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                <title>ग्रामीण स्वास्थ्य - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>ग्रामीण स्वास्थ्य RSS Feed</description>
                
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                <title>एलोपैथिक से ज्यादा भरोसा होम्योपैथिक पर कर रहे रोगी </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/ </strong>एलोपैथिक दवाइयां से अब लोगों का मोह भंग होता जा रहा है इसके मुकाबले होम्योपैथिक में अधिक भरोसा देखने को मिला है यह नजारा क्यों लड़िया में स्थित होम्योपैथिक अस्पताल में सामने आया यहां की भीड़ देखने के बाद ऐसा प्रतीत होता है की एलोपैथ से ज्यादा रोगियों को अब होम्योपैथिक दवाई पर भरोसा हो रहा है ।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस बाबत अफजाल अहमद से बात की गई तो बताया गैस की दवाई एलोपैथिक खाने के बाद होम्योपैथिक में अधिक लाभ मिला है इसी तरह बाबू बक्स हरि ओम गंगवार आदि ने ने बताया यहां की चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर किरण गौतम</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186903/patients-are-trusting-homeopathy-more-than-allopathy"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/2।-------------.अ.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/ </strong>एलोपैथिक दवाइयां से अब लोगों का मोह भंग होता जा रहा है इसके मुकाबले होम्योपैथिक में अधिक भरोसा देखने को मिला है यह नजारा क्यों लड़िया में स्थित होम्योपैथिक अस्पताल में सामने आया यहां की भीड़ देखने के बाद ऐसा प्रतीत होता है की एलोपैथ से ज्यादा रोगियों को अब होम्योपैथिक दवाई पर भरोसा हो रहा है ।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस बाबत अफजाल अहमद से बात की गई तो बताया गैस की दवाई एलोपैथिक खाने के बाद होम्योपैथिक में अधिक लाभ मिला है इसी तरह बाबू बक्स हरि ओम गंगवार आदि ने ने बताया यहां की चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर किरण गौतम के अनुसार 60 से 80 मैरिज प्रतिदिन आते हैं सबसे अधिक मरीज इस समय बुखार खांसी आदि के आ रहे हैं उनको भी एहसास हो रहा है कि लोग अब होम्योपैथिक की तरफ वापस लौट रहे हैं क्योंकि होम्योपैथिक ऐसी पैथी है जिसमें बीमारी का जड़ से खत्म करने का प्रावधान है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Aug 2026 21:07:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जिले के कृष्णनगर मॉडल विलेज के उप-स्वास्थ्य केंद्र को लेकर असंतोष</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि-</strong> असम के श्रीभूमि जिले के दरगारबंद ग्राम पंचायत के अंतर्गत आदर्श कृष्णनगर (मॉडल विलेज) में AAGY 2022–2023 परियोजना के तहत निर्मित उप-स्वास्थ्य केंद्र (सब-सेंटर) लंबे समय से पूर्ण रूप से संचालित नहीं हो पाने को लेकर स्थानीय लोगों में भारी असंतोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग 8.5 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह स्वास्थ्य केंद्र आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के अभाव में अधूरा पड़ा है। उनका कहना है कि केंद्र में शौचालय, यूरिनल, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था, तथा मरीजों की जांच के लिए उपयुक्त कक्ष जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसी कारण यह स्वास्थ्य केंद्र प्रभावी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182737/dissatisfaction-regarding-the-sub-health-center-of-krishnanagar-model-village-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1001596249-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि-</strong> असम के श्रीभूमि जिले के दरगारबंद ग्राम पंचायत के अंतर्गत आदर्श कृष्णनगर (मॉडल विलेज) में AAGY 2022–2023 परियोजना के तहत निर्मित उप-स्वास्थ्य केंद्र (सब-सेंटर) लंबे समय से पूर्ण रूप से संचालित नहीं हो पाने को लेकर स्थानीय लोगों में भारी असंतोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग 8.5 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह स्वास्थ्य केंद्र आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के अभाव में अधूरा पड़ा है। उनका कहना है कि केंद्र में शौचालय, यूरिनल, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था, तथा मरीजों की जांच के लिए उपयुक्त कक्ष जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसी कारण यह स्वास्थ्य केंद्र प्रभावी रूप से उपयोग में नहीं आ पा रहा है और स्थानीय लोग प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह केंद्र केवल एक छोटे कमरे वाली इमारत के रूप में बनाया गया है, जो सरकारी मानकों के अनुसार एक पूर्ण उप-स्वास्थ्य केंद्र के लिए आवश्यक सुविधाएं पूरी नहीं करता। ग्रामीणों का कहना है कि इससे “मॉडल विलेज” योजना का उद्देश्य भी प्रभावित हुआ है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने असम के लोकप्रिय मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा तथा रामकृष्णनगर के विधायक विजय मालाकार से हस्तक्षेप की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने जल्द जांच कर आवश्यक विकासात्मक कदम उठाने की अपील की है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि सरकारी हस्तक्षेप से कृष्णनगर में एक पूर्ण, मानक और कार्यात्मक उप-स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किया जाएगा। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से भी शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। उनका विश्वास है कि उचित कदम उठाए जाने पर मॉडल विलेज कृष्णनगर के लोगों को बेहतर, आधुनिक और प्रभावी प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 23:01:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोदी सरकार में वो समस्याएं जो अभी तक नहीं सुधरीं</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>राजीव शुक्ल-संपादक </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">इस बात में कोई दो राय नहीं है कि 2014 के बाद से अब तक भारत ने काफी तरक्की की है लेकिन इसमें यह भी है कि अभी तक बहुत सी ऐसी समस्याएं हैं जिनमें सुधार होना बाकी है। 2014 से 2026 तक 12 साल की सत्ता में मोदी सरकार ने योजनाओं, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक छवि पर काम किया। लेकिन कुछ संरचनात्मक समस्याएं ऐसी हैं जो चुनावी नारों और सरकारी रिपोर्टों के बावजूद ज़मीन पर बनी हुई हैं। ये समस्याएं आम आदमी की रोज़मर्रा की ज़िंदगी से सीधे जुड़ती हैं। इसमें सबसे पहले आती है बेरोज़गारी और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181929/those-problems-which-have-not-been-improved-yet-in-modi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images-(2).jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>राजीव शुक्ल-संपादक </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">इस बात में कोई दो राय नहीं है कि 2014 के बाद से अब तक भारत ने काफी तरक्की की है लेकिन इसमें यह भी है कि अभी तक बहुत सी ऐसी समस्याएं हैं जिनमें सुधार होना बाकी है। 2014 से 2026 तक 12 साल की सत्ता में मोदी सरकार ने योजनाओं, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक छवि पर काम किया। लेकिन कुछ संरचनात्मक समस्याएं ऐसी हैं जो चुनावी नारों और सरकारी रिपोर्टों के बावजूद ज़मीन पर बनी हुई हैं। ये समस्याएं आम आदमी की रोज़मर्रा की ज़िंदगी से सीधे जुड़ती हैं। इसमें सबसे पहले आती है बेरोज़गारी और अनौपचारिक क्षेत्र की अस्थिरता।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि बेरोजगारी को कम करने के लिए सरकार ने बहुत प्रयास किए हैं लेकिन अभी कई प्रयास करने वाकी हैं। सरकारी आंकड़े कहते हैं कि बेरोज़गारी दर 2017 के मुकाबले घटी है। लेकिन हकीकत में समस्या की प्रकृति बदली है। गुणवत्तापूर्ण रोज़गार की कमी भारतीयों को खल रही है। हर साल 1.2 करोड़ युवा श्रम बाजार में आते हैं, लेकिन प्राइवेट सेक्टर में वेतन बढ़ोतरी धीमी है। आईटी और स्टार्टअप में छंटनी ने मिडिल क्लास की चिंता बढ़ाई है। अनौपचारिक क्षेत्र पर असर: नोटबंदी, GST और कोविड के बाद छोटे दुकानदार, ठेले वाले और दिहाड़ी मजदूर पूरी तरह उभर नहीं पाए। CMIE और NSSO के सर्वे बताते हैं कि स्वरोज़गार बढ़ा है, लेकिन ये ज़्यादातर मजबूरी का स्वरोज़गार है। कृषि संकट और किसान की आय के लिए बहुत समय से बात चल रही है लेकिन अभी तक इस पर कोई ठोस नीति नहीं बन सकी है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />2016 में सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा था। 2026 तक वो लक्ष्य पूरा नहीं हुआ। MSP की सीमित पहुंच : सिर्फ गेहूं-धान के किसान ही MSP का फायदा ले पाते हैं। दाल, तिलहन, फल-सब्जी वाले किसान मंडी के भाव पर निर्भर हैं। कर्ज और जलवायु जोखिम: को लेकर किसान हमेशा से परेशान रहा है। फसल बीमा योजना ने कुछ राहत दी, लेकिन अतिवृष्टि, सूखा और आवारा पशु की समस्या बनी हुई है। तीन कृषि कानूनों के विरोध के बाद सरकार बैकफुट पर आ गई और बड़े कृषि सुधार रुके हुए हैं।<br />              शिक्षा और स्वास्थ्य में गुणवत्ता का अंतर</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा: NEP 2020 ने ढांचा बदला, लेकिन सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी, ड्रॉपआउट रेट और लर्निंग आउटकम अब भी कमजोर हैं। ASER रिपोर्ट लगातार बताती है कि कक्षा 5 का बच्चा कक्षा 2 का पाठ नहीं पढ़ पाता। इसी तरह स्वास्थ्य: आयुष्मान भारत ने कवरेज बढ़ाया, लेकिन ग्रामीण इलाकों में डॉक्टर, नर्स और दवाओं की कमी है। निजी अस्पताल महंगे हैं, और आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च भारत में अब भी GDP का 50% से ज्यादा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />महंगाई का मध्यम वर्ग पर दबाव बहुत बढ़ता जा रहा है। तेल, सब्जी, दाल और किराये की कीमतों में उछाल ने मध्यम वर्ग को सबसे ज्यादा प्रभावित किया। सरकार ने टैक्स स्लैब बदले, लेकिन प्रत्यक्ष कर का बोझ अब भी वेतनभोगी वर्ग पर ज्यादा है।  <br />कोर महंगाई भले नियंत्रण में रही हो, लेकिन खाद्य महंगाई 2022-2024 में दो बार 10% पार कर गई। RBI के बार-बार रेपो रेट बढ़ाने से EMI बढ़ी और घर खरीदना मुश्किल हुआ। नौकरशाही और भ्रष्टाचार की जड़ें मजबूत हो रहीं हैं। DBT और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने बिचौलियों को कम किया, लेकिन ज़मीन-रजिस्ट्री, पुलिस, म्यूनिसिपल सर्विस में भ्रष्टाचार खत्म नहीं हुआ। विपक्ष का आरोप है कि ED, CBI जैसी एजेंसियों का राजनीतिक इस्तेमाल बढ़ा है। वहीं सरकार कहती है कि भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई हो रही है। नतीजा ये है कि आम आदमी का भरोसा सिस्टम पर आंशिक ही बहाल हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />सामाजिक ध्रुवीकरण और संवाद की कमी पिछले 12 साल में धार्मिक और क्षेत्रीय मुद्दे राष्ट्रीय बहस में हावी रहे। इससे विकास और रोज़गार जैसे मुद्दे कई बार बैकसीट पर चले गए। मीडिया और सिविल सोसाइटी का स्पेस सिकुड़ने की शिकायत विपक्ष और पत्रकार संगठनों से आती रही है। सरकार का पक्ष है कि फेक न्यूज़ और अस्थिरता रोकने के लिए नियम जरूरी हैं। राज्य-केंद्र संबंध और संघीय ढांचा<br />GST लागू होने के बाद राज्यों को मुआवज़ा देने का वादा 2022 में खत्म हो गया। अब कई राज्य कहते हैं कि उनका फिस्कल स्पेस सिकुड़ गया है।  केंद्रीय योजनाओं के नाम पर राज्यों की भूमिका सीमित हो गई है, जिससे संघीय संतुलन पर सवाल उठते हैं।  सुधार हुआ, पर असमान गति से मोदी सरकार ने बुनियादी सुविधाओं, डिजिटल ट्रांजैक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर में ठोस काम किया है। उज्ज्वला, जनधन, सड़क, रेल और UPI इसका उदाहरण हैं। लेकिन रोज़गार की गुणवत्ता, कृषि आय, शिक्षा-स्वास्थ्य की ग्राउंड लेवल क्वालिटी, और महंगाई जैसी समस्याएं अभी भी सिस्टम की कमज़ोरी दिखाती हैं। 2026 तक सरकार की सबसे बड़ी चुनौती ये है कि वो कल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ प्रोडक्टिविटी और प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को भी तेज़ करे, ताकि ये समस्याएं चुनावी मुद्दे बनकर न रह जाएं बल्कि हल हों।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 17:33:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>घर-घर पहुंच रहा पोषण अभियान, कुपोषित बच्चों के परिवारों को दिया जा रहा विशेष मार्गदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में प्रस्तावित "सुपोषण बस्ती अभियान" के अंतर्गत गुरुवार को बाल विकास परियोजना विक्रमजोत एवं गौर की टीमों ने गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों के घर-घर पहुंचकर उनके स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान परियोजना अधिकारियों, मुख्य सेविकाओं एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों ने बच्चों के अभिभावकों से संवाद स्थापित कर उन्हें सरकार द्वारा संचालित पोषण योजनाओं की जानकारी दी। बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) विक्रमजोत बलराम सिंह के नेतृत्व में परियोजना क्षेत्र के लगभग 22 अति कुपोषित बच्चों के घरों का भ्रमण किया गया। वहीं बाल विकास परियोजना गौर की टीम ने 16 कुपोषित बच्चों</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181010/nutrition-campaign-reaching-every-home-special-guidance-being-given-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260611-wa0057.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में प्रस्तावित "सुपोषण बस्ती अभियान" के अंतर्गत गुरुवार को बाल विकास परियोजना विक्रमजोत एवं गौर की टीमों ने गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों के घर-घर पहुंचकर उनके स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान परियोजना अधिकारियों, मुख्य सेविकाओं एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों ने बच्चों के अभिभावकों से संवाद स्थापित कर उन्हें सरकार द्वारा संचालित पोषण योजनाओं की जानकारी दी। बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) विक्रमजोत बलराम सिंह के नेतृत्व में परियोजना क्षेत्र के लगभग 22 अति कुपोषित बच्चों के घरों का भ्रमण किया गया। वहीं बाल विकास परियोजना गौर की टीम ने 16 कुपोषित बच्चों के परिवारों से संपर्क स्थापित किया। सीडीपीओ बलराम सिंह ने बताया कि मंडलायुक्त बस्ती, जिलाधिकारी बस्ती, मुख्य विकास अधिकारी तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी के निर्देशन में शीघ्र ही "सुपोषण बस्ती अभियान" प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विशेष वृद्धि निगरानी सप्ताह के दौरान जिले में लगभग 4500 से अधिक अति कुपोषित बच्चों की पहचान की गई है। अभियान का उद्देश्य इन बच्चों के परिवारों तक पहुंचकर उनमें विश्वास पैदा करना तथा उन्हें कुपोषण मुक्त बनाने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है। भ्रमण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र भदोही में मुख्य सेविका सरिता सिंह, कुमुद सिंह तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री कृष्णावती सिंह एवं सहायिका लक्ष्मी देवी के साथ टीम ने कुपोषित बालक समर के घर पहुंचकर उसके माता-पिता एवं परिजनों को संतुलित आहार, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी दी। परिवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा तैयार डाइट चार्ट भी उपलब्ध कराया गया। सीडीपीओ ने बताया कि मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशानुसार ग्राम पंचायतों के माध्यम से अतिरिक्त पोषाहार उपलब्ध कराया जाएगा, जिसे आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से लाभार्थियों तक पहुंचाया जाएगा। इसकी नियमित मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जाएगी। भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने बच्चों को केला खिलाकर उनकी भोजन ग्रहण करने की क्षमता का आकलन किया तथा परिवारों को सहजन (मोरिंगा) की पत्तियों, मौसमी फल एवं हरी सब्जियों के नियमित सेवन के लिए प्रेरित किया। साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध छह प्रकार की आवश्यक दवाओं के नियमित सेवन पर भी बल दिया गया। टीम ने फूलडी, महरनिया, शंकरपुर सहित विभिन्न गांवों में कुपोषित बच्चों अनमोल, हर्षिता, रियांश, इकरा एवं अरबिक के परिवारों से मुलाकात कर स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए। सीडीपीओ बलराम सिंह ने बताया कि अभियान के अंतर्गत घर-घर भ्रमण के बाद बच्चों की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य जांच कराई जाएगी तथा आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उन्हें कुपोषण के दुष्चक्र से बाहर निकाला जा सके। उन्होंने कहा कि अभियान को सफल बनाने में अभिभावकों एवं ग्रामीणों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। इस अवसर पर बाल विकास परियोजना गौर की मुख्य सेविका गीता सिंह सहित विभागीय कर्मियों ने भी क्षेत्र के कुपोषित बच्चों के घर पहुंचकर परिवारों को पोषण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181010/nutrition-campaign-reaching-every-home-special-guidance-being-given-to</link>
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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 19:02:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>योग और आयुर्वेद अपनाकर समाज को रखें निरोग : गीता </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>देवरिया। </strong>आरोग्य भारती देवरिया एवं आयुर्वेद विभाग के संयुक्त तत्वावधान में श्री मनोकामना पूर्ण हनुमान मंदिर सीसी रोड पर निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में लगभग 250 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा ने कहा कि योग, आयुर्वेद और संतुलित दिनचर्या अपनाकर व्यक्ति स्वयं को स्वस्थ रख सकता है तथा समाज को भी निरोग बनाने में योगदान दे सकता है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को समाज के लिए उपयोगी बताते हुए आरोग्य भारती की सराहना की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">राष्ट्रीय स्वयं</div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180912/keep-the-society-healthy-by-adopting-yoga-and-ayurveda-geeta"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260610-wa0021.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>देवरिया। </strong>आरोग्य भारती देवरिया एवं आयुर्वेद विभाग के संयुक्त तत्वावधान में श्री मनोकामना पूर्ण हनुमान मंदिर सीसी रोड पर निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में लगभग 250 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा ने कहा कि योग, आयुर्वेद और संतुलित दिनचर्या अपनाकर व्यक्ति स्वयं को स्वस्थ रख सकता है तथा समाज को भी निरोग बनाने में योगदान दे सकता है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को समाज के लिए उपयोगी बताते हुए आरोग्य भारती की सराहना की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के जिला प्रचारक आकाश ने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ समाज और राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। आरोग्य भारती के प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. अजीत नारायण मिश्र ने संस्था के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिविर में आस्था हॉस्पिटल, मेडिकल कॉलेज एवं आयुर्वेद विभाग के चिकित्सकों ने लोगों को स्वास्थ्य परामर्श दिया। कार्यक्रम में गरिमा त्रिपाठी, पुष्पराज तिवारी, डॉ. हेमंत यादव सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/180912/keep-the-society-healthy-by-adopting-yoga-and-ayurveda-geeta</link>
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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 15:34:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>करियर पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज एंड हॉस्पिटल द्वारा ‘विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस’ पर जागरूकता अभियान </title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ-सचिन बाजपेई </strong></blockquote>
<p>राजधानी के चिनहट क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत सरौरा में विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर एक व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम Career Post Graduate Institute of Dental Sciences and Hospital के पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री विभाग द्वारा ग्राम सचिवालय परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।</p>
<p>कार्यक्रम का उद्देश्य केवल जानकारी देना ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना भी था, ताकि वे मौखिक स्वास्थ्य को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना सकें।</p>
<hr />
<h3><strong>स्वस्थ मुँह- स्वस्थ जीवन का आधार</strong></h3>
<p>कार्यक्रम की शुरुआत में विशेषज्ञ डॉक्टरों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177069/awareness-campaign-on-%E2%80%98world-oral-health-day%E2%80%99-in-saraura-%E2%80%93"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/whatsapp-image-2026-04-23-at-18.45.17.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊ-सचिन बाजपेई </strong></blockquote>
<p>राजधानी के चिनहट क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत सरौरा में विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर एक व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम Career Post Graduate Institute of Dental Sciences and Hospital के पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री विभाग द्वारा ग्राम सचिवालय परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।</p>
<p>कार्यक्रम का उद्देश्य केवल जानकारी देना ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना भी था, ताकि वे मौखिक स्वास्थ्य को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना सकें।</p>
<hr />
<h3><strong>स्वस्थ मुँह- स्वस्थ जीवन का आधार</strong></h3>
<p>कार्यक्रम की शुरुआत में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने बताया कि मुँह की स्वच्छता केवल दाँतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे शरीर के स्वास्थ्य से जुड़ी होती है।<br />डॉक्टरों ने समझाया कि—</p>
<ul>
<li>
<p>मुँह में संक्रमण से हृदय और पाचन संबंधी समस्याएँ भी हो सकती हैं</p>
</li>
<li>
<p>नियमित सफाई से कई गंभीर बीमारियों को रोका जा सकता है</p>
</li>
<li>
<p>सही खान-पान और स्वच्छता से जीवन की गुणवत्ता बेहतर होती है</p>
</li>
</ul>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/whatsapp-image-2026-04-23-at-18.45.18.jpeg" alt="स्वस्थ मुँह- स्वस्थ जीवन का आधार तंबाकू और गुटखा: छिपा हुआ खतरा" width="729" height="486"></img></p>
<hr />
<h3><strong>तंबाकू और गुटखा: छिपा हुआ खतरा</strong></h3>
<p>जागरूकता सत्र में तंबाकू उत्पादों के दुष्प्रभावों पर विशेष चर्चा की गई।<br />विशेषज्ञों ने बताया कि—</p>
<ul>
<li>
<p>तंबाकू, बीड़ी और गुटखा से दाँतों का क्षरण होता है</p>
</li>
<li>
<p>मसूड़ों की बीमारी और मुँह की दुर्गंध बढ़ती है</p>
</li>
<li>
<p>लंबे समय तक सेवन से <strong>मुँह का कैंसर</strong> होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है</p>
</li>
</ul>
<p>ग्रामीणों को वास्तविक उदाहरणों और चित्रों के माध्यम से इन दुष्प्रभावों को समझाया गया, जिससे लोगों पर गहरा प्रभाव पड़ा।</p>
<hr />
<h3><strong>व्यावहारिक प्रशिक्षण और सहभागिता</strong></h3>
<p>कार्यक्रम को केवल भाषण तक सीमित न रखते हुए इसे पूरी तरह सहभागितापूर्ण बनाया गया।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/whatsapp-image-2026-04-23-at-18.45.15.jpeg" alt="स्वस्थ मुँह- स्वस्थ जीवन का आधार तंबाकू और गुटखा: छिपा हुआ खतरा" width="701" height="467"></img></p>
<p><strong>मुख्य गतिविधियाँ:</strong></p>
<ul>
<li>
<p><strong>ब्रशिंग तकनीक का प्रदर्शन:</strong> डॉक्टरों ने सही तरीके से ब्रश करने की विधि का लाइव डेमो दिया, जिसमें गोलाकार मूवमेंट और सही समय (कम से कम 2 मिनट) पर जोर दिया गया।</p>
</li>
<li>
<p><strong>दंत जांच परामर्श:</strong> ग्रामीणों को नियमित रूप से दंत चिकित्सक से जांच कराने की सलाह दी गई।</p>
</li>
<li>
<p><strong>पोस्टर और स्लोगन अभियान:</strong> “A Happy Mouth is a Happy Life” जैसे संदेशों के जरिए लोगों को सरल भाषा में जागरूक किया गया।</p>
</li>
<li>
<p><strong>प्रश्नोत्तर सत्र:</strong> ग्रामीणों ने अपने दाँतों और मुँह से जुड़ी समस्याओं के बारे में सवाल पूछे, जिनका डॉक्टरों ने विस्तार से जवाब दिया।</p>
</li>
</ul>
<hr />
<h3><strong>महिलाओं और बुजुर्गों की सक्रिय भागीदारी</strong></h3>
<p>कार्यक्रम में महिलाओं और बुजुर्गों की विशेष भागीदारी देखने को मिली।</p>
<ul>
<li>
<p>महिलाओं को बच्चों के दंत स्वास्थ्य की देखभाल के बारे में बताया गया</p>
</li>
<li>
<p>बुजुर्गों को कृत्रिम दाँत (डेंचर) की सफाई और देखभाल के बारे में जानकारी दी गई</p>
</li>
</ul>
<hr />
<h3><strong>स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संकल्प</strong></h3>
<p>कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने तंबाकू छोड़ने और नियमित रूप से मुँह की सफाई करने का संकल्प लिया।<br />स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में बेहद आवश्यक हैं, क्योंकि यहाँ जागरूकता की कमी के कारण लोग छोटी समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर गंभीर बीमारी का रूप ले लेती हैं।</p>
<hr />
<h3><strong>ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत पहल</strong></h3>
<p>इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम यह दर्शाते हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं को केवल अस्पतालों तक सीमित न रखकर गाँव-गाँव तक पहुँचाना कितना जरूरी है। Career Post Graduate Institute of Dental Sciences and Hospital द्वारा किया गया यह प्रयास न केवल मौखिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि ग्रामीण समाज को स्वस्थ और जागरूक बनाने की दिशा में भी एक प्रेरणादायक पहल है।</p>
<p>इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि सही जानकारी और समय पर जागरूकता से बड़ी से बड़ी बीमारियों को रोका जा सकता है, और एक स्वस्थ समाज की नींव रखी जा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177069/awareness-campaign-on-%E2%80%98world-oral-health-day%E2%80%99-in-saraura-%E2%80%93</link>
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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 19:12:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जल जीवन मिशन, रेउसा के गाँवों में पहुँचने लगा शुद्ध जल</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>सीतापुर।-सचिन बाजपेयी </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">  </p>
<h5><strong>रेउसा में ‘हर घर जल’ की ओर मजबूत कदम — जल जीवन मिशन से गाँवों में आई विकास की नई धार</strong></h5>
<p>सीतापुर। ग्रामीण भारत में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">जल जीवन मिशन</span></span> अब एक जन-आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है। जनपद सीतापुर के विकास खंड रेउसा के दूरस्थ और पिछड़े गाँवों में इस योजना का प्रभाव न केवल दिख रहा है, बल्कि लोगों के दैनिक जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव भी ला रहा है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/whatsapp-image-2026-04-23-at-16.25.02-(1).jpeg" alt="रेउसा में ‘हर घर जल’ की ओर मजबूत कदम — जल जीवन मिशन से गाँवों में आई विकास की नई धार" width="827" height="551" /></p>
<p>जहाँ कभी ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए सुबह-शाम लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था या दूर-दराज</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177043/pure-water-started-reaching-the-villages-of-jal-jeevan-mission"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/whatsapp-image-2026-04-23-at-16.24.58-(1).jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>सीतापुर।-सचिन बाजपेयी </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<h5><strong>रेउसा में ‘हर घर जल’ की ओर मजबूत कदम — जल जीवन मिशन से गाँवों में आई विकास की नई धार</strong></h5>
<p>सीतापुर। ग्रामीण भारत में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">जल जीवन मिशन</span></span> अब एक जन-आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है। जनपद सीतापुर के विकास खंड रेउसा के दूरस्थ और पिछड़े गाँवों में इस योजना का प्रभाव न केवल दिख रहा है, बल्कि लोगों के दैनिक जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव भी ला रहा है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/whatsapp-image-2026-04-23-at-16.25.02-(1).jpeg" alt="रेउसा में ‘हर घर जल’ की ओर मजबूत कदम — जल जीवन मिशन से गाँवों में आई विकास की नई धार" width="827" height="551"></img></p>
<p>जहाँ कभी ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए सुबह-शाम लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था या दूर-दराज के हैंडपंपों और तालाबों पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक शुद्ध पेयजल पहुँचने लगा है। इससे क्षेत्र में स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक जीवन में उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है।</p>
<hr />
<h3><span><strong>नगरौली: आधुनिक जलापूर्ति व्यवस्था का मॉडल गाँव</strong></span></h3>
<p>विकास खंड रेउसा की ग्राम पंचायत नगरौली इस योजना के सफल क्रियान्वयन का उदाहरण बनकर उभरी है। यहाँ स्थापित की गई आधुनिक जल संरचना के अंतर्गत—</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/whatsapp-image-2026-04-23-at-16.25.02.jpeg" alt="रेउसा में ‘हर घर जल’ की ओर मजबूत कदम — जल जीवन मिशन से गाँवों में आई विकास की नई धार" width="878" height="585"></img></p>
<ul>
<li>उच्च क्षमता वाला <strong>ओवरहेड टैंक (शिरोपरि जलाशय)</strong></li>
<li>गहरे बोर का <strong>नलकूप (ट्यूबवेल)</strong></li>
<li>स्वचालित <strong>पंप हाउस प्रणाली</strong></li>
<li><strong>सोलर ऊर्जा आधारित संचालन प्रणाली</strong></li>
<li>मजबूत <strong>बाउंड्रीवॉल और सुरक्षा प्रबंध</strong></li>
<li>पूरे गाँव में फैला <strong>पाइपलाइन वितरण नेटवर्क</strong></li>
</ul>
<p>का निर्माण किया गया है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/whatsapp-image-2026-04-23-at-16.24.58.jpeg" alt="रेउसा में ‘हर घर जल’ की ओर मजबूत कदम — जल जीवन मिशन से गाँवों में आई विकास की नई धार" width="674" height="449"></img></p>
<p>इस व्यवस्था से गाँव के लगभग <strong>3,632 लोगों</strong> को नियमित, स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल मिल रहा है। जलापूर्ति की समयबद्ध व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए वाल्व सिस्टम और वितरण नियंत्रण भी लागू किया गया है, जिससे हर घर तक समान रूप से पानी पहुँच सके।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/whatsapp-image-2026-04-23-at-16.24.59-(1).jpeg" alt="रेउसा में ‘हर घर जल’ की ओर मजबूत कदम — जल जीवन मिशन से गाँवों में आई विकास की नई धार" width="710" height="473"></img></p>
<hr />
<h3><span><strong>अन्य ग्राम पंचायतों में भी तेज़ी से विस्तार</strong></span></h3>
<p>नगरौली के अलावा अकसोहा, बेलहा दरियाना और लडिलापुर जैसे गाँवों में भी परियोजना का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुका है। इन क्षेत्रों के करीब <strong>3,425 ग्रामीणों</strong> को अब नियमित जलापूर्ति मिल रही है।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार:</p>
<ul>
<li>रेउसा ब्लॉक की <strong>33 ग्राम पंचायतों में आंशिक जलापूर्ति</strong> शुरू हो चुकी है</li>
<li>कई स्थानों पर <strong>पाइपलाइन बिछाने, कनेक्शन देने और परीक्षण कार्य</strong> अंतिम चरण में है</li>
<li>शेष गाँवों में कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए <strong>विशेष टीमें गठित</strong> की गई हैं</li>
</ul>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/whatsapp-image-2026-04-23-at-16.24.57.jpeg" alt="रेउसा में ‘हर घर जल’ की ओर मजबूत कदम — जल जीवन मिशन से गाँवों में आई विकास की नई धार" width="741" height="494"></img></p>
<hr />
<h3><span><strong>तकनीकी गुणवत्ता और निगरानी पर विशेष ध्यान</strong></span></h3>
<p>परियोजना की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए—</p>
<ul>
<li>पाइपलाइन की <strong>लीकेज टेस्टिंग</strong> नियमित रूप से की जा रही है</li>
<li>जल की <strong>गुणवत्ता जांच (Water Testing)</strong> लैब के माध्यम से हो रही है</li>
<li>हर गाँव में <strong>स्थानीय जल समिति</strong> का गठन किया गया है</li>
<li>डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए <strong>रियल-टाइम प्रगति पर नजर</strong> रखी जा रही है</li>
</ul>
<p>इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ग्रामीणों को केवल पानी ही नहीं, बल्कि <strong>सुरक्षित और मानक गुणवत्ता वाला पेयजल</strong> मिले।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/whatsapp-image-2026-04-23-at-16.24.56-(1).jpeg" alt="रेउसा में ‘हर घर जल’ की ओर मजबूत कदम — जल जीवन मिशन से गाँवों में आई विकास की नई धार" width="701" height="467"></img></p>
<hr />
<h3><span><strong>स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर</strong></span></h3>
<p>स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने से क्षेत्र में जलजनित बीमारियों जैसे—</p>
<ul>
<li>डायरिया</li>
<li>हैजा</li>
<li>टाइफाइड</li>
</ul>
<p>में कमी देखने को मिल रही है। स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में ऐसे मामलों में गिरावट दर्ज की गई है, जो इस योजना की सफलता का संकेत है।</p>
<hr />
<h3><span><strong>महिलाओं और बच्चों के जीवन में बड़ा बदलाव</strong></span></h3>
<p>इस योजना का सबसे अधिक लाभ महिलाओं और बच्चों को मिला है। पहले—</p>
<ul>
<li>महिलाओं को प्रतिदिन कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता था</li>
<li>बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी</li>
</ul>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/whatsapp-image-2026-04-23-at-16.24.56.jpeg" alt="रेउसा में ‘हर घर जल’ की ओर मजबूत कदम — जल जीवन मिशन से गाँवों में आई विकास की नई धार" width="690" height="460"></img></p>
<p>अब—</p>
<ul>
<li>घर पर ही पानी मिलने से महिलाओं का समय और श्रम बच रहा है</li>
<li>बच्चे अपनी पढ़ाई और अन्य गतिविधियों पर अधिक ध्यान दे पा रहे हैं</li>
<li>परिवारों की दिनचर्या अधिक व्यवस्थित और संतुलित हो गई है</li>
</ul>
<hr />
<h3><span><strong>ग्रामीणों की प्रतिक्रिया: ‘अब जीवन आसान हुआ’</strong></span></h3>
<p>स्थानीय निवासी बताते हैं:</p>
<blockquote>
<p>“पहले पानी के लिए बहुत परेशानी होती थी, खासकर गर्मियों में हालात और खराब हो जाते थे। अब घर पर ही साफ पानी मिल रहा है, जिससे हमारी जिंदगी काफी आसान हो गई है।”</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/whatsapp-image-2026-04-23-at-16.25.01.jpeg" alt="रेउसा में ‘हर घर जल’ की ओर मजबूत कदम — जल जीवन मिशन से गाँवों में आई विकास की नई धार" width="776" height="517"></img></p>
</blockquote>
<hr />
<h3><span><strong>रोजगार और स्थानीय भागीदारी को भी बढ़ावा</strong></span></h3>
<p>इस योजना के निर्माण और संचालन में स्थानीय लोगों को भी जोड़ा गया है, जिससे—</p>
<ul>
<li>ग्रामीणों को <strong>रोजगार के अवसर</strong> मिले</li>
<li>परियोजना के प्रति <strong>स्वामित्व और जिम्मेदारी की भावना</strong> बढ़ी</li>
<li>रखरखाव कार्यों में <strong>स्थानीय सहभागिता</strong> सुनिश्चित हुई</li>
</ul>
<hr />
<h3><span><strong>प्रशासन की रणनीति: हर घर तक कनेक्शन</strong></span></h3>
<p>जल निगम (ग्रामीण) सीतापुर के अधिकारियों के अनुसार:</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/whatsapp-image-2026-04-23-at-16.24.59.jpeg" alt="रेउसा में ‘हर घर जल’ की ओर मजबूत कदम — जल जीवन मिशन से गाँवों में आई विकास की नई धार" width="755" height="503"></img></p>
<ul>
<li>लक्ष्य है कि <strong>हर घर तक पाइपलाइन कनेक्शन</strong> जल्द से जल्द पहुँचे</li>
<li>कार्यों की <strong>साप्ताहिक समीक्षा बैठकें</strong> की जा रही हैं</li>
<li>किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही पर <strong>तत्काल कार्रवाई</strong> के निर्देश हैं</li>
</ul>
<hr />
<h3><span><strong>रेउसा में दिख रही विकास की नई तस्वीर</strong></span></h3>
<p><span><strong><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/whatsapp-image-2026-04-23-at-16.24.57-(1).jpeg" alt="रेउसा में ‘हर घर जल’ की ओर मजबूत कदम — जल जीवन मिशन से गाँवों में आई विकास की नई धार" width="830" height="553"></img><br /></strong></span></p>
<p>जल जीवन मिशन के प्रभाव से रेउसा क्षेत्र के गाँव अब तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता ने न केवल जीवन स्तर को बेहतर बनाया है, बल्कि ग्रामीणों में विकास के प्रति नई आशा भी जगाई है।</p>
<p>यह पहल यह साबित करती है कि यदि योजनाओं का क्रियान्वयन सही दिशा में और पारदर्शिता के साथ किया जाए, तो दूरस्थ गाँवों तक भी विकास की रोशनी आसानी से पहुँच सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177043/pure-water-started-reaching-the-villages-of-jal-jeevan-mission</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/177043/pure-water-started-reaching-the-villages-of-jal-jeevan-mission</guid>
                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 18:33:05 +0530</pubDate>
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                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/whatsapp-image-2026-04-23-at-16.24.58-%281%29.jpeg"                         length="90454"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सैफई  आयुर्विज्ञान  संस्थान मॉनिटर घोटाला-2 !</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीण जनता की भलाई के लिए और उसकी बीमारी में अच्छे इलाज के लिए सैफई आयुर्विजान संस्थान की स्थापना की गयी थी परन्तु चिकित्सा शिक्षा विभाग के शातिर दलालों और भ्र्ष्ट अधिकारीयों की मिलीभगत ने उक्त संसथान को लूट का अड्डा बना दिया है और जेम पोर्टल को लूट का हथियार, घटिया से घटिया चीनी उपकरण महँगी दरों पर खरीद करके लगातार स्थापित किये जा रहे है शातिर दलालों की कंपनियों के द्वारा, भ्र्ष्ट अधिकारीयों द्वारा जेम पोर्टल के माध्यम से सीटिंग करके टेंडर किये जा रहे है</p>
<h5 style="text-align:justify;">  <br /><strong>LOW END मॉनिटर की बिड में फेल और HIGH END मॉनिटर की</strong></h5>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173772/saifai-institute-of-medical-sciences-monitor-scam-2"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/photo-41.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीण जनता की भलाई के लिए और उसकी बीमारी में अच्छे इलाज के लिए सैफई आयुर्विजान संस्थान की स्थापना की गयी थी परन्तु चिकित्सा शिक्षा विभाग के शातिर दलालों और भ्र्ष्ट अधिकारीयों की मिलीभगत ने उक्त संसथान को लूट का अड्डा बना दिया है और जेम पोर्टल को लूट का हथियार, घटिया से घटिया चीनी उपकरण महँगी दरों पर खरीद करके लगातार स्थापित किये जा रहे है शातिर दलालों की कंपनियों के द्वारा, भ्र्ष्ट अधिकारीयों द्वारा जेम पोर्टल के माध्यम से सीटिंग करके टेंडर किये जा रहे है</p>
<h5 style="text-align:justify;"> <br /><strong>LOW END मॉनिटर की बिड में फेल और HIGH END मॉनिटर की बिड में पास </strong></h5>
<p style="text-align:justify;">ताजा प्रकरण के अनुसार जेम पोर्टल की बिड संख्या में  GEM/2025/B/6713344 DATED के माध्यम से संस्थान के ICU में स्थापित करने के लिए की आवश्यकता दिखाते हुए 50 QTY HIGH END MONITOR की खरीद के लिए टेंडर निकाला गया था, जिसमे कंपनियों ने प्रतिभाग किया और भ्र्ष्ट अधिकारीयों ने शातिर दलालों से मिलकर केवल 03 कंपनियों को पास किया और बाकि 09 कंपनियों की निविदा को टेक्निकल   बिड में ही रिजेक्ट कर दिया, और सेटिंग के अनुसार शातिर दलाल की सेटिंग वाली कंपनी HIMACHAL PHARMACEUTICALS को QTY 50, HIGH END MONITOR के लिए क्रय आदेश जारी कर दिया गया, MAKE-CLARITY, MODEL-SPECTRA GOLD, VALUE RS. – 22400000/- <br /> <br />M/s CLARITY की चोरी पकड़ी गयी.</p>
<p style="text-align:justify;">इसी संसथान के भ्र्ष्ट अधिकारीयों द्वारा जेम पोर्टल की निविदा संख्या GEM/2025/B/6752797 के माध्यम से मरीजों के इलाज के लिए QTY 200 LOW END MONITOR खरीदे, उक्त निविदा में 17 कंपनियों ने प्रतिभाग किया था और 16 कंपनियों की निविदा को टेक्निकल बिड में निरस्त करके सिंगल  निविदा दाता M/s SMITH MEDICARE, LUCKNOW क्रय आदेश जारी कर दिया  MAKE-MEASTROS, MODEL-VITAL TRACK, QTY- 200, VALUE-RS. 13500000/- , अब सवाल यह उठता है जो कंपनी M/s. CLARITY LOW END MONITOR की टेक्निकल बिड में रिजेक्ट थी उसके घटिया उत्पाद को HIGH END MONITOR की बिड में कैसे पास कर दिया गया??????</p>
<h5 style="text-align:justify;"><br /><strong>फर्ज़ीवाड़े के लिए कुख्यात कंपनी M/s CLARITY </strong></h5>
<p style="text-align:justify;">M/s CLARITY COMPANY फर्ज़ीवाड़े के लिए कुख्यात है , M/s CLARITY COMPANY द्वारा राजस्थान सरकार के जेके लोन अस्पताल और महिला अस्पताल जयपुर में HIGH END MONITOR QTY 1140, RATE RS. 77040 प्रत्येक की दर से, परन्तु सारे मॉनिटर घटियाचीनी मॉनिटर निकले, उसपर मेक इन इंडिया का स्टिकर और क्लैरिटी का स्टिकर लगा कर सप्लाई कर दिया था, NELCORE AND MASIMO टेक्नोलॉजी के SPO2 की बजाय घटिया चीनी SPO2 प्लेट लगा रखी थी और उस पर भी मेक इन इंडिया का स्टिकर और क्लैरिटी का स्टिकर लगा दिया था, ऐसी फ़र्ज़ी कंपनियों के साथ मिलकर भ्र्ष्ट अधिकारी संस्थान को लूट रहे है और अपनी जेबें भरकर उत्तर प्रदेश की गरीब जनता को मौत के मुंह में धकेल रहे हैं<br />इस निविदा  में भी ब्लैकलिस्टेड रही कंपनी SS MEDICALS SYSTEM (I) PVT LTD ने भी प्रतिभाग किया हैं</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>लूट पर संसथान का गोल मोल जवाब</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">इस सम्बन्ध में जब संवादाता द्वारा संसथान के क्रय अधिकारी से बात की गयी तो स्पष्ट जवाब देने के बजाय वो टाल मटोल करने लगे और कहने लगे की सब वीसी साहब और संयुक्त निदेशक के आदेश से होता है, वीसी और जेडी से सम्पर्की किया गया तो उनका फ़ोन ही नहीं उठा</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/173772/saifai-institute-of-medical-sciences-monitor-scam-2</link>
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                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 01:56:32 +0530</pubDate>
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