरी पकड़ी गयी.</p>
<p style="text-align:justify;">इसी संसथान के भ्र्ष्ट अधिकारीयों द्वारा जेम पोर्टल की निविदा संख्या GEM/2025/B/6752797 के माध्यम से मरीजों के इलाज के लिए QTY 200 LOW END MONITOR खरीदे, उक्त निविदा में 17 कंपनियों ने प्रतिभाग किया था और 16 कंपनियों की निविदा को टेक्निकल बिड में निरस्त करके सिंगल  निविदा दाता M/s SMITH MEDICARE, LUCKNOW क्रय आदेश जारी कर दिया  MAKE-MEASTROS, MODEL-VITAL TRACK, QTY- 200, VALUE-RS. 13500000/- , अब सवाल यह उठता है जो कंपनी M/s. CLARITY LOW END MONITOR की टेक्निकल बिड में रिजेक्ट थी उसके घटिया उत्पाद को HIGH END MONITOR की बिड में कैसे पास कर दिया गया??????</p>
<h5 style="text-align:justify;"><br /><strong>फर्ज़ीवाड़े के लिए कुख्यात कंपनी M/s CLARITY </strong></h5>
<p style="text-align:justify;">M/s CLARITY COMPANY फर्ज़ीवाड़े के लिए कुख्यात है , M/s CLARITY COMPANY द्वारा राजस्थान सरकार के जेके लोन अस्पताल और महिला अस्पताल जयपुर में HIGH END MONITOR QTY 1140, RATE RS. 77040 प्रत्येक की दर से, परन्तु सारे मॉनिटर घटियाचीनी मॉनिटर निकले, उसपर मेक इन इंडिया का स्टिकर और क्लैरिटी का स्टिकर लगा कर सप्लाई कर दिया था, NELCORE AND MASIMO टेक्नोलॉजी के SPO2 की बजाय घटिया चीनी SPO2 प्लेट लगा रखी थी और उस पर भी मेक इन इंडिया का स्टिकर और क्लैरिटी का स्टिकर लगा दिया था, ऐसी फ़र्ज़ी कंपनियों के साथ मिलकर भ्र्ष्ट अधिकारी संस्थान को लूट रहे है और अपनी जेबें भरकर उत्तर प्रदेश की गरीब जनता को मौत के मुंह में धकेल रहे हैं<br />इस निविदा  में भी ब्लैकलिस्टेड रही कंपनी SS MEDICALS SYSTEM (I) PVT LTD ने भी प्रतिभाग किया हैं</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>लूट पर संसथान का गोल मोल जवाब</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">इस सम्बन्ध में जब संवादाता द्वारा संसथान के क्रय अधिकारी से बात की गयी तो स्पष्ट जवाब देने के बजाय वो टाल मटोल करने लगे और कहने लगे की सब वीसी साहब और संयुक्त निदेशक के आदेश से होता है, वीसी और जेडी से सम्पर्की किया गया तो उनका फ़ोन ही नहीं उठा</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/173772/saifai-institute-of-medical-sciences-monitor-scam-2</link>
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                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 01:56:32 +0530</pubDate>
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